प्रदेश में शुरू हुई वाह्य सहायतित जायका परियोजना, 526 करोड़ रूपये की है योजना

प्रदेश के कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग द्वारा वाह्य सहायतित जायका परियोजना का शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अथिति के तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ओर वित मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल की उपस्थिति में वाह्य सहायतित जायका परियोजना रू. 526 करोड़ की योजना का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा इस योजना के माध्यम से प्रदेश में वानिकी, औद्यानिकी को बढ़ावा मिलेगा यह योजना राज्य के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। वही मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया। मंत्री जोशी ने कहा प्रधानमंत्री के कुशल निर्देश/नेतृत्व में भारतवर्ष के साथ-साथ उत्तराखण्ड राज्य में भी औद्यानिकी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंत्री जोशी ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्होंने कहा आज मुख्यमंत्री के निर्देशन में उत्तराखण्ड राज्य में औद्यानिक का समग्र विकास करते हुए कास्तकारों की आय में गुणात्मक वृद्धि हेतु महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित करने व वाह्य सहायतित जायका परियोजना का शुभारम्भ करने के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत देय राजसहायता की धनराशि में भी वृद्धि की जा रही है।
मंत्री जोशी ने कहा उत्तराखण्ड राज्य की भौगोलिक परिस्थितियॉ एवं कृषि जलवायु विभिन्न कृषि एवं औद्यानिक फसलों के उत्पादन हेतु अत्यधिक अनुकूल हैं। राज्य के तराई/भावर क्षेत्रों में खाद्यान्न उत्पादन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, वहीं राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में औद्यानिकी के विकास की अपार सम्भावनाए विद्यमान हैं। राज्य में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा पर्वतीय क्षेत्रों की जनता की आर्थिकी के दृष्टिगत कृषि व औद्यानिक फसलों की अहम भूमिका है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों की जनसंख्या के रोजगार के मुख्य साधन कृषि एवं औद्यानिकी पर आधारित है। जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की क्षति तथा खाद्य व ऊर्जा संकट के कारण कृषि एवं औद्यानिकी के समग्र विकास में विभिन्न चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसको दृष्टिगत रखते हुए हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में कृषि एवं औद्यानिकी के विकास हेतु कृषि-औद्यानिकी दृष्टि पत्र तैयार किया गया है, जिसके क्रियान्वयन की जनपद स्तर पर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। वर्तमान में उत्तराखण्ड में औद्यानिकी के अन्तर्गत आच्छादित 2.97 लाख है0 क्षेत्रफल में 17.72 लाख मै0टन उत्पादन किया जा रहा है। सशक्त उत्तराखण्ड /25 के अन्तर्गत विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 तक औद्यानिकी के अन्तर्गत 3.45 लाख है0 क्षेत्रफल में 22.517 लाख मै0टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री जोशी ने कहा बागवानी के समग्र विकास हेतु जापान के सहयोग से बाह्य सहायतित परियोजना जायका योजनान्तर्गत रू0 251.71 करोड़ के प्रस्तावित परिव्यय में विशेष प्रयासों के फलस्वरूप दोगुना से अधिक वृद्वि करते हुए रू0 526.00 करोड़ स्वीकृत कराया गया है। प्रदेश की विविधतापूर्ण कृषि जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियॉ औद्यानिक फसलों के उत्पादन हेतु अत्यधिक अनुकूल है। विविध जलवायु के फलस्वरूप प्रदेश में समशीतोष्ण एवं शीतोष्ण फसलों का उत्पादन किया जाता है। इस हेतु जापान अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग एजेन्सी (जायका) के वित्तीय सहयोग से यह परियोजना प्रदेश के 04 जनपदों (टिहरी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं नैनीताल) में संचालित की जायेगी। इसके अन्तर्गत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन कर इनके प्रभावों को कम करने हेतु जलवायु के अनुरूप औद्यानिक फसलों एवं तकनीकों का समावेश करते हुए उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि की जा सकेगी।
