केन्द्र सरकार ने कृषि एवं बागवानी विकास की विभिन्न योजनाओं को 3800 करोड़ रुपए करने पर दी सैद्धांतिक सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि, ग्राम्य विकास एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर प्रदेश की कृषि एवं उससे जुडी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विसतार के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों की कृषि एवं बागवानी आवश्यकताओं तथा किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता हेतु राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई प्रस्तावित योजनाओं पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि उत्तराखण्ड सरकार ने कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लगभग 3800 करोड़ रुपये की व्यापक योजनाएं तैयार की हैं। इन योजनाओं में नवाचार, यंत्रीकरण, तकनीकी समावेशन एवं पारम्परिक कृषि को बढ़ावा देने जैसे विविध पहलुओं को शामिल किया गया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा राज्य की कृषि संबधि योजनाओं हेतु 3800 करोड की सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री ने उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहयोग राज्य के कृषि क्षेत्र को आत्मर्निभर और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य में पर्वतीय क्षेत्रों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने हेतु कृषि बाड़ निर्माण के लिए 1,052.80 करोड़ रुपये की आवश्यकता चिह्नित की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य में 10,000 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने हेतु 400 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है, जिससे लघु, सीमांत किसान एवं महिलाएं लाभान्वित होंगी। पारम्परिक पोषक फसलों को बढ़ावा देने के लिए स्टेट मिलेट मिशन के अंतर्गत 134.89 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हेतु राज्य को सीड हब के रूप में विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की योजना भी तैयार की गई है। सेब उत्पादन को प्रोत्साहन, भंडारण और विपणन तंत्र को सुदृढ़ बनाने हेतु 1,150 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित है। नकदी फसलों जैसे कीवी के संवर्धन एवं खेती को वन्यजीवों से संरक्षित करने हेतु 894 करोड़ रुपये की आवश्यकता दर्शाई गई है। कृषि व बागवानी क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 885.10 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ड्रैगन फ्रूट जैसी कम जोखिम वाली फसलों को प्रोत्साहित हेतु 42 करोड़ रुपये की योजना भी तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में राज्य सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 36.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटल सर्वेक्षण के लिए के अंतर्गत 378.50 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही पंतनगर विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने हेतु 14 करोड़ रुपये तथा एग्रीटूरिज्म स्कूल की स्थापना हेतु 14 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 16.11 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सेब उत्पादन के दृष्टिगत उच्च गुणवत्ता की नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग व ग्रेडिंग यूनिट की स्थापना, कीवी व ड्रैगन फ्रूट मिशन को बढ़ावा देने, सुपर फूड्स (मशरूम व एग्जॉटिक वेजिटेबल्स) हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना तथा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में एग्रो टूरिज्म स्कूल की स्थापना के लिए भी केंद्रीय सहायता का अनुरोध केन्द्रीय मंत्री से किया।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी.एम.जी.एस.वाई) 1 व 2 के अवशेष कार्यों की समय सीमा बढ़ाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। साथ ही पी.एम.जी.एस.वाई 4 के प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने का आश्वासन दिया। केन्द्रीय मंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा कृषि एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न क्षेत्रों में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वस्त किया कि उत्तराखण्ड की कृषि आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लिया जाएगा तथा राज्य के किसानों की समृद्धि हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

बैठक में भारत सरकार के कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, भारत सरकार के ग्रामीण विकास सचिव सैलेश कुमार सिंह तथा उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।

