तीर्थ पुरोहितों, होटल एवं ट्रैवल संगठनों ने मुख्यमंत्री धामी का जताया आभार

राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड के चारों धामों में यात्रियों की संख्या सीमित न किए जाने के निर्णय पर चारों धामों से जुड़े तीर्थ पुरोहितों, पुजारियों, हितधारकों, चार धाम होटल एसोसिएशन, ट्रैवल एजेंसियों एवं विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर चारों धामों से जुड़े तीर्थ पुरोहितों और हितधाकरकों ने मुख्यमंत्री को कपाट खुलने के अवसर पर आमंत्रित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए चार धाम यात्रा को और अधिक सुगम एवं सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में दर्शन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाएं सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सभी मतूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी को सहभागी बनने की अपील की।

चार धाम यात्रा से जुड़े संगठनों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय प्रदेश की आस्था, अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, परिवहन क्षेत्र तथा अन्य संबंधित सेवाओं को भी व्यापक लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों और शीतकालीन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाईन पंजीकरण हमेशा खुला रखने का आग्रह किया।

सभी प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठाती रहेगी। उन्होंने प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं, सुविधाओं के विस्तार तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान भी मौजूद थे।

इस दौरान उत्तराखण्ड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष पं. सुरेश सेमवाल, महासचिव बृजेश सती, ब्रह्मपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के अध्यक्ष उमेश सती, यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल, उपाध्यक्ष संजीव उनियाल, पुरूषोत्तम उनियाल, चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता, सचिव निखिलेश सेमवाल, यमुना घाटी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सोबन सिह राणा, गौरव उनियाल, सन्दीप राणा, अध्यक्ष उत्तरकाशी होटल एसोसिएशन शैलेन्द्र मटूड़ा, अध्यक्ष श्री केदार घाटी होटल एसोसिएशन धर्मेन्द्र नौटियाल, अध्यक्ष श्री बद्रीनाथ धाम होटल एसोसिएशन शैलेश ध्यानी, प्रशान्त डिमरी, अशोक सेमवाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दिया जाए कौशल प्रशिक्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकापर्ण करने के साथ ही 8005 श्रमिकों के खाते में 17 करोड़ से अधिक राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तातंरण किया।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड को अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि, अनुदान वितरण में पारदर्शिता बरते जाने के क्रम में ऑफलाईन अनुदान वितरण बन्द कर ऑनलाईन निस्तारण एवं डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में धनराशि का हस्तांतरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए अब तक 11828 लाभार्थियों को कुल 29.89 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। आज 8005 लाभार्थियों को कुल 17.25 करोड़ की धनराशि वितरित की जा रही है। इस प्रकार विगत 06 माह में अब तक कुल 19833 लाभार्थियों को 47.14 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय श्रमिकों को पलम्बर, इलैक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेन्टर आदि क्षेत्रों में कौशल प्रदान किया जाए। इसी तरह योगा एंव वेलनेस में रोजगार की सम्भावना को देखते हुए आगामी सत्र में श्रमिकों के बच्चों को योग एवं वेलनेस में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण उपरान्त विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास करे। इसके लिए विदेश मंत्रालय भारत सरकार में पंजीकृत एजेन्सी के माध्यम कार्यवाही की जाए। साथ ही श्रमिकों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने और उनका समय- समय पर स्वास्थ्य परीक्षण पर भी ध्यान दिया जाए। इस हेतू श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि उनके रोजगार में व्यवधान उपलब्ध न हो।

इस मौके पर श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि UKLCCMS Portal पोर्टल के माध्यम से अब तक 16000 अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, जिसके जरिए शुल्क के रूप में 80,00000.00 (रूपये अस्सी लाख मात्र) धनराशि जमा हो चुकी है, साथ ही बोर्ड के पास अब तक कुल 324 करोड़ की धनराशि सेस के रूप में जमा हो चुकी है। जिसे श्रमिकों के कल्याण में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बीच सामग्री वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। जिससे लाभार्थियों का लाईव फोटो एवं जियो ट्रेकिंग द्वारा सामग्री वितरण सुनिश्चित किया जायेगा। इस मौके पर उपायुक्त विपिन कुमार सहित बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।

