गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने के लिए प्रयास किये जाएंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में एस.एस.बी. द्वारा प्रशिक्षित राज्य के गुरिल्ला स्वयं सेवकों की समस्याओं को सुना। विभिन्न जनपदों से गुरिल्ला स्वयं सेवक वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न विभागों में प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने के लिए प्रयास किये जाएं। उन्होंने कहा कि गुरिल्ला स्वयं सेवकों की जिन समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकता है, वे किये जाएं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से भी गुरिल्ला प्रशिक्षकों के लिए मदद के लिए प्रस्ताव भेजकर अनुरोध किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, निजी सुरक्षा एजेंसियों में सुरक्षा कर्मी, होमगार्ड में प्रशिक्षक, फॉरेस्ट फायर वॉचर, पुलिस विभाग के अन्तर्गत ग्राम चौकीदार, लोक निर्माण विभाग में विभिन्न कार्यों, वन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं अन्य क्षेत्रों में गुरिल्ला स्वयं सेवकों की सेवाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है, इस दिशा में ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को निर्देश दिये कि सबंधित विभागों द्वारा राज्य के प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयं सेवकों को आजीविका से जोड़ने और उनके प्रशिक्षण का लाभ राज्य को भी मिल सके, इस दिशा में जो भी कार्यवाही की जा सकती है, इसके अनुपालन में समय-समय पर बैठक ली जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, डीजीपी अभिनव कुमार, कमांडेंट जनरल होमगार्ड केवल खुराना, डीआईजी/ अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती, अपर सचिव विनीत कुमार, ललित मोहन रयाल, अत्तर सिंह, संबंधित विभागीय अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से एस.एस.बी. द्वारा प्रशिक्षित गुरिल्ला स्वयंसेवक उपस्थित थे।

सीएम ने किया ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को 2025 ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है, इस अभियान को सबको मिलकर सफल बनाना है। राज्य में ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने और इसके तंत्र को ध्वस्त करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके सारे परिवार और समूचे सामाजिक परिवेश को हानि पहुंचाता है। राज्य में जहां एक ओर लोगों और विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई भी की जा रही है। इस वर्ष अभी तक एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 600 मामले पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें करीब साढ़े सात सौ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। मादक पदार्थों की रोकथाम एवं इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही हेतु राज्य में वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की प्रवृति को रोकने एवं नशाग्रस्त व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा पुनर्वास हेतु प्रदेश के समस्त जनपदों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स संचालित हैं। राज्य सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों और विशेषकर युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नशे की रोकथाम एवं इसके सम्बन्ध में जानकारी तथा जनता को किसी भी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी के सहयोग और संस्थाओं द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों से, हम समय से पहले ही ड्रग्स फ्री देवभूमि का विकल्प रहित संकल्प अवश्य प्राप्त कर लेंगे।

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने की दिशा में लोगों को जागरूक करने के लिए तीलू रौतेली पुरुस्कार प्राप्त संस्था ’आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता’ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न सहित अन्य मुद्दों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम, रैलियों के साथ ही गोष्ठियां आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड की शपथ भी दिलाई।

आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता संस्था की अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक आशा कोठारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा सचिव हरीश कोठारी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया।

इस अवसर पर प्रांत प्रचार प्रमुख आरएसएस संजय, प्रादेशिक मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एंड गाइड उत्तराखंड एवं निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, प्रादेशिक सचिव भारत भारत स्काउट एवं गाइड उत्तराखंड, रविंद्र मोहन काला, संस्था के संरक्षक मेजर रविंद्र सिंह बिष्ट, विष्णु त्यागी, अर्चना बागरी, देवेंद्र बिष्ट, राजेंद्र सिंह ढिल्लों आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया स्वर्णिम अमृत संदेश यात्रा का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल तथा कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष पर आयोजित ‘स्वर्णिम अमृत संदेश रथ यात्रा’ का शुभारम्भ स्मृति पौध भेंट कर किया। इस अवसर पर यूकॉस्ट द्वारा आयोजित ‘अभिनन्दन एवं पौध भेट समारोह’ में विश्वविद्यालयों को शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी आयोजन को यादगार बनाने में पेड़ों की बडी भूमिका होती है। पेड़ जहां जीवन के आधार है वहीं हमारी संस्कृति और स्मृति के भी प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों विश्वविद्यालय अपने स्वर्ण जयंती वर्ष को इको फ्रेंडली रुप से मना रहे हैं तथा दूसरे को पचास-पचास पेड़ भेंट कर एक विश्वविधालय के सदस्य दूसरे विश्व विद्यालय में पहुंचकर पचास पौधों का रोपण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हमारे युवा बौद्धिक रूप से जागृत और समझदार होते हैं। जन-जन तक संदेश पहुंचाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जलवायु परिवर्तन से उपजी समस्याओं के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे विश्व की जीवन शैली में परिवर्तन लाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस संदेश यात्रा से लोगों में पर्यावरण के प्रति जीवन शैली में बदलाव लाने की प्रेरणा भी मिलेगी। यह यात्रा लोगों में अपनी संस्कृति, स्वच्छ परम्परा, खान पान, बोली-भाषा के प्रति भी जागरुकता पैदा करेगी।

यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पन्त ने कहा कि इस आयोजन के तहत मुख्यमंत्री का संदेश दोनों विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं तक पहुंचेगा। इस यात्रा को बहुआयामी तथा उद्देश्यपरक बनाने हेतु यूकॉस्ट द्वारा दोनों विश्वविद्यालयों में विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है। लाइफ स्टाइल फॉर इन्वायरमेंट तथा जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों के व्याख्यान भी कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि श्रीनगर गढ़वाल से जो दल नैनीताल रवाना होगा वह अपने साथ गंगा जल भी ले जायेगा जिसे नैनीताल में मां नैना देवी के दर्शन के बाद नैनीझील में प्रवाहित किया जायेगा। दोनों विश्वविद्यालय अपने कुछ महत्वपूर्ण प्रकाशन की पुस्तकें भी एक दूसरे को भेंट करेंगें।

’स्वर्णिम अमृत संदेश रथ यात्रा’ को आकार देने वाले मैती संस्था के संस्थापक पद्म डॉ. कल्याण सिंह रावत ने कहा कि बदलते जलवायु के संकेतों से अब हमें, जागरूक होने की जरुरत है। यदि अभी भी हम नहीं जागे तो बहुत देर हो जायेगी। हमें अपने आवश्यकताओं को न्यून करके जीवन शैली में बदलाव लाना होगा। उन्होंने कहा कि 1998 में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच में 25-25 पेड़ सिल्वर जुबली पर मैती संस्था ने ऐसी ही रथ यात्राएं आयोजित की थी। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 18 दिसम्बर को हे.न.ग. विश्वविधालय से 50 पेड़ लेकर संदेश यात्रा दल नैनीताल प्रस्थान करेगा। 19 दिसम्बर को नैनीताल में वृक्षारोपण व विचार गोष्ठी आयोजित होगी। 20 दिसम्बर को नैनीताल से 50 पेड़ श्रीनगर गढ़वाल पहुंचेंगे।

