प्रदेश में नकली दवाइयों के निर्माण और बिक्री को पूरी तरह से समाप्त करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक के दौरान निर्देश दिये कि जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश में नकली दवाइयों के निर्माण और बिक्री को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए जिलाधिकारियों, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धराली आपदा से प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान तथा उनके पुनर्वास, राहत और आजीविका की व्यवस्था सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सचिव राजस्व की अध्यक्षता में गठित समिति अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करे। समिति की रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर पुनर्वास और राहत कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में व्यापक स्तर पर स्वदेशी अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रिगण, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी खरीद में स्वदेशी उत्पादों और उपकरणों को प्राथमिकता दी जाए। सरकारी कार्यक्रमों और आयोजनों में स्थानीय उत्पादों के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित किया जाए। जीएसटी स्लैब में हाल ही में हुए परिवर्तनों से स्वदेशी उत्पादों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अग्निवीरों के लिए समुचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। इसके लिए पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपने दृष्टि पत्र में प्रदेश की जनता के समक्ष जो वायदे किये थे, उनको पूरा करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनहित में लिये गये सभी संकल्पों को पूरा करने के लिए और तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि जन भावनाओं और और जन आंकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार दृढ़ संकल्प होकर कार्य कर रही है।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

भगवान बिरसा मुंडा के कार्यों से प्रभावित राज्य सरकार डेमोग्राफी को संरक्षित रखने को संकल्पबद्धः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जनजाति कल्याण विभाग के अन्तर्गत संचालित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में चयनित 15 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के साथ ही 15 करोड़ रुपए से अधिक लागत की विभिन्न विभागीय निर्माण योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि ये सभी परियोजनाएँ न केवल जनजातीय समाज की आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होंगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी युवा शिक्षक नई पीढ़ी के समग्र विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं।

इस संबंध में सबसे अहम फैसला भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारें केवल दिखावे के लिए ही आदिवासी समाज के विकास की बात किया करती थी, जबकि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए धरातल पर नए-नए कार्य किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने जनजातीय समाज के विकास के लिए दिए जाने वाला बजट को पहले के मुकाबले 3 गुना तक बढ़ाया दिया है। वहीं जनजातीय समाज के लिए एकलव्य मॉडल स्कूल, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान“ के अंतर्गत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों का चयन किया गया है। आज हमारे राज्य में 4 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित हो रहे हैं, जिसमें जनजातीय समुदाय के छात्रों को निशुल्क शिक्षा एवं हॉस्टल की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसी तरह सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में भोटिया तथा राजी जनजाति के शैक्षिक उन्नयन के लिये एकलव्य विद्यालय खोलने के लिए अभी हाल ही में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी आदिवासी समाज के कल्याण के लिए अनेकों कार्य कर रही है। जहां एक ओर जनजातीय समाज के बच्चों को प्राइमरी स्तर से स्नातकोत्तर स्तर तक की कक्षाओं में छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वहीं, राज्य में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन भी किया जा रहा है। इसके साथ ही, जनजाति समाज के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में तीन आईटीआई संस्थानों का संचालन किया जा रहा है। जनजाति समाज के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग की निःशुल्क व्यवस्था के साथ ही छात्रवृत्ति भी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के कार्यों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार भी उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इसके लिए प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इसके साथ ही, उत्तराखंड में देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया गया है, लेकिन जनजातियों की परम्पराओं रीति रिवाजों के संरक्षण के लिए सभी अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता से बाहर रखा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय शोध संस्थान में सौन्दर्यीकरण तथा बालिकाओं के लिए हाईटेक शौचालय ब्लॉक का निर्माण, “आदि लक्ष्य संस्थान में डाइनिंग हॉल का निर्माण कराए जाने की घोषणा की है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दलीप सिंह रावत, प्रमोद नैनवाल, अध्यक्ष जनजाति आयोग लीलावती राणा, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, निदेशक समाज कल्याण चंद्र सिंह धर्मशक्तू एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित हुए।

सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं शहर की सौंदर्यता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के केंद्र बिंदु माने जाने वाले ऐतिहासिक घण्टाघर के सौंदर्यीकरण, भव्य रूपांतरण एवं स्वचालित प्रकाश व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घण्टाघर क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए निर्मित 4 अत्याधुनिक “हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स“ का भव्य शुभारंभ किया। यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और स्थानीय पहाड़ी उत्पादों के प्रचार-प्रसार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “घण्टाघर देहरादून की पहचान है। इसका यह नवीन एवं आकर्षक स्वरूप न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी गर्व की अनुभूति कराएगा। स्वचालित प्रकाश व्यवस्था से यह स्थल रात्रि में भी जीवंत रहेगा और शहर की नाइटलाइफ में भी नया रंग भरने का कार्य करेगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल शहर के सौंदर्य को बढ़ाती हैं, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता, संरक्षण और अपने शहर के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैद्य लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से इस ऐतिहासिक धरोहर का पुनर्निर्माण कर इसे एक भव्य एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि इस धरोहर का नया स्वरूप न केवल देहरादून की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि ये हमारी शीतकालीन राजधानी में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज जनपद देहरादून में चार स्थानों पर हिलांस कैंटीनों का लोकार्पण भी किया जा रहा है। ये कैंटीन कलेक्ट्रेट, कोरोनेशन अस्पताल, गुच्चुपानी और आईएसबीटी में स्थापित की गई हैं।ये कैंटीनें न केवल आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण वस्तुएँ उपलब्ध कराएँगी, बल्कि हमारे स्वयं सहायता समूहों की बहनों को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त बनाएँगी द्यये पहल मातृशक्ति के सशक्तिकरण के साथ-साथ लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाना है, और हिलान्स आउटलेट्स के माध्यम से महिलाओं को न केवल स्वरोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि उत्तराखण्ड के पारंपरिक एवं जैविक उत्पादों को भी नया बाजार मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज देहरादून में बाल भिक्षावृत्ति निवारण के लिए भी एक विशिष्ट प्रयास किया जा रहा है, जिसके माध्यम से बालक-बालिकाओं को “भिक्षा की विवशता से निकालकर शिक्षा के अधिकार“ से जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 3 रेस्क्यू वाहनों के साथ अंतरविभागीय टीम गठित की गई है।होमगार्ड, चाइल्ड हेल्पलाइन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, पुलिस विभाग और कई गैर-सरकारी संस्थाओं को इस टीम में सम्मिलित किया गया है। हमारे लिए खुशी की बात है कि इस टीम द्वारा पहले चरण में 51 बच्चों को रेस्क्यू कराकर विभिन्न स्कूलों में डाला जा चुका है। आज दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला दिलाया गया है।हम रेस्क्यू किए बच्चों के लिए डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज में इंटेसिव केयर सेंटर का निर्माण भी करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने इस प्रयास को तब तक जारी रखेंगे, जब तक हमारे राज्य का प्रत्येक बच्चा स्कूल नहीं जाने लगता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
चाहे वो राज्य के बुनियादी ढांचे का विकास हो, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो, या युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना हो स हम देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। हम देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान हेतु योजनाबद्ध तरीके से निरंतर प्रयासरत हैं। इसके लिए, हम विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण करा रहे हैं, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है।

इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय व्यापारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता मौजूद रही।

सराहनीयः आपदा प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में उत्तराखण्ड पुलिस का एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थाना डालनवाला, देहरादून परिसर में स्थापित किए गए 13 लॉन्ग रेंज आधुनिक सायरनों का विधिवत लोकार्पण किया। यह पहल राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा संभावित राज्य है, जहां समय रहते सतर्कता और सूचना प्रसारण अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दृष्टि से ये अत्याधुनिक सायरन प्रणाली अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, और तकनीक के माध्यम से पुलिस एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सशक्त बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं हमारे राज्य को समय-समय पर चुनौती देती रहती हैं।

