एफएसएसएआई ने किया सुद्धोवाला जिला कारागार को ईट राईट कैंपस घोषित

सुरक्षित स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर भोजन उपलब्ध कराने एवं स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा राज्य सचिवालय परिसर एवं जिला कारागार परिसर को ईट राईट कैम्पस का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है।

आज राज्य सचिवालय स्थित सभागार में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में इस सम्बन्ध में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर मुख्य सचिव द्वारा भारत सरकार की ओर से निर्गत ईट राईट कैम्पस प्रमाण पत्र को सचिवालय प्रशासन के सचिव श्री दीपेन्द्र चौधरी एवं उपमहानिरीक्षक जेल को विधिवत प्रदान किया गया। इस महत्वपूर्ण एवं कारगर पहल के लिए मुख्य सचिव ने सचिवालय प्रशासन की सराहना की और कार्यक्रम में मौजूद महानिरीक्षक जेल की ओर से ईट राईट कैम्पस प्रमाणीकरण हेतु किये गये प्रयासों की प्रशंसा की।

सीएस ने इस उपलब्धि के लिए सचिवालय परिसर में कार्यशील विभिन्न खान-पान सेवाओं यथा इंदिरा अम्मा भोजनालय, जी.एम.वी.एन कैंटीन के फूड सुपरवाइजर को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ के मानक अनुसार अपनी सेवाएं बनाये रखने की कसौटी पर प्रतिदिन खरा उतरना चाहिए।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखण्ड के तत्वाधान में सचिवालय प्रशासन द्वारा की गई इस पहल को अनिवार्य बताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सचिवालय एक अनुकरणीय स्थल है और यहां पर राज्य के विभिन्न स्थानों से जनमानस का आवागमन बना रहता है जिसे देखते हुए इस परिसर को ईट राईट कैम्पस के रूप में घोषित किया जाना राज्य सरकार के अन्य संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत होगा।

इसी प्रकार राज्य में स्थित जेलों के भोजनालय तथा कैंटीन द्वारा खाद्य सुरक्षा के मानकों अनुसार कैदियों को खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराना भी सरकार के लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता का विषय है। इस दिशा में जिला कारागार, सुद्धोवाला को निर्गत ईट राईट कैम्पस का प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण कदम है।

ज्ञातव्य है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा ऐसे सभी कार्य स्थल, जहां पर कार्य करने वाले अधिकांश लोग, कम से कम एक बार का जलपान अथवा भोजन नियमित रूप से ग्रहण करते हैं, को सुरक्षित एवं स्वस्थ खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए ईट राईट कैम्पस पहल आरम्भ की गई है।

इस क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखण्ड के तत्वाधान में विगत दिनों राज्य सचिवालय तथा जिला कारागार परिसर, सुद्धोवाला, देहरादून में संचालित समस्त कैंटीन, भोजनालय एवं अन्य खान-पान सेवाओं का फूड सेफ्टी ऑडिट किया गया तथा यहां पर काम करने वाले फूड हैंडलर्स को फूड सेफ्टी आधारित फास्टैक प्रदान किया गया।

