मुख्यमंत्री ने की कुमाऊँ मण्डल में पेयजल, विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफटीआई सभागार हल्द्वानी में मानसखंड मन्दिर माला के अंतर्गत कैंची धाम में आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कुमाऊँ मण्डल में पेयजल, विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न विकास कार्यों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम में आने वाले पर्यटकों की संख्या में हर रोज इजाफा हो रहा है। इसके लिए जिलाधिकारी नैनीताल को पर्यटन विभाग के माध्यम से कैंची धाम में यात्रियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य सभी यात्रा मार्गों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए यात्रा प्राधिकरण बनाया जाएगा जिसका उद्देश्य पर्यटकों और यात्रियों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान करना होगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को यात्रा मार्ग में बनाई जाने वाली संरचना, सुविधाओं आदि के प्रपोजल भी भेजने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता और पेयजल योजना में लगने वाले पाइपों की मोटाई मानकों के अनुरूप ने होने की शिकायतों पर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाय। इस संबंध में कुमाऊं मण्डल के सभी डीएम को उन्होंने 05 करोड़ से अधिक लागत की कतिपय योजनाओं के भौतिक सत्यापन हेतु स्थलीय निरीक्षण के निर्देश भी दिए। साथ ही कुमाऊं आयुक्त को योजनाओं की मॉनिटरिंग करने और लापरवाही पाए जाने पर सम्बंधित के विरुद्ध कारवाई की संस्तुति के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं में हीलाहवाली और लीपापोती किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी और निष्ठा से करें, यही उनका दायित्व है। आम जन को योजनाओं का लाभ मिले, इसलिए योजनाओं का निर्माण किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर रोज समाचार पत्रों, सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विभागों के द्वारा किए जा रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति दिखाई जाती है। जिस भी विभाग से संबंधित खबरें मीडिया में छपती है या दिखाई जाती है सम्बंधित अधिकारी जिम्मेदारी लेते हुए खबर का संज्ञान ले और कार्यों को जांच करते हुए गुणवत्ता में सुधार करे। इसके साथ ही खबर के संबंध में की गई कार्यवाही से संबंधित मीडिया संस्थान को भी अवगत कराए।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं मंडल में बिजली और पेयजल किल्लत पर लोगों को कम से कम परेशानी हो इसके लिए ऊर्जा और पेयजल अधिकारियो को मांग के अनुरूप कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। लोगों को किस प्रकार तत्कालिक राहत की जा सकती है इस पर अधिकारी ध्यान दें। भविष्य में किस प्रकार ऊर्जा और पेयजल संकट से निपटा जा सके इसके लिए दीर्घकालिक योजना भी तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये तथा स्वीकृत किये गये नये बिजली घरों पर कार्य शीघ्र आरंभ करने को कहा।

बैठक में जिलाधिकारी वंदना सिंह ने जानकारी दी कि कैंची धाम के मेले के लिए जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। स्थाई और अस्थाई तौर पर 11 पार्किंग तैयार की गई है जिसकी क्षमता लगभग 1500 से 2 हजार वाहनों की होगी।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम के पास नहर कवरिंग कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री श्री धामी ने नगर निगम के पास नहर कवरिंग सड़क का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डामरीकरण पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नहर कवरिंग हो जाने से हल्द्वानी शहर को काफी हद तक जाम से निजात मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने शीशमहल फिल्टर प्लांट का भी किया निरीक्षण

पेयजल से जुड़े अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जलनिगम व जल संस्थान द्वारा 2055 की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए हल्द्वानी शहर की पेयजल समस्या को देखते हुए जलनिगम ने शहर के लिए पानी की मात्रा को बढ़ाते हुए ग्रेविटी स्कीम पर आधारित एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए डीपीआर तैयार की है। इसके साथ ही पूर्व में स्थापित दोनों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यू टी पी) शीशमहल व शीतलाहाट को रेनोवेट करने की योजना है। विभाग द्वारा लगभग 155 करोड़ की लागत से एक डब्ल्यूटीपी प्लान व वर्तमान में संचालित डब्ल्यूटीपी व अन्य कार्यों के सुदृढ़ीकरण हेतु प्लान तैयार किया गया है।

