देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम की पहल सार्थकः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परिसर में नगर निगम, देहरादून द्वारा संचालित वैक्यूम बेस्ड रोड़ स्वीपिंग मशीन का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्मार्ट तकनीक आधारित यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने के लिए तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा बेड़े में शामिल की गई उन्नत मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई अधिक प्रभावी और तेजी से होगी। साथ ही धूल व प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, जिससे आमजन को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि देहरादून शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा – भरा बनाए रखने के लिए इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राजभवन परिसर पर हुआ महाराजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजभवन परिसर में ‘‘भगीरथ उद्यान’’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यान में स्थापित महान राजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया।

राजभवन स्थित ‘‘भगीरथ उद्यान’’ में लगभग 10 फीट ऊंची प्रतिमा को 8 फीट ऊँचे ग्रेनाइट चबूतरे पर स्थापित किया गया है। इसे हरिद्वार के प्रख्यात कलाकार श्री शिवम चौरसिया ने फाइबर और रेजिन से निर्मित किया है। उद्यान में प्रतिमा के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का भी रोपण किया गया है, जो इसे हरियाली और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हैं।

इस अवसर राज्यपाल ने कहा यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणा-स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यहाँ नक्षत्र, प्रकृति, मंदिर और पर्वत मिलकर उस दिव्य संकल्प का संदेश देते हैं कि जब ध्येय लोक कल्याण हो, तो देवत्व और प्रकृति दोनों मार्ग प्रशस्त कर देते हैं। उन्होंने इस उद्यान को तैयार करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह प्रतिमा राजभवन आने वाले प्रत्येक नागरिक और अतिथियों को कर्तव्यनिष्ठा, लोक कल्याण और भारतीय संस्कृति का संदेश देती रहेगी। उन्होंने कहा यह प्रतिमा हमें सदा स्मरण दिलाएगी कि ‘भगीरथ प्रयत्न’ ही महान लक्ष्यों की प्राप्ति का मार्ग है।

उद्घाटन से पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राजभवन स्थित राजप्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल कुमार किशोर, अपर सचिव रीना जोशी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, अपर सचिव लो.नि.वि. विनीत कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंडया, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, सहायक अभियंता लो.नि.वि. विजय धस्माना, उद्यान अधिकारी दीपक पुरोहित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस समारोह में की सहभागिता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार स्थित प्रेम आश्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतपाल महाराज को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन के लिए बाबा केदारनाथ और भगवान बद्रीविशाल से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को नवरात्रि पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि यह शक्ति की उपासना का पर्व हम सभी को नई ऊर्जा, भक्ति और सेवा भावना प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “आज का यह भव्य आयोजन महाराज जी के प्रति जनता के स्नेह, श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने अपने कार्यों द्वारा समाज में जो आध्यात्मिक चेतना, सेवा और लोककल्याण का संदेश प्रसारित किया है, उसने जनमानस के हृदय में गहरी छाप छोड़ी है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतपाल महाराज ने राजनीति के साथ-साथ समाजसेवा, संस्कृति संरक्षण और उत्तराखण्ड राज्य निर्माण जैसे ऐतिहासिक आंदोलनों में सक्रिय योगदान दिया है। उनका जीवन सेवा, त्याग और परोपकार की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “महाराज जी समाज में समरसता, प्रेम और भाईचारे के प्रेरक संदेशवाहक हैं। उनके नेतृत्व में मानव सेवा एवं उत्थान समिति द्वारा देशभर में सामाजिक समरसता और मानव कल्याण की दिशा में अत्यंत सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री के रूप में महाराज जी ने पर्यटन, संस्कृति और तीर्थाटन के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। चारधाम यात्रा, मानसखंड कॉरिडोर और अन्य तीर्थ स्थलों के पुनरुत्थान के क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके प्रयासों से उत्तराखण्ड को बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन और राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार जैसे गौरवपूर्ण सम्मान प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि मैंने महाराज जी के जीवन और कार्यों को निकट से देखा है। वे एक ऐसे कर्मयोगी हैं, जो आध्यात्मिकता के साथ राष्ट्र सेवा का भी व्रत लिए हुए हैं।”

