कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता करेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को और मजबूती दी जाएगी। समूहों को उनके उत्पादों की अच्छी कीमत मिल सके, इसके लिए जरूरी है कि मांग आधारित उत्पादन किया जाए। कोशिश की जाएगी कि समूहों का टाईअप बड़ी कम्पनियों से हो। मुख्यमंत्री, सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद कर उनका फीडबैक ले रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इन्हें और अधिक मजबूती दी जाएगी। इन समूहों को क्या समस्याएं आ रही हैं, उनके अनुसार राज्य सरकार और क्या कर सकती है, इसे जानने के लिए यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बेहतर कीमत के लिए मांग आधारित उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों की बेहतर कीमत मिल सके, इसके लिए बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन किए जाने की जरूरत है। निजी बड़ी कम्पनियों के साथ समूहों के जाइन्ट वेंचर की सम्भावनाएं भी देखी जाएंगी। दीनदयाल अन्त्योदय-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य स्वरोजगार के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों को सशक्त करना है।

स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित होती हैं, इसलिए राज्य सरकार का रिक्त पदों पर भर्ती के साथ ही लाखों लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी फोकस है। लोगों को बहुत बार औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण बैंक से ऋण स्वीकृत नहीं हो पाता है। इन समस्याओं को देखते हुए हमने कैम्प लगाने के निर्देश दिए हैं जहां राज्य सरकार के अधिकारी और बैंक अधिकारी मौके पर ही फार्म आदि भरने और औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता करेंगे।

कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता पर सरकार करेगी विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में उद्यमियों के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। राज्य सरकार विचार करेगी कि कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की किस प्रकार सहायता की जा सकती है। रक्षा बंधन तक इस संबंध में कुछ न कुछ निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश में मुफ्त वैक्सीन, सबको वैक्सीन का अभियान शुरू किया गया है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड में आगामी चार माह में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से अपने आसपास के लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक किए जाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज, वैल्यु एडीशन, प्रशिक्षण और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 13 जिलों के 95 विकासखण्डों में संचालित की जा रही है। 33 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह इससे जुड़े हैं। लगभग 2.5 लाख महिलाएं इन समूहों की सदस्य हैं। प्रत्येक समूह को 10 से 15 हजार रूपए राशि का रिवाल्विंग फंड उपलब्ध करवाया जाता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने अपने समूह की गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी देते हुए सुझाव भी दिए। कुछ महिला स्वयं सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री को अपने उत्पाद भी भेंट किए।

धामी के मुख्यमंत्री बनने से गढ़वाल से संगठन में प्रभावी चेहरा लाने की तैयारी

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब भाजपा पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या सत्तारूढ़ पार्टी भी कांग्रेस की तर्ज पर रणनीति बना रही है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, इस बात की खासी संभावना है कि भाजपा भी जल्द कार्यकारी अध्यक्ष के फार्मूले पर कदम आगे बढ़ा सकती है।
उत्तराखंड छोटा सा राज्य है मगर राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से यह हमेशा चर्चा में रहा है। यहां राजनीतिक उठापटक कितनी ज्यादा है, यह इस तथ्य से समझा जा सकता है कि राज्य गठन के बाद के 20 वर्षों में यहां 11 मुख्यमंत्री बन चुके हैं। पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उत्तराखंड की पहली अंतरिम सरकार में दो, पहली निर्वाचित सरकार में एक, दूसरी में तीन, तीसरी में दो और अब चैथी सरकार में तीन मुख्यमंत्री।
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने करारी शिकस्त का स्वाद चखा और वह 70 सदस्यीय विधानसभा में 11 सीटों तक सिमट गई। लाजिमी तौर पर कांग्रेस फिर सत्ता में वापसी की कोशिशों में जी जान से जुटी हुई है। पार्टी में गुटबाजी और अंतर्कलह भी थमा नहीं है। ऐसे में कांग्रेस ने संगठन में संतुलन साधने के लिए पांच अध्यक्ष बनाने का फैसला किया। गणेश गोदियाल के रूप में ब्राह्मण चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष की कमान दी गई। साथ में चार कार्यकारी अध्यक्ष की टीम भी, ताकि हर तबका संतुष्ट रहे।
साफ है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष का फार्मूला सुविचारित रणनीति के तहत अमल में लाई है। इससे राजनीतिक गलियारों में इस बात के कयास लगने शुरू हो गए हैं कि भाजपा भी इसके जवाब में कोई इसी तरह का कदम उठा सकती है। इस बात को इसलिए भी बल मिल रहा है क्योंकि गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों और ब्राह्मण वर्ग से किसी नेता को संगठन में अहमियत देने की बात उठ रही है। गत मार्च में भाजपा नेतृत्व ने सरकार और संगठन, दोनों के मुखिया बदल दिए थे। त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए कुमाऊं मंडल से बंशीधर भगत प्रदेश अध्यक्ष थे।

