पौड़ी के आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी में सीएम ने नुकसान की ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेे पौड़ी जनपद के आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से उनका हालचाल जाना एवं आपदा से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में प्रभावितों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की कमी न हो। इससे पूर्व उन्होंने हेलीकाप्टर से थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे भी किया।

मुख्यमंत्री ने नौठा में बुराँसी के आपदा प्रभावित और अन्य ग्रामीणों से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बुराँसी के पांच आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चेक भी दिये। मुख्यमंत्री ने सैंजी गांव में क्षतिग्रस्त रास्ते से गुजरते हुए आपदा प्रभावित परिवारों के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और त्वरित गति से राहत कार्य हेतु उनका आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को ढाँढस बंधाया और कहा कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी खुद को अकेला न समझे, उन्होंने कहा पूरा राज्य पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावितों के पुनर्वास एवं विस्थापन की कार्यवाही त्वरित गति से की जाय। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन करवाए जाने के साथ सर्वप्रथम ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाय। उन्होंने कहा कि राहत केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय, दवाई, राशन की पर्याप्त व्यवस्था की जाय। साथ ही उन्होंने वाडिया इंस्टीट्यूट के माध्यम से सर्वे करने के भी निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात की जाए। ताकि बीमार, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा विशेष रूप से प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार समय से मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार किट और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मा. मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुनर्वास के लिए एक समिति बनाई जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के दुकानों मकानों को क्षति पहुंची है, उनके लिए प्राथमिकता से प्रयास किए जाएं।

जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि क्षेत्र में प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है और तथा राहत सामग्री और धनराशि वितरित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि हर गांव तक प्रशासन की टीम पहुंच रही है और किसी को भी राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

एसईओसी की रेस्क्यू अभियान की समीक्षा में बोले सीएस, सड़क, संचार, विद्युत व्यवस्था बहाल करना प्राथमिकता

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर धराली में संचालित राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। शासन तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर रेस्क्यू अभियान को और अधिक तीव्र गति से संचालित किए जाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द से जल्द बहाल किए जाने को लेकर सचिव लोक निर्माण विभाग तथा बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन के अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए जो भी संसाधन बीआरओ को चाहिए, वह जल्द से जल्द उपलब्ध कराए जाएं। मुख्य सचिव ने मातली को इस पूरे रेस्क्यू अभियान के लिए स्ट्रेटिजिक एरिया बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिकता तय करते हुए सबसे पहले बुजुर्ग, बीमार, महिलाओं और बुजुर्गों को रेस्क्यू करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन करीब साढ़े नौ बजे राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और विभिन्न विभागों तथा एजेंसियों द्वारा धराली में संचालित किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों को गति देने के लिए सड़क, बिजली तथा संचार सेवाओं को बहाल किया जाना अभी सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गंगोत्री, हर्षिल तथा अन्य क्षेत्रों में जो भी यात्री फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है। राज्य सरकार, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, प्ज्ठच्ए छक्त्थ् एवं अन्य सभी एजेंसियां पूरी तत्परता के साथ रेस्क्यू एवं राहत कार्यों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने हेतु लगातार निर्देशित कर रहे हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि जो भी यात्री गंगोत्री, हर्षिल आदि स्थानों में फंसे हैं, उनके लिए भोजन, पानी, बच्चों के लिए दूध के साथ ही अन्य आवश्यक वस्तुओं उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, जीओसी उत्तराखण्ड सब एरिया मेजर जनरल एमपीएस गिल, एडीजी एपी अंशुमन, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, सचिन कुर्वे, आईजी फायर श्री मुख्तार मोहसिन, एसीईओ प्रशासन आनंद स्वरूप, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

चिन्यालीसौंड़ में तैनात रहेंगे चिनूक और एमआई-17

देहरादून। राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए भारतीय सेना द्वारा उपलब्ध कराए गए चिनूक तथा एमआई-17 को चिन्यालीसौंड़ में ही तैनात किया जाएगा ताकि देहरादून से लग रहे अतिरिक्त समय को कम किया जा सके। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में गुरुवार को बैठक के दौरान निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखा जाए

