मुख्य सचिव ने की रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से भेंट, प्रदेश में संचालित विभिन्न रेल परियोजनाओं के संबंध में की चर्चा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार से मुलाकात कर राज्य में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, नई रेल परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन, तथा पूर्ववर्ती प्रस्तावों की प्रगति के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को अवगत कराया कि राज्य में कुल पांच रेल परियोजनाएं हैं जिनमें तीन प्रस्तावित एवं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग सहित दो परियोजनाएं वर्तमान में संचालित की जा रही है। गंगोत्री यमुनोत्री रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 121.76 किमी है तथा 10 स्टेशन हैं। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है तथा डीपीआर रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। इस पर अनुमोदन प्रतीक्षित है। टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 170.70 किमी है तथा 12 स्टेशन हैं। इसका सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है तथा डीपीआर रेलवे बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है। इस पर अनुमोदन प्रतीक्षित है। देहरादून -सहारनपुर रेल परियोजना जिसकी कुल दूरी 92.60 किमी0 है तथा इसमें 8 स्टेशन है। इसका सर्वेक्षण कार्य गतिमान है।

इस अवसर पर देहरादून-सहारनपुर रेल परियोजना का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। हरिद्वार-देहरादून रेलवे लाइन के दोहरीकरण एवं देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन के विकास पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त मेरठ से हरिद्वार तक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तराखण्ड में दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों का रेल नेटवर्क से संयोजन, राज्य के औद्योगिक आर्थिक एवं सामाजिक विकास, विश्व प्रसिद्ध धामों, तीर्थ में वर्ष भर श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन तथा सामरिक महत्व के दृष्टिगत रेलवे का अवसंरचना की दृष्टि से विकास राज्य हेतु अत्यंत आवश्यक है।

जल संस्थान को संकटमय पेयजल वाले क्षेत्रों की भूजल स्तर की रिपोर्ट उपलब्धता के निर्देश दिए

राज्यभर में ट्यूबवेल पर बिजली व्यय की बचत के दृष्टिगत मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने खाली स्थानों की मैपिंग करते हुए सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश पेयजल विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को दिए हैं। सीएस ने ट्यूबवेल लगाने से पूर्व भूजल स्तर की रिपोर्ट अनिवार्यतः प्राप्त करने तथा पेयजल निगम तथा जल संस्थान के पास संकटमय पेयजल वाले क्षेत्रों की भूजल स्तर की रिपोर्ट उपलब्धता के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन आज सचिवालय में विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) से सम्बन्धित 12वीं उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

मुख्य सचिव ने विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) के तहत गुड प्रैक्टिसेज की निरन्तरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुड पै्रक्टिसेज के तहत 100 प्रतिशत जल गुणवत्ता, निरन्तर जलापूर्ति, बिजली की बचत हेतु पम्पिंग में ऊर्जा दक्षता का स्तर बनाए रखना, ग्राहकों की संतुष्टि, मजबूत व त्वरित शिकायत निवारण तंत्र में निरन्तर सुधार हेतु निर्देश दिए हैं। आज की एचपीसी में मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम तथा उत्तराखण्ड जल संस्थान की विभिन्न योजनाओं के अंतिम परिवर्तन पर अनुमोदन दिया।

बैठक में जानकारी दी गई कि 1042 करोड़ रू0 लागत के विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) प्रोजेक्ट की समाप्ति 30 जून, 2025 है। प्रोजेक्ट में 834 करोड़ रू0 विश्व बैंक का योगदान तथा 208 करोड़ रू0 उत्तराखण्ड सरकार का योगदान है। राज्य के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर के 22 शहरों में कार्यक्रम की कवरेज है। प्रोजेक्ट के तहत निम्नतम 12 मीटर प्रेशर के साथ प्रतिदिन 16 घण्टे जलापूर्ति की सुनिश्चितता तथा 135 एलपीसीडी पर 4.35 लाख लक्षित आबादी को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। प्रोजेक्ट के तहत 100 प्रतिशत वॉल्यूमेट्रिक टैरिफ के साथ मीटरिंग की व्यवस्था है।