मंत्री ने कहा परियोजना में औद्यानिकी से सम्बन्धित महत्वपूर्ण घटकों को सम्मिलित करते हुए कास्तकारों को 80 प्रतिशत तक राजसहायता से लाभान्वित करने की व्यवस्था की गयी है। साथ ही परियोजना में कीवी को गेम चेजिंग फसल के रूप में सम्मिलित किया गया है, जिससे कास्तकारों की आय में दोगुना से अधिक वृद्वि सुनिश्चित करने के साथ-साथ भारतवर्ष में कीवी के आयात को भी कम किया जा सकेगा। मंत्री जोशी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जायका परियोजना के क्रियान्वयन से एकीकृत बागवानी को बढ़ावा देकर कृषकों की आय वृद्धि एवं राज्य की आर्थिकी में विशेष योगदान मिलेगा, जो कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में भी सहायक होगा। इसके अलावा मंत्री जोशी ने कहा कि कोई भी योजना बनाई जाए उसके लिए किसानों की राय भी ली जाएगी। मंत्री जोशी ने कह कि शीघ्र ही जायका परियोजना सभी जनपदों में भी लागू की जायेगी। इस अवसर पर मंत्री जोशी ने जापान से पहुंचे जायका के प्रतिनिधियों को पहाड़ी टोपी ओर केदारनाथ मंदिर की मूर्ति का स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, सीनियर रिप्रेजेंटेटिव जायका इंडिया जून वातानाबे, रिप्रेजेंटेटिव जायका मारिया कोटा, प्रिंसिपल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट जायका अनुराग सिंह, सचिव बी.वी. पुरुषोत्तम निदेशक उद्यान एचएस बवेजा आदि उपस्थित रहे।

शिक्षक युग दृष्टा ऋषियों के समान, जो समाज को बनाते हैं प्रबुद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी रोड देहरादून स्थित पेस्टल वीड स्कूल में प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित International Conference of Principals & Teachers कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की समाज के निर्माण में अहम भूमिका होती है। माता-पिता के बाद शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य को बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। शिक्षक युग दृष्टा ऋषियों के समान हैं, जो समाज को प्रबुद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिरीक्षण द्वारा स्वयं को जानने और समझने योग्य बनाना रहा है। विद्यार्थी के लिए आत्म साक्षात्कार अत्यंत आवश्यक है। तभी प्रतिभा का सदुपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि पीपीएसए द्वारा शिक्षार्थियों की प्रतिभा को उभारने के लिए सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं। पी.पी.एस.ए. प्रौद्योगिकी, कौशल और स्कूली पाठ्यक्रम पर खुली और रचनात्मक चर्चा द्वारा विचारों के आदान-प्रदान हेतु एक आदर्श वातावरण प्रदान कर रहा है। पीपीएसए द्वारा प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पब्लिक स्कूलों और सरकारी स्कूलों के मध्य सहयोग बढ़ाने में भी सरकार को समय समय पर अपना सहयोग प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। भारत दुनिया को हर क्षेत्र में अपने सामर्थ्य का परिचय दे रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत, विश्वगुरु के रूप में पुनः स्थापित हो रहा है तथा दुनिया का मार्गदर्शन कर रहा है। उनकी दूरगामी सोच से देश को 34 वर्षों बाद नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास की दिशा में ध्यान दिया जा रहा है। पीपीएसए द्वारा शिक्षार्थियों के जीवन को उन्नति के प्रकाश से आलोकित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को नई शिक्षा नीति को सही प्रकार से लागू करने हेतु समय समय पर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए जाते रहे हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का राज्य में सही तरीके से क्रियान्वयन हो इस उद्देश्य से दो दिवसीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विशेषज्ञों द्वारा प्रधानाचार्यों एवं अध्यापकों को नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन हेतु विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है। उत्तराखण्ड में बाल वाटिकाओं से राष्ट्रीय शिक्षा नीति का शुभारंभ किया गया। उच्च शिक्षा में भी राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शैक्षिक गतिविधियों के लिए प्रदेश के सभी अध्यापकों को डायट के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। अभी तक 27 हजार से अधिक अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया चुका है।

