प्रसिद्ध साहित्यकार स्व. मटियानी के पुत्र को सीएम ने सौंपा उत्तराखंड गौरव सम्मान 2025

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक सादगीपूर्ण एवं गरिमामय समारोह में प्रख्यात हिन्दी साहित्यकार स्वर्गीय शैलेश मटियानी को प्रदत्त “उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार 2025” उनके पुत्र राकेश मटियानी को प्रदान किया। यह सम्मान स्व. मटियानी की साहित्यिक उपलब्धियों, हिन्दी कहानी जगत में उनके अमूल्य योगदान तथा उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त पहचान दिलाने के लिए दिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि शैलेश मटियानी केवल एक साहित्यकार नहीं, बल्कि संवेदनाओं के कुशल शिल्पी थे। आधुनिक हिन्दी कहानी आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने आम जनमानस की पीड़ा, संघर्ष, और जीवन-सत्य को जिस प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया, वह उन्हें भारतीय साहित्य के श्रेष्ठ रचनाकारों की पंक्ति में स्थापित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के उन महान प्रतिभाओं के योगदान को हमेशा सम्मान देती है, जिन्होंने अपनी लेखनी, कर्म और रचनात्मकता से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया है। स्व. मटियानी के “बोरीवली से बोरीबन्दर”, “मुठभेड़”, “अधागिनी”, “चील” सहित अनेक कथा-कृतियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और हिन्दी साहित्य में उनका महत्वपूर्ण स्थान है।

उन्होंने कहा कि मरणोपरांत यह सम्मान स्वर्गीय मटियानी के परिवार को सौंपना राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र का सम्मान करते हुए कहा कि साहित्यकारों का सम्मान समाज और प्रदेश दोनों को समृद्ध करता है।

स्व. शैलेश मटियानी के पुत्र ने उत्तराखण्ड सरकार तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान समूचे प्रदेश के साहित्य प्रेमियों और मटियानी जी के प्रशंसकों के लिए गौरव का क्षण है।

कार्यक्रम में सचिव विनोद कुमार सुमन सहित वरिष्ठ अधिकारी, साहित्यकार तथा परिवारजन उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात, विभिन्न विषयों पर की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच देहरादून में ही यथावत रहने देने और ग्वालदम-नंदकेसरी-थराली-देवाल-मुन्दोली-वाण मोटर मार्ग के रख-रखाव का कार्य लोक निर्माण विभाग से ही कराए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने अवगत कराया कि एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच लंबे समय से देहरादून में बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रही है। प्रदेश की सीमाएँ चीन व नेपाल से लगने तथा यहां सेना व सुरक्षा बलों के अनेक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान होने के कारण देहरादून का सामरिक महत्व अत्यंत अधिक है। उन्होंने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि एयर फोर्स ऑडिट ब्रांच देहरादून से ही यथावत संचालित रहे, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने ग्वालदम-नंदकेसरी-थराली-देवाल-मुन्दोली-वाण मोटर मार्ग के रख-रखाव एवं अनुरक्षण का कार्य भविष्य में भी उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग के पास ही बनाए रखने का अनुरोध भी किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग विश्वप्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा का प्रमुख रूट है, जिसकी अगली यात्रा वर्ष 2026 में प्रस्तावित है। प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक आस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोजन की सुचारू व्यवस्था के लिए मार्ग का रख-रखाव स्थानीय स्तर पर लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों, समन्वय तथा त्वरित कार्य निष्पादन के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग ही इस मार्ग के रख-रखाव के लिए सर्वाेत्तम विभाग है तथा इससे आगामी यात्रा सहित स्थानीय आवागमन को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विषयों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।

नई दिल्ली में सीएम धामी ने देवप्रयाग विस के मेधावियों से किया संवाद स्थापित

नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम 2025 में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री विश्वास व्यक्त किया कि इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बहुमूल्य अनुभव प्राप्त किए होंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके विद्यालय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और बताया कि इस तरह के शैक्षिक भ्रमण अब राज्य स्तर पर भी शुरू किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान से नई चीजें सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन का अनुभव साझा किया करते हुए बताया कि उनके पिताजी के सेना से सेवानिवृत्त होने के समय वे 9वीं कक्षा के छात्र थे और 10वीं उत्तीर्ण करने के लिए अकेले खटीमा से नैनीताल एक्सप्रेस पकड़कर सागर गए थे। यह उनका पहला शैक्षिक भ्रमण था जिसने उन्हें सतत सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में उद्देश्य निर्धारित करने और स्वअनुशासन अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भारत के भविष्य के कर्णधार हैं और युवाओं के कंधों पर देश की जिम्मेदारियां आएंगी। पढ़ाई का समय पुनः नहीं आता, इसलिए परिश्रम, कौशल और नियमों का पालन करते हुए लक्ष्य प्राप्त करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि लेखन प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाना चाहिए। कभी अपने लक्ष्यों से भटकें नहीं। स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंदर असीम शक्ति है, जिसे पाने के लिए स्वयं पर विश्वास करना, एकाग्र रहना और लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है। स उन्होंने छात्रों को समय प्रबंधन के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। ऐसा करने से विद्यार्थी अपनी गलतियों में सुधार कर सकेंगे और समय का सही उपयोग कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में चुनौतियां और प्रतिस्पर्धा जरूरी हैं, इनके बिना जीवन प्रेरणाहीन बन जाएगा।

