फील्ड अधिकारियों के कुशल प्रबन्धन से राज्य में चारधाम यात्रा का पुनः सफलतापूर्वक संचालन जारीः राधा रतूड़ी

चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं हेतु एक फूलप्रूफ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की स्थायी व्यवस्था विकसित करने हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रतिष्ठित आईटी कन्सलटेन्सी कम्पनी की सहायता लेने के निर्देश चारधाम यात्रा प्रबन्धन से सम्बन्धित अधिकारियों को दिए हैं। सीएस ने यात्रा प्रबन्धन से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के सुव्यवस्थित प्रबन्धन तथा स्थायी समाधान में टेक्नॉलजी ही सबसे अधिक सहायता कर सकती है। उन्होंने जल्द से जल्द इस आईटी कन्सलटेन्सी कम्पनी के साथ ही चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों जिनमें होटल व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, पर्यटन से जुड़े लोग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से यह रजिस्ट्रेशन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

चारधाम यात्रा में फील्ड पर काम कर रहे अधिकारियों को यात्रा प्रबन्धन में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज स्वयं ऋषिकेश स्थित यात्रा रजिस्ट्रेशन ऑफिस तथा ट्रांजिट कैम्प पहुंचकर सभी अधिकारियों विशेषकर फील्ड पर कार्य करने वाले कनिष्ठ अधिकारियों से यात्रा प्रबन्धन हेतु बनने वाली एसओपी के लिए उनके सुझाव मांगे।

सीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबन्धन से जुड़े सभी अधिकारियों विशेषरूप से फील्ड अधिकारियों के कुशल प्रबन्धन से राज्य में चारधाम यात्रा आरम्भ में कुछ चुनौतियों के बाद पुनः सुचारू, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। वर्तमान में ऋषिकेश हरिद्वार के हॉलडिंग प्वाइंट में लगभग 3000 श्रद्धालु मौजूद हैं, जिन्हें धामों में भेजा जा रहा है। चारधाम से सभी श्रद्धालु यात्रा के पश्चात सकुशल वापस लौट रहे हैं। यात्रा मार्ग एवं धामों में सभी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। इसलिए हरिद्वार से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पुनः आरम्भ किया जा रहा है।

भविष्य में श्रद्धालुओं की निरन्तर बढ़ती संख्या के समाधान हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारियों को नए ठहराव स्थलों को चिहिन्त करने के साथ ही वहाँ पर पार्किंग स्थलों को विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही धनराशि भी जारी कर दी जाएगी। सीएस ने यात्रा मार्ग पर वाहनों की कैरिंग कैपिसिटी व पार्किंग स्थलों का सही आकलन जल्द बनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कैरिंग कैपिसिटी के अनुसार ही नियमों का सख्ती से पालन करवाना आवश्यक है। इसके साथ ही सीएस ने ट्रिप कार्ड व्यवस्था का भी कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भविष्य में चारधाम यात्रा के सफल संचालन हेतु नेशनल टूर ऑपरेटर्स का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने देश के अन्य राज्यों के ऐसे जिले जहां से सबसे अधिक यात्री चार धाम पर आते हैं, उनके जिलाधिकारियों एवं जिला प्रशासन से भी समन्वय एवं संवाद के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ऋषिकेश स्थित यात्रा रजिस्ट्रेशन ऑफिस एवं ट्रांजिट कैम्प पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून, टिहरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी तथा चारधाम यात्रा से सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

चारधाम यात्राः स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी

सीएस राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतु स्वास्थ्य विभाग, विश फाउण्डेशन तथा हंस फाउण्डेशन ने ई-स्वास्थ्य धाम एप की शुरूआत की है। ई-स्वास्थ्य धाम एप पर सभी श्रद्धालुओं को अपना स्वास्थय डाटा अपलोड करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जगह-जगह पर श्रद्धालुओं की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी। इन स्क्रीनिंग पॉइन्ट्स पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ ही हंस एवं विश फाउण्डेशन के चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे। विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी।