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षण हेतु एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, ऑडिट कार्यों के लिए यू.आर.एस सर्टिफिकेशन तथा इस पहल के संचालन के लि एद रेड कार्पेट वेंचर जैसी अनुभवी संस्थाओं को अधिकृत किया गया था। इस संपूर्ण प्रक्रिया में राज्य सचिवालय तथा जेल प्रशासन को किसी प्रकार का वित्तीय भार वहन नही करना पड़ा तथा समस्त व्यय सी.एस.आर के तहत अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था हर्बलाइफ इंडिया द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सचिव, सचिवालय प्रशासन, दीपेन्द्र चौधरी, आईजी विमला गुंजयाल, अपर सचिव अनुराधा पाल, उप-महानिरीक्षक जेल, श्री दधिराम मौर्य, अपर आयुक्त, एफ.डी.ए, ताजबर सिंह, गणेश कण्डवाल,उपायुक्त/नोडल ऑफिसर ईट राईट इण्डिया, सचिवालय परिसर में स्थित इंदिरा अम्मा भोजनालय, जी.एम.वी.एन कैंटीन, मिलेट बेकरी तथा आंचल डेरी के फूड सुपरवाइजर एवं भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर, फूड ऑडिटर आदि मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एण्ड एम्पलॉयमेंट कॉन्फ्रेस की तैयारियों के सम्बन्ध में हुई बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आगामी अक्टूबर में नियोजन विभाग व सेतु आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली उत्तराखण्ड स्किल डेवलपमेंट एण्ड एम्पलॉयमेंट कॉन्फ्रेस की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने राज्य के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से सशक्त करते हुए उनकी रोजगार की चुनौतियों के समाधान के साथ समावेशी व सतत् विकास की रणनीतियों पर मंथन के उद्देश्य से आयोजित की जाने वाली इस कॉन्फ्रेस से नीति आयोग, अर्न्तराष्ट्रीय श्रम संगठन, इंस्टीटयूट ऑफ हूयमन डेवलपमेंट, इन्टप्रयोन्रशिप डेवलपमेंट इंस्टीटयूट ऑफ इण्डिया, यूएनडीपी व यूनीसेफ को जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने उक्त कॉन्फ्रेंस में युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर तथा विदेश की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं हेतु कौशल विकास के कोर्स संचालित करने पर एक विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कौशल विकास के साथ विदेशी भाषाओं के कोर्स संचालित करने की रणनीति पर भी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को प्रभावी समन्वय के साथ एकीकृत होकर कौशल विकास की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से वन विभाग को कौशल विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राज्य में ट्रेकिंग हेतु आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कौशल विकास व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु सरकारी विभागों व संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र व गैर सरकारी संगठनों के मध्य सुदृढ़ सहभागिता को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

