मुख्यमंत्री ने चंपावत में किया सर्किट हाउस एवं देवभूमि रजत जयंती पार्क का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ नवनिर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने जनपद में लगभग 96 करोड़ रुपये की लागत की 16 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने।

मुख्यमंत्री ने कुल 95 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपये की लागत की 16 विकास योजनाओं की सौगात दी। इनमें 67 करोड़ 24 लाख 36 हजार रुपये की लागत की 11 योजनाओं का लोकार्पण तथा 28 करोड़ 75 लाख 62 हजार रुपये की लागत की 5 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से जनपद में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने के साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर जनसुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चम्पावत को आदर्श जनपद के रूप में विकसित करना राज्य सरकार का संकल्प है। इसके लिए आगामी 25 से 50 वर्षों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना तथा उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में सड़क, परिवहन, पार्किंग, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग सहित विभिन्न सड़कों को सुगम बनाया जा रहा है। जनपद में बाईपास, बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। टनकपुर में निर्माणाधीन आईएसबीटी से परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगभग 66 करोड़ रुपये की लागत का ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है। इसके साथ ही विद्युत लाइनों को भूमिगत करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। राज्य सरकार जनपद में पर्यटन, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं, पीआरडी जवानों, मिनिस्टीरियल संवर्ग एवं रोडवेज कर्मचारियों, पशुपालकों, राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व सैनिकों तथा सहकारिता से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। उन्होंने सप्तेश्वर/सप्तकोशी परिक्रमा प्रस्तावक समिति तथा मीडिया प्रतिनिधियों से भी संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला बार एसोसिएशन, चम्पावत के शपथ ग्रहण समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। आम नागरिकों को न्याय दिलाने और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार आमजन को सरल, सुलभ एवं समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद की न्याय पंचायतों में सामुदायिक उपयोग के लिए सामुदायिक भवनों के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने जिला बार एसोसिएशन, चम्पावत में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए चौम्बर निर्माण, वाहन पार्किंग तथा आधुनिक ई-लाइब्रेरी की स्थापना की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने विकासखंड चम्पावत की प्रत्येक ग्राम सभा को स्थानीय विकास कार्यों के लिए 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस धनराशि से ग्राम सभाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप पुस्तकालय, सड़क, आजीविका संवर्धन, आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन सहित अन्य जनहितकारी कार्य कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने 1.37 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित देवभूमि रजत जयंती पार्क का भी लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क में खेल रहे बच्चों को चॉकलेट वितरित कीं तथा स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।

मुख्यमंत्री के चम्पावत आगमन पर सर्किट हाउस हेलीपैड में जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव एवं जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

इस अवसर पर दर्जा प्राप्त मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय एवं मुकेश महाराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामंत, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता सतीश चन्द्र पाण्डेय, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय, शंकर दत्त पाण्डेय, निदेशक केएमवीएन रोहित बिष्ट, नामित सदस्य नगर पालिका गौरव पाण्डेय, सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने चंपावत जनपद के लिए की जनहित से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं

देहरादून/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के बनबसा में क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के साथ ही स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे एवं तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की कार्यवाही यथाशीघ्र की जाएगी। इससे संबंधित पट्टेदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा कॉरिडोर एवं कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत बनबसा एवं टनकपुर के प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण एवं विस्तारीकरण किया जाएगा। इससे क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तारीकरण के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की भी घोषणा की। इससे संस्थान के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

मुख्यमंत्री ने बनबसा एवं टनकपुर शहरी निकायों के अंतर्गत प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे एवं अस्थायी भवनों में निवास कर रहे नागरिकों के लिए स्थायी एवं पक्के आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की। इससे लंबे समय से अस्थायी आवासों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित एवं बेहतर आवासीय सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बनबसा और टनकपुर जैसे सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास, शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार और आवासीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

