चुनाव अभियान को गति देते हुए भाजपा ने रवाना किए प्रचार वाहन

केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी और मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय में एलईडी प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर धामी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में प्रदेश आज प्रगति में नये-नये प्रतिमान स्थापित कर रहा हैं। उन्होने कहा कि हम मोदी की प्रेरणा के अनुरूप 2025 रजत जयंती वर्ष से पूर्व ही उत्तराखंड का दशक बनाने जा रहे है।
बलबीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी प्रदेश की सभी 70 विधानसभा में चुनाव वैन के जरिये प्रचार का शुभारंभ कर रही है। उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार का लाभ सबको दिखाई दे रहा है। हम मोदी के मूल मंत्र, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास को अंगीकार करते हुए गांवों के विकास, गरीबों के उत्थान, किसानों की खुशहाली, युवाओं के रोजगार और मातृशक्ति की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
इस अवसर पर चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने विकास सबका किया, लेकिन तुष्टिकरण के लिए कोई जगह नहीं है। हम इसी संकल्प के साथ एक बार फिर जनता जनार्दन का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रचार में निकल रहे हैं।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, कार्यक्रम संयोजक ज्योति प्रसाद गैरोला, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल प्रदेश, कार्यालय सचिव कौत्सुभानन्द जोशी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार, प्रदेश चुनाव सह प्रभारी आरपी सिंह समेत अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

11 सीटों पर पेंच फंसा, निर्णायक फैसला नही ले पा रही भाजपा

भारतीय जनता पार्टी शेष रह गई 11 सीटों पर प्रत्याशियों के चयन की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझा पाई है। दो दिन से पार्टी से रणनीतिकार इन सीटों पर प्रत्याशियों के मंथन में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक सुयोग्य प्रत्याशी की तलाश पूरी नहीं हो पाई है। इधर पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के भाई रिटायर कर्नल विजय रावत को भारतीय जनता पार्टी 2022 के चुनावों में डोईवाला या फिर कोटद्वार सीट से उतार सकती है। पार्टी में रावत को लेकर दो तीन दिनों से लगातार मंथन चल रहा है और जल्द अब इस संदर्भ में फैसला हो सकता है।
दरअसल रिटायर कर्नल विजय रावत ने कुछ दिन पूर्व ही दिल्ली में भाजपा का दामन थामा था और उसके बाद वह उत्तराखंड भी पहुंच गए हैं। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि पार्टी के कई शीर्ष नेता कर्नल रावत को एक सैन्य चेहरे के रूप में विधानसभा चुनावों में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। उनके चुनाव लड़ने पर करीब करीब निर्णय हो चुका है लेकिन सीट को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है।

कांग्रेस की सूची का इंतजार बड़ी वजह
पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि शेष बची 11 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान एक दो दिन में हो सकता है। उन्होंने बताया कि 11 में से कुछ टिकट कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद तय होंगे जबकि कई पर एक से अधिक दावेदार होने की वजह से पेंच फंसा हुआ है। जबकि एक दो सीट डॉ हरक सिंह रावत के कांग्रेस में जाने की वजह से लटकी हुई है। ऐसे में इस सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान होने से पहले कांग्रेस पर भी पार्टी की नजर है।