उल्लेखनीय है कि देवप्रयाग विधानसभा से विधायक विनोद कंडारी ने आठ वर्ष पूर्व इस पहल की शुरुआत की थी। इस वर्ष भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण 2025 के तहत देवप्रयाग के मेधावी छात्रों ने ऐतिहासिक साबरमती आश्रम का भ्रमण किया। इस अवसर पर छात्रों के साथ उनके शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित थे।

सीएस ने दिए विद्यमान संभावनाओं के अनुरूप विशिष्ट औद्योगिक ‘हब‘ विकसित किए जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (सिडकुल) के निदेशक मंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने आगामी पच्चीस सालों की आवश्यकताओं और संभावनाओं का ध्यान राज्य में औद्योगिक विकास के नए दौर का सूत्रपात करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने गहनता से अध्ययन कर राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में विद्यमान संभावनाओं के अनुरूप विशिष्ट औद्योगिक ‘हब‘ विकसित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा की पर्वतीय क्षेत्रों के औद्योगिक विकास के लिए भी उपयुक्त संभावनाओं को तालाशा जाय।

सिडकुल मुख्यालय में आयोजित सिडकुल के निदेशक मंडल की 67वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य के उद्योगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं व सहूलियतें उपलब्ध कराने के लिए उद्योग विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को प्रो-एक्टिव होकर कार्य करना होगा। औद्योगिक विकास की राह में आने वाली किसी भी अड़चन को दूर करने के लिए तत्परता से कार्य किया जाय। उद्योगों को बेहतर माहौल देने के साथ ही बिजली की पर्याप्त एवं निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। मुख्य सचिव ने हरिद्वार में नव निर्मित फ्लैटेड फैक्टरी में छोटी औद्योेगिक इकाईयों एवं स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने प्रमुख औद्योगिक आस्थानों के अलावा राज्य के अन्य क्षेत्रों में सिडकुल के पास उपलब्ध परिसंपत्तियों का पूरा ब्यौरा तैयार कर उनके बेहतर इस्तेमाल की कार्ययोजना तैयार करने तथा आवंटित जमीनों पर तय समय के भीतर औद्योगिक इकाईयों की स्थापना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में आईटी हब, सेमी कंडक्टर हब, डाटा सेंटर की स्थापना जैसी नए दौर की संभावनाओं को साकार करने के लिए अनुकूल ईको सिस्टम का सृजन करने की दिशा में कारगर पहल किया जाना जरूरी है। जिससे लिए संबंधित विभागों व संगठनों को प्रतिबद्धता से जुटना होगा।

बोर्ड की बैठक में प्राग फार्म, खुरपिया, नेपा आदि स्थानों पर औद्योगिक आस्थान विकास की योजनाओं सहित रानीपोखरी आदि क्षेत्रों के लिए प्रस्तावित योजनाओं पर भी विचार-विमर्श कर अनेक महत्वपूर्ण लिए। औद्योगिक आस्थानों में विद्यमान सब स्टेशनों की क्षमता बढाने तथा खुरपिया फार्म सहित अन्य स्थानों पर नए विकसित किए जा रहे औद्योगिक आस्थानों तक ट्रांसमिशन लाईनों एवं सब स्टेशनों के निर्माण के प्रस्तावों पर भी बोर्ड की बैठक में चर्चा कर निर्णय लिए गए। मुख्य सचिव ने सिडकुल को अधिक प्रभावी व सशक्त बनाने के लिए बोर्ड के अंतर्गत टेक्नीकल समिति सहित अन्य समितियों का गठन करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय, सिडकुल के प्रबंध निदेशक डॉ. सौरभ गहरवार, निदेशक मंडल के सदस्य सिडबी के डीजीएम सिद्धार्थ मंडल, उद्योगों के प्रतिनिधि के तौर पर स्वतंत्र निदेशक अविनाश विरमानी तथा पुनीत वाधवा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

