सीएम धामी ने विधायक अरविंद पांडेय से उनके आवास पर की मुलाकात

गदरपुर, ऊधम सिंह नगर में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों के स्थलीय निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधायक अरविंद पांडेय के आवास पहुंचकर उनके परिजनों से आत्मीय भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिवारजनों का कुशलक्षेम जाना और आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिवार के नौनिहालों से मिलकर उन्हें स्नेह एवं शुभाशीष प्रदान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

एसआईआर को लेकर 18 जून तक सौ प्रतिशत फार्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदाडे ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनपद देहरादून के निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विधानसभावार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) उपस्थित रहे।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी आरओ एवं ईआरओ को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल दो बार पोर्टल पर लॉगिन कर एसआईआर कार्यों की समीक्षा करें तथा प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि 18 जून 2026 तक शत-प्रतिशत फार्म वितरण का कार्य पूर्ण कर संबंधित विवरण पोर्टल पर अद्यतन किया जाए। साथ ही जो फार्म पूर्ण रूप से भरकर प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाए।

उन्होंने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष कार्ययोजना तैयार कर संबंधित आरओ एवं ईआरओ के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। कम प्रगति के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि हाउसिंग सोसायटियों, कार्यालय परिसरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष शिविर आयोजित कर अधिकाधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार बढ़ाने तथा मतदाताओं को फार्म भरने हेतु प्रेरित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि फार्म वितरण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के साथ-साथ डिजिटाइजेशन कार्यों को भी प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप संपादित किया जाए। जिन मतदान केंद्रों पर प्रगति धीमी है, वहां संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हुए बीएलओ एवं तकनीकी स्टाफ के साथ समन्वय स्थापित कर विलंब के कारणों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में कुल 13,76,813 मतदाता हैं। अब तक 3,27,236 ईएफएस फार्मों का वितरण किया जा चुका है तथा 16,748 फार्मों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हुआ है। शेष 10,49,577 ईएफएस फार्मों का वितरण 18 जून तक किया जाना है, जबकि 13,60,065 फार्मों का डिजिटाइजेशन किया जाना शेष है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा सिंह, उप जिलाधिकारी चकराता, तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित संबंधित आरओ एवं ईआरओ उपस्थित रहे। जबकि आरओ मसूरी/संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में लगातार 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर, प्रधानमंत्री सहित देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशक्त, सक्षम और स्वाभिमानी भारत का सपना सच हो रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड भी नवोदय का संकल्प पूरा कर रही है।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज तीव्र विकास कर रहा है। पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ पक्के घर, 81 करोड़ लोगों को हर माह मुफ्त राशन, 60 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत के तहत निशुल्क उपचार की सुविधा और 40 लाख करोड़ रुपये का गारंटी मुक्त मुद्रा ऋणकृयह सब अंत्योदय को समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मनीषी ही कर सकता है। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले सात दशक तक देश में कुल 3.2 करोड़ घरों में ही नल से पेयजल आपूर्ति हो पा रही थी, अब यह आंकड़ा चार गुना से अधिक बढ़कर 16 करोड़ तक पहुंच गया है। 2014 तक देश के केवल 5 शहर ही मेट्रो ट्रेन से जुड़े थे, अब इन शहरों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। मेट्रो रेल नेटवर्क भी 248 किलोमीटर से बढ़कर 1155 किलोमीटर हो गया है।

दुनिया का नेतृत्व कर रहा भारत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया को हर क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान कर रहा है। दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का 56 प्रतिशत अकेले भारत में हो रहा है। कभी अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर रहने वाला भारत आज रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। अंतरिक्ष से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक, भारत आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी वंदन के अपने संकल्प को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिया है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत की यही नारी शक्ति दुश्मन देश पर भारी पड़ी। कभी देश बाह्य प्रायोजित आतंकवाद के साथ ही देश के अंदर पलने वाले नक्सल आतंक का शिकार था, आज देश नक्सल हिंसा को निर्णायक रूप से नियंत्रित करने के साथ-साथ सीमा पार स्थित आतंकी ढांचों को निशाना बनाने का साहस भी रखता है।