निरीक्षण के दौरान एसई जल संस्थान विशाल सक्सेना ने कहा कि गौला नदी से ग्रैविटी पर आधारित स्कीम तैयार की जा रही है जिससे भूमिगत जल पर निर्भरता कम भर रहे। इसके साथ ही ट्यूबवेल से संचालित पेयजल योजनाओं को आकस्मिकता के तौर पर प्रयोग में लाया जाएगा। इससे वर्तमान व भविष्य में होने वाली पेयजल समस्या से निजात मिल पाएगी।

ज्ञातव्य है कि हल्द्वानी में शीश महल व शीतलाहाट में दो वाटर फिल्टर प्लांट है जो कि काफी पुराने व अपनी समयावधि पूर्ण कर चुके है। बरसात के समय गौला नदी में सिल्ट आने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है व वर्तमान में हल्द्वानी के दोनों वाटर प्लांट की पानी के प्यूरीफाई की क्षमता भी काफी कम है। इसके अलावा गर्मियों के दिनों में ट्यूबवेल फूंकने से भी पेयजल आपूर्ति बाधित रहती है।

बैठक में विधायक दीवान सिंह बिष्ट, सरिता आर्या,मण्डी परिषद अध्यक्ष डा0 अनिल कूपर डब्बू, दर्जा राज्यमंत्री दीपक मेहरा, प्रताप बिष्ट, निवर्तमान मेयर डॉ जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, डीआईजी योगेन्द्र रावत, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी पीएन मीणा, मुख्य वन संरक्षक पीके पात्रो, मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा के साथ ही जल संस्थान, विद्युत, लोनिवि के मण्डल स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड के चारों धामों के अलावा यात्रा मार्गों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन करेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में चारधाम यात्रा, मानसखण्ड मदिंर माला मिशन, कैंचीधाम और पूर्णागिरी में विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि चारों धामों की धारण क्षमता के अलावा यात्रा मार्ग के अन्य स्थलों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों और राज्य के तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर पार्किंग और मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव आवास विभाग को भेजे जाएं। चारधाम यात्रा के चरम सीमा वाली अवधि में हर साल के लिए विशेष प्लान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल सेवा शुरू होने से पहले रेल मार्गों पर और कर्णप्रयाग एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी कार्ययोजना के साथ कार्य किये जाएं।

चारधाम यात्रा सुचारू रूप से चलने पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने शासन और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसी मनोयोग के साथ चारधाम यात्रा को आगे भी सुव्यवस्थित रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मई तक ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन बंद रखे जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के अनुरूप ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन पर आगे निर्णय लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल और कुमांऊ कमिश्नर को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत रूट डायवर्ट प्लान पर भी कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम और पूर्णागिरी में भी श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कैंची धाम में मूलभूत सुविधाओं के साथ पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था रखी जाए। कैंची धाम जाने वाले मार्गों में भी पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाय। कैंची धाम के लिए शटल बस सेवा शुरू की जाय। कैंचीधाम के लिए बाईपास भी प्रस्तावित है। पूर्णागिरी में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्यों में तेजी लाई जाय। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के साथ ही मूलभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि गढ़वाल और कुमांऊ की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने और पर्यटन तथा तीर्थाटन की दृष्टि से दोनों मण्डलों को श्रद्धालुओं से जोड़ने लिए रानीखेत और चौखुटिया क्षेत्र में होम स्टे और अन्य सुविधाओं को विस्तार देने पर कार्य किया जाए।

चारधाम यात्रा को सुगम और बेहतर बनाने के लिए ‘यात्रा समाधान’ मोबाइल एप्लीकेशन का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इस मोबाइल एप्लीकेशन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर देना है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से चारों धामों के निकटवर्ती पुलिस स्टेशन, हॉस्पिटल, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से यात्रा से जुड़े सभी पक्षकार बीकेटीसी, मंदिर प्रशासन, होटल, टूर ऑपरेटर्स, ट्रांसपोर्टस आपस में जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने आईटीडीए और पर्यटन विभाग को निर्देश दिये कि इस मोबाइल एप्लीकेशन को और बेहतर बनाने के लिए कार्य किये जाए।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एडीजी ए.पी. अंशुमन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, नितिन भदौरिया, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह वर्चुअल माध्यम से अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज गर्ब्याल, जिलाधिकारी नैनीताल वंदना उपस्थित थे।

केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में अपने कार्यों से यात्रियों का दिल जीत रहे पीआरडी जवान

श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में ड्यूटी के लिए तैनात पीआरडी जवान अपने कार्यों से यात्रियों का दिल जीतने का कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से भी पीआरडी जवानों के लिए तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार इन जवानों का पहली बार 10 लाख रुपये तक का बीमा कराया गया है, साथ ही उनके भोजन-पानी की भी प्रशासन के स्तर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं।
गौरतलब है कि केदारनाथ पैदल मार्ग में कठिन परिस्थितियों के बीच पीआरडी के ये जवान श्रद्धालुओं की सेवा से लेकर रेस्क्यू तक की जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो म्यूल टास्क फोर्स के अंतर्गत घोड़े- खच्चरों के मानक अनुसार संचालन का कार्य भी देख रहे हैं। श्री केदारनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग को सात पड़ाव में बांटा गया है। हर पड़ाव पर समान्य ड्यूटी के लिए पीआरडी के 06 और रेस्क्यू एवं अन्य कार्यों के लिए डीडीआरएफ के 06 जवान तैनात हैं। इसके अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट अधिकारियों के साथ म्यूल टास्क फोर्स के जवान तैनात हैं जो नियमित रूप से घोड़ा- खच्चर संचालन के लिए बनाए गए नियम- कानूनो का पालन करा रहे हैं। तत्परता से ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवानों की सेहत का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस वर्ष पिछले वर्षों के मुकाबले दोगुने लोगों की ड्यूटी यात्रा मैनेजमेंट में लगायी गई है। जिससे जवान यात्रा में सुगमता से ड्यूटी कर सकें एवं उनकी सेहत भी ठीक रहे। यात्रा मार्ग पर मुस्तैदी से ड्यूटी करने वाले पीआरडी जवानों के लिए विशेष पहल करते हुए उनकी ड्यूटी में सुधार किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती ने बताया कि पिछले वर्षाे के मुकाबले दोगुने पीआरडी जवानों की ड्यूटी यात्रा में लगायी गयी है। जहाँ पिछले साल यात्रा के दौरान 50 के आसपास ही पीआरडी जवान यात्रा मैनेजमेंट का हिस्सा होते थे तो इस वर्ष 90 से 95 जवानों को यात्रा मैनेजमेंट में लगाया गया है। इससे जवानों की ड्यूटी रोटेशन में लगायी जा रही है ताकि ड्यूटी के दौरान उन्हें आराम मिल सके। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से इन्हें राशन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है ताकि खाने की कोई समस्या न हो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी संभाल रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवाड ने बताया कि गौरीकुंड से सभी जवानों के लिए सूखे राशन सहित अन्य अनिवार्य सामान लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं पहली दफा इन जवानों को 10 लाख रुपए तक का बीमा भी करवाया गया है।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय एवं श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनसे व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं समेत पेयजल, भोजन, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए विश्राम स्थल, स्वास्थ्य केन्द्र एवं यात्रा नियंत्रण कक्ष में सभी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने एवं व्यवस्थित यात्रा के लिए आपसी सामंजस्य से कार्य करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी के.एस. नगन्याल एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने चंपावत में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियों के संबंध में ली समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एनएचपीसी, बनबसा में उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेले की तैयारियों के संबद्ध में समीक्षा बैठक ली।

मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरी मेले के संबंध में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित हो। श्रद्धालुओं को यात्रा एवं पैदल मार्गाे पर किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होने कहा सभी के सहभागिता से पूर्णागिरी मेले को नया स्वरूप देना है। हमारा संकल्प है कि पूर्णागिरी मेले से श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाए।

मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत द्वारा मेले के अंतर्गत मुंडन हेतु लिए जाने वाली धनराशि पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुंडन हेतु कम से कम शुल्क लिए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा शासन प्रशासन का ध्येय लोगों को सहूलियत पहुंचाना है। उन्होंने कहा मुंडन हेतु ली जाने वाली धनराशि के कम होने से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बनबसा कैनाल क्षेत्र में 1 हज़ार लोगों के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा स्थानीय लोगों, मंदिर समिति एवं प्रशासन के सहयोग से शारदा एवं बूम घाट में नियमित रुप से भव्य शारदा आरती का आयोजन हो। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक इस आरती से जोड़ा जाए एवं आरती हेतु जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने शारदा कॉरीडोर (शारदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) के विकास कार्य बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि शारदा कॉरिडोर का भव्य निर्माण हो, इसके लिए यू.आई.डी.बी को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा क्षेत्र का विकास दीर्घ कालीन विजन के साथ किया जाए। हमे वर्तमान के साथ भविष्य के विकास को भी ध्यान के रखना है। उन्होंने कहा सभी विभाग, पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में अस्थाई व्यवस्थाओं की जगह स्थाई व्यवस्थाओं पर अधिक प्रथमिकता दे। साथ ही सभी ऑनरशिप लेकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को मेले हेतु पुनः मैनपावर का आंकलन करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार पैदल मार्गाे पर स्वास्थ शिविरों, डॉक्टरों की तैनाती, आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था की जाएं। उन्होंने कहा यात्रा मार्ग पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हो। इसके साथ ही पूर्णगिरी क्षेत्र हेतु अतिरिक्त पेयजल योजना बनाई जाए। उन्होने कहा पूर्णागिरी एवं टनकपुर क्षेत्र में जन सहभागिता से विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाए। मार्गाे पर बने शौचालयों में भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा पूर्णागिरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्थाओं को सुगम संचालन हो। आने वाले श्रद्धालुओं हेतु पार्किंग की भी पर्याप्त व्यवस्था हो। साथ ही मार्गाे पर पुलिस की अस्थाई चौकी एवं खोया पाया केंद्र की व्यवस्था हो। उन्होंने संपूर्ण यात्रा मार्ग पर हाई मास्क लाइट, सौर ऊर्जा लाइट, स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालु अधिक से अधिक दिनों तक क्षेत्र में रुके एवं आस पास के पर्यटक स्थलों का दीदार करें, इसके लिए योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा मेले में स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता हो इसके लिए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल खोले जाए। साथ ही प्लास्टिक फ्री पूर्णागिरी यात्रा पर भी कार्य हो। मुख्यमंत्री ने पूर्णगिरि मेले में स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़े जाने, मेले में आने वाले श्रद्धालुओं हेतु पर्यटन स्पॉट का विकास, बच्चों हेतु पार्क एवं मेले के साथ ही साहसिक खेलों को भी आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने पूर्णागिरि मंदिर हेतु पूर्व में की गई घोषणाओ के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि संचार व्यवस्था हेतु स्वीकृति दो मोबाइल टावरों को शीघ्र लगाया जाए। संपूर्ण पूर्णागिरी मंदिर, पैदल मार्ग , गाड़ी मार्ग में संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होने बाटनागाढ पुल निर्माण कार्य, पूर्णागिरी मुख्य मंदिर से काली मंदिर तक व्यकल्पिक पैदल मार्ग, एवं रोपवे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थाई मेला कार्यालय, सामुदायिक भवन का व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस दौरान अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल डब्बू, जिला अध्यक्ष भाजपा निर्मल माहरा, पूर्णागिरी मंदिर समिति अध्यक्ष किशन तिवारी, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, डीएफओ आरसी कांडपाल, अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, सीडीओ संजय सिंह, जीएम एनएचपीसी राजिल व्यास एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सीएम ने नारी शक्ति वंदन कार्यक्रमों को चुनाव से पूर्व ही कर तोड़ दी थी विपक्ष की उम्मीदें

विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचण्ड बहुमत से वापसी कराकर इतिहास लिख चुके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकसभा चुनाव में फिर नायक बनकर उभरे हैं। राज्य में अकेले मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में 90 से ज्यादा जनसभाएं, रोड शो, कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर पार्टी चुनावी मोर्चे पर अंतिम दिन तक डटे रहे। मुख्यमंत्री धामी ने एक दिन में 3 से 4 रिकॉर्ड कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर सरकार और संगठन में समन्वय की मिसाल कायम की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री धामी और संगठन के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है कि केंद्रीय नेतृत्व ने भी राज्य की पांचों लोकसभा सीट पर गंभीरता से प्रचार किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने 70 विधानसभाओं में करीब डेढ़ सौ से ज़्यादा जनसभाएं, रोड शो, कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम कर सरकार की उपलब्धियों पर वोट मांगे। जबकि प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रचार की बात करें तो केंद्रीय नेतृत्व ने पहले टिकट बंटवारे में देरी, फिर प्रचार में औपचारिकता भर जिम्मेदारी निभाने का काम भी पूरा नहीं किया है। कांग्रेस ने स्टार प्रचारकों की लंबी सूची तो जारी की, लेकिन राज्य में एंट्री सिर्फ प्रियंका गांधी की हुई। प्रियंका की दो लोकसभा सीट पर चुनावी जनसभा कर कांग्रेस ने प्रचार की जिम्मेदारी की इतिश्री कर दी। सचिन पायलट ने भी हल्द्वानी में रोड शो कर केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जबकि अन्य राष्ट्रीय नेताओं ने यहां कदम तक नहीं रखा। राज्य में कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अपने बेटे की हरिद्वार सीट से बाहर नहीं निकल पाए। हालांकि, कुछ स्थानों पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने जरूर उपस्थिति दर्ज कराई।

पौड़ी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गणेश गोदियाल को छोड़ दिया जाए तो बाकी सीटों पर अंदाज लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने ये लोकसभा चुनाव कितनी गंभीरता से लड़ा और कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष देवभूमि के मतदाताओं का कितना सम्मान है। बहरहाल, राज्य की हितैषी बताने वाली कांग्रेस देवभूमि के दंगल से इस बार भी दूर ही नज़र आई।

