सीएम ने ‘‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’’ की अधिकारियों को दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘‘सतर्कता-हमारी साझा जिम्मेदारी’’ थीम पर आधारित जन जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह जन जागरूकता कार्यक्रम प्रदेशभर में राज्य स्थापना दिवस 09 नवम्बर 2025 तक चलाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी का स्मरण करते हुए कहा कि पटेल जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारत की एकता, अखंडता और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का केवल संकल्प ही नहीं लिया, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का कार्य भी किया है। उनके नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। शासन-प्रशासन को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के लिए जन-केंद्रित बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य गठन के बाद सतर्कता विभाग द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए 339 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पिछले तीन वर्षों में सतर्कता विभाग द्वारा 78 भ्रष्टाचारियों के साथ ही अन्य मामलों में 27 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और शासन व्यवस्था को पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से टोल फ्री नंबर 1064 संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से बीते तीन वर्षों में दस हजार के करीब शिकायतें दर्ज की गई, जिनमें 62 शिकायतों में ट्रैप और 4 शिकायतों में खुली जांच की कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो भी भ्रष्टाचार करेगा वह सलाखों के पीछे होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों द्वारा इस अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि समाज और प्रशासन की मजबूती के लिए सभी कार्मिकों का अपने कार्यों में सत्यनिष्ठा, ईमानदार और अनुशासित होना आवश्यक है। कार्य के प्रति अनुशासन होने से भ्रष्टाचार स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पिछले चार वर्षों में सराहनीय प्रयास किए गए हैं। इस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, निदेशक सतर्कता वी. मुरूगेशन, सचिवगण तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी से हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष ने की भेंट, जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान बिंद्रा ने हेमकुंट साहिब यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग के लिये मुख्यमंत्री, राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विशेष सहयोग एवं व्यवस्था हेतु समय-समय पर दिए गये निर्देशों के फलस्वरूप श्री हेमकुंट साहिब यात्रा सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस वर्ष भारत तथा विश्व भर से रिकॉर्ड़ 2,75,000 श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में सम्मिलित हुए। प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के बावजूद यात्रा का कुशलता पूर्वक प्रबंधन किया गया। यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था व सुविधाओं तथा समन्वय हेतु किये प्रयासों के लिये श्रद्धालुओं द्वारा व्यापक सराहना की गयी। बिंद्रा ने आगामी यात्राओं के लिए आधारभूत संरचना तथा लॉजिस्टिक्स संबंधी कुछ महत्वपूर्ण सुधारों पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया कि अगली यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व आवश्यक कदम प्राथमिकता के साथ उठाए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे चारधाम के साथ ही हेमकुंट साहिब यात्रा का भी बड़ा महत्व है। हिमालय की ऊंचाई पर स्थित यह पावन स्थल राज्य की पहचान है। राज्य सरकार द्वारा राज्य के तीर्थ स्थलों का विकास एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के दृष्टिगत प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गयी है। उन्होंने कहा कि गोविंदघाट से हेमकुंट साहिब तक रोपवे बनने से हिमालयी क्षेत्र की यात्रा और अधिक सुगम हो जायेगी।

ज्ञातव्य है कि हेमकुंट साहिब यात्रा प्रारंभ होने से मात्र दो माह पूर्व गोविंदघाट को हेमकुंट यात्रा मार्ग से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल भारी भूस्खलन में पूर्णतः ध्वस्त हो गया था। मुख्यमंत्री जी के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप तथा प्रभावी नेतृत्व में समय से पूर्व नया घाटी पुल बनकर तैयार हो गया, जिससे संकट टल गया तथा श्रद्धालुओं का निरंतर आवागमन सुनिश्चित हुआ। बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत वर्ष को राज्य में भव्य रूप से मनाने तथा प्रत्येक नागरिक को गुरु महाराज के धर्म एवं मानवता की रक्षा हेतु किए गए अद्वितीय बलिदान से अवगत कराने के निर्देश जारी करने के लिये भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के सतत मार्गदर्शन में हेमकुंट साहिब यात्रा विश्वास, एकता तथा निर्बाध तीर्थ प्रबंधन का प्रतीक बनकर और अधिक उन्नत होगी।