दून से मसूरी रूट पर चलेंगे 10 नये वातानुकूलित टेम्पो ट्रैवलर, सीएम ने किये रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा संचालित की जा रही 20 नई वातानुकूलित यूटीसी मिनी (टेम्पो ट्रैवलर) का फ्लैग ऑफ किया। इनमें से 10 टेम्पो ट्रैवलर वाहन देहरादून-मसूरी और 10 टेम्पो ट्रेवलर वाहन हल्द्वानी नैनीताल रूट पर चलेंगे। इससे नैनीताल- हल्द्वानी और देहरादून – मसूरी के बीच जाम की समस्या में भी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सफल रही तो, इस तरह की सेवाओं की संख्या और बढ़ाई जायेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक टैम्पो ट्रेवलर से सफर भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वातानुकुलित टैम्पो ट्रैवलर राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। इनसे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और किफायती यात्रा की सुविधा मिल सकेगी तथा प्रदेश की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वसनीय परिवहन सेवाओं से जोड़ा जाए। आज डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन बुकिंग, ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सेवाओं द्वारा परिवहन विभाग जनता को सुलभ यात्रा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड परिवहन निगम को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार तीन वर्षों से परिवहन निगम मुनाफे में हैै।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन निगम के बस बेड़े में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों का भी समावेश किया जायेगा, जिसके लिए बसों की खरीद की प्रक्रिया गतिमान है। सरकार ने अपने कर्मचारियों और चालक-परिचालकों की कई समस्याओं का समाधान किया है। डीए में बढ़ोतरी करना हो, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना हो या निगम में भर्तियों के माध्यम से मानव संसाधन बढ़ाना हो, पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष उत्तराखण्ड परिवहन निगम एल. फैनई, एमडी परिवहन निगम रीना जोशी और परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सैनिक पुत्र सीएम धामी ने किया पूर्व सैनिकों का अभिनंदन

सीएम धामी ने कहा कि जबरन धर्मान्तरण व डेमोग्राफ़िक चेंज पर हमारी सरकार के प्रयासों के साथ जन सहयोग एवं कानूनी रूप से शिकायत हेतु जन जागरूकता भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सख्त दंगा विरोधी कानून लागू करने के साथ, भूमि अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्यवाही व यूसीसी जैसा साहसिक कदम उठाये लेकिन सरकार के इन साहसिक प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक जनसहयोग की अपेक्षा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित विकसित भारत /2047 सामूहिक संवाद- पूर्व सैनिकों के साथ“ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सम्रग विकास के लिए उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों से बातचीत की एवं उनके सुझाव लिये।

राष्ट्र-प्रहरी के साथ पर्यावरण प्रहरी भी बने भूतपूर्व सैनिक- मुख्यमंत्री’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग को हर डिवीज़न मे 1000 पेड़ लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ समय पूर्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में ‘’एक पेड़ अपनी मां के नाम’’ अभियान की शुरुआत की है। आज के इस अवसर पर मैं, आप सभी से इस अभियान में भागेदारी निभाने का आह्वान करता हूं क्योंकि आप सभी राष्ट्र-प्रहरी होने के साथ – साथ हमारे पर्यावरण के भी रक्षक हैं। आप जहां भी पेड़ लगाएंगे उसके फलने फूलने की गारंटी भी सदा रहेगी, क्योंकि आप एक सैनिक होने के नाते हमेशा उसका ख्याल भी रखेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गत दो माह में आने वाले पर्यटकों की संख्या 38 लाख से अधिक हो गई हैं। प्रधानमंत्री के प्रयासों व सहयोग से राज्य में शीतकालीन यात्रा एवं आदि कैलाश यात्रा को नई गति मिली है। राज्य में बेरोजगारी दर 4.2 से कम हो गई है जो राष्ट्रीय औसत से कम है। मानसरोवर यात्रा का समय 7 दिन कम हो चुका है।

सैनिको एवं उनके परिजनों के हित हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त पूर्व सैनिकों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि सैनिको ने वीरता, शौर्य और समर्पण के साथ देश की रक्षा करते हुए अपने जीवन का महत्वपूर्ण कालखंड बिताया है। सैनिको ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कच्छ से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक हर मोर्चे पर तिरंगे के गौरव और मान को बढ़ाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश देवभूमि के साथ साथ वीरभूमि भी है, क्योंकि हमारे प्रदेश का लगभग हर परिवार सेना से जुड़ा हुआ है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि हमारे वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी।

