अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को ध्यान में रख बने योजनाएं-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में सशक्त उत्तराखण्ड @ 2025 चितंन शिविर के समापन सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए पिछले 3 दिनों से जो मंथन हुआ, इसके आने वाले समय में सुखद परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए अधिकारियों द्वारा जो रोडमैप बनाया जा रहा, इसका प्रस्तुतीकरण देखकर अच्छा प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों ने राज्य हित से जुड़ विषयों पर काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर में जो भी सुझाव आये हैं, इनको कार्ययोजना में लाया जायेगा। महत्वपूर्ण सुझावों को कैबिनेट में भी लाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को चौपाल लगाकर जन समस्याएं सुननी होंगी, ताकि उन समस्याओं का शीघ्रता से समाधान हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में अनेक कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री उत्तराखण्ड के विकास के प्रति हमेशा चिंतित रहते हैं। चारधाम आल वेदर रोड, पर्वतमाला, हवाई सेवाओं के विस्तार, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन, केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ मास्टर प्लान पर तेजी से काम हो रहा है। केदारनाथ व हेमकुंड के रोपवे की सौगात हमें मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का मुख्य सेवक होने के नाते कुछ बिंदु नीति आयोग उपाध्यक्ष के समक्ष उन्होंने रखें है। उम्मीद है हमारी अपेक्षाओं को नीति आयोग अपना सहयोग प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित फ्लैगशिप कार्यक्रमों के संबंध में सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इनका तेजी से क्रियान्वयन हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से हो। जिन समस्याओं का समाधान तहसील या जिला स्तर पर हो सकता है, वह अनावश्यक रूप से शासन, मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक न पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। स्वच्छ भारत अभियान के साथ ‘टीम उत्तराखंड’ की थीम लेकर हम आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि जो अच्छा काम करने वाले अधिकारी हैं, उनका प्रोत्साहन होना चाहिए। इसके लिए उत्कृष्टता पुरस्कार दिये जाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह का आयोजन अगले छह माह में फिर से करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक सामान्य व्यक्ति जैसे सोचता है, वैसे ही सरल तरीके से लोगों की समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान केंद्रित करें। यह भी अच्छी पहल है कि कि जूनियर अधिकारी प्रस्तुतिकरण दे रहे थे और सीनियर सवाल कर रहे थे।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस तीन दिवसीय चिंतन शिविर में विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञों एवं कर्मवीरों द्वारा जो मंथन किया गया, इसके भविष्य में सुखद परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व व्यय को कम करने की दिशा में प्रयास करने होंगे। राज्य में आय के स्रोतों को बढ़ाना होगा। राज्य के समग्र विकास के लिए शहरी क्षेत्रों के साथ पर्वतीय क्षेत्रों का सुनियोजित विकास हो, इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र पोषित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाय। विभिन्न कार्यों एवं योजना के लिए केंद्र से प्राप्त होने वाली धनराशि का सुनियोजित तरीके से समय पर व्यय किया जाय। राजस्व वृद्धि की दिशा में हमें और प्रयास करने होंगे।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस प्रकार के चिंतन शिविर समय समय पर होते रहें। जिससे राज्य हित में आगे की योजनाएं बन सके। उन्होंने कहा कि जन सुविधा के दृष्टिगत प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में प्रयास किए जाय। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा मिले, इस दिशा में और प्रयास किए जाय। राज्य में शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा देना होगा। राज्य में एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने से राज्य की आर्थिकी में तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति के संरक्षण के लिए भी और प्रयासों की जरूरत है। पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में हमें और प्रयास करने होंगे।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 2025 में जब राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएगा तब तक अपने विभागों के माध्यम से राज्य के विकास में हम क्या महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि राज्य में जय जवान, जय किसान को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। उन्होंने कहा की उत्पादों में आंकड़ों के बजाय गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। अधिकारी सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभार्थियों तक लाभ समय पर पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 2025 को लेकर जो ये चिंतन शिविर हुआ है, राज्य को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। इस तरह का चिंतन शिविर विभागवार भी होना चाहिए। जिलाधिकारियों को और अधिक अधिकार मिले, हमें इस दिशा में सोचना होगा। अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को सराहना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2025 तक हमें 5 संकल्प पर कार्य करना होगा। सम्पूर्ण शिक्षा, भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड, क्षय रोग मुक्त उत्तराखंड, गरीबी एवं नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करना होगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए कार्यपालिका एवं विधायिका के बीच सही समन्वय जरूरी है। जंगलों को बचाने के लिए एवं लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए सामुदायिक सहभागिता पर विशेष ध्यान देना होगा। वन पंचायतों के माध्यम से लोगों की आजीविका बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इको टूरिज्म की संभावनाओं को और बढ़ाना होगा। एरोमेटिक फार्मिंग की दिशा में राज्य में प्रबल संभावनाएं हैं। इसके लिए स्थानीय लोगों को एरोमेटिक फार्मिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाय। साइंटिफिक तरीके से नदियों, नालों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में प्रयास करने होंगे। हर्बल सेक्टर में भी लोगों को जागरूक किया जाय।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास ने कहा कि आज हम बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 03 साल में राज्य में परिवहन विभाग ने 35 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की है। एमएसएमई के तहत राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। हमें पर्वतीय क्षेत्रों में लघु उद्योगों को तेजी से बढ़ावा देना होगा।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में लोगों की आजीविका बढ़ाने के राज्य में विशेषकर पर्वतीय जनपदों में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह एक अच्छा सैक्टर है। मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में हमें इनोवेटिव मार्केटिंग की जरूरत है। उत्तरा फिश प्रोजेक्ट को प्रारम्भ किया गया है। राज्य में वेटनरी एम्बुलेंस को लांच किया गया है। डेरी उत्पादों को राज्य में प्रमोट किया गया है। राज्य में गोट वैली कांसेप्ट पर काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