पौड़ी का राइकां रिखणीखाल का नाम गुणानंद के नाम से जाना जाएगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से 11 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की लागत की 06 योजनाओं का लोकार्पण तथा 46.24 करोड़ रुपये की लागत की 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम गुणानंद के नाम पर रखने, विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक का मिलान कार्य करने, विकास खण्ड रिखणीखाल में प्रेक्षागृह का निर्माण करने, विकास खण्ड रिखणीखाल में लो०नि०वि० अतिथि गृह व हैलीपैड निर्माण कार्य, विकास खण्ड जयहरीखाल में न्याय पंचायत मेरूड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना, विकास खण्ड रिखणीखाल के मंदाल नदी से नौदानू में पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड जयहरीखाल में पशु सेवा केन्द्र सिलवाड़, जयहरीखाल पशु चिकित्सालय का उच्चीकरण एवं पशु सेवा केन्द्र ढौंटियाल पशुधन प्रसार अधिकारी पद सहित ग्राम सत्तीचौड़ में स्थापना करने, विधान सभा लैन्सडौन के अन्तर्गत विकास खण्ड रिखणीखाल में मन्दाल नदी पर बाढ सुरक्षा कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में चौलूडांडा पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के भौन में पम्पिंग योजना का निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के अन्तर्गत दिगोलीखाल पम्पिंग योजना का निर्माण, विकासखंड द्वारीखाल में सिमडी कंडली मोटर मार्ग के प्रथम बैंड से सेरा फरसैंगाल तक मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखंड रिखणीखाल में कठवाडा खनसुली खनेताखाल मोटर मार्ग से ढाबखाल बुलेखा मोटर मार्ग तक मिलान कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में लेकुल नाड़ मज्याड़ी मोटरमार्ग का निर्माण कार्य, रिखणीखाल कोटडीसैंण के समीप ग्राम पैयागड़ी रजवी मल्ला विटे मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखण्ड रिखणीखाल में किल्यौखाल से सुन्द्रोली तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में नावे तल्ली में भाग दो का कार्य, देवियोखाल बाजार से मैवणी तक सम्पर्क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य, विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत पाणीसैंण डबराड़ बूथानगर मोटर मार्ग का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल में डॉक्टरों नियुक्ति तथा विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय मोटर मार्गों के नाम करने की घोषणाएं की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टॉल में जाकर ओखली में धान की कुटाई की साथ ही सिलबट्टे पर चटनी पीसने और मट्ठा बिलोने की गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और कहा कि आज देश-दुनिया में पहाड़ी उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम से पहले, मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड का अवलोकन किया और मधुर धुन प्रस्तुत करने के लिए बैंड के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री सहित उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का क्षण है। उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव भारत माता को गर्वित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है। राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को रूपए 10 लाख से बढ़ाकर रुपए 50 लाख कर दिया गया है। साथ ही परमवीर चक्र तथा अन्य पुरस्कार विजेताओं की पुरस्कार राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की गयी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार की सहायता राशि दी जा रही है। सैनिकों को भूमि खरीद पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी के रूप में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। शहीदों के परिजनों को सरकारी सेवा में संयोजन के तहत 28 परिजनों को नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है तथा 13 मामलों की प्रक्रिया प्रचलित है। पूर्व में नौकरी के लिए आवेदन हेतु 02 वर्ष का समय सीमा थी, जिसे बढ़ाकर 05 वर्ष कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन, आधुनिक उपकरण, जैकेट व जूते जैसी सुविधाएँ सैनिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा व पूर्व सीडीएस बिपिन रावत पार्क का निर्माण हो चुका है तथा पौराणिक चारधाम पैदल मार्ग पुनः संचालन, ट्राइडेंट पार्क, पूर्व कलेक्ट्रेट भवन का हेरिटेज निर्माण, सतपुली झील निर्माण तथा धारी देवी पैदल मार्ग पुनः निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिससे राज्य में सुशासन की स्थापना हो रही है।

विधायक महंत दिलीप रावत ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। शहीदों के आंगन की पावन मिट्टी सैन्य धाम के लिए ले जाने हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि रिखणीखाल जैसी वीर भूमि से हमें सदैव प्रेरणा मिलती है। उन्होंने शहीदों, वीर नारियों, गौरव सेनानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का हार्दिक अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने अपील की कि किसी भी समस्या के समाधान हेतु परिजन गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क कर सकते हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रिखणीखाल रेणु रावत, प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