मॉक अभ्यास का दस्तावेजीकरण करें सभी जनपदः बर्द्धन

भूकंप तथा भूकंप जनित आपदाओं से बचाव तथा भूकंप आने पर विभिन्न रेखीय विभागों की तैयारियों को परखने के लिए राज्य के सभी 13 जनपदों में 80 से भी अधिक स्थानों पर राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह पहला अवसर है जब यूएसडीएमए द्वारा इतने बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल की निगरानी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से की गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एसईओसी पहुंचकर मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति, टीमों की तैनाती, क्षति तथा विभागीय समन्वय की वास्तविक तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने ग्राउंड जीरो पर मौजूद इंसीडेंट कमाण्डरों तथा राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मियों से भी बात की। इस दौरान उन्होंने जनपदों से पूछा कि राज्य स्तर पर उन्हें किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि इस राज्यव्यापी मॉक ड्रिल का उद्देश्य भूकम्प जैसी आपदा में प्रशासनिक तत्परता का परीक्षण, विभिन्न विभागों के मध्य आपसी समन्वय को मजबूत करना, संचार एवं समन्वय तंत्र की खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करना तथा फील्ड स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में किसी प्रकार की देरी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि मॉक अभ्यास का विस्तृत डाक्यूमेंटेशन तैयार किया जाए और अभ्यास के दौरान जिन कार्यों में कमी या सुधार की आवश्यकता महसूस हुई है, उन्हें जिला स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शासन द्वारा इन सुधारात्मक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन, तकनीकी सहायता और सभी तरह का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि रेस्क्यू एवं रिलीफ टीमों के रिस्पांस टाइम को और बेहतर किया जाए, आईआरएस प्रणाली के तहत अधिकारियों द्वारा अपने-अपने दायित्वों की पुनः समीक्षा की जाए, एसईओसी और डीईओसी के बीच संचार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा अस्पतालों, स्कूलों, विद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं से जुड़े विभाग अपने एसओपी को दोबारा परखकर उनकी तत्परता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉक अभ्यास राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करते हैं और वास्तविक संकट के समय सुव्यवस्थित कार्रवाई सुनिश्चित करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं।

उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला ने कहा कि भूकम्प मॉक ड्रिल राज्य की वास्तविक तैयारी का महत्वपूर्ण परीक्षण है और इस अभ्यास से मिली सीख को तुरंत लागू करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ड्रिल के दौरान जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता सामने आई है, उन्हें विभागीय स्तर पर शीघ्रता से दूर किया जाए तथा फील्ड में तैनात सभी टीमें अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप तत्परता बढ़ाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन, यूएसडीएमए और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय को और मजबूत करें, क्योंकि किसी भी आपदा में त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया ही जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। रुहेला ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपकरण, जनशक्ति और संचार व्यवस्थाओं की समीक्षा नियमित रूप से होती रहे।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, उन्हें हासिल करने में सफलता प्राप्त हुई है। कुछ कमियां मिलीं हैं, जिन्हें दूर किया जाएगा ताकि वास्तविक आपदा के समय किसी प्रकार की दिक्कत न आए। उन्होंने कहा कि अभ्यास में जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें बिना किसी देरी के दूर किया जाए और सभी विभाग अपने सुझाव एवं अवलोकन यूएसडीएमए के साथ साझा करें, ताकि ड्रिल के वास्तविक अनुभव आगे की तैयारी में उपयोगी साबित हों।

उन्होंने यह निर्देश दिया कि आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे और जिन उपकरणों का उपयोग फील्ड में किया जाना है, उनके संचालन का पूर्ण प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए, ताकि किसी भी आपदा स्थिति में टीमें तुरंत और कुशलतापूर्वक कार्य कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि मॉक ड्रिल में शामिल सभी विभाग अपने रिस्पांस का व्यवस्थित डाक्यूमेंटेशन तैयार करें, जिससे प्रतिक्रिया समय, समन्वय और संसाधनों के उपयोग का गहन विश्लेषण हो सके।

सचिव सुमन ने क्विक रिस्पांस टीमों को और अधिक सक्षम, संसाधनयुक्त और त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखने पर बल दिया, साथ ही स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाकर उन्हें नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है-आपदा में शून्य मृत्यु और इसे वास्तविकता में बदलने के लिए सभी विभागों को अपनी तैयारियों को और मजबूत, अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना होगा।

इस अवसर पर आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ बिमलेश जोशी आदि मौजूद थे।

पर्वतारोही बछेंद्री पाल ने 10 लाख का चेक सीएम राहत कोष में किये जमा

प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं पद्म भूषण सम्मान प्राप्त बछेंद्री पाल ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। यह चेक उनकी ओर से राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष विनोद उनियाल द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपा गया।

मुख्यमंत्री ने बछेंद्री पाल के इस सामाजिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सहयोग एवं सेवा की भावना ही समाज को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे योगदान न केवल ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि जनहित के कार्यों के प्रति लोगों को प्रेरित भी करते हैं।

साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहनी रोड स्थित दून इंटरनेशल स्कूल में देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने वेणु अग्रहारा ढ़ींगरा द्वारा लिखित पुस्तक लीडिंग लेडीज ऑफ इण्डिया पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता में भी साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लीडिंग लेडीज ऑफ इण्डिया पुस्तक पाठकों विशेष रूप से महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। आज बेटियां हर क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है। यहां की संस्कृति और परंपराओं को संजोये रखने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दो वर्षों से राज्य में प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखना है। प्रवासी सम्मेलन के आयोजन के बाद से अनेक प्रवासियों द्वारा अपने मूल गांवों के विकास के साथ ही प्रदेश के विकास के सहयोगी बनने की इच्छा जताई गई है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, दून इंटरनेशनल स्कूल समूह के संस्थापक डी.एस.मान एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

जौलजीबी पिथौरागढ़ में मेले का शुभारंभ कर सीएम ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलजीबी, पिथौरागढ़ में भारत-नेपाल सीमा पर काली और गोरी नदी के संगम पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक जौलजीबी मेला का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणाएं की। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत ग्राम हूपली में झलूड़ी से पल्याती तक मार्ग निर्माण किया जायेगा। बगीचा से धारचूला कोट ट्रैकिंग मार्ग एवं मेला स्थल का विकास कार्य कराया जायेगा। ग्राम पय्या पौड़ी से नालालेख शिव मंदिर तक ट्रैक रूट निर्माण कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत कालापानी से दशरथ पर्वत कुण्ड तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी के अन्तर्गत ग्राम सुरिंग में आन्तरिक सी०सी० मार्ग का निर्माण किया जायेगा। सिमगड़ नदी भैंसकोट में आर०सी०सी० पुलिया एंव सम्पर्क मार्ग का निर्माण कराया जायेगा एवं धारचूला में सैनिक विश्राम भवन बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला सदियों से भारत और नेपाल की सांस्कृतिक, आर्थिक और पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है। जौलजीबी मेला केवल आयोजन नहीं, भारत-नेपाल की पारंपरिक मित्रता और आर्थिक-सामाजिक एकरूपता का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं भी बचपन में इस मेले में आते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत नेपाल की मित्रता और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर कहा था कि उत्तराखंड की आत्मा उसके मेलों और त्योहारों में बसती है और उन्होंने आह्वान किया कि राज्य में एक जिला-एक मेला कार्यक्रम प्रारंभ किया जाए। जिसमें जिले के एक प्रमुख मेले को विशेष सहयोग दिया जाएगा जिससे उस मेले के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित इस क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज पिथौरगढ़ में साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कार्य भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा विकासखंड बेरीनाग में शीघ्र ही लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने जा रहा है। पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से 50-बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी निर्माण करा रहे हैं। जिले में 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही, पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ में कनेक्टिवी को बढ़ावा देने के लिए नैनी सैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य तेज गति से आगे चल रहा है। जिसके लिए 450 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, रोजगार एवं स्वरोजगार के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में आज रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। अब प्रदेश में सरकारी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हो रहीं हैं। जो प्रदेश के युवा प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर सरकारी नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले राष्ट्रीय एकता पद यात्रा में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विधायक हरीश धामी, विधायक बिशन सिंह चुफाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के 12वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ढालवाला में ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के 12वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्कूल प्रबंधन को 12वें वार्षिकोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चे हमारे भविष्य के कर्णधार हैं। कल वे विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अपने माता-पिता, गुरुजनों के साथ ही देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उनमें अनुशासन, संस्कार एवं सेवाभाव की भावना विकसित किया जाना आवश्यक है। शिक्षा न केवल रोजगार तक सीमित रहे, बल्कि इसका उद्देश्य चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण एवं मानव उत्थान भी हो। उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की थीम ’सोल ऑफ इंडियन कल्चर’ अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति सभी संस्कृतियों की जननी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने गौरवशाली अतीत के साथ आगे बढ़ रहा है। आज सभी क्षेत्रों में भारत पताका लहरा रही है। बच्चे एआई के साथ साथ योग, संस्कार एवं सादगी के महत्व को भी समझ रहे हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करना वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। आज युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, इसके लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौते किए गए है। इसके साथ ही स्टार्टअप हेतु ट्रेनिंग संस्थान स्थापित किए गए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने में महिला समूहों के उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से छोटे छोटे समूहों को बाजार उपलब्ध हो रहा है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है, उसके बाद से राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई है। राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में नवाचार किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय सिंह रावत, स्कूल के चेयरमैन मोहन डंग, जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने स्नेह राणा को दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की गौरव, क्रिकेटर स्नेह राणा ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश और उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और संघर्षशीलता से देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, नौकरी और आर्थिक सहायता जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।

स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को जो सहयोग मिल रहा है, उससे राज्य में खेलों का वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया प्रेरक अध्याय है।