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि धराली आपदा में घायल हुए लोगों को बेहतर से बेहतर उपचार दिया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डॉक्टरों के साथ ही अन्य चिकित्सा स्टाफ तथा दवाइयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सिंगल प्वाइंट आफ कांटेक्ट स्थापित किया जाए ।

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रत्येक स्थल पर सिंगल प्वाइंट ऑफ कांटेक्ट नामित किया जाए ताकि रेस्क्यू अभियान में किसी तरह के भ्रम की स्थिति न रहे। उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में भी सिंगल प्वाइंट ऑफ कांटेक्ट नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसून अवधि में सभी अधिकारियों को 24ग7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

24Û7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से जिलाधिकारियों से प्रदेश में हो रही वर्षा से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली तथा आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान में प्रदेश में मानसून की स्थिति, आने वाले दिनों में मौसम का पूर्वानुमान, अब तक हुई बारिश तथा प्रदेश भर में भूस्खलन के चलते बंद सड़कों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक संसाधन तथा उपकरण तैनात किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए की 15 मिनट के भीतर जेसीबी तथा अन्य सभी आवश्यक उपकरण घटनास्थल पर पहुंच जाए। उन्होंने ग्रामीण सड़कों को तत्परता से खोलने के निर्देश दिए।

युद्धस्तर पर चल रहा रेस्क्यू अभियान-सुमन

देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि गुरुवार करीब एक बजे तक 274 लोगों को गंगोत्री एवं अन्य क्षेत्रों से हर्षिल लाया गया है तथा सभी सुरक्षित हैं। इनमें गुजरात के 131, महाराष्ट्र के 123, मध्य प्रदेश के 21, उत्तर प्रदेश के 12, राजस्थान के 6, दिल्ली के 7, असम के 5, कर्नाटक के 5, तेलंगाना के 3 तथा पंजाब के 01 लोग है। सभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं तथा इनको उत्तरकाशी/देहरादून लाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान तक 135 लोगों को सुरक्षित हर्षिल से बाहर निकाला गया, जिसमें से 100 लोगों को उत्तरकाशी पहुँचाया गया है तथा 35 लोगों को देहरादून सुरक्षित भेजा गया है।इ इस प्रकार कुल 135 लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाया जा चुका है, और 274 लोगों को हर्षिल में सुरक्षित रखते हुए आगे की यात्रा हेतु तैयार किया जा रहा है।

उत्तरकाशी में सीएम ने देर शाम की ने धराली-हर्षिल में गतिमान राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली-हर्षिल में गतिमान राहत एवं बचाव कार्यों की देर शाम को स्मार्ट कंट्रोल रूम उत्तरकाशी में समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान अन्य जनपदों के जिलाधिकारी एवं शासन के उच्च अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री ने आज हर्षिल एवं धराली क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मिले। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने धराली में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को तीव्र गति के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर सभी जनपदों की आपदा तैयारियों की स्थिति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता पर किए जाए तथा प्रभावितों को भोजन,पेयजल,चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को साफ-सफाई, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने अवरुद्ध सड़क मार्ग को यथाशीघ्र खोलने के निर्देश देते हुए कहा कि राहत सामग्री और बचाव दलों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जाए।

जहां तक सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं,वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंच बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सा टीमों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाओं को तत्काल बहाल करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।

’मुख्यमंत्री ने इस आपदा की घड़ी में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह का विशेष रूप से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा समय पर दी गई सहायता से राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकी है।’

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,बीआरओ, सेना स्वास्थ्य,आपदा प्रबंधन,लोक निर्माण,ऊर्जा,जल संस्थान और संचार विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यदि मातृशक्ति को अवसर, संसाधन और सहयोग मिले तो वो स्वयं के साथ परिवार को भी सशक्त बना सकती हैंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय परिसर में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना अन्तर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का समस्त 95 विकासखंडो में शुभारम्भ एवं महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा रक्षाबन्धन पर्व हेतु लगाये गये स्टॉलों का अवलोकन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी को विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों ने राखी बाँधी। मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिला स्वयं सहायता समूहों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्वरोजगार, महिला स्वावलंबन, स्थानीय उत्पादों व हस्तशिल्प में किये जा कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह सिद्ध कर दिया है, कि यदि मातृशक्ति को अवसर, संसाधन और सहयोग मिले तो वो न केवल स्वयं को सशक्त बना सकती है, बल्कि अपने परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकती है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आप सभी ने जो आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है, वो उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है। हमारी सरकार ने मातृशक्ति द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए भी एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित किया है, जिसके अंतर्गत जहां एक ओर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग हेतु 49 ग्रोथ सेन्टरों की स्थापना की गई है।

इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी उद्यमी महिलाये उपस्थित थी।

पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज ने जीवन भर सेवा सबसे बड़ा धर्म है, यह सिखायाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला में 50वाँ निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भक्ति को जन जन तक पहुँचाया है। उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जीवन भर यही सिखाया कि सेवा सबसे बड़ा धर्म है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का संपूर्ण विश्व में व्यापक प्रचार प्रसार हो रहा है। दुनिया हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया राज्य में ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना भी प्रस्तावित है। कॉरिडोर के निर्माण के पश्चात धर्मनगरी हरिद्वार भी काशी और अयोध्या की भांति अपने भव्य स्वरूप में नजर आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। प्रदेश में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया गया है। सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून को भी राज्य में लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में सनातन की आड़ में वेश बदलकर आम लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन के द्वारा ऐसे ढोंगियों और विधर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो वेश बदलकर हमारे सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को श्रीमद्भागवत गीता के बारे में भी बताया जाएगा। इसके साथ दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना भी की गई है।

इस अवसर महंत ललितानंद गिरी महाराज, पंजाब विधानसभा उपाध्यक्ष जय कृष्ण सिंह, हरियाणा के राज्यमंत्री राजेश नागर, स्थानीय विधायक मदन कौशिक, मेयर रुड़की अनीता देवी, दर्जा राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

फ़िल्म बौल्या काका की समस्त टीम को सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में फ़िल्म बौल्या काका के पोस्टर का विमोचन किया। इस फ़िल्म में मुख्य भूमिका में बॉलीवुड अभिनेता हेमंत पाण्डेय नजर आएंगे। फ़िल्म बौल्या काका की शूटिंग राज्य के खूबसूरत और सुदूर गांवों जैसे ग्वालदाम, थराली, तलवाड़ी में की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म की पूरी टीम को फिल्म की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री धामी तथा फ़िल्म की टीम के मध्य राज्य में फ़िल्म निर्माण के अवसर, सम्भावनाओं तथा राज्य सरकार द्वारा फ़िल्म निर्माताओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन व इस क्षेत्र में की गई पहल पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड नई फिल्म नीति लागू की है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करना, युवाओं को रोजगार के अवसर देना और पर्यटन को नई उड़ान देना है। नई नीति के तहत फिल्मों की शूटिंग के लिए आने वाले निर्माताओं को सब्सिडी, टैक्स में छूट और लॉजिस्टिक सहयोग जैसी कई सुविधाएं दी जा रही हैं। यह न केवल फिल्म उद्योग के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास और ब्रांडिंग का भी सशक्त माध्यम बन रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड में फिल्मों के निर्माण को अधिकाधिक प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। सरकार प्रदेश में फ़िल्मों की शूटिंग व टूरिज्म बढ़ाने पर खास ध्यान दे रही है। राज्य सरकार की तरफ से किये गए प्रभावी प्रयासों के सुखद परिणाम भी आने लगे हैं है। प्रतिवर्ष राज्य में अधिक से अधिक संख्या में फ़िल्मों शूटिंग का नया रिकॉर्ड बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को फिल्ममेकिंग हब बनाने के लिए काम तेजी के साथ जारी है। फिल्म निर्माताओं को अब सरकार की तरफ से राज्य की कम पॉपुलर लोकेशन पर शूटिंग करने के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन सब्सिडी दी जाती है। उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों को अवसर देने वाली फिल्मों के निर्माताओं को सरकार स्पेशल सब्सिडी दे रही है।

इस अवसर पर अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा फ़िल्म बौल्या काका के निर्माता, निर्देशक व कलाकारों सहित पूरी टीम भी उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में मातृशक्ति की सेवा में सीएम धामी