डीएम जनता दर्शन में 100 से अधिक मसले, अन्य जिले से भी प्राप्त हुई फरियाद

जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज अपने कार्यालय कक्ष में जनमानस की शिकायतें सुनी। जिलाधिकारी प्रत्येक दिन अपने कार्यालय कक्ष में आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनते है तथा सम्बन्धित विभागों से उनका समयबद्ध निस्तारण भी करवाते है। डीएम स्वयं शिकायतों की मॉनिटिरिंग करते है। डीएम अपने कार्यालय कक्ष में प्रतिदिन अपने कार्यों के साथ ही जनमानस की शिकायतें भी सुनते है प्रतिदिन फरियादियों की संख्या 40 से अधिक ही होती है।

जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में चले आज के जनदर्शन में संगतियावाला भानियावाला निवासी दीपा ने गुहार लगाई कि एकल अभिभावक है उनकी 04 वर्षीय बेटी का लालन पोषण की जिम्मेदारी है उन्होंने डीएम से उज्ज्वला गैस कनैक्शन दिलवाने का अनुरोध किया जिस जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को असहाय दीपा को उज्ज्वला गैस कनैक्शन दिलाते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए। दीपा जिलाधिकारी का धन्यवाद किया दीपा इससे पूर्व दीपा की बेटी को स्कूल में दाखिला दिलाया तथा दीप के प्रकरण पर ई एफआईआर भी कराई।

जिला उत्तरकाशी तहसील पुरोला ग्राम वेष्टी पल्ली निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मंजरी देवी ने अपने आवेदन पत्र के माध्यम से फरियाद लगाई कि उनके परिवार में एक पुत्र व एक पौत्री है पुत्र मानसिकरूप से बीमार है जिनका उपचार चल रहा है पौत्री शारीरिक रूप से असहाय है तथा बिस्तर से उठने में असमर्थ है। अपनी उम्र एवं शारीरिक अक्षमता के कारण पौत्री को नही संभाल पा रही हॅंू, उनके बाद पौत्री का क्या होगा इसकी चिंता लगी रहती है, मंजरी देवी ने अपनी पौत्री को दिव्यांगजनों हेतु कार्य कर रहे संस्थान में प्रवेश दिलाने का अनुरोध किया जिस पर जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को रफेल होम में प्रवेश दिलाते हुए समन्वय करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।

अधोईवाला निवासी बीना देवी एवं त्यागी रोड निवासी राखी ने अपनी खराब पारिवारिक स्थिति के कारण बेटी की फीस भरने में असमर्थता के चलते पढाई बाधित होने की फरियाद सुनाते हुए डीएम से सहायता की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने बीना देवी की 02 पुत्रियों तथा राखी की पुत्री की स्कूल फीस हेतु प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने के जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास को निर्देश दिए।

नेमी रोड डालनवाला निवासी प्राची सिंह जिनकी जिला प्रशासन द्वारा नंदा-सुंनदा से एमसीए में दाखिला दिलाने के साथ ही संस्थान तक आवागमन पूर्ण व्यय जिला प्रशासन वहन कर रहा है ने शिक्षा हेतु लैपटॉप का अनुरोध किया गया जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब फंड से लेपटॉप दिलाने हेतु कार्यवाही के निर्देश दिए।
ब्रहा्रमपुरी निवासी मनीष शर्मा ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि वर्ष 2006 में चार बच्चों को कंरट से बचाने में उनके बुरी तरह झुलस जाने के कारण काट दिए गए है। उनके 02 बच्चें है उन्होने जिलाधिकारी से सहायता की गुहार लगाई, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब से 25000 आर्थिक सहायता हेतु पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बुजुर्गों महिलाओं एवं असहायों के तीन शिकायती प्रकरणों पर ईएफआईआर भी दर्ज कराई गई।