समसामयिक फिल्म बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी बधाई

उत्तराखंड भू कानून विषय पर आधारित फिल्म ’भूमि’ का शुभ मुहूर्त शॉट कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने सेट पर सभी कलाकारों का परिचय जाना और समसामयिक विषय पर फिल्म बनाने को लेकर टीम यूनिट को बधाई दी।
गुरुवार को देहरादून में फिल्म का मुहूर्त कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पर देश हित में भू कानून बनाने पर काम कर रही है। इस संदर्भ में पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय-विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भू-कानून में संशोधन के लिए 23 संस्तुतियां की हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौपी है। जिस पर अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में फ़िल्मांकन की अपार संभावनाएं हैं, प्रकृति ने अपना आशीर्वाद राज्य को दिया है, इस कारण यहा फ़िल्म डेस्टिनेशन की झलक देखने को मिलती है। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भूमि फ़िल्म में 165 कलाकारों होने से राज्य के प्रतिभावान युवाओं को रोजगार मिलेगा।
फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट ने बताया कि भूमाफियाओं द्वारा उत्तराखण्ड के किसानों की जमीन को हथियाकर उसे महंगे दाम पर बेचने की स्टोरी इस फ़िल्म में दिखाई गई है। बताया कि कहानी में गांव के युवक द्वारा एक बड़ा आन्दोलन करके शासन प्रशासन को एक भू कानून बनाने पर मजबूर किया जाता है और अन्त में सभी किसानो को उनकी जमीने वापिस मिल जाती है। निर्देशक ने बताया कि राज्य के गढ़वाल, कुमायूँ, जौनसार क्षेत्र सहित 53 जगहों में फ़िल्म की शूटिंग होगी। बताया कि गढ़वाल के अलावा फिल्म हिंदी भाषा में भी फिल्माई जाएगी।
इस मौके पर फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट, अनुज जोशी, गंभीर सिंह जायरा, चंद्रवीर गायत्री, प्रेम रावत, राजू भाई, हर्ष हसीन, आशीष कुकरेती, मेहरबान मिया, प्रकाश द्विवेदी, घनानंद, मनीष भट्ट, संजय अग्रवाल, महक बिष्ट, रचना भंडारी आदि फ़िल्म यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे।

उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में पहुंच रहे फिल्मी कलाकार और निर्माता

गुरूवार को गोवा में उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल की गई उत्तराखंड में निर्मित शार्ट हिंदी फिल्म पाताल-ती की टीम से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। अभिनव कुमार ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की गई है। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि रुद्रप्रयाग जिले के युवाओं का यह प्रयास राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना पाया है। अभिनव कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन देगी। पाताल ती कल 25 नवम्बर को फ़िल्म महोत्सव में दिखायी जाएगी। नई फ़िल्म नीति में अंतर्राष्ट्रीय समारोहों हेतु चयनित फ़िल्मों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा फ़िल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग देना प्राथमिकता है जिससे उत्तराखंड में स्वस्थ और समृद्ध फ़िल्म संस्कृति का विकास हो।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक रुद्रप्रयाग जिले के संतोष रावत एव उनकी टीम ने बताया कि अपने सीमित संसाधनों के बल पर इस शार्ट फ़िल्म का निर्माण किया गया है। इस फ़िल्म को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 39वें इंटरनेशनल शार्ट फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके साथ ही मास्को में भी प्रदर्शित हो चुकी है। रावत ने बताया कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की भोटिया जनजाति पर केंद्रित फिल्म है, जो एक दादा-पोते के बीच भावनात्मक रिश्ते के ऊपर है। यह फ़िल्म 26 मिनट की है, जो पहाड़ में प्रकृति व मानव के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। रावत ने विशेष प्रमुख सचिव सूचना का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही राज्य सरकार से युवाओं को सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
वहीं, उत्तराखंड पवेलियन में प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी और संजय सूरी ने भ्रमण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।
बॉलीवुड में अपनी कला और सरल व्यक्तित्व के दम पर अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने उत्तराखंड पवेलियन में आकर फ़िल्म नीति और शूटिंग लोकेशन की जानकारी ली। पंकज त्रिपाठी को इस अवसर पर उत्तराखंड की पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र भेंट किया गया। त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत जगह है। इसके साथ ही प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता संजय सूरी भी उत्तराखण्ड पवेलियन में आए। सूरी ने फ़िल्म नीति में शॉर्ट फ़िल्म और वीडियो ब्लॉगिंग को स्थान देने का सुझाव दिया। संजय सूरी ने कोविड काल में उत्तराखंड में दो फ़िल्में शूट की हैं ।53वे अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड के साथ ही अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इन सबके बीच उत्तराखंड पवेलियन सभी फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

वन, उद्योग और कौशल विकास में करने होंगे कई बेहतरीन कार्य

सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर के अंतिम दिन आज वन विभाग एवं कौशल विकास के की लघु एवं दीर्घकालिक योजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।

वन विभाग
वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक अनूप मालिक द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि किस तरह से विभाग दीर्घ एवं लघु योजनाओं पर काम कर रहा है। प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच नए डेस्टिनेशन को अगले पांच वर्षों में चयनित एवं विकसित किए जाएंगे। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग लिंकेज बनाकर 10 नए डेस्टिनेशन को अगले दस वर्ष में विकसित किए जाएंगे। मानव-वन्य जीव संघर्ष को रोकने हेतु स्टेट एक्शन प्लान बनाया जाएगा। साथ ही संवेदनशील इलाकों में रैपिड रेस्पॉन्स टीमों का गठन किया जाएगा, स्टेक होल्डर्स यानि स्थानीय निवासियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में बंदरों के आतंक को कम करने के लिए बताया गया कि बंदरों को पकड़कर इनकी नसबंदी की जा रही है। वहीं, हाथी एवं बाघ के पारंपरिक गलियारों को रिस्टोर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

