देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के 68 मेधावी विद्यार्थियों का दल 16 सितंबर को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर होगा रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कीर्तिनगर विकासखंड अंतर्गत स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के 10वें संस्करण के तहत भ्रमण पर जाने वाले 68 मेधावी विद्यार्थियों के दल से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी यात्रा एवं तैयारियों की जानकारी ली तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को देश की विविधता, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और विकास को करीब से समझने का अवसर प्रदान करता है। ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के ज्ञान को कक्षा की सीमाओं से बाहर ले जाकर उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में सहायक होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी भ्रमण के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों की विशेषताओं को समझें, वहां की उपलब्धियों से सीखें और अपने अनुभवों को अपने साथियों के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को देश के बड़े एवं प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करने का अवसर मिलना उनके भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में उद्देश्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने तथा गुरुजनों और माता-पिता के प्रति श्रद्धाभाव बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इतिहास बनाया है, उन्होंने सामान्य से असामान्य बनने के लिए निरंतर प्रयास किया है। यदि संकल्प दृढ़ हो और प्रयास सच्चे मन से किया जाए तो कोई भी ताकत सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इस दिशा में उत्तराखण्ड को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में उत्तराखण्ड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण की पहल के लिए विधायक श्री विनोद कंडारी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लगातार 10 वर्षों तक इस प्रकार के कार्यक्रम को संचालित करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि आज का दिन उनके लिए गर्व और ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों का सीधे मुख्यमंत्री से संवाद करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विकास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हमेशा सहयोग रहा है और क्षेत्र से जुड़ी आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण की शुरुआत में अनेक कठिनाइयां आईं, लेकिन आज इसके सकारात्मक परिणाम सामने हैं। इस पहल से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हुई है और बच्चे बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थी अब 96 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर रहे हैं।

आवास विभाग की 63 परियोजनाओं का कार्य पूर्ण

देहरादून। प्रदेश में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की साल दर साल बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में जुट गई है। ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और चारधाम यात्रा को और सुगम बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। आवास विभाग उत्तराखण्ड पार्किंग सुविधाओं के विकास में जुटा है। चार वर्षों में आवास विभाग ने 63 पार्किंग परियोजनाओं के तहत 4202 वाहनों की क्षमता की पार्किंग का निर्माण कराया है। धामी सरकार के इस कदम से जहां पर्वतीय जिलों में आम लोगों और पर्यटकों को जाम से राहत मिली है, वहीं स्थानीय लोगों की राह भी आसान हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग सुविधाओं के विकास पर विशेष फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर उत्तराखण्ड का आवास विभाग पर्वतीय जनपदों के प्रमुख शहरों, तीर्थ स्थलों और पर्यटन केंद्रों में पार्किंग नेटवर्क के विस्तार में जुटा है। स्थान की उपलब्धता के अनुसार सरफेस पार्किग, बहुमंजिला (मल्टीलेवल) पार्किंग और ऑटोमेटेड पार्किंग का निर्माण किया गया है।

आवास विभाग की विकसित पार्किंग एक नजर में

जनपद वाहन क्षमता
अल्मोड़ा 1087
नैनीताल 679
चंपावत 600
उत्तरकाशी 477
पिथौरागढ़ 309
रुद्रप्रयाग 304
पौड़ी 256
चमोली 201
टिहरी 163
बागेश्वर 126

हल होगी नैनीताल की पार्किंग समस्या
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर अब सरोवर नगरी नैनीताल में पार्किंग की समस्या हल हो सकेगी। प्रदेश सरकार मेट्रोपोल होटल परिसर क्षेत्र में पार्किंग का निर्माण कर रही है। इस पार्किंग के तैयार होने पर लगभग 700 वाहन यहां पार्क किए जा सकेंगे।

कैंची धाम में बहुमंजिला पार्किंग
सुप्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बहुमंजिला (मल्टी लेवल) पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इस पार्किंग में एक बार में पांच सौ से अधिक वाहन पार्क किए जा सकेंगे।

हल हुई पार्किंग की समस्या : डॉ राजेश
उत्तराखण्ड सरकार के के सचिव, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशानिर्देशों के क्रम में प्रदेश में पार्किंग सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है। पर्वतीय जनपदों में 63 पार्किंग परियोजनाओं का कार्य पूर्ण होने के बाद पार्किंग की समस्या काफी हद तक हल हो गई है। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी राहत मिली है।