विभिन्न इण्डेक्स में सुधार को लेकर नियोजन विभाग के साथ हुई मुख्य सचिव की बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एसडीजी इण्डेक्स 2023-24 के तहत उत्तराखण्ड में मातृ मृत्यु दर में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग को 104 के माध्यम से एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव पूर्व देखभाल) के लिए की जाने विजिट की ट्रैकिंग के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर में मातृ मृत्यु दर में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मिशन मोड में कार्य करते हुए प्रदेशभर में गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग, एएनसी, एनिमिया की स्थिति पर गैर सरकारी स्वास्थ्य संगठनों के साथ कार्य करते हुए जल्द एक एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस राधा रतूड़ी ने स्कूली शिक्षा में दिव्यांग बच्चों की भागीदारी में सुधार के लिए प्रदेश में शिक्षा से वंचित दिव्यांग बच्चों की गणना के निर्देश देते हुए उनके लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था के लिए एनआईवीएच सहित चार प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एसडीजी इण्डेक्स के तहत निजी क्षेत्र में प्रबन्धकीय पदों में महिलाओं की भागीदारी के बढ़ाने के लक्ष्य के सम्बन्ध में श्रम विभाग को नोडल बनाते हुए इस सम्बन्ध में सर्वेक्षण व डेटा एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं। महिलाओं के प्रति घरूलू हिंसा के मामलों पर मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को महिला हेल्प डेस्क पर आने वाली प्रताड़ित महिलाओं को सेफ हाउस में रखने तथा उनके अभिभावकों की काउसिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने राज्य में आत्महत्या के मामलों के सम्बन्ध में पुलिस विभाग को आयु के अनुसार आत्महत्या के आंकड़ों की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं ताकि टारगेटेड अप्रोच के साथ इस दिशा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की जा सके। अनुसूचित जातियों के खिलाफ हिंसा के मामलों में मुख्य सचिव ने प्रभावी जांच एवं ससमय क्षतिपूर्ति वितरण के निर्देश दिए हैं। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में नियंत्रण के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को नोडल बनाते हुए ब्लैक स्पॉट, क्रैश बैरियर से सम्बन्धित डेटा एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में एसडीजी इण्डेक्स 2023-24 के तहत विभिन्न इण्डेक्स में सुधार के सम्बन्ध में नियोजन विभाग के साथ मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, डा0 आर राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने कलेक्शन सेंटर की वास्तविक उपयोगिता को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रदेशभर के सभी कलेक्शन सेन्टर की वास्तविक उपयोगिता के सम्बन्ध में रिपोर्ट तलब की है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रदेशभर के सभी कलेक्शन सेन्टर की वास्तविक उपयोगिता के सम्बन्ध में रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने सभी कलेक्शन सेन्टर की लोकेशन मैपिंग, उनके संचालन की स्थिति, वर्तमान में उनका कितना वास्तविक उपयोग हो रहा है, इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट सम्बन्धित विभाग से मांगी है। मुख्य सचिव ने REAP (Rural Enterprise Acceleration Project) के तहत Wayside Amenities एवं क्लेक्शन सेन्टर निर्माण की इकाई दरों के संशोधन के प्रस्ताव पर भी अनुमोदन दिया। उन्होंने कृषि विभाग को पर्वतीय फसलों, दालों व मिलेट के सर्टिफाइड बीजों के उत्पादन में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रोजेक्ट पर अनुमोदन देते हुए REAP के तहत इस क्षेत्र में 400 उद्यमियों को तैयार करने लक्ष्य समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने तेजपत्ता के दोहन व वैल्यू एडिशन की वैश्विक पद्धतियों का भीमताल व ओखलकांडा ब्लॉकों में विस्तार करते हुए 500 उद्यमी तैयार करने, बकरी की नस्ल एवं मूल्य श्रृंखला उत्पाद विकास के तहत 728 उद्यमी तैयार करके, रेशम विभाग की सहायता से दून सिल्क धरोहर संरक्षण के तहत 300 उद्यमी तैयार करने, मुर्गीपालन हेतु मदर यूनिट व रियरिंग यूनिट स्थापना के माध्यम से 503 उद्यमी तैयार करने, मशरूम कम्पोस्ट व उत्पादन इकाई के तहत 402 उद्यमी तैयार करने के कुल 6033.59 लाख रुपये के प्रस्तावों पर अनुमोदन दिया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने REAP परियोजना के तहत अधिकाधिक स्थानीय महिलाओं को घरेलू पशुओं के स्वास्थ्य कर्मियों रूप में प्रशिक्षित करते हुए 2400 पशुसखी किट वितरित करने के प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए इस लक्ष्य को समयबद्धता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने महिलाओं के कार्य के बोझ को कम करने के उद्देश्य से 2000 ग्राम संगठनों को राष्ट्रीय निविदा के माध्य से छोटे व उन्नत कृशि/उद्यान यंत्रों के वितरण के प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए इस सम्बन्ध में विभाग को निर्देश दिए हैं कि फार्मिंग यंत्रों के वितरण से महिलाओं के कार्य कितना बोझ कम हुआ है, इस सम्बन्ध में एक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की जाए। मुख्य सचिव ने सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में लैगिंक संवेदनशीलता (Gender Sensitization) को प्राथमिकता पर रखने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएफएल) में में उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के साथ ही इनके माध्यम से स्थानीय लोगों विशेषकर महिलाओं फाइनेंशियल लिटरेसी व साइबर सिक्योरिटी का भी प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में REAP (ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना) की चौथी उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सचिव राधिका झा, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव मनुज गोयल, विनीत कुमार सहित सभी उपायुक्त व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अटल भूजल योजना के तहत राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में जल बजटिंग व कार्यक्रम के स्थानीय स्तर पर कार्यान्वयन की देखरेख और विभिन्न राज्य एजेंसियों के बीच भूजल प्रबंधन के लिए समन्वय हेतु स्टेट लेवल स्टीयरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा कमेटी में लघु सिचाई विभाग को नोडल विभाग बनाते हुए पेयजल व स्वच्छता, शहरी विकास, शहरी विकास, पंचायती राज, सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग व स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कमेटी को कार्यक्रम की नियमित रूप से मासिक समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं।
सीएस रतूड़ी ने नोडल विभाग को स्थानीय निकायों के स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स नामित करने तथा उनके प्रशिक्षण हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। यह मास्टर ट्रेनर वाटर प्लान व बजटिंग बनाने में सहायता करेंगे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जल संकटग्रस्त जनपदों चम्पावत, हरिद्वार व उधमसिंह नगर में अटल भूजल योजना के तहत कैच द रैन, अमृतसरोवर, स्प्रिंग एण्ड रिवर रिजूविनेशन प्राधिकरण की गतिविधियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