आयुष
सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पांडेय द्वारा आयुष को लेकर विभाग का रोडमैप बताया गया। उन्होंने कहा कि आयुष को दोबारा स्थापित करना है। उत्तराखण्ड को आयुष और योग का हब बनाना बनाना है। इस क्षेत्र में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को प्रमोट किया जा रहा है। आयुष ढांचे को अपग्रेड करने के प्रयास किये जा रहे हैं। अभी 300 वेलनेस सेन्टर राज्य में संचालित हो रहे हैं। योगा एवं नेचुरोपैथी का सेल बनाया जा रहा है। उन्होंने दवाओं के प्रमाणीकरण करने की जानकारी भी दी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर का सिस्टम बनाने की बात कही। जड़ी-बूटियों के प्रोडक्शन को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने विभाग में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को इंगित किया। राज्य में आदर्श आयुष ग्राम विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। बताया कि डेंगू में होम्योपैथी काफी कारगर साबित हो रही है।

उद्योग
डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा उद्योग के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया जिसमें बताया गया कि हरिद्वार एवं पंतनगर सिडकुल में अच्छा काम हो रहा है। इकॉनमिक डेवलपमेन्ट के लिए स्वरोजगार पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि जीआई टैगिंग के बाद हमारी मार्केटिंग ऊपर आ जाती है। इसे बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में अच्छा कार्य हो रहा है। टूरिज्म एवं सर्विस सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट पर कार्य किए जा रहे है। उद्योग जगत के लोगों को राज्य में अधिकतम इन्वेस्ट के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रोडक्ट की जी.आई. टैगिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन्वेस्टमेंट के लिए लैंड बैंक पर भी कार्य किए जा रहे हैं। गति शक्ति में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

कौशल विकास
सचिव कौशल विकास विजय कुमार यादव ने कौशल विकास पर कहा कि उद्योगों की डिमांड के हिसाब से कौशल विकास विभाग द्वारा लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। लॉन्ग टर्म एवं शॉर्ट टर्म स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्थाएं की गई हैं। फैकल्टी को भी अप स्किलिंग करने की व्यवस्था की जा रही है। अपडेटेट ट्रेनिंग मटेरियल एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ लोगों को प्रशिक्षण मिले इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आईटीआई में स्पेशल ट्रैनिंग प्रोग्राम भी आयोजित किए जा रहे हैं। ये प्रशिक्षण देश के अच्छे संस्थानों से सहयोग लेकर किए जा रहे हैं। आईटीआई सहसपुर में स्किल हब भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण देने वाले विभागों में आपसी समन्वय का होना भी जरूरी है।
कौशल विकास विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गबर्याल द्वारा पहाड़ी भवन निर्माण शैली को संरक्षित करने और रोजगार देने के उद्देश्य से हुनरशाला पहाड़ों में खोलने का सुझाव दिया गया। उनके द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कौशल विकास का पूरा ध्यान उद्योग की जरूरत पर आधारित है जबकि हम अपनी पारंपरिक हुनर को खो रहे हैं जिनके संरक्षित कर इसे पर्वतीय इलाकों में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनाया जा सकता है। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा कौशल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाने का सुझाव दिया गया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, एल फैनई, सचिवगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी की योगा क्लास में अधिकारियों की हाजिरी

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अंतिम दिन की शुरुआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधू और तमाम वरिष्ठ अधिकारी गणों ने योग किया। अकादमी के कालिंदी ग्राउंड में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को योग के विभिन्न आसन कराए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अधिकारियों ने योग के आसनों का अभ्यास किया।
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में चल रहे चिंतन शिविर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अकादमी परिसर के अंदर ही मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान वह अकादमी के गेट तक गए और यहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान रास्ते में मिले लोगों का वह अभिवादन स्वीकार करते रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अकादमी परिसर में भी राउंड लगाया और यहां स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास पहुँचकर नमन किया।

मोदी कर रहे भारत की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मल्ला महल, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टिबाधित बालिका नेहा के लोकगीत गाने पर प्रोत्साहन धनराशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में लोक संस्कृति की विभिन्न झलक देखने से ही बनती है। अल्मोड़ा जिले में हमेशा से ही लोक संस्कृति को बचाने का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार मानसखण्ड कारिडोर मिशन पर कार्य कर रही है जिसके अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर इन्हें आपस में जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संरक्षण एवं लोक विधाओं को आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प के तौर पर पलायन को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा बनाये जा रहे सभी स्थानीय उत्पादों को राज्य सरकार एक मंच उपलब्ध करायेगी जिससे इन उत्पादों को देश के साथ ही विदेशों में पहचान मिल सके। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कलाकारों, श्रीनगर से आयी पाण्डावास टीम द्वारा रंगारंग सुन्दर प्रस्तुत दी गयी।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं

भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम की कपाट बंदी के साथ ही चारधाम यात्रा का भी विधिवत समापन हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर देश-विदेश के तमाम श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल संचालन हेतु तमाम विभागों का भी आभार प्रकट किया है।
गौरतलब है कि इस बार रिकॉर्ड साढ़े छियालीस लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किये। अकेले 17 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पुण्य कमाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री चारधामों के कपाट बंद होने के अवसर पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार रिकॉर्ड यात्रियों का चारधाम की यात्रा पर आना यह भी परिलक्षित करता है कि राज्य सरकार द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्तमान में श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है जिससे आने वाले यात्राकाल में तीर्थयात्रियों एवं आम जनमानस को पर्याप्त सुविधाएं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हालिया दौरे के दौरान केदारनाथ धाम एवं हेमकुंड धाम के लिए रोपवे की आधारशिला रखी है जिससे आने वाले दिनों में यह दोनों यात्राएं न केवल सुगम बल्कि सुरक्षित हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं में जुटे रहे तमाम विभागों के कार्मिकों का भी आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी से ही कुशलता पूर्वक यात्रा संभव हो सकी है।

महिला संगठनो और स्वयं सहायता समूहों के साथ सीएम का संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संगठनो एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को 3 व्हील चेयर वितरित की तथा वन विभाग द्वारा लीस रॉयल्टी के 8 करोड़ के डमी चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला कृषक समूह के सदस्यों, खेल से जुड़े युवाओं, नव उद्यमियों, कृषकों एवं विभिन्न समाज सेवियों से भी संवाद किया। इस संवाद के दौरान कुल 29 आवेदन पत्र/सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। हम सभी के सुझावों एवं विचारों का संज्ञान लेकर आगे बढ़ रह हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो इसके लिये शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जनपद अल्मोड़ा हमारी सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने 298 करोड़ की 37 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 39 करोड़ लागत की 20 योजनाओं का लोकार्पण एवं 259 करोड़ की 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर अल्मोड़ा के ऐतिहासिक पटाल बाजार को प्राचीन स्वरूप में चरणबद्व तरीके से पुनः विकसित किए जाने, महिला चिकित्सालय अल्मोड़ा का जीर्णाेद्वार किए जाने, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में एन0आई0सी0यू0 यूनिट, सी0टी0 स्कैन मशीन, एम0आर0आई0 मशीन स्थापित किए जाने, विकासखण्ड धौलादेवी के गुणादित्य में बच्चों के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किए जाने, सोमेश्वर में पौराणिक मन्दिर जयन्ती जंयतकोट में विद्युतीकरण का कार्य किए जाने, अटल उत्कृष्ट राजकीय इण्टर कालेज का नाम शहीद बिशन सिंह बोरा के नाम पर किए जाने, द्वाराहाट में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मानकानुसार अवस्थापना सुविधाओं का विकास किए जाने, विकासखण्ड चौखुटिया में गढ़स्यारी तोक गंगोलिया क्षेत्र में मोबाईल टॉवर स्थापित किए जाने, सल्ट विधानसभा क्षेत्र में शिव मन्दिर भिकियासैंण का निर्माण कार्य एवं सौन्दर्यकरण कार्य किए जाने, मनिला फारेस्ट बंगले का पुर्ननिर्माण व आधुनिकरण किए जाने, द्वाराहाट में मिल्टा मार्ग का पुर्ननिर्माण कार्य किए जाने एवं सोमेश्वर में सुनियाकोट-सोनकोटुली मोटर मार्ग का कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आर0बी0आई0) में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग कर उद्यमियों से चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित साइकिल रैली को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 21.83 करोड़ का लोन सांकेतिक रूप से वितरित किया एवं हिलांस द्वारा निर्मित मंडुवा डोसा, इडली का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है। यदि किसी को उत्तराखंड की सांस्कृतिक विशिष्टता को भली भांति समझना हो तो एक बार उसे अवश्य अल्मोड़ा में कुछ समय बिताना चाहिए, पिछले वर्ष से आयोजित हो रहा यह आजीविका महोत्सव अपने-आप में