गढ़वाल मंडल से कई पार्टी नेताओं के नाम की चर्चा
उस वक्त मुख्यमंत्री गढ़वाल से और राजपूत चेहरा तो प्रदेश अध्यक्ष कुमाऊं से और ब्राह्मण। अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मदन कौशिक प्रदेश अध्यक्ष हैं। ब्राह्मण हैं और हरिद्वार से विधायक। वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले से हैं जबकि तराई में ऊधमसिंह नगर जिले की खटीमा सीट से विधायक हैं। धामी के जरिये भाजपा ने कुमाऊं मंडल के लिहाज से क्षेत्रीय व जातीय संतुलन तो बना लिया, मगर इससे गढ़वाल मंडल से एक कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया। इस कड़ी में भाजपा विधायक महेंद्र भट्ट, विनोद चमोली के साथ ही संगठन के लिहाज से अत्यंत तजुर्बेकार ज्योति गैरोला के नाम इन दिनों इंटरनेट मीडिया में खासी चर्चा में हैं।

सरकार में समान प्रतिनिधित्व हासिल होने का तर्क
हालांकि भाजपा के कई नेता इससे इत्तेफाक नहीं रखते। वैसे उनका तर्क भी वाजिब है कि सरकार में गढ़वाल मंडल को बराबर प्रतिनिधित्व हासिल है। 12 सदस्यीय धामी मंत्रिमंडल में आधे, यानी छह मंत्री गढ़वाल मंडल से हैं। इनमें से तीन अकेले पौड़ी जिले से हैं, हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज और धन सिंह रावत। टिहरी से सुबोध उनियाल, देहरादून से गणेश जोशी और हरिद्वार से यतीश्वरानंद। कुमाऊं मंडल में ऊधमसिंह नगर जिले से मुख्यमंत्री के अलावा दो मंत्री यशपाल आर्य और अरविंद पांडेय आते हैं। इनके अलावा पिथौरागढ़ से बिशन सिंह चुफाल, अल्मोड़ा से रेखा आर्य व नैनीताल जिले से बंशीधर भगत।

युवा नेतृत्व और 60 प्लस नारे के साथ भाजपा उतरेगी विधानसभा चुनाव के मैदान मेंः प्रदेश अध्यक्ष भाजपा

भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि पार्टी के विकास कार्यों से जो सुखद माहौल है बूथ स्तर पर डटे कार्यकर्ताओ की बदौलत पार्टी 2022 में युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 60 से अधिक सीटें प्राप्त करेगी। पार्टी का युवा नेतृत्व और 60 प्लस नारा होगा। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी महीने में 10 दिन प्रवास करेंगे और इसमें मंत्री और विधायक भी होंगे जिससे जन सम्स्याओ का समाधान हो सके। यह कार्यक्रम 2 माह 70 विधान सभाओं में चलेगा।