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को बधाई दी और उपस्थित सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे सतपाल महाराज के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज सेवा, आस्था और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सामाजिक सेवा गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।

सीएम धामी ने धराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सेब उत्पादकों के लिये की महत्वपूर्ण घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित धराली गांव सहित इसके आस-पास के क्षेत्रों के सेब की सरकार द्वारा खरीद किए जाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार धराली व इसके आसपास के क्षेत्र का रॉयल डिलीशियस सेब रू. 51/- प्रति किग्रा. तथा रेड डिलीशियस सेब एवं अन्य सेब रू. 45/- प्रति किग्रा. की दर पर (ग्रेड-सी सेब को छोड़कर) उद्यान विभाग के माध्यम से खरीदा जाएगा। इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था मुख्यमंत्री घोषणा मद से की जाएगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इस संबंध में जारी एक परिपत्र में सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग को तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित कर वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति का शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री को उक्त घोषणा के अनुपालन की वस्तुस्थिति से भी अविलंब अवगत कराए जाने की अपेक्षा की गई है।

विभिन्न विकास योजनाओं के लिए सीएम ने दी 127 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत प्रदेश के 12 नगर निकायों में देवभूमि रजत जयंती पार्कों के निर्माण हेतु रू. 13 करोड़ की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उत्तरकाशी के धराली गांव में आयी आपदा में मलबे में दबे मृत शरीर के डीएनए नमूनों के परीक्षण व प्रोफाईल के मिलान एवं मृतकों की पहचान किये जाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून के लिए विभिन्न उपकरणों/रसायनों/कंज्यूमेबल्स की आवश्यकता हेतु रू. 93 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधम सिंह नगर एवं जनपद पौड़ी के अन्तर्गत अतिवृष्टि एवं भूस्खलन, जलभराव एवं बाढ़ से राहत एवं बचाव इत्यादि कार्यों हेतु राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत राहत एवं बचाब कार्यों हेतु जनपद उधम सिंह नगर को रू. 10 करोड़ एवं जनपद पौड़ी को रू. 3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने KFW द्वारा वित पोषित Environmentally Friendly Urban Development Programme in Ganga Basin States कार्यक्रम के अन्तर्गत हरिद्वार एवं ऋषिकेश नगर में सीवर नेटवर्क को सुदृढ़ किये जाने हेतु KFW परियोजनान्तर्गत रू. 100 करोड़ की धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवमुक्त किये जाने का भी अनुमोदन प्रदान किया है।

सीएस ने दिए सैनिक कल्याण द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान विभागों को आउटकम इंडिकेटर्स निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों ने अपने कार्य क्षेत्र में विगत वर्षों के सापेक्ष कितना बढ़ोत्तरी की है, इसे आउटकम इंडिकेटर्स में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे विभागीय योजनाओं का मूल्यांकन भी हो सकेगा और विभाग किस दिशा में जा रहा है इसकी भी जानकारी मिलेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि ‘‘की आउटकम इंडिकेटर’’ (केओआई) निर्धारित करने में इन बातों का ध्यान रखा जाए कि विभान द्वारा संचालित योजनाओं का क्या आउटकम रहा, इसका आंकलन हो सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग अपना आउटकम इंडिकेटर यह रखे कि उन्होंने प्रदेश की कितने प्रतिशत खेती योग्य भूमि को वर्षा आधारित सिंचाई को निश्चित सिंचाई में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किसी योजना से पर्यटकों के औसत फुटफॉल में कितना बढ़ोत्तरी हुई है, या पर्यटकों की संख्या, पर्वतारोहियों और ट्रैकिंग करने वालों की संख्या आदि गतिविधियों में कितने प्रतिशत ग्रोथ प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के तहत् उत्पादकता कितनी बढ़ी है, या एफपीओ का क्रेडिट फ्लो कितना बढ़ा है, इस पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा गुणवत्ता में सुधार, क्षमता का उपयोग और आय में बढ़ोत्तरी को शामिल किया जा सकता है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को विभाग द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्रीधर बाबू अद्दांकी, धीरज सिंह गर्ब्याल, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, एपीसीसीएफ कपिल लाल, डीजी होमगार्ड डॉ. पी.वी.के. प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