प्रेचन्द अग्रवाल चौथीबार भाजपा के टिकट पर लड़ेंगे ऋषिकेश से चुनाव

विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार टिकट फाइनल होने पर आज ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में अनेकों जगह जमकर आतिशबाजी हुई एवं मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश स्थित विधानसभा अध्यक्ष के निजी आवास पर पहुंचकर उन्हें माल्यार्पण कर चौथी बार जीत को लेकर अग्रिम शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए स्थानीय कार्यकर्ताओं का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से केंद्रीय नेतृत्व ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रत्याशियों की लिस्ट जारी करते हुए उन्हें सहज व सरल कहकर संबोधित किया वह मेरी अनमोल निधि है। अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा है कि अब मतदान तिथि तक कमर कसने की जरूरत है ताकि हम जीत निश्चित कर सकें। अग्रवाल ने कहा कि उनके द्वारा इन 5 वर्षों में विकास के अभूतपूर्व कार्य समान रूप से किए गए हैं उन्होंने जातिवाद एवं क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र को आदर्श रूप से स्थापित करने के लिए भरपूर मेहनत की थी जिसका परिणाम है कि केंद्रीय नेतृत्व ने एक बार उन पर फिर से भरोसा जताया है। अग्रवाल ने कहा कि इन चुनावों में वह क्षेत्र में किए गए काम के आधार पर ही वोट मांगेंगे। वहीं ऋषिकेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग सभी ग्राम पंचायतों में अग्रवाल का टिकट फाइनल होने पर अनेक स्थानों पर खुशी का इजहार करते हुए मिठाई बांटी गई एवं पटाखे फोड़े गए। जबकि शहर के भी अनेक स्थानों पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार किया।
इस अवसर पर ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, श्यामपुर के मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, वीरभद्र के मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, जयंत किशोर शर्मा, सुमित पवार, सुमित सेठी, मनोज ध्यानी, गोपाल सती, हरिशंकर प्रजापति, सुंदरी कंडवाल, शिव कुमार पाल, नरेश शर्मा आदि कार्यकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के कोयल घाटी स्थित आवास पर अलग-अलग शुभकामनाएं दी।

सुबह आये और 2 घंटे में भाजपा ने कर दिया टिकट कंफर्म

उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जहां भाजपा हाईकमान के द्वारा प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया। वहीं 59 प्रत्याशियों की पहली सूची में 10 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए है। उत्तराखंड भाजपा की महिला प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी की पुत्री रितु खंडूरी का टिकट काटा जाना चर्चाओं का विषय बना हुआ है। वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान का भी टिकट काटा गया।

1- थराली से मुन्नी देवी का टिकट काटकर भोपाल राम टम्टा को दिया गया है।
2- कर्णप्रयाग से सुरेंद्र सिंह नेगी का टिकट काटकर अनिल नौटियाल को दिया गया है।
3- खानपुर से कुंवर प्रणव चौंपियन का टिकट काटकर रानी देवयानी को दिया गया है।
4- यमकेश्वर से ऋतु खंडूड़ी का टिकट काटकर रेणु बिष्ट को दिया गया है।
5- पौड़ी से मुकेश कोली का टिकट काटकर राजकुमार पोरी को दिया गया है।
6- गंगोलीहाट से मीना गंगोला का टिकट काटकर फ़क़ीर राम टम्टा को दिया गया है।
7- कपकोट से बलवंत भोंर्याल का टिकट काटकर सुरेश गड़िया को दिया गया है।
8- द्वाराहाट से महेश नेगी का टिकट काटकर अनिल साही को दिया गया है।
9- अल्मोड़ा से रघुनाथ सिंह चौहान का टिकट काटकर कैलाश शर्मा को दिया गया है।
10- काशीपुर से हरभजन सिंह चीमा का टिकट काटकर त्रिलोक सिंह चीमा को दिया गया है।

