चारधाम यात्रा में 18989 से अधिक की गई ओपीडी, श्रद्धालुओं को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ

उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा का शुभारंभ किया जा चुका है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं हेतु स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रुप से मुस्तैद है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने अवगत कराया कि चारधाम यात्रा में अब तक 94,218 से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है साथ ही 18,989 से अधिक ओपीडी की गयी है।

डॉ विनीता शाह द्वारा बताया गया कि हर धाम पर विशेष स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं जहाँ 24 घंटे मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध हैं। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, नर्स व प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात है। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थलों पर मोबाइल मेडिकल यूनिट स्थापित की गई हैं जो आवश्यकता पड़ने पर तीर्थयात्रियों को चिकित्सा सहायता प्रदान करती हैं। यात्रा के मुख्य मार्गों और बेस कैंपों पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए हैं जहाँ रक्तचाप, शुगर लेवल, और अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

श्रद्धालुओं से अपील करते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने कहा कि चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के दौरान श्रद्धालुओं को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें व सुनिश्चित करें कि आप यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। नियमित व्यायाम और उचित आहार का पालन करें ताकि आपकी सहनशक्ति बनी रहे। अपनी नियमित औषधियाँ और आवश्यक दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में साथ रखें। ऊँचाई पर होने वाली समस्याओं के लिए आवश्यक दवाइयाँ भी साथ रखें।

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह ने कहा कि ऊँचाई पर ठंड और बर्फबारी का ध्यान रखते हुए गर्म कपड़े, टोपी, दस्ताने, और अच्छे जूते पहनें। ट्रेकिंग के लिए उपयुक्त उपकरण और सामान साथ रखें। शुद्ध पानी पिएं और अपने साथ पर्याप्त पानी रखें। हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन करें। यात्रा के दौरान भारी भोजन से बचें। ऊँचाई पर चढ़ाई करते समय धीरे-धीरे अनुकूलन करें और अपने शरीर को आराम दें। अत्यधिक थकान से बचें और नियमित अंतराल पर विश्राम करें। ऊंचाई वाले क्षेत्र में सांस फूलने या थकावट आने कि स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में परामर्श लें या फिर कम ऊंचाई की तरफ प्रस्थान करें।

श्रद्धालु किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व सहायता हेतु विभाग के 24 घंटे टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104, 18001801200 व 01357156104 पर संपर्क कर सकते हैं। श्रद्धालु यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाएं।

