सीएम आवास में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट ’बोधिसत्व’ का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड @ 25 समिट बोधिसत्व में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन, पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन मंच पर उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के विजन पर किया जा रहा उत्तराखण्ड का विकासः सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को विजन दिया है। इस विजन को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रयास किये जा रहे हैं। बोधिसत्व कार्यक्रम के माध्यम से समाज के हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के सुझावों के आधार पर आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं।

विकास और प्रकृति में संतुलन आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास प्राकृतिक संपदा है। इस प्राकृतिक संपदा के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिमालय को बचाने एवं प्रकृति के साथ संतुलन के लिए सभी को आगे आना होगा। प्राकृतिक संपदाओं एवं अन्य स्रोतों से राज्य की आय बढ़ाने की दिशा में भी विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।

केन्द्र सरकार से मिल रहा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य होने के नाते यहां की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। किसी भी चुनौती से निजात पाने के लिए केन्द्र सरकार का राज्य को हर संभव सहयोग मिलता रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए सबका सहयोग जरूरी है। उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा सबकी सामूहिक यात्रा है। राज्य के विकास के लिए जो भी जन सुझाव प्राप्त होंगे उन सुझावों पर पूरा विचार किया जायेगा। प्रदेश के समग्र विकास के लिए अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा रही हैं।

नीति आयोग उपाध्यक्ष ने कहा हाई वैल्यू एग्रीकल्चर और प्राकृतिक खेती पर फोकस हो
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड अभी युवा राज्य है। उत्तराखण्ड के पास अनेक प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। उत्तराखण्ड के बहुमुखी विकास के लिए नये सिरे सोचना होगा। सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को शिक्षा का हब बनाना होगा। माध्यमिक शिक्षा का हब तो उत्तराखण्ड है, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और प्रयास करने होंगे। उत्तराखण्ड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण की दिशा में प्रयासों की जरूरत है। हाई वैल्यू एग्रीकल्चर के क्षेत्र में प्रयास करने होंगे। एरोमैटिक एवं मेडिसनल प्लांट, फ्लोरीकल्चर, हॉर्टीकल्चर के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए गोष्ठी का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में विशेष प्रयास होने चाहिए। उत्तराखण्ड में महिलाएं लगनशील हैं। महिलाओं को अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाय। उत्तराखण्ड को स्वयं प्राकृतिक खेती की ओर जुटना चाहिए। नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में और प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिये कि उत्तराखण्ड में जितने भी साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन हैं, वे मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करें। हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले दस सालों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय तीन से चार गुना बढ़ सके। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द राज्य के विकास के लिए नया ब्लू प्रिंट बनाकर दिया जायेगा।

साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरीः डॉ के विजनराघवन
केन्द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. के. विजयराघवन ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास हिमालय के रूप में बड़ी संपदा है। हिमालय देश एवं दुनिया को प्रभावित करता है। हिमालय को सस्टनेबल तरीके से प्रोटक्ट करना एवं इसके लिए डैवलपमेंट के कार्य करना एक बड़ा कार्य है। इसमें अनेक सांइंटिफिक इंस्टीट्यूट काफी कार्य कर चुके हैं। इसके लिए साइंटिफिक डेवलपमेंट प्लान जरूरी है।