राज्य स्थापना के इस कालखण्ड में स्थापित हुये विकास के नये प्रतिमानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफ. आर. आई. में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘सशक्त नेतृत्व समृद्ध उत्तराखण्ड’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि विकास पुस्तिका राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, नीतियों को जन-जन तक पंहुचाने का माध्यम होती है। उन्होंने ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग से अपेक्षा की कि सूचना तकनीकि के इस दौर में इस प्रकार की विकास पुस्तिकाओं को ई-बुक के रूप में भी प्रस्तुत किया जाय, ताकि लोग अपने मोबाइल एवं अन्य माध्यमों से भी जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें तथा योजनाओं से लाभान्वित हो सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य स्थापना के इन 23 वर्षों में पहली बार बहुत से काम हुए हैं। राज्य में पहली बार भर्तियों में घोटाले करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई के लिए हमने नकल विरोधी कानून लागू किया है, धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लागू किया गया है। उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता कानून लागू करने के लिए तैयारी की जा रही है। प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है, भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्यवाही हो रही है। राज्य में राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस की तैनाती की जा रही है। आपदा प्रबंधन पर विश्व स्तरीय कार्यक्रम उत्तराखंड में आयोजित किया गया है यही नहीं पहली बार उत्तराखंड, डेस्टिनेशन उत्तराखंड के रूप में निवेश का हब बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का विकास एवं प्रगति हमारा लक्ष्य है अपने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ प्रदेश की सेवा में लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में आयोजित हुए वैश्विक निवेशक सम्मेलन की सफलता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा रही है। निवेशक सम्मेलन को सफल बनाने में निवेशकों, केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर इस सम्मेलन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग एवं योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, समिट में इंग्लैंड, आबूधाबी समेत अन्य देशों के साथ-साथ भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों ने भी प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखण्ड की अनंत संभावनाओं को तलाशने की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड’ को एक नये उत्तराखंड के निर्माण की शुरूआत बताया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस शुरूआत को इसकी मंजिल तक पहुंचायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हमारी माता, बहनें लखपति बन सकें इसके लिये लखपति दीदी योजना लायी गई। महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ अन्य लोगों द्वारा राज्य के पारम्परिक उत्पादों के विपणन की कारगर व्यवस्था हाउस ऑफ हिमालयाज ब्राण्ड से भी बेहतर ढंग से हो सकेगी तथा आर्थिकी को भी संबल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये मीडिया प्रतिनिधियों को धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया को सरकार और जनता के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि मीडिया सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों को जनता के मध्य ले जाने का कार्य करती है, तथा जनहित के मुद्दों तथा आम लोगों की समस्याओं की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित करती है। मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा में मीडिया की सकारात्मक भूमिका की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने वैश्विक इंवेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिये भी सभी का धन्यवाद देकर आभार व्यक्त किया।
सचिव सूचना शैलेश बगौली ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत किया तथा महानिदेशक बंशीधर तिवारी द्वारा आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान पांडवाज बैण्ड, प्रीतम भरतवाण एवं लोक कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की प्रस्तुति भी दी। सभी ने लोक कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डा. प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजान दास, सविता कपूर, सरिता आर्य, सुरेश गढ़िया, महानगर अध्यक्ष भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, सचिव मुख्यमंत्री मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित सूचना विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सीएम आवास में मुख्यमंत्री धामी ने किया टयूलिप की 17 प्रजातियों का रोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सपत्नी मुख्यमंत्री आवास परिसर में ट्यूलिप की 17 प्रजातियों के 4000 बल्ब के रोपण कार्यक्रम की शुरूआत की। पिछले वर्ष सीएम आवास परिसर में ट्यूलिप की 4 प्रजातियों के 400 बल्ब रोपित किए गए थे।

मुख्यमंत्री आवास में इस वर्ष ब्लैक- पर्पल बाईकलर प्रजाति के ट्यूलिप आकर्षण का केन्द्र रहेंगे। मुख्यमंत्री ने ट्यूलिप बागवानी के बारे में उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित से जानकारी ली तथा आगामी वर्षों में इसके व्यवसायिक उत्पादन की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर परिसर में विभिन्न औद्यानिक कार्यों का भी निरीक्षण कर सब्जी उत्पादन, मशरूम उत्पादन, मौनपालन के कार्यों के साथ-साथ विभिन्न प्रजाति के पुष्पों का अवलोकन कर ऐसे प्रयासों की सराहना की।

देवभूमि उत्तराखंड आध्यात्म और योग भूमि के साथ संस्कृति, साहित्य और कला भी भूमि भीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में जौनसार बावर पौराणिक सांस्कृतिक लोक कला मंच एंव सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित ठोउड़ा नृत्य एंव सांस्कृतिक महोत्सव में प्रतिभाग करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अध्यात्म और योग की भूमि होने के साथ-साथ संस्कृति, साहित्य और कला की भूमि भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था द्वारा समय के साथ-साथ विलुप्त हो रही हमारी पारंपरिक वेष-भूषा एवं वाद्य यंत्र जैसी पौराणिक विधाओं को एक मंच प्रदान करने का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पौराणिक संस्कृति पर आधारित दल के मुख्य-नृत्य-ढोल सागर, केदार वाच्छा, विरूडी, हारूल, तलवार जुड़ा नृत्य, गुड़िया रासो, मैंता, जौनसारी नाटी, ठोऊडा धनुष तीरकमान, नृत्य आदि प्रस्तुत करना संस्था की लोक संस्कृति के प्रति सजगता का द्योतक है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान करने वाला तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से परिचित कराने में मददगार भी बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन तथा सांस्कृतिक समारोह, निश्चित रूप् से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करेगा। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र को ध्येय मानकर हम लक्ष्य प्राप्ति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमें भारत को पुनः विश्व गुरू के पद पर आरूढ़ करने के लिए हर परिस्थिति को पार करना है। उन्होंने कहा कि हमें भारत को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर स्तर पर कोशिश करनी है। श्रेष्ठ उत्तराखंड निर्माण में हमारे ‘विकल्प रहित संकल्प‘ को साकार करने में सबको सहयोगी बनना होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुन्दन सिंह चौहान, संस्थापक, जौनसार बावर पौराणिक सांस्कृतिक लोक कला मंच, नरेश चौहान के साथ ही हिमाचल के लोक गायक मोहन सिंह चौहान को सम्मानित किया।

