प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के पहले सत्र में जल, जमीन, जंगल पर अहम चर्चा

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेेलन का पहला सत्र जल, जंगल, जमीन के संरक्षण की परम आवश्यकता पर केंद्रित रहा। इस मौके पर जोर देते हुए कहा गया कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी खूबसूरती जल, जंगल और जमीन से जुड़ी है। जोर देते हुए कहा गया कि जीडीपी तय करते हुए एक पैमाना यह भी होना चाहिए कि संबंधित क्षेत्र की पारिस्थितिकी प्रगति किस तरह की रही है।

दून विश्वविद्यालय में आयोजित इस सम्मेलन के पहले सत्र में हेस्को संस्था के संस्थापक पदम भूषण डा. अनिल जोशी ने कहा कि देश का कोई कोना हो या विश्व की कोई अन्य जगह, पारिस्थितिकी और विकास के बीच संतुलन की चर्चा केंद्र में है। हिमालयी प्रदेश होने के कारण हमारे यहां तो यह चर्चा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच संतुलन अति आवश्यक है, क्योंकि आज पारिस्थितिकी संकट गहराने लगा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जीडीपी तय करते वक्त औद्योगिक विकास, रोजगार समेत अन्य पैमानों पर ध्यान दिया जाता है, उसमें पारिस्थितिकी प्रगति का भी मूल्यांकन जरूरी है।

यूएनडीपी के स्टेड हेड प्रदीप मेहता ने कहा कि यह जरूरी है कि हम परंपरागत कृषि करें, लेकिन परिस्थिति और सुविधाओं के अनुरूप उसमें बदलाव किया जाना भी आवश्यक है। वन विभाग के पूर्व पीसीसीएफ और आईआईटी रूड़की की फैकल्टी डा. कपिल जोशी ने कहा कि निसंदेह हिमालयी क्षेत्रों में विकास हुआ है, लेकिन यह समीक्षा होनी भी जरूरी है कि उससे पारिस्थितिकी तंत्र पर कितना असर पड़ा है। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में आंकडे़ भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि चाहे तापमान हो, बारिश हो या पारिस्थितिकी से जुड़ी अन्य कोई बात, आंकडे़ बता रहे हैं कि उनमें बहुत ज्यादा चरम स्थिति दिख रही है, जो कि ठीक नहीं है।

वन विभाग की पीसीसीएफ और यूकेएफडीसी की एमडी नीना ग्रेवाल ने कहा कि प्राकृतिक संपदा का उतना ही इस्तेमाल जरूरी है, जितने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने संबोधन में वनों पर आधारित रोजगार, ईको-टूरिज्म की आवश्यकता पर जोर दिया। एटरो रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ नितिन गुप्ता ने कहा कि ई-वेस्ट कोे रिसाइकल करके हम इस समस्या को अवसर में बदल सकते हैं।

इस सत्र के कोऑर्डिनेटर वन विभाग के पीसीसीएफ डा. एसपी सुबुद्धि ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों की ओर से उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। प्रवासी उत्तराखंडियों में डा. मायाराम उनियाल, रामप्रकाश पैन्यूली, सतीश पांडेय और राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिए।

गुरूनानक जयंती पर सीएम ने गुरू सिंह सभा गुरूद्वारे में टेका माथा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक जयंती एवं कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा रेसकोर्स में मथा टेका। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व विशेष रूप से सिख समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु नानक देव ने समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए अपने उपदेशों एवं शिक्षा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। उनका जीवन हमें समाज में भाईचारा, सद्भाव एवं आपसी एकता को बढावा देने की प्रेरणा देता है।

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया अपना संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान आयोजित परिचर्चा में भाग लेते हुए, राज्य गठन की पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान तक का विस्तृत खाका खींचते हुए, सदन के सामने आगामी वर्षों में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।