इस वर्ष भी हमें कई भीषण आपदाओं का सामना करना पड़ा। हमारी सरकार इन आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हम राज्य में आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 किलोमीटर और 16 किलोमीटर की रेंज वाले ये सायरन न केवल प्राकृतिक आपदाओं के समय हमें अलर्ट करेंगे, बल्कि नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहद उपयोगी होंगे। यदि समय रहते लोगों को चेतावनी मिल जाए, तो न केवल जानमाल की हानि को कम किया जा सकता है, बल्कि आपदा की स्थिति में राहत और बचाव कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह लॉन्ग रेंज सायरन केवल किसी संभावित आपदा की चेतावनी देने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आम जनमानस को जागरूक करने तथा समय पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी सहायक होंगे। ये सायरन भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों और आपदा संभावित इलाकों में स्थापित किए गए हैं।”

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रणाली का नियमित परीक्षण किया जाए तथा आम जनता को इसके बारे में जागरूक किया जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में इसकी अधिकतम उपयोगिता सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन और उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डालनवाला थाने में स्थापित बाल थाने का निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सेवानिवृत पुलिस कार्मिकों, उत्तराखंड पीसीएस एसोसिएशन तथा उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों तथा कार्मिकों द्वारा मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में सहायता राशि के चेक सौंपे गए।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, पुलिस महानिदेशक, आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अर्द्धकुंभ की तैयारियों के लिए लगभग 54 करोड़ रुपये का अनुमानित बजटः डा. आर राजेश कुमार

उत्तराखंड सरकार ने 2027 के अर्द्धकुंभ मेले को दिव्य और भव्य बनाने की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। विभाग ने अनुमानित 54 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस बजट में स्थायी व अस्थायी दोनों प्रकृति के कार्य शामिल हैं।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि हमारा प्रयास है कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को चिकित्सा सुविधा में कोई कमी महसूस न हो। इसके लिए 2924 बेड, 40 एम्बुलेंस, नए अस्पताल भवन और आधुनिक मशीनों तक की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वर्ष 2027 का अर्द्धकुंभ ‘दिव्य और भव्य’ स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और समृद्धि की झलक भी होता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सर्वाेत्तम सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। शासन-प्रशासन की सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं, ताकि कोई भी श्रद्धालु स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। धामी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि अर्द्धकुंभ में आने वाला हर तीर्थयात्री सुरक्षित, स्वस्थ और संतुष्ट अनुभव लेकर लौटे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ की तैयारी के तहत स्वास्थ्य विभाग स्थायी और अस्थायी प्रकृति के कार्य कराएगा। इन कार्यों पर अनुमानित 54 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है। इसमें से 683 लाख रुपये स्थायी कार्यों पर और 3765 लाख रुपये अस्थायी कार्यों पर खर्च होंगे।

2924 बेड की होगी व्यवस्था
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ के दौरान 35 अस्थायी अस्पतालों में 373 बेड की सुविधा होगी। कुम्भ क्षेत्र के 13 सरकारी अस्पतालों में 1101 बेड तीर्थयात्रियों के लिए आरक्षित होंगे जबकि विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में 1450 बेड की व्यवस्था की जाएगी।

40 एम्बुलेंस रहेंगी तैनात,
कुंभ मेले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मज़बूत बनाने के लिए विभाग एम्बुलेंस और फूड सेफ्टी सेवाओं का दायरा भी बढ़ा रहा है। कुल 40 एम्बुलेंस की व्यवस्था में से 16 एम्बुलेंस विभाग के पास पहले से मौजूद हैं, जबकि 24 नई एम्बुलेंस खरीदी जाएंगी। इनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट दोनों तरह की एम्बुलेंस शामिल होंगी।

विभाग तीन नई फूड सेफ्टी वैन भी खरीदेगा
इतना ही नहीं, श्रद्धालुओं के खानपान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग तीन नई फूड सेफ्टी वैन भी खरीदेगा। इन वैन की मदद से मेला क्षेत्र में बिकने वाले खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तीर्थयात्री के स्वास्थ्य से समझौता न हो।

रोशनाबाद में बनेगा ड्रग वायर हाउस
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने जानकारी दी कि कुम्भ के दौरान स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार में स्थायी प्रकृति के कार्य भी करेगा। इनमें 54 लाख की लागत से चार वाहन खरीदे जाएंगे। इसके अलावा रोशनाबाद में सीएमओ ऑफिस के निकट 120 लाख की लागत से ड्रग वायर हाउस बनाया जाएगा। रोशनाबाद में ही स्वास्थ्य विभाग का ड्रग वायर हाउस निर्मित किया जाएगा। इसमें 6 कमरे, दो हॉल और एक स्टोर होगा। इस पर 80 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मेले के दौरान विभाग को 60 वाहन चाहिए। इनमें से चार वाहनों को विभाग खरीदेगा जबकि अन्य वाहन किराए पर लिए जाएंगे।

संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए योजना
स्वास्थ्य सचिव डा आर राजेश कुमार ने बताया कि मेले के दौरान बड़ी संख्या में तीर्थयात्री हरिद्वार आएंगे। ऐसे मे संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए भी विभाग ने व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत मेला क्षेत्र में छिड़काव के लिए 25 लाख की लागत से पांच माउंटेबल फागिंग मशीनें खरीदी जाएगी। इसके अलावा 35 पोर्टेबल फागिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। जिस पर 18 लाख की लागत आने की संभावना है।

भूपतवाला अस्पताल का होगा कायाकल्प
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार के मुताबिक भूपतवाला अस्पताल में 15 लाख की लागत से डॉप्लर सुविधायुक्त अल्ट्रासाउंड मशीन भूपतवाला खरीदी जाएगी। इसके अलावा इस अस्पताल में 18 लाख की लागत से एक्सरे सीआर मशीन की सुविधा भी मुहैया होगी।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि कुंभ मेले की स्वास्थ्य तैयारियां समन्वित रूप से की जा रही हैं। इसके लिए कुंभ मेला अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर स्वास्थ्य सुविधाओं को व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग का प्रयास है कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

रेडियो हैलो हल्द्वानी एप प्रत्येक कोने तक पहुँचकर समाज एवं संस्कृति की आवाज़ को करेगा मजबूत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से हैलो हल्द्वानी 91.2 एफ.एम. सामुदायिक रेडियो मोबाइल एप का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड के शिक्षा और संस्कृति क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने शिक्षा को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचाने और आधुनिक तकनीक से नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अब सामुदायिक रेडियो हैलो हल्द्वानी एप देश और प्रदेश के प्रत्येक कोने तक पहुँचकर समाज एवं संस्कृति की आवाज़ को और अधिक सशक्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने और आत्मनिर्भरता का आधार है। इसी सोच के तहत प्रदेश के सभी 13 जनपदों में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे युवा न केवल शिक्षा प्राप्त करेंगे, बल्कि रोजगारपरक कौशल भी सीख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विश्वविद्यालय और कौशल विकास केंद्र मिलकर कार्य करेंगे तो उत्तराखंड के युवा नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनेंगे, और यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में राज्य की अहम भूमिका सुनिश्चित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देहरादून में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का एक प्रमुख केंद्र स्थिपित करने का निर्णय लिया है। यह केंद्र न केवल शिक्षा एवं प्रशिक्षण का हब होगा, बल्कि शोध, नवाचार और डिजिटल शिक्षा का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया और आपदा राहत के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु विश्वविद्यसलय की ओर से 01 लाख 49 हजार का चेक मुख्यमंत्री को प्रदान किया।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, कुलसचिव उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय खेमराज भट्ट और विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

रेत मिश्रित नमक की गुणवत्ता जांचने निर्माता के कारखाने का दौरा करेंगे अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रेत मिश्रित नमक से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल नमूना लेकर जाँच करने के दिये गये निर्देशों के क्रम में आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति चन्द्रेश कुमार द्वारा “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना“ के अंतर्गत वितरित होने वाले आयोडाईज्ड नमक की गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट किया है कि प्रदेश में “मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना“ माह जून 2024 से प्रचलित है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड धारकों को 01 कि० ग्रा० आयोडाईज्ड नमक 08 रु० प्रति कि०ग्रा० प्रति माह वितरित किया जा रहा है। आयोडाईज्ड नमक वितरण का कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा नामित संस्था भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित एन०सी०सी०एफ० को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि आयोडाईज्ड नमक कार्डधारकों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ उपलब्ध हो सके इसके लिए विभाग द्वारा आयोडाईज्ड नमक की आपूर्ति के लिये अपनी नोडल एजेन्सी भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित एन०सी०सी०एफ० से गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया। एन०सी०सी०एफ० ने रक्षा खाद्य एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, मैसूर (खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा विश्लेषण में विशेषज्ञता वाली एक प्रमुख प्रयोगशाला) से नमक की गुणवत्ता की पुष्टि करने वाली रिपोर्ट साझा की। इसके अलावा विभाग को एनएबीएल मान्यता प्राप्त और एफएसएसएआई अनुमोदित प्रयोगशाला आईटीसी लैब्स से भी परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिन्होंने भी पुष्टि की कि सभी मानदंड और परिणाम एफएसएसएआई मानदंडों के अनुरूप है।