सचिवालय में स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग की बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी रजिस्ट्रेशन के दौरान देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मीडिया की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि श्रद्धालुओं द्वारा अपनी बिल्कुल सही मेडिकल हिस्ट्री रजिस्ट्रेशन के दौरान उपलब्ध करवाई जाती है तो इससे प्रशासन को किसी भी आपातकाल के दौरान श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता पहुंचाने में आसानी होगी। यात्रियों की मेडिकल हिस्ट्री की उपलब्धता से प्रशासन को भी अपने चिकित्सा संसाधनों के बेहतरीन प्रबन्धन में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम चारधाम यात्रा करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव डा. अमनदीप कौर सहित अन्य अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएस रतूड़ी ने दिए सभी सरकारी विभागों को सिर्फ मानकीकृत एवं प्रमाणीकृत उत्पादों की खरीद के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी सरकारी विभागों को सिर्फ मानकीकृत एवं प्रमाणीकृत उत्पादों की खरीद के निर्देश दिए हैं। सीएस ने बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) को राज्य में उत्पादों के प्रमाणीकरण के प्रशिक्षण से सम्बन्धित अपना नियमित कैलेण्ड जारी करने का भी अनुरोध किया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के युवाओं के लिए मानकीकरण, गुणवत्ता सुनिश्चतता, मेनेजमेंट सिस्टम, प्रमाणीकरण, लेब प्रशिक्षण की व्यवस्था कर उन्हें स्टार्ट अप शुरू करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने मानकीकरण एवं प्रमाणीकरण को बढ़ावा देने हेतु राज्य स्तरीय अधिकारियों के क्षमता विकास, शैक्षणिक संस्थाओं में स्टेण्डर्ड क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्ता एवं मानकीकरण के बारे में जागरूक करने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड राज्य में औद्योगिक उत्पादों के मानकीकरण एवं गुणवत्ता हेतु राज्य स्तरीय समिति की चौथी बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने उत्पादों के प्रमाणीकरण के सम्बन्ध में ग्राहकों तथा ग्राहक समूहों जिसमें स्वयं सहायता समूह आदि भी शामिल हो हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों तथा उद्यमों में कार्यरत कार्मिकों को भारत मानक ब्यूरों के कार्यालयों, टेस्टिंग लेब तथा मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में भ्रमण करवाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने उत्पादों के प्रमाणीकरण से सम्बन्धित सूचना पट जिलाधिकारी कार्यालय सहित मुख्य सार्वजनिक स्थानों पर लगवाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि जिला स्तरीय अधिकारियों को अपनी प्रोक्योरमेंट पॉलिसी में प्रमाणीकरण एवं मानकीकरण को लागू करने हेतु संवेदनशील बनाया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई सहित भारत मानक ब्यूरो तथा राज्य सरकार के अधिकारी मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा का दुष्प्रचार करने वालों पर होगी एफआईआर

चारधाम यात्रा का दुष्प्रचार करने वाले तथा यात्रा के सम्बन्ध में फेक न्यूज या विडियो बनाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही के निर्देश देते हुए सचिवालय में चारधाम यात्रा प्रबन्धन की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि फेक न्यूज या वीडियों के माध्यम से यात्रा को बदनाम करने वाले तत्वों के विरूद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन एवं ट्रिप कार्ड या पोस्ट डेटेड रजिस्ट्रेशन की बसों एवं गाड़ियों के यात्रामार्ग पर संचालन पर कड़ा रूख अपनाते हुए सीएस रतूड़ी ने ऐसे बिना रजिस्ट्रेशन की बसों व गाड़ियों को तत्काल रोकने तथा वापस भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को टूर ऑपरेटर्स के साथ बिना रजिस्ट्रेशन, बिना ट्रिप कार्ड या पोस्ट डेटेड रजिस्ट्रेशन के वाहनों के मुद्दे पर बैठक करने निर्देश दिए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों को जगह-जगह पर स्थापित चेक पॉइन्टस पर चिन्हित कर उचित कार्यवाही की जाएगी। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव द्वारा अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों एवं पुलिस महानिदेशकों को भी पत्र भेजा जाएगा।

श्रद्धालुओं की समस्याओं के मौके पर ही त्वरित निवारण के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को अपने मोबाइल पर प्राप्त किसी भी श्रद्धालु की शिकायत पर तत्काल उचित कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को अपने मोबाइल 24 घण्टे खुले रखने तथा यात्रा से सम्बन्धित शिकायतों को अनिवार्यत सुनने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