सभी मुख्यमंत्रियों का योगदान सराहा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अटल सरकार के कार्यकाल में राज्य स्थापना के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा राज्य को विशेष आर्थिक पैकेज प्रदान किया गया। जिसके माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री स्व नित्यानंद स्वामी और भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ पर्यटन विकास, औद्योगिक विस्तार और आर्थिक सुधारों का नया दौर प्रारंभ हुआ। उसके बाद वर्ष 2002 में राज्य के प्रथम विधानसभा चुनाव के बाद स्व. नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनी। उनके नेतृत्व में राज्य में प्रशासनिक स्थिरता स्थापित करने, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे के विस्तार की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 2007 के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का कार्यकाल ‘’सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व’’ की नीति पर केंद्रित रहा। इसके पश्चात डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के मुख्यमंत्रित्व काल में भी कई ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से राज्य का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया गया।

इसी क्रम में वर्ष 2012 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता ने कांग्रेस पार्टी को सत्ता सौंपी, ये कालखंड राज्य के लिए राजनीतिक अस्थिरता, प्राकृतिक आपदाओं और विभिन्न चुनौतियों का दौर रहा। इसी दौरान केंद्र सरकार के सहयोग से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए, जिन्होंने 2013 की भीषण आपदा के बाद श्रद्धालुओं के विश्वास को पुनर्स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। जबकि वर्ष 2017 में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से विजय प्राप्त हुई, जिसमें त्रिवेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर मिला। उनके नेतृत्व में राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण सुधार प्रारंभ किए गए। उनके पश्चात तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालते हुए अल्प अवधि में ही हरिद्वार कुंभ जैसे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजन का कोरोना जैसी महामारी के बीच सफल आयोजन कराया।

कठिन चुनौतियों के बीच निभाई जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2022 में कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदा के दौर और विधानसभा चुनाव से मात्र सात माह पूर्व उन्हें राज्य के मुख्य सेवक के रूप में दायित्व संभालने का अवसर मिला। उस अल्पावधि में अनेकों चुनौतियां थीं, ऐसे में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से उन्होंने राज्य में चल रही विभिन्न नीतियों और योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए राज्य को नई दिशा देने का प्रयास किया। जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता ने राज्य के इतिहास में पहली बार किसी एक दल को दूसरी बार भारी बहुमत से विजयी बनाकर पुनः राज्य की सेवा करने का अवसर प्रदान किया। उसके बाद से सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके सपनों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित होकर कार्य कर रही है।

प्रगति के पथ पर उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने सरकार के काम काज का विस्तार से विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के साधनों को बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक नई नीतियों को बनाकर प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत करते हुए राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का प्रयास किया गया है। इन प्रयासों से नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में हमारे प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। आज प्रदेश की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। आज राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना बढ़ोतरी हुई है। राज्य गठन के समय हमारी अर्थव्यवस्था का आकार 14 हजार 501 करोड़ रुपए था, जो 2024-25 में बढ़कर 3 लाख 78 हजार 240 करोड़ रुपये होने जा रहा है। इसी प्रकार राज्य गठन के समय हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 15 हजार 285 रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 2 लाख 74 हजार 64 रुपए के करीब है।

डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को बनाया ग्रीष्मकालीन राजधानी
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का काम किया। उन्होंने स्वयं गैरसैंण के सारकोट गाँव को गोद लिया है, प्रतिपक्ष के साथियों को वहां जाकर जायजा लेना चाहिए। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन कर 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौते किए।

किसान कल्याण के लिए समर्पित
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। एक ओर जहां प्रदेश में किसानों को तीन लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराई जा रही है, वहीं कृषि उपकरण खरीदने हेतु ’’फार्म मशीनरी बैंक’’ योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।

तीर्थाटन के साथ पर्यटन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। आज जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण हेतु विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। वहीं ऋषिकेश और हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर पर भी कार्य किया जा रहा है।

देवभूमि बनी खेल भूमि
उन्होंने कहा कि सरकार देवभूमि को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इसी वर्ष राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इन खेलों में उत्तराखण्ड ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। जिसके अंतर्गत सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

