स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को युवा पीढ़ी का बताया जाये-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में देश की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हो रहे आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत महोत्सव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’राष्ट्र सर्वप्रथम’ के विजन को बताता है। इस आयोजन के लिये भारत सरकार द्वारा जो निर्देश दिये गये हैं उसके अनुसार कार्यक्रमों का गरिमा व भव्यता के साथ आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि अब इसकी समयावधि वर्ष 2023 तक बढ़ाई गई है। अतः इस अवधि में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की स्पष्ट रूप रेखा निर्धारित कर ली जाय। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव का संदेश आमजन तक पहुंचे, इसकी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

गरिमामयी आयोजन हो

मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के तहत अब तक हुए कार्यक्रमों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भावी कार्यक्रमों के आयोजन के लिये सभी जिलाधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिये जाय। आयोजन गरिमा के साथ आयोजित हो इसके लिये सभी सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।

युवा जानें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान हमारे लिये सर्वोपरि है। इस अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम, आजादी के लिये हमारे पूर्वजों द्वारा दिये गये बलिदान से भावी पीढ़ी को परिचित कराने में भी मददगार होंगे। उन्होंने इस आयोजन में विभिन्न संस्थानों, संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं, एन.सी.सी, एन.एस.एस. की भी भागीदारी सुनिश्चित कराने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी महान विभूतियों के जीवनवृत्त पर प्रदर्शनी आदि के साथ ही उनके जीवन दर्शन पर आधारित लघु फिल्में भी तैयार की जाय। उन्होंने इस आयोजन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान आदि से सम्बन्धित राज्य स्तरीय गीत तैयार कर उसके माध्यम से भी प्रचार प्रसार के निर्देश दिये।

हर घर झंडा

मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के तहत आयेजित होने वाले ‘‘हर घर झंडा कार्यक्रम’’ के सम्बंध में प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने इस सम्बंध में आवश्यक दिशा निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

इस सम्बंध में सचिव संस्कृति हरि चन्द्र सेमवाल ने बताया कि इस आयोजन के तहत पूरे देश में 75 ऐतिहासिक महत्व के विशिष्ट स्थलों से प्रत्येक राज्य से दो या तीन विशिष्ट स्थलों को शामिल किये जाने की प्रक्रिया में राज्य से अल्मोड़ा एवं देहरादून को चयनित किया गया है। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समिति का भी गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के अंतर्गत अब तक सभी जनपदों में संबंधित विभागों द्वारा मैराथन दौड़, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर प्रदर्शनी, नशा मुक्ति कार्यक्रम, विचार गोष्ठी, सम्मेलनध्सेमिनार, वृक्षारोपण का आयोजन किया गया है, जबकि खादी प्रदर्शनी, क्विज कार्यक्रम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवनवृत्त पर नुक्कड़ नाटक पेंटिंग प्रतियोगिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से सम्बन्धित स्थलों का भ्रमण, निबंध प्रतियोगिता, साइकिल रैली के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

इस अवसर पर पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव राधिका झा, प्रभारी सचिव डॉ. वी षणमुगम, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चैहान, अपर सचिव युगल किशोर पंत, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, निदेशक संस्कृति वीणा भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के जीरो पेंडेसी और सुशासन पर सख्त ध्यान देने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से लेकर जिलों के नौकरशाहों को जीरो पेंडेसी और सुशासन पर सख्त ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जिलास्तर के कार्यों का हल मौके पर ही निकाला जाए। रविवार को मुख्यमंत्री धामी ने ट्वीट करते हुए अफसरों को जीरो पेंडेसी को गंभीरता से लेने की हिदायत दी। कहा कि अफसर एक कार्य योजना तहत ऐसे कार्यों को लें और नियत समय के भीतर उनका निराकरण करें। उन्होंने साफ हिदायत दी है कि जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को नहीं भेजे जाएं और मौके पर इन्हें हल करें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जिलास्तर से छोटे-मोटे काम शासन को भेजे जाने से जहां ऐसे कार्यों के निस्तारण में वक्त लग जाता है, वहीं संबंधित लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। उनके सामने भविष्य में यदि ऐसा कोई मामला आता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। कहा कि वे प्रदेश के हर क्षेत्र की समस्याओं से वाकिफ हैं उनका इरादा हर उत्तराखंडी के चेहरे पर मुस्कान लाना है। इसके लिए अफसर सुशासन पर जोर दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड के प्रति भावनात्मक लगाव है। राज्य की समस्याओं से वे भी पूरी तरह से वाकिफ हैं और इनके हल और राज्य के विकास के लिए उनका लगातार मार्गदर्शन भी मिल रहा है। आल वेदर रोड, भारत माला, ऋषिकेश से कर्णप्रयाग से ट्रेन, चारधाम को ट्रेन से जोड़ने आदि महत्वकांक्षी योजनाएं इसके उदाहरण हैं।