सैनिक परिवार से होने के कारण पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार की समस्याओं और चुनौतियों को नजदीक से देखा – सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैं, स्वयं भी एक फौजी का बेटा हूं ,मैंने पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार की समस्याओं और चुनौतियों को नजदीक से देखा और समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके हृदय में हमेशा शहीदों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदनशीलता और समर्पण का भाव रहता है। इसलिए हमने ये प्रयास किया है कि यही भाव हमारी सरकार के काम में भी दिखे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, ले ज (से नि) एके सिंह, मेज (सेनि) के एस राणा, क. बीरेंद्र सिंह राणा, ब्रि. नितेश बिष्ट व बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक मौजूद थे।

हवाई सर्वेक्षण से सीएम ने जानी उत्तकाशी में अतिवृष्टि से नुकसान की स्थिति

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तरकाशी जनपद के अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की पुनः समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में प्रत्येक प्रभावित नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी है। राहत कार्यों में तेजी और प्रभावशीलता लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट भी उपस्थित रहे।

सीएम ने लिया जंगल सफारी का लुत्फ, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौधारोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कार्बेट नेशनल पार्क में जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवन की अद्भुत और रोमांचकारी झलक का अनुभव किया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव केवल प्रकृति की सुंदरता को देखने का नहीं, बल्कि जैव विविधता और प्रकृति की अनमोल विरासत से जुड़ने का अवसर भी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप जंगल सफारी पर्यटन को आज एक नई पहचान मिली है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखण्ड आ रहे हैं, जिससे राज्य की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए द्वार भी खुले हैं।

इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत वन विभाग, स्थानीय समुदाय और पर्यावरण प्रेमियों के सहयोग से 1000 से अधिक पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महज एक पौधा रोपण नहीं, बल्कि मातृत्व और प्रकृति के प्रति सम्मान का भावपूर्ण प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने वन विभाग की टीम से भी भेंट की और उनके द्वारा वनों व वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विभाग की प्रतिबद्धता और समर्पण को राज्य की हरियाली और जैव विविधता के संरक्षण हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

सरकारी योजनाओं का गलत लाभ उठाने का मामला, सीएम धामी के निर्देश पर हुए मुकदमें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से लाभ उठाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर कोतवाली नगर और थाना राजपुर में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि ऐसे अपात्र लोगों को कतई बख्शा न जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

मामले में जिला पूर्ति अधिकारी देहरादून और आयुष्मान विभाग की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को तहरीर दी गई। बताया गया कि सरकार की ओर से पांच लाख से कम सालाना आय वाले लोगों के राशन कार्ड बनाए जाते हैं। अपात्र लोगों की ओर से राशन कार्ड बनाए जाने की शिकायत मिलने पर पूर्ति विभाग ने राशन कार्डाे की जांच की तो कई लोगों के राशन कार्ड फर्जी पाए गए। इसी आधार पर यह लोग अपने आयुष्मान कार्ड बनाते हुए अनुचित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसएसपी देहरादून ने मामले में कोतवाली नगर तथा थाना राजपुर को तत्काल मुकदमे दर्ज करवाए हैं। दोनों मामलों में पुलिस गहनता से विवेचना कर रही है। ऐसे सभी लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया है।

टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को सीएम ने किया रवाना, दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर स्थित पर्यटन आवास गृह से कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यात्रियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया तथा उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े स्मृति चिह्न भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने 11 राज्यों से आए सभी श्रद्धालुओं से संवाद कर उनका देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता, यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक और आध्यात्मिक जागरण का मार्ग है। उन्होंने कहा श्रद्धालु इस अद्वितीय यात्रा के सहभागी बनकर केवल यात्रा नहीं, बल्कि समर्पण की अनुभूति लेकर जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पवित्र धरती के कण-कण में भगवान शिव का वास है। यह यात्रा अब केवल भौगोलिक मार्ग नहीं रही, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से यह सीमाओं को लांघते हुए शिव से साक्षात्कार का सशक्त माध्यम बन गई है। पहले जिस यात्रा में सात दिन या उससे अधिक का समय लगता था, अब वह कुछ ही घंटों में संभव हो सकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित है। प्रत्येक पड़ाव पर स्वास्थ्य, आवास, भोजन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुदृढ़ की गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से सभी यात्रियों की सफल, मंगलमय और सुरक्षित यात्रा की कामना की।

इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं ने चम्पावत वासियों के आत्मीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया और यात्रा को स्मरणीय व सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की।

इस दौरान आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, आईजी आईटीबीपी और जन सम्पर्क अधिकारी कैलाश मानसरोवर यात्रा संजय गुंजियाल, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं मंडल रिद्धिम अग्रवाल,प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम विनीत तोमर, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ विनोद गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति मौजूद थे।

किसानों के श्रम को नमन करने का सीएम का तरीका, खेत में की धान रोपाई

खटीमा के नगरा तराई क्षेत्र में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को नमन किया। उन्होंने कहा कि खेतों में उतरकर पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि वे हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक भी हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत “हुड़किया बौल” के माध्यम से भूमि के देवता भूमियां, जल के देवता इंद्र और छाया के देवता मेघ की वंदना भी की। मुख्यमंत्री के इस सांस्कृतिक जुड़ाव और कृषकों के साथ आत्मीय सहभाग ने क्षेत्रीय जनता को गहरे स्तर पर प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री धामी की यह पहल उत्तराखंड की ग्रामीण संस्कृति, कृषकों की अहमियत और पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

सीएम की दो टूक, भ्रष्टाचारी जेल जाने के लिए रहें तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में आयोजित विकास संकल्प पर्व में प्रतिभाग कर 550 करोड़ की 107 विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लालढांग में सिंचाई सुविधा हेतु झील का निर्माण, लालढांग पीएचसी का उच्चीकरण कर सीएचसी बनाए जाने, भगवानपुर से इकबालपुर तक सड़क का चौड़ीकरण, भगवानपुर से सिकरौदा तक सड़क निर्माण, निरंजनपुर में डिग्री कालेज का निर्माण किए जाने, मुबारकपुर-अलीपुर में हाईस्कूल का उच्चीकरण किए जाने, मोहम्मदपुर जटगांव में रजवाहे के दोनों ओर पटरी पर सीसी सड़क का निर्माण किए जाने, विधान सभा झबरेड़ा के अन्तर्गत रुड़की नगर निगम वार्ड न0 22 व 23 में पानी निकासी व सड़क निर्माण किए जाने, खानपुर में ढाडेकी के सौलानी नदी पर पुल निर्माण किए जाने, गिद्धावाली में गंगा नदी घाट पर पुल निर्माण, नागड पलोनी से रांगढ वाला होते हुए भगवानपुर के पास तक मोटर रोड का निर्माण, मेवड नागड के शमशान घाट में बाउण्डरी वाल निर्माण किए जाने के साथ, मोहम्मदपुर पाण्डा के अन्तर्गत बाउण्डरी वाल निर्माण किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री द्वारा एनआरएलएम के अन्तर्गत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह को 2 लाख रूपये, उद्यान विभाग द्वारा दरम्यान सिंह को 50 हजार रूपये, ग्रामोत्थान परियोजनान्तर्गत उजाला सीएलएफ को 21 लाख रूपये, आस्था सीएलएफ को 6 लाख रूपये, मत्स्य विभाग द्वारा अजीत कौर को 4 लाख 20 हजार रूपये, कृषि विभाग द्वारा तरुण सिंह अध्यक्ष वर्क कृषि उत्पादन एवं विपणन स्वयं सहायता समूह को 10 लाख, पशुपालन विभाग द्वारा मीनाक्षी देवी को 30 लाख रूपये, बाल विकास विभाग द्वारा चंचल तोमर को 51 हजार रूपये, सहकारिता विभाग द्वारा आकाश कश्यप को 1 लाख 60 हजार रूपये प्रदान करने के साथ ही सुश्री मीना को पीएम आवास योजनान्तर्गत आवास की चाबी सौंपी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि क्षेत्र के विकास हेतु की गई ये सभी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास की परियोजनाएँ न केवल हरिद्वार जनपद में आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्रदान करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि आज ही के दिन 04 जुलाई 2021 को उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड की सेवा करने का मौका दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे सबसे पहले मां गंगा का आशीर्वाद लेकर जनमानस के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि वे आज प्रदेश के समग्र विकास और जन आकांक्षाओं को पूरा करने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने की इस यात्रा के सफल चार वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने सफल चार वर्ष पूर्ण होने पर देवभूमि उत्तराखंड की समस्त देवतुल्य जनता कस हृदयतल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता द्वारा जताये गए भरोसे के बल पर ही वे आज उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश की सेवा कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता का प्रेम ही है जो उन्हें प्रत्येक दिन प्रदेश के विकास और समाज की प्रगति हेतु समर्पित भाव से कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से प्रेरणा लेकर गांवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक, व्यापारियों से लेकर कमचारियों तक प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग के कल्याण के लिए कई नई योजनाएं बनाईं हैं और उन्हें धरातल पर भी उतारा है। होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी अनेकों योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के इंडेक्स में हमारे उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार जनपद में भी अनेकों विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। धर्मनगरी हरिद्वार को भी काशी विश्वनाथ एवं उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की भांति भव्य और दिव्य रूप देने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। हरिद्वार में हेली सेवाओं के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण करने के साथ ही नगर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने हेतु पॉड टैक्सी के संचालन की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी और मां मनसा देवी तक रोपवे के निर्माण को हरी झंडी देना हो या लालढ़ांग की बरसाती नदी में पुल के निर्माण के साथ ही झूला पुल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम देवनगरी हरिद्वार को विश्वस्तरीय नगरी बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देवनगरी हरिद्वार के लिए कावड़ यात्रा और कुंभ का आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। कांवड़ यात्रा और वर्ष 2027 में होने वाला कुंभ का आयोजन भव्य,दिव्य,सुरक्षित और ऐतिहासिक हो। इसके लिए हम सभी जरूरी इंतजाम करने के लिए संकल्पित हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ अपने सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी हम पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। हमने प्रदेश में एक ओर जहां धर्मांतरण विरोधी और सख्त दंगारोधी कानूनों को लागू किया है वहीं अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना की है। वहीं, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने हेतु प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य के 23 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी नकल के सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘’ज़ीरो टॉलरेंस’’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने का काम भी किया है। मुख्यमंत्री ने मां गंगा के तट से स्पष्ट सन्देश दिया कि भ्रष्टाचारी जेल जाने के लिए तैयार रहें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश के साथ-साथ उत्तराखंड भी स्पष्ट नीति एवं विजन के साथ आगे बढ़ रहा है, जहां ‘विकास’ प्राथमिकता है, ‘ईमानदारी’ पहचान है, और ‘सेवा’ संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने ’‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से उत्तराखण्ड़ को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का हमारा संकल्प अवश्य सिद्ध होगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, सांसद कल्पना सैनी, डॉ.नरेश बंसल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा भी जनता को सम्बोधित करते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किये गये।

इस अवसर पर पशुपालन, रेशम, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, डेदृएनयूएलएम, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कृषि, उद्योग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आदि विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर किरण जेसल, अनीता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनय रोहेला, दर्जा राज्य मंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, श्यामवीर सैनी, जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, शादाब शम्स, बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, मधु सिंह, महामंत्री आशु चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

जनसामान्य को नदी संरक्षण से जोड़ने की सीएम धामी की पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के मुख्य सेवक के रूप में अपने सफल चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड में मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की। साथ ही उन्होंने मां गंगा से प्रार्थना की कि हरिद्वार आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों।

मुख्यमंत्री ने नदी उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि प्राचीन काल से ही सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन की आधारशिला रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी नदियों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नदियों का ‘मां’ के समान सम्मान करें और उन्हें स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने में सहयोग करें। इस अवसर पर स्वयं मुख्यमंत्री सहित उपस्थित श्रद्धालुओं ने नदियों को प्रदूषित न करने और उन्हें सदैव स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि एवं अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मां गंगा की पूजा विधिवत रूप से आचार्य अमित शास्त्री द्वारा संपन्न कराई गई।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।