इंफ्रा प्रोजेक्ट में तेजी
उन्होंने कहा कि आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना द्वारा पहाड़ों तक रेल पहुंचाने का वर्षों पुराना हमारा सपना साकार होने जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में रोपवे विकास की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाओं का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है। डबल इंजन सरकार’’ द्वारा उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर हवाई सेवाएं सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए प्रयासरत है। जहां एक ओर राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, वहीं देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी विभाग स्थापित करने के साथ ही हल्द्वानी में राज्य के प्रथम आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य भी चल रहा है। हालांकि अभी हमें स्वास्थ्य क्षेत्र में और अधिक काम करने की आवश्यकता है।

लंबित समस्याओं का निदान किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के पश्चात हमारे समक्ष ऐसी बहुत सी समस्याएं थीं, जिनका यदि समय पर समाधान हो जाता तो आज उत्तराखंड की स्थिति ओर अधिक मजबूत होती। इसी क्रम में मुख्य सेवक का दायित्व संभालने के पश्चात, उन्होंने देखा कि हमारे राज्य के युवा नकल माफियाओं के कारण दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। इसलिए सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल कानून लाकर हमने नकल माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 चार वर्षों के अपने कार्यकाल में हम रिकॉर्ड 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान करने में सफल रहे।

साफ नीयत स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि वो साफ नीयत, स्पष्ट नीति और पारदर्शी प्रक्रिया के साथ शासन चलाने का संकल्प लेकर कार्य कर रहे हैं। आज उत्तराखंड में न तो किसी घोटालेबाज़ को संरक्षण मिलता है, न किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा जाता है। आज भ्रष्टाचारियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही करते हुए प्रदेश के इतिहास में पहली बार आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित पिछले चार वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की है।

राज्यहित में लिए दूरगामी निर्णय
उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्यहित में अनेक ऐसे ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा। सरकार ने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर सुनिश्चित करने का काम किया। डेमोग्राफी बदलाव रोकने के लिए सरकार ने प्रदेश में जहां एक ओर ’’धर्मांतरण विरोधी कानून’’ बनाया, वहीं लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे कुकृत्यों को रोकने के लिए भी सख्त कार्रवाई की। प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगा रोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया। साथ ही देवभूमि के मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से राज्य में सख्त भू-कानून लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लेने का भी काम किया। सरकार ने राज्य में मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है।

उत्तराखंड को बनाएंगे देश का श्रेष्ठ राज्य
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड ने अपनी इन 25 वर्षों की यात्रा में अनेकों उतार चढ़ावों का सामना सफलतापूर्वक किया है, उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता के सहयोग से हम आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।

राष्ट्रपति का जताया आभार
इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का सदन की ओर से आभार व्यक्त करने के साथ, देश के अमर शहीदों, राज्य आंदोलनकारियों और राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी सदन की ओर से नमन किया।