खेल महाकुंभ चैपियनशिप का शुभारंभ कर बोले सीएम, राज्य को खेलभूमि बनाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम, टनकपुर में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर खेल महाकुम्भ का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने पूर्ण अनुशासन, निष्पक्षता एवं खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली। खिलाड़ियों द्वारा योगासन एवं उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल महाकुम्भ प्रदेश की प्रतिभाओं को गांव की मिट्टी से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि उचित मंच और संसाधनों के अभाव में प्रदेश की कोई भी प्रतिभाशाली खेल प्रतिभा पीछे न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि खेल अनुशासन सिखाते हैं, आत्मविश्वास जगाते हैं, संघर्ष करना सिखाते हैं और गिरकर फिर उठने का साहस देते हैं। खेल स्वस्थ शरीर के साथ मजबूत चरित्र और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार खेलों को उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में खेल महाकुम्भ की शुरुआत प्रदेश के गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। आज खेल महाकुम्भ अपने दसवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्ष 2 लाख 20 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने खेल महाकुम्भ में प्रतिभाग किया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष और अधिक संख्या में बच्चे एवं युवा इसमें प्रतिभाग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष खेल महाकुम्भ को और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया है। न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय एवं राज्य स्तर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जा रहे हैं। इस वर्ष लगभग 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों के परिश्रम, प्रतिभा और उनके सपनों का सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि खेल महाकुम्भ के मंच से निकलने वाली प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सोच में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देश के गांवों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से भारत वैश्विक खेल मंच पर निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी उत्तराखंड में खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य की नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। साथ ही 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री खेल विकास निधि के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों एवं क्रीड़ा छात्रावासों में चयनित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल उपकरण, खेल किट, शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चौंपियन की तैयारी बचपन से ही शुरू होती है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, ताकि छोटी उम्र से ही उनकी खेल प्रतिभा को सही दिशा और प्रोत्साहन मिल सके।

उन्होंने कहा कि 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से मासिक छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना की स्थिति में बीमा संबंधी व्यवस्था भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के लिए मजबूत एवं आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। हाल ही में हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारम्भ किया गया है। इसके साथ ही खटीमा में आधुनिक खेल सुविधाओं से युक्त स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ के माध्यम से विभिन्न खेल विधाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जनपद की अपनी विशिष्ट खेल पहचान विकसित हो और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि वे पूरी ताकत, लगन, अनुशासन और निष्ठा के साथ मैदान में उतरें तथा अपने खेल के जुनून को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘खेल महाकुम्भ-2026’ उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प के बल पर उत्तराखंड को देश में ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने का हमारा ‘विकल्प रहित संकल्प’ अवश्य सिद्ध होगा।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों को पूर्ण समर्पण एवं खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल जीवन की महत्वपूर्ण शुरुआती सीढ़ी हैं। यहां से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के बल पर विभिन्न स्तरों से आगे बढ़ते हुए राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी तक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विकास के साथ खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

खेल महाकुम्भ-2026 के अंतर्गत 01 से 10 सितम्बर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं, 11 से 20 सितम्बर तक विधायक चौम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितम्बर तक सांसद चौम्पियनशिप ट्रॉफी तथा 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं के साथ महिला ओपन एवं दिव्यांगजन महिला-पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को भी विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, दायित्वधारी, अधिकारी, प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

देवीधुरा में आठ मिनट तक चले अनूठे ऐतिहासिक युद्ध में फल और फूलों का किया गया प्रयोग

चम्पावत के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ वाराही धाम देवीधुरा में ऐतिहासिक बग्वाल मेले का भव्य आयोजन हुआ। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आयोजित इस प्रसिद्ध मेले में आस्था, परंपरा, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले में प्रतिभाग करने के लिए मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी हेलीकॉप्टर से देवीधुरा हेलीपैड पहुंचे। हेलीपैड पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड पर पारंपरिक लोकनृत्य छोलिया की मनमोहक प्रस्तुति के साथ मा. मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने शक्तिपीठ माँ वाराही देवी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माँ वाराही मइया सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवीधुरा की पावन भूमि और विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बग्वाल मेले को उत्तराखंड की अगाध आस्था, समृद्ध लोक-संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विकास को केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रखते हुए ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊँ क्षेत्र के प्रमुख पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। देवीधुरा मंदिर परिसर में 4.27 करोड़ रुपये की लागत से गढ़वाल खाम भवन तथा 4.57 करोड़ रुपये की लागत से रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त घटोत्कच मंदिर का सौंदर्यीकरण, घटकु हिडिंबा मंदिर का निर्माण, सप्तेश्वर महादेव मंदिर में स्नानघाट तथा लधौनधुरा मेला स्थल का सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि घटोत्कच से झालिमाली मंदिर मार्ग के डामरीकरण पर 1.95 करोड़ रुपये, विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए 4.70 करोड़ रुपये तथा पूर्णागिरि मार्ग पर 5 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पाताल रुद्रेश्वर, खेतीखान सूर्य मंदिर, भूमिया देव मंदिर, भिगराड़ा मंदिर एवं डुंगरी-फत्याल शिव मंदिर से संबंधित विकास कार्य भी गतिमान हैं। विगत पांच वर्षों में धार्मिक अवस्थापना एवं सौंदर्यीकरण के तहत 68.58 करोड़ रुपये की लागत से 397 कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने देवीधुरा को नगर पंचायत क्षेत्र बनाने बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि देवीधुरा में 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बग्वाल मेले को ‘राजकीय मेला’ घोषित कर इसकी गरिमा बढ़ाने के साथ ही व्यवस्थाओं को भी और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन का मूल उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। उन्होंने प्रदेशवासियों और विशेष रूप से युवा पीढ़ी से अपनी समृद्ध लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए ‘विकास भी और विरासत भी’ के संकल्प को दोहराया।