उत्तराखंड के टिहरी में केंद्रीय विद्यालय की होगी स्थापना, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के मदननेगी में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान किए जाने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा मदन नेगी, टिहरी गढ़वाल में नए केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। यह विद्यालय सिविल सेक्टर के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से मदननेगी एवं आसपास के क्षेत्र में नोनीहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर शैक्षिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाने एवं उनके भविष्य को संवारने के लिए संकल्पित है।

नए केन्द्रीय विद्यालय का संचालन प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक (प्रत्येक कक्षा में एक सेक्शन) किया जाएगा, जिसे आवश्यकता एवं स्वीकृति के अनुसार आगामी वर्षों में क्रमिक रूप से विस्तारित किया जाएगा।साथ ही प्रवेश प्रक्रिया सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूर्ण होने के 30 दिनों के भीतर प्रारंभ कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि यह निर्णय भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति के क्रम में लिया गया है, जिसके तहत देशभर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने हैं। मदान नेगी, टिहरी गढ़वाल स्थित यह विद्यालय उन्हीं स्वीकृत विद्यालयों में शामिल है।

उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर सम्मान मिलने पर सीएम धामी ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड पुलिस को “राष्ट्रपति पुलिस कलर” (President’s Police Colour) से अलंकृत किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य के इतिहास का “स्वर्णिम और गौरवपूर्ण अध्याय” बताया है। सीएम कहा कि उत्तराखंड के लिए यह क्षण केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि गौरव, परंपरा और अदम्य सेवा भावना का जीवंत प्रमाण बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में भेंट कर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड पुलिस को देश के उन चुनिंदा पुलिस बलों की श्रेणी में स्थापित करता है, जिन्हें उनकी विशिष्ट और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक सहित सभी अधिकारियों और जवानों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए भारत के माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन ने उत्तराखंड पुलिस को इस उच्च सम्मान तक पहुँचाया है। यह उपलब्धि न केवल पुलिस बल की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है, बल्कि पूरे उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किया कि यह सम्मान केवल एक अलंकरण नहीं, बल्कि वर्षों की वीरता, अनुशासन, उत्कृष्ट सेवा, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की मान्यता है। यह पुरस्कार एक कठोर और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद दिया जाता है, जिसमें पुलिस बल के हर आयाम—कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा और तकनीकी नवाचार—का गहन परीक्षण किया जाता है।

यह सम्मान पुलिस बल के ध्वज और वर्दी पर अंकित होकर उसके गौरव, अस्मिता और परंपरा का स्थायी प्रतीक बन जाता है, साथ ही हर पुलिसकर्मी के लिए प्रेरणा और जिम्मेदारी का स्रोत भी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखते हुए अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आधुनिक तकनीक और स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से जनता का विश्वास जीतना इस उपलब्धि का प्रमुख आधार रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस की भूमिका आपदा प्रबंधन में विशेष रूप से सराहनीय रही है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में पुलिस बल ने अद्भुत साहस, त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हजारों लोगों के जीवन की रक्षा की।

इसके साथ ही महाकुंभ, चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों में सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन का उत्कृष्ट संचालन पुलिस की दक्षता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, पर्यटन सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग जैसे क्षेत्रों में उत्तराखंड पुलिस ने तकनीकी सशक्तिकरण और जनसहभागिता के माध्यम से एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना के “रजत जयंती वर्ष” में यह सम्मान मिलना इस उपलब्धि को और भी अधिक विशेष और ऐतिहासिक बनाता है। यह उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा, सेवा और समर्पण का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड पुलिस “मित्रता, सेवा, सुरक्षा” के अपने ध्येय वाक्य के साथ आगे भी राष्ट्र और राज्य की सेवा में निरंतर अग्रसर रहेगी। राज्य सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वैश्विक मानकों की स्मार्ट पुलिसिंग स्थापित की जा सके।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड पुलिस के इतिहास का “स्वर्णिम अध्याय” बताते हुए कहा कि यह सम्मान प्रत्येक अधिकारी और जवान के समर्पण, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ-साथ पुलिस परिवारों के त्याग और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि भविष्य में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी।

उत्तराखंड पुलिस अब इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ राष्ट्र एवं राज्य की सेवा और सुरक्षा में और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी।