उत्तराखंड बना सबसे बड़ा लाभार्थी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का जो राष्ट्रीय विजन आकार ले रहा है, उसका प्रभाव देश के प्रत्येक राज्य में दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड इसका एक सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने योग्य साबित हुआ है। केंद्र सरकार के सहयोग से आज उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्लीदृदेहरादून एक्सप्रेस-वे ने दिल्ली दृ देहरादून के बीच दूरी और समय, दोनों को कम कर दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से वर्तमान में सितारगंजदृटनकपुर, पौंटा साहिबदृदेहरादून, भानियावालादृऋषिकेश, काठगोदामदृलालकुआंदृहल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।

रेल का सपना सच होने के करीब
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष प्रयासों आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है, इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में उत्तराखंड में हवाई सेवाएं भी सुदृढ़ हुई हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया जा चुका है। उड़ान योजना के तहत प्रदेश में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। वर्ष 2022 तक जहां राज्य में केवल दो हेलीपोर्ट थे, वहीं आज उनकी संख्या बढ़कर सात हो चुकी है। हेलीपैड की संख्या भी लगभग दोगुनी होकर 118 तक पहुंच गई है।

आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान
अपने संदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से पर्वतमाला परियोजना के माध्यम से उत्तराखंड में रोपवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे परियोजनाएं प्रदेश के पर्यटन और तीर्थाटन को नई दिशा देंगी। चारधामों के साथ-साथ उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों के पुनरोद्धार और पुनर्विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पुनर्विकास परियोजनाएं तथा मानसखंड मंदिर माला मिशन इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से जमरानी, सौंग और लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिससे सिंचाई, पेयजल और ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे। किच्छा में एम्स सैटेलाइट सेंटर का कार्य प्रारंभ हो चुका है। एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है, जो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अभिनव पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सब विकसित भारत के अमृतकाल में प्रवेश कर चुके हैं, ऐसे में उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह इस परिवर्तन यात्रा का सक्रिय सहभागी बने। तभी प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व का मार्गदर्शन करने वाला राष्ट्र बन सकेगा।

देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तहसील कालाढुंगी के नमस्ते कॉर्बेट रिज़ॉर्ट धनपुर धमोला पहुंचकर ललित फाउंडेशन के पंचम अधिवेशन ष्अभिव्यंजनाष् 5ऽ0 का दीप जलाकर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि ये केवल एक कवि सम्मेलन नहीं बल्कि विचारों, भावनाओं और सृजनशीलता को अनुभव करने का एक अभिनव अवसर है। उन्होंने कहा कि कवि केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते बल्कि वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं क्योंकि, कवि की रचनाएं समाज को दर्पण दिखाने का काम करती हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज उलझनों से घिरता है, तब कवि अपनी लेखनी से न केवल समाज को नई दिशा दिखाने का काम करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास भी करता है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी तभी गति मिली जब हमारे कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से देशवासियों को स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया और आज ऐसे ही राष्ट्रभक्त एवम् विशिष्ट कवियों का समुच्चय हमारे सम्मुख उपस्थित है। जिनकी वाणी में विरह है तो प्रेम भी है, विद्रोह है तो देशभक्ति भी है, हास्य है तो भक्ति भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ओर जहां डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी लेखनी और विशिष्ट प्रस्तुति शैली के माध्यम से कविता को नई पहचान दी है, वहीं पदमश्री अशोक चक्रधर जी की रचनाएँ हास्य, व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. हरिओम पंवार जी की ओजस्वी कविताएँ राष्ट्रभक्ति और जनचेतना की सशक्त अभिव्यक्ति हैं, जो हर श्रोता को ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करती हैं।

उन्होंने कहा कि सभी कवियों ने कविताओं को विशिष्ट मंचों से निकालकर जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करने के साथ-साथ युवाओं को साहित्य से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से साहित्य, संस्कृति और सृजन की भूमि रही है। हिमालय की गोद में बसी इस पावन धरती ने अनेक ऐसे साहित्यकार, कवि और लोकचिंतक दिए हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे सुमित्रानंदन पंत जी की प्रकृति-साधना हो, चंद्रकुंवर बर्त्वाल जी की काव्य चेतना हो, गिर्दा की जन सरोकारों को उठाती रचनाएं हों, शैलेश मटियानी जी का उत्तराखंडी लोकजीवन का सशक्त चित्रण हो, गौरा पंत ‘शिवानी’ जी की साहित्य-साधना हो, मोहन उप्रेती जी द्वारा लोक संस्कृति के संरक्षण का अद्भुत प्रयास हो।
उन्होंने कहा कि देवभूमि ने अपनी साहित्यिक चेतना और सृजनधारा से सदैव देश-विदेश के साहित्य प्रेमियों को आकर्षित किया है। उत्तराखंड की साहित्यिक परंपरा आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा दे रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज और साहित्य के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रहे कवि, कवित्रियों एवम् साहित्यकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ये सम्मान मात्र व्यक्तियों का नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली सोच का सम्मान है। उन्होंने सम्मानित होने वाले सभी समाजसेवियों और साहित्यकारों को हार्दिक बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहॉं ऐसे प्रख्यात कवि उपस्थित हैं, जो प्रस्तुति देते हैं तो उनकी कविताएँ मात्र पंक्तियाँ नहीं रह जातीं, बल्कि जनमानस के लिए प्रेरणा और परिवर्तन का स्वर बन जाती हैं। उन्होंने साहित्य संगम को एक नई चेतना, नई ऊर्जा और अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ और आगे लेकर जाने का आह्वान किया।इससे पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा देवभूमि आगमन पर इस कवियों एवं साहित्यकारों का स्वागत किया।

इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी बंशीधर भगत, कवि डॉ कुमार कुमार विश्वास, पद्मश्री अशोक चक्रधर, डॉ हरिओम पवार सहित देश के विभिन क्षेत्रों से आए कवि एवं साहित्यकार व अन्य उपस्थित रहे।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आईआरबी बेलपडाव, रामनगर पहुंचने पर विधायक बंशीधर भगत, बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, उपाध्यक्ष गणेश रावत, दर्जा राज्यमंत्री सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, सुरेंद्र नामधारी, हुकुम सिंह कुँवर आयोग के सदस्य ज़ेडए वारसी, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका स्वागत किया।

पीएम मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सीएम धामी ने अपनी माता के नाम से किया पौधा रोपित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद नैनीताल के भीमताल में झील सौंदर्यीकरण अभियान कार्यक्रम में प्रतिभाग कर भीमताल झील परिक्षेत्र में पौध रोपण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई देते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति संकल्पबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति और जीवन शैली का प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। हमारे लोकपर्व, परम्पराएं और जनजीवन सदैव पर्यावरण संरक्षण के मूल्यों को सुदृढ़ करते रहे हैं। यह दिवस प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और संरक्षण की भावना को प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें एकजुट होकर प्रकृति के संरक्षण की दिशा में भी चिन्तन करना होगा। उन्होंने कहा कि नैनीताल जिला झीलों के नाम पर विश्वविख्यात है, यहॉं देश विदेश से वर्षभर पर्यटक आते हैं। झीलों का संरक्षण व सवर्धन सरकार की प्राथमिकता में है। इसी उद्देश्य से भीमताल झील किनारे फूलों के पौध रोपित करने के साथ ही इसका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहॉं की झीलों की देश-विदेश में विशिष्ट पहचान है। राज्य सरकार इस धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि इस मानसून में प्रत्येक नागरिक अधिक से अधिक पौधारोपण करने के साथ ही पौधों एवं जल स्रोतों के संरक्षण, नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने के लिए आगे आएं। उन्होंने इस अभियान में सभी से सक्रिय भागीदारी की भी अपील की है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता बिसना देवी के नाम से एक बोगनबेलिया का पौधा रोपित किया गया।

इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार में शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन व जलागम प्रबंधन मंत्री रामसिंह कैड़ा द्वारा भी अपनी स्व. माता रेवती देवी जी की स्मृति में एक पौधा रोपण किया गया।

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत द्वारा अपनी पूज्य माता सावित्री रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा अपनी पूज्य माता उमा देवी रयाल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं तेजस्विनी अरविंद पाटील द्वारा अपनी पूज्य माता स्व. मीना अरविंद पाटील की स्मृति में तथा मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे द्वारा अपनी माता नागिन्दी पाण्डे, वन संरक्षक नितीश मणी त्रिपाठी द्वारा अपनी पूज्य माता नीलम मणी त्रिपाठी जी के नाम से पौधा रोपित किया गया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार, आईटीबीपी से 34 बटालियन के कमाडेंट हेमंत कुमार,जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, मुख्य उद्यान अधिकारी प्रेमा राणा, एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि,गणमान्य नागरिक, प्रकृति प्रेमी आदि मौजूद रहे।

सीएम ने राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला में नशा मुक्ति एवं वरिष्ठ नागरिक सम्मान की दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित आई. आर.डी. टी सभागार में राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत माह मई 2026 की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की। 09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खाते में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार की धनराशि का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्त अभियान एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से वंचित वर्गों को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तथा ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून एवं सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों एवं समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर, पार्वती दास,, भूपाल राम टम्टा, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, विभिन्न्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।