व्यापार और व्यापारिक गतिविधियाँ राष्ट्रों की आर्थिक वृद्धि और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गाजियाबाद में आयोजित व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी वर्ग के बिना विकसित राष्ट्र की कल्पना नहीं की जा सकती क्योंकि व्यापार और व्यापारिक गतिविधियाँ राष्ट्रों की आर्थिक वृद्धि और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय शक्तियों की रीढ़ हैं। हमारे लिए व्यापारी ब्रांड इंडिया के सच्चे राजदूत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 10 वर्षों में व्यापार, उद्यम, क्रिएटिविटी को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक नया विश्वास पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। अपनी नीतियों और क्विक एक्शन के माध्यम से प्रधानमंत्री का ये निरंतर प्रयास है कि देश में एक ऐसा माहौल बने जिसमें सामान्य से सामान्य परिवार का युवा भी उद्यमी बनने के बारे में सोच सके, उसके बारे में सपने देख सके। प्रधानमंत्री और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार में भ्रष्टाचार मुक्त व भयमुक्त वातावरण में आज व्यापारी वर्ग स्वयं को सुरक्षित अनुभव कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज व्यवसायी बिना किसी डर के व्यापार कर पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब ’’उत्तम प्रदेश’’ बन चुका है। यहां चारो तरफ बस विकास कार्य ही हो रहे हैं, इस सरकार से पूर्व यहां गुंडा टैक्स एंव रंगदारी वसूली जाती थी, गरीबों की संपत्ति हड़प ली जाती थी। व्यापारियों का अपहरण किया जाता था, लेकिन, महाराज जी के कार्यकाल में अब यूपी अराजक तत्वों से मुक्त हो चुका है। यहां बिना भेदभाव के हर व्यक्ति को सुरक्षा की गारंटी दी जा रही है। सुरक्षा का माहौल बनने से उत्तर प्रदेश के प्रति सबकी धारणा बदली है, देश-दुनिया के निवेशक यूपी में निवेश को इच्छुक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस शासन में धारणा बन गई थी कि जो भी गड़बड़ है वह व्यापारी की वजह से हो रही है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार में व्यापारियों को “सम्मान“ के साथ- साथ ’’प्रोत्साहन’’ और ’’प्रोटेक्शन’’ भी मिला है। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार व्यापारीयों के हित में नए-नए कदम उठा रही है। आज पूरे देश में हर स्तर पर व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से देश में मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार राष्ट्रसेवा और अंत्योदय के सिद्धांत को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने के साथ ही कड़े फैसले लिए हैं, मुझे उन फैसलों के बारें में आप सभी को विस्तार से बताने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि आप सभी सीएए, तीन तलाक, धारा 370 का खात्मा, राम मंदिर निर्माण सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण फैसलों से भलीभांति परिचित है। हमने भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने ठंडे बस्ते में डाला हुआ था। हमने हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे, इसके साथ ही हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी प्रारंभ की। हमने उत्तराखंड में सभी को समान अधिकार देने के लिए समान नागरिक संहिता विधेयक भी लागू किया। अब इस विधेयक को देशभर में लागू करने के लिए हमारी पार्टी ने इसे अपने संकल्प पत्र में भी शामिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि व्यापारी वर्ग किसी भी शांतिप्रिय और विकसित समाज की रीढ़ होता है और उसका सुखी, सुरक्षित और प्रसन्न रहना, अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आज व्यापारी वर्ग न केवल सुखी और प्रसन्न है, बल्कि अपने आपको सुरक्षित भी महसूस करता है। कांग्रेस और विपक्षी दलों के राज में व्यापारी वर्ग दुखी था, हताश था, क्योंकि विपक्षी पार्टियों ने हमेशा व्यापारी समुदाय का अपमान करने की कुचेष्टा की। भारतीय जनता पार्टी जनसंघ के समय से ही व्यापारियों को सम्मान और मान्यता देती आयी है जबकि कांग्रेस की नीति हमेशा उन्हें अपमानित करने की रही है। भाजपा व्यापारियों पर भरोसा करती है, जबकि कांग्रेस उन पर इंस्पेक्टर राज लादती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि कांग्रेस तथा अन्य दल व्यापारी समुदाय को खास अवसरों पर ही याद करते हैं जबकि भाजपा सरकार उनके कल्याण के लिए लगातार काम करती रहती है। मेरा मानना है कि कांग्रेस ने व्यापारियों के साथ ही हर वर्ग को सिर्फ और सिर्फ वोटबैंक की राजनीति के लिए प्रयोग किया। इसी का नतीजा है कि आज कांग्रेस और उस जैसे स्वार्थी दल सत्ता से बाहर हैं और भविष्य में भी सत्ता से बाहर ही रहेंगे। हम भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं। इस संकल्प को सिद्ध करने के लिए हमने हाल में ही उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया। जिसमें करीब साढ़े तीन लाख करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किए गए और मुझे खुशी है कि हमने करीब 71 हजार करोड़ के एमओयू की ग्राउंडिंग करने में सफलता प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी से यह अपील करते हैं कि उत्तर प्रदेश के साथ-साथ आप लोग उत्तराखंड में भी अपनी व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाएं, आपका देवभूमि में स्वागत है। इस अवसर पर सभी को यह विश्वास दिलाता हूं कि उत्तराखंड में व्यापार हेतु आने पर आपको किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण भगवान राम अयोध्या में कई दशकों से एक टेंट में रहने को मजबूर रहेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में आयोजित हिन्दू नव वर्ष महोत्सव में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मेरा परम् सौभाग्य है कि आज मुझे एक साथ इतने महानुभावों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। आप सभी की आभा और ऊर्जा ने मेरे मन मस्तिष्क को और भी अधिक जागृत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित प्रत्येक संत को, सनातन संस्कृति के प्रत्येक प्रहरी को दंडवत प्रणाम करता हूं और आशा करता हूं कि आप सभी सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