अटल भूजल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए सीएस राधा रतूड़ी ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से वर्तमान में संचालित विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच कन्वर्जेंस के माध्यम से सामुदायिक नेतृत्व व भागीदारी से स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जागरूकता कार्यक्रमों और स्थायी भूजल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए क्षमता निर्माण के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाने के लिए कार्य किए जाए। मुख्य सचिव ने जिलों में समुदायों और पंचायतों की विभिन्न गतिविधियों जैसे वाटर यूजर एसोसिएशन का गठन/मजबूती, भूजल आंकड़ों की निगरानी और प्रसार, जल बजट और ग्राम पंचायतवार जल सुरक्षा योजनाओं (डब्ल्यूएसपी) की तैयारी और उनके कार्यान्वयन में सक्रिय भागीदारी हेतु निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि अटल भूजल योजना का एक मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाना है। इसके लिए जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान तैयार करते समय जल उपलब्धता और उपयोग जैसे जल संबंधी डेटा का उपयोग किया जाएगा। ये योजनाएँ सामुदायिक भागीदारी से तैयार की जाएंगी और योजना में इस्तेमाल किए गए डेटा को पूरे समुदाय तक पहुँचाया जाएगा। इसके अलावा, जल संबंधी डेटा को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर), वाटर लेवल साउंडर, रेन गेज, वाटर फ्लो मीटर जैसे विभिन्न उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा, भारत सरकार राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना के तहत सतही और भूजल दोनों के लिए विभिन्न रियल टाइम डेटा अधिग्रहण प्रणाली (आरटीडीएएस) भी स्थापित कर रही है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की अटल भूजल योजना के तहत पंचायत स्तर के वाटर यूजर एसोसिएशन में जल बजट और वाटर सिक्योरिटी प्लान अभ्यास में महिलाओं की भागीदारी कम से कम 33 प्रतिशत रखी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में मौजूदा ग्राम जल और स्वच्छता समिति का विस्तार किया गया है और उनका सहयोग इस कार्यक्रम में लिया जा रहा है। अटल भूजल योजना (अटल जल) गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे 7 राज्यों के 80 जिलों की 8,562 ग्राम पंचायतों में कार्यान्वित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से विभिन्न चल रही केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच अभिसरण के माध्यम से समुदाय के नेतृत्व में स्थायी भूजल प्रबंधन में सुधार करना है। उत्तराखण्ड राज्य के तीन जल संकटग्रस्त जिलों हरिद्वार, उधमसिंह नगर व चंपावत को भी योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में अटल भूजल योजना से सम्बन्धित आज की बैठक में सचिव शैलेश बगौली सहित पंचायती राज, पेयजल, शहरी विकास, सिचाई, लघु सिचाई, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करेंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान की सभी गतिविधियों के अनिवार्य डॉक्यूमेंटेशन करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने 15 अगस्त तक हरेला के तहत निर्धारित किए गए 50 लाख वृक्षारोपण के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी डीएम को 15 अगस्त से एक सप्ताह पूर्व जनपदों में स्वच्छता अभियान भी चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने हर घर तिरंगा अभियान में प्लास्टिक के झण्डों का प्रयोग नही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने झण्डों के निर्माण व आपूर्ति में महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता लेने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर अमृत सरोवर पर झण्डारोहण तथा एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस दौरान जल संरक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

अत्यधिक वर्षा के कारण नालियों व नालों में जलभराव की समस्याओं के निस्तारण हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस से पूर्व स्वच्छता अभियान के साथ ही नालियों के सफाई सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में तिरंगा यात्रा के तहत भव्य जुलूस के आयोजन तथा इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूलों, कॉलेजों, संगठनों व निवासियों को अपने झंडों के साथ शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने तिरंगा श्रद्धाजंलि के तहत स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों को सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तिरंगा कैनवास के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम स्थलों पर तिरंगा कैनवास लगाया जाएगा ताकि लोग स्थानीय भाषा में हर घर तिरंगा या जय हिंद लिख सके। मुख्य सचिव ने 12 अगस्त को स्कूल, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों व अन्य ऐसे स्थलों जहां पर युवाओं की संख्या अधिक है, युवाओं को विकसित भारत के तहत नशे से मुक्ति की शपथ दिलवाने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव एच सी सेमवाल, निदेशक संस्कृत बीना भटट, अपर सचिव सविन बंसल सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