इस अवसर पर पीपीएसए के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप, दून इंटरनेशनल स्कूल के चौयरमैन श्री डी.एस. मान, लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि) जयवीर सिंह नेगी, मेजर जनरल (से.नि) शम्मी सभरवाल, रीजनल ऑफिसर सीबीएसई डॉ. रणवीर सिंह, राकेश ओबेराय एवं विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य एवं अध्यापक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की सी.एम. हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का निर्धारित अवधि में निस्तारण के निर्देश दिये हैं। यह पोर्टल औपचारिक नहीं बल्कि जन समस्याओं के समाधान का कारगर माध्यम बने, सभी विभागीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की शासन स्तर पर समीक्षा करने के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री प्रति सप्ताह सभी जनपदों के कुछ शिकायतकर्ताओं से भी वार्ता कर शिकायतों के क्रियान्वयन का फीडबैक लेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में सीएम हेल्पलाइन 1905 में प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के साथ सभी प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, पुलिस महानिदेशक एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सचिव शैलेश बगोली एवं अपर सचिव जगदीश कांडपाल द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से इससे सम्बन्धित व्यवस्थाओं एवं प्रक्रियाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1905 आम जन की सुविधा तथा जरूरतमंद लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिये बनाया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि हमारा उद्देश्य है। लोगों की संतुष्टि के लिये यदि इसमें कुछ सुधार की जरूरत हो तो वह भी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्पेशल क्लोज वाली शिकायतों की जानकारी कॉल सेंटर एवं संबंधित अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता को दी जाये।
मुख्यमंत्री ने बैठक में ऊधमसिंह नगर के शिकायतकर्ता सुनील तथा रूद्रप्रयाग के वीरेन्द्र सिंह से वार्ता कर जानकारी भी प्राप्त की यही नहीं मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन 1905 पर फोन कर कंट्रोल रूम की व्यवस्थाओं को भी परखा। उन्होंने इस व्यवस्था से जुड़े कार्मिकों को भी और अधिक प्रशिक्षित किये जाने की जरूरत बताते हुए कहा कि काल सेन्टर के कार्मिकों का व्यवहार शिकायर्ता से सम्मानयुक्त एवं शिष्टाचार पूर्ण होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही समस्या का समाधान माना जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि आगामी 10 दिनों में लम्बित समस्याओं के समाधान का प्रयास किये जाएं। उन्होंने यह व्यवस्था बनाने को भी कहा कि शिकायतकर्ता को उनकी शिकायतों पर की गई कार्यवाही की भी जानकारी समय पर उन्हें उपलब्ध करायी जाय।
उन्होंने कहा कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों को हो यह भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने जन समस्याओं का समाधान ई ऑफिस के माध्यम से किये जाने की भी बात कही।
मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों, विभागाध्यक्षों एवं जिलाधिकारियों से भी नियमित रूप से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा तथा शिकायतकर्ताओं से संवाद करने को कहा। इससे लोगों में शिकायतों के प्रति संतुष्टि का स्तर बढ़ेगा तथा उन्हें तथ्यों की सही जानकारी भी प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने इस प्रक्रिया के तहत बेहतर तथा औसत कार्य करने वाले विभागों के चिन्हीकरण के भी निर्देश दिये ताकि इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों की वस्तुस्थिति भी सामने आ सके।

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सर्वे ऑफ इण्डिया, हाथीबड़कला में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रों हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सुविधा का शुभारंभ भी किया। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सराहनीय कार्य करने, विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों एवं अल्पसंख्यक वर्ग की मेधावी छात्राओं को इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन भारत की अखण्डता और एकता के संरक्षण व संवर्धन हेतु हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। भारत विभिन्न संप्रदायों, भाषा-बोलियों और संस्कृतियों वाला देश है। अनेकता में एकता भारत की विशिष्ट पहचान है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी संप्रदायों का सम्मान करने की रही है। राष्ट्रीय एकता व अखण्डता के लिए धार्मिक-क्षेत्रीय विविधता के अनुरूप साम्प्रदायिक सद्भाव तथा भाई-चारे की भावना को प्रोत्साहन देने जैसे अनेकों कार्य हमारी प्राथमिकता रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबका प्रयास की भावना से देश आगे बढ़ रहा है। अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। दुनिया के पीड़ित समुदाय को अपने देश में शरण देकर ’’वसुधैव कुटुम्बकम’’ भाव का पालन करना भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होना, इसी परंपरा की सार्थकता का पर्याय है। इसी के साथ ही महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से