वहीं इन विधानभाओं में भाजपा ने आज टिकट जारी कर दिया है।
1 पुरोला – दुर्गेश लाल
2 यमुनोत्री – केदार सिंह रावत
3 गंगोत्री – सुरेश चौहान
4 बद्रीनाथ – महेंद्र भट्ट
5 थराली – गोपाल राम टम्टा
6 कर्णप्रयाग – अनिल नोटियाल
7 केदारनाथ – अभी नही
8 रुद्रप्रयाग – भरत चौधरी
9 घनसाली – शक्ति लाल शाह
10 देवप्रयाग – विनोद कंडारी
11 नरेन्द्र नगर – सुबोध उनियाल
12 प्रतापनगर – विजय सिंह पँवार
13 टिहरी – अभी नही
14 धनौल्टी – प्रीतम पंवार
15 चकराता – राम शरण नौटियाल
16 विकासनगर – मुन्ना सिंह
17 सहसपुर – अभी नहीं
18 धर्मपुर – विनोद चमोली
19 रायपुर – उमेश शर्मा काऊ
20 राजपुर – खजान दास
21 कैंट – सविता कपूर
22 मसूरी – गणेश जोशी
23 डोईवाला – अभी नही
24 ऋषिकेश – प्रेमचन्द अग्रवाल
25 हरिद्वार – मदन कौशिक
26- भेल रानीपुर – आदेश चौहान
27- ज्वालापुर – सुरेश राठौर
28 भगवानपुर – मास्टर सत्यपाल
29 झबरेड़ा – अभी नही
30 पिरान कलियर – अभी नही
31 रुड़की – प्रदीप बत्रा
32 खानपुर – रानी देवयानी
33 मंगलौर – दिनेश पवार
34 लक्सर – संजय गुप्ता
35- हरिद्वार ग्रामीण – यतीश्वरानंद
36 यमकेश्वर – रेनू बिष्ट
37 पौड़ी – राजकुमार पोरी
38 श्रीनगर – डॉ धन सिंह रावत
39 चौबट्टाखाल – सतपाल महाराज
40 लैंसडाउन – दिलीप रावत
41 कोटद्वार – अभी नही
42 धारचूला – धन सिंह धामी
43 डीडीहाट – बिशन सिंह चुफाल
44 पिथौरागढ़ – चंद्रा पंत
45 गंगोलीहाट – फकीर राम टम्टा
46 कपकोट – सुरेश गरिया
47- बागेश्वर – चंदन राम दास
48 द्वाराहाट – अनिल शाही
49 सल्ट – महेश जीना
50 रानीखेत – अभी नही
51 सोमेश्वर – रेखा आर्य
52 अल्मोड़ा – कैलाश शर्मा
53 जागेश्वर – अभी नही
54 लोहाघाट – पूरण सिंह फर्त्याल
55 चम्पावत – कैलास गहतोड़ी
56 लालकुआं – अभी नही
57 भीमताल – राम सिंह कैड़ा
58- नैनीताल – सरिता आर्या
59- हल्द्वानी – अभी नही
60 कालाढूँगी – बंशीधर भगत
61 रामनगर – दिवान सिंह बिष्ट
62 जसपुर – शैलेन्द्र मोहन सिंघल
63- काशीपुर – त्रिलोक चीमा
64- बाजपुर – राजेश कुमार
65 गदरपुर – अरविंद पांडेय
66 रुद्रपुर – अभी नही
67 किच्छा – राजेश शुक्ला
68- सितारगंज – सौरभ बहुगुणा
69 नानकमत्ता – डॉ प्रेम सिंह राणा
70 खटीमा – पुष्कर सिंह धामी

सीएम ने वर्चुअली सभा में सरकार की उपलब्धियां गिनाई

कोरोना महामारी के बीच चुनावी गाइडलाइन के मद्देनजर उत्तराखंड भाजपा ने अन्य पार्टियों पर बढ़त बनाते हुए आज पहली वर्चुअल सभा की। देहारादून स्थित पार्टी के स्टुडियो से अपने सम्बोधन में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार की मदद से राज्य में संचालित 1.5 लाख करोड़ की योजनाएँ और प्रदेश सरकार के विकास कार्यों का जन आशीर्वाद भाजपा को 60 पार के रूप में मिलेगा। इस अवसर पर उन्होने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष पर हमला बोला कि जिन्होने अपनी सरकार के कार्यकाल कोई बड़ा कार्य नहीं किया, जो सूबे में इतने बड़े पैमाने पर होने वाले विकास कार्यों की कल्पना भी नहीं कर सकते थे, वह लोगों को अब बरगलाने की असफल कोशिश कर रहे हैं।