तकनीकी युग में आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय, देहरादून में राज्य स्तरीय दिशा समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं खेल से जुड़ी योजनाओं की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शीघ्र इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विभागों के बीच आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बल दिया कि राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार ठोस और सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी युग में योजनाओं की निगरानी और सफल संचालन हेतु आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचनाओं की त्वरित उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से योजना क्रियान्वयन की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए सभी विभागों द्वारा समन्वित प्रयास करना आवश्यक है।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा आधारित पंपों की स्थापना की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को न केवल सिंचाई के साधन सुलभ होंगे बल्कि सौर ऊर्जा के उपयोग से दीर्घकालिक रूप से ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी प्राप्त होगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष गांवों को शीघ्र सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है, और राज्य के दुर्गम इलाकों में निवास कर रहे लोगों की सुविधाओं तथा आर्थिक अवसरों के विस्तार के लिए यह आवश्यक है।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों की प्रगति की भी गहनता से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं को और प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि राज्य के हर नागरिक के जीवन स्तर में सार्थक सुधार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए शासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की प्रगति साझा करें और लोगों को इनसे अधिकाधिक लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता जनता की सुविधा और सुख-सुविधा है, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा।

बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण सहदेव सिंह पुण्डीर, रेनू बिष्ट, सुरेश गढ़िया, शक्तिलाल शाह, हरीश धामी एवं मनोज तिवारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव राधिका झा, नितेश झा, बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, एस.एन. पांडेय, आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, श्रीधर बाबू अद्दांकी, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी बैठक में सम्मिलित हुए।

गर्वनर और सीएम की मौजूदगी में राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के बीच हुआ समझौता

राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम आयोजित हुआ।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भारतीय सहकारी समिति लिमिटेड और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के मध्य समझौता ज्ञापन हुआ। इस समझौते ज्ञापन के माध्यम से न केवल बीज उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी बल्कि राज्य सहकारी समितियों और किसानों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। दूसरा समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के बीच हुआ जो राज्य के कृषि उत्पादकों सहकारी समितियों और किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दो नवीन योजनाओं, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक की ऋण नीति एवं वाणिज्यिक अचल संपत्ति- आवासीय गृह ऋण नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जसपुर की फीकापार एमपैक्स को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। राज्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला सहकारी बैंक लि0 मुख्य शाखा देहरादून को भी सम्मानित किया गया। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण भी किए गए।

राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का आंदोलन है। इसमें सभी का लाभ, सभी की भागीदारी और सभी की जिम्मेदारी निहित रहती है। भारतीय संस्कृति की इस धरा पर सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग है। सहकारिता एक ऐसी क्रांति है, जो हमें सामाजिक-आर्थिक समृद्धि की दहलीज तक ले आई है और मुझे विश्वास है कि यह क्रांति बहुत शीघ्र साकार होगी।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ का भाव सहकारिता की आत्मा है। इसका अर्थ है- सम्पूर्ण विश्व को परिवार मानकर सभी के हित में काम करना। आज जब संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, तब यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारतीय परंपराएँ इस वैश्विक दृष्टिकोण की आधारशिला रही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे ‘महिला स्वयं सहायता समूह’ न केवल परिवार की आर्थिक रीढ़ बने हैं, बल्कि उद्यमिता में भी नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। युवा भी अब स्टार्टअप, ऑर्गेनिक उत्पाद मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर सहकारिता आंदोलन को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सहकारी समितियाँ सेना, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों को खाद्यान्न, डेयरी और अन्य आवश्यक वस्तुएँ आपूर्ति कर रही हैं। यह न केवल राज्य की सहकारिता की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्रीय सेवा में योगदान का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता, मानव समाज का सबसे पुराना और कीमती सिद्धांत है। सहकारिता केवल संगठनात्मक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य स्पर्धा नहीं अपितु आपसी सहयोग की भावना से आगे बढ़ना है। इसका उद्देश्य एक-दूसरे को स्वावलंबी और सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के कार्य की शुरुआत उत्तराखण्ड से हुई है। प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। 13 जिलों की कुल 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड कर दिया गया है। जिससे पारदर्शिता आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को 5 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनों ने ‘लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में भारत में वैश्विक सहकारी सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री ने सहकारिता को भारत के लिए संस्कृति का आधार और जीवन पद्धति बताया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने सहकार से समृद्धि को साकार करने के लिए अलग सहकारिता मंत्रालय गठन किया। उन्होंने कहा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ऋण शून्य ब्याज पर प्रदान करने की योजना प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2 लाख लखपति दीदी बनी हैं, जिन्हें वर्ष 2026 तक 4 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. रावत ने कहा कि यह देश का पहला राज्य है जिसने सहकारिता में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।