निगम को निराश्रित पशुओं के लिये मिला स्थाई ठिकाना, प्रेस वार्ता कर मेयर ने दी जानकारी

लगातार प्रयासों के बाद नगर निगम को निराश्रित पशुओं के लिए स्थायी ठिकाने की जगह मिल गई है। राजस्व विभाग ने निगम को ग्रामसभा रायवाला में 13 बीघा भूमि आवंटित कर दी है। इसी जमीन पर जल्द ही गोशाला, नंदीशाला और एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी।

नगर निगम कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान मेयर शंभू पासवान ने यह जानकारी दी। बताया कि निगम प्रशासन बीते लंबे समय से भूमि आवंटन के लिए प्रयासरत था। पहले राजस्व विभाग की ओर से भूमि आवंटन के बदले चार करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन निगम के सीमित बजट को देखते हुए निःशुल्क भूमि देने का आग्रह किया गया था। अब राजस्व विभाग ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने बताया कि आवंटित भूमि पर सबसे पहले सुरक्षा दीवार के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद गोशाला, नंदीशाला और एबीसी सेंटर के निर्माण के लिए शासन से बजट स्वीकृति के लिए एस्टिमेट भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले छह महीने मेंयह सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा पर निराश्रित पशुओं को चारापानी और सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि शहरवासियों को भी सड़कों पर घूमने वाले पशुओं से निजात मिलेगी। बैठक में सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 163.52 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लालूरी घियाकोटी क्यार्दा की चली मोटर मार्ग का पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु रु 4.16 करोड़ के साथ रणकौची मन्दिर, चम्पावत हेतु उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लि० द्वारा आगणित धनराशि के सापेक्ष 4.57 करोड़ धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में पेयजल योजना (नई पाईप लाईन एवं ओवर हेड टैंक) के निर्माण कार्य हेतु 05 करोड़, पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-सी) के 120 आवासों के निर्माण हेतु 51 करोड़ तथा लोक सेवा आयोग के भगीरथ आवासीय परिसर में एक बहुमंजलीय इमारत जिसमें टाईप-3 के 20 आवास एवं टाईप-4 के 20 आवास बनाये जाने हेतु 19 करोड, आई०आर०बी० द्वितीय वाहिनी, देहरादून परिसर में टाईप द्वितीय के 120 आवासों के निर्माण हेतु 54 करोड़ के साथ ही राज्य योजना के अर्न्तगत राजभवन, देहरादून में बहुउद्देशीय भवनों का निर्माण कार्य (विद्युतीकरण सहित) कुल 13.73 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य योजना के अर्न्तगत रूद्रप्रयाग के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग में श्री केदारनाथ जी से गरूरचट्टी पैदल मार्ग की छतिग्रस्त दीवारों का पुर्ननिर्माण एवं रैलिंग फिक्सिंग, मलवा सफाई कार्य हेतु 5.22 करोड़, राज्य योजना के अर्न्तगत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा में दमदेवल-गडरी मोटर मार्ग का झलपाड़ी तक पुननिर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य हेतु 3.39 करोड़ एवं मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पौडी के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा के अर्न्तगत चलकुड़िया-मसमोली-सकलोनी-नौखोली मोटर मार्ग किमी0 9 से 12 में पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु 3.45 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों को उत्तरांचल ग्रामीण बैंक ने दिए 35,49,371 रूपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उत्तरांचल ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान बैंक प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए ₹ 35,49,371 की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा समाज के सभी वर्गों द्वारा किया गया सहयोग अत्यंत सराहनीय है और इससे पीड़ितों को राहत प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर बैंक के चेयरमैन हरिहर पटनायक, राजीव प्रकाश, भारती नौडियाल, हरीश कण्डारी, महिपाल डसीला मौजूद रहे।
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सेंट जोसेफ अकादमी ने आपदा पुनर्निर्माण के कार्यों के लिये सीएम को दिए 10 लाख रूपये
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सेंट जोसेफ अकादमी, देहरादून के स्कूल प्रबंधन ने मुलाकात कर आपदा पुनर्निर्माण के कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹10 लाख की धनराशि प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने सेंट जोसेफ अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक आपदा प्रभावित व्यक्ति के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर ब्रदर जोसेफ एम. जोसेफ, ब्रदर एस्टिनस कुजूर, एस. के. नैथानी, सचिन अग्रवाल, भवनेश नेगी मौजूद रहे।

