संरचनात्मक और नीतिगत दोनों तरह के प्रयासों से अपेक्षित टारगेट पूरा करते हुए रैंकिंग इंप्रूव करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद में राज्य की ओर से रखे जाने वाले बिंदुओं की तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने पंचायती राज विभाग को राज्य वित्त आयोग के दिशा – निर्देशों की एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पंचायत को अपने रेवेन्यू सोर्स जनरेट करने के लिए तीन माह के भीतर नियमावली बनाने के निर्देश दिए। नागरिकों को ग्राम पंचायत स्तर पर सभी महत्वपूर्ण सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी देने के लिए ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करने तथा इसके लिए तत्काल पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और महिलाओं के सर्वांगीण विकास को समर्पित योजना और कार्यक्रमों के इंप्लीमेंटेशन का स्तर इंप्रूव करने के निर्देश दिए ताकि कुपोषण, अल्प पोषण, वेस्टिंग, कम वजनी इत्यादि बाल विकास के अवरोधों में कमी लाई जा सके तथा इससे संबंधित इंडिकेटर के सूचकांक को भी बेहतर किया जा सके।

फूड सेफ्टी विभाग ने अवगत कराया कि विभाग में सैंपलिंग और एनफोर्समेंट से संबंधित कार्मिकों की शॉर्टेज है।

जिस पर मुख्य सचिव ने विभाग को संबंधित भर्ती बोर्ड को संबंधित पदों की भर्ती का अधियाचन प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही शीघ्रता से पदोन्नति की प्रक्रिया भी पूरा करने के कहा।

इस संबंध में उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सचिव और संबंधित जिलाधिकारी सैंपलिंग और इससे संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह इसकी समीक्षा बैठक आयोजित कर पेंडिंग कार्यों को शीघ्रता से निपटाएं।

बाल व महिला अपराधों के इन्वेस्टिगेशन में तेजी लाएं

मुख्य सचिव ने बच्चों और महिलाओं से संबंधित अपराधों में कमी लाने के लिए पोक्सो एक्ट तथा रेप के मामलों में तेजी से इन्वेस्टिगेशन पूरा करने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में लंबित मामलों का भी तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हेड क्वार्टर तथा जनपद दोनों स्तर पर इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अर्बन मास्टर प्लान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करते हुए सभी टाउन्स में लैंड अवेलेबिलिटी की आख्या प्रस्तुत करने तथा अर्बन एरिया में अफॉर्डेबल आवास देने की सभी स्कीम का लाभार्थियों की अलग-अलग श्रेणी के अनुसार विवरण देने के निर्देश दिए।

स्मार्ट मीटर की प्रगति के संबंध में मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को निर्देश दिए कि घरेलू उपभोक्ताओं के यहां जुलाई तक तथा कमर्शियल उपभोक्ताओं के यहां सितंबर तक टारगेट पूरा करें।

उन्होंने पैक्स (प्राथमिक कृषि सहकारी समिति) को किसान समृद्धि केंद्र के रूप में परिवर्तित करने के लिए (पैक्स के कंप्यूटरीकरण, माइक्रो एटीएम वितरण, मल्टी परपज पैक्स स्थापन इत्यादि) के कार्यों की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास और लोक निर्माण विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के टारगेट को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने इमरजेंसी सर्विस रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम छव् – 112 की गुणवत्ता में और सुधार करते हुए इसको अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

आयुष्मान योजना के संबंध में निर्देश दिए कि अन्य राज्यों के सापेक्ष तुलनात्मक प्रगति का विवरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

इस दौरान बैठक में सचिव चंद्रेश कुमार व विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, सोनिका, विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अपूर्वा पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में कुमायूं के दो प्रकरणों पर हुई चर्चा