राज्य में वित्तीय समावेशन को आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्य सेवक सदन में एचडीएफसी बैंक के राजपुर गांव की 111वीं शाखा, युकाडा के विभिन्न सॉफ्टवेयर एवं चार-धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित एटीएम का वर्चुअल शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का जो मंत्र दिया है, वह मंत्र तभी सार्थक हो सकता है जब हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सामान्य जन सुविधाओं को पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि आज राज्य में वित्तीय समावेशन को एक आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण की दिशा में प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने वित्तीय संस्थानों की सराहना करते हुये कहा कि राज्य में वित्तीय संस्थानों, विशेषकर बैंकों द्वारा ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देने के प्रयास भी उत्साहजनक रहे हैं, लेकिन हमें इस क्षेत्र में बुनियादी स्तर पर कार्य करने की और अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के तहत सुदूर गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में एचडीएफसी बैंक की वर्तमान में कई शाखाएं संचालित हैं, जिसके माध्यम से प्रदेश के निवासियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें एचडीएफसी बैंक लगातार सफल हो रहा है। यही नहीं एचडीएफसी बैंक पेपर लैस वर्क कल्चर को अधिक तरजीह देता है, जो डिजिटल तकनीक का विशिष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का निरन्तर प्रयास और संकल्प है कि प्रदेश के हर कोने और अन्तिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश जनधन खातों का महत्व देख व समझ रहा है तथा बैंक खातों की वजह से ही सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया का आधा डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहा है, जिसमें हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने एचडीएफसी बैंक द्वारा सरकार को दिये जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि बैंक द्वारा जहां केदारनाथ धाम के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि प्रदान की गई थी, वहीं जोशीमठ के सहायतार्थ भी आर्थिक मदद की गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लोक केंद्रित पहल शुरू करने में सबसे आगे रही है तथा जब एचडीएफसी जैसे बैंक इन पहलों में सरकार का सहयोग करने के लिए आगे आते हैं, तो यह साझेदारी समाज के लिए अत्यंत लाभकारी होती है। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक अथवा अन्य बैंक जहां आदर्श स्थिति में खड़े हो सकते हैं, वह आदर्श स्थान, देवभूमि उत्तराखण्ड ही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने हमेशा आजीविका के अवसरों को बढ़ाने, आय के विविध और स्थायी स्रोतों को प्रदान करने, रोजगार और उद्यमिता को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है ताकि उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हम बैंकों, कॉरपोरेट्स और अन्य व्यवसायों को उत्तराखंड में स्थापित और विस्तारित करने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बैंकों सहित विभिन्न व्यवसायों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रही है, जिससे राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य मानकों में सुधार किया जा सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एचडीएफसी बैंक पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष में एचडीएफसी ने जहां दो लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर उस लक्ष्य को प्राप्त किया, वहीं इस वर्ष भी 5 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित कर पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये एचडीएफसी बैंक के स्टेट हेड बकुल सिक्का, ब्रांच हेड अखिलेश कुमार राय ने बैंक के क्रियाकलापों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अपर सचिव वित्त, नागरिक उड्डयन सी0रवि शंकर सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जिले के प्रभारी मंत्री और अपर मुख्य सचिव को घटना की मॉनिटरिंग के दिये निर्देश

उत्तरकाशी के तहसील भटवाड़ी अंतर्गत गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के पास यात्रियों की बस खाई में गिरने के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय प्रशासन को तेजी से राहत-बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने जिले के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल एवं अपर मुख्य सचिव से भी फोन पर वार्ता कर घटनास्थल पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यकता पड़ने पर देहरादून में हेलीकॉप्टर को तैयार रहने के लिए कहा गया है। गंगनानी में हुई इस घटना में कुछ लोगों के हताहत होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों मे स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
वहीं, प्रभारी मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने जिला प्रशासन से फोन पर वार्ता की और घटना की जानकारी जुटाई। घायलों को फोरन एबंुलेंस अथवा हवाई सेवा के माध्यम से एम्स में भर्ती कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जिला प्रशासन को हर संभव मदद करने के निर्देश दिये गये है।

कड़ी मशक्त के बाद दमकल कर्मियों ने बुझाई आग, दो बसें जलकर हुई राख

संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में एक निजी बस में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग की लपटें उठते ही कंपाउंड में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें उठने से बगल में खड़ी दूसरी निजी बस भी चपेट में आ गई। अग्निशमन कर्मचारियों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक दो बसें जलकर राख हो गई। जबकि पास खड़ी तीसरी बस को आग लगने से बचा लिया गया।
सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में रिपेयरिंग के दौरान एक बस ने आग पकड़ ली। मरम्मत में जुटे कर्मचारी आग लगते ही भाग खड़े हुए। तेजी से फैलती आग में बस धूं-धूं कर जली, तो उसकी लपटें बगल में खड़ी बस तक पहुंच गई, जिससे वह बस भी जलकर खाक हो गई। बसों में आग लगने से कैंपस में अफरा-तफरी फैल गई। आसपास खड़े लोगों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। अग्निशमन कर्मचारियों ने आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि पार्किंग में आग सिर्फ तीन बसों तक ही सीमित रही, जबकि बगल में ही दर्जनों की संख्या में और भी बसें खड़ी थी। हादसे में किसी के हताहत होने की अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। अग्निशमन अधिकारी बीरबल सिंह ने बताया कि यह हादसा प्रथम दृष्टया बस में रिपेयरिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से हुआ। बताया कि बस मालिक हनीफ ने करीब पांच लाख रुपये का नुकसान होना बताया है। फिलहाल विभागीय टीम आग लगने से सही कारणों की जांच में जुटी है।