उन्होंने इस दौरान दिल्ली भाजपा के सभी लोकसभा प्रत्याशियों के भारी मतों से विजयी होने की कामना करते हुए सभी को ष्हिन्दू नववर्षष् की शुभकामनाएं प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह हिन्दू नववर्ष महोत्सव कई मायनों में विशिष्ट है, क्योंकि जहां एक ओर आप सभी विद्वानों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है, वहीं सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर हम सबको आत्मिक शांति प्राप्त हुई है। ब्रह्म पुराण के अनुसार चौत्र शुक्ल प्रतिपदा को ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था, इस दिन को नव संवत्सर, गुडीपडवा सहित कई नामों से देश के अलग अलग क्षेत्रों में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज भी हमारी गणना इतनी सटीक है कि अमावस्या और पूर्णिमा सहित सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण जैसी खगोलीय घटनाओं की सटीक जानकारी हमें पहले ही प्राप्त हो जाती है और इन सबका आधार पूर्ण रूप से वैज्ञानिक है। इतनी विशेषताओं को समेटे हुए हमारा नव वर्ष वास्तव में हमें कुछ नया करने की प्रेरणा देता है। ग्रहों की चाल पर आधारित हमारा नववर्ष सबसे विशिष्ट और वैज्ञानिक है फिर भी यह दुर्भाग्य है कि हमारा समाज एक स्वर में भारतीय नववर्ष को नहीं मनाता।

उन्होंने कहा कि, भारतीय नव वर्ष के प्रति इतनी उदासीनता का मुख्य कारण संस्कृति के संवर्धन के प्रति पूर्व की सरकारों की उदासीनता रही। परंतु 2014 के पश्चात समय बदल चुका है, आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज पुनः भारतीय सनातन संस्कृति की धर्म ध्वजा पूरे विश्व में शान से फहरा रही है।

उन्होंने कहा कि हम सभी को ज्ञात है कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के कारण भगवान राम अयोध्या में कई दशको से एक टेंट में रहने को मजबूर थे। आदरणीय मोदी जी को देश की सेवा करने का अवसर मिला तो उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ अयोध्या में श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बनवाकर राम लला को टेंट से महल में लाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने केदारनाथ तथा बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास कार्यों में हर कदम पर हमारा भी पूरा साथ दिया। इतना ही नहीं, देवभूमि के विभिन्न पौराणिक मंदिर जिनके पुनर्विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता थी उन मंदिरों के लिए प्रधानमंत्री जी के सहयोग और मार्गदर्शन में मानसखंड मंदिर माला मिशन भी प्रारंभ किया गया। जिसके तहत मानसखंड के विभिन्न पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास और वहाँ तक पहुँचने की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है।

इतना ही नहीं मोदी जी के नेतृत्व में बने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन के महाकाल लोक जैसे निर्माण कार्य आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अब देश के साथ ही विदेशों में भी सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में हमने अपने संकल्प पत्र में यह संकल्प लिया है कि हम विश्वभर में रामायण उत्सव मनाएंगे। ऐसे संकल्प सिर्फ वही ले सकते हैं जिन्होंने सनातन संस्कृति को शुद्ध अंतः करण से अपना माना हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के साथ ही देश का चहुंमुखी विकास भी हुआ है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और तीसरी बनने की ओर अग्रसर है। देश का समग्र विकास सुनिश्चित करने के साथ ही आदरणीय मोदी जी ने देश हित में कई अभूतपूर्व एवं कड़े निर्णय लिए हैं। राम मंदिर निर्माण के अलावा ब्।। लागू करना, धारा 370 का खात्मा और तीन तलाक की समाप्ति ऐसे कुछ उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि हमने भी एक ओर जहां उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी को समान अधिकार देने की पहल की है, वहीं धर्मांतरण विरोधी कानून बनाकर और लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर हमने ये बता दिया है कि सनातन के खिलाफ किया गया कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक ओर उत्तराखंड में हम जहां एक ओर समान नागरिक संहिता की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में ष्मुस्लिम पर्सनल लॉ की बात कर रही है। यह बहुत शर्मनाक है। आज जब देश मे चुनाव चल रहा है तो ये दल मंदिरों में जाने का ढोंग कर रही हैं। दिल्ली में केजरीवाल की पार्टी बहुत धूर्तता से कार्य कर रही है। आज तमाम विदेशी शक्तियों के साथ मिलकर यह दल मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मतदान हो चुका है और पांचों सीट भाजपा जीत रही है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के लोगों से भी कहना चाहता हूँ कि दिल्ली की 7 की 7 सीट जीतकर देनी हैं और मोदी जी को एक बार फिर देश का प्रधानमंत्री बनाना है।