उन्होंने कहा कि आज देश दुनिया में सबसे बड़ा संगठन भाजपा का है और इसी संगठन के पास बूथ स्तर तक कार्यकर्ता है जो हर समय सेवा भाव से लोगों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित चिन्तन शिविर में कर्यक्रमो को लेकर रोड मैप बनाया गया है और दिसम्बर तक के कार्यक्रम तक फाइनल हो चुके हैं और अब गंभीरता से उनको अमल में लाने की जरुरत है। सरकार ने विकास कार्य किए हैं और संगठन सेवा कार्यों में लगी है। कोविड की दूसरी लहर को इसके उदाहरण के तौर पर देखा जा सकता है। लेकिन जनता के बीच में पार्टी के प्रति जो सुखद और सकारात्मक माहौल है उसके लिए संगठन की कुशल रणनीति और बूथ स्तर तक तैयारी काफी अहम है। हर कर्यकर्ता को इस अभियान में जुटना होगा और इसी से 2022 का लक्ष्य प्राप्त होगा। सल्ट के उपचुनाव में भी संगठन ने इसे साबित किया और सरकार की विकास नीति पर मुहर लगी। संगठन में सभी मोर्चो से लेकर शक्ति केंद्र, और वार्ड स्तर तक जुटना होगा। पार्टी युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में 2017 से भी अधिक अंतर 60 से ज्यादा सीटों से विजय हासिल करेगी। धामी के सीएम बनने से युवाओ में खासा उत्साह है और निश्चित रूप से इसका लाभ भाजपा को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है तो राज्य में राजनैतिक जमीन तलाश रहे कुछ नए दल तरह तरह के अफवाह और हथकंडे अपना रहे हैं। लेकिन भाजपा के पक्ष में जो माहौल है उसके आगे उनके सभी प्रयास विफल साबित हो रहे हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश पदाधिकारियों संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा विश्व का सबसे बड़ा संगठन है और हमारे पास विश्व सबसे बड़ा व प्रभावशाली नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूप में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश व देश मे भाजपा की सरकार पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है और सभी सभी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुचाने का कार्य कर रहे हैं। पार्टी समर्पित भाव से जन सेवा के कार्यो में जुटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के हित में वो किसी भी स्तर तक जा सकते हैं साथ ही कहा कि उनकी प्रार्थमिकता जनता व जनहित ही रहेंगे । मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा भी किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही होगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियो से मुलाकात हुई और उन्होंने विकास कार्यो में हर संभव मदद का अश्वासन दिया।

प्रदेश पदाधिकारी बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय ने सभी जिलाध्यक्षों से जिलों में सेवा ही संगठन कार्य के माध्यम से किये कार्यों की जिलावार समीक्षा की गई । साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय स्तर व प्रदेश स्तर से दिए गए कार्यों की बूथ स्तर तक किये कार्यों की जानकारी ली गई।

बैठक में श्री अजेय ने आगामी चुनाव की दृष्टि कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए सभी जिलाध्यक्षों को सभी बुथों पर बीएलए -2 , शक्ति केंद्र सयोंजकों, पन्ना प्रमुखों का सत्यापन शीघ्र करने को कहा । उन्होंने आगामी कार्यक्रमों के तहत 15 जुलाई से 20 जुलाई जिला कार्यसमितियों, व 21 जुलाई से 30 जुलाई तक मंडल कार्यसमितियों का सभी जिलों में आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। 16 जुलाई को बूथ स्तर तक हरेला पर्व मनाने के तहत प्रत्येक बूथ पर 10 वृक्ष लगाने के लिए भी कहा गया। साथ अजेय ने कहा कि जिलों में नियमित बैठक, चर्चा,आम लॉगो से संवाद और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में आम जन को अवगत कराने को कहा।

डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर राजपुर रोड स्थित मुखर्जी पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, शिक्षाविद, चिंतक और जनसंघ के संस्थापक थे। डॉ. मुखर्जी देश के प्रथम उद्योग मंत्री रहे। उन्होंने कहा कि डॉ॰ मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे। धारा-370 को समाप्त करने की उन्होंने वकालत की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 एवं 35 ए समाप्त कर उनके सपने को साकार किया।

इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व बीजापुर सेफ हाऊस में भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

मनोनीत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली राजभवन में शपथ, 11 मंत्रियों ने भी मौके पर ली शपथ

उत्तराखंड के सबसे युवा 45 वर्षीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने उन्हें शपथ दिलाई। इस दौरान हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, मदन कौशिक समेत, तमाम भाजपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 5 बजकर 14 मिनट पर शपथ ग्रहण समारोह शुरू होने की घोषणा हुई। इसके बाद राज्यपाल पोडियम पर पहुंचीं और उन्होंने पुष्कर सिंह धामी को शपथ दिलाई। शपथग्रहण समारोह के दौरान नारेबाजी का दौर भी खूब चला। सीएम धामी के समर्थकों ने खूब नारे लगाए।

