जागेश्वर धाम को विकसित करने पर जोर दे रही सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज डोल आश्रम पहुॅचकर श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने 1100 कन्याओं का पूजन करने के साथ ही नर-नारायण मूर्तियों का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने श्रीयंत्र में पूजा-अर्चना की और देश एवं प्रदेश की सुख समृद्वि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परम पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने एक साधक के रूप में पांच दशकों तक लगातार साधना की और सम्पूर्ण भारत वर्ष के अन्दर अनेकों ऐसे प्रकंल्प खड़े किये जिनके माध्यम से सामान्य घर में पैदा होने वाले, गरीब घर में पैदा होने वाले लोगों के उत्थान का कार्य, शिक्षा देने का कार्य, स्वास्थ्य सुविधा देने का कार्य, एवं उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने इस आश्रम में जिस प्रकार से श्रीयंत्र स्थापित किया है आने वाले समय में केवल भारतवर्ष ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लोग इस आश्रम में शान्ति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए आयेंगे।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को बुद्व पूर्णिमा की बधाई दी और महात्मा बुद्व के धर्म, शान्ति एवं अंहिसा के मार्ग पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि बाबा जी की जो सोच है कि आने वाले समय पर यहॉ से पलायन पर रोक लगे और यहॉ के लोगों को यहीं पर कार्य करने का अवसर मिले, इस क्षेत्र में यह केन्द्र सभी के अन्दर कही न कही जागृति लाने और उस दिशा में प्रेरित करने का कार्य भी कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्रम जहां एक ओर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, वहीं युवाओं को भारतीय संस्कृति के बारे में शिक्षित करने का महान कार्य भी इसके माध्यम से हो रहा है। देवभूमि उत्तराखंड में जन्म लेना अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है। यह आश्रम हमारी जो पुरानी सभ्यता, संस्कृति है उसकी जीती-जागती मिशाल है। यह साधना और आध्यात्म का एक भव्य और दिव्य केन्द्र है। उन्होंने कहा कि आज हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नये उत्तराखण्ड का संकल्प लेकर निरन्तरता से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भी पॉचवें धाम के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका सम्पूर्ण विश्व में लहरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संस्कृति संरक्षण हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्व है, इसके लिए हमारी सरकार एक कठोर धमार्न्तरण का कानून लेकर आयी है। हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि भूमि अतिक्रमण को भी समाप्त किया जायेगा तथा समान नागरिक संहिता को लागू किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यहॉ पर 03 नये पार्किग स्थल विकसित किये जायेंगे तथा आश्रम में जो संस्कृत विद्यालय संचालित किया जा रहा है उसका महाविद्यालय बनाने के लिए या विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि डोल आश्रम को पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने स्थापित किया। उनकी सोच के अनुरूप धर्म, आध्यात्म, संस्कृति और शिक्षा के एक बड़े केन्द्र के रूप में यह आगे बढ़ रहा है एवं विकसित हो रहा है। उन्होंने महाराज जी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि उन्होंने सम्पूर्ण जीवन यहॉ के लोगों की सेवा एवं परमार्थ के कार्यों में लगाया। उन्होंने कहा कि जो हमारा मानसखण्ड मन्दिरमाला मिशन है उस मिशन के अन्तर्गत यह आश्रम भी एक अंग के रूप में विकसित होगा तथा आने वाले समय में जिस प्रकार चारधाम यात्रा चलती है उसी प्रकार मानसखण्ड यात्रा एवं कैलाश मानसरोवर यात्रा भी चलेगी तथा उसका एक बहुत बड़ा पड़ाव डोल आश्रम तथा जागेश्वर धाम भी होगा। उन्होंने कहा कि शासन का जो मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन का मास्टर प्लान है वह पूर्णरूप से तैयार हो चुका है, उसकी शुरूआत जागेश्वर धाम से की जायेगी।
इस अवसर पर जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, पूज्य महाराज कल्याणदास, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, सुभाष पाण्डे, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल, सहित अनेक अखाड़ों के मंहत, अनेक जनप्रतिनिधि एवं श्रद्वालु उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का संचालन स्वामी हरि चौतन्य ने किया।