कोट———

उत्तराखण्ड देश-दुनिया के पर्यटकों और श्रद्धालुओं का पसंदीदा गंतव्य बन गया है। पिछले वर्ष ही छह करोड़ से अधिक लोग यहां पहुंचे हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार लगातार यात्री सुविधाओं का विस्तार कर रही है। जाम की समस्या से निपटने के लिए सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों और चार धाम यात्रा मार्गों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। आवास विभाग और अन्य एजेंसियां इस काम में जुटी हैं।

-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ेंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखते हुए नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अभियान के अंतर्गत 11 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव और लाभार्थियों की कहानियों को भी प्रमुखता से सामने लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं के केन्द्र, गैस वितरण केंद्रों, राशन दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, गंगा तट, आदि पर दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक कार्यक्रम किए जाएंगे। नए मेडिकल कॉलेज, बांध/पुल, अमृत सरोवर, जन औषधि केंद्र जैसे स्थलों पर भी सामूहिक कार्यक्रम किए जाएंगे। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत–चित्र सेवा’ के अंतर्गत प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में ‘विकसित भारत’ के संकल्प तथा 25 वर्षों के कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित चित्रकला, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चयनित चित्र विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे तथा अभिभावकों और नागरिकों को भी इन प्रदर्शनियों से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नमो सेवा–अनकही कहानियां के माध्यम से देश की उपलब्धियों पर आधारित नाटकों का विद्यालयों में मंचन किया जाएगा। साथ ही आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, अभिभावकों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता से गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मातृ-बाल स्वास्थ्य, पोषण तथा मातृ-शिशु कल्याण से संबंधित जानकारी पर विशेष जोर रहेगा। अभिभावकों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा की कहानियों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं राज्य की योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को सामने लाया जाएगा। भाषण, चित्रकला और कहानियों के माध्यम से इन बदलावों को जनता तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। एवं ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत किसी प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत 2047’ से संबंधित कलश की स्थापना प्रस्तावित है। कलश यात्रा के साथ साइकिल एवं बाइक यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा : मेरा योगदान कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, शिक्षण कार्य तथा अन्य समाजोपयोगी सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को अभियान में सक्रिय भागीदार बनाना है। एवं सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ राज्य सरकार की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से विकसित भारत 2047 की दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया जाएगा। एवं सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों को जोड़कर उनसे वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्या-विवरणियां प्राप्त की जाएंगी। IITs, IIMs एवं विशेषज्ञों को ज्यूरी/मेंटर के रूप में जोड़ने तथा चयनित नवाचारों को संरक्षण, मार्गदर्शन एवं परीक्षण की सुविधा देने की परिकल्पना है। अनुमोदन, परीक्षण एवं नियामकीय सहयोग के लिए आवश्यक सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सेवा संवाद के तहत सेवा और सुशासन के विषय पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद किया जाएगा। अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित फोटो, वीडियो, लाभार्थियों के अनुभव तथा सकारात्मक बदलाव की कहानियों को मीडिया के माध्यम से भी व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का मूल भाव सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को केवल प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सेवा, संवाद, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प का सक्रिय सहभागी बनाना है|

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड राज्य से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री की मन भूमि – देवभूमि उत्तराखंड है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरे देश ने विकसित भारत का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में प्रत्येक देशवासी की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा सेवा संकल्प अभियान को हर जिले में विस्तृत रूप से मनाए जाएंगे, जिसमें हर जिले के प्रभारी मंत्री भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, जिसे जन समर्थन से आगे बढ़ाया जायेगा।

‘देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है’, पूर्वोत्तर के युवाओं का मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में My Home India द्वारा आयोजित “NeST Fest-2026” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं का देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से स्वागत किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए My Home India की टीम को बधाई दी।

मुख्यमंत्री धामी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं तथा महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा ऊर्जा के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई दे रहा है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश की उस युवा शक्ति के प्रतिनिधि हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है।