उत्तराखंड को नए फिल्म इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित किए जाने पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं अभिनेता अक्षय कुमार के बीच उत्तराखंड को नए फिल्म इंडस्ट्री हब के रूप में विकसित किए जाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य दिन प्रतिदिन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक नए शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मांकन के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड को एक बड़े फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने पर विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके लिए नई फिल्म नीति पर भी कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा फिल्मांकन के लिए फिल्मकारों को अनेकों सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
अभिनेता अक्षय कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मंगलवार को उन्हें श्री केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शन का सुअवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने श्री केदारनाथ धाम में किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने श्री केदारनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं के प्रति भी राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया।

ट्रांजिट कैंप का लोकार्पण कर मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में लगभग 22.25 करोड़ रूपये की लागत से चारधाम यात्रियों के लिए बने रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र में चन्द्रभागा नदी के दायें तट पर ढ़ालवाला पुल से बस अड्डा तक लगभग 4.71 करोड़ रूपये से निर्मित आस्था पथ के ऊपर सी.सी. मार्ग के निर्माण कार्य का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रियों के लिए रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिट कैम्प के लोकार्पण के अवसर पर चारधाम यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत किये जा रहे सभी कार्यों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने ट्रांजिट कैम्प में चिकित्सालय, पंजीकरण कार्यालय, पूछताछ एवं सहायता केन्द्र का अवलोकन भी किया और वहां की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं अच्छी रखी जाए। यात्रियों के साथ शालीनता पूर्वक व्यवहार किया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से चारधाम यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने सभी का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेम चंद अग्रवाल, सासंद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, मेयर ऋषिकेश, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल के. एस. नगन्याल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

25 लाख के करीब पहुंचने वाला है श्रद्धालुओं का पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 25 लाख पार पहुंचने वाला है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 8.65 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। मौसम खराब होने से फिलहाल आठ मई तक केदारनाथ के लिए पंजीकरण पर रोक लगाई गई है। पूर्व में जिन यात्रियों ने पंजीकरण किया है, उन्हें ही यात्रा की अनुमति होगी।
सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य किया है। चारों धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कोई संख्या तय नहीं है। लेकिन लगातार मौसम खराब होने के कारण यात्रा प्रभावित हो रही है। पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 22 फरवरी से अब तक चारधाम यात्रा के लिए 24.53 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है। इसमें 22 अप्रैल से 5 मई तक चार लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में काफी उत्साह है। खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम का पंजीकरण रोका गया है। बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के लिए नियमित रूप से पंजीकरण हो रहे हैं।

चारधाम के लिए पंजीकरण की स्थिति
धाम पंजीकरण की संख्या
केदारनाथ 864597
बदरीनाथ 725370
गंगोत्री 442372
यमुनोत्री 394896
हेमकुंड साहिब 25674

निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं का निर्माण हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तर पर निराश्रित गोवंश के रहने के लिए गौशालाओं की उचित व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने शहरों में निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना से पूरे प्रदेश को आच्छादित करना है। उन्होंने विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों में घूम रहे गौवंशों को गौशालाओं में रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग, नगर निगम और पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में अपने अपने निर्धारित कार्य करें, ताकि किसी प्रकार का संशय न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं का संचालन एनजीओ के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में जानवरों को उठाने के लिए हाइड्रोलिक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि इससे जानवरों को लिफ्ट करने में घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें इस कार्य के लिए एनजीओ सहित भूमि की तलाश शुरू करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं के लिए भूमि लीज पर दिए जाने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया जाएगा। पुरानी गौशालाओं के विस्तारीकरण और नई गौशालाओं के निर्माण के लिए जिलाधिकारी निर्णय ले सकेंगे। जिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नगर निगम, नगर पालिकाएं एवं नगर पंचायतें पूरी तरह से आच्छादित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां बायोगैस बनाई जा सकती है, उन स्थानों में बायो गैस योजनाएं शुरू की जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव नितेश झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम एवं अपर सचिव शहरी विकास नवनीत पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