सीएम धामी ने जनता के सामने रखा 5 साल का रिपोेर्ट कार्ड
भाजपा और प्रदेश की इस पहली वर्चुअल सभा में सीएम धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा दिया है, चाहे वह चार धाम आल वेदर सड़क हो, भारतमाला सड़क प्रोजेक्ट हो या लिपुलेख के रास्ते निर्माणाधीन कैलाश मानसरोवर मार्ग। इतना ही नहीं देहरादून, हल्द्वानी सहित राज्य के जनपदों को दिल्ली से जोड़ने वाले सभी मार्गों को न केवल सुगम बनाया है साथ ही दूरियाँ भी बेहद कम कर दी है। केदारनाथ त्रासदी के बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते मोदी की मदद को ठुकराने वाली कॉंग्रेस को आईना दिखाते हुए धामी ने कहा कि बाबा केदारनाथ ने मोदी को अपने धाम के पुनर्निर्माण के लिए ही आशीर्वाद देकर 2014 में प्रधानमंत्री बनाया। यही वजह है कि मोदी ने 400 करोड़ से अधिक की योजनाएँ स्वीकृत कर श्री केदार धाम को भव्य और दिव्य बनाने का चमत्कारिक कार्य किया है। इतना ही नहीं बद्रीनाथ धाम के लिए मास्टरप्लान बनाकर 250 करोड़ की व्यवस्थता मोदी सरकार ने की है। साथ ही साथ देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट को उच्चीकृत कर शीघ्र अंतराष्ट्रीय बनाया जा रह है। साथ ही पंतनगर, पिथौरागढ़, गौचर, उत्तरकाशी आदि अनेक स्थानों पर हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर करने कार्य भाजपा सरकार ने किया है। उन्होने कार्यकर्ताओं से कहा कि मोदी जी नेत्रत्व में अटल आयुष्मान योजना को प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य हमारी सरकार ने किया, जिसका परिणाम है कि अब तक लगभग 4 लाख लोग इस मेडिकल सुविधा का लाभ ले चुके हैं द्य इसके अतिरिक्त किसान सम्मान निधि, श्रमिक कार्ड, अटाला आवास आदि अनेकों योजनाओं से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। वहीं दूसरी और कॉंग्रेस की सभी सरकारें एक खास वर्ग या तबके के लिए ही योजनाएं बनाने में लगी रहती थी क्यूंकी कॉंग्रेस और कारेपशन एक दूसरे के प्रयाय हैं। उन्होने कॉंग्रेस में उमड़े सैनिक प्रेम पर निशाना लगते हुए कहा कि इस पार्टी के नेता दिवंगत जनरल विपिन रावत को सड़क का गुंडा कहते थे आज अपनी सभाओं में उनके बड़े बड़े कट आउट लगाकर ढोंग कर रहे हैं। जिन्होने वन रैंक बन पेंशन की मांग को हमेशा दबाये रखा, कभी सैनिकों के लिए जरूरी साजो समान और आधुनिक हथियारों की चिंता नहीं की और तो और जबाबी हमलों को लेकर सीमा पर खड़े सैनिकों के हाथ तक बांधे हुए थे। वही अब सैन्य प्रेमी होने का स्वांग रचाकर चुनाव में उतरे हुए हैं।

2025 में देश का नंबर वन राज्य होगा उत्तराखंड
सीएम धामी ने कहा कि उनके द्धारा अब तक 500 से अधिक योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य शुरू किया जा चुका है। चाहे गन्ने के मूल्यों में 29.50 रुपए वृद्धि की बात हो, नजूल भूमि स्वामियों को उनका हक दिलवाने की बात हो, मलिन बस्तियों को पक्का करने की बात हो, बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के परिचय पत्रों से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाने की बात हो, चाहे सभी सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बात हो। ऐसे अनेकों कार्य है जिन्हे हमारी सरकार ने जनता के आशीर्वाद से ही पूरा किया है। हमे विश्वास है कि सूबे की जनता हमे पुनः चुनाव में प्रचंड विजय दिलाकर 2025 की रजत जयंती से पूर्व ही उत्तराखंड का दशक शुरू करवाने का मौका देगी।