प्रत्येक कार्य दिवस पर जनसमस्याएं सुनें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनके लोकापर्ण की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अफसरों को प्रत्येक कार्य दिवस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनता की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए हैं।

जिलों सहित कई शासन के अधिकारियों में फेरबदल

चुनावी मोड में दिख रही धामी सरकार ने सूबे के आला अफसरों को कसना शुरु कर दिया है। शनिवार की देर रात चार जिलाधिकारियों समेत 34 वरिष्ठ आईएएस अफसरों को इधर से उधर कर दिया गया। बता दें कि कुछ अरसे पहले भी बड़े पैमाने पर सचिवालय के अफसरों के महकमे बदले गए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद जहां बीते दिन शासन के कार्यभार में बड़ा फेरबदल किया गया था तो वहीं अब जिलों के जिलाधिकारियों समेत अन्य आईएएस अधिकारियों के भी तबादले कर दिए गए हैं।
शनिवार देर रात जारी तबादले की लिस्ट में 34 आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं जिसमें मुख्य रुप से स्मार्ट सिटी के सीईओ आशीष श्रीवास्तव को अपर सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनसे स्मार्ट सिटी के सीईओ की जिम्मेदारी लेकर आर राजेश कुमार को दे दिया गया है। यही नहीं, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को उच्च शिक्षा की भी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
शासन से जारी सूची में राधा रतूड़ी, पंकज पांडेय, आर राजेश कुमार, हरिश्चंद सेमवाल, दीपक रावत, विजय कुमार यादव, विनोद सुमन, सविन बंसल. झरना कमठान, अतर सिंह और संजय टोलिया को अतिरिक्त महकमों का प्रभार देकर उनका कद बढ़ाया गया है।    
दिलीप जावलकर स्थानीय आयुक्त नई दिल्ली बनाया गया है जबकि उनसे सचिव धर्मस्व एवं संस्कृति। एसए मुरुगेशन को सचिव लघु सिंचाई की जिम्मेदारी से अवमुक्त कर दिया गया है। पंकज पांडे को सचिव गन्ना चीनी प्रबंधन निदेशक उत्तराखंड शुगर फेडरेशन की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। हरीश चंद्र सेमवाल को सचिव लघु सिंचाई तथा धर्मस्व एवं संस्कृति बनाया गया है।
चंद्रेश कुमार यादव को सचिव प्रभारी गन्ना चीनी तथा प्रबंध निदेशक उत्तराखंड शुगर फेडरेशन पद से अवमुक्त कर दिया गया है। भूपाल सिंह मनराल से सचिव प्रभारी सचिवालय प्रशासन का भार हटा लिया गया है। दीपक रावत को एक बार फिर कुंभ मेला अधिकारी हरिद्वार की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। विजय कुमार यादव को निदेशक कौशल विकास एवं प्रशिक्षण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जबकि आशीष श्रीवास्तव से स्मार्ट सिटी के सीईओ का प्रभार लेकर उसे देहरादून के जिलाधिकारी डॉ आर राजेश कुमार को दे दिया गया है।
विनय शंकर पांडे को जिलाधिकारी हरिद्वार के साथ ही उपाध्यक्ष हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण। विनोद कुमार सुमन को सचिव प्रभारी सचिवालय प्रशासन, सी रविशंकर से जिलाधिकारी हरिद्वार का जिम्मा ले लिया गया है। अपर सचिव वित्त चिकित्सा चिकित्सा शिक्षा तथा महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी दी। आनंद स्वरूप से जिलाधिकारी पिथौरागढ़ का प्रभार लेकर अपर सचिव ग्राम्य विकास आयुक्त ग्राम विकास तथा निबंधक सहकारिता का जिम्मा सौंपा गया है। आशीष कुमार श्रीवास्तव को अपर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी विज्ञान एवं तकनीकी निदेशक बनाया गया है। नितिन सिंह भदोरिया से जिलाधिकारी अल्मोड़ा का प्रभार ले लिया गया है। आशीष चैहान को जिलाधिकारी पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वाति भदौरिया को चमोली जिलाधिकारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। वंदना सिंह को अल्मोड़ा और हिमांशु खुराना चमोली का जिलाधिकारी बनाया गया है। आशीष भटगाई को मुख्य विकास अधिकारी उधमसिंह नगर, सवीन बंसल को परियोजना प्रबंधक, यूपीएपीयूआरपी बनाया गया है। रामविलास यादव से अपर सचिव समाज कल्याण का प्रभार ले लिया गया है। झरना कमठान को अपर सचिव समाज कल्याण तथा प्रबंध निदेशक बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम बनाया गया है। प्रताप सिंह शाह को अपर सचिव राज्य संपत्ति राज्य संपत्ति अधिकारी और अरुणेंद्र सिंह चैहान को अपर सचिव वित्त बनाया गया है। अभिषेक रोहिल्ला बने आयुक्त नगर निगम देहरादून तथा परियोजना निदेशक उत्तराखंड शहरी विकास एजेंसी। योगेंद्र यादव को मिली अपर सचिव सैनिक कल्याण तथा सिंचाई की जिम्मेदारी।
देव कृष्ण तिवारी को अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तराखंड खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड,  प्रदीप सिंह रावत को अपर सचिव समाज कल्याण महिला कल्याण आयुक्त निशक्तजन एवं निदेशक महिला कल्याण बनाया गया है। सुरेश जोशी को सचिव समाज कल्याण निदेशक जनजाति निदेशालय एवं अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी उत्तराखंड खादी ग्राम उद्योग बोर्ड से अवमुक्त कर दिया गया है। अतर सिंह को अपर सचिव लोक निर्माण विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। वेरी राम को अपर सचिव सचिवालय प्रशासन तथा तकनीकी शिक्षा, और संजय सिंह टोलिया को मिली निदेशक जनजाति निदेशालय की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिवहन व्यवसाईयों ने रखी समस्या, सकारात्मक आश्वासन भी मिला