हमारी मुस्लिम माताओं-बहनों के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए देश में तीन तलाक से संबंधित कानून को लागू करना एक ऐतिहासिक फैसला रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा भी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। देश में विभिन्न योजनाओं का समान रूप से लाभ सभी को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा भी इस संबंध में कुछ विशेष कदम उठाए गए हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने हेतु “मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना’’ प्रारम्भ की है। अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों की मेधावी छात्राओं की शिक्षा हेतु विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए 4 करोड़ रुपये की लागत से अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है। मौलाना आजाद एजुकेशन फाइनेंस फाउन्डेशन योजना के अर्न्तगत उत्तराखण्ड राज्य के गरीब अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा हेतु ब्याज मुक्त ऋण दिये जाने का प्राविधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री हुनर योजना से भी राज्य में अल्पसंख्यकों को रोजगार दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार ने कलियर शरीफ में 50 बेड का हॉस्पिटल स्वीकृत किया है, उसकी धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही यह यूनानी मेडिकल कॉलेज कलियर शरीफ में बनेगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी गंभीरता से करना होगा। राज्य के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सभी समुदाय के लोगों को साथ लेकर यह भव्य आयोजन किया गया है। समाज के सभी वर्गों के विकास से ही किसी प्रदेश एवं देश का समग्र विकास संभव है। इस दिशा में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. के जैन ने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए आयोग द्वारा निरन्तर जन जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार की इन वर्गों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मज़हर नईम नवाब, सरदार इकबाल सिंह, उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ.गीता खन्ना, खतीब अहमद, डी.आई.जी पी रेणुका देवी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैडमिंटन प्रतियोगिता से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ेगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बैडमिंटन खेल खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। यह बैडमिंटन प्रतियोगिता 17 से 19 दिसम्बर 2022 तक चलेगा। जिसमें प्रदेश की 25 टीमें भाग ले रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा शानदार प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार की प्रतियोगिता से कार्मिकों को साथ खेलने एवं एक दूसरे को समझने का मौका मिलता है। विभिन्न विभागों के बीच में होने वाली इस बैडमिंटन प्रतियोगिता से विभागों में आपस में समन्वय बढ़ेगा। विभागीय कार्यों के साथ खेल को भी बढ़ावा देने का यह सराहनीय प्रयास है। खेल भावना अपने कार्यों के प्रति अनुशासन के लिए भी प्रेरित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत के खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य की नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के प्रयास किये गये हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के पास प्रकृति प्रदत्त सब कुछ है। उत्तराखण्ड का प्राकृति सौन्दर्य सबको आकर्षित करता है। अपने प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग से हमें उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। राज्य के समग्र विकास के लिए सभी की सहभागिता अति महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए मसूरी में 03 दिन के चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही वे सचिवालय के अनुभागों के अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे।

मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार खेलों को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। सरकार ने हमेशा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री का स्वच्छ दून, सुंदर दून का जो संकल्प है, उसे हम सभी को आपस में समन्वय एवं सहभागिता से धरातल में उतारना है।