चार खाम-सात थोक के बीच खेली गई ऐतिहासिक बग्वाल
मुख्यमंत्री ने चार खामदृसात थोक के बीच खेले जाने वाले इस अनोखे प्राचीन पाषाण युद्ध का भी अवलोकन किया। रक्षाबंधन के अवसर पर मेले में बच्चियों एवं महिलाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया।

पाटी विकासखंड में स्थित माँ वाराही धाम में प्रधान पुजारी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ बग्वाल की शुरुआत हुई। इसके बाद चारों खामकृवालिक (सफेद), चम्याल (गुलाबी), गहड़वाल (भगवा) और लमगड़िया (पीला)कृके बग्वालियों का प्रवेश हुआ। अलग-अलग रंगों के पारंपरिक वस्त्रों एवं पगड़ियों में सजे बग्वालियों के हाथों में बांस और रिंगाल से निर्मित ढालें थीं। शंखनाद और माँ वाराही के जयकारों के बीच बग्वाल का शुभारंभ हुआ।

फलों और फूलों की बरसात के बीच पूरा बग्वाल मैदान मां के जयकारों से गूंज उठा। इस वर्ष बग्वाल दोपहर 1रू48 बजे शुरू होकर 1रू55 बजे समाप्त हुई। 8 मिनट तक चले इस अनूठे ऐतिहासिक युद्ध में फल और फूलों का प्रयोग कर सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत रखा गया। पीठाचार्य पंडित कीर्तिबल्लभ जोशी के अनुसार, फल-फूलों से खेली जाने वाली बग्वाल को अत्यंत शुभ एवं फलदायी माना जाता है।खामों के आगमन एवं बग्वाल के संचालन की जिम्मेदारी पीठाचार्य श्री कीर्तिबल्लभ जोशी ने निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा, “माँ वाराही मइया सबकी चिंता करती हैं। यह अनोखी विरासत केवल देवीधुरा के बग्वाल मैदान में देखने को मिलती है। यहां की परंपरा अनुशासन और भाईचारे की मिसाल है, जहां बग्वाल के बाद सभी योद्धा गले मिलते हैं।”

मातृशक्ति के सम्मान, स्वावलंबन और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धः धामी

रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामलीला मैदान धूरा चंपावत में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत के सर्वांगीण विकास के लिए कुल ₹62.97 करोड़ की 50 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹11.08 करोड़ की 20 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹51.89 करोड़ की 30 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन योजनाओं से जनपद में सड़क, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा एवं धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की घोषणा की। इनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के स्थान धूरा में पेयजल योजना, धूरा से सेतीचौड़ ब्याला तक संपर्क मोटर मार्ग, ग्राम पंचायत ककनई के तोक बूंगा दुर्गापीपल तक सड़क, भागिना भंडारी में मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय दयारतोली तक सीसी मार्ग व इंटरलॉकिंग टाइल्स, धन एवं बस्तियागूंठ के विभिन्न मंदिरों का सौंदर्यीकरण शामिल है।