पेयजल विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उक्त प्रोजेक्ट के तहत 22 स्कीम्स पूरी हो चुकी हैं तथा 108755 नए कनेक्शन दिए गए हैं। यह नए कनेक्शन कार्यक्रम के लक्ष्य से 24 प्रतिशत अधिक हैं। विश्व बैंक ने उक्त प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन पर पूर्ण संतुष्टि व्यक्त है।

बैठक में सचिव पेयजल, वित्त सहित सम्बन्धित विभागों के अपर सचिव एवं अधिकारी मौजूद रहे।

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने किया पदभार ग्रहण

नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय स्थित मुख्य सचिव कार्यालय में पदभार ग्रहण किया। निवर्तमान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पदभार सौंपा। इस अवसर पर नवनियुक्त मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि सरकार की नीतियों का राज्य के विकास में सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करना प्रशासन की प्राथमिकता है। आजीविका, रोजगार, कौशल विकास व रिवर्स माइग्रेशन भी प्रमुख प्राथमिकताओं में है।

आजीविका के नए-नए अवसरो पर काम करना तथा इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करना राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शहरीकरण तथा राज्य का स्वास्थ्य क्षेत्र भी एक बड़ी चुनौती है। हमें शहरों को बेहतर बनाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर कार्य करना होगा। इसके साथ ही जल संरक्षण भी एक बड़ा मुद्दा है, जल संकट का सामना पूरी दुनिया कर रही है। इन मुख्य मुद्दों पर आम नागरिक के हित में धरातल पर प्रभावी कार्य करने की जरूरत है।

राज्य की वित्तीय स्थिति पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हमें नए संसाधनों की खोज तथा वर्तमान संसाधनों को बढ़ाने पर निरंतर कार्य करना होगा।

इस अवसर पर सचिवालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज उद्योग विभाग द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने कहा कि श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए द्य उन्होंने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एमएसएमई के योगदान में हो रही निरंतर वृद्धि के लिए उद्योग विभाग की सराहना की। सीएस ने उत्तराखंड के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पीस टू प्रोस्पेरीटी के बारे में बताते हुए कहा की उत्तराखंड में वातावरण औद्योगिक अनुकूल है और ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में तीन लाख करोड़ के एमओयू में से नब्बे हजार करोड की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने उत्तराखंड के रणनीतिक निवेश कार्य योजना की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए बेंचमार्क बताया। उनके द्वारा उद्योग विभाग के यू हब इन्वेस्टर मित्र और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जैसे नवाचारों की सराहना की गई। उन्होंने विभाग को लघु उद्योगों की लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अधिक निवेश प्राप्त हो सके। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियों के बारे मे चर्चा करते हुए बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की ईज ऑफ डुइंग बिज़नेस में उत्तराखंड टॉपअचीवर, और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर केटेगरी में शामिल है, साथ ही उत्तराखण्ड निर्यात के मामले में हिमालयन राज्यों में प्रथम स्थान पर है।

अंकिता पांडे, निदेशक एमएसएमई मंत्रालय ने विलंबित भुगतान के लिए विवाद निवारण पर चर्चा की। कार्यक्रम में स्टार्ट अप ग्रांड चौलेंज के उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया। सेतु आयोग के एडवाइजर हनुमंत रावत ने बताया कि सतत विकास के माध्यम से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए लघु उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता को बढ़ा सकते हैं। साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखंड में रैंप योजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ एक वर्कशाप का आयोजन भी किया गया। एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार के लिए विश्व बैंक पोषित रैंप योजना के राज्य में आरंभ होने से वैश्विक स्तर पर हमारे उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। उत्तराखंड को रैंप के अंतर्गत 100 करोड़ का बजट आउटले प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में रैंप पोर्टल और एक्सपोर्ट पोर्टल का लॉन्च किया गया। साथ ही गति शक्ति पर एक पुस्तिका भी लॉन्च की गई।