यूथ-20 कंन्सल्टेशन समिट-स्वस्थ युवा ही देश के विकास में अपनी शक्ति लगा सकते है

एम्स ऋषिकेश में आयोजित यूथ-20 कंन्सल्टेशन समिट के दूसरे दिन उदघाटन के दौरान होलेस्टिक हेल्थ को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ0 भारती प्रवीन पवार ने कहा कि स्वस्थ युवा ही देश के विकास में अपनी शक्ति लगा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक युवा शारीरिक और मानसिक तौर से पूर्ण स्वस्थ हो। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए हमें युवाओं का भविष्य संवारना होगा।
जी-20 देशों के विभिन्न युवा प्रतिनिधियों द्वारा स्वास्थ्य और युवाओं के समग्र विकास पर आधारित सामूहिक परिचर्चा यूथ-20 समिट के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में देर सांय तक जारी रही। शुक्रवार को समिट के मुख्य अतिथि के तौर पर पहंुची केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ0 भारती प्रवीन पवार ने यूथ-20 सम्मेलन की प्राथमिकताओं पर व्यापक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमन्त्री का विजन है कि हमारे देश के युवा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश को विशेष पहिचान दिलाएं। यह तभी संभव है जब देश के युवा स्वस्थ रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही देश के विकास में अपनी शक्ति लगा पाएंगे। कहा कि मोदी जी के विजन का ही परिणाम है कि आज देश में डेढ़ लाख से अधिक हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। खेलों के माध्यम से युवाओं को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहंुचाने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में शुरू की गयी ’खेलो इंडिया योजना’ को उन्होंने युवाओं के भविष्य के लिए विशेष कल्याणकारी योजना बताया। केन्द्रीय मंत्री भारती पवार ने ऋषिकेश एम्स द्वारा संचालित टेलिकंन्सलटेशन और ड्रोन द्वारा सुदूर इलाकों तक दवा पहंुचाने की सुविधा का जिक्र करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बहुलाभकारी योजना बताया और इस योजना के संचालन के लिए एम्स ऋषिकेश की सराहना की। उन्होने युवाओं से आह्वान किया कि वह अपने हौसले को मजबूत बनाना सीखें। मजबूत हौसले से ही हमें कामयाबी मिलती है। यूथ-20 के आयोजन को उन्होंने युवाओं के लिए एक वैश्विक मंच बताया और कहा कि केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के मार्गदर्शन में देश भर के विभिन्न स्थानों में आयोजित किए जा रहे यूथ-20 सम्मेलन से हमारे देश के युवाओं एक नई दिशा और विकास परक सोच हासिल होगी।
विशिष्ट अतिथि उत्तराखण्ड सरकार के वित्त और नगर विकास मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने उम्मीद जतायी कि इस सम्मेलन से देश के युवा देश हित में अपनी सोच विकसित करने की प्रेरणा हासिल करेंगे और विश्व को नई दिशा प्रदान करने में सक्षम होंगे।
इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री भारती पवार ने एम्स के हेलीपैड सहित अस्पताल का निरीक्षण किया और अधिकारियों सहित चिकित्सकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
इस दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल, डीन एकेडेमिक्स प्रो0 जया चतुर्वेदी, दिल्ली एम्स के निदेशक प्रो0 श्रीनिवास, मंगलागिरी एम्स के निदेशक प्रो0 मुकेश त्रिपाठी, एम्स रायबरेली के निदेशक प्रो0 अरविन्द राजवंशी, एम्स गुवाहाटी के निदेशक प्रोफेसर अशोक पुराणिक, एम्स ऋषिकेश के वित्तीय सलाहकार ले0 कर्नल एस सिद्धार्थ, प्रशाशनिक अधिकारी गौरव बडोला सहित डॉक्टर गीता नेगी, डॉक्टर मोनिका पठानिया, डॉक्टर नीति गुप्ता, डॉक्टर मयंक मिश्रा, डॉक्टर भावना गुप्ता, डॉक्टर दलजीत, डॉक्टर प्रियंका, डॉक्टर मृदुल धर, डॉक्टर कल्याणी, डॉक्टर अनीश गुप्ता, डॉक्टर शाजिया, डॉक्टर आशीष भूते, डॉक्टर प्रखर शर्मा, डॉक्टर वंदना धींगरा, डॉक्टर विनोद सहित संस्थान का विभिन्न स्टॉफगण मौजूद रहे।