उन्होंने कहा कि NeST Fest केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखण्ड के रहन-सहन, पहाड़ी परिवेश तथा भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीयता और मजबूत होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत देश के अन्य हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का सेतु बन गया है। My Home India द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है। यही भावना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बन रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारतीय संस्कृति के उस चमकते हुए मुकुट के समान है, जिसके बिना भारत की विविधता और सुंदरता अधूरी है। यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा में सशक्त प्रहरी की भूमिका निभाता है। पूर्वोत्तर ने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्व. भूपेन हजारिका जैसी अनेक महान प्रतिभाएं देश को दी हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से भारत का नाम रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को कभी देश से दूर नहीं माना, बल्कि उसे दिल के करीब रखा और देश के विकास का महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन माना। दशकों पुरानी “लुक ईस्ट” नीति को आगे बढ़ाते हुए “एक्ट ईस्ट” और “फास्ट ईस्ट” की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद पूर्वोत्तर में सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से पूर्वोत्तर में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए द्वार खुले हैं। आज पूर्वोत्तर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति माना है। इसी सोच के साथ डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं, नए विद्यालय और मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए हैं तथा उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए संस्थान विकसित किए गए हैं। इससे पूर्वोत्तर के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 में उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड से राष्ट्रीय खेलों की मशाल पूर्वोत्तर भेजी गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्वोत्तर में होने वाले राष्ट्रीय खेल भी खिलाड़ियों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे तथा देशभर के खिलाड़ियों को उत्तराखण्ड की तरह ही बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के युवा खिलाड़ी आज अपनी प्रतिभा, मेहनत और जज्बे के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर से उत्तराखण्ड में शिक्षा प्राप्त करने आए छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि “देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में रह रहे पूर्वोत्तर के युवाओं की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे खूब पढ़ें, खूब खेलें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवा विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का संतों की उपस्थिति में संदेश, बार बार चुनाव विकास में बाधक

हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संत समागम को सम्बोधित करते हुए “एक राष्ट्र-एक चुनाव” की ताकत और आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बार-बार होने वाले चुनावों को देश की प्रगति के लिए बाधक बताते हुए संत समाज से इस संवैधानिक परिवर्तन के लिए जनजागरण का आह्वान किया। उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस मौके पर उपस्थित रहे और केंद्रीय मंत्री के साथ जुड़कर समर्थन व्यक्त किया।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए इस आग्रह और संकल्प का खुलकर समर्थन करते हुए “एक राष्ट्र-एक चुनाव” की परिकल्पना को देश के हित में आवश्यक करार दिया। कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव राष्ट्र की विकास गति और जनसेवा को प्रभावित कर रहे हैं और समय, पैसा तथा प्रशासनिक ऊर्जा का भारी क्षय कर रहे हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि लगातार चुनावों के कारण स्कूलों में पढ़ाई रुकती है, प्रशासनिक मशीनरी चुनाव की तैयारियों में लग जाती है और जनता तक विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती है। उन्होंने चुनावों की तैयारी पर लगने वाले समय और खर्च, जो रिपोर्ट के मुताबिक लाखों करोड़ तक पहुँचते हैं, को रोका जा सके तो देश लाभान्वित होगा। चौहान ने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ हों तो संसाधनों की बचत होगी, चुनाव सम्बंधी समय की बचत होगी और प्रशासनिक ध्यान विकास पर केंद्रित रहेगा।

उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे अपनी उपस्थिति और कहने की शक्ति से जनजागरण में मदद करें। कहा कि संतों के आशीर्वाद और उनके शिष्यों के व्यापक प्रभाव से यह विचार देश में तेजी से फैल सकता है और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित के लिए एक मजबूत जनप्रेरणा बन सकती है।उन्होंने यह भी निवेदन किया कि संत अपने प्रवचनों में “एक राष्ट्र-एक चुनाव” का समर्थन करें ताकि जनता में उत्साह पैदा हो और संवैधानिक संशोधन का मार्ग सुगम बने। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस विषय पर उठाए गए कदमों और विधेयक का उल्लेख करते हुए उनका समर्थन किया और कहा कि यह काम सिर्फ एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है, देश आगे रहेगा तो पार्टियाँ भी बनी रहेंगी।