विशिष्ट है, क्योंकि इसका स्वरूप जहां एक ओर मेले जैसा है वहीं यह व्यापारिक और स्वरोजगार के क्षेत्र में कार्य कर रहे युवाओं को अपने कार्य का प्रदर्शन करने का एक मंच भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का संपूर्ण विकास केवल तभी संभव है, जब सरकार के साथ-साथ प्रदेश का प्रत्येक नागरिक भी अपने-अपने दायित्वों का भली भांति निर्वहन करे। ऐतिहासिक नगरी अल्मोड़ा का प्रत्येक नागरिक अपने सामाजिक दायित्वों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार भी हर क्षेत्र में लगातार अपने कर्तव्यों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। हम राज्य के लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में भी प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है और मेरा मानना है कि अल्मोड़ा जिला इस सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक है। उन्होंने कहा आज का यह महोत्सव, अपनी जड़ों से जुड़े रहने की हमारी इसी जिद को प्रदर्शन कर रहा है। पिछले वर्ष हमारी सरकार ने इस महोत्सव के माध्यम से लोन मेला आयोजित कर यहां के युवाओं को टर्म लोन देने का काम प्रारंभ किया था, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। इसके साथ ही हमने पिछले वर्ष जो कुमाऊँ मण्डल के पहले रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर का लोकार्पण किया था, वो भी आज स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में भारत की पुरातन संस्कृति व खोए हुए वैभव को पुनर्स्थापित करने का कार्य यदि किसी ने किया है तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण का कार्य हो, काशी में विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे जटिल कार्य को सफल बनाने का कार्य हो, उज्जैन में महाकाल लोक की स्थापना हो या केदारपुरी और बद्रीकापुरी का पुनर्निर्माण करने का कार्य हो, यह सब प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादाई व कुशल नेतृत्व में ही संभव हो पाया हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का हमारी देवभूमि के प्रति विशेष लगाव रहा है, और इसे राज्य में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से समझा जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में अल्मोड़ा में लगभग 931 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूर्ण कराया है। वर्तमान में यहां के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 559 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं। इसके साथ ही 5 करोड़ रुपये से कम लागत वाले 223 करोड़ के कार्य भी गतिमान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आजीविका महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह माहरा, महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग बबीता भाकुनी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य के विकास में अपनी अग्रणी भूमिका निभाये पत्रकार-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चंपावत जिला पत्रकार संगठन के निर्वाचित पदाधिकारियों अध्यक्ष कमलेश भट्ट, उपाध्यक्ष भगवान राम उर्फ हयात राम, सचिव दीपक धामी एवं कोषाध्यक्ष दिनेश भट्ट के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन भली भांती कर जिले के विकास में अपनी सहभागिता व सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलम की ताकत हमेशा क्रांति लाई है और समाज व देश को आगे बढ़ाने का काम किया है, लोगों के अंदर राष्ट्र की भावना जागृत करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। हमारा संकल्प वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इसमें मीडिया अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनपद के पत्रकारों के अनुरोध को स्वीकारते हुए कहा कि पत्रकारों की सुविधा के लिए चंपावत मुख्यालय में प्रेस क्लब बनाने के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा। साथ ही पत्रकारों की सुविधा के लिए जो भी आवश्यक कार्य होंगे किए जायेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, नगरपालिका अध्यक्ष चंपावत विजय वर्मा, टनकपुर विपिन कुमार, लोहाघाट गोविंद वर्मा, ब्लाक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, बाराकोट विनीता फर्त्याल, पाटी सुमंलता, ज्येष्ठ प्रमुख मोनिका बोहरा, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, हरगोविंद बोहरा, गोविंद सामंत एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।