जन्म के बाद टीकाकरण, आंगनवाड़ी और स्कूल में एडमिशन से लेकर स्कूल पासआउट तक का डाटा संकलित रहेः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों की ट्रैकिंग एवं मैपिंग आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के विद्यार्थियों की जन्म से लेकर शैक्षणिक और स्वास्थ्य सहित सम्पूर्ण गतिविधियों के ट्रैकिंग और मैपिंग किए जाने हेतु शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को ट्रैकिंग और मैपिंग के लिए एक सिंगल प्लेटफार्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी बच्चों की आभा और अपार आईडी बनाए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि आभा आईडी और अपार आईडी के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य की ट्रैकिंग की जा रही है, इन दोनों प्लेटफार्म को और अधिक अपग्रेड करते हुए ऐसा मैकेनिज्म तैयार किया जाए ताकि बच्चे के जन्म से लेकर टीकाकरण, आंगनवाड़ी में प्रवेश उसके बाद विद्यालय में प्रवेश सहित शैक्षिक उपलब्धियों का डाटा उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि जन्म के बाद टीकाकरण, आंगनवाड़ी और स्कूल में एडमिशन से लेकर स्कूल पासआउट तक का डाटा संकलित रहे। सिस्टम द्वारा स्वतः अभिभावकों को भी एसएमएस चला जाए कि टीकाकरण या विद्यालय में प्रवेश के लिए बच्चा योग्य हो गया है। इसके साथ ही सम्बन्धित विभागों द्वारा भी बच्चे का फॉलोअप किया जा सके।

इसके लिए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों, एनआईसी और आईटीडीए के साथ मिलकर इसके लिए ब्रेन स्टोर्मिंग कर एक प्लेटफार्म तैयार करने के निर्देश देते हुए शीघ्र इसकी पुनः बैठक कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, अपर सचिव रीना जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भगत दा को पद्म भूषण से सम्मानित करना उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर पहुंचकर उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान “पद्म भूषण” से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उनके दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकारों तथा जनकल्याण के प्रति समर्पित योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर किया गया सम्मान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी ने अपने राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन में सदैव जनसेवा, सादगी और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास और राष्ट्र निर्माण की विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री, सांसद, राज्यपाल और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में श्री कोश्यारी ने जो आदर्श स्थापित किए हैं, वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक चेतना और विकास के विभिन्न आयामों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, मार्गदर्शन और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।

एसटीपी, सीवर परियोजनाओं, नाला टैपिंग एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों की डीएम ने की गहन समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला गंगा संरक्षण समिति के साथ ही अर्धकुंभ मेला 2027 के लिए प्रस्तावित कार्यों के सम्बन्ध बैठक लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद अन्तर्गत संचालित गंगा संरक्षण, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि केवल प्रस्तुतिकरण (प्रेजेंटेशन) नहीं, बल्कि धरातल पर कार्यों के प्रभावी परिणाम दिखाई देने चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल संस्थान एवं परियोजना प्रबंधन निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई (गंगा) को निर्देशित किया कि जनपद में संचालित सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाए।
टपकेश्वर मंदिर, गढ़ी कैंट क्षेत्र में प्रस्तावित एसटीपी निर्माण कार्य हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया में हो रही देरी पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ पृथक बैठक आयोजित कर भूमि चयन की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने ऋषिकेश क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी, सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) एवं सीवर लाइन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम ऋषिकेश को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जीआईजेड एवं नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संयुक्त रूप से आवास विकास वार्ड में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए उसे मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगरीय क्षेत्रों में डेयरी वेस्ट प्रबंधन की जानकारी मांगे जाने पर नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग कार्यों में हो रही देरी पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नाला टैपिंग के सभी कार्य निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नालों की नियमित एवं प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने गंगा नदी सहित अन्य नदियों के तटों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि संभावित प्रदूषण स्थलों का चिन्हीकरण कर लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार की जाए तथा नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
मसूरी क्षेत्र में 0.70 एमएलडी क्षमता के कैमल बैक एसटीपी की समीक्षा के दौरान वर्ष 2022 में बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ न होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पेयजल निगम, मसूरी के संबंधित अधिकारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी।
इसी प्रकार अर्केडिया जोन में प्रस्तावित 0.70 एमएलडी एसटीपी परियोजना में वर्ष 2022 से स्वीकृति प्राप्त होने के बावजूद भूमि चिन्हीकरण एवं म्यूटेशन की कार्यवाही लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को मामले की जांच कर सात दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी नगर निगमों एवं नगर निकायों को निर्देशित करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा गया है। उन्होंने सभी निकाय कूड़ा उठान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएं तथा डंपिंग जोन का चिन्हीकरण कर वहां सीसीटीवी एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से निगरानी सुनिश्चित करने को निर्देशित किया। उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष बल दिया। नगर पंचायत सेलाकुई में अभी तक स्लज वाहन उपलब्ध न होने पर जिलाधिकारी ने हैरानी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने संसाधनों से तत्काल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने फल्ड प्लानिंग जोनिंग चिन्हीकरण की समीक्षा की बैठक में बताया गया कि गंगा नदी की हरिद्वार तक तथा रिस्पना नदी का फल्ड जोन चिन्हिकरण कर लिया गया है। आसन रिवर का चिन्हकरण कार्य पूर्ण हो गया है। सुसवा, सौंग, जाखन/रानीपोखरी, चन्द्रबागा, यमुना सर्वे कर लिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फल्ड जोन चिन्हिकरण कार्य समयबद्ध पूर्ण कर लिया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अर्धकुंभ मेला 2027 हेतु प्रस्तावित निर्माण कार्यों को एनएमसीजी की अनुमति एवं निर्धारित एसओपी के अनुसार पूर्ण किए जाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपाल राम बिनवाल, समिति सदस्य पंकज गुप्ता, पर्यावरणविद् विनोद जुगलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