रामनगर में रोडवेज की बस पुल से नीचे गिरी, चालक की मौत

हल्द्वानी से रामनगर आ रही रोडवेज बस बाइपास पुल पर सामने से आ रहे टाटा 407 से टकराने के बाद पुल से नीचे गिर गई। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि परिचालक समेत छह यात्री घायल हो गए। बस में चालक परिचालक समेत 18 यात्री सवार थे।
शुक्रवार को रामनगर रोडवेज की बस संख्या यूके 07 पीए 2487 हल्द्वानी से रामनगर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रामनगर से दो किलोमीटर पहले ही बाइपास पुल पर चढ़ते समय सामने से आ रहे टाटा 407 वाहन से टकराने के बाद बस अनियंत्रित होकर पुल से 10 फीट नीचे जाकर पलट गई।
दुर्घटना के दौरान टाटा 407 वाहन भी सड़क पर ही पलट गया और चालक मौके से फरार हो गया। जबकि हादसे में रोडवेज के बस चालक कालागढ़ निवासी गुलवदन सिंह 40 पुत्र सरबजीत की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सीओ बलजीत भाकुनी, कोतवाल अरुण सैनी, एसएसआइ अनीस अहमद ने टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों की मदद से बस सवार लोगों को बाहर निकाला। दुर्घटना में जिला पौड़ी कालागढ़ निवासी परिचालक करमपाल पुत्र बलदेव सिंह, मोहल्ला भरतपुरी निवासी मुस्कान (19) पुत्री भगत सिंह, प्रिया (21) पुत्री जीवन सिंह, काजल (19) पुत्री मोहन चंद, कौशल्या (52) पत्नी सुरेंद्र बिष्ट एवं भगवान कौर (52) पत्नी कश्मीर सिंह घायल हो गए। भगवान कौर व परिचालक करमपाल सरकारी अस्पताल में भर्ती है।

25 लाख के करीब पहुंचने वाला है श्रद्धालुओं का पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 25 लाख पार पहुंचने वाला है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 8.65 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। मौसम खराब होने से फिलहाल आठ मई तक केदारनाथ के लिए पंजीकरण पर रोक लगाई गई है। पूर्व में जिन यात्रियों ने पंजीकरण किया है, उन्हें ही यात्रा की अनुमति होगी।
सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य किया है। चारों धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कोई संख्या तय नहीं है। लेकिन लगातार मौसम खराब होने के कारण यात्रा प्रभावित हो रही है। पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 22 फरवरी से अब तक चारधाम यात्रा के लिए 24.53 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 22 अप्रैल से 5 मई तक चार लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है। खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम का पंजीकरण रोका गया है। बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए नियमित रूप से पंजीकरण हो रहे हैं।

चारधाम के लिए पंजीकरण की स्थिति
धाम पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ 864597
बदरीनाथ 725370
गंगोत्री 442372
यमुनोत्री 394896
हेमकुंड साहिब 25674