गोवंशीय पशुओं की अनिवार्य ईयर टैंगिग, पशु मालिकों की ट्रैकिंग होगी

राज्य में निराश्रित गोवंशीय पशुओं को गोद लेने वाले लोगो को एक निश्चित मानदेय देने के योजना को जल्द आरम्भ करने की दिशा में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में तत्काल गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सड़कों पर एक भी निराश्रित पशु न दिखे इसके लिए प्रशासन व आमजन को मिलजुल कर पूरी संवेदनशीलता व मानवीयता से कार्य करना होगा।
सीएस रतूड़ी ने राज्यभर में गोदसदनों के निर्माण के लिए मिसिंग लिंक के माध्यम से जारी 10 करोड़ की धनराशि को उपयोग करने के लिए पंचायती राज्य विभाग को जल्द से जल्द इस सम्बन्ध में वित्तीय मद खोलने का प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गोसदनों व सड़कों में निराश्रित गोवंशीय पशुओं की व्यवस्था व स्थिति की मॉनिटरिंग के लिए एक कमेटी के गठन के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने लोगों व ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों द्वारा पाले जाने वाले गोवंशीय पशुओं की अनिवार्य ईयरटैंगिग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आवारा व निराश्रित गोवंशीय के मालिकों की टै्रकिंग की जा सके। उन्होंने इस सम्बन्ध में जन जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएम ने राज्य में निराश्रित गोवंशीय पशुओं के लिए गौ सदनों के निर्माण हेतु सीएसआर के माध्यम से भी धन जुटाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में राज्य में गोसदनों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड ने जानकारी दी कि वर्तमान में में राज्य में कुल पंजीकृत 60 गोसदन हैं। पंजीकृत गौ सदनों में शरणागत गोवंशीय पशुओं की संख्या लगभग 14000 है। वर्तमान में निराश्रित पशुओं की संख्या 20687 है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में सर्वाधिक 5525 निराश्रित गौवंशीय पशु हैं। ऊधमसिंह नगर में 4955, देहरादून में 2050, नैनीताल में 2155 व टिहरी में 2259 निराश्रित पशु हैं। राज्य में सभी जनपदों में 54 स्थानों पर भूमि चिन्हित कर सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंशीय पशुओं को शरण दिए जाने हेतु गोसदनों की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। इस काय्र को तीव्रता से कराये जाने हेतु 25 स्थानों पर मिसिंग लिंक के माध्यम से 10 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित है। गोसदनों के निर्माण में जनपद टिहरी में सबसे बेहतरीन कार्य किए गए हैं।

बैठक में सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर सचिव सी रविशंकर, नितिन सिंह भदौरिया सहित पशुपालन व पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

चारधाम डैशबोर्ड पर यात्रा से जुड़े विभाग नियमित रूप से रियल टाइम डाटा अपडेट करेंगेः सीएस