हिमालय के प्रति सबकी जिम्मेदारीः डॉ अनिल जोशी
पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि बोधिसत्व के माध्यम से राज्य के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। हिमालयी राज्यों को आपस में लगातार चिंतन एवं मंथन करने की जरूरत है। हिमालय सबका है, इसके प्रति सबकी भागीदारी होनी चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए अपनी कमजोरी एवं ताकत का नये सिरे से विश्लेषण करना जरूरी है।

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि भौगोलिक विषमताओं के बावजूद भी इन्फ्रास्ट्रक्चर में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उत्तराखण्ड में कई क्षेत्रों में मजबूतियां भी हैं, तो कुछ क्षेत्रों में चुनौती भी हैं। हिमालय, गंगा, जलवायु एवं शांतप्रिय समाज यहां की मजबूती हैं। रोजगार, कनेक्टिविटी, पलायन को रोकना, आपदा एवं बोर्डर ऐरिया से संबंधित मामले राज्य के समक्ष चुनौतियां भी हैं। आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लिए इन चुनौतियों को कम करने के लिए राज्य में प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा लोगों से संवाद कर सुझाव लिये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक महेन्द्र भट्ट, नीति आयोग से डॉ. नीलम पटेल, सचिव नियोजन बीवीआरसी पुरूषोत्तम, मुख्यमंत्री के चीफ कॉर्डिनेटर दुर्गेश पंत, शासन से प्रमुख सचिव, सचिव, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न संस्थानों के निदेशक एवं गणमान्य उपस्थित थे।

उत्तराखंड को केन्द्रीय मंत्री ने आपदा सहायतार्थ 22.5 करोड का चेक सौंपा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की वर्चुअल उपस्थिति में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह द्वारा मंगलवार को श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली में उत्तराखण्ड में आपदा प्रभावितों के सहायतार्थ सी.एस.आर. के अंतर्गत 7 पॉवर पीएसयू के सौजन्य से संकलित कुल रू 22.5 करोड़ का चेक आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को प्रदान किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में सचिवालय से वर्चुअल प्रतिभाग कर इस राज्य को प्रदान की गई सहायता के लिए केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर में अतिवृष्टि से उत्तराखण्ड को काफी नुकसान हुआ था। इस आपदा से निपटने के लिए केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिला। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह एवं ऊर्जा मंत्री आर. के सिंह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र से हमें 3 हेलीकॉप्टर मिले जिसकी वजह से हम 500 से अधिक लोगों की जान बचा पाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। उन्होंने कहा कि उतराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश के रूप में अग्रणी राज्य बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके लिए केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री आर. के. सिंह का पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने श्री आर. के. सिंह का आभार भी व्यक्त किया।
केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड पूरे देश के लिए पूजनीय राज्य है। इस राज्य का अलग महत्व है। श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। उत्तराखण्ड के विकास के लिए जो हो सकता है, सब किया जायेगा।
आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को हर संभव सहयोग दिया गया। इसके लिए उन्होंने केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। आपदा प्रभावितों के लिए दी गई इस सहायता के लिए उन्होंने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री का आभार व्यक्त किया।
उत्तराखण्ड में आपदा प्रभावितों के सहायतार्थ सी.एस.आर. के अंतर्गत 7 पॉवर पीएसयू द्वारा संकलित कुल 22.5 करोड़ रू की धनराशि का जो चेक प्रदान किया गया। उसमें एनटीपीसी द्वारा 8 करोड़ रू, आरईसी द्वारा 5 करोड़ रू., पीएफसी द्वारा 4 करोड़ रू., पीजीसीआईएल द्वारा 3.5 करोड़ रू., एनएचपीसी द्वारा 01 करोड़ रू. टीएचडीसी द्वारा 0.5 करोड़ रू.एवं एसजीवीएन द्वारा 0.5 करोड़ रू की धनराशि का सहयोग प्रदान किया गया है।