चंपावत विधानसभा में सीएम घोषणाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरूवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत में मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी घोषणाओं के लिए समय सीमा निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणा के लिए क्रमबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण होने की तिथि निर्धारित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी घोषणाओं का साप्ताहिक अनुश्रवण किया जाए, ताकि घोषणाएं समय से पूर्ण हो सके। जो घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं अथवा चल रही हैं, उनकी अद्यतन जानकारी सीएम घोषणा पोर्टल पर अवश्य अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों द्वारा घोषणाओं के प्रस्ताव अभी तक नहीं भेजे गए हैं, वे विभाग प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराएं।
बैठक के दौरान बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 132 घोषणाएं की गयी थी। जिनमें से 46 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 71 घोषणाओं पर कार्य गतिमान है एवं 15 घोषणाएं अपूर्ण हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, हरिचन्द्र सेमवाल, डॉ. आर. राजेश कुमार एवं सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं का निर्माण हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तर पर निराश्रित गोवंश के रहने के लिए गौशालाओं की उचित व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने शहरों में निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना से पूरे प्रदेश को आच्छादित करना है। उन्होंने विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों में घूम रहे गौवंशों को गौशालाओं में रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग, नगर निगम और पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में अपने अपने निर्धारित कार्य करें, ताकि किसी प्रकार का संशय न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं का संचालन एनजीओ के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में जानवरों को उठाने के लिए हाइड्रोलिक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि इससे जानवरों को लिफ्ट करने में घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें इस कार्य के लिए एनजीओ सहित भूमि की तलाश शुरू करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं के लिए भूमि लीज पर दिए जाने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया जाएगा। पुरानी गौशालाओं के विस्तारीकरण और नई गौशालाओं के निर्माण के लिए जिलाधिकारी निर्णय ले सकेंगे। जिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नगर निगम, नगर पालिकाएं एवं नगर पंचायतें पूरी तरह से आच्छादित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां बायोगैस बनाई जा सकती है, उन स्थानों में बायो गैस योजनाएं शुरू की जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव नितेश झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम एवं अपर सचिव शहरी विकास नवनीत पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