कार्यक्रम में पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, ब्लाक प्रमुख कालसी मठोर सिंह चौहान के साथ लोक कलाकार तथा स्थानीय लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया छठवें वैश्विक आपदा प्रबंधन सम्मेलन का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्लेमेंट टाउन स्थित, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में 6वें आपदा प्रबंधन वैश्विक सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। 28 नवम्बर से 01 दिसम्बर 2023 तक होने वाले इस सम्मेलन में अनेक देशों के विशेषज्ञ और वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। इस सम्मेलन में 60 से अधिक तकनीकि सत्र आयोजित किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुभव पर आधारित पुस्तक रेजिलिएंट इंडिया का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान’ खोलने के लिए भूमि की व्यवस्था के साथ ही केंद्र सरकार से अनुरोध किया जायेगा। राज्य में इस संस्थान की खोलने के लिए केन्द्र सरकार की जो भी अपेक्षा होगी, वह राज्य राज्य सरकार द्वारा पूरी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग और महिलाओं के लिए राज्य में आपदा की चुनौतियों का सामना करने के लिए विशेष प्राविधान किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में आपदा प्रबंधन के पाठ्यक्रम शामिल किये जायेंगे और कार्यशालाओं का आयोजन किया जायेगा।

उत्तराखंड प्राचीन काल से ही शोध, साधना, आध्यात्म, ज्ञान और विज्ञान की रही है उद्गम स्थली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने द्रोणनगरी देहरादून में आयोजित छठे विश्व आपदा प्रबन्धन सम्मेलन में देश-विदेश से आये सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड प्राचीनकाल से ही शोध, साधना, आध्यात्म, ज्ञान और विज्ञान की उद्गम स्थली रहा है। आदि गुरु शंकराचार्य जी, गुरु नानक देव जी, स्वामी विवेकानंद जी से लेकर रविन्द्र नाथ टैगोर जी तक अनेक युग दृष्टाओं की आध्यात्मिक यात्रा में कहीं न कहीं हिमालय और विशेष रूप से उत्तराखंड के दर्शन अवश्य होते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए यह आपदा प्रबंधन वैश्विक सम्मेलन महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का उपाय है, प्रोएक्टिव अप्रोच। प्राकृतिक आपदाओं के समय प्रतिक्रिया एकीकृत होने से आपदा से होने वाले नुकसान और जनहानि को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का सामना सभी हिमालयी राज्यों को करना पड़ता है। इस संबंध में वैश्विक स्तर पर हो रहे अध्ययनों, शोधों एवं अनुभवों को साझा करना भी समय की जरूरत है।

इकोलॉजी, इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी के बेहतर समन्वय एवं प्रबंध तंत्र विकसित कर किया जा सकता है प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का सामना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में चिकित्सा सुविधाओं, सशक्त संचार व्यवस्था, ऑल वेदर रोड, हैलीपोर्ट्स के निर्माण, शहरी नियोजन जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आज हम आपदाओं का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर रणनीतियों और प्रणालियों को लागू करके निश्चित रूप से इनके प्रभावों को अवश्य ही कम किया जा सकता है। इकोलॉजी, इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी के बेहतर समन्वय से हम प्राकृतिक आपदाओं से लड़ने के लिए एक बेहतर प्रबंध तंत्र विकसित कर सकते हैं। यदि हम पृथ्वी समेत सभी प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग न करके उपयोग करेंगे तभी हम सच्चे अर्थों में प्रकृति संरक्षण के अपने कार्य में सफल हो सकते हैं।