चारधाम यात्रा के कुशल प्रबन्धन हेतु जिलों में तैनात प्रभारी सचिवों की स्थिति को स्पष्ट करते हुए सीएस रतूड़ी ने कहा है कि प्रभारी सचिव द्वारा सचिवालय से ही जिला प्रशासन एवं जिलाधिकारी आदि के माध्यम से नियमित रूप से यात्रा की मॉनिटरिंग की जाएगी तथा सचिवालय एवं जिला प्रशासन के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

धामों में बेहतरीन क्राउड मेनेजमेंट एवं यात्रामार्ग पर टै्रफिक मेनेजमेंट के दृष्टिगत सीएस राधा रतूड़ी ने यात्रामार्ग पर श्रद्धालुओं के सुविधा हेतु जगह-जगह स्थापित हॉल्डिंग प्लेस पर पेयजल, शौचालय तथा भोजन आदि सभी आवश्यक सुविधाएं एवं धामों के लाइव टेलीकास्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेषकर ऋषिकेश नगर निगम को अपने हॉल्डिंग प्लेस में यात्रियों हेतु बेहतरीन सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

चारधाम यात्रा पर आने वाले कुछ श्रद्धालुओं द्वारा रजिस्ट्रेशन के दौरान अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी ना देने या गलत जानकारी देने के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी स्वास्थ्य विभाग को नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 50 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों की हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष फोकस करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सचिव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि इस बार यात्रा रूट पर 184 चिकित्सकों की तैनाती की गई है। इनमें 44 स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स हैं। इस बार श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लेब शुरू की गई हैं। कुल 11 भाषाओं में यात्रा सम्बन्धित एसओपी जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य जांच से लेकर तमाम सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, कमीशनर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव अरविन्द सिंह हयांकी, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को देश की राजधानी में मिलेगा बाजार

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग/पैकेजिंग/ ब्रान्डिग हेतु सबसे बड़े अम्ब्रेला ब्रान्ड के रूप में उभर रहे हाउस ऑफ हिमालय के स्टोर जल्द ही नई दिल्ली के कनॉट प्लेस व अन्य मुख्य स्थानों में खोले जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

एनडीएमसी ने इस सम्बन्ध में सहमति दे दी है। हाउस ऑफ हिमालया के कार्याे को गति देने हेतु मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालया से सम्बन्धित विभागों के साथ नियमित रूप से प्रत्येक माह समीक्षा बैठक का निर्णय लिया है। हाउस ऑफ हिमालया के तहत मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सीएस ने महिला स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों से अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों की खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालया की प्रथम बोर्ड मीटिंग सम्पन्न हुई। सीएस ने बैठक के एजेण्डा पर विस्तृत चर्चा के बाद इस पर सहमति प्रदान की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न विभागों की परियोजनाओं/पहल के माध्यम से प्रचलित उनके सभी ब्राण्ड्स को अम्ब्रेला ब्राण्ड के तहत लाए जाने, स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता, माननीकृत पैकंजिंग, ब्राण्डिंग एवं विपणन करने में हाउस ऑफ हिमालया ग्लोबल प्लेटफॉर्म साबित होगा। महिला स्वयं सहायता समूहों माध्यम से स्थानीय उत्पादों की खरीद से राज्य में महिला सशक्तीकरण का एक नया अध्याय आरम्भ होगा। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य स्तर पर हाउस ऑफ हिमालया के रूप में कम्पनी के गठन से स्थानीय हितधारकों, स्वयं सहायता समूहों, किसानों व स्थानीय उत्पादकों की आजीविका संवर्द्धन कर उन्हें उनकी फसलों व उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा।

बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, निकिता खण्डेलवाल एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चंद्रभागा नदी के चैनलाइजेशन की मिली सहमति

सड़क एवं आवासों की सुरक्षा के मामले को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चंद्रभागा नदी के चौनलाइजेशन की सहमति देते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।