उत्तराखंड परिवहन महासंघ का 5 सदस्य प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड के परिवहन व्यवसायियों की समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से देहरादून में उनके आवास मैं मिलकर अपना मांग पत्र सौंपा।

महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय ने मुख्यमंत्री को परिवहन व्यवसाई की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि चार धाम यात्रा का संचालन 2 वर्ष से नहीं हो पाया है जिस कारण वाहन स्वामियों की आर्थिकी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। वाहन स्वामी वाहनों की किस्त नहीं दे पा रहा है, वहीं बिना चले वाहनों का टैक्स भरना पड़ रहा है। यातायात पर्यटन विकास सहकारी संघ के उपाध्यक्ष नवीन रमोला ने बताया कि परिस्थितियां सामान्य होने पर कुछ वाहनों को लोकल सेवा के रूप में सड़कों पर उतारा गया है परंतु पुलिस एवं आरटीओ प्रवर्तन दल द्वारा नाहक ही चालान की कार्रवाई की जा रही है। जबकि उत्तराखंड की सीमा लगते हुए राज्यों द्वारा जैसे उत्तर प्रदेश और हिमाचल में परिवहन अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि गंभीर अपराध होने पर ही वाहनों का चालान किया जाए।

गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत एवं यात्रा प्रभारी मदन कोठारी ने बताया कि यदि शीघ्र वाहन स्वामियों को आर्थिक राहत का पैकेज नहीं दिया जाता है, तो वाहन स्वामी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएगा। इसलिए सरकार को चाहिए कि शीघ्र अति शीघ्र वाहन स्वामी के हितों के लिए राहत पैकेज घोषित करें मुख्यमंत्री ने समस्त मांगों को गंभीरता पूर्वक सुना एवं आश्वासन दिया कि शीघ्र अति शीघ्र राहत पैकेज घोषित किया जाएगा। जिसमें निश्चित तौर पर वाहन स्वामियों को लाभ होगा।

सीएम से मिले किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर, कई विषयों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किसान मौर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने भेंट की। उन्होंने किसान हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ सभी किसानों को समय पर मिले तथा उनकी कठिनाईयों का तत्परता से निराकरण हो इसके लिये भी प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, उपाध्यक्ष मुकेश मान, महामंत्री शंभु कुमार, प्रदेश अध्यक्ष किसान मौर्चा अनिल चैहान, देवी सिंह राणा, महेन्द्र सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।