निदेशक सहकारिता (केंद्र सरकार) कपिल मीणा ने केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। सचिव सहकारिता डॉ. बी.वी.आर सी पुरुषोत्तम ने राज्य सहकारिता विभाग की योजनाओं और कार्यों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती एवं मंगला प्रसाद त्रिपाठी, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल सहित सहकारिता विभाग एवं सहकारी बैंकों के अन्य अधिकारीगण तथा विभिन्न जिलों से आयी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और अन्य लोग उपस्थित।

स्वच्छोत्सव 2025 का शुभारंभ कर सीएम ने स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज स्वच्छ उत्सवः 2025 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ भी प्रदान कीं।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया और सभी प्रदेशवासियों से स्वच्छता की मुहिम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश भर में सेवा स्वच्छता से संबंधित नियमित कार्यक्रम किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित भी किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वच्छता की शपथ दिलाई और पौधारोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छता रथ का फ्लैग ऑफ किया और पर्यावरण मित्रों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता आंदोलन ने देश को नए आयाम प्रदान किए हैं। स्वच्छ उत्सव-2025 भी इसी दिशा में एक संकल्प, एक आंदोलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ व स्वच्छ भविष्य का वचन है। उन्होंने कहा कि ‘‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’’ के सपने को साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा हाल ही में राष्ट्रीय वायु कार्यक्रम के तहत घोषित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नगर निगम देहरादून को देश में 19वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता रैंकिंग में भी नगर निगम देहरादून ने इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। अब तक राज्य में छह लाख से अधिक शौचालय रहित परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया है।

नगर निगम देहरादून ने सफाई से सम्बन्धित समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की है।कूड़ा उठान, सीसीटीवी निगरानी और नियमित सफाई व्यवस्था से शहर को बेहतर दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हमारे संस्कार और जीवनशैली का हिस्सा है। उन्होंने सभी नागरिकों का आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, गाँव और शहर को साफ-सुथरा रखने को अपनी जिम्मेदारी समझें। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान का उल्लेख किया और कहा कि पौधारोपण जीवन की गुणवत्ता सुधारने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का साधन है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, सुरेश गड़िया, सचिव नीतेश झा, नगर आयुक्त नमामि बंसल और अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से आरबीआई गवर्नर ने की शिष्टाचार भेंट

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में शिष्टाचार भेंट की। यह भेंटवार्ता राज्य के आर्थिक परिदृश्य, वित्तीय समावेशन तथा उत्तराखंड में बैंकिंग सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रही।

मुख्यमंत्री धामी ने आरबीआई गवर्नर का उत्तराखंड आगमन पर हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि देश की वित्तीय संस्था के प्रमुख से मुलाकात राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और डिजिटलीकरण को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मल्होत्रा से उत्तराखंड के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल भुगतान प्रणाली के प्रसार, और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आरबीआई के सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि ऐसे क्षेत्रों में भी बैंकिंग सेवाएं सुलभ हों जहाँ अभी भी पहुँच की कमी है, जिससे जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने हाल के वर्षों में डिजिटल लेनदेन, क्ठज् (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्धता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने उत्तराखंड सरकार द्वारा वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, और सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक राज्य के वित्तीय विकास और बैंकिंग आधार के विस्तार में हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आरबीआई की ओर से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को वित्तीय सहायता की सुविधा भी अधिक सुलभ बनाने पर विचार किया जाएगा।