इन्होंने भी ली शपथ
मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने 11 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई। ​मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में सबसे पहला नाम सतपाल सिंह महाराज का रहा। इसके बाद पौड़ी से विधायक हरक सिंह रावत ने शपथ ली। मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अगले विधायक वंशीधर भगत रहे। वंशीधर भगत पांच बार मंत्री रह चुके हैं और वह छठवीं बार मंत्री बने हैं। इसके बाद यशपाल आर्य मंत्रीपद की शपथ लेने पहुंचे। यशपाल पिछली सरकार में परिवहन मंत्री थे। डिडिहार से विधायक बिशन सिंह को भी राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके बाद सु​बोध उनियाल, अरविंद पांडेय, मसूरी से लगातार दूसरी बाद विधायक गणेश जोशी, धनसिंह रावत, रेखा आर्या, यतीश्वरानंद ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

कुंभ जैसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था के पर्व को विपक्ष ने किया बदनामः मदन कौशिक

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ऋषिकेश पहुंचे। यहां विपक्ष पर उन्होंने तीर चलाए तो पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरे। इस दौरान आगामी विस चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को एकजुट होने को भी कहा।

दून रोड स्थित एक होटल में मदन कौशिक ने कहा कि विपक्षी दल के लिए राजनीति ही प्राथमिकता में रही है। यही कारण है कि यह लोग प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए प्रदर्शन और पुतला दहन करते रहे। इस दौरान टूलकिट जैसा घिनौना काम किया गया, कुंभ जैसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था के पर्व को बदनाम करने की कोशिश की गई।

इससे पूर्व नटराज चैक पर भाजपाइयों ने प्रदेश अध्यक्ष का फूल मालाओं से स्वागत किया। भाजपाइयों ने नटराज चैक से दून मार्ग स्थित एक होटल तक रैली निकाली। होटल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि भाजपा को बढ़ाने में कार्यकर्ताओं का खून पसीना लगा है। भाजपा में सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान होता है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें बेहतरीन कार्य कर रही हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सेवा ही संगठन कार्यक्रम के तहत कोरोना काल में संगठन कार्यकर्ताओं ने बूथ लेवल से लेकर प्रदेश स्तर तक सक्रिय भूमिका निभाई। उत्तराखंड में 15 कंट्रोल रूम बनाए गए। युवा मोर्चा, महिला मोर्चा के साथ अन्य सभी मोर्चा ने रक्तदान शिविर आयोजित किए।

इस दौरान मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, अनुशासन समिति के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र दत्त सकलानी आदि उपस्थित रहे।

पीएम के सात सालः जेपी नड्डा ने दिया भाजपा सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को टास्क

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के सात साल पूरे होने पर 30 मई को भाजपा सांसद, विधायक, सभी मोर्चे व अन्य पदाधिकारी देशभर में एक लाख गांवों का भ्रमण कर सेवा कार्य करेंगे। इस दौरान 50 हजार यूनिट रक्त भी एकत्र किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों के साथ वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। इस कड़ी में प्रदेश भाजपा ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि प्रत्येक सांसद को दो गांवों का भ्रमण करना होगा। मंत्री किसी गांव को चिह्नित कर वर्चुअल माध्यम से जनता से जुड़ेंगे। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम स्तर पर भी जिम्मेदारी तय होगी। भ्रमण के दौरान गांवों में मास्क, सैनिटाइजर, राशन किट, दवाई, काढ़ा समेत जरूरी सामग्री वितरित की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आक्सीमीटर से ग्रामीणों का आक्सीजन लेबल चेक करने के साथ ही आरटीपीसीआर टेस्ट की व्यवस्था कराई जा सकती है। सभी मोर्चो को रक्तदान शिविरों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सभी जगह गांव चिह्नित कर लिए जाएं, ताकि 30 मई को सहूलियत रहे। प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में पार्टी ने तैयारियों में जुट गई है।

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ली पद व गोपनीयता की शपथ

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में तीरथ सिंह रावत ने पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई। तीरथ छात्र राजनीति से ही सक्रिय रहे हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूरी के सबसे करीबी लोगों में शामिल तीरथ सिंह को 2012 के विधानसभा में चुनाव में चैबट्टाखाल सीट से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल की। फरवरी 2013 में उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और 2015 में उन्हें प्रदेश की राजनीति से हटाकर राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व दे दिया गया।