सरिता आर्य की भाजपा में ज्वाइनिंग, कांग्रेस को क्या पड़ेगा फर्क

कांग्रेस छोड़ सरिता आर्य की भाजपा में ज्वाइनिंग के समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरिता आर्य के आने से भाजपा नैनीताल जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरिता आर्य लम्बे समय से महिला उत्थान के लिए काम कर रही हैं। पूरे प्रदेश में उनका एक नेटवर्क है। उस पूरे नेटवर्क का भाजपा को लाभ होने वाला है। उन्होंने कहा कि सरिता आर्य लम्बे समय से महिलाओं के लिए काम कर रही हैं। इसी की बदौलत वह राजनीति में मुकाम हासिल कर पाई हैं। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित रूप से भाजपा को सभी क्षेत्रों में लाभ होगा। उन्होंने सरिता आर्य के भाजपा में आने के लिए उनका आभार जताया और कहा कि महिलाओं की सच्ची हितैशी भाजपा ही है।
सरिता आर्य पिछले पांच सालों से नैनीताल विधानसभा सीट पर कार्य कर रहीं थीं। लेकिन, पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य के ज्वाइन करने के बाद उनके टिकट पर संशय बना हुआ था। 2017 के विधानसभा चुनाव में संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। सूत्रों की मानें तो संजीव 2022 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर नैनीताल विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि सरिता आर्य भाजपा में बिना शर्त आई हैं। लेकिन उनका उपयोग कैसे किया जा सकता है और उनके बारे में सोचना अब पार्टी का काम है। सरिता आर्य को भाजपा नैनीताल सीट से टिकट देगी या नहीं इस सवाल पर उन्होंने कहा कि टिकट को लेकर पार्लियामेंट्री बोर्ड फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि सरिता के आने से भाजपा को मजबूती मिली है। उन्होंने इस दौरान कहा कि कांग्रेस में महिलाओं का सम्मान नहीं होता और इस वजह से उन्हें भाजपा की रीति नितियों के साथ आना पड़ा है।
कौशिक ने कहा कि भाजपा में आने के लिए सरिता ने कोई शर्त नहीं रखी और पार्टी में शामिल होने के लिए पार्टी के अनुसाशन का पालन करना होता है। उन्होंने इस दौरान कहा कि सरिता ने बड़ी संख्या में अपने समर्थकों में भाजपा में आई हैं और इसका विधानसभा चुनावों में बहुत सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरिता के भाजपा में आने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है और इससे उनके लड़की हूं, लड़ सकती हूं नारा भी खोखला साबित हो गया है।

भाजपा परिवार बड़ा, किसी के जाने से कोई फर्क नही पड़ रहा-निशंक

पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री सांसद हरिद्वार डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित दल है। लिहाजा पार्टी से किसी भी नेता के आने जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। डॉ निशंक ने कहा कि राष्ट्रवादी सोच और समाज के लिए संघर्ष करने वाले ऐसे ही कार्यकर्ताओं के दम से भाजपा उत्तराखंड में इस बार 60 पार के लक्ष्य को पूरा करने जा रही है।
पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उनके सवालों का जबाब देते हुए डॉ निशंक ने कहा भाजपा में हर एक कार्यकर्ता का सम्मान होता है और अन्य दलों की भांति यहाँ संभव ही नहीं है कि एक ही परिवार के तीन तीन लोगों को टिकट देकर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की जाये। इस अवसर उन्होने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में अफवाह फैलाई जा रही है कि तीन और भाजपा विधायक कॉंग्रेस में जा रहे है वह सरासर झूठ है। उन्होने जानकारी दी कि उनकी रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा और विधायक प्रणव चैंपियन से बात हुई है जिन्होंने बताया कि वह भाजपा में है और रहेंगे, इस संबंध में वह मीडिया के माध्यम से भी अपना पक्ष रख रहे हैं।
कॉंग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए उन्होने कहा कि कॉंग्रेस नकारात्मक राजनीति करती है इसलिए देश भर से वह ठुकराये जा रहे हैं। राज्य में भी कॉंग्रेस जनता की लड़ाई के लड़ने के बजाय अपनों से ही लड़ाई में लगे है। वहीं भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सबका साथ सबका विश्वास सबके प्रयास के विज़न और प्रदेश भाजपा सरकार के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच आशीर्वाद लेने जा रही है। हमे पूर्ण विश्वास है कि जनता भाजपा को प्रदेश में पहले से भी अधिक सीटे 2022 विधानसभा चुनावों में जिताएगी। देश भर में अनेक उदाहरण हैं जहां पर आम कार्यकर्ताओ को मह्त्वपूर्ण दायित्व दिए गये है।
इस अवसर पर पूर्व सीएम के साथ प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष अजेंद्र अजय प्रदेश सह आईटी प्रभारी अजीत नेगी, बालकृष्ण चमोली, हरीश चमोली आदि भाजपा पदाधिकारी मौजूद थे।