इसके साथ ही अमोड़ी, भलुवागाड़ी, डोलाकांडा, फुरकियाझाला, छतकोट, बेलखेत, खिरद्वारी , बुडम, झालाकुड़ी, नौलापानी एवं बस्तियागूंठ के मास्वाड तोक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भूकटाव एवं बाढ़ सुरक्षा हेतु वायरक्रेट कार्य, ग्राम पंचायत पोथ के लदिया नदी में झूला पुल, दियूरी से चौड़ा तक सड़क का सुधारीकरण एवं डामरीकरण, डांडा ककनई में सिंचाई हेतु नलकूप, सुखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग में हॉटमिक्स तथा बुडम के कठोल में झूला पुल निर्माण कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अपनी बहनों, माताओं, बेटियों और भांजियों के बीच अपने घर आए हैं। चम्पावत से मिलने वाला प्रेम और अपनापन उन्हें हमेशा ऊर्जा देता है। मुख्यमंत्री ने कुमाऊंनी भाषा में मातृशक्ति से संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति से रक्षा सूत्र बंधवाकर सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि राज्य की प्रत्येक मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा चम्पावत के विकास के लिए क्षेत्र में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल हिमालयी चोटियों और प्राकृतिक सौंदर्य से नहीं, बल्कि यहां की मेहनती, साहसी और आत्मनिर्भर मातृशक्ति से भी है। महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल सरकारी योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर परिवार एवं समाज के निर्णयों में भागीदार बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। चम्पावत में बेटियों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज हॉस्टल, आईटीआई लैब, ₹256.97 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान तथा महिला प्रौद्योगिकी पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, ताकि बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए गांव या जनपद से बाहर न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि लखपति दीदी बनने के बाद प्रदेश की माताएं-बहनें आगे बढ़कर करोड़पति बनें। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि इन उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए वोकल फॉर लोकल, हाउस ऑफ हिमालयाज, हिलांस आउटलेट, फूड वैन और ई-रिक्शा जैसे माध्यम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे महिलाओं को रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनने के अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक महिला आत्मनिर्भर होती है तो पूरा परिवार आत्मनिर्भर होता है। परिवार से गांव, गांव से समाज और समाज के सशक्त होने से पूरा उत्तराखंड सशक्त एवं समृद्ध बनता है। सरकार का उद्देश्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां किसी बेटी को अवसरों की कमी के कारण पलायन न करना पड़े और चम्पावत की मातृशक्ति विकास की मुख्यधारा में नेतृत्वकर्ता बनकर उभरे।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। बाल विकास विभाग के स्टॉल में उन्होंने छोटी बच्चियों के साथ केक काटकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री की ओर से उपहार भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, जिला महामंत्री भाजपा मुकेश कलखुड़िया, दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी जिला अधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चंपावत में सेवा पखवाड़ा के तहत लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टाल, लाभार्थियों ने उठाया लाभ

जनपद चम्पावत के बूमघाट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की दो महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ₹60.21 करोड़ की लागत से बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के तट पर बाढ़ सुरक्षा (तटबंध) निर्माण कार्य तथा ₹5.74 करोड़ की लागत से पूर्णागिरी तहसील के ग्राम छीनीगोठ की सुरक्षा हेतु हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में आगमन पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक टीका, पटका, कुमाऊँनी टोपी, पुष्पवर्षा तथा छोलिया नृत्य के साथ स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।

कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने शारदा नदी पर संचालित बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रबंधन समितियों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों, खिरद्वारी जनजाति समूह, व्यापार मंडल, कृषक बंधुओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़े के अंतर्गत लगाए गए विभागीय स्टॉलों का भी व निरीक्षण किया। कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर मुख्यमंत्री ने योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। महिला स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से रोटी एवं चटनी तैयार की, जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री के सहज एवं सरल व्यवहार ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर में निक्षय योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण किट भी वितरित की तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा तटबंध केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि माँ शारदा नदी लाखों परिवारों के जीवन एवं आजीविका का आधार है। जहाँ जल होता है, वहीं जीवन होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें माँ पूर्णागिरि धाम आने का अवसर मिलता है, यहां की जनता का स्नेह उन्हें अपने परिवार जैसा अपनापन देता है। उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं बपर्यटन की नई पहचान देने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग ₹3300 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं के विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ष्विकास भी और विरासत भीष् के मंत्र को आत्मसात करते हुए मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर तथा माँ वाराही धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक तथा पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य तेजी से चल रहे हैं।


उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि विकसित चम्पावत, सुरक्षित भविष्य और समृद्ध उत्तराखण्ड की मजबूत नींव हैं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की तथा पूर्णागिरी एवं बनबसा क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख आंचल बोरा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी एवं दीपक राजवार, जिला प्रभारी गुंजन सुखीजा, जिला सहप्रभारी हिमांशु बिष्ट, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. खाती सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

युवा शक्ति ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने का सबसे बड़ा आधारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, चंपावत में आयोजित “युवा संवाद युवा शक्ति, उत्तराखंड की प्रगति” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय जनता एवं युवाओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, सुझावों एवं विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों को सुना और उनका उत्तर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा किसी भी राज्य और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभाशाली, ऊर्जावान और नवाचार की क्षमता से भरपूर हैं। उनके सामर्थ्य के बल पर ही विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व के सबसे युवा देशों में शामिल है और यही युवा ऊर्जा देश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने की क्षमता रखती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं को केवल अवसर तलाशने वाला नहीं, बल्कि अवसर देने वाला बनाने की दिशा में कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलों से युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना और ग्रामीण कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद” योजना और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाओं से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट नीति और पारदर्शी व्यवस्था के कारण उत्तराखंड में बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही, पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और योग्यता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल संस्कृति को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन ने यह साबित किया है कि देवभूमि अब खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा, खेल और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट जारी कर योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा ही नए उत्तराखंड का निर्माता है और उनकी प्रगति में ही प्रदेश की प्रगति निहित है।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का विकल्प रहित संकल्पः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चम्पावत में आयोजित ऐतिहासिक ‘गोल्ज्यू महोत्सव-2026’ के समापन समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि चम्पावत को देश का सर्वश्रेष्ठ और आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार का ‘विकल्प रहित संकल्प’ है।