मानसून में चन्द्रभागा नदी में मलबा जमा होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की संभावनाओं के समाधान के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने रेल विकास निगम लिमिटेड को चन्द्रभागा नदी के मार्ग के चौनलाइजेशन की सैद्धान्तिक सहमति देते हुए इस पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चन्द्रभागा पर बने ब्रिज की सुरक्षा के दृष्टिगत आरवीएनएल, सिंचाई, लोक निर्माण तथा वन विभाग की सयुंक्त टीमों द्वारा सर्वेक्षण के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया हैं कि नदी के मार्गां के चौनालाइजेशन के साथ -साथ इस पर बने पुल के फाउडेंशन की सुरक्षा अनिवार्यतः सुनिश्चित की जाए। सीएस ने ब्रिज का हाइड्रोलॉजिकल सर्वे आईआईटी रूड़की से सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में चन्द्रभागा नदी के चौनलाइजेशन से सम्बन्धित बैठक में आरवीएनएल के अधिकारियों ने जानकारी दी कि चन्द्रभागा नदी में वर्षों से निरन्तर सिल्ट (गाद, मलबा) आदि जमा हो रहा है, जिससे नदी के किनारे की ढलानों तथा एकमात्र अप्रोच रोड को भी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही नदी में मलबा जमा होने से एनएच रोड ब्रिज को भी क्षति हो सकती है तथा चंद्रभागा नदी के बाएं किनारे पर बसे गांव ढालवाला कॉलोनी में बाढ़ की संभावना बन जाती है।

सड़क एवं आवासों की सुरक्षा के मामले को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने तत्काल आरवीएनएल को अस्थायी व्यवस्था के रूप में चौनलाइजेशन की सहमति देने के साथ ही इसके स्थायी समाधान के भी निर्देश दिए हैं। स्थायी समाधान के तहत चन्द्रभागा नदी पर ळंइपवद ूंससे का प्रयोग करते हुए रिवर ट्रैनिंग कार्य करने जिसमें लॉन्च करते हुए चन्द्रभागा नदी के बाएं तट पर बनी सड़क व आवासों को सुरक्षित किया जाएगा।

बैठक में सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को उत्तराखण्ड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने के नसीहत

राज्य में दुर्घटना राहत निधि में देरी के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सार्वजनिक सेवायान की दुर्घटना के मामलों में प्रभावितों को राहत राशि तत्काल जारी करने के निर्देश हैं। राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि राहत राशि की हकदारी हेतु अब मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट की आवश्यकता नही है। जिलाधिकारियों को दुर्घटना राहत निधि हेतु 50 लाख रूपये की धनराशि आवंटित है। इसके साथ ही सीएस श्रीमती रतूड़ी ने राज्य में विशेषकर देहरादून व हरिद्वार जिलों में अवैध खनन गतिविधियों से सम्बन्धित सड़क दुर्घटनाओं एवं अपराधों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। क्रैश बैरियर लगाने की औपचारिकतों से हटकर उनकी गुणवत्ता को शीर्ष प्राथमिकता पर लेने की कड़ी हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को क्रैश बैरियर की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी ऑडिट के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अन्य देशों में क्रैश बैरियर के स्थान अन्य आधुनिकतम टेक्नॉलॉजी व बेस्ट प्रैक्टिसिज का अध्ययन कर राज्य में लागू करने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने जिलाधिकारियों को निर्धारित डेडलाइन के भीतर अधिक दुर्घटना वाले स्थानों की मैपिंग करने के साथ ही इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, क्रैश बैरियर आदि सुधारात्मक कदम के एक्शन प्लान पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में सड़क सुरक्षा एवं अनुश्रवण समिति की अति महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने परिवहन, लोक निर्माण, वित्त एवं सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को उत्तराखण्ड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने के नसीहत दी है।

परिवहन विभाग द्वारा थानों व चौकियों पर वाहनों को बन्द करने के मामलों का संज्ञान लेते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया कि सम्बन्धित अधिकारी तत्काल विभिन्न थाना चौकियों में बन्द वाहनों को प्रत्येक जनपद में शहर के नजदीक स्थान चिन्हित करते हुए एक साथ रखने की व्यवस्था करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में इस सम्बन्ध में भूमि चिन्हीकरण/हस्तान्तरण हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को प्रोफेशनल एजेंसी के माध्यम से नियमित रोड सेफटी ऑडिट करवाने के साथ ही परिवहन विभाग को ऑनलाइन चालान व्यवस्था को मजबूत करने, दोपहिया वाहनों में हेलमेट के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अभियान चलाने, शिक्षा विभाग को पाठ्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में जागरूकता को शामिल करने, गुड समेरिटन योजना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह हयांकी, डा0 पंकज कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

