चंपावत में सेवा पखवाड़ा के तहत लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टाल, लाभार्थियों ने उठाया लाभ

जनपद चम्पावत के बूमघाट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की दो महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ₹60.21 करोड़ की लागत से बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा (तटबंध) निर्माण कार्य तथा ₹5.74 करोड़ की लागत से पूर्णागिरी तहसील के ग्राम छीनीगोठ की सुरक्षा हेतु हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक टीका, पटका, कुमाऊँनी टोपी, पुष्पवर्षा तथा छोलिया नृत्य के साथ स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।

कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने शारदा नदी पर संचालित बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रबंधन समितियों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों, खिरद्वारी जनजाति समूह, व्यापार मंडल, कृषक बंधुओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़े के अंतर्गत लगाए गए विभागीय स्टॉलों का भी व निरीक्षण किया। कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर मुख्यमंत्री ने योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। महिला स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से रोटी एवं चटनी तैयार की, जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री के सहज एवं सरल व्यवहार ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर में निक्षय योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण किट भी वितरित की तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा तटबंध केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि माँ शारदा नदी लाखों परिवारों के जीवन एवं आजीविका का आधार है। जहाँ जल होता है, वहीं जीवन होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें माँ पूर्णागिरि धाम आने का अवसर मिलता है, यहां की जनता का स्नेह उन्हें अपने परिवार जैसा अपनापन देता है। उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं बपर्यटन की नई पहचान देने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग ₹3300 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं के विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ष्विकास भी और विरासत भीष् के मंत्र को आत्मसात करते हुए मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर तथा माँ वाराही धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक तथा पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य तेजी से चल रहे हैं।


उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि विकसित चम्पावत, सुरक्षित भविष्य और समृद्ध उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की तथा पूर्णागिरी एवं बनबसा क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख आंचल बोरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी एवं दीपक राजवार, जिला प्रभारी गुंजन सुखीजा, जिला सहप्रभारी हिमांशु बिष्ट, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. खाती सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने का सबसे बड़ा आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय जनता एवं युवाओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, सुझावों एवं विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना और उनका उत्तर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और नवाचार की क्षमता से भरपूर हैं। उनके सामर्थ्य के बल पर ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा ऊर्जा देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को केवल अवसर तलाशने वाला नहीं, बल्कि अवसर देने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलों से युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था के कारण उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और योग्यता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने यह साबित किया है कि देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, खेल और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा ही नए उत्तराखंड का निर्माता है और उनकी प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का विकल्प रहित संकल्पः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चम्पावत में आयोजित ऐतिहासिक ‘गोल्ज्यू महोत्सव-2026’ के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।

04 मई से प्रारंभ हुए 13 दिवसीय इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव का आज हर्षाेल्लास और जनउत्साह के साथ विधिवत समापन हो गया। मुख्यमंत्री धामी ने नगरपालिका परिषद चम्पावत, जिला प्रशासन एवं समस्त क्षेत्रवासियों को इस भव्य, गरिमामयी और सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

न्याय के देवता के रूप में पूजनीय गोल्ज्यू महाराज की पावन भूमि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित करते हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि चम्पावत की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त मंच है।

मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को महोत्सव की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की मातृशक्ति द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिली है।

पहाड़ी दालों, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनजागरूकता एवं स्वरोजगार आधारित स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जो अत्यंत सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जनपद चम्पावत के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में माँ वाराही धाम देवीधुरा, बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर सहित जनपद के विभिन्न धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चम्पावत में ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ तथा टनकपुर में ‘शारदा कॉरिडोर’ का निर्माण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही जनपद के आंतरिक मोटर मार्गों का चौड़ीकरण, आधुनिक पार्किंग सुविधाओं का विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में प्रस्तावित आधुनिक ड्राई पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, आईएसबीटी टनकपुर, आंतरिक पेयजल योजनाएं तथा मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं जिले में विकास की नई इबारत लिख रही हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से विकास के इस महायज्ञ में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकास की गति निरंतर दोगुनी होती रहेगी। उन्होंने पुनः समस्त चम्पावत वासियों को सफल गोल्ज्यू महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

गौरतलब है कि महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में आयोजित ‘स्टार नाइट’ कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। समापन अवसर पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक इंदर आर्या, प्रख्यात गायिका माया उपाध्याय तथा युवा गायक नीरज चुफाल ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से समूचे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