इस अवसर पर बैडमिंटन खिलाड़ी पुनीता नागलिया, उत्तराखंड सचिवालय बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष पन्ना लाल शुक्ला, उपाध्यक्ष महावीर सिंह चौहान, महासचिव प्रमोद कुमार, उप निदेशक खेल धर्मेन्द्र भट्ट, जिला क्रीडा अधिकारी शबाली गुरुंग, जे.पी मैखुरी, सचिवालय बैडमिंटन संघ के अन्य पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के खिलाड़ी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने रूड़की नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों को वितरित किए जैकेट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम में जीवनदीप एकेडमी गुरुकुलम विद्यालय के वार्षिक उत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने बाल गुरुकुलम का उद्घाटन किया एवं श्री सिद्धाबली हनुमान कुश्ती अखाड़ा के कुश्ती पहलवानों से वार्ता कर उनका हौसला अफजाई किया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों एवं खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों को जैकेट वितरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीवनदीप आश्रम, नन्द विहार से मुख्य मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य किए जाने एवं जीवनदीप एकेडमी गुरुकुलम विद्यालय परिसर में हॉल बनाए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जीवनदीप आश्रम स्थित मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली कि कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गुरुकुल आकर यहां छात्र-छात्राओं से मुलाकात करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा शिक्षक किसी भी विद्यार्थी के जीवन को प्रकाश एवं उन्नति से आलोकित करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम हैं। उनके मार्गदर्शन में एक विद्यार्थी “अंक से पूर्णांक“ बनता है। स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज के मार्गदर्शन में जीवनदीप आश्रम अनेकों वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। जिस प्रकार आश्रम द्वारा सुबह-शाम जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन कराने का कार्य किया जाता है, वह प्रेरणास्पद कार्य है, साथ ही गुरुकुलम् के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने का पुण्य काम भी किया जाता है। उन्होंने कहा स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि महाराज जैसे पूज्य संत के मार्गदर्शन में जब गुरूकुलम् के विद्यार्थी जीवन के अन्य क्षेत्रों में जाएंगे तो वे निश्चित रूप से समाज को समृद्ध बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा हमारा देश भारत वर्ष प्राचीन काल से ही विश्व गुरू रहा है और आज का भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पुनः विश्व में अपने उसी स्थान को प्राप्त करने के लिए पूरी शक्ति के साथ हर क्षेत्र में विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की गई है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि राज्य में इस नीति को लागू कर दिया गया है। राज्य सरकार भी उत्तराखण्ड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों को नए आयाम प्राप्त होंगे। इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे तथा स्कूल स्तर पर युवाओं के कौशल विकास में सहायता प्राप्त होगी। नई शिक्षा नीति से शोध एवम अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आज युवाओं के भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए एक विशेष रोड मैप तैयार किया गया है। उस रोड मैप के अनुसार ही राज्य सरकार भी उत्तराखण्ड के युवाओं को प्रत्येक स्तर पर उनके सपने साकार करने में सहायता प्रदान करने का हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा “मुख्यमंत्री बालश्रय योजना“ के माध्यम से राज्य सरकार अनाथ बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा प्रदान करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आने वाले समय में रूड़की और दिल्ली की दूरी कम होगी। देहरादून से दिल्ली की दूरी महज दो घंटे में पूरी कर ली जाएगी, वही जनपद हरिद्वार में मेडिकल कॉलेज बन रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जी-20 देशों की अध्यक्षता करने जा रहा है। जी-20 देशों के साथ ही अन्य 9 देशों एवं विश्व की कई बड़ी संस्थान अगले साल भारत में आकर यहां की संभावनाओं को खोजेंगे। उन्होंने कहा जी-20 से दो दल उत्तराखंड राज्य में भी आएंगे इस दौरान यहां कई बैठकों का आयोजन किया जाएगा। जिसमे उत्तराखंड के विकास को लेकर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।