जन सुविधा से जुड़े सभी विभागों को एक अम्ब्रेला में लाया जाए-धामी

जन सेवाओं से जुड़े मामलों में ऑनलाईन प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर ध्यान दिया जाए। लोगों को एक ही प्लेटफॉर्म पर पर सभी सुविधाएं आसानी से मिले, इसके लिए जन सुविधा से जुड़े सभी विभागों को एक अम्ब्रेला में लाया जाए। सेवा के अधिकार में अधिक से अधिक सेवाएं जोड़ी जाएं। तकनीक का विकास जिस तेजी से हो रहा है, सेवाओं का लाभ आम जनमानस को तेजी से मिले, इसके लिए उनको जागरूक भी किया जाए। ऑनलाईन प्रक्रियाओं के तहत जो भी सेवाएं दी जा रही हैं, इन सेवाओं का व्यापक स्तर पर आम जन तक प्रसार भी किया जाए। राज्य में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर मिले, रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सभी विभागों को तेजी से कार्य करने होंगे। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा एवं तकनीकि शिक्षा विभाग को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उच्च शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। हमें युवाओं को रोजगार परक शिक्षा की दिशा में आगे ले जाने के लिए तेजी से कार्य करना है। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड-25 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आईटीडीए एवं उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये।
आईटीडीए की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सेवा के अधिकार में और जन सेवाओं को जोड़ा जाए। लोगों को घर बैठे ही अधिकांश सेवाओं का लाभ आसानी से एक ही प्लेटफार्म से मिल जाए, इस दिशा में कार्य किया जाए। राज्य के जिन क्षेत्रों में मोबाईल कनेक्टिविटी की अभी भी समस्या है, उनका जल्द समाधान हो, इस दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। विभिन्न सरकारी योजनाओं का आम जन को पूरा लाभ मिले, इसके लिए ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए कि लोगों को उनकी पात्रता के अनुसार एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध हो सके। विभागों द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं को देखकर दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जाएं।
उद्योग विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भारत सरकार द्वारा सहायतित योजनाओं में तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अनेक संभावनाएं हैं, युवाओं को कौशल विकास के साथ ही अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर ध्यान दिया जाए। राज्य में अधिक से अधिक औद्योगिक गतिविधियां हों, बाहर से निवेशक आयें, इस दिशा में तेजी से प्रयास करना हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों के जो बड़े प्रोजक्ट तेजी से आगे नहीं बढ़ रहे हैं, उनकी जल्द समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि का सही तरीके से उपयोग हो, इसके लिए जो भी कार्य किये जाएं, वे मास्टर प्लान के तहत ही हों। उन्होंने कहा कि मसूरी एवं नैनीताल में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। हमें ऐसी व्यवस्था पर भी ध्यान देना होगा कि पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को अधिक जाम की स्थिति से न गुजरना पड़े।
बैठक में जानकारी दी गई कि अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से 485 सेवाएं लोगों तक पहुचाई जा रही है। जिसमें से 265 सेवाएं सेवा के अधिकार में ली गई है। सेवा के अधिकार में और सेवाओं को जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आय के संसाधन बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कनेक्टिविटी, डिजिटल साक्षरता एवं कौशल विकास की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उद्योग विभाग द्वारा स्वरोजगार की योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। स्वरोजगार की ओर लोगों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। एमसएमई के तहत भी अनेक कार्य किये जा रहे हैं।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव विजय कुमार जोगदण्डे, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, निदेशक आई.टी.डी.ए नितिका खण्डेलवाल, अपर सचिव नवनीत पाण्डे, मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने ईको टास्क फोर्स को वाहन सौंपे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को गढ़ी कैंट, देहरादून में उत्तराखंड बागवानी विभाग के माध्यम से इको टास्क फोर्स को उपलब्ध कराए गये बोलेरो वाहनों एवं मोटर साइकिलो का फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान 2 बोलेरो पिकअप और 10 मोटर साइकिलें ईको टास्क फोर्स को सौंपी गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की, कि भविष्य में हॉर्टिकल्चर विभाग ईको टास्क फोर्स को 6 पॉलीहाउस बनाकर देगा, जिसमें चार पॉलीहाउस परियोजना क्षेत्रों तथा दो पॉलीहाउस बटालियन मुख्यालय में स्थापित किये जायेंगे। लोक निर्माण विभाग से दोनों परियोजना क्षेत्रों में मानसून आने से पूर्व बरसात के पानी के संरक्षण हेतु 120 दिनों के लिए दो जेसीबी प्रदान की जायेंगी। ईको टास्क फोर्स के सहिया, कस्याली तथा बटालियन मुख्यालय में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जल भण्डारण हेतु 50 हजार लीटर की क्षमता की टंकियों का निर्माण कराया जायेगा। ईको टास्क फोर्स की 10 नर्सरियों में सिंचाई प्रणाली की स्थापना की जाएगी। उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (यूआरडीए) द्वारा देहरादून, सहिया तथा कस्याली परियोजना स्थलों में 100 किलोवाट के सौर पैनल का प्रावधान किया जाएगा। सभी सरकारी विभागों में प्राप्त होने वाले ईको टास्क फोर्स के प्रस्तावों को पूरी प्राथमिकता दी जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए इको टास्क फोर्स की स्थापना की गई थी, उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए यह टीम निरंतर प्रयासरत है। 127 ईको टास्क फोर्स प्रदेश की प्रथम पर्यावरण यूनिट है, जिसकी स्थापना 1 दिसम्बर 1982 में गढवाल रायफल्स रेजिमेण्ट सेन्टर लैन्सडाउन में हुयी थी। उन्होंने कहा कि 127 इको टास्क फोर्स नें स्थापना के बाद से गढ़वाल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार अच्छा कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 40 वर्षाे में 127 ईको टास्क फोर्स ने उत्तराखण्ड राज्य के 1200 से अधिक भूतपूर्व सैनिकों को यूनिट में भर्ती करके टिहरी, चमोली, देहरादून, तथा सीमान्त क्षेत्रों माणा तथा मलारी में लगभग 20,698 हैक्टेयर भूमि पर करीब 1 करोड 98 लाख पौधों का रोपण किया, यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वन विभाग को 127 और 130 ईको टास्क फोर्स की चार वित्त पोषित कम्पनियों के लिये पाँच साल एफ. ई. के विस्तार की सहमति देने के लिये आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। ईको टास्क फोर्स का भी इसके लिए निरंतर सहयोग मिल रहा है। उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिये सरकार संकल्प नये उत्तराखण्ड के साथ आगे बढ़ रही है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इको टास्क फोर्स द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तराखण्ड में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। वृक्षारोपण के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए विभिन्न गतिविधियां इनके द्वारा राज्य में की जा रही हैं।
इस अवसर पर जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री, कर्नल रोहित श्रीवास्तव, हीरो मोटोकॉर्प के प्लांट हेड यशपाल सरदाना एवं ईको टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित रहे।

चार धाम यात्रा के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त बजट को मिली मंजूरी