देर रात तक चले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए और इसी के साथ गोल्ज्यू महोत्सव-2026 का भव्य समापन संपन्न हुआ।

इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराणा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में जनपदवासी उपस्थित रहे।

माँ वाराही धाम का होगा भव्य व दिव्य कायाकल्प, धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचानः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा पहुँचकर मंदिर के नवनिर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि माँ वाराही धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धाम का विकास इसकी पौराणिक गरिमा एवं मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक अनुभूति भी प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि माँ वाराही धाम आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने माँ वाराही मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

उल्लेखनीय है कि लगभग ₹15 करोड़ की अनुमानित लागत से माँ वाराही मंदिर के भव्य नवनिर्माण कार्य को चार खाम सात थोक एवं माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा आगामी दो से तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जबकि मंदिर की स्थापत्य कला एवं शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में संपन्न होंगे।

निरीक्षण के दौरान जगदीश चंद्र गहतोड़ी ‘नवनीत’ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत संचालित निपुण भारत अभियान से संबंधित अपनी पुस्तक “निपुण का संगीत” मुख्यमंत्री को भेंट की।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, माँ वाराही मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, समिति अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने चंपावत में दिवंगत बोहरा के परिजनों को दी 10 लाख की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत निवासी स्वर्गीय सोमेंद्र सिंह बोहरा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने ₹10 लाख की आर्थिक सहायता राशि का चेक स्वर्गीय सोमेंद्र के पिता गोपाल सिंह बोहरा को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि 18 अप्रैल 2026 को एक दुखद हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण सोमेंद्र सिंह बोहरा का असामयिक निधन हो गया था।

वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से श्री वाराही धाम देवीधुरा, चम्पावत में आयोजित मंदिर के नव निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने कहा माँ वाराही का प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। वाराही धाम में आयोजित होने वाला बग्वाल मेला हमारी वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां वाराही मंदिर का नव-निर्माण मंदिर को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करेगा। यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा प्रदेश में स्थित चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर, हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप प्रदान करने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह देवभूमि है, यहां देवताओं का वास है, राज्य सरकार देवभूमि की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दिव्य,भव्य और सुरक्षित बनाने का अपना काम इसी प्रकार जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर और माँ रणकोची मंदिर, मां पूर्णागिरी मंदिर का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया गया है। लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहाघाट के छमनिया में लगभग ₹ 10 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य चल रहा है। सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण और सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग के सुधार कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण भी किया जा रहा है। देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मज़बूत नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार में दिल्ली और देहरादून से भेजा गया एक – एक पैसा, पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक डीबीटी के माध्यम से पहुँच रहा है।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, वाराही शक्ति पीठ ट्रस्ट संरक्षक/संस्थापक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पाण्डे, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एसीएलएस एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी, उपजिला चिकित्सालय में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन मशीन का लोकार्पण

जनपद चम्पावत के नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपजिला चिकित्सालय टनकपुर से एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अत्याधुनिक एम्बुलेंस के संचालन से क्षेत्र के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में अधिक उन्नत और त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकेगी, जिससे गंभीर मरीजों को अस्पताल तक सुरक्षित एवं शीघ्र पहुंचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर उपजिला चिकित्सालय टनकपुर में आधुनिक फेकोइमल्सीफिकेशन (Phacoemulsification) मशीन का भी लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक मशीन की स्थापना से अब मोतियाबिंद सहित विभिन्न नेत्र रोगों का उपचार आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को उपचार के लिए अन्य जनपदों की ओर नहीं जाना पड़ेगा तथा क्षेत्र के बुजुर्गों सहित सभी नेत्र रोगियों को विशेष लाभ मिलेगा।

एडवांस्ड कार्डियोवस्कुलर लाइफ सपोर्ट (ACLS) एम्बुलेंस को बहल पेपर मिल्स लिमिटेड, काशीपुर (सीएसआर के अंतर्गत) उपलब्ध कराया गया है। यह एम्बुलेंस अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों से सुसज्जित है, जो गंभीर हृदय रोग, दुर्घटना तथा अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल परिसर में स्थापित नई डायलिसिस मशीन का भी निरीक्षण किया तथा उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी ली।

इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन कक्ष (इमरजेंसी वार्ड) का भी भ्रमण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता तथा उपचार व्यवस्था के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, त्वरित उपचार तथा संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, ब्लॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, जिला महामंत्री हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केदार सिंह बृजवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

लोहाघाट होली रंग महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

लोहाघाट के रामलीला मैदान में आयोजित काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली गायन के साथ जनसमूह के साथ होली गायन में प्रतिभाग किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार स्तंभ हैं और चम्पावत के काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट और पारम्परिक होली गायन के लिए विशेष स्थान रखती है।

उन्होने कहा होली समारोह जैसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। चम्पावत में आधुनिक परिवेश के बीच भी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया और सभी प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की मंगलकामनाएं दीं।

इस दौरान माननीय सांसद (लोकसभा) एवं भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, दर्जा मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचयात अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, प्रेमा पांडे, सहित मुकेश कलखुड़िया, सुभाष बगोली, हिमेश कलखुड़िया, निर्मल महरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने चम्पावत को दी ₹74.54 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेला-2026 का भव्य शुभारंभ के अवसर पर जनपद चम्पावत के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए कुल 7454.74 लाख (74.54 करोड़ रुपये) की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जनता को समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, जनजातीय कल्याण और पर्यटन को मजबूती देने वाली पाँच प्रमुख योजनाओं का लोकार्पण किया जिसमें चलथी नदी पर दो लेन सेतु टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग पर चलथी नदी के ऊपर ₹5014.00 लाख की लागत से निर्मित 690 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड मोटर सेतु का लोकार्पण, ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बुक्सा एवं राजी जनजाति के उत्थान हेतु ग्राम खिरद्वारी में ₹60 लाख की लागत से निर्मित बहुउद्देशीय भवन, ₹659 लाख की लागत से राजकीय पशु प्रजनन फार्म, नरियाल गाँव (चम्पावत) के विकास कार्यों के प्रथम चरण तथा गुरु गोरखधाम में ₹271.39 लाख से विकसित पर्यटक अवस्थापना सुविधाएं तथा श्यामलाताल क्षेत्र को ईको-टूरिज्म हब बनाने हेतु ₹490.94 लाख के लेक फ्रंट डेवलपमेंट कार्यों का लोकार्पण सामिल है।

*₹9.59 करोड़ की 4 योजनाओं का हुआ शिलान्यास*

मुख्यमंत्री द्वारा 959.49 लाख की 04 नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई जिसमें चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधायक निधि से स्वीकृत ₹498.50 लाख के विभिन्न जनोपयोगी निर्माण कार्य के साथ ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा तहसील बाराकोट के अनावासीय भवन का निर्माण कार्य (लागत ₹302.50 लाख), मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत ब्रिडकुल (न्दपज पिथौरागढ़) द्वारा एड़ी मेला स्थल, कालूखान का सौंदर्यकरण कार्य (लागत ₹81.50 लाख), नगर पंचायत बनबसा में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज परिसर में ₹76.90 लाख की लागत से बनने वाले पार्क का शिलान्यास सामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ चम्पावत को एक आदर्श जनपद बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आज लोकार्पित और शिलान्यास की गई ये योजनाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार, पर्यटन और आवागमन की सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी। माँ पूर्णागिरि का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ें।

सीएम धामी ने लोहाघाट में निर्माणाधीन प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का किया स्थलीय निरीक्षण

जनपद चम्पावत के लोहाघाट क्षेत्र स्थित छमनिया में लगभग ₹256 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन राज्य के प्रथम महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत अवलोकन करते हुए कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएँ।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन फुटबॉल ग्राउंड, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबॉल कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक सहित अन्य खेल मैदानों की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही खिलाड़ियों हेतु 300 बालिकाओं की क्षमता वाले छात्रावास, स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, एकेडमिक ब्लॉक, मल्टीपर्पज हॉल, ऑडिटोरियम एवं गेस्ट हाउस के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लोहाघाट में स्थापित हो रहा यह महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रदेश की बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ प्रदान करेगा। यहाँ विकसित की जा रही सभी खेल व्यवस्थाएँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे प्रदेश की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान प्रशिक्षण, शिक्षा एवं आवास की समग्र व्यवस्था उपलब्ध कराते हुए विशेष रूप से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे बढ़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री सांसद अजय टम्टा, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।