कार्यक्रम में सचिव विनय शंकर पांडे, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के निदेशक विनम्र मिश्रा, लिस्टिंग के वाइस प्रेसिडेंट हरीश आहूजा, उद्योग विभाग के सभी अधिकारियों समेत भारत सरकार के अधिकारी व अन्य अतिथि मौजूद रहे।

व्यय वित्त समिति की बैठक में सीएस ने दिए विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में 1672.22 लाख रू0 की लागत के उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार स्थित मुख्यालय की चौन लिंक फेन्सिंग के कार्यों, 1200 लाख रू0 के उधमसिंह नगर में फलेटेड फैक्ट्री के निर्माण कार्य, 2050 लाख रू0 के आईआईई सिडकुल हरिद्वार के अपग्रेडेशन कार्य, 500 लाख रू0 के देहरादून में फलेटेड फैक्ट्री निर्माण कार्य, 2748.25 लाख रू0 के यूआईएडएफ कार्यक्रम के तहत देहरादून के धर्मपुर की सुभाषनगर भारूवाला ग्रान्ट पेयजल योजना में टर्नर रोड आंशिक एवं भारूवाला ग्रान्ट वार्ड में 100 प्रतिशत पेयजल योजना के निर्माण कार्य, 25696.63 लाख रू0 के महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु चम्पावत में महिला स्पोर्टस कॉलेज की स्थापना तथा 3026.65 लाख रू0 के राज्य आपदा न्यूनीकरण मद के तहत देहरादून में मसूरी मोटर मार्ग के 25 किमी0 में गलोगी के पास हो रहे भूस्खलन को रोके जाने हेतु सुरक्षात्मक कार्यों पर अनुमोदन प्रदान किया।

बैठक में सचिव विनोद कुमार सुमन, विशेष सचिव खेल अमित सिन्हा सहित वित्त, पेयजल निगम, आपदा, उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

वन विभाग को राज्य के समान परिस्थिति वाले अन्य देशों एवं राज्यों के अध्ययन के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में विभागों के साथ वर्ष 2025-26 हेतु राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य निर्धारित किये जाने तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व अवशेष राजस्व प्राप्ति को समय से पूरा करने के सम्बन्ध समीक्षा बैठक की।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्यों को ससमय पूरा करने की हिदायत दी है। सीएस राधा रतूड़ी ने राजस्व लक्ष्य प्राप्ति में अपेक्षाकृत पीछे रहने वाले विभागों को आन्तरिक समीक्षा एवं मंथन के निर्देश दिए हैं ताकि वे अपने राजस्व में समयबद्धता से वृद्धि के प्रयास कर सके। मुख्य सचिव ने वन विभाग को राज्य के समान परिस्थिति वाले अन्य देशों एवं राज्यों के अध्ययन के निर्देश दिए हैं ताकि वन विभाग की राजस्व वृद्धि की संभावनाओं पर कार्य किया जा सके। एसजीएसटी के डाटा शेयरिंग के सम्बन्ध में सीएस ने सभी विभागों के लिए आईटीडीए को अगले वित्तीय वर्ष से पूर्व एक समेकित आईटी सॉल्यूशन विकसित कर आरम्भ करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों के सचिवों को अगले बजट के प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करते हुए ससमय भेजने के निर्देश दिए हैं।

आज की बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय सहित सभी संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के आयोजन की जिम्मेदारी को एक सप्ताह में एक्शन प्लान तय करने के निर्देश