20 सीटों पर उम्मीदवार बदलने के मूड में भाजपा

उत्तराखंड विधानसभा के लिए प्रत्याशियों के नाम तय करने में भाजपा नेतृत्व को तगड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि चुनाव समिति की बैठक में 50 विधानसभा क्षेत्रों से आए नामों पर तकरीबन सहमति हो चुकी है। लेकिन 20 विधानसभा सीटों पर माथापच्ची के बाद असमंजस की स्थिति है। अब इसे केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड पर छोड़ा गया है।
प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में विधानसभा वार आए नामों पर विचार हुआ। मंत्रियों, वरिष्ठ विधायकों की सीटों पर एक-एक नाम, ऐसी सीटें जिसमें पार्टी के पास सकारात्मक फीड बैक है पर एक से दो नाम का पैनल बनाया गया है। जिन सीटों पर पार्टी की स्थिति कमजोर है या कांग्रेस के कब्जे वाली हैं, वहां तीन-तीन नामों के पैनल भेजे गए हैं। इन्हीं सीटों पर पार्टी सहमति के बिंदू नहीं पहुंच पाई है।

गढ़वाल मंडल विधानसभा सीट –
थराली- पूर्व विधायक स्व. मगन लाल शाह की पत्नी विधायक हैं और टिकट मांग रही हैं लेकिन पार्टी वहां ज्यादा मजबूत प्रत्याशी तलाश रही है।
पौड़ी-विधायक मुकेश कोली के खिलाफ पार्टी के खेमा लामबंद है। पार्टी सर्वे के नतीजे भी कोली के लिए सहज नहीं बताए जा रहे।
कोटद्वार-हरक सिंह रावत के कांग्रेस में लौटने के बाद स्थिति बदल गई है।
पुरोला-इस सीट पर कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं और भाजपा के पूर्व प्रत्याशी माल चंद कांग्रेस में चले गए हैं।
घनसाली-संगठन के सर्वे में विधायक शक्तिलाल शाह की स्थिति बहुत मजबूत नहीं बताई जा रही।
टिहरी-चर्चा है कि पार्टी इस सीट पर कांग्रेस से एक बड़े चेहरे को मैदान में उतार सकती है।
झबरेड़ा-पार्टी की सर्वे रिपोर्ट और कार्यकर्ताओं का फीड बैक विधायक देश राज कर्णवाल के अनुकूल नहीं माना जा रहा।
पिरान कलियर-यह सीट कांग्रेस के कब्जे वाली है और पार्टी अभी तय नहीं कर पा रही है कि किस चेहरे पर दांव लगाया जाए।
राजपुर रोड-इस सीट पर खजानदास विधायक हैं और इस बार पार्टी के भीतर सीट पर नए विकल्प की चर्चा हो रही है।
गंगोत्री-इस सीट पर पार्टी प्रत्याशी चयन को लेकर असमंजस में है। पूर्व विधायक की पत्नी टिकट मांग रही हैं।
भगवानपुर-इस सीट पर पार्टी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सुबोध राकेश को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन वह पार्टी छोड़कर बसपा में चले गए। पार्टी यहां मजबूत प्रत्याशी की खोज में है।

’कुमाऊं मडंल में ये सीटें फंसी’
नैनीताल-इस सीट पर संजीव आर्य विधायक थे, लेकिन पार्टी छोड़ने के बाद अब भाजपा को इस सीट पर टक्कर के प्रत्याशी की तलाश है। पार्टी कांग्रेस नेत्री सरिता आर्य को साधने की कोशिश कर रही है।
जागेश्वर-कांग्रेस के कब्जे वाली सीट पर पार्टी को मजबूत प्रत्याशी चाहिए।
अल्मोड़ा-इस सीट पर रघुनाथ सिंह चौहान विधायक हैं। क्षेत्र में पार्टी उनका विकल्प तलाश रही है।
रानीखेत-यहां कांग्रेस के करन माहरा विधायक हैं। भाजपा इस सीट पर मजबूत चेहरे की तलाश में है।
गंगोलीहाट-भाजपा की मीना गंगोला विधायक हैं। यहां भी पार्टी ज्यादा मजबूत विकल्प खोज रही है।
काशीपुर-काशीपुर में भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा अपने बेटे को प्रत्याशी बनाना चाहते हैं। लेकिन पार्टी के अन्य दावेदार भी टिकट मांग रहे हैं।
बाजपुर-विधायक यशपाल आर्य के भाजपा छोड़ देने के बाद परिस्थितियां बदली हैं और पार्टी मजबूत विकल्प खोज रही है।
रामनगर-रामनगर सीट पर भी पार्टी को मजबूत विकल्प की तलाश है।
हल्द्वानी-इस सीट पर भी भाजपा में टिकट को लेकर मारामारी है।