सीएम धामी ने कहा कि वे एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में माताओं-बहनों की सेवा में उपस्थित हैं। उन्होंने अपील की कि प्रदेश की किसी भी बहन-बेटी को कभी भी कोई परेशानी हो तो वो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क करें, मुख्यमंत्री का प्रयास रहेगा कि वे स्वयं माताओं व बहनों की परेशानी का संज्ञान लेकर उसका निस्तारण कर एक भाई होने का कर्तव्य निभा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए जल्द ही ’’जल सखी योजना’’ शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन, बिल वितरण, बिल वसूली और योजनाओं के रखरखाव का काम, भी आउटसोर्स के आधार पर महिला समूहों को दिया जाएगा। ये सब केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये बहनों के प्रति मेरी जिम्मेदारी और प्रेम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हरबंस कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल, गढ़ीकैंट, देहरादून में आयोजित रक्षाबंधन समारोह 2025 में सम्मिलित हुए।

रक्षाबंधन समारोह में प्रदेशभर से भारी संख्या में उपस्थित माताओं व बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत चुनावों में व्यापक समर्थन देने के लिए समस्त उत्तराखंड वासियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृ शक्ति के प्रेम और आशीर्वाद से उन्हें प्रदेश की और अधिक सेवा करने हेतु भरपूर ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व पारस्परिक प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व होने के साथ ही हमें हमारे सामाजिक कर्तव्यों का बोध करवाने वाला त्योहार भी है जो बहनों के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों एवं महिलाओं को हर प्रकार से सक्षम, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर कार्य कर रहे हैं। जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और उज्ज्वला योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार देश की बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत करने के साथ-साथ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, शौचालयों के निर्माण, आवास योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता, मातृत्व अवकाश में वृद्धि तथा बेटियों के लिए सेना और सैनिक स्कूलों का रास्ता खुलवाकर उन्हें सशक्त बनाने का काम भी किया है। इसी का नतीजा है कि देश की महिलाएं खेत में अनाज उगाने से लेकर अंतरिक्ष प्रोग्रामों का हिस्सा बनने तक और खेलों में मेडल लाने से लेकर सेना में कमान संभालने तक, हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमनें सरकारी नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देकर रोजगार के क्षेत्र में मातृ शक्ति की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमनें स्वयं सहायता समूहों को करोड़ों रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रदेश की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद हमारे ’’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’’ के जरिए आज विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों ने अपने मेहनत और आत्मबल के दम पर उद्यमिता के क्षेत्र में अपार सफलताएं हासिल की हैं। हमारे राज्य में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक बहनों का लखपति दीदी बनना यह बताता है कि प्रदेश की बहने किसी से भी कम नहीं हैं। महिला समूहों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना से 30 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित होकर 5 करोड़ रुपए से अधिक का करोबार कर चुकी हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उन्हें हर घर शौचालय तथा जल जीवन मिशन जैसी महिलाओं के कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देशभर में महिला सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहा है। सभी योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। उत्तराखंड के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों को केंद्र एवं राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का कार्य किया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष नेहा जोशी सहित भारी संख्या में प्रदेशभर की महिलाएं उपस्थित थी।