देहरादून डिक्लेरेशन आपदा प्रबन्धन की दृष्टि से पर्वतीय क्षेत्रों और सम्पूर्ण विश्व के लिए साबित होगा महत्वपूर्ण दस्तावेज।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र और समुदायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रतिरोध की चुनौतियों पर चर्चा करना एवं उनका समाधान करना है। इस आयोजन के माध्यम से सारे विश्व में प्रकृति के प्रति मानव समाज के सामुदायिक दायित्वों और आपदा प्रबंधन में उसके महत्व को उजागर करते हुए देवभूमि से ’’देहरादून डिक्लेरेशन’’ के रूप में एक विशेष संदेश प्रसारित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आपदा प्रबन्धन की दृष्टि से पर्वतीय क्षेत्रों और सम्पूर्ण विश्व के लिए यह डिक्लेरेशन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्व भर के प्रतिष्ठित संस्थानों के विषय विशेषज्ञ, जलवायु परिवर्तन एवं आपदा से संबंधित ज्वलंत चुनौतियों और उनके समाधानों पर जो विचार मंथन करेंगे, जो आने वाले समय में आपदा प्रबंधन के लिए मददगार साबित होंगे।

आपदा प्रबन्धन के वैश्विक सम्मेलन से उत्तराखण्ड में ’’सुरक्षित निवेश-सुदृढ़ उत्तराखण्ड’’ का देश-विदेश में प्रसारित होगा संदेश।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 08-09 दिसम्बर को देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश-विदेश के औद्योगिक समूहों, निवेशकों द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में निवेश को गति देने के लिए प्रतिभाग किया जायेगा। इस सम्मेलन से ठीक पहले आयोजित आपदा प्रबन्धन के वैश्विक सम्मेलन से उत्तराखण्ड में ’’सुरक्षित निवेश-सुदृढ़ उत्तराखण्ड’’ का संदेश देश-विदेश में प्रसारित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन के माध्यम से समेकित विकास लक्ष्यों के साथ-साथ आपदा प्रबन्धन और जलवायु परिवर्तन जनित चुनौतियों का बेहतर रूप से सामना करने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर उप राज्यपाल अंडमान और निकोबार द्वीप एडमिरल डी के जोशी, मुख्य सचिव डॉ. एस एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, कार्यकारी निदेशक एनआईडीएम राजेन्द्र रत्नू, सचिव आपदा प्रबंधन डा. रंजीत कुमार सिन्हा, महानिदेशक यू.कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, अध्यक्ष ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी प्रो. कमल घनशाला, पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, डॉ एस., अध्यक्ष डब्लू.सी.डी.एम.ए. डॉ. आनन्द बाबू एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