अतिरिक्त मजदूर लगाकर यात्रा से पहले पूरे करें सभी अनिवार्य कार्यः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने श्री केदारनाथ धाम पहुँचकर पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाते हुए 10 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले सभी अनिवार्य कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए अतिरिक्त मजदूर एवं संसाधन इस्तेमाल करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण पर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड, पर्यटन विभाग उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे, डीजीपी अभिनव कुमार, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे करीब 07ः45 बजे हेलिकॉप्टर से केदारनाथ हैलीपैड पर पहुचें। उन्होंने जिलाधिकारी एवं लोनिवि के अधिकारियों से वर्तमान में गतिमान पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी ली। जिसके बाद मंदाकिनी- सरस्वती घाट, गेस्ट हाउस, अस्पताल, आस्था पथ, केदारनाथ मंदिर परिसर सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए तय डेडलाइन से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। आस्था पथ एवं वाटर एटीएम सहित अन्य अनिवार्य कार्यों पर अतिरिक्त लेबर लगाने के निर्देश संबंधित विभागों को देते हुए यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को कोई समस्या न हो। इसके साथ ही जिलाधिकारी को अधिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गोल चबूतरे से मंदिर परिसर तक कॉरिडोर का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामाग्री में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने एवं यात्रा सुगम- सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी कहा। करीब 10ः30 बजे मुख्य सचिव हैलीपैड से बदरीनाथ के लिए रवाना हुई।

इस दौरान मुख्य सचिव, भास्कर खुल्बे, डीजीपी अभिनव कुमार एवं जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने स्थानीय व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनी। व्यापरियों से वार्ता करते हुए अधिकारियों ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

डीजीपी अभिनव कुमार ने पुलिस विभाग के लिए केदारनाथ में तैयार हो रहे भवन एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित संस्थाओं को निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए समय से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर परअधीक्षण अभियंता आठवां वृत्त लोनिवि टिहरी मुकेश परमार, डीडीएमए विनय झिंक्वाण, सहायक अभियंता लोनिवि राजविंद्र सिंह, मनीष, अजय थपलियाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

राज्य के प्राकृतिक स्त्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए जिलाधिकारियों को एक सप्ताह की डेडलाइन

उत्तराखण्ड में जलस्रोतों, धाराओं व नदियों के पुनर्जीवीकरण के सम्बन्ध में जिलों से एक्शन प्लान प्राप्त ना होने पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को एक सप्ताह की डेडलाइन दी है। विषय की गम्भीरता को देखते हुए सीएस ने जिलाधिकारियों को इस कार्य हेतु जिलें में तत्काल एक पूर्णकालिक समर्पित जलागम नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को तत्काल तीन दिन के भीतर जिला स्तरीय Spring and river rejuvenation authority (SARRA) की बैठक लेने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को इस अभियान से प्रमुखता से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने अपर मुख्य सचिव वित्त को निर्देश दिए कि विभिन्न माध्यमों जैसे मनेरगा, नाबार्ड, कैम्पा, पीएमकेएसवाई से जलस्रोतों व नदियों के पुनर्जीवीकरण हेतु फण्डिंग यूटिलाइजेशन के सम्बन्ध में बैठक करने हेतु पत्र जारी किया जाए। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में सम्बन्धित अधिकारियों को राज्य के जलस्रोतों, नदियों, सहायक नदियों, धाराओं के पुनर्जीवीकरण हेतु जिलावार योजना के स्थान पर Holistic and Integrated पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में जल संरक्षण के सम्बन्ध में आज की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत प्रत्येक ब्लॉक में 10 Critical सूख रहे स्प्रिंग तथा जिलें में 20 Critical सूख रहे जलधाराओं/सहायक नदियों के चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक जिले में दीर्घ अवधि के योजना के तहत एक नदी के पुनर्जीवीकरण की योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने मैदानी जिलों में सूख चुके तालाबों के चिन्हीकरण एवं पुनर्जीवीकरण के एक्शन प्लान पर भी कार्य के करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत ग्राम स्तर पर जल संरक्षण कार्य हेतु लक्ष्यों के अंतर्गत बताया गया है कि प्रायः पर्वतीय ग्रामों में 2 से 3 जल स्रोत उपलब्ध होते हैं। इन जल स्रोतों के पुनरुद्धार को लक्षित करते हुए इन स्रोतों के जल संभरण क्षेत्रों में कन्टूर ट्रेचेंज एवं रिचार्ज पिट्स निर्मित किये जा सकते हैं। मैदानी ग्रामों में कच्चे तालाब, चैक डैम एवं रिचार्ज पिट्स के माध्यम से भू-जल रिचार्ज किया जा सकता है। ग्रामों के समीप वन क्षेत्रों एवं चारागाह क्षेत्रों में चाल-खाल का निर्माण किया जा सकता है।