इस दौरान महामंडलेश्वर योगी यतींद्रानंद गिरी, पुरुषोत्तम अग्रवाल, विधायक प्रदीप बत्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, अतुल सिंह, राकेश बिंदल, डॉ. धर्मेद्र भारद्वाज, मेयर गौरव गोयल, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चौंपियन एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सरकार होमगार्डस के जवानों को कर रही हर प्रकार से सहयोगः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ननूरखेड़ा, देहरादून में होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा के स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। उन्होंने रैतिक परेड का निरीक्षण किया एवं होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा की स्मारिका का विमोचन किया।

होमगार्ड जवानों के मानसिक स्वास्थ्य एवं अन्य समस्याओं के लिए बनाये गये एप ‘पहल’ का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सेवा पृथक होमगार्ड कुन्ती देवी को होमगार्ड कल्याण कोष से एक लाख रुपये का चेक एवं ड्यूटी के दौरान मृत होमगार्ड जवान तिलक राज मौर्य की पत्नी प्रीति को होमगार्ड कल्याण कोष से 02 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। केन्द्र सरकार द्वारा कुमाऊँ कमाण्डेन्ट, होमगार्डस ललित मोहन जोशी को सराहनीय सेवाओं के लिए गृह रक्षक एवं नागरिक सुरक्षा सम्मान स्वीकृत किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा ललित मोहन जोशी को यह सम्मान प्रदान किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले जवानों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रशंसा प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर चार घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के 10 जनपदों ऊधमसिंहनगर, पिथौरागढ़, चम्पावत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, रूद्रप्रयाग, पौड़ी, उत्तरकाशी और टिहरी में होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की एक-एक महिला प्लाटून (कुल संख्या 330) महिला होमगार्ड्स के पदों पर भर्ती की जायेगी। उत्तराखण्ड राज्य में एक जनपद से दूसरे जनपद की अन्तर्जनपदीय ड्यूटी तथा राज्य की सीमा के अन्तर्गत निर्वाचन ड्यूटी एवं रैतिक परेड में तैनात होने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 180 रुपए प्रतिदिन, प्रति होमगार्ड भोजन भत्ता प्रदान किया जायेगा। होमगार्ड्स ड्यूटी के 24 घण्टे के भीतर घायल/बीमार होने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को पूरे सेवाकाल में चिकित्सालय में भर्ती होने पर अधिकतम 06 माह तक ड्यूटी भत्ता प्रदान किया जायेगा। अवैतनिक प्लाटून कमाण्डर का मानदेय 1000 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये प्रतिमाह, अवैतनिक सहायक कम्पनी कमाण्डर का मानदेय 1200 रूपये से बढ़ाकर 2000 रूपये प्रतिमाह तथा अवैतनिक कम्पनी कमाण्डर का मानदेय 1500 रूपये से बढ़ाकर 2500 रूपये प्रतिमाह दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण अगर कहीं स्पष्ट देखने को मिलता है तो वह हमारे जवानों के बीच आकर ही देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि परेड में जवानों द्वारा मोटरबाईक पर जो साहस, कौशल एवं सन्तुलन का प्रदर्शन किया वो सराहनीय था। होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा का राज्य में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान है। कड़ी धूप में यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को जिस तरह हमारे ये जवान नियंत्रित करते हैं, वह सराहनीय है। कोविड महामारी के दौरान होमगार्ड्स जवानों ने जिस निष्काम सेवा से अपने कर्तव्य का निर्वहन किया, वह सबके लिए अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होमगार्डस के जवानों को हर प्रकार का सहयोग देने के लिए तत्पर है। होमगार्ड्स जवानों के एस.एल.आर. प्रशिक्षण हेतु दस हजार कारतूस क्रय किये गये हैं। राज्य सरकार ने अपने इन जवानों की सुविधा के लिए छोटे हथियारों जैसे पिस्टल आदि के क्रय किये जाने हेतु भी स्वीकृति प्रदान की गई है। यातायात को बेहतर बनाये जाने के उद्देश्य से विभाग ने इस वर्ष जो “प्रोजेक्ट पार्क वैल” योजना की शुरुआत की है, इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। होमगार्ड्स स्वयंसेवकों के लम्बित कल्याण कोष के प्रकरणों के निस्तारण हेतु सावधि जमा धनराशि के सम्पूर्ण उपयोग की अनुमति भी प्रदान की है। जून 2022 से होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को महंगाई भत्ता एवं जुलाई 2022 से धुलाई भत्ता भी प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अप्रैल 2017 से एरियर के भुगतान किये जाने हेतु अनुपूरक बजट में 101 करोड़ रुपए का अलग से प्रावधान किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में होमगार्ड्स तथा नागरिक सुरक्षा संगठन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उत्तराखण्ड राज्य के विकास तथा कानून व्यवस्था एवं शान्ति स्थापना के कार्यों में अपना महत्वपूर्ण सहयोग इसी प्रकार प्रदान करते रहेंगे।