सीएम ने सिंचाई विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित 144 अभ्यर्थियों को दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सिंचाई विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित 144 अभ्यर्थियों एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम में मृतक आश्रित कोटे के अंतर्गत 43 पात्र आश्रितों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस प्रकार मुख्यमंत्री ने कुल 187 विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों/आश्रितों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी, निष्ठा, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आवाहन किया। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने लंबे समय से लंबित दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को भी नियुक्तियां देने का काम किया है। बीते वर्ष 150 आश्रितों और आज शेष 43 पात्र आश्रितों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया राज्य सरकार के प्रयासों से 2024 में निगम ने रिकॉर्ड 56 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में भर्तियों में भारी पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार हुआ करता था। राज्य सरकार ने युवाओं की समस्या को देखते हुए देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया। अब राज्य में भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनके कौशल और परिश्रम का पूरा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया बीते साढ़े 3 वर्ष में प्रदेश के 23 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है। अब भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को नहीं छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया है। उन्होंने भी प्रदेशवासियों से स्वदेशी और लोकल उत्पादों का उपयोग करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारा संकल्प और भी सशक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के मंत्र को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा सिंचाई विभाग में चयनित अभ्यर्थी सिंचाई परियोजनाओं के नक्शों और डिज़ाइनों का निर्माण करने के साथ ही भविष्य के विकास की रूपरेखा भी तैयार करते हैं। हमारे राज्य में निरंतर सिंचाई योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। आज चयनित अभ्यर्थी सिंचाई परियोजनाओं के वे जमीनी स्तंभ हैं, जो अपनी तकनीकी कुशलता से किसानों के खेतों तक जल पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा सभी चयनित युवाओं में कई राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण कोटे के तहत भी चयनित हुए। जो सभी के लिए हर्ष का विषय है।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में 23 हज़ार से ज्यादा सरकारी नौकरियों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का काम हुआ है। देश और प्रदेश में बेरोजगारी में बड़ी गिरावट आई है। उन्होंने कहा सिंचाई विभाग में चयनित अभ्यर्थियों की मदद से विभाग और सक्षम होगा, जिससे विकास को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सविता कपूर, सचिव युगल किशोर पंत, अपर सचिव रीना जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं को दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली में जोशीमठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र के स्लोप स्टेबलाईजेशन कार्ययोजना हेतु रू. 516 करोड़ की योजना स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में रू. 40 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्र पोषित जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत गतिमान कार्याे हेतु भारत सरकार से केन्द्रांश के रूप में प्राप्त होने वाली धनराशि की प्रत्याशा में पुनर्विनियोग के माध्यम से रू. 200 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने राज्य की नगर निकायों में 52 स्थलों में ‘‘देवभूमि रजत जयंती पार्क’’ का निर्माण किये जाने हेतु रू. 40.49 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम द्वारा सेल्फ आफ प्रोजेक्ट के अन्तर्गत नाबार्ड, राज्य सेक्टर, ई.ए.पी., रिंग फेसिंग इत्यादि कार्यक्रमों हेतु उत्तराखण्ड पेयजल निगम को रू. 350 लाख एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान को रू. 150 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्र नगर में मुनिकीरेती स्थित रामझूला सेतु के स्ट्रेंथनिंग एवं सुरक्षात्मक कार्य हेतु रू. 11 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का भी अनुमोदन दिया है।

मुख्यमंत्री ने पाँचवें और छठे वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने की स्वीकृति दी

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और राज्य स्वायत्त निकायों/उपक्रमों के उन कर्मचारियों को, जो पांचवें एवं छठे केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागू वेतन बैंड/ग्रेड वेतन में अपने वेतन एवं भत्ते आहरित कर रहे हैं, को उन्हें स्वीकार्य मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को दिनांक 01 जनवरी, 2025 से क्रमशः पांचवें वेतनमान को 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत एवं छठे वेतनमान को 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत प्रतिमाह किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

जल निगम के अंतर्गत तैयार किए जा रहे सीवेज मैनेजमेंट प्लांट्स का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य गंगा समिति की 18वीं बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि गंगा के संरक्षण और कायाकल्प के लिए किए जा रहे सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। कहा कि लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट आदि कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं को गंभीरता से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला गंगा समितियों की बैठकें भी ससमय अनिवार्य रूप से करवा ली जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि जल निगम के अंतर्गत तैयार किए जा रहे सीवेज मैनेजमेंट प्लांट्स का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि नई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की बनाने जाने से पहले इसके लिए गठित समिति की संस्तुति अनिवार्य रूप से ले ली जाए। उन्होंने कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल एवं रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तिलवाड़ा एसटीपी निर्माण में हो रही देरी के लिए संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण आदि कार्यों एक माह में निस्तारित कर कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशभर में सीवेज मैनेजमेंट का अंतर विश्लेषण करवाये जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने गंगा की विभिन्न सहायक नदियों की फ्लड प्लेन ज़ोनिंग और हाइड्रोलॉजिकल सर्वे कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने मॉनिटरिंग सिस्टम को ऑनलाइन किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाय प्रोडक्ट (ैसनकहम) के लिए स्लज मैनेजमेंट प्लान अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए। उन्होंने लेगेसी वेस्ट की बाकी बची ३७ साइट्स को शीघ्र क्लियर किए जाने हेतु कार्य योजना प्रस्तुत किए जाने की बात कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सीसीएफ़ पराग मधुकर धकाते, सदस्य सचिव यूपीसीबी एस पी सुबुद्धि, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं डीजी सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।