टनल में चल रहे राहत व बचाव कार्यों के संबंध में सीएम ने ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा, उत्तरकाशी में सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने टनल में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तीव्र गति, एवं पूरी सावधानी के साथ अंतिम चरण के रेस्क्यू ऑपरेशन को संचालित किया जाए। उन्होंने कहा यह अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा रेस्क्यू अभियान है। टनल में फंसे 41 लोगों की बहुमूल्य जिंदगी को बचाने की जिम्मेदारी हम सब पर है। अभियान में जुटे लोगों को पूरी दक्षता, क्षमता, तत्परता और सावधानी के साथ मिशन को कामयाब बनाने में दिन रात जुटे रहना होगा। इस काम के लिए संसाधनों की कोई भी कमी नहीं होने दी जाएगी।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल (से.नि) बी.के सिंह, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव अनुराग जैन, अपर सचिव (सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) एवं एम.डी (एनएचआईडीसीएल ) महमूद अहमद, कमिश्नर गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, विधायक संजय डोभाल, विधायक सुरेश चौहान, रेस्क्यू आभियान के समन्वयक सचिव डॉ. नीरज खैरवाल, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, एसडीएफआर कमाडेंट मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने जौलजीबी मेले के लिये की 10 लाख देने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काली एवं गोरी नदी के संगम पर आयोजित 110 वर्ष पुराने जौलजीबी मेले का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलजीबी मेला भारत, नेपाल व तिब्बत के मध्य आपसी सौहार्द, व्यापारिक, सास्कृतिक व परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करता है। यह मेला धार्मिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में बहुत महत्व रखता है। यह मेला भारत एवं नेपाल देश के बीच संस्कृति, सभ्यता के साथ-साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाता आ रहा है। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही यहां के रीति-रिवाज और संस्कृति को देखते आ रहे हैं तथा इस मेले से उन्हें बहुत लगाव रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जौलजीबी मेले हेतु रुपए 10 लाख दिए जाने की घोषणा की तथा केएमवीएन द्वारा काली नदी पर युवाओं हेतु आयोजित राफ्टिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ कर सभी स्टालों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने चॉकलेट देकर बच्चों को बाल दिवस की बधाई दी तथा उन्हें आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सांस्कृतिक मेला हमारी विलुप्त होती लोक विरासत को संरक्षण प्रदान कर रहा है और आने वाली पीढ़ी को हमारी लोक संस्कृति से परिचित कराने का कार्य भी कर रहा है। राष्ट्र और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से जानने का अवसर प्रदान करने वाला यह सांस्कृतिक मेला, निश्चित रूप से हमारी आगामी पीढ़ी के लिए सामाजिक समरसता को प्रगाढ़ करने का कार्य करेगा। ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से हमारे राज्य के कलाकारों को भी एक मंच प्राप्त होता है और उनकी कला को प्रोत्साहन मिलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सीमान्त गांवों के विकास के प्रति बहुत गंभीर है, इसका सीधा उदाहरण विगत दिनों उनके द्वारा आदि कैलाश व गुंजी की यात्रा है, जिससे आज पूरा विश्व इस क्षेत्र को जानने लगा है, यहां की यात्रा के उपरांत स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा ट्वीट कर पवित्र आदि कैलाश की सुंदरता, धार्मिक महत्ता का वर्णन किया गया, जिससे अब यहां आवाजाही लगातार बढ़ रही है। अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी इसके बाद इसे लेकर ट्वीट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में यह पूरा क्षेत्र आवागमन का बहुत बड़ा केंद्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्र के गांवों का सतत विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है, जिसे लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ जनपद के इस सीमान्त क्षेत्र के विकास के लिए काली नदी पर डबल लेन मोटर पुल का निर्माण किया जा रहा है। जिससे भारत और नेपाल देश के बीच व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निर्माण व चौड़ीकरण किया जा रहा है, इससे व्यापार बढ़ेगा तथा क्षेत्र का विकास होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा संचालित करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है और बहुत जल्द हवाई सेवा शुरू करने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में एयरक्राफ्ट खड़ा है। पायलट के लिए 100 घंटे की फ्लाइंग आवश्यक होती है, इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में यहां मेडिकल कॉलेज भी बनने जा रहा है। जो सब आज यहां हो रहा है, वो पहले किसी ने सोचा भी नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम समर्पित भाव से दिन-रात कार्य कर रहे हैं, और जब तक अपने ‘‘विकल्प रहित संकल्प‘‘ को पूरा नहीं कर लेते तब तक हम चौन से नहीं बैठेंगे, आराम से नहीं बैठेंगे।

इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, ब्लॉक प्रमुख धारचूला धन सिंह धामी, डीडीहाट बबीता चुफाल, कनालीछीना सुनीता कन्याल नगर पालिका अध्यक्ष धारचूला राजेश्वरी देवी, डीडीहाट कमला चुफाल, सदस्य जिला पंचायत गंगोत्री दताल, जिलाधिकारी रीना जोशी, एस.पी. लोकेश्वर सिंह, नेपाल के दारचूला जिले की प्रमुख जिलाधिकारी किरन जोशी, सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, दोनों देशों के नागरिक संस्कृति कर्मी आदि उपस्थित रहे।

मुंबई में एनएसई पहुंचे सीएम, किया स्टॉक एक्सचेंज में संचालित गतिविधियों का अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, एनएसई पहुंच कर स्टॉक एक्सचेंज में संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर एनएसई, एनएसई की सांकेतिक बेल बजाकर अपनी उपस्थिति दर्ज की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 08 और 09 दिसंबर 2023 को देहरादून में होने वाले उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के अनुकूल नीतियां बनाई गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के क्षेत्र युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिले, इस दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एमडी एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा कि उत्तराखंड में एंटरप्रेन्योरशिप अपॉर्चुनिटी को बढ़ाने के एनएसई राज्य के युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार है। राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों में भी राज्य सरकार के सहयोग से निशुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।