विभाग द्वारा आयोडीन युक्त नमक के नमूने राज्य खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर को भेजे गये और औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रुद्रपुर के परिणाम दिनांक-19.08.2025 के द्वारा वितरित किया जा रहा नमक अच्छी गुणवत्ता की पुष्टि होना पाया गया। उपरोक्त के आधार पर सभी परीक्षण परिणाम पुनः पुष्टि करते हैं कि आपूर्ति किया जा रहा रिफाइंड आयोडीन युक्त नमक अच्छी गुणवत्ता का है और एफएसएसएआई के मानकों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।

आयुक्त चन्द्रेश कुमार ने बताया कि आयोडाईज्ड नमक की उपलब्धता एवं वितरण के सम्बन्ध में पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पूरी निर्माण प्रक्रिया और अपनाए जा रहे गुणवत्ता नियंत्रण उपायों की समीक्षा के लिए जल्द ही (इस मानसून के बाद) निर्माता के कारखाने का दौरा करने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा, आपूर्ति किए गए नमक की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा नियमित अंतराल पर प्रयोगशाला में नमक के नमूनों की नियमित जाँच करायी जायेगी। उपरोक्तानुसार खाद्य विभाग द्वारा वर्तमान में पूर्ण गुणवत्ता का आयोडाईज्ड नमक का वितरण किया जा रहा है।

13 महिलाओं को तीलू रौतेली और 33 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मिला उत्कृष्ट सेवा कार्य सम्मान

सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्त्री शक्ति, तीलू रौतेली एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 33 आंगनवाड़ी कार्यकर्तात्रियों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीरांगना तीलू रौतेली को नमन करते हुए कहा कि, तीलू रौतेली ने महज 15 वर्ष की उम्र में अपने रण कौशल से विरोधियों को परास्त किया। जिस उम्र में बच्चे खेलना, कूदना और पढ़ना सीखतें हैं, उसी उम्र में तीलू रौतेली ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। इसलिए वीरांगना तीलू रौतेली को उत्तराखंड की झांसी की रानी कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “नारी तू नारायणी“ के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहे है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की बात हो या बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना, केंद्र सरकार हर तरह से महिलाओं को सशक्त बना रही है, इसी तरह ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करके भी प्रधानमंत्री मोदी ने देश की महिलाओं को सामाजिक तौर पर मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने जहां महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। वहीं महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए देश में सर्वप्रथम “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना“ और “उद्यमिता विकास कार्यक्रम“ जैसी योजनाओं के माध्यम से भी मातृशक्ति को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से तीलू रौतेली पुरस्कार राशि 31 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार धनराशि 21 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के शुरुआती चरण के विकास में आंगनवाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्रामीण इलाकों में माता-पिता के बाद बच्चों को संस्कार और प्रारंभिक शिक्षा देने की शुरुआत आंगनवाड़ी केंद्रों से ही होती है। उनके दोनों बच्चों ने भी अपनी प्रारंभिक शिक्षा और संस्कार आंगनवाड़ी से ही प्राप्त किए हैं। इसलिए राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी बहनों और सहायिकाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके मानदेय में वृद्धि की है। पहले जहां आंगनवाड़ी बहनों को 7500 रुपए का मानदेय मिलता था, उन्हें अब 9300 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह अब मिनी आंगनवाड़ी को 4500 के बजाय 6250 और सहायिकाओं को 3550 के बजाय 5250 रुपए का मानदेय मिलता है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइज़र के पद पर पदोन्नति दिए जाने का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे भी महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी शक्ति, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य की महिलाओं के पास क्षमता और योग्यता की कमी नहीं है। महिला स्वयं सहायता समूहों के बनाए हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद, बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी मात दे रहे हैं। इसलिए वो हमेशा महिला समूहों को प्रोत्साहन देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से कहा था कि, 21वीं शताब्दी का तीसरा दशक, उत्तराखंड के नाम होने जा रहे हैं, इस क्रांति में महिला समूहों की अहम भूमिका होने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे यह कार्यक्रम पहले आठ अगस्त को आयोजित होना था, लेकिन आपदा के कारण तब आयोजन संभव नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय आपदाओं से घिरा हुआ है, सरकार आपदा प्रभावितों तक हर संभव तरीके से पहुंचने का प्रयास कर रही है, इस काम में केंद्र सरकार का भी सहयोग मिल रहा है।