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद नैनीताल के रामनगर में स्थित गर्जिया देवी मंदिर के मुख्य टीले के सुरक्षात्मक कार्याे तथा गोला नदी से सटे आपदा प्रबंधन से संबंधित बाढ़ सुरक्षात्मक व सड़क सुधार कार्यों के दो प्रकरणों पर चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने नैनीताल के रामनगर में स्थित गार्जिया देवी मंदिर के कार्यों की प्रगति प्राप्त करते हुए अवशेष सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जनपद नैनीताल के लालकुआं के बनभूलपूरा रेलवे क्रॉसिंग से गोला पुल तक गोला नदी के अत्यधिक पानी के बहाव के चलते क्षतिग्रस्त मार्ग तथा विभागों से जुड़ी हुई सभी परिसंपत्तियों की आईआईटी रुड़की से हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराते हुए सुरक्षात्मक कार्यों को तत्काल पूरा करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, श्रीधर बाबू अदांकी, विनोद कुमार सुमन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड नागरिक उड्डयन की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन (सिविल एविएशन) की समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में वर्तमान समय में हवाई सेवाओं के संचालन की वर्तमान स्थिति तथा हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से संबंधित एयरपोर्ट और हवाई पट्टी निर्माण व इसके विस्तार की प्रगति की जानकारी ली।

जिलाधिकारी देहरादून और उधम सिंह नगर द्वारा देहरादून और पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने दोनों जिलाधिकारियों को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से संबंधित कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए अधिग्रहित की जा चुकी भूमि को शीघ्रता से क्लियर करते हुए अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को एयरपोर्ट का नियमित ऑपरेशनल स्ट्रक्चर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि एयरपोर्ट के समुचित संचालन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से डेपुटेशन के माध्यम से जबकि अन्य एजेंसियों से आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिकों की तैनाती की जाए।

मुख्य सचिव ने पिथौरागढ़ एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के संबंध में निर्देश दिए कि टनल की लोड बियरिंग कैपेसिटी की आईआईटी रुड़की अथवा इसी तरह के उच्च तकनीकी संस्थान से जांच कराएं।

मुख्य सचिव ने महानिदेशक युकाडा को राज्य में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से संबंधित किए जा रहे विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्टेटस तथा भविष्य की योजनाओं का विस्तार पूर्वक विवरण अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इस दौरान सचिव एविएशन सचिन कुर्वे, महानिदेशक यूकाड़ा सोनिका व जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सभागार में उपस्थित थे तथा जिलाधिकारी उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े हुए थे।

सचिवालय में हुई टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में एशियाई विकास बैंक सहायतित टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में परियोजना निदेशक द्वारा टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से संबंधित चौथी एचपीसी बैठक के निर्देशों की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, साथ ही वर्तमान में गतिमान 19 उप प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

मुख्य सचिव ने गतिमान निविदा प्रक्रिया से संबंधित प्रकरणों एवं उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने टिहरी लेक एरिया डेवलपमेंट के कार्यों टूरिज्म रोड, डेवलपमेंट आफ डोबरा चांटी पार्क, अपग्रेडेशन ऑफ तिवाड़ गांव, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इत्यादि की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए संतोष व्यक्त किया और तेजी से कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में किसी भी प्रोजेक्ट का कंपलीट ग्राउंड सर्वे करने के पश्चात ही डीपीआर तैयार करें ताकि प्रोजेक्ट के सभी पहलू सम्मिलित हो जाए और प्रोजेक्ट की बाद में लागत में बढ़ोतरी की संभावना भी ना रहे।

उन्होंने निर्देशित किया कि बड़े और मेजर कार्यों को छोड़कर छोटे-छोटे काम के लिए कंसल्टेंसी सर्विसेज लेने से बचें। प्रोजेक्ट/उप प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि कार्य पूरा होने के पश्चात उसका नियमित तरीके से बेहतर संचालन भी होता रहे।