एक नजर में तीरथ सिंह रावत

पिता का नामः कमल सिंह रावत
जन्मतिथिः नौ अप्रैल 1964
निवासीः ग्राम सीरों, पट्टी असवालस्यूं, पौड़ी गढ़वाल।
शिक्षाः हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र में परास्नातक।

राजनीतिक सफर

1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। उसके बाद अभाविप के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री, गढ़वाल विवि में छात्र संघ अध्यक्ष व छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। भाजयुमो (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे।

1997 में पहली बाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित।
2000 में राज्य गठन के बाद उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री का दायित्व।
2007 में भाजपा के प्रांतीय महामंत्री बने।
2012 के विस चुनाव में चैबट्टाखाल से जीत हासिल की।
2013 में उत्तराखंड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2013 में ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूरी के सबसे करीबी लोगों में शामिल तीरथ सिंह को 2012 के विधानसभा में चुनाव में चैबट्टाखाल सीट से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल की। फरवरी 2013 में उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और 2015 में उन्हें प्रदेश की राजनीति से हटाकर राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व दे दिया गया।

मैंने कभी भी यहां पहुंचने की कल्पना नहीं की

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुझ पर भरोसा करने के लिए लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी चीफ का धन्यवाद करता हूं। मैं पार्टी का ऐसा कार्यकर्ता हूं जो एक छोटे गांव से आता है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं यहां पहुंचूंगा। मैं जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करुंगा।

जानिए तीरथ सिंह रावत के बारे में खास बातें…
राज्य के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत 2000 में उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे।
वर्ष 1997 में वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य के सदस्य निर्वाचित हुए।
इसके बाद 2007 में उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे। उसके बाद वह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।
वर्तमान में तीरथ सिंह रावत भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के साथ साथ गढ़वाल लोकसभा से सांसद भी हैं।
पौड़ी सीट से भाजपा के उम्मीदवार के अतिरिक्त 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था।
तीरथ ने गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर श्रीनगर से छात्र राजनीति शुरू की।
वर्ष 1992 में वह सबसे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर श्रीनगर के छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े और जीते।
इसके बाद वे अभाविप के प्रदेश संगठन मंत्री, भाजयुमो में प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहे।
2019 के लोकसभा चुनाव में तीरथ ने गढ़वाल संसदीय सीट से संसदीय राजनीति में पहला कदम रखा था।
पौड़ी-गढ़वाल सीट पर भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी को हराया था। तीरथ को 506980 और मनीष खंडूरी को 204311 वोट मिले थे।
वर्ष 2012 में विधानसभा चैबट्टाखाल से विधायक चुने जाने के बाद वर्ष 2013 में उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया।
वर्ष 2017 में सिटिंग विधायक होते हुए टिकट कटने के बाद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी।
वर्तमान में तीरथ हिमाचल प्रदेश के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। रामजन्मभूमि आंदोलन में दो माह तक जेल में रहे तीरथ ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
नवनिर्वाचित गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और प्रत्याशी के रुप में शत-प्रतिशत परिणाम दिए।
तीरथ को 2013 में भाजपा के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में गईं।
लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी ने तीरथ को गढ़वाल सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के साथ ही हिमाचल प्रदेश के प्रभारी का दायित्व भी सौंपा।
उन्होंने अपनी जीत के साथ हिमाचल प्रदेश की चारों सीटें जिताकर पार्टी में खुद के कद को और मजबूत किया।

मेयर अनिता की अगुवाई में भाजपाइयों ने किया भाजपा प्रदेश प्रवक्ता का अभिनंदन

आगामी 2022 में भाजपा पूर्ण बहुमत से दोबारा सरकार बनाएगी। कार्यकर्ता अभी से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। यह बात ऋषिकेश पहुंचने पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व योजना आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला ने कही। इससे पूर्व नगर आगमन पर कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रवक्ता का जोरदार स्वागत किया।

योजना आयोग के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। सभी कार्यकर्ता कमर कसकर संगठन हित के लिए काम करें। कहा कि कार्यकर्ता जनता के बीच प्रदेश सरकार की उपलब्धियां लेकर जाएं। भाजपा हर वर्ग के लोगों की पार्टी है और सभी वर्गों का सम्मान करती है।