इसके साथ ही जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत विकासखंड स्तर पर Critical जल स्रोतों के उपचार का लक्षयों में बताया गया है कि Critical जल स्रोतों के चिन्हीकरण हेतु पेयजल विभाग एवं जल संस्थान द्वारा चिन्हित ऐसी पेयजल योजनाएं जिसमें जल का प्रवाह अत्यधिक कमी दृष्टिगत हो रही है, के उपचार की योजना निर्माण कर क्रियान्वयन की कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है। केंद्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा चिन्हित 4 मैदानी जनपदों में चिन्हित Aquifer के रिचार्ज क्षेत्रों में योजना निर्माण कर क्रियान्वयन की कार्यवाही प्रारंभ की जा सकती है। पेयजल विभाग एवं जल संस्थान विभाग द्वारा 145 Critical जल स्रोत उपचार हेतु चिन्हित किये गये हैं।

जल संरक्षण अभियान 2024 के तहत जनपद स्तर पर सहायक नदियों और धाराओं के उपचार का लक्षयो के तहत बताया गया है कि पेयजल एवं जल संस्थान विभाग द्वारा निर्मित कई पेयजल योजनाएं जोकि वर्षा आधारित सहायक नदियों/गधेरों पर निर्भर है, इनके जीर्णोद्धार की योजना प्राथमिकता के आधार पर निर्मित कर गतिविधियां प्रारंभ की सकती हैं। सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित विभिन्न सिंचाई योजनाएं सहायक नदियों / धाराओं पर आधारित संभरण क्षेत्रों को चिन्हित कर योजना बनाकर गतिविधियां प्रारंभ की जा सकती हैं। उपरोक्त योजनाओं का यदि संभरण क्षेत्र आरक्षित वन में हैं, ऐसी स्थिति में वन विभाग से अर्न्त-विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है । पेयजल विभाग/जल संस्थान विभाग द्वारा 412 सहायक नदियां/धाराएं एवं 6 नदियां उपचार हेतु चिन्हित की गई हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंदवर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

सुरक्षा सुविधाओं के तहत उत्तरखंड को यूपी से मिलेंगे नौ हजार होमगार्ड्स

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज वर्चुअल माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आगामी लोकसभा निर्वाचन के सन्दर्भ में आयोजित 9 राज्यों की Inter State Border Coordination Meeting में प्रतिभाग किया। बैठक में सुरक्षा सुविधाओं के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य को उत्तर प्रदेश से 9000 होम गार्ड्स उपलब्ध करवाने पर सहमति बनी। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, वन तथा खनन विभाग की सयुंक्त टीमों द्वारा निगरानी हेतु निर्देश जारी किये गए। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश से उत्तराखण्ड की सीमा से लगते सिरमौर तथा शिमला जिलों में एफएसटी तथा एसएसटी को सक्रिय करने का अनुरोध किया गया।

बैठक में वर्चुअल माध्यम से झारखण्ड, बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश, छतीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा के मुख्य सचिवों के साथ ही पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा0 बी वी आर सी पुरूषोत्तम उपस्थित थे।