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा से सम्बन्धित सभी विभागों को जल्द आरम्भ होने वाले चारधाम डैशबोर्ड पर नियमित रूप से रियल टाइम डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह डैशबोर्ड चारधाम से सम्बन्धित सभी विभागों के मध्य सूचनाओं के प्रभावी आदान प्रदान व डाटा शेयरिंग का माध्यम बनेगा। इससे विभागों में प्रभावी समन्वय स्थापित होगा तथा उनके अलगाव में कार्य करने की प्रवृति खत्म होगी। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों में एक-एक नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को हिदायत दी कि चारधाम डैशबोर्ड पर अपडेट किया जाने वाला डाटा डायनेमिक (गतिशील) व रियल टाइम होना चाहिए। इसे नियमित रूप से फीड किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम डैशबोर्ड में लोक निर्माण विभाग को यात्रा रूट पर पड़ने वाले ब्लैक स्पॉट, स्लिपिंग जोन, मुख्य मार्गों के अलावा वैकल्पिक मार्गों की जानकारी, मलबे, भूस्खलन या टै्रफिक जाम से बाधित सड़कों, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े अनिवार्य रूप से अपडेट करने तथा यूकाडा को धामों में खराब मौसम या अन्य कारणों से हैली सर्विस रद्द होने की पूर्व जानकारी अनिवार्य रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने पशुपालन विभाग को चारधाम डैशबोर्ड में यात्रा मार्ग पर खच्चरों के लिए चारे, पीने के गर्म पानी, पशुचिकित्सकों की उपलब्धता का रियल टाइम डाटा भी नियमित रूप से अपडेट करने तथा पुलिस विभाग को यात्रा मार्ग पर पार्किंग स्थलों की जानकारी व पार्किंग स्पेस की उपलब्धता का रियल टाइम डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आईटीडीए द्वारा तैयार किए जा रहे चारधाम डैशबोर्ड की समीक्षा की। यह डैशबोर्ड आरम्भ में सरकारी विभागों के प्रशासनिक समन्वय व कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा और बाद में आमजन के लिए खोल दिया जाएगा।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम डैशबोर्ड में यात्रा मार्ग पर किए जाने वाले कार्यों की जीआईएस टैगिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परफॉर्मेशन एवल्यूशन के लिए विभिन्न विभागों के इन्टरलिंकिंग को जरूरी बताया है। मुख्य सचिव ने चारधाम डैशबोर्ड में अन्य भीड़-भाड़ वाले पर्यटक स्थलों जैसे मसूरी को भी जोड़ने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को भी सभी जानकारियां व रियल टाइम डाटा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के वाहनों में ट्रेश बैग (कूड़ादान) अनिवार्यत रखे जाने के नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने ट्रिप कार्ड जारी करते समय जानकारी देने तथा नियमित रूप से चौकिंग व चालान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में नगर निकायों, निगमों व जिला पंचायतों को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने वाले खच्चरों की बीमा व्यवस्था हेतु जिलाधिकारियों वार्ता के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबन्धन, पशुपालन, निदेशक आईटीडीए, महानिदेशक स्वास्थ्य व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस ने दी प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की बधाई, की अपील

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने देहरादून के भागीरथ पुरम में एमडीडीए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पौधरोपण किया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अमलतास के पौधे का वृक्षारोपण किया।

इस अवसर पर हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रदेशवासियों से विशेषकर युवाओं से वृक्षारोपण की अपील की है। कार्यक्रम के दौरान सीएस रतूड़ी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का यह लोकपर्व विश्व एवं मानव जगत को पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली से खुशहाली का संदेश देता है।

मुख्य सचिव ने सभी लोगों से हरेला पर्व के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण करने तथा वृक्षारोपण की फोटो व जानकारी merilife.org पर अपलोड करने का अनुरोध किया है।

इस अवसर पर एमडीडीए के अधिकारी उपस्थित रहे।

सचिवालय में नागरिक सेना संपर्क कांफ्रेस का हुआ आयोजन


मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में नागरिक सेना सम्पर्क कॉन्फ्रेस का आयोजन हुआ। बैठक में राज्य एवं सेना के मध्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्य में वाइब्रेंट विलेज योजना की प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज तथा विकसित भारत मिशन के कार्याे को पूरा करने हेतु राज्य एवं सेना के प्रभावी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दिशा में राज्य एवं सेना को समन्वित प्रयासों करने हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, सब एरिया कमाण्डर तथा जिलाधिकारी पिथौरागढ़, नैनीताल, पौड़ी व चंपावत वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में नागरिक सेना सम्पर्क कॉन्फ्रेस का आयोजन हुआ। बैठक में राज्य एवं सेना के मध्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्य में वाइब्रेंट विलेज योजना की प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज तथा विकसित भारत मिशन के कार्याे को पूरा करने हेतु राज्य एवं सेना के प्रभावी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दिशा में राज्य एवं सेना को समन्वित प्रयासों करने हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद पिथौरागढ़ के सीमांत गांव गुंजी में पर्यटन विभाग द्वारा शिवधाम का निर्माण किया जाएगा।