उन्होंने उपस्थित संत समाज और जनता से आशीर्वाद मांगा और वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संत समाज का साथ मिलने पर “एक राष्ट्र-एक चुनाव” का संकल्प पूरा हो सकता है और इससे भारत के समृद्धि, विकास व आत्मनिर्भरता के मार्ग खुलेंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में वंदे मातरम के महत्व पर विशेष जोर दिया और कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, न कि किसी पार्टी या समुदाय का। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के पूर्व मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम के दो टुकड़े कर दिए गए थे और वही विभाजन का एक कारण बना; अब और भारत विभाजित नहीं होने दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने संत समाज से आह्वान किया कि वे अपने प्रवचनों में वंदे मातरम के पूरे स्वरूप का समर्थन करें और जनता में यह भावना जगाएं कि देश की मातृभूमि की वंदना में कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब संतों की आवाज़ से जनजागरण होगा, तो कोई भी वंदे मातरम के पूरे गान का विरोध करने का साहस नहीं कर पाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, सुशासन, जनकल्याण और देश के संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़ा राष्ट्रीय विषय है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव लोकतंत्र में पर्व के समान हैं, लेकिन निरंतर चलने वाली चुनावी प्रक्रिया का प्रभाव शासन और विकास कार्यों पर भी पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से आचार संहिता लागू होने के साथ बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, पुलिस और सुरक्षा बलों को चुनाव संबंधी दायित्वों में लगाना पड़ता है। यदि देश में एक साथ चुनाव कराने से सार्वजनिक धन और संसाधनों की बचत होती है तथा प्रशासन को जनसेवा और विकास कार्यों के लिए अधिक समय मिलता है, तो यह लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाते हुए इसे आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विकास की निरंतर गति आवश्यक है। आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे समय में शासन का अधिकतम समय विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों पर लगना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पूज्य संत-महात्माओं से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत की सनातन परंपरा में संत समाज ने सदैव राष्ट्र और समाज को दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि लोकतंत्र मजबूत हो, विकास निरंतर हो, संस्कृति सुरक्षित हो और राष्ट्र सर्वोपरि रहे।

हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णाेद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की जर्सी व पे और प्ले पोर्टल का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित जीपे आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया और लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णाेद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बन रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चौंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी आइस रिंक में आयोजित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है और आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में नई पहचान मिली है। इन राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानते हुए उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव अमित सिन्हा, खेल विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

श्रीमद् भागवत भगवान श्री कृष्ण का संजीव स्वरूप: धामी

यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जो मानव को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदमों का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से चारधाम यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कारण यात्रा अब अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो गई है। प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर घाटों के निर्माण कार्य, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है।

स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों एवं प्रभावी कार्यशैली के परिणामस्वरूप यमकेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है, जिससे क्षेत्रवासियों को व्यापक एवं प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर व्यास पीठ से भागवत कथा का वाचन कर रहे पूज्य गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था एवं सत्कर्म के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी संदेश दिया।

परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव एवं मानवता के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।

तीर्थ पुरोहितों, होटल एवं ट्रैवल संगठनों ने मुख्यमंत्री धामी का जताया आभार

राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड के चारों धामों में यात्रियों की संख्या सीमित न किए जाने के निर्णय पर चारों धामों से जुड़े तीर्थ पुरोहितों, पुजारियों, हितधारकों, चार धाम होटल एसोसिएशन, ट्रैवल एजेंसियों एवं विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर चारों धामों से जुड़े तीर्थ पुरोहितों और हितधाकरकों ने मुख्यमंत्री को कपाट खुलने के अवसर पर आमंत्रित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए चार धाम यात्रा को और अधिक सुगम एवं सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में दर्शन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाएं सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसको ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सभी मतूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी को सहभागी बनने की अपील की।

चार धाम यात्रा से जुड़े संगठनों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय प्रदेश की आस्था, अर्थव्यवस्था तथा पर्यटन गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, परिवहन क्षेत्र तथा अन्य संबंधित सेवाओं को भी व्यापक लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों और शीतकालीन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाईन पंजीकरण हमेशा खुला रखने का आग्रह किया।

सभी प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए निरंतर आवश्यक कदम उठाती रहेगी। उन्होंने प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं, सुविधाओं के विस्तार तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, भाजपा के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान भी मौजूद थे।