विभिन्न विकास कार्यों को सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र पुरोला के अन्तर्गत मठ लमकोठी मोटर मार्ग के कि.मी. 2 से 5 तक विस्तार कार्य हेतु रूपये 76.78 लाख, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 38.76 लाख, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 148.40 लाख, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत रानीगढ़ लैणी-बुढ़वा-सौड मोटर मार्ग का पीसी द्वारा डामरीकरण हेतु रूपये 389.22 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत गैंरखेत से लखमरा तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण हेतु रूपये 122.90 लाख, विधानसभा क्षेत्र रूड़की के अन्तर्गत विभिन्न 2 मोटर मार्गों हेतु रूपये 392.38 लाख, विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के अन्तर्गत वार्ड सं0-89 के मार्ग एवं नाली का निर्माण हेतु रूपये 241.93 लाख, विधानसभा क्षेत्र रायपुर के अन्तर्गत वार्ड संख्या-66 के आंतरिक क्षतिग्रस्त मार्गों पर इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण कार्य हेतु 76.40 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के अन्तर्गत पाली बैण्ड से पाली गांव तक हल्का वाहन मार्ग से मोटर मार्ग में परिवर्तन एवं मोटर मार्ग का विस्तार हेतु रूपये 50.17 लाख, विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के ही विभिन्न 5 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 233.97 लाख, विधानसभा क्षेत्र थराली के अन्तर्गत बांजबगड़-तेलना मोटर मार्ग के कि.मी. 9 का हल्का वाहन मार्ग से मोटर मार्ग में परिवर्तन एवं किमी 10, 11 एवं 12 तक नवनिर्माण कार्य हेतु रूपये 192.86 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अन्तर्गत ग्रीन सिटी कॉलोनी, बाजाली एन्क्लेव, कृष्ण विहार तथा डीएसपी चौक से आंतरिक मार्गों का निर्माण कार्य हेतु रूपये 265.33 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

सरकार कर्मचारियों की हितैषी, समस्याओं का होगा शीघ्र समाधान-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश भर के विभिन्न कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारिकारियों ने भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री से कर्मचारी संगठनों ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हित में हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार सरलीकरण और समाधान के सूत्र वाक्य पर कार्य कर रही है, जो मुद्दे सरकार के सामने हैं उनका त्वरित गति से समाधान किया जाएगा।
इस दौरान अरुण पांडेय, प्रताप सिंह पंवार, बी.एस. रावत समेत विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रवसियों से किया समृद्ध, सशक्त और आध्यात्मिक उत्तराखण्ड बनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लखनऊ दौरे के दूसरे दिन बीरबल साहनी मार्ग स्थित पंडित गोविंद बल्लभ पंत सांस्कृतिक ऑडिटॉरीयम में उत्तराखंड महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड महोत्सव 2021 के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड महापरिषद से जुड़े हजारों प्रवासी उत्तराखंडियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखण्ड के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया था कि “ऐसे बंटवारा कर दीजिए जैसे एक छोटे और बड़े भाई के बीच में होता है, ना कि 2 राज्यों के मध्य में और उन्होंने भी हमारी बात को सहृदय स्वीकार किया”। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जो मुद्दे दो दशक से ज्यादा समय से नहीं सुलझ पाई वे आज आपसी सहमति से सुलझ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण में राज्य आंदोलनकारियों की विशेष भूमिका रही है, उन्हीं आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, युवाओं और हर क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में प्रदेश सरकार ने 600 करोड़ का कोविड-19 पैकेज, घस्यारी योजना, वात्सल्य योजना के साथ ही महालक्ष्मी योजना समेत अनेक कल्याणकारी योजना प्रारंभ की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड का चौमुखी विकास हो रहा है। केदारनाथ -बदरीनाथ में पुनर्निर्माण कार्य, ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेल परियोजना, टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना, कुमाऊं में एम्स के सेटेलाइट सेंटर समेत एक लाख