सीएस राधा रतूड़ी ने 12 जनवरी 2025 को देहरादून में प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के आयोजन के दौरान विभिन्न सत्रों की जिम्मेदारी सम्बन्धित सचिवों को देते हुए एक सप्ताह में कार्ययोजना तय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के दौरान आयोजित होने वाले सत्रों में राज्य में विभिन्न क्षेत्रों जैसे मैन्युफेक्चरिंग, पावर जनरेशन, स्टार्ट-अप आदि में निवेश के सम्भावनाओं पर चर्चा करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेषकर पर्यटन, कृषि, बागवानी, ग्राम्य विकास, उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेण्ट, हेल्थ केयर, आयुष, योगा आदि पर विचार मंथन करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन सत्रों में विषय विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के साथ ही अतिथि प्रवासियों को भी वक्ताओं के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रस्तावित अन्तर्राष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन के आयोजन के दौरान राज्य की लोक संस्कृति, खानपान, स्थानीय हस्तशिल्प, उत्पादों के बेहतरीन प्रदर्शन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सम्मेलन के दौरान आयोजित किए जाने वाले प्रत्येक सत्र हेतु सम्बन्धित विभाग के सचिव को नोडल अधिकारी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को सम्मेलन के आयोजन के दौरान शहर एवं आयोजन स्थल की स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, विदेश से आने वाले प्रवासी अतिथियों के स्वागत-सत्कार हेतु सम्पर्क अधिकारियों, परिवहन, प्रोटोकॉल, रहने, ट्रैफिक की पुख्ता व्यवस्था हेतु निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एंड आरोग्य एक्सपोः विदेशी अतिथियों की सभी आवश्यकताओं के लिये अधिकारियों को मिले निर्देश

देहरादून में 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम वर्ल्ड आयुर्वेद कांग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो की तैयारियों को अन्तिम रूप देने को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विभिन्न कार्यों के लिए तत्काल नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य योगदान देने वाले सभी विभागों आयुष, पर्यटन, हॉर्टीकल्चर, उद्योग, कौशल विकास, स्वास्थ्य व संस्कृति विभाग के साथ ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ प्रभावी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने इस आयोजन में दुनियाभर से आने वाले विदेशी अतिथियों हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ ही प्रोटोकॉल व सम्पर्क अधिकारियों की सूची को अन्तिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयोजन स्थलों पर फूड एवं फायर सेफ्टी सहित सभी सुरक्षा सम्बन्धित व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने नगर निगम को शहर व आयोजन स्थलों पर स्वच्छता पर विशेष रूप से कार्य करने तथा अन्य सम्बन्धित विभागों को पार्किंग, बिजली व जल की अबाध आपूर्ति आदि हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वर्ल्ड आयुर्वेद कॉंग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो के आयोजन के दौरान स्टेट ब्रांडिंग के साथ ही उत्तराखण्ड की संस्कृति, स्थानीय भोजन आदि को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वर्ल्ड आयुर्वेद कॉंग्रेस के दौरान उत्तराखण्ड आधारित आयुष एमएसएमई तथा उद्यमों के प्रदर्शन व प्रचार-प्रसार पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि देहरादून में 12 से 15 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम वर्ल्ड आयुर्वेद कॉग्रेस एण्ड आरोग्य एक्सपो हेतु वर्ल्ड आयुर्वेद कॉग्रेस द्वारा देश और दुनियाभर के आयुर्वेद से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों, विद्वानों, को निमंत्रण भेज दिए गए हैं। आयोजन के दौरान 400 से अधिक सत्रों के फॉर्मेट को अन्तिम रूप दे दिया गया है। 100 वक्ताओं की सूची तैयार की जा रही है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

बजट जारी कर अधूरी योजनाओं को पूर्ण करने को सीएस ने सभी विभागों से तत्काल मांगे प्रस्ताव

अनुमोदित प्रस्तावों पर शासनादेश जारी करने में विलम्ब पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित अधिकारियों को इस सम्बन्ध में तत्परता से कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। सीएस रतूड़ी ने मिसिंग लिंक फण्ड के तहत जिन विभागों में प्रस्ताव डीपीआर, टीएसी या डीएफसी स्तर पर लम्बित हैं, उनकी प्रक्रिया को त्वरित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिवालय में मिसिंग लिंक से पोषित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मिसिंग लिंक द्वारा फंडिंग किए जाने पर सहमति बनी। मुख्य सचिव ने सचिव वित्त को सभी विभागों से तत्काल प्रस्ताव लेने के निर्देश दिए, ताकि बजट जारी कर अधूरी योजनाओं को पूरा किया जा सके ।