सीएस ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लिया आशीर्वाद, वर्ष 2026 की यात्रा तैयारियों के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने धाम क्षेत्र में विभिन्न फेज़ों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य निष्पादन की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से धाम में चल रहे सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने कहा कि कल, 23 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, उन्होंने निर्देश दिए कि कपाट बंद होने के बाद भी धाम क्षेत्र में सुरक्षा, सामग्री संरक्षण और बर्फबारी की स्थिति में कार्यों के रखरखाव को लेकर पूरी तैयारी रखी जाए।मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि अब से ही अगले यात्रा सत्र 2026 की तैयारी प्रारंभ कर दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं की पूर्व योजना तैयार की जाए ताकि अगले यात्रा सीजन में यात्रियों को और भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा, और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया।।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय और सहयोग से कार्य कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने धाम क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम आज पूरे देश में पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार ,प्रसासन का लक्ष्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि आस्था और सुविधा का संतुलित संगम सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक पवित्र, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य कार्याधिकारी मंदिर समिति विजय थपलियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता डी.डी.एम. विनय झिंकवाण तथा ए.आर.टी.ओ. रुद्रप्रयाग धर्मेंद्र सिंह बिष्ट एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मानवीय संवेदनशीलता दिखाकर सीएम ने ब्लड कैंसर पीड़ित बालक के उपचार को परिजनों से की वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार (जिला पौड़ी गढ़वाल) निवासी प्रीति नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनके 12 वर्षीय पुत्र सुशांत नेगी के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।

प्रीति नेगी ने अपने पुत्र, जो ब्लड कैंसर से पीड़ित है, के उपचार हेतु सहायता की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक पत्र प्रेषित किया था। पत्र का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से नेगी से संपर्क साधा और बालक सुशांत के उपचार की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़ी है और किसी भी असहाय परिवार को अकेला महसूस नहीं होने देगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा सुशांत के उपचार में हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर बालक के उपचार हेतु यथाशीघ्र मदद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसके उपचार में कोई बाधा न आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह कदम प्रदेश में जनसरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता का एक और उदाहरण है।

सीएम धामी ने पुलिस स्मृति दिवस परेड के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के सुअवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के समस्त कार्मिकों को एक विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने, आगामी 3 वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए की धनराशि दी जाने, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु पुलिस कल्याण निधि के अन्तर्गत वर्तमान में प्रावधानित ढाई करोड़ रुपए की धनराशि को पुनरीक्षित करते हुए आगामी एक वर्ष के लिए साढ़े चार करोड़ रुपए किए जाने एवं भवाली, नैनीताल, ढालमल्ला, काण्डा, बागेश्वर, नैनीडांडा, धुमाकोट, पौड़ी, घनसाली, टिहरी, सतपुली और पौड़ी में एसडीआरएफ के जवानों हेतु 5 बैरकों का निर्माण कराए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्यों के पुलिस बलों और अर्धसैनिक बलों के जवानों पर है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए बीते एक वर्ष में, संपूर्ण भारत में 186 अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के 4 वीर सपूत भी शामिल हैं। सभी वीर बलिदानी हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद हैं, उनका बलिदान हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, राज्य की पुलिस व्यवस्था को और भी अधिक सक्षम और संसाधन युक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार, पुलिस बल के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के अंतर्गत फत्ज् का गठन किया गया है। सरकार ने विगत तीन वर्षों में पुलिस विभाग के भवनों के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है। ये राशि पूर्व वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है। प्रशासनिक भवनों के साथ 688 आवासीय भवनों का निर्माण कार्य गतिमान है। शीघ्र ही हम 120 नए आवासों का निर्माण भी प्रारंभ करने जा रहे हैं। सरकार ने स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने के लिए जवानों के बैरक मैस और कार्यस्थलों के अपग्रेडेशन के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई है। सरकार ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत समस्त पुलिस कर्मियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों की पदोन्नति प्रक्रिया को समयबद्ध किया गया है। इस वर्ष 356 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विभिन्न श्रेणियों में पदोन्नत किए गए हैं। विभिन्न श्रेणी के 115 रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए भी कार्यवाही गतिमान है जिन्हें शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इस वर्ष हमारे 215 कर्मियों को विशिष्ट कार्य एवं सेवा के लिए विभिन्न पदक एवं सम्मान चिन्हों से अलंकृत किया गया है। राज्य सरकार पुलिसकर्मियों की कैपेसिटी बिल्डिंग की दिशा में भी लगातार काम कर रही है। प्रशिक्षण संस्थानों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रहे हैं। पीटीसी नरेंद्र नगर को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। एआई और साइबर सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण के लिए पुलिस कर्मियों को देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस कर्मियों के वेतन, भत्ते, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, और अवकाश से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। सरकार ने आपदा राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसडीआरएफ की एक नई कंपनी की भी स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत 162 नए पदों का सृजन किया गया है। पुलिस उपाधीक्षक सीधी भर्ती के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को वर्तमान में पीटीसी नरेंद्र नगर में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उप निरीक्षक के 222 पदों के साथ-साथ 2000 सिपाहियों की भर्ती भी प्रक्रियाधीन है।