बिना रुके और थके चुनावी समर में मुख्यमंत्री धामी की तबाड़तोड़ उड़ान शुरू

देहरादून। देवभूमि की पांचों लोकसभा सीट पर मोदी-धामी का एक्स फैक्टर चुनावी समर में नई गाथा लिखने जा रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री धामी की तीन लोकसभा क्षेत्र में हुए कई कार्यक्रमों में मौजूदगी ने इसके इशारे कर दिए हैं। अब न केवल मुख्यमंत्री धामी की ताबड़तोड़ सभाएं होंगी, बल्कि पिछली जीत के मार्जन को तोड़ते हुए नए लक्ष्य को फतह करेंगे।

उत्तराखंड राजनीतिक परिदृश्य में भले ही लोकसभा में मामूली भागीदारी निभाता हो, लेकिन देशभर में यहां से जाने वाला संदेश बड़ा असरदार होता है। पिछले दो लोकसभा में केंद्र में इसके परिणाम भी देखने को मिले हैं। अब तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनावी समर शुरू हो गया है। ऐसे में देवभूमि से इस बार भी बड़ा संदेश देने की तैयारी है। खासकर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चंपावत, बागेश्वर उप चुनाव, हरिद्वार में पंचायत चुनाव समेत कई बड़े उदाहरण हैं, जो लोकसभा 2024 की जीत की गाथा लिख चुके हैं। धामी सरकार के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड के साथ एक्स फैक्टर से साफ है कि यह चुनाव पुराने सभी रिकॉर्ड को ध्वस्त कर जीत की नई इबारत लिखेंगी। इसकी शुरुआत मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुबह टिहरी लोकसभा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह के नामांकन के रोड शो, दोपहर को पौड़ी गढ़वाल के प्रत्याशी अनिल बलूनी के नामांक कार्यक्रम में तथा शाम को नैनीताल लोकसभा में कई कार्यक्रमों में शिरकत कर की है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी पूरे जोश, उत्साह एवं पार्टी प्रत्याशियों की रिकॉर्ड मतों से जीत को आश्वस्त दिखे। सूत्रों का कहना है कि पांचों लोकसभा में परचम लहराने और नए रिकॉर्ड स्थापित करने को मुख्यमंत्री धामी ताबड़तोड़ जनसभाएं और कार्यक्रम करेंगे। इसके लिए रोडमैप तैयार कर दिया है। इससे साफ है कि युवा मुख्यमंत्री धामी बिना रुके, थके देवभूमि से पांचों सीटों पर न केवल बड़े अंतर से जीत दिलाने का लक्ष्य हासिल करेंगे, बल्कि मोदी-धामी की जोड़ी के एक्स फैक्टर पर मुहर लगाएंगे।

मुख्यमंत्री ने 27 सरकारी नौकरियों में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 16 सुपरवाइजरों तथा आबकारी विभाग के अंतर्गत चयनित 10 निरीक्षक व 01 कनिष्ठ सहायक को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस प्रकार कुल 27 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरित किये।

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई व शुभकामनायें देते हुए कहा कि आपके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप, आपका चयन इन पदों पर हुआ है। उन्होंने कहा कड़ी मेहनत, परिश्रम करने वाले आज सभी मेहनती यवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने अनुशासन का जिक्र करते हुये कहा कि जीवन के निर्माण व सफलता में अनुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिये अपने जीवन में हमेशा अनुशासित होकर कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुये कहा कि राज्य सरकार ने कड़ा नकल विरोधी कानून बनाकर 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा है तथा परीक्षओं को पारदर्शी बनाया है, जिससे मेहनती युवाओं को उनकी मेहनत का सुफल प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर सचिव तथा निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, आबकारी विभाग के अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।