काशीपुर में आयोजित हुआ राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन, सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की रजत जयंती वर्ष समारोह की श्रृंखला में काशीपुर में राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने 46 करोड़ 24 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया तथा दिव्यांग सशक्तिकरण कौशल विकास वाहन व नगर निगम काशीपुर के 14 कूड़ा एकत्रित करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में, जब हमारे शहर अपने स्वरूप में ढल रहे थे, तब हमारे निकायों के सामने बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक संसाधनों का भी अभाव हुआ करता था। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं ने भी विकास कार्यों की गति को अत्यधिक प्रभावित किया। परंतु इन 25 वर्षों की इस गौरवमयी यात्रा में हमारे राज्य ने अनेकों चुनौतियों का सामना करते हुए विकास, समृद्धि और सुशासन के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी राज्य की आत्मा उसके गाँवों में बसती है तो शहरों में हमारे नागरिकों के सपने और आकांक्षाएँ आकार लेते हैं। इसी सोच के साथ हमने शहरी विकास को अपनी प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है। आज हमारे नगर स्वच्छता, सड़क व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उत्तराखण्ड का नगरीय स्वरूप तेजी से बदला है। वर्ष 2001 में जहाँ राज्य की शहरी जनसंख्या लगभग 16 प्रतिशत थी, वहीं आज यह बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। यही नहीं, राज्य गठन के समय राज्य में केवल 63 स्थानीय निकाय थे और देहरादून एकमात्र नगर निगम हुआ करता था, लेकिन आज राज्य में 107 नगरीय निकाय और 11 नगर निगम शहरों के विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के समय शहरी विकास विभाग का बजट जहाँ केवल 55 करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर 13 सौ करोड़ रुपये से भी अधिक हो गया है। बीते 25 वर्षों में हमारे शहरों ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान की है, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के अनेक अवसर भी सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर चलते हुए भारत को विकास और समृद्धि की नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढाँचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने खुद के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखण्ड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार साढ़े 82 करोड़ रुपये की लागत से 52 स्थानीय निकायों में 115 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि काशीपुर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के अंतर्गत आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी किया जा रहा है। इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करने एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 1100 करोड़ रुपये की लागत से औद्योगिक हब परियोजना एवं 100 करोड़ रुपये की लागत से अरोमा पार्क परियोजना भी संचालित की जा रही है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, अन्य जनप्रतिनिधि, सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा उपस्थित थे।

एफआरआई देहरादून में 9 नवम्बर को होगा उत्तराखण्ड रजत जयंती उत्सव का मुख्य कार्यक्रम, पीएम रहेंगे मौजूद

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 9 नवम्बर को प्रदेशभर में भव्य रजत जयंती उत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) में आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रतिभाग करने के उपरांत सीधे एफआरआई पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, दर्शक दीर्घा, यातायात प्रबंधन, सांस्कृतिक मंच और स्वागत तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य स्थापना दिवस का यह ऐतिहासिक अवसर गरिमामय और व्यवस्थित तरीके से मनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड की 25 वर्ष की विकास यात्रा, संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सानिध्य में यह रजत जयंती समारोह प्रदेश के लिए प्रेरणादायक अवसर होगा।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरुप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं शासन – प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

स्थापना दिवस पर पीएम दौरे को लेकर सीएस ने ली तैयारियों की जानकारी

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने एफआरआई देहरादून जाकर उत्तराखण्ड रजत जयंती समारोह के दौरान 09 नवम्बर को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर सभी संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नौ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जायें।

मुख्य सचिव ने कहा कि 9 नवम्बर को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में लगभग 60 से 70 हज़ार लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कि जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि आमजन को प्रवेश और निकासी में किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए यातायात और पार्किंग प्लान को वृहद स्तर पर बनाया जाए ताकि आमजन के कार्यक्रम में पहुंचने के साथ ही, शहर के यातायात में किसी प्रकार की समस्या ना हो।

इस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगौली, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, ज़िलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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उत्तराखंड पुस्तक मेला का सीएस बर्द्धन ने किया शुभारंभ

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून के दून पुस्तकालय एवं शोध संस्थान में उत्तराखण्ड पुस्तक मेला का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशन संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमें किताबों पढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। आज के युवा वर्ग को और हम सभी को किताबों से दोस्ती करनी चाहिए।

इस अवसर पर पूर्व मुख्य सचिव एन. एस. नपलच्याल, एन. रविशंकर, राधा रतूड़ी एवं पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी भी उपस्थित थे।