खाद्य पद्धार्थों की जांच बढ़ाए जाने के लिए राज्य सेक्टर के बजट में प्राविधान किया जाएः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की 6वीं बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने प्रदेश की दूसरी खाद्य परीक्षण लैब को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस अवसर पर (07 जून, 2026 को) अनिवार्य रूप से लोकार्पित किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रवर्तन गतिविधियों को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य पद्धार्थों की जांच बढ़ाए जाने के लिए राज्य सेक्टर के बजट में प्राविधान किए जाने की बात कही। कहा कि केन्द्र सरकार से मिलने वाले बजट के लिए एक कॉर्पस भी बनाया जाए, ताकि खाद्य पद्धार्थों की लगातार एवं नियमित जांच करायी जा सके। उन्होंने मिलावटखोरी में लगातार संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि मिलावटखोरी से सम्बन्धित न्यायालयों में चल रहे मामलों पर मजबूत पैरवी की जाए, ताकि मिलावटखोरों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

मुख्य सचिव ने शिकायतों के लिए एक सरल चार अंकों का हेल्प डेस्क नंबर जारी कर प्रचार-प्रसार किए जाने के निर्देश दिए, ताकि आमजन मिलावट या किसी भी प्रकार की शिकायत करने में आसानी हो सके। मुख्य सचिव ने प्रदेश के भीतर खाद्य सुरक्षा के लिए उपलब्ध ईको सिस्टम को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फूड सैंपल की टेस्टिंग सही से हो सके इसके लिए टेस्टिंग लैब के साथ ही, मोबाईल टेस्टिंग लैब्स की संख्या बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए अभी से खाद्य सुरक्षा को लेकर तैयारियों सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कुंभ मेला क्षेत्र के लिए परीक्षण एवं निगरानी के लिए समर्पित टीमें तैनात किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मेला क्षेत्र में डेडिकेटेड वेंडिंग जोन भी चिन्हित किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि ईट राईट कैम्पस सर्टिफिकेशन को सर्वप्रथम सरकारी संस्थानों बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि राजकीय शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों, होस्टल, सरकारी वृद्धा आश्रमों, बाल गृहों, नारी निकेतन आदि अपनाया जाए। साथ ही निर्देश दिए कि मिड डे मील और आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली टेक होम राशन में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड चेन से बाहर करने के लिए संग्रहणकर्ता बढ़ाए जाने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने होटल रेस्टोरेंट आदि के प्रबन्धकों एवं मुख्य शेफ के लिए वर्कशॉप आयोजित किए जोन की भी बात कही। कहा कि इससे ईट राईट की दिशा में जागरूकता बढ़ेगी।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पाण्डेय एवं अपर सचिव रोहित मीणा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।