डोईवाला सीट पर त्रिवेंद्र का नाम टॉप पर
सूत्रों के मुताबिक, डोईवाला विधानसभा सीट पर नामों का जो पैनल बनाया गया है उसमें पहले स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री व सिटिंग विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम बताया जा रहा है। लेकिन उनके नाम पर अंतिम फैसला पार्टी की बैठक और संसदीय बोर्ड में ही होगा।

निशंक के सक्रिय होने से भाजपा को मिल रहा बल, मैनेजमेंट के गुरु माने जाते है पूर्व सीएम

पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने आज देहरादून से हल्द्वानी में आयोजित वर्चुअल पत्रकार वार्ता संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा के ‘अबकी बार 60 पार’ की अपील पर मुहर लगाने वाली है। मौसम खराब होने के कारण वहाँ नहीं पहुँच पाने पर खेद जताने के बाद उन्होने विश्वास जताया कि लोग भाजपा द्धारा राज्य बनाने के लिए किए संघर्ष और उनकी पार्टी की सरकारों के विकास कार्यों को नहीं भूले हैं और न ही कॉंग्रेस पार्टी की राज्य निर्माण विरोधी सोच और उनकी सरकारों के कुशासन को।
देहरादून में बलबीर रोड स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय से वर्चुअली पत्रकारों से मुखातिब होते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि राज्य निर्माण को लेकर भाजपा की भावना और प्रयास तभी से स्पष्ट नज़र आते हैं जब अविभाजित उत्तरप्रदेश के कार्यकाल में ही पार्टी ने उत्तरांचल को अलग प्रदेश संग़ठन का दर्जा दे दिया था। वहीं कॉंग्रेस को शर्म आनी चाहिए, जिन्होने हमेशा पृथक राज्य का विरोध किया। उत्तराखंड के सच्चे सपूत तो अटल जी थे जिन्होने राज्य की जनता के सम्मान में न केवल अलग राज्य की दशकों पुरानी मांग को पूरा किया साथ ही उसके विकास के लिए विशेष पैकेज भी दिया। कॉंग्रेस की सरकारों ने तो सूबे के लिए न कोई विकास का कार्य किया अपितु विशेष राज्य की सौगात को भी मनमोहन सरकार में तय अविधि से पहले ही वापिस ले लिया।
अपने मुख्यमंत्री काल के अनुभवों को याद करते हुए उन्होने कहा कि 100-200 करोड़ की योजनाओं के लिए भी उन्हे केंद्र की कॉंग्रेस सरकार के सामने गिड्गिड़ाना पड़ता था। वहीं आज मोदी सरकार ने 1 लाख करोड़ के कार्य राज्य में करवाए हैं, हाल में ही हल्द्वानी में लगभग 17.50 हज़ार करोड़ और देहरादून में 18.50 हज़ार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण इसकी एक बानगी है। वहीं हल्द्वानी के लिए ही 2000 करोड़ के विकास योजनाओं को स्वीकृति दी, इतनी स्वीकृति तो कॉंग्रेस की सरकारों ने समूचे राज्य के लिए भी कभी नहीं दी होगी। आज बड़ी बेशर्मी से सैनिक प्रेमी होने का स्वांग रच रहे हैं। वहीं दिवंगत जनरल रावत को सड़क का गुंडा कहने वाले, सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांगकर भारतीय सेना के शौर्य का अपमान करने वाले, कश्मीर में हमारे जवानों को बलात्कारी कहने वाले इनकी पार्टी में खुलेआम बड़े-बड़े पदों पर बैठे हैं।
पीएम मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की भाजपा सरकार द्धारा किए विकास कार्यों से राज्य अब उस मुकाम की और है जब वर्ष 2025 में राज्य रजत जयंती आते आते देश में उत्तराखंड का दशक होगा । केंद्र ने अटल आयुष्मान से देश में गरीबों के स्वास्थ्य की चिंता की तो प्रदेश सरकार ने उसे प्रत्येक राज्यवासी तक उसे पहुंचा दिया। चाहे उज्ज्वला से माँ बहनों को धुएँ से निजात दिलाने की बात हो या किसान सम्मान और श्रमिक कार्ड से प्रदेशवासियों का स्वाभिमान दिलाने की बात हो या फिर हर घर बिजली और हर नल पानी की बात हो ।विकास के सभी मोर्चों पर प्रदेश की भाजपा सरकार ने बेहतर कार्य किया है। उत्तराखंड की जनता देशभक्त है और वह नहीं भूल सकती कि उसके एक वोट से आज़ादी के समय से कश्मीर से धारा 370 हटाने की मांग पूरी हुई, एक वोट से पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक हुई, एक वोट से सैकड़ों वर्ष पुरानी राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ी श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की मांग पूरी हुई, एक वोट से तीन तलाक पर रोक लगी और मुस्लिम बहिनों को न्याय मिला । ऐसा और भी बहुत कुछ है जिससे साबित होता है मोदी जी ने और उनके मार्गदर्शन में चल रही प्रदेश की भाजपा सरकार ने जो कहा था वो किया है और अब जो कह रही है उसे भी अवश्य पूरा करेगी।
इस अवसर पर पूर्व सीएम निशंक के साथ प्रदेश कार्यालय से पार्टी प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार एवं राजेन्द्र भण्डारी, पुनीत मित्तल, कौस्तुभानन्द जोशी, अजीत नेगी आदि पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे ।