सीएस ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुम्भ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला 2027 से सम्बन्धित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने फेज-1 में अति आवश्यक प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता पर लेने की बात कही। कहा कि कार्यों को समय से पूर्ण कराए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों के शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, शीघ्र शासनादेश जारी किए जाएं। जिनके शासनादेश जारी हो गए हैं, और टेण्डर प्रक्रिया हो चुकी है, उन कार्यों को शीघ्र शुरू कराया जाए। उन्होंने मनसा देवी मंदिर के फेज-1 का कार्य शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह के अंदर इसका शासनादेश जारी किया जाए। उन्होंने कांगड़ा घाट में महिलाओं के लिए घाट की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि घाटों पर श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास अलग-अलग स्थान पर होता है, जिससे जूते और सामान वापस लेने के लिए श्रद्धालुओं को फिर से वहीं वापस आना पड़ता है, जिससे अनावश्यक भीड़ होती है। उन्होंने घाटों के पास श्रद्धालुओं को जूते और सामान रखने के लिए एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार किए जाने निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एग्जिट पॉइन्ट पर उनके जूते और सामान मिल जाए। उन्होंने सचिव लोनिवि को इसकी जिम्मेदारी सौंपी।

मुख्य सचिव ने पंतद्वीप और चमगादड़ टापू का ड्रेनेज प्लान सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किये जाने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग रानीपुर मोड़ और भगतसिंह चौक के जल भराव की समस्या का समाधान निकालते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करे।

मुख्य सचिव ने हरिद्वार में घाटों के लिए वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसका स्थायी समाधान निकाले जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हर की पैड़ी का वेस्ट मैनेजमेंट गंगा सभा करती है। अन्य घाटों के लिए भी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए थर्ड पार्टी मूल्यांकन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की लगातार जांच की जाए, मूल्यांकन एजेन्सी से साप्ताहिक रिपोर्ट संकलित की जाए एवं उसका अध्ययन कराया जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अद्धांकी, युगल किशोर पंत एवं मेलाधिकारी सोनिका सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

देहरादून इंदिरा मार्केट व आढ़त बाजार के कार्यों में लायी जाए तेजीः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर के मोबिलिटी प्लान से सम्बन्धित एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण की बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने देहरादून शहर के लिए यातायात संकुलन योजना की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को मोबिलिटी प्लान के तहत सुधारीकरण के लिए चिन्हित स्थानों में सुधार प्रक्रिया शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले एक माह में कार्य शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर एनफोर्समेंट बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को लगातार इसकी मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि लगातार नई पार्किंग स्थल चिन्हित कर तैयार किए जाएं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को अंडरग्राउंड पार्किंग पर भी कार्य किए जाने की बात कही। कहा कि अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए सचिवालय एवं परेड ग्राउंड के साथ ही चकराता रोड पर उपलब्ध स्थानों की फिजिबिलिटी स्टडी करवा ली जाए। उन्होंने सीएमपी में दिए गए सुझावों और नए चिन्हित सम्भावित पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने इंदिरा मार्केट एवं आढ़त बाजार के कार्यों की प्रगति की जानकारी भी विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने आढ़त बाजार भूमि आबंटन प्रक्रिया नवंबर तक पूर्ण कर शीघ्र अग्रेत्तर कार्यवाही शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इंदिरा मार्केट के फेज-1 और फेज-2 के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों कार्यों के लिए टाईमलाईन निर्धारित कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि नई बसें शीघ्र संचालित किए जाने के साथ ही यातायात नियमों के प्रति सजगता बढ़ाए जाने की दिशा में भी लगातार कार्य किए जाने पर बल दिया जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव विनीत कुमार, रीना जोशी, एमएनए नमामी बंसल एवं उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

राज्य के विभिन्न विकास कार्यो के लिए सीएम धामी ने किये 2838.45 लाख रूपये स्वीकृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में जनहित एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनेक योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के अनुरूप प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

जनपद देहरादून की दक्षिण शाखा के अंतर्गत झाझरा जाने वाले लक्ष्मण चौक क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों के प्रतिस्थापन, बैराज मेहलगांव चौक तक पुनर्निर्माण कार्य हेतु ₹ 495.77 लाख (चार करोड़ पचानवे लाख सतहत्तर हज़ार मात्र) की योजना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके साथ ही जनपद देहरादून की पिथुवाला शाखा के अंतर्गत श्रद्धा एन्क्लेव में सीवर लाइन परिवर्तन एवं संपूर्ण एन्क्लेव और प्रीयदर्शिनी एन्क्लेव में एस.टी.पी. एवं नेटवर्क निर्माण कार्य हेतु ₹ 243.14 लाख (दो करोड़ तैंतालीस लाख चौदह हज़ार मात्र) की योजना को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