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि कुशल नेतृत्व और मजबूत संगठन के बूते भाजपा एक बार फिर उत्तराखंड की सत्ता में काबिज होगी। उन्होंने कहा कि महज 1 दिन के भीतर कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर जिस प्रकार कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जो उत्साह दिखाया है वह अपने आप में इस बात को सच साबित करता है।

कार्यक्रम में राज्य मंत्री कृष्ण सिंघल, पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, जितेंद्र अग्रवाल, इन्द्रसेन सिंह, विनोद शर्मा, दीपक तायल, अनिता रैना, अनिता प्रधान, कमला गुनसोला, लता तिवाड़ी, कमलेश जैन, विजय बडोनी, विजेंदर मोघा, विपिन पंत, शारदा पंत, राजेन्द्र बिष्ट, राजेश दिवाकर, प्रदीप कोहली, राजू नर्सिंमहा, पंकज शर्मा, हरीश तिवाड़ी, अक्षय खैरवाल, प्रकान्त कुमार, रजनी बिष्ट, यशवंत सिंह, ममता नेगी, राजपाल ठाकुर, विनोद जुगलान, रणवीर सिंह, राजपाल ठाकुर, हैप्पी सेमवाल, मदन कोठारी, सुनील उनियाल, सुमित्रा उपाध्यक्ष, गौरव कैंथोला आदि मौजूद रहे।

किसान आंदोलन की आड़ में देश विरोधी ताकतें हो रही एकजुटः भाजपा

भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ देवेंद्र भसीन ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसान आंदोलन के नाम पर हुई अराजकता से फिर सिद्ध हो गया है कि किसानों की आड़ में राष्ट्र विरोधी व मोदी जी के विरोधियों ने हाथ मिला लिए हैं। इस आंदोलन की आड़ में पाकिस्तान व कुछ अन्य ताकते भी भारत विरोधी अपना खेल खेल रही हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि लाल किले के घटनाक्रम पर युवक कांग्रेस उत्तराखंड द्वारा किया गया ट्वीट देश विरोधी व कांग्रेस की मानसिकता का परिचायक है। इस ट्वीट पर कार्यवाही होनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ देवेंद्र भसीन ने एक बयान में कहा कि कृषि क़ानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन में कई ऐसे तत्व हैं जो किसी भी क़ीमत पर समाधान नहीं चाहते। इनमें से कुछ तत्व देश विरोधी व अलगाव वादी है जबकि कांग्रेस व वामदलों सहित कई तत्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के घोर विरोधी हैं और मोदी विरोध में वे देश विरोध तक चले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में देश विरोधियों व कांग्रेस वाम दलों सहित मोदी विरोधियों ने हाथ मिला लिए हैं और उनका षड्यंत्र गणतंत्र दिवस पर देश व दुनिया के सामने आया है । इस सारे खेल में पाकिस्तान ख़ालिस्तानी व दूसरी भारत विरोधी ताकते भी पूरी तरह सक्रिय हैं। अफसोस की बात यह है कि कांग्रेस भी उनके साथ खड़ी है। साथ ही किसानों का नेतृत्व असफल भी हुआ है और षड्यंत्रकारियों के हाथों में खेल गया है ।

डॉ देवेन्द्र भसीन ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर लाल किले की घटना के बाद युवक कांग्रेस उत्तराखंड द्वारा किया गया ट्वीट देश विरोधी है।यह ट्वीट कांग्रेस की मानसिकता का परिचायक है । इस ट्वीट का विरोध होने पर इसे हटा तो लिया गया लेकिन हटाने से न षड्यंत्र छुप सकता है और न मानसिकता बदल सकती है । इसके लिए कांग्रेस को देश से माफी माँगनी चाहिए । साथ ही इस पर कार्यवाही भी की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील स्थिति में सभी को सावधान रहने की जरूरत है । साथ ही किसानों को भी सारी स्थिति के बारे में विचार करना चाहिए। क्योंकि अब यह साफ हो गया है कि आंदोलन की आड़ में किसानों हित नहीं कुछ और जो देश व किसानों के लिए घातक है चल रहा है। सच यह है कि कृषि कानून किसान हित में है और देश विरोधी, बिचैलिये व मोदी विरोधी किसानों का हित न चाह कर कुछ और चाहते हैं।