इस दौरान उत्तराखण्ड चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष पं. सुरेश सेमवाल, महासचिव बृजेश सती, ब्रह्मपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत समिति के अध्यक्ष उमेश सती, यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल, उपाध्यक्ष संजीव उनियाल, पुरूषोत्तम उनियाल, चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता, सचिव निखिलेश सेमवाल, यमुना घाटी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सोबन सिह राणा, गौरव उनियाल, सन्दीप राणा, अध्यक्ष उत्तरकाशी होटल एसोसिएशन शैलेन्द्र मटूड़ा, अध्यक्ष श्री केदार घाटी होटल एसोसिएशन धर्मेन्द्र नौटियाल, अध्यक्ष श्री बद्रीनाथ धाम होटल एसोसिएशन शैलेश ध्यानी, प्रशान्त डिमरी, अशोक सेमवाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दिया जाए कौशल प्रशिक्षण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकापर्ण करने के साथ ही 8005 श्रमिकों के खाते में 17 करोड़ से अधिक राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तातंरण किया।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड को अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि, अनुदान वितरण में पारदर्शिता बरते जाने के क्रम में ऑफलाईन अनुदान वितरण बन्द कर ऑनलाईन निस्तारण एवं डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में धनराशि का हस्तांतरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए अब तक 11828 लाभार्थियों को कुल 29.89 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। आज 8005 लाभार्थियों को कुल 17.25 करोड़ की धनराशि वितरित की जा रही है। इस प्रकार विगत 06 माह में अब तक कुल 19833 लाभार्थियों को 47.14 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय श्रमिकों को पलम्बर, इलैक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेन्टर आदि क्षेत्रों में कौशल प्रदान किया जाए। इसी तरह योगा एंव वेलनेस में रोजगार की सम्भावना को देखते हुए आगामी सत्र में श्रमिकों के बच्चों को योग एवं वेलनेस में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण उपरान्त विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास करे। इसके लिए विदेश मंत्रालय भारत सरकार में पंजीकृत एजेन्सी के माध्यम कार्यवाही की जाए। साथ ही श्रमिकों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने और उनका समय- समय पर स्वास्थ्य परीक्षण पर भी ध्यान दिया जाए। इस हेतू श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि उनके रोजगार में व्यवधान उपलब्ध न हो।

इस मौके पर श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि UKLCCMS Portal पोर्टल के माध्यम से अब तक 16000 अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, जिसके जरिए शुल्क के रूप में 80,00000.00 (रूपये अस्सी लाख मात्र) धनराशि जमा हो चुकी है, साथ ही बोर्ड के पास अब तक कुल 324 करोड़ की धनराशि सेस के रूप में जमा हो चुकी है। जिसे श्रमिकों के कल्याण में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बीच सामग्री वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। जिससे लाभार्थियों का लाईव फोटो एवं जियो ट्रेकिंग द्वारा सामग्री वितरण सुनिश्चित किया जायेगा। इस मौके पर उपायुक्त विपिन कुमार सहित बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

मुख्यमंत्री धामी ने पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आगामी 14 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के उत्तराखण्ड आगमन एवं दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे) के शुभारम्भ कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बताते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस भव्य आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह कार्यक्रम जन-उत्सव का रूप ले सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की रूपरेखा को अत्यंत आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भव्यता के साथ आयोजित करने पर बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—गढ़वाली, कुमाऊनी एवं जौनसारी लोकनृत्यों और संगीत की झलक इस आयोजन में भव्य रूप से दिखाई देनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल को पारंपरिक एवं आधुनिक साज-सज्जा के समन्वय से सजाया जाए तथा कलाकारों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम न होकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपरा और गौरव का प्रतीक बने।

मुख्यमंत्री धामी ने जनमानस से भी इस ऐतिहासिक अवसर में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों से निकलकर राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान कार्यक्रम में शामिल हों और पूरे राज्य में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए। साथ ही, कार्यक्रम से पूर्व प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर इस आयोजन को स्वच्छ, सुंदर और यादगार बनाएं।

दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा देने वाली सिद्ध होगी। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, प्रदेश में औद्योगिक और व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर लॉजिस्टिक्स, परिवहन और निवेश के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना का शुभारम्भ उत्तराखण्ड के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा और प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाएगा।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिनमें सचिव शैलेश बगौली, कमिश्नर विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।