करोड़ के योजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सभी प्रवासी उत्तराखंडवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सभी लोग 25 साल के युवा उत्तराखंड को समृद्ध सशक्त और अध्यात्म का केंद्र बनाने में सहभागी बनें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस उत्तराखंड महोत्सव को और अधिक भव्य रूप से आयोजित करने हेतु 21 लाख देने की घोषणा की। इसके अलावा ही उत्तराखंड महोत्सव में समस्त कलाकारों को 2000 पुरस्कार, लखनऊ से रामनगर ट्रेन चलाने हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने, और भविष्य में उत्तराखंड से संबंधित समस्याओं के निस्तारण हेतु उत्तराखंड भवन गोमती नगर में प्रकोष्ठ के स्थापना करने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतिश्वरानंद, सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी, विधायक राजेश शुक्ला, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, उत्तराखंड महासंघ के अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत महासचिव भरत सिंह बिष्ट समेत हजारों की संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी मौजूद रहे।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को रानीपोखरी में ‘उत्तरा’ स्टेट एम्पोरियम एवं ग्रामीण हाट बाजार के पुनरोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। जिसमें 161.47 लाख की लागत से उत्तरा स्टेट इम्पोरियम निर्माण, 138 लाख की लागत से ग्रामीण हाट बाजार का पुनरुद्धार कार्य का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत समूहों को अनुदान राशि के चेक भी वितरित किये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘उत्तरा’ स्टेट एम्पोरियम के निर्माण से लोगों को अपने स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार मिल गया है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इससे जहां लोगों की अजीविका में वृद्धि होगी, वहीं उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दिया जा रहा है। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए पुरूषों के साथ महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त होना जरूरी है। कोरोना काल में हमारी बहनों को कार्य करने में अनेक बाधाएं आई। उनकी समस्याओं को कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों एवं संगठनों को 119 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि ग्रामसभा डांडी में झीलवाला नहर को भूमिगत एवं सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा। घमण्डपुर-जीवनवाला के मध्य पुल का निर्माण किया जायेगा। सौड़ा सिरोली में आन्तरिक सड़कों का निर्माण किया जायेगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थानो का उच्चीकरण किया जायेगा। ग्राम पंचायत कुडियाल में प्रकाश पंत मार्ग से थानों भोगपुर तक 2 किमी मार्ग का निर्माण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रान्तर्गत धमेन्द्र रावत के पोल्ट्री फार्म में आग लगने से हुई क्षति का आकलन कर उपजिलाधिकारी रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों एवं संगठनों से जुड़ी माताओं एवं बहनों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के प्रयास किये जा रहे हैं। कोरोना काल में हर क्षेत्र में लोगों को राहत देने के प्रयास किये गये हैं।

बंगाली समाज के लोगों को लुभाने में जुटे नड्डा और धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा मंगलवार को रुद्रपुर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज द्वारा उनके जाति प्रमाण पत्र में से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाने की मांग लम्बे समय से उठती रही है, उनके जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाने के लिए जन भावनाओं का सम्मान करते हुए अब उन्हें दिये जाने वाले प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि भदईपुरा, रम्पुरा, शक्तिफार्म, दिनेशपुर, रूद्रपुर किच्छा आदि आसपास के क्षेत्रों में नजूल भूमि पर आवंटित व्यक्तियों को मालिकाना हक दिलाने हेतु जनप्रतिनिधि संघर्ष करते रहे हैं। इसके लिये भी कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर मालिकाना हक देने की कार्यवाही की जायेगी। इसी प्रकार जिन मलिन बस्तियों में जो लोग रह रहे हैं, उनके लिए अब तीन साल का सुरक्षा कवच लेकर आये हैं। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते उधमसिंह नगर में 6000 एकड़ पर उद्योग लगे हैं, हम ने तय किया है कि आने वाले समय में यहॉ पर जितनी भी नौकरियॉ निकलेंगी, स्थानीय लोगों को उनमें प्राथमिकता दी जायेगी। यहां ग्रीन एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। कलकत्ता को हवाई सेवा के साथ रेलवे के कोरिडोर को भी यहॉ से जोड़ा जा रहा है। इस क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिये एम्स का सेटेलाइट सेंटर उधम सिंह नगर में खुलने जा रहा है। अब इलाज के लिए दिल्ली, ऋषिकेश नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गरीब, पिछड़े, शोषित, वंचितों, दलित एवं मजदूरों के उत्थान, कल्याण एवं विकास के लिए तमाम योजनायें बनायी जा रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने अपने संबोधन में बंगाल के राजनीति, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सुधार, राजनैतिक सामाजिक गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बंग्ला समाज हर क्षेत्र में सदैव अग्रणीय रहा है। देश के महान सपूत सुभाषचन्द्र बोस सहित विभिन्न विभूतियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि देश व समाज के लिए बंगाल का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को युवा एवं ऊर्जावान मुख्यमंत्री बताते हुए उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास की भावना के साथ मुख्यमंत्री धामी कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, सांसद लाकेश चटर्जी ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद एवं राज्य प्रभारी दुष्यन्त कुमार गौतम, राज्य सभा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी, सहप्रभारी एवं सांसद रेखा वर्मा, विधायक राजकुमार ठुकराल, मेयर रामपाल सिंह, पालिकाध्यक्ष दिनेशपुर सीमा सरकार, वरिष्ठ नेता मण्डी परिषद चेयरमैन केके दास, विनय रूहैला, जिलाध्यक्ष भाजपा शिव अरोरा, उत्तम दत्ता, विजय मण्डल, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, दिनेशपुर चेयरमैन सीमा सरकार, विकास, राकेश सहित मण्डलायुक्त सुशील कुमार, डीआईजी नीलेश आनन्द भरणे, प्रभारी जिलाधिकारी आशीष भटगाई, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुॅवर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रुद्रपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

चमोली के सवाड़ पहुंचे भाजपा के दिग्गज, शहीद सम्मान यात्रा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने सोमवार को सवाड़ चमोली में सैन्यधाम निर्माण हेतु आयोजित शहीद सम्मान यात्रा का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सवाड़ में शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा गया। कार्यक्रम के दौरान शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे सवाड़ की वीरों की इस धरती को नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। प्रथम विश्वयुद्ध हो, द्वितीय विश्व युद्ध हो, पेशावर कांड हो, देश की आजादी की लड़ाई हो या आजादी के बाद के युद्ध हों। इस धरती के वीरों ने अग्रिम पंक्ति में रहकर अपना कौशल दिखाया है और अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया है। आज भी इस घाटी के नौजवानों से पूछा जाए कि आप जीवन में क्या करना चाहते हो तो उनका जवाब सेना में जाकर भारत माता की सेवा करना होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वीरों की वीरता ही है जो ये सुनिश्चित करती है कि कोई भी राष्ट्र शान्तिपूर्वक अपनी उन्नति के मार्ग में अग्रसर हो। ये हमारे देश के लिए गौरव की बात है कि हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हुये हर संघर्ष में अप्रतिम शौर्य का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेना का मूल रूप से एक ही घोषवाक्य रहा है ’’राष्ट्र प्रथम’’ और इसके लिए जवान अपना सर्वस्व अर्पित करने को हमेशा तैयार रहते हैं। उत्तराखंड की देवभूमि ने लाखों वीर सैनिक इस देश को दिये हैं, जिन्होंने अपने अदम्य साहस से दिखा दिया कि देवभूमि ना केवल समस्त विश्व को शान्ति का मार्ग दिखा सकती है, वरन शौर्य और वीरता को भी प्रदर्शित कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिक का पुत्र होने के नाते मेरे लिए ये गर्व का विषय है कि मैं आप सबके समक्ष वीर सैनिकों को समर्पित इस कार्यक्रम में उपस्थित हूं। मैंने सैनिक की वीरता तो बाल्यकाल से देखी ही है, उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। उस मां-बाप का दर्द देखा है, जिसका बेटा सीमा पर देश की आन-बान के लिए लड़ रहा है। उस पत्नी के आंखों के आंसू देखे हैं जो पति के आने की राह जोहते-जोहते कब बीमार हो जाती है, पता ही नही चलता। उन बच्चों की सिसकती हुई किलकारियों को सुना है जो अपने पिता से गले मिलने को व्याकुल हों। कितना संघर्ष है एक सैनिक के जीवन में, परन्तु इसके बावजूद वो दृढ़ता पूर्वक अपने देश के स्वाभिमान को बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों के प्रति केन्द्र एवं राज्य सरकार का समर्पण किसी से छिपा नहीं है। अटल जी का शासन रहा हो या वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का शासन हो, देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों व उनके परिवारों को उनका सही हक मिले इसके लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश मजबूती से आगे बढ़ रहा है। सेना का मनोबल अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। सेना को निर्णय लेने की पूरी छूट है। उन्होंने कहा कि पराक्रम सदैव हमारी सेना के भीतर भरा हुआ था। मगर उस पराक्रम का सम्मान, सैनिकों के जीवन में बदलाव और उनके लिए संवेदनशील होकर निर्णय लेने का काम प्रधानमंत्री ने किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि हम शहीदों के अभूतपूर्व योगदान को हमेशा याद रखें। इसके लिए उत्तराखंड की वीरभूमि में एक सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। सभी 13 जनपदों के शहीद सैनिकों के घर-आंगन की मिट्टी लाकर उसे सैन्य धाम के निर्माण में शामिल कर उनके बलिदान से आगामी पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करेंगे। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। वन रैंक, वन पेंशन की मांग वर्ष लंबे समय से थी, लेकिन इस पर ध्यान सिर्फ मोदी सरकार ने दिया, क्योंकि वे एक सैनिक का दर्द समझते ही नहीं हैं, बल्कि उसे दूर करने की कोशिश भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय के अपने अंतिम लक्ष्य को अवश्य पूरा करगी। 2025 तक उत्तराखंड को भारत का अग्रणी राज्य बनाया जायेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने कहा कि मुझे इगास पर्व पर सवाड़ में सैनिक सम्मान यात्रा की शुरूआत करने का सौभाग्य मिला है। इस भूमि के वीर जवानों ने विभिन्न संग्रामों में अपने आप को समर्पित किया। उन शहीदों को नमन जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। यह धरती क्रांति की धरती है। इस धरती ने उत्तराखण्ड एवं देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया में अपना नाम स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि एवं वीरभूमि है। आज एक लाख 15 हजार उत्तराखण्ड के जवान देश सेवा में लगे हैं। 5 लाख सैनिक परिवार उत्तराखण्ड में हैं। इस भूमि से एक परमवीर चक्र, 6 अशोक चक्र, 13 महावीर चक्र प्राप्तकर्ता उत्तराखण्ड की भूमि से है। इस देवभूमि एवं वीरभूमि से देश के अनेक उच्च पदों पर कार्यरत है।
केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि मैं इस वीरभूमि को नमन करता हूं। आज हमारे प्रदेश से हर दूसरे परिवार का सदस्य देश सेवा के लिए सेना में भर्ती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति की ओर अग्रसर है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वीर शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार देहरादून में भव्य सैन्य धाम बनाने जा रही है। इस सैन्य धाम का शिलान्यास के लिए प्रत्येक शहीद के घर-आंगन से पवित्र मिट्टी को कलश में एकत्र कर सम्मान के साथ देहरादून लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में ब्लाक वाइज शहीद सैन्य समारोह आयोजित किए जाएंगे। जिसमें 15 नवंबर को देवाल और थराली ब्लाक का सम्मान कार्यक्रम शहीद स्मारक सवाड़ में शुभारंभ किया गया है। राज्य के सभी 13 जिलों मे यह यात्रा चलेगी। इस दौरान सभी शहीदों के परिवारों को जनपद एवं ब्लाक स्तर पर ताम्रपत्र भेंट कर सार्वजनिक समारोह में सम्मानित भी किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक महेन्द्र भट्ट, मुन्नी देवी शाह, चमोली के भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना, शहीद जवानों के परिजन एवं स्थानीय जनता उपस्थित रहीं।