मुख्य सचिव ने टिहरी एरिया के डेवलपमेंट से संबंधित अब तक विभिन्न एजेंसी द्वारा समय-समय पर किए गए कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को टिहरी झील और उसके आसपास के क्षेत्र को वर्ल्ड लेवल का टूरिस्ट हब डेस्टिनेशन बनाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाते हुए अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, सचिव वी. षणमुगम, परियोजना निदेशक/अपर सचिव अभिषेक रोहेला, वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान, सहायक प्रोजेक्ट निदेशक राजेश पंत, सिविल इंजीनियर भवन एवं अवसंरचना कपिल कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड जल विद्युत निगम की 126वीं बोर्ड बैठक में अहम परियोजनाओं व कार्यों की हुई चर्चा

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में उत्तराखंड जल विद्युत निगम की 126 वीं बोर्ड बैठक आयोजित हुई; जिसमें महत्वपूर्ण परियोजनाओं और संस्थान के कार्यों पर चर्चा की गई।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025 – 26 के लिए संस्थान के पावर हाउस का 5212 मिलियन यूनिट का जनरेशन टारगेट फिक्स किया गया।

निगम के केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर) के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2024- 25 की उपलब्धियां पर चर्चा की गई एवं वित्त वर्ष 2025- 26 हेतु टारगेट निर्धारित किए गए।

सिरकारी – भयोल- रूपसिया बगड़ परियोजना हेतु सिविल पैकेज को हाइड्रो पैकेज के साथ शामिल करने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन फाइल किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मद्महेश्वर परियोजना को पूरा करने की अवधि में विस्तार किया गया।

निगम के वित्त वर्ष 2025 – 26 हेतु बजट का अनुमोदन प्रदान किया गया।

मनेरी भाली परियोजना हेतु रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल (आरोवी) से सर्वे कराने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

बोर्ड बैठक में 100 करोड़ के ऊपर के निविदा डॉक्यूमेंट के लिए भी 20 से 100 करोड़ के निविदा प्रपत्र का ही उपयोग करने का अनुमोदन प्रदान किया गया।

निगम के 30 जून अथवा 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले कार्मिकों के लिए लिए शासन के अनुरूप नेशनल इंक्रीमेंट का लाभ प्रदान करने तथा शासन द्वारा निर्गत की गई प्रोमोशन के शिथिलीकरण नियमावली को भी अंगीकार किया गया।

बैठक में इंडिपेंडेंट निदेशक इंदु कुमार पांडेय, पराग गुप्ता व सी एम वासुदेव, प्रमुख सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव ऊर्जा रंजना राजगुरु, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल सहित संबंधित सदस्य उपस्थित थे।