मिसिंग लिंक फंडिंग पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि मिसिंग लिंक फंडिंग अपूर्ण योजनाओं को पूरा करने का स्वर्णिम अवसर है। इस सम्बन्ध में सभी विभाग अपने स्तर पर ऐसी आधी-अधूरी योजनाओं का गंभीरता से आंकलन करे, फील्ड ऑफिसर्स से भी जानकारी ली जाए। सभी विभागों को योजनाओं की ऑनरशिप लेते हुए कार्य करने की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव ने योजनाओं की स्वीकृति व क्रियान्वयन में प्रक्रियाओं की स्पष्टता व सरलीकरण के निर्देश भी दिए है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पूर्व में स्वीकृत प्रस्तावों की प्रगति भी पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर नियमित अपलोड की जाए। पीएम गतिशक्ति में इन प्रोजेक्ट्स की निरन्तर मॉनिटरिंग की जाती है।

अधिकारियों विशेषरूप से सचिवों की अनुपस्थिति में पत्रावली सम्बन्धित शासकीय कार्यों में विलम्ब न हो इस पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी इस सम्बन्ध में समाधान हेतु किसी भी समय तत्काल मुख्य सचिव से सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को शासकीय कार्यों में तत्परता से कार्य करने की संस्कृति विकसित करने की नसीहत दी।

मिसिंग लिंक के तहत ऐसे प्रस्तावों को स्वीकृति दी जाती है जिन्हें जनपदों में किसी भी योजना के तहत फंडिंग नही हो पाती, ऐसे प्रोजेक्ट्स को मुख्य सचिव कोष से फंडिंग की जाती है।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डा बी वी आर सी पुरुषोत्तम सहित वित्त, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, उद्यान विभाग, ऊर्जा के अपर सचिव तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चंपावत मौजूद रहे।

बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों के साथ नदियों के नियमित चैनलाइजेशन के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को एसडीआरएफ (राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि) के तहत होने वाले विभिन्न सुरक्षात्मक एवं पुर्ननिर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्धता को प्राथमिकता देने की सख्त हिदायत दी है। सीएस रतूड़ी ने बाढ़ सुरक्षात्मक कार्याे के साथ ही नदियों के नियमित चौनलाइजेशन करने के निर्देश दिए हैं। जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में आबादी की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता पर रखने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कटाव स्थलों पर त्वरित कार्यवाही करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण हेतु भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत क्षतिग्रस्त केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के सुरक्षात्मक कार्यों, रूद्रप्रयाग में ऊखीमठ के बेडुला तिमली तोक व सरूणा गांवों की मधुगंगा नदी से कटाव सुरक्षा योजना, ऊखीमठ के पैज गांव की आवासीय बस्ती के समीप वैज-करोखी मोटर मार्ग पर भू-धंसाव एवं भू-स्खलन की रोकथाम हेतु सुरक्षा योजना, रा0 ई0 कालेज वैडा के समीप हो रहे भूस्खलन एवं आकाश कामिनी नदी से कटाव सुरक्षा योजना, सीतापुर बाजार की पातीगाड एवं मन्दाकिनी नदी के दांये तट से कटाव सुरक्षा योजना, सोनप्रयाग में सोन नदी के बाएं तट पर बिजली घर पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों, सोनप्रयाग में सोन व मन्दाकिनी नदी के संगम में डाउन स्ट्रीम में निर्मित योजनाओं के सुरक्षात्मक कार्यों, ऊखीमठ की मंगोली आवासीय बस्ती की कुपडा गदेरे से कटाव सुरक्षा योजना, उत्तरकाशी के बड़कोट के बनास गांव में आबादी के बचाव हेतु सुरक्षात्मक कार्यों, उधमसिंहनगर के सितारगंज में निर्मल नगर को बैगुल नदी की बाढ़ से बचाने हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना जैसे विभिन्न प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया।

सचिवालय में राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के प्रस्तावों पर अनुमोदन हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में सचिव शैलेश बगौली, डा0 आर राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन सहित लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग एवं उधमसिंहनगर मौजूद रहे।