04 मई से प्रारंभ हुए 13 दिवसीय इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव का आज हर्षाेल्लास और जनउत्साह के साथ विधिवत समापन हो गया। मुख्यमंत्री धामी ने नगरपालिका परिषद चम्पावत, जिला प्रशासन एवं समस्त क्षेत्रवासियों को इस भव्य, गरिमामयी और सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक कलाओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

न्याय के देवता के रूप में पूजनीय गोल्ज्यू महाराज की पावन भूमि को नमन करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, श्रद्धा और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित करते हैं। उन्होंने कहा कि गोल्ज्यू महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि चम्पावत की सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त मंच है।

मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को महोत्सव की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों की मातृशक्ति द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिली है।

पहाड़ी दालों, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री से स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनजागरूकता एवं स्वरोजगार आधारित स्टॉलों के माध्यम से आम जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई, जो अत्यंत सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जनपद चम्पावत के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में माँ वाराही धाम देवीधुरा, बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर सहित जनपद के विभिन्न धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चम्पावत में ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ तथा टनकपुर में ‘शारदा कॉरिडोर’ का निर्माण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही जनपद के आंतरिक मोटर मार्गों का चौड़ीकरण, आधुनिक पार्किंग सुविधाओं का विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत में प्रस्तावित आधुनिक ड्राई पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, आईएसबीटी टनकपुर, आंतरिक पेयजल योजनाएं तथा मीडिया सेंटर गेस्ट हाउस जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं जिले में विकास की नई इबारत लिख रही हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से विकास के इस महायज्ञ में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकास की गति निरंतर दोगुनी होती रहेगी। उन्होंने पुनः समस्त चम्पावत वासियों को सफल गोल्ज्यू महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।

गौरतलब है कि महोत्सव के अंतिम तीन दिनों में आयोजित ‘स्टार नाइट’ कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। समापन अवसर पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक इंदर आर्या, प्रख्यात गायिका माया उपाध्याय तथा युवा गायक नीरज चुफाल ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियों से समूचे वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

देर रात तक चले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए और इसी के साथ गोल्ज्यू महोत्सव-2026 का भव्य समापन संपन्न हुआ।

इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, दर्जा राज्य मंत्री मुकेश महराणा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में जनपदवासी उपस्थित रहे।

माँ वाराही धाम का होगा भव्य व दिव्य कायाकल्प, धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचानः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद चम्पावत के ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध माँ वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा पहुँचकर मंदिर के नवनिर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि माँ वाराही धाम केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धाम का विकास इसकी पौराणिक गरिमा एवं मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक अनुभूति भी प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि माँ वाराही धाम आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने माँ वाराही मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

उल्लेखनीय है कि लगभग ₹15 करोड़ की अनुमानित लागत से माँ वाराही मंदिर के भव्य नवनिर्माण कार्य को चार खाम सात थोक एवं माँ वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट द्वारा आगामी दो से तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। मंदिर निर्माण में राजस्थान के विशेष नक्काशीदार पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जबकि मंदिर की स्थापत्य कला एवं शिल्प कार्य गुजरात के विशेषज्ञ कारीगरों की देखरेख में संपन्न होंगे।

निरीक्षण के दौरान जगदीश चंद्र गहतोड़ी ‘नवनीत’ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत संचालित निपुण भारत अभियान से संबंधित अपनी पुस्तक “निपुण का संगीत” मुख्यमंत्री को भेंट की।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, माँ वाराही मंदिर समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, समिति अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने चंपावत में दिवंगत बोहरा के परिजनों को दी 10 लाख की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत निवासी स्वर्गीय सोमेंद्र सिंह बोहरा के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उनके परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने ₹10 लाख की आर्थिक सहायता राशि का चेक स्वर्गीय सोमेंद्र के पिता गोपाल सिंह बोहरा को सौंपा।

उल्लेखनीय है कि 18 अप्रैल 2026 को एक दुखद हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण सोमेंद्र सिंह बोहरा का असामयिक निधन हो गया था।