सीएस ने दिए पुलिस व परिवहन विभाग को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण सहित सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु यातायात प्रबंधन योजना को सभी सम्बन्धित विभाग आपसी तालमेल से धरातल पर उतारें।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी देहरादून को शहर के यातायात संकुलन को कम करने के लिए चिन्हित चौराहों में सुधार पर शीघ्र कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के अनुपालन के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। उन्होंने शहर के भीतर नए पार्किंग स्थल चिन्हित करते हुए, अगले 5-10 वर्षों में होने वाले यातायात संकुलन के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने एमडीडीए को आढ़त बाजार को शिफ्ट किए जाने हेतु कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को प्लॉट आबंटन का कार्य में तेजी लायी जाए। उन्होंने आढ़त बाजार शिफ्टिंग के लिए निर्धारित कैलेण्डर का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को आढ़त बाजार चौड़ीकरण की डीपीआर तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने वाणिज्यिक परिसर और शॉपिंग मॉल्स द्वारा अपनी पार्किंग का प्रयोग नहीं करने पर कार्रवाही किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों एवं आने वाली पीढ़ी में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने हेतु यातायात पार्क तैयार किए जाएं। उन्होंने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाए जाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए भी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव रीना जोशी, पूजा गरब्याल, नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून नमामी बंसल एवं उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मसूरी में यातायात संकुलन की समस्या को कम करने के लिए अन्य वैकल्पिक मार्गों को दुरूस्त किया जाना आववश्यकः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में मसूरी में आधारभूत संरचनाओं एवं सुविधाओं में सुधार के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने रोड कनेक्टिविटी, यातायात संकुलन और नागरिक सुविधाओं के विकास जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि मसूरी में आधारभूत संरचनाओं एवं सुविधाओं के विकास के लिए शहरी विकास विभाग नोडल विभाग होगा। उन्होंने कहा कि मसूरी के लिए यातायात संकुलन एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी में यातायात संकुलन की समस्या को कम करने के लिए अन्य वैकल्पिक मार्गों को दुरूस्त किया जाना आववश्यक है। उन्होंने आरटीओ एवं पुलिस के द्वारा मसूरी के लिए ट्रेफिक प्लान को सख्ती से प्रवर्तन कराए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने झड़ीपानी रोड, कैमल्स बैक रोड, लंढौर एवं खट्टापानी रोड के चौड़ीकरण एवं सुधारीकरण कार्य किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि नगर पालिका को इन सड़कों के सुधारीकरण कार्यों के लिए सरकार द्वारा फंडिंग उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने मसूरी के लिए इंटरनल कनेक्टिविटी प्लान तैयार किए जाने की भी बात कही। कहा कि इंटरनल कनेक्टिविटी के लिए रोपवे विकास पर सर्वेक्षण करा लिया जाए। उन्होंने मसूरी के मॉल रोड पर यातायात का दबाव कम करने तथा स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को आंतरिक यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में संचालित गोल्फ कार्ट को पुनः सुचारू किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मसूरी में नए गन्तव्यों को चिन्हित कर विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झड़ीपानी फॉल, शिखर फॉल, मॉसी फॉल आदि क्षेत्रों के विकास के लिए योजना तैयार की जाए। उन्होंने मसूरी क्षेत्र के आसपास ट्रेक रूट्स विकसित किए जाने की भी बात कही। कहा कि मसूरी क्षेत्र में अन्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन तैयार किए जाने की अत्यंत आवश्यकता है। इसके लिए लगातार नए गंतव्यों की तलाश की जानी चाहिए। उन्होंने ऐसे गंतव्यों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए जिन्हें पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित किया जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मसूरी में यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए क्षेत्र में नए पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि पार्किंग स्थलों के निर्माण से न तो क्षेत्र की सुन्दरता प्रभावित हो, न ही दृश्यावलोकन बाधित हो। उन्होंने किंग क्रेग पार्किंग का संचालन भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने मसूरी शहर में स्ट्रीट लाईटों के बीच-बीच में सोलर स्ट्रीट लाईट्स लगाए जाने की भी बात कही। कहा कि इससे लाईट जाने की स्थिति में भी मार्गों पर प्रकाश की उपलब्धता रहेगी। उन्होंने मसूरी मार्ग पर पड़ने वाले ईको-टोल टैक्स को फास्टैग के माध्यम से लिए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु तैयार योजना को धरातल पर उतारेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण सहित सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा – निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की भी अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर की यातायात संकुलन की समस्या को दूर करने हेतु तैयार योजना को धरातल पर शीघ्र से शीघ्र उतारा जाए।

मुख्य सचिव ने सचिव लोक निर्माण विभाग को शहर के यातायात संकुलन वाले चिन्हित 10 चौराहों में सुधार के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करते हुए डीपीआर तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी एवं एसएसपी देहरादून को यातायात नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए। इसके लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि शहर के भीतर नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल खुलने और छुट्टी के समय में थोड़ा परिवर्तन करने के लिए स्कूल प्रबंधन एवं अभिभावकों से संवाद किए जाने की भी बात कही।