जौलजीवी मेले का सीएम धामी ने किया शुभारंभ, विपक्षी विधायक हरीश धामी भी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को काली एवं गोरी नदी के संगम पर स्थित जौलजीवी में प्रसिद्ध ऐतिहासिक, पारंम्परिक एवं व्यापारिक जौलजीवी मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला हमारी बहुत बड़ी सास्कृतिक धरोहर हैं। मेले धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देते हैं। जौलजीवी मेले को और अधिक विकसित एवं सुविधायुक्त बनाया जाएगा। जौलजीवी मेला भारत नेपाल के मैत्री संबंधों को भी बढ़ाता है। मेले हमारी धरोहर एवं संस्कृति के द्योतक हैं, उन्हें हमें आगे बढ़ाते हुए जीवित रखना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा विगत 4 महीनों में प्रदेश के हित में 400 से अधिक फैसले लिए हैं। इन सभी फैसलों का शासनादेश भी जारी हो चुके हैं। जो भी घोषणाएं की गई हैं उन्हें धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैंने इस भूमि में जन्म लिया है। मैं यहाँ जब भी आता हूँ, लोगों का अपार स्नेह मिलता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में सरकार ने अनेक निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों का मानदेय 15 हजार से 25 हजार रुपए प्रतिमाह किया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किये जाने हेतु महिला समूहों को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान हेतु 3 से 5 लाख तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है। इसके परिणाम स्वरूप आज ये महिला समूह अन्य को भी रोजगार प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की महत्वपूर्ण बरम से कनार तक सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। कोरोना काल में अनेक समस्याएं आई। सरकार द्वारा प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जा रही है। स्वयं सहायता समूहों हेतु 119 करोड़ का पैकेज घोषित किया गया है। 5 लाख तक का ऋण शून्य ब्याज पर दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त परिवहन एवं पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे व्यक्तियों को भी आर्थिक सहायता हेतु 200 करोड़ रुपये का पैकेज जारी करते हुए उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से धनराशि जमा की जा रही है। आशा,उपनल कर्मी,ग्राम प्रधानों के हित में फ़ैसले लिए गए हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक चिकित्सालय में भी अनेक स्वास्थ्य की जांचें मुफ्त में की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत के सभी मानकों में धनराशि बढ़ाए जाने हेतु भी भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य स्तर पर पूर्व में आपदा के दौरान घर पर पानी आ जाने और आंशिक नुकसान पर जो 3800 रुपये दिए जाते थे अब उसे बढ़ाकर 5000 कर दिया गया है। भवन क्षति की धनराशि भी 1 लाख 1900 से बढ़ाकर अब 1 लाख 50 हजार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष आने वाली आपदाओं की रोकथाम हेतु राज्य में एक आपदा अनुसंधान संस्थान खोले जाने हेतु भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की गई। उन्होंने घोषणा की कि चामी से मेतली तक मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। जौलजीवी में स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। जौलजीवी से वनराजि जनजाति बस्ती गानागांव-पचकाना-ढुंगातोली तक सड़क का निर्माण किया जाएगा। मवानी-दवानी से मणिधामी मोटर मार्ग निर्माण किया जाएगा। बसन्तकोट से मुन्नगरधार-उछति-लिलम तक मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। सिंमगड नदी के दाई ओर स्थित घटन (नाचनी) बाढ़ सुरक्षा हेतु तटबंध निर्माण किया जाएगा। मुनस्यारी बरार गाड़ के बाईं ओर खेत भराड़ गांव में बाढ़ सुरक्षा हेतु तटबंध निर्माण किया जाएगा। एलोपैथिक चिकित्सालय तेजम का उच्चीकरण किया जाएगा। मल्लधार से मडलकिया तक मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। बलमरा से बसोरा-सल्याडी मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। नोला पब्लिक स्कूल जुम्मा को अनुदान सूची में शामिल किया