जनपद नैनीताल के विकासखण्ड हल्द्वानी स्थित गौलापार क्षेत्र में इंदिरा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (स्टेडियम) की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्य के लिए ₹ 1455.09 लाख (चौदह करोड़ पचपन लाख नौ हज़ार मात्र) की योजना को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत किया गया। इसके प्रथम चरण हेतु 40 प्रतिशत धनराशि ₹ 582.00 लाख (पांच करोड़ बयासी लाख मात्र) की धनराशि जारी करने की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जनपदों को अनुदान धनराशि स्वीकृत की गई। जिसमे चम्पावत को 20.00 करोड़, ऊधम सिंह नगर को 5.00 करोड़, टिहरी गढ़वाल को 10.00 करोड़, निदेशक, यू॰एल॰बी॰एम॰एस॰ओ॰ देहरादून को 0.50 करोड़, देहरादून (अन्य मदों हेतु) 1.41 $ 0.75 करोड़ इस प्रकार कुल स्वीकृत धनराशि रू ₹ 37.66 करोड़ (सैंतीस करोड़ छियासठ लाख मात्र) है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित राष्ट्रीय भूकंप जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को प्रेषित किए जाने हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारा संकल्प है कि उत्तराखंड के विकास की धारा गांव-गांव और हर घर तक पहुंचे। राज्य के नागरिकों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकताएं हैं। इन योजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी ठोस सुधार होगा। सरकार पारदर्शिता और त्वरित क्रियान्वयन के साथ हर योजना को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।”

शारदा कॉरिडोर बनेगा श्रद्धा, संस्कृति और समृद्धि का केंद्रः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा लोहियाहेड स्थित कैंप कार्यालय में “शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना” की विस्तृत समीक्षा बैठक की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी कार्यों को जनता की अपेक्षाओं एवं स्थानीय आस्था के अनुरूप करने के निर्देश दिए।

शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना का उद्देश्य लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का समग्र विकास करना है, जिससे यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त और आकर्षक बन सके।

मुख्यमंत्री ने परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 38 प्रमुख कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यों में शारदा घाट का पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज प्लान-1, रणकोची माता मंदिर का पुनरुद्धार, बनबसा में हेलीपोर्ट का विकास, चूका से चल्थी माउंटेन बाइक ट्रेल निर्माण, बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा बाजार का विकास, श्रद्धा पथ नदी तट का सौंदर्यीकरण, शारदा रिवरफ्रंट के लिए मास्टर प्लान और एयरो स्पोर्ट्स सुविधाओं का सृजन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण एवं हस्तांतरण कार्यों को शीघ्रता एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित समयांतराल में निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में पर्यावरण संरक्षण सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और डिज़ाइन एवं ढाँचा क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति एवं स्थापत्य शैली के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को क्षेत्र में स्थानीय कार्यालय स्थापित करने के भी निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों में तेजी आए और अनावश्यक विलंब न हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि भविष्य में लोहाघाट स्थित विवेकानंद सर्किट का विकास एवं माँ वाराही धाम को स्पिरिचुअल ज़ोन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त क्षेत्र को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने तथा सेना, पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के वीर शहीदों के सम्मान में “शौर्य स्थल” विकसित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य टनकपुर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को सहेजते हुए, पर्यटन, पर्यावरण एवं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्थानीय रोजगार संवर्धन एवं जनजीवन स्तर सुधार का माध्यम बनेगी।

इस परियोजना में कुल लगभग ₹3300 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है तथा योजना के निर्माण हेतु त्वरित गति से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह परियोजना टनकपुर शहर को नई पहचान देने में सहायक सिद्ध होगी।

बैठक में जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, जिलाधिकारी उधम सिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, अपर जिलाधिकारी चम्पावत कृष्णा नाथ गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।