चार धाम यात्रा के लिए भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को ओर भी मजबूत किए जाने हेतु यात्रा क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्साधिकारियों, नर्सेस व अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए प्रोत्साहन राशि की मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य सचिव एवं एन.एच.एम. मिशन निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि चार धाम यात्रा से पहले कई समीक्षा बैठकों तथा श्री बद्रीनाथ व श्री केदारनाथ धाम में स्थलीय स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण के दौरान यह महसूस किया गया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी कार्य करते हैं, उनको निश्चित तौर में अतिरिक्त मानदेय दिया जाना चाहिए। जिसके लिए भारत सरकार से अतिरिक्त धनराशि के लिए बजट की मांग की गई थी जिसको भारत सरकार ने स्वीकारा है और चार धाम यात्रा के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत अतिरिक्त बजट की मंजूरी दी है। निश्चित तौर पर इससे चारधाम क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्साकर्मियों का उत्साहवर्धन होगा।
सचिव द्वारा बताया गया कि श्री केदारनाथ धाम रुट में केदारनाथ 3500-3600 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1500 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 1000 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 700 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। भीम बली-बडी लिनचोली 2600-3200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। सोनप्रयाग-जंगल चट्टी 1800-2500 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 700 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 500 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 300 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। रुद्रप्रयाग-फाटा 700-1500 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 400 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 250 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 150 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
वहीं श्री बद्रीनाथ धाम रुट में घांघरिया-बद्रीनाथ 3000-3100 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। गौचर-गोविंद घाट 800-1800 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 400 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 250 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 150 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
श्री गंगोत्री धाम रुट में हर्षिल-गंगोत्री 2700-3200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिक एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। चिनियालिसौड़-गंगनानी 900-2000 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 450 रुपये, पैरामेडिक एवं नर्सेस को 300 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 200 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
श्री यमुनोत्री धाम रुट में जानकी चट्टी-यमुनोत्री 2600-3300 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। डामटा-राना चट्टी 650-2200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 450 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 300 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 200 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया की यात्रा रुट में स्वास्थ्य मित्रों को भी नियुक्त किया जा रहा है, जिनका चयन स्थानीय स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकरी द्वारा किया जाएगा। स्वास्थ्य मित्र स्वास्थ्य कर्मियों व यात्रीगणों की किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य इकाइयों में पहुंचाने का कार्य करेंगे। स्वास्थ्य मित्रों को प्रतिदिन 570 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य मित्रों को दो दिवसीय लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब के लिए भी भारत सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई है।

मुख्यमंत्री की निष्पक्ष जांच के आदेश के बाद भी कांग्रेस कर रही नौटंकी-महेन्द्र भट्ट

ऋषिकेश मे मंत्री के स्टाफ और एक युवक के बीच हुए विवाद के बाद कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन को भाजपा ने अवसरवादी राजनीति करार दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मामले मे तस्वीर शीशे की तरह साफ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना के तत्काल बाद मामले का संज्ञान लेकर पुलिस को निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिये। हालांकि मामले मे पुलिस ने दोनों ही पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है लेकिन कांग्रेस को विरोध की राजनीति कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है।
भट्ट ने कहा कि किसी के साथ अन्याय न हो यह भाजपा की जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है। इससे पहले भर्ती से संबंधित घपलों मे भाजपा ने नैतिक साहस का परिचय दिया और आज युवाओं का रोजगार सुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल मे तमाम घपले और घोटालों से लेकर वीआईपी या वीवीआईपी क्राइम की पड़ताल तो दूर रिपोर्ट की हिम्मत तक कोई नही कर सकता था। ऐसे उदाहरण भरे पड़े है, लेकिन भाजपा के काल मे वीआईपी कल्चर समाप्त होकर आम जन का राज स्थापित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के भ्रम से बाहर आने की जरूरत है, क्योकि जनता सीएम द्वारा अब तक की गयी निष्पक्ष कार्यवाही के निर्णय को देख चुकी है और वह इस तरह की राजनैतिक नौटंकी को बर्दाश्त करने के मूड मे नही है। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन फ्लॉप शो ही साबित हुआ है।