जाएगा। जौलजीवी में बुनकर भवन का निर्माण किया जाएगा। एलोपैथिक चिकित्सालय बरम हेतु कार्यवाही की जाएगी। स्थानीय लोगों की सहमति पर मुनस्यारी को नगर पंचायत बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत पांगला के स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने हेतु कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने जौलजीवी मेले के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि यह मेला भारत एवं नेपाल दोनों देशों का सांस्कृतिक मेला है। पूर्व में यह एक बड़ा व्यापारिक मेला होता था, अब इसका स्वरूप धीरे धीरे बदल रहा है। सांसद अजय टम्टा ने केन्द्र द्वारा संचालित कार्यों की जानकारी दी।
इस अवसर पर विधायक धारचूला हरीश धामी, ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी, नगर पालिका अध्यक्ष राजेश्वर देवी, जिलाध्यक्ष भाजपा विरेन्द्र वल्दिया, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह और मित्र राष्ट्र नेपाल के आम नागरिक व संस्कृति कर्मी भी उपस्थित रहे।

डीडीहाट में बोले सीएम अपनों के बीच आया हुं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ के डीडीहाट में आयोजित पांच दिवसीय डीडीहाट महोत्सव के समापन अवसर पर शनिवार को कुमाउँनी भाषा में संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न घोषणाएं की। जिसमें डीडीहाट नगर से सिराकोट मंदिर तक रोपवे का निर्माण करने, जीजीआइसी डीडीहाट का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय देव सिंह डसीला के नाम किए जाने, डीडीहाट खेल मैदान के विस्तारीकरण करने की कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी को प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को प्रेषित करने की घोषणा, घसाड़ विद्यालय का उच्चीकरण किए जाने, डीडीहाट नगर के आंतरिक मार्गों के निर्माण व सौंदर्यीकरण किए जाने की स्वीकृति की घोषणा, डीडीहाट महोत्सव को प्रत्येक वर्ष राजकीय मेले के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद की 18 फीट ऊंची मूर्ति “स्टेच्यू ऑफ मोरालिटी“ का लोकार्पण भी किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज अपनों के बीच आकर में अभिभूत हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बनी है। उत्तराखंड से प्रधानमंत्री का विशेष लगाव है जिसके फलस्वरूप यहां विभिन्न क्षेत्रों में विकास योजनाओं के कार्य चलाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक है और इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए हमारी मातृशक्ति की अहम भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री जी ने 2025 तक उत्तराखंड के लिए जो विजन दिया है, सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा की उत्तराखण्ड को एक आदर्श मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। उत्तराखण्ड में सड़क मार्गाे का विकास किया जा रहा है, वहीं पहाड़ में रेल का सपना भी साकार हो रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार ने उत्तराखण्ड के लिए ऑलवेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की योजनाओं की सौगात दी है। उससे आने वाले समय में उत्तराखण्ड का आवागमन और अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा सरकार जनता के साझीदार के रूप में कार्य कर रही है। लोक पर्वों को बढ़ावा देने के लिए लोकपर्व इगास पर छुट्टी करने का निर्णय लिया है।
पेयजल मंत्री विशन सिंह चुफाल ने अपने संबोधन में कहा कि डीडीहाट क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिले को जोड़ने वाली सभी सड़क मार्गों की स्थिति बेहतर होने से यहां तक पंहुचने हेतु पर्यटकों को अब आसानी हो रही है। पहले टनकपुर से डीडीहाट तक पंहुचने में अत्यधिक समय लगता था, अब ऑल वैदर रोड के निर्माण से यह समय काफी कम हो गया है। महिलाओं के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 5 लाख तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है।
सांसद अजय टम्टा ने कहा कि आज प्रदेश में रेलवे लाईन निर्माण के साथ ही सीमांत क्षेत्र तक सड़कों को पंहुचाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा दो लाभार्थियों को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट का वितरण करते हुए नवजात बच्चे को अपने गोद में लेकर आशीर्वाद दिया।