अभिलेखागार का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण, खामियां मिलने पर बैठाई एसआईटी जांच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उप निबंधक कार्यालय देहरादून व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से की गई चर्चा और अभिलेखागार के निरीक्षण में यह पाया गया कि अभिलेख कक्ष जिसमें कई वर्षों के महत्त्वपूर्ण अभिलेख रखे गए हैं उनका रख-रखाव, सुरक्षा के मानक, नष्ट होने से बचाव के उपाय मानकों के अनुरूप नहीं है। अभिलेख कक्ष में प्रवेश एवं नकल प्राप्त करने की प्रकिया में गम्भीर लापरवाही पाई गई। विक्रय पत्रों के जिल्द, जिसमें पुराने विक्रय पत्रों की प्रतियां सुरक्षित रखी जाती है, में छेड़छाड़ कर भूमि का फर्जीवाड़ा किया जाना बताया गया है।

इस सम्बन्ध में मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये हैं कि अभिलेखों में की गई जालसाजी की समयबद्ध विस्तृत एवं गहन जाँच हेतु कम से कम तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय विशेष जाँच दल (एस०आई०टी०), जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा का एक वरिष्ठ अधिकारी, निबन्धन विभाग का वरिष्ठ अधिकारी और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अथवा अन्य कोई भिज्ञ एवं योग्य व्यक्ति/अधिकारी को सम्मिलित कर गठित कर लिया जाए। जनपद देहरादून में पकड़े गए विक्रय विलेखों के फर्जीवाड़ा से जुड़े अभिलेखों की सुरक्षा के तत्काल कड़े प्रबन्ध सुनिश्चित कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी अभिलेखागारों में अभिलेखों के रख-रखाव, अभिलेखों की सुरक्षा अभिलेखों की नकल प्राप्त करने, अभिलेखों में प्रवेश को पूर्णतः नियंत्रित/प्रतिबन्धित करने की मानक प्रक्रिया निर्धारित करते हुए तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जाए।

जल संरक्षण एवं जल धाराओं के पुनर्जीवन थीम पर आधारित प्रोग्राम में शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में ‘जल संरक्षण एवं जल धाराओं के पुनर्जीवन’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पौधे लगाए। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय प्रयास करने वाले स्कूलों एवं वन पंचायतों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं दी और सबके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व सुख, समृद्धि, शान्ति, पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक है। यह पर्व सामाजिक सद्धभाव का पर्व एवं ऋतु परिवर्तन का भी सूचक है। यह दिवस प्रकृति व मानव के सह अस्तित्व को स्मरण करने व प्रकृति संरक्षण के हमारे प्रण को पुनः दोहराने का दिन है। उत्तराखण्ड प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। हरेला एक ऐसा ही पर्व है, जो हमारी प्रकृति से निकटता को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम प्राकृतिक धरोहर एवं विरासत को संरक्षित कर भावी पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण देंगे। इस बार राज्य में हरेला पर्व की थीम जल संरक्षण एवं जल धाराओं का पुनर्जीवन निर्धारित की गई है। उन्होंने जल संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में सभी को योगदान देने के लिए अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने सर्कुलर इकोनॉमी पर काफी जोर दिया है। क्योंकि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी सर्कुलर इकोनॉमी की बड़ी भूमिका है, जब ट्रीटेड जल को पुनः उपयोग किया जाता है, ताजा जल को संरक्षण किया जाता है तो उससे पूरे इकोसिस्टम को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की गैर हिम नदियों का ग्रीष्म कालीन प्रवाह बहुत कम रह गया है, जिसका प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन है। उत्तराखण्ड में अकेले पेयजल सैक्टर में जल की आवश्यकता की गणना की जाये, तो वर्ष 2052 की सम्भावित जल की मांग लगभग 1980 एम.एल.डी. आंकी गयी है, जो कि लगभग 23 क्यूमेक है। राज्य में मांग के सापेक्ष शतही श्रोतों पर आधारित मांग 70 प्रतिशत है, जो कि लगभग 1400 एम.एल.डी. ही है। कई विभागों द्वारा स्प्रिंगशेड सोर्स रिजूनिवेशन, कैचमेन्ट एरिया, सोर्स सस्टेनबलिटी, चाल-खाल, चौक डैम, कन्टूर ट्रैन्च आदि के कार्य कराये जा रहे है, जिसके अच्छे परिणाम भी सामने आये है। ऐसे में पूरे प्रदेश में एक मॉडल प्लान तैयार कर कार्य किये जाने की आवश्यकता है। इंडस्ट्री और खेती दो ऐसे क्षेत्र हैं, जिसमें पानी की आवश्यकता अत्यधिक होती है, इन दोनों क्षेत्रों को मिल कर जल संरक्षण अभियान चलाना होगा और लोगों को जागरूक करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पिछले 9 साल से जो भी प्रमुख विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं, उन सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही जल संरक्षण का आग्रह भी है। चाहे स्वच्छ भारत मिशन हो या वेस्ट टू हेल्थ से जुड़े कार्यक्रम हो, अमृत मिशन के तहत शहरों में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण हो, या सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान हो या फिर नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा स्वच्छता का अभियान हो, पर्यावरण रक्षा और जल संरक्षण के क्षेत्र में हमारे देश के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री जी द्वारा देशभर में अमृत सरोवर की शुरुआत की गई है। अमृत सरोवर योजना के तहत जिला स्तर, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर हो चुके तालाबों का जीर्णाेद्धार कर इन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरेला पर्व के उपलक्ष्य में इस वर्ष प्रदेश में 08 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह अभियान 15 अगस्त तक चलेगा। वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जायेगा। जिस सेक्टर में वृक्षों का सक्सेस रेट सबसे अधिक होगा, उस सेक्टर के वन दरोगा को सम्मानित किया जायेगा। 15 अगस्त को 1750 गांवों में 75-75 पेड़ लगाये जायेंगे। वन मंत्री ने कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से अपील की कि पर्यावरण के संरक्षण में सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने अपील की कि पौधे लगाकर सेल्फी विद प्लांट पोस्ट करें, जिससे हम अपनी भावी पीढ़ी को बता सकें कि हमने पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या योगदान दिया।

इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मेयर सुनील उनियाल गामा, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विभिन्न प्रजाति के 51 पौधों का सीएम ने किया रोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने आम की पूषा श्रेष्ठ प्रजाति का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन का पर्व है। हरेला पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश में सामाजिक संगठनों, संस्थाओं एवं विभागों के माध्यम से व्यापक स्तर से पौधारोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा जल संरक्षण एवं जल धाराओं के पुनर्जीवन की दिशा में राज्य में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में जल संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सभी को आगे आने का आवाहन किया गया है। राज्य में इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में 1200 से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए हैं। इस दिशा में आगे भी लगातार कार्य होंगे।

हरेला पर्व के अवसर पर गीता पुष्कर धामी एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में विभिन्न प्रजातियों के 51 पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत डॉ. पराग मधुकर धकाते, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी, उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित उपस्थित थे।

वनवासी समुदाय के छात्रों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय के नेतृत्व में वनवासी विद्यालय दून संस्कृति स्कूल में अध्ययनरत वनराजी समुदाय के छात्रों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा लिखित पुस्तक ’अग्नि की उड़ान’ भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति समाज के बच्चों का भविष्य बेहतर हो इसके लिए जनजाति कल्याण विभाग द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत भी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने देहरादून रजिस्ट्रार ऑफिस का औचक निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्रार ऑफिस का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में संचालित जमीनों की रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं एवं रिकॉर्ड रूम का अवलोकन कर जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि जमीन के दस्तावेजों में भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसकी कारगर व्यवस्था बनाई जाए। उन्होने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि भूमि के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने वालों के विरूद्ध सख्त कारवाई की जाए, ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए व्यवस्थाओं में जो भी सुधारात्मक कदम उठाये जाने हैं, वो उठाये जाएं।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को जिले में जमीनों के रिकॉर्ड की सुरक्षा के दृष्टिगत रजिस्ट्रार ऑफिस की सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये और कार्यालय रिकार्ड के मेंटेन के लिए समुचित व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि जमीनों के फर्जीवाड़ा की गहनता से जाँच की जाए और दोषियों पर इतनी सख्त कारवाई की जाए, कि भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़ा करने की कोई सोच भी न सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी जमीनों से संबंधित कोई भी फर्जीवाड़े की शिकायते आयेंगी तो उनकी जाँच कर दाषियों के विरूद्ध कारवाई की जायेगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री जगदीश चंद्र काण्डपाल भी उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्रिगणों को मिली जनपदों में प्रवास कर आपदा राहत कार्य की दिशा में काम करने की सीख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त मंत्री गणों से अपने-अपने प्रभार के जनपदों में प्रवास कर राहत एवं बचाव के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त मंत्री गणों से अपने-अपने प्रभार के जनपदों में प्रवास कर राहत एवं बचाव के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की है। विदित है कि वर्तमान में राज्य में निरन्तर भारी वर्षा के कारण जगह-जगह आपदा की स्थिति उत्पन्न हुई है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार शासन व प्रशासन के सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी राहत व बचाव कार्यों में तत्परता से लगे हैं। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री धामी द्वारा आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी मंत्रीगणों को अपने-अपने जनपदों में प्रवास कर राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की है।

महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध मामलों की जांच के आंकड़ों को तरीके से करें तैयारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये है। उन्होंने इस संबंध में सही तथ्यों से आम जनता को अवगत कराने तथा इन मामलों की जांच एवं सजा आदि के आंकड़ों को भी सही ढंग से तैयार किये जाने के निर्देश दिये है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डे, अपर सचिव न्याय सुधीर कुमार सिंह, सहित पुलिस एवं गृह विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
मंगलवार को सचिवालय में प्रदेश में महिलाओं एवं बाल अपराध की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों में अपराधी को समय पर सजा मिले इसके लिये ऐसे प्रकरणों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अधीन लाये जाने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अभियोजन विभाग की मजबूती के लिये अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल उन कमियों को दूर करने के प्रयास किये जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। इस संबंध में महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े संगठनों से भी नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में गौरा शक्ति योजना के तहत थाना स्तर पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। जनपद व राज्य स्तर पर महिला काउंसिल सेल गठित किया गया है। प्रत्येक थाने में एक महिला उपनिरीक्षक तथा चार महिला कांस्टेबल की तैनाती की गई है। साथ ही महिला अपराधों की विवेचना महिला अधिकारी द्वारा किये जाने की व्यवस्था है।
प्रदेश में बाल अपराधों पर नियंत्रण हेतु प्रत्येक जनपद में विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी प्रत्येक जनपद में बाल मित्र थाने की स्थापना तथा पॉक्सो के पर्यवेक्षण हेतु स्पेशल टास्क फोर्स गठित की गई है। ऑपरेशन मुक्ति के तहत 2017 से अब तक प्रदेश में 7670 बच्चों का सत्यापन तथा 3603 बच्चों का विद्यालयों में दाखिला किया गया है। जबकि ऑपरेशन स्माइल के तहत 2015 से 2021 के मध्य 2221 बच्चे तथा 604 महिलायें बरामद की गई।

मुख्यमंत्री ने किया कलाकारों का सम्मान, प्रसून जोशी रहे शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने भेंट की। इस अवसर पर कला एवं साहित्य क्षेत्र से जुड़े सुधीर पाण्डे, शालिनी शाह, प्रवीन काला, अमित जोशी, राजेश शाह, वरूण ढ़ौढ़ियाल एवं गौरव ने भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों को सम्मानित भी किया।
केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने देहरादून में सांस्कृतिक केंद्र शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मांकन की ओर फिल्मकारों का रूझान तेजी से बढ़ा है। उन्होंने यहां पर सांस्कृतिक केंद्र के साथ ही रिसर्च सेंटर बनाने का सुझाव भी दिया। इस सांस्कृतिक केंद्र में लिटरेचर फेस्टिवल एवं वर्कशॉप का आयोजन भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर आधारित विभिन्न कहानियों एवं यहां की कला व संस्कृति को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में भी हमें प्रयास करने होंगे। कलाकारों ने राज्य में वेब सीरीज के लिए सब्सिडी देने का सुझाव भी दिया, जिससे यहां फिल्म जगत से जुड़े लोगों का और आकर्षण बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मकारों को देवभूमि उत्तराखण्ड आने के लिए आकर्षित कर रहा है। राज्य में फिल्मांकन के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जायेगा। फिल्म जगत से जुड़े लोगों के जो भी सुझाव प्राप्त होते हैं, उन सुझावों को पूरी गम्भीरता से लिया जाता है।