चार धाम यात्रा के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त बजट को मिली मंजूरी

चार धाम यात्रा के लिए भारत सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को ओर भी मजबूत किए जाने हेतु यात्रा क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्साधिकारियों, नर्सेस व अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए प्रोत्साहन राशि की मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य सचिव एवं एन.एच.एम. मिशन निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि चार धाम यात्रा से पहले कई समीक्षा बैठकों तथा श्री बद्रीनाथ व श्री केदारनाथ धाम में स्थलीय स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण के दौरान यह महसूस किया गया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी कार्य करते हैं, उनको निश्चित तौर में अतिरिक्त मानदेय दिया जाना चाहिए। जिसके लिए भारत सरकार से अतिरिक्त धनराशि के लिए बजट की मांग की गई थी जिसको भारत सरकार ने स्वीकारा है और चार धाम यात्रा के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत अतिरिक्त बजट की मंजूरी दी है। निश्चित तौर पर इससे चारधाम क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्साकर्मियों का उत्साहवर्धन होगा।
सचिव द्वारा बताया गया कि श्री केदारनाथ धाम रुट में केदारनाथ 3500-3600 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1500 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 1000 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 700 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। भीम बली-बडी लिनचोली 2600-3200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। सोनप्रयाग-जंगल चट्टी 1800-2500 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 700 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 500 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 300 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। रुद्रप्रयाग-फाटा 700-1500 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 400 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 250 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 150 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
वहीं श्री बद्रीनाथ धाम रुट में घांघरिया-बद्रीनाथ 3000-3100 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। गौचर-गोविंद घाट 800-1800 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 400 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 250 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 150 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
श्री गंगोत्री धाम रुट में हर्षिल-गंगोत्री 2700-3200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिक एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। चिनियालिसौड़-गंगनानी 900-2000 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 450 रुपये, पैरामेडिक एवं नर्सेस को 300 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 200 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
श्री यमुनोत्री धाम रुट में जानकी चट्टी-यमुनोत्री 2600-3300 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 1000 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 600 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 400 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी। डामटा-राना चट्टी 650-2200 मीटर की ऊंचाई में तैनात चिकित्सकों को 450 रुपये, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं नर्सेस को 300 रुपये व चुतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 200 रुपये की धनराशि प्रतिदिन दी जाएगी।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया की यात्रा रुट में स्वास्थ्य मित्रों को भी नियुक्त किया जा रहा है, जिनका चयन स्थानीय स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकरी द्वारा किया जाएगा। स्वास्थ्य मित्र स्वास्थ्य कर्मियों व यात्रीगणों की किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य इकाइयों में पहुंचाने का कार्य करेंगे। स्वास्थ्य मित्रों को प्रतिदिन 570 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य मित्रों को दो दिवसीय लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब के लिए भी भारत सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई है।

आईटीबीपी के जवानों ने श्री बदरीनाथ धाम में चलाया स्वच्छता अभियान

उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा के आरम्भ के साथ ही आईटीबीपी द्वारा श्री बदरीनाथ धाम एवं इसके आस-पास स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। आईटीबीपी के जवानों द्वारा बद्रीनाथ मंदिर के निकट पहाड़ियों व जलस्रोतों को स्वच्छ रखने हेतु अभियान चलाया गया है। गुरूवार को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर आईटीबीपी के जवानों द्वारा श्री बदरीनाथ मंदिर के निकट दुर्गम पहाड़ी पर रैपलिंग करते हुए यात्रियों द्वारा फेंके गए कूड़े को हटाया गया। आईटीबीपी द्वारा यह अभियान निरन्तर जारी रहेगा। प्रशासन ने भी आईटीबीपी के जवानों के इस स्वच्छता अभियान की प्रशंसा की। इससे चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों को धामों व चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आईटीबीपी के जवानों को श्री बदरीनाथ धाम में स्वच्छता अभियान संचालित करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।