इस मौके पर विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। आगंनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का एतिहासिक कार्य भी धामी सरकार ने किया। आयोजन में विधायक खजान दास, सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

इन्हें मिला तीलू रौतेली पुरस्कार
अल्मोडा से मीता उपाध्याय, बागेश्वर से अलिशा मनराल, चमोली से सुरभि, चम्पावत से अनामिका बिष्ट, देहरादून से शिवानी गुप्ता, हरिद्वार से रूमा देवी, नैनीताल से नैना, पौड़ी गढ़वाल से रोशमा देवी, पिथौरागढ से रेखा भट्ट, रूद्रप्रयाग से हेमा नेगी करासी, टिहरी गढवाल से साक्षी चौहान, ऊधमसिंह नगर से रेखा और उत्तरकाशी से विजयलक्ष्मी जोशी।

मुख्यमंत्री ने दी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढाये जाने की स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जनवरी, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 455 प्रतिशत से बढ़ाकर 466 प्रतिशत किये जाने तथा छठवें केन्द्रीय वेतनमान में वेतन आहरित कर रहे सार्वजनिक निकाय/उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए दिनांक 01 जनवरी, 2025 से मंहगाई भत्ते की मौजूदा दर को 246 प्रतिशत से बढ़ाकर 252 प्रतिशत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन जिला कारागार, पिथौरागढ़ में अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 417.72 लाख एवं उपकारागार, रुड़की में नवीन अतिरिक्त आवासीय भवनों के निर्माण कार्य हेतु 251.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र धारचूला में रालम के अन्तर्गत स्थान किलातम में चौकडाम का निर्माण किये जाने हेतु 95.49 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत, 57.294 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत हेतु हनुमान मंदिर मेला स्थल, लधौली, ऐडी मेला स्थल, कालूखाण एवं फुटलिंग कालूखाण के सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु 81.50 लाख की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में 60 प्रतिशत, 48.90 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

भारी बारिश के बीच ट्रैक्टर से लक्सर पहुंचे सीएम, आपदा प्रभावितों से मिले

राज्य में जारी भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के चलते उत्पन्न संकट की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज सबसे पहले हरिद्वार जिले के लक्सर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे। कठिन परिस्थितियों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर के माध्यम से ग्रामीण और जलमग्न क्षेत्रों तक पहुँच कर स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर उपस्थित जिला प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा, आवास, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है। हम हर संभव सहायता उपलब्ध कराएँगे और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार को सरकार की ओर से यथासंभव सहायता प्रदान की जाएगी।“

मुख्यमंत्री द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने लक्सर हरिद्वार के गावों में जाकर जलभराव, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटे हुए पुल एवं जल से घिरे घरों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों से बातचीत करते हुए उनकी ज़रूरतों की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत शिविरों की पर्याप्त व्यवस्था और उनमें समुचित भोजन, पानी, दवाइयाँ एवं साफ-सफाई की व्यवस्था हो। जिन परिवारों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए। किसानों को हुई फसल क्षति का त्वरित आंकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सा सुविधाएं दी जाएं।

मुख्यमंत्री धामी के इस दौरे से स्थानीय जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है और लोगों ने संकट की इस घड़ी में सरकार द्वारा दिखाई जा रही तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की। इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार, अन्य जिला प्रशासन के अधिकारी व स्थानीय लोग मौजूद रहे।