कैंपा के कार्यों में तेजी लाएं अधिकारीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सशक्त उत्तराखण्ड / 25 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई अल्प, मध्य एवं दीर्घकालिक रोडमैप की समीक्षा की।
वन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कैम्पा के तहत होने वाले कार्यों में और तेजी लाई जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि कैम्पा के तहत प्राप्त हो रही धनराशि का समय पर एवं सही तरीके से उपयोग हो। वन सम्पदाओं से लोगों की आजीविका में वृद्धि करने की दिशा में लगातार प्रयास किये जाएं। अखरोट, बांस एवं औषधीय पौधों को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में कार्य किये जाएं। बांज, सागोन, पॉपुलर को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किये जाएं। पिरूल नीति से लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए और प्रयास किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरेला पर्व पर प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। फलदार एवं औषधीय पौधों के रोपण पर विशेष ध्यान दिया जाय। वृक्षारोपण के लिए जन सहभागिता का होना जरूरी है। इसके लिए सामाजिक संगठनों एवं लोगों का पूरा सहयोग लिया जाए। जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाय। जल संचय के लिए तालाबों के निर्माण की दिशा में वन विभाग द्वारा कार्य किये जाएं। मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए लगातार प्रयास किये जाएं।
वन विभाग की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि विभाग द्वारा 2026-27 तक आर्थिकी को दुगुना करने के लिए ईको टूरिज्म गन्तव्यों का विकास किया जा रहा है। वन पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। लीसा उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। निजी भूमि में स्थित वृक्षों के पातन की प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे विकास, मन्दिर माला मिशन के तहत हो रहे कार्यों, विभिन्न शहरों के विकास एवं भविष्य की सम्भावनाओं को देखते हुए सड़कों के निर्माण एवं विस्तार की दिशा में कार्य किये जाए। तकनीकि सर्वें के साथ सड़कों के विकास के सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि सड़क निर्माण के साथ ही ड्रेनेज की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि रोड कटिंग के समय प्राकृतिक जल स्रोत प्रभावित न हों। सड़कों के किनारे फलदार वृक्ष लगाये जाएं।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान बारिश से प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर सड़क बाधित होने की स्थिति में लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि बारिश के कारण यदि सड़क बाधित होती है तो, उनको तुरंत सुचारू करने के लिए पूरी व्यवस्थाएं रखी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पुराने पुलों का भी सर्वे किया जाए। सड़क निर्माण के लिए विभिन्न स्थानों पर जो वन भूमि के प्रकरण चल रहे हैं, उनके समाधान के लिए कार्यों में और तेजी लाई जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण से संबंधित जो भी कार्य चल रहे हैं, वे सभी निर्धारित समयावधि में पूर्ण किये जाए, इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाय। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिये कि विभाग की ओर से भारत सरकार को जो भी प्रस्ताव भेजे जाने हैं, वे शीघ्र उपलब्ध कराये जाएं।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि लोक निर्माण विभाग में अगले दो वर्षों में 03 हजार किमी मार्गों का डामरीकरण करने, 3500 किमी मार्गों के नवीनीकरण के कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है। दीर्घकालिक योजनाओं के तहत देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर एवं हल्द्वानी रिंग रोड का निर्माण किया जायेगा। मानसखण्ड योजना के लिए मार्गों के निर्माण हेतु प्रथम चरण के कार्यों की कार्यवाही गतिमान है। वर्षा काल में विभिन्न मार्गों पर 400 जेसीबी लगायी गई है, इनको जीआईएस से कनेक्ट किया गया है।
बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव डॉ. पंकज कुमार, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक, अपर सचिव विजय कुमार जोगदाण्डे, लोक निर्माण एवं वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

23 नग रेलवे स्टेशन रोशनाबाद से बरामद, अग्रिम कार्यवाही जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आज स्थानीय प्रशासन एवं राज्य कर विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दून एक्सप्रेस से क्रमशः 48 नग लीज एवं 08 नग पार्सल तथा शताब्दी एक्सप्रेस से 17 नग पाये गये शताब्दी एक्सप्रेस में पाये गये नगों में से 03 नग अखबार के पाये गये, जिसकी जांच की उपरान्त सही पाये गये 03 नग अखबार के अवमुक्त कर दिये गये। शेष 4808114 कुल 70 नगो के संबंध में विभागीय एवं स्थानीय प्रशासन की टीम द्वारा कब्जे में लेते हुए अग्रिम कार्यवाही की जारी है। इसी तरह हरिद्वार रेलवे स्टेशन में भी विभागीय अधिकारी द्वारा कार्यवाही की गयी जिसमें कुल 23 नग रेलवे स्टेशन से रोशनाबाद विभागीय कार्यालय अग्रिम कार्यवाही हेतु ले जाया गया।

हरिद्वार रेलवे स्टेशन से उठाये गये समस्त माल भौतिक सत्यापन करने के उपरान्त यह सुनिश्चित कर लिया जायेगा कि रेलवे के माध्यम से आयात किया जा रहा समस्त माल बिल / ई-वे बिल से आच्छादित है। इन सभी नगों की अनुमानित मूल्य 50-60 लाख रुपए तक है । रेलवे स्टेशन पर स्थित गोदाम की पड़ताल पर यह पाया गया वहाँ पर स्थित सीसीटीवी कमरे भी २ माह से खराब है जिससे कि कुछ रेलवे कर्मचारियों की भूमिका के संबंध में सक्षम प्राधिकारियों के स्तर से जाँच की संस्तुति की जा रही है। उपरोक्त के अतिरिक्त, राज्य कर विभाग प्रवर्तन इकाई देहरादून में तैनात संयुक्त आयुक्त उपायुक्त तथा सचल दल सहायक आयुक्त को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय संबद्ध करते हुए निलंबन एवं अनुशासात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गई है।