मुख्यमंत्री ने कहा मृतक पुलिस कर्मियों के परिवारों को सहयोग और संबल प्रदान करने के लिए इस वर्ष मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 136 आश्रित परिवारों को विभिन्न पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं। राज्य में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ष्उत्तराखण्ड खेल नीतिष् के तहत कुशल खिलाड़ियों के लिए पुलिस विभाग में विशेष कोटे के माध्यम से भर्तियों का प्रावधान भी किया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से आग्रह करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के लिए समय – समय पर मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा वीर जवानों की वीरता और उनके समर्पण की याद में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की स्थापना की है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को हमारे जवानों की वीरता और साहस की गाथाओं से परिचित कराएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमारे पुलिस जवान हर परिस्थिति में अदम्य साहस का अभूतपूर्व परिचय देते हैं। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है ऐसे में राज्य की शांति और सुरक्षा बनाए रखने में हमारे पुलिसकर्मियों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष उत्तराखंड पुलिस ने कांवड़ यात्रा में लगभग 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं और चारधाम यात्रा में करीब 50 लाख से अधिक भक्तों को सुरक्षित और सुगम यात्रा एवं दर्शन कराने में अद्वितीय योगदान दिया है। वी.आई.पी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के साथ ही राष्ट्रीय खेलों और राज्य में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने सराहनीय कार्य किया। उन्होंने कहा राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे का सामना भी हमारी पुलिस ने अदम्य साहस और तत्परता से किया। जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी।

मुख्यमंत्री ने कहा आधुनिक युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है, पुलिस की भूमिका और भी चुनौतीपूर्ण हो रही है। चोरी, डकैती, हत्या और महिला अपराधों के साथ नशा और साइबर अपराध जैसे नए खतरों का भी सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस की एक त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स ने बीते तीन वर्षों में 6199 से अधिक नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई की है, और लगभग 275 करोड़ रुपये से अधिक के नारकोटिक पदार्थ भी बरामद किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारे लिए साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एआई के आने के बाद पुलिस को इस दिशा में और भी अधिक सजग रहना होगा क्योंकि साइबर अपराधों का स्वरूप अब दिन-प्रतिदिन बदल रहा है। उन्होंने कहा हमें साइबर अपराधियों से मुकाबला करने के लिए एक कदम आगे रहना होगा, और इसके लिए हमारी पुलिस को तकनीकी ज्ञान में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा पुलिस फोर्स ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि, पीड़ितों को लौटाकर उत्तराखंड पुलिस पर जनता के विश्वास को मजबूत किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, बृजभूषण गैरोला, सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा जिलाध्यक्षों से सीएम धामी ने की वर्चुअल बैठक, दी दीपावली की शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में भाजपा जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं और जनता तक राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से पहुँचाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, और इन प्रयासों की जानकारी घर-घर तक पहुँचाना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सभी लोग वोकल फॉर लोकल अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं तथा स्थानीय उत्पादों के उपयोग के लिए लोगों को प्रेरित करें।

मुख्यमंत्री ने सभी पदाधिकारियों से जनता से संवाद बनाए रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के साथ सीधा संवाद ही जनसेवा का सबसे मजबूत माध्यम है, और यही लोकतंत्र की असली शक्ति भी है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।