दून में आयोजित कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभाग

देहरादून के एक स्थानीय होटल में आयोजित विकसित “उत्तराखंड कॉन्क्लेव” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न समसामयिक विषयों पर पूछे गए प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू करना शामिल है। इस कानून के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और युवाओं का विश्वास सरकार पर मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि अब तक 30,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के जेंडर बजट प्रावधान किए हैं। साथ ही, 2.65 लाख से अधिक महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे राज्य में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को भी अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इस दिशा में अग्रणी राज्य बना है और यदि अन्य राज्य भी इसे अपनाते हैं तो उन्हें अत्यंत प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि “यूसीसी की गंगा उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में प्रवाहित होनी चाहिए”, जिससे सामाजिक समरसता और समानता को बल मिलेगा।

कानून व्यवस्था और पारदर्शिता के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल प्रकरणों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसके साथ ही, चर्चित अंकित भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग और अन्य संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी उन्होंने विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा किए गए विशेष प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अग्निवीरों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तर पर कई योजनाएं और प्राथमिकताएं तय की गई हैं, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें पारदर्शी भर्ती प्रणाली, निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियां, पर्यटन को सशक्त बनाने के प्रयास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास, सड़क एवं कनेक्टिविटी में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा, और पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम शामिल हैं। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तराखंड को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के इन प्रयासों से उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित करेगा और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।

काशीपुर से सड़क मार्ग से खटीमा पहुंचे सीएम धामी, हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सड़क मार्ग से काशीपुर से खटीमा पहुंचे। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों द्वारा उनका भव्य एवं अभूतपूर्व स्वागत किया गया। कई स्थानों पर बुलडोजर के माध्यम से भी स्वागत कर जनता ने अपना उत्साह और समर्थन प्रदर्शित किया।

यात्रा के दौरान काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, दिनेशपुर, किच्छा, सितारगंज सहित कई स्थानों पर भारी संख्या में लोग अपने लोकप्रिय नेता के इंतजार में सड़कों के किनारे खड़े रहे। युवाओं, माताओं-बहनों एवं बुजुर्गों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। हर जगह जनसैलाब उमड़ा और लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उत्साहपूर्वक भागीदारी दिखाई।

जगह-जगह आयोजित स्वागत कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता राज्य सरकार की विकास नीतियों और जनहितकारी निर्णयों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस विकास यात्रा की सक्रिय सहभागी बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपार स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश के विकास, सुशासन और जनसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समग्र और संतुलित विकास के लिए संकल्पबद्ध है, ताकि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सके।

राज्य में स्थापित होंगे दो आधुनिक साहित्य ग्राम: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह-2025 में उत्तराखंड के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया।

इसके साथ मुख्यमंत्री ने डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, श्याम सिंह कुटौला, डॉ. प्रीतम सिंह, केसर सिंह राय एवं अताए साबिर अफजल मंगलौरी को “उत्तराखंड दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट साहित्यकारों एवं “युवा कलमकार प्रतियोगिता” के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने साहित्य नारी वंदन सम्मान के अंतर्गत प्रो. दिवा भट्ट, उत्कृष्ट बाल साहित्य हेतु प्रो. दिनेश चमोला, उत्तराखंड मौलिक रचना पुरस्कार के अंतर्गत डॉ भूपेंद्र बिष्ट, डॉ सुधा जुगरान, शीशपाल गुसाई, उत्कृष्ट कुमाऊनी एवं गढ़वाली साहित्य हेतु तारा पाठक, हेमंत सिंह बिष्ट एवं गजेंद्र नौटियाल आदि को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्हें प्रदेश के महान साहित्यकारों को सम्मानित करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि “उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान” से सम्मानित डॉ. जितेन ठाकुर न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।

उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी रचनात्मकता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को समृद्ध करने के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि “उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान” समारोह प्रदेश की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मक चेतना और साहित्यकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन का केंद्र रही है, जहां हिमालय, गंगा और प्राकृतिक सौंदर्य ने अनेक लेखकों और कवियों को प्रेरित किया है। सुमित्रानंदन पंत, गौरा पंत “शिवानी”, मोहन उप्रेती और शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों ने इस धरा को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक केवल शब्दों के निर्माता नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन और उत्तराखंड राज्य निर्माण में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा विभिन्न पुरस्कारों के माध्यम से साहित्यकारों को सम्मानित करने के साथ-साथ ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य में दो “साहित्य ग्राम” स्थापित किए जा रहे हैं, जहां साहित्यकारों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है और साहित्यिक धरोहर को पुनर्स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रेरणा से राज्य सरकार भी उत्तराखंड की बिखरी साहित्यिक धरोहर को संकलित एवं संरक्षित करने के लिए प्रयासरत है।

अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के साहित्यकारों से आह्वान किया कि वे अपनी रचनाओं के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाएं तथा समाज को दिशा देने का कार्य निरंतर करते रहेंगें।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लेखक, साहित्यकार, पत्रकार एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में सरकारी आवासीय ढांचे को मिलेगा नया स्वरूप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्यसचिव आनंद बर्धन के दिशा-निर्देश पर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की व्यापक योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है, बल्कि सरकारी आवासीय परिसंपत्तियों का व्यवस्थित रखरखाव और विस्तार सुनिश्चित करना भी है। राज्य संपत्ति विभाग के अनुसार लंबे समय से कई सरकारी आवास जर्जर हो चुके हैं, जिससे कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सरकार अब ऐसे आवासों की पहचान कर उन्हें मरम्मत और पुनर्निर्माण के माध्यम से बेहतर बनाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है।

*जर्जर आवासों की पहचान, नए निर्माण की तैयारी*
सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौजूद जर्जर सरकारी आवासों का सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया है। जिन भवनों की स्थिति बेहद खराब है, उन्हें या तो पुनर्निर्मित किया जाएगा या फिर उनकी जगह नए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे। इसके साथ ही जहां भी विभागीय या सरकारी भूमि उपलब्ध है, वहां आवश्यकता के अनुसार नए आवासीय परिसरों के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। इन आवासों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सके। सरकार का मानना है कि बेहतर आवास मिलने से कर्मचारियों का कार्य परिवेश भी बेहतर होगा और वे अधिक दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

*कार्यों की निगरानी के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति*
इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए राज्य संपत्ति विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध भूमि, जर्जर भवनों और नए निर्माण की संभावनाओं का त्वरित सर्वेक्षण किया जाए। सर्वेक्षण के आधार पर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि निर्माण और मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर स्वीकृति मिल सके। इसके अलावा कार्यदायी संस्थाओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी की संभावना कम हो सके।

*रेसकोर्स में बनेंगे नए आवास*
राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेसकोर्स क्षेत्र में भी नए आवासों के निर्माण की योजना बनाई गई है। यहां जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई भूमि पर श्रेणी-2 के 31 नए आवास बनाने का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा गया। इसके अलावा 6 मार्च 2026 को इसी कॉलोनी में उपलब्ध अन्य भूमि पर श्रेणी-4 के 10 आवासों के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की गई। दोनों परियोजनाओं के लिए सिंचाई विभाग के परियोजना खंड द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन आवासों के निर्माण के लिए श्रेणी-2 के 31 आवासों पर लगभग 1458.56 लाख रुपये और श्रेणी-4 के 10 आवासों के लिए लगभग 743.95 लाख रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है।

समिति की बैठक में इन परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके बाद विचार-विमर्श के पश्चात दोनों योजनाओं को स्वीकृति देने पर सहमति व्यक्त की गई। सरकार की इस पहल को प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेहतर आवासीय सुविधाओं से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों की दक्षता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

*आवास सचिव डॉ आर. राजेश कुमार का बयान*
राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में पुराने सरकारी आवास जर्जर स्थिति में पहुंच चुके हैं, इसलिए उनकी पहचान कर मरम्मत और पुनर्निर्माण की योजना तैयार की जा रही है।उन्होंने कहा कि जहां भी विभागीय भूमि उपलब्ध है, वहां नए और आधुनिक आवासों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिल सके। डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई गई है। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में पूरे प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाना है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिवेश मिल सके।