मुख्य सचिव ने एमडीडीए को आढ़त बाजार को शिफ्ट किए जाने हेतु कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को प्लॉट आबंटन का कार्य शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आढ़त बाजार शिफ्टिंग के लिए प्रत्येक स्तर के कार्य पूर्ण होने की समय सीमा निर्धारित करते हुए, उक्त कैलेण्डर का सख्ती से पालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वाणिज्यिक परिसरों एंव शॉपिंग मॉल्स के पार्किंग स्थलों का सर्वे किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो वाणिज्यिक परिसर और शॉपिंग मॉल अपनी पार्किंग का प्रयोग नहीं कर रहे हैं उन पर कार्रवाही की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों एवं आने वाली पीढ़ी में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने हेतु यातायात पार्क तैयार किए जाएं। उन्होंने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाए जाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए भी सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चौड़ी की गयी सड़कों के किनारे फिर से वाहन खड़े हो रहे हैं, जिससे हालात पूर्व की भांति हो गए हैं। उन्होंने कहा गलत पार्किंग पर भी सख्ती से कार्रवाही की जाए।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी देहरादून अजय कुमार, प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड रोडवेज रीना जोशी एवं उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

विभाग के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की नियमित रूप से समीक्षा करें अधिकारीः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में लोक निर्माण विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की राज्य के अंतर्गत चल रही एवं आगामी महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

लोनिवि की योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग के महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड देहरादून के जाम की समस्या को कम करने के लिए महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस प्रोजेक्ट के शीघ्र निर्माण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर लिए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि रिस्पना – बिंदाल एलिवेटेड रोड एवं टिहरी रिंग रोड जैसे महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को समय पर पूर्ण करने हेतु साप्ताहिक रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि योजना की फंडिंग के लिए विभिन्न विकल्पों पर वित्त विभाग के साथ मंथन कर लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं की प्राथमिकताएं तय करते हुए योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की योजनाओं की समीक्षा करते हुए योजनाओं को भी समय पर पूर्ण करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार – नगीना रोड को भी शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह चारधाम यात्रा एवं आगामी कुंभ 2027 के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि बल्लूपुर – पोंटा साहिब रोड निर्माण में भी गति लाई जाए।

इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, विनीत कुमार एवं एनएचएआई से विशाल गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने की कुंभ 2027 की तैयारियों की समीक्षा कर योजनाएं तैयार करने को कहा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कुंभ 2027 की तैयारियों के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को योजना एवं प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी हरिद्वार को सम्बन्धित विभागों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित किए जाने की के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले 7 दिनों में सभी कार्यदायी विभागों के नोडल अधिकारी नामित कर लिए जाएं। साथ ही, पदों के सृजन की कार्यवाही भी पूर्ण कर ली जाए। इनसे सम्बन्धित आदेश अगले 7 दिनों में कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन समितियों/उप समितियों का गठन किया जाना है, अगले 7 दिनों में कर लिया जाए। उन्होंने 30 अप्रैल तक प्रस्ताव एवं आंकलन तैयार कर भारत सरकार को भेजे जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के अंतर्गत शाही स्नान वाले विशेष दिवसों पर श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या का आंकलन करते हुए कार्य योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कनेक्टिविटी बढ़ने श्रद्धालुओं के बढ़ने की अत्यधिक सम्भावना है। उन्होंने इसके अनुरूप श्रद्धालुओं संख्या का आंकलन करते हुए पार्किंग एवं ट्रैफिक मूवमेंट योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा आंकलन कराए जाने के उपरांत योजनाएं तैयार कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाने के साथ ही पुराने पार्किंक स्थलों की क्षमता बढ़ाए जाने के भी निर्देश दिए।

हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र है, इसके लिए मूलभूत ढांचों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन योजना के अंतर्गत स्थाई प्रकृति के कार्यों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने हरिद्वार क्षेत्र में ऑडिटोरियम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र सहित अन्य उपयोगी स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य योजनाएं तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ 2027 के लिए अनिवार्य कार्यों की सूची तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ऐसे कार्य जिन्हें अनिवार्य रूप से कराया जाना है, उनकी तैयारी पूर्व से ही कर ली जाए। साथ ही, तत्काल शुरू किए जाने वाले कार्यों की सूची भी तैयार कर इनकी डीपीआर एवं आंकलन सहित अन्य तैयारियां पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराए जा सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नीतेश झा, राधिका झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान, जिलाधिकारी टिहरी सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।