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, प्रमोद नैनवाल, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, कमाण्डेन्ट जनरल होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा केवल खुराना, डिप्टी कमाण्डेन्ट जनरल होमगार्ड अमिताभ श्रीवास्तव, राजीव बलोनी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने दिल्ली में सुनी पीएम के मन की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मन की बात कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम हम सभी को प्रेरणा देता है। यह हम सभी देशवासियों को आपस में जोड़ने का प्रभावशाली माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता है। पूरी दुनिया में उनकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की जाती है। उनके नेतृत्व में विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ा है। एक दिसंबर से जी-20 की भारत अध्यक्षता करने जा रहा है। निश्चित तौर पर विश्व कल्याण के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है।

भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जयहरीखाल के भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने महान विभूति भक्तदर्शन जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने भक्तदर्शन की पुत्री मीरा चौहान को सम्मानित किया तथा भक्तदर्शन स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्मारिका का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि भक्तदर्शन स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एमए तथा एमएससी हेतु दो पृथक पीजी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। एम.एस.सी. में भौतिक विज्ञान व गणित तथा एमए में संस्कृत, अंग्रेजी व भूगोल के विभिन्न संकाय खोलने हेतु चरणबद्ध तरीके से आकलन कराकर उसी अनुरूप कार्य किया जाएगा। महाविद्यालय स्वरोजगारपरक कौशल विकास पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। विकासखंड नैनीडांडा और जयहरीखाल में मिनी स्टेडियम बनाया जायेगा। उन्होंने महाविद्यालय के छात्रा हॉस्टल की चारदीवारी के निर्माण हेतु जिलाधिकारी को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड जयहरीखाल के चिनबो तथा नैनीडांडा के आशोबाखली में वाटरफॉल निर्माण, ज़यहरीखाल ब्लाक के अंतर्गत अमटोला पंपिंग योजना की स्वीकृति प्रदान की जायेगी। नैनीडांडा के गुड्डूगड़ी में पर्यटन स्थल विकसित किया जायेगा। नैनीडांडा तथा रिखणीखाल विकासखंड के अंतर्गत कुमालडीडांडा, बरेही, पीपली, शिलांग, खदरासी, करतिया, तिमाईसैंण, डमालता, बगेडा, रीखेडा आदि में सिंचाई नेहरों के पुनरऊद्वार का कार्य किया जायेगा। द्वारीखाल में सिंगटाली नामक स्थान पर गंगा नदी पर पुल निर्माण एवं विधानसभा क्षेत्र यम्केश्वर में केंद्रीय विद्यालय निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भक्तदर्शन का भारतीय स्वतंत्रता तथा उत्तराखंड राज्य के हित में महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भक्तदर्शन महाविद्यालय ने कुशल मानव संसाधन देने का कार्य किया। इस महाविद्यालय से पढ़े बहुत से लोग आज राजनीति, सेना, पुलिस, प्रशासन आदि क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की पहचान एक समर्थ और शक्तिशाली भारत के रूप में बनी है। राज्य सरकार भी जीरो पेंडेंसी की नीति पर कार्य रही है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के मंत्र पर कार्य किए जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाई गई है।

इस अवसर पर विधायक दिलीप सिंह रावत, रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पांडे, ब्लॉक प्रमुख महेंद्र राणा, दीपक भंडारी, प्रशांत कुमार, नगरपालिका अध्यक्ष दुगड्डा भावना चौहान एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम से मिले बार काउंसिल आफ उत्तराखंड के पदाधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने बार काउंसिल के लिए कार्यालय एवं प्रदेश के वकीलों के लिए वेलफेयर स्कीम के लिए मांग पत्र दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा की इन मांगों पर सरकार द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के पदाधिकारियों द्वारा हाईकोर्ट के हल्द्वानी शिफ्टिंग पर कैबिनेट की सहमति की सराहना भी की गई।

इस अवसर पर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के अध्यक्ष मनमोहन लांबा, सदस्य योगेन्द्र तोमर, चंद्रशेखर तिवारी, सुरेन्द्र पुंडीर एवं राजबीर बिष्ट उपस्थित थे।