वर्चुअल रैलियों में तेजी लाने के लिए भाजपा ने बनाई ये रणनीति

कोरोना संक्रमण ने लोगों की जीवनशैली से लेकर सियासत तक गहरा असर छोड़ा है। अब इसका असर विधानसभा चुनावों पर भी दिख रहा है। इसकी काट निकालने के लिए राजनीतिक दलों ने डिजिटल माध्यम को हथियार बनाया है। कांग्रेस फिलहाज भाजपा से डिजिटिल माध्यम में आगे नजर आ रही है। वहीं अब भाजपा ने निर्णय लिया है कि उत्तराखंड की हर विधानसभा क्षेत्र में एक आईटी एक्सपर्ट को नियुक्त करेगी। भाजपा का यह फैसला चुनाव आयोग द्वारा 15 जनवरी तक रोड शो और रैलियों के आयोजन पर रोक लगाने के बाद आया है।

मोबाइल फोन पर भेजा जाएगा एक लिंक
उत्तराखंड भाजपा के महासचिव कुलदीप कुमार ने बताया कि पार्टी बूथ और राज्य स्तर पर सभी महत्वपूर्ण बैठकें करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पार्टी ने पूरी योजना बना ली है। हम एक साथ एक हजार लोगों को वन-वे एड्रेस दे सकते हैं। इंटरैक्टिव वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर कम से कम 500 लोगों से जुड़ सकते हैं। बैठकों और कार्यक्रमों को मूर्त रूप देने के लिए देहरादून में एक स्टूडियो खोला जाएगा। जोकि एक-दो दिन में बनकर तैयार हो जाएगा। स्टूडियो में दो लोगों के बैठने का मंच होगा। निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों को उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा जाएगा। इसके जरिए लोग जुड़ सकते हैं।
कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा ने राजधानी देहरादून में एक वॉर रूम आईटी सेल बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। जिससे पार्टी एक बार में 15 वरिष्ठ नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर सकती है। इसके जरिए पार्टी एक दिन में 10 से अधिक विधानसभा सीटों को कवर करने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भाजपा नेताओं की रैली देहरादून कार्यालय से दिल्ली कार्यालय से जोड़कर संपन्न कराई जा सकेगी। जिसके बाद पार्टी के नेता विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों को संबोधित कर सकेंगे। 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान होगा। 14 फरवरी जबकि मतगणना 10 मार्च को होनी है।