सीएस ने दिए सैनिक कल्याण द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान विभागों को आउटकम इंडिकेटर्स निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों ने अपने कार्य क्षेत्र में विगत वर्षों के सापेक्ष कितना बढ़ोत्तरी की है, इसे आउटकम इंडिकेटर्स में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे विभागीय योजनाओं का मूल्यांकन भी हो सकेगा और विभाग किस दिशा में जा रहा है इसकी भी जानकारी मिलेगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि ‘‘की आउटकम इंडिकेटर’’ (केओआई) निर्धारित करने में इन बातों का ध्यान रखा जाए कि विभान द्वारा संचालित योजनाओं का क्या आउटकम रहा, इसका आंकलन हो सके। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग अपना आउटकम इंडिकेटर यह रखे कि उन्होंने प्रदेश की कितने प्रतिशत खेती योग्य भूमि को वर्षा आधारित सिंचाई को निश्चित सिंचाई में परिवर्तित किया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित किसी योजना से पर्यटकों के औसत फुटफॉल में कितना बढ़ोत्तरी हुई है, या पर्यटकों की संख्या, पर्वतारोहियों और ट्रैकिंग करने वालों की संख्या आदि गतिविधियों में कितने प्रतिशत ग्रोथ प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के तहत् उत्पादकता कितनी बढ़ी है, या एफपीओ का क्रेडिट फ्लो कितना बढ़ा है, इस पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा गुणवत्ता में सुधार, क्षमता का उपयोग और आय में बढ़ोत्तरी को शामिल किया जा सकता है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को विभाग द्वारा दी जाने वाली प्री रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग को बढ़ाये जाने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्रीधर बाबू अद्दांकी, धीरज सिंह गर्ब्याल, डॉ. रणवीर सिंह चौहान, एपीसीसीएफ कपिल लाल, डीजी होमगार्ड डॉ. पी.वी.के. प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

तकनीकी युग में आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय, देहरादून में राज्य स्तरीय दिशा समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। बैठक में कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं खेल से जुड़ी योजनाओं की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग शीघ्र इसका लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और विभागों के बीच आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बल दिया कि राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए लगातार ठोस और सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी युग में योजनाओं की निगरानी और सफल संचालन हेतु आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचनाओं की त्वरित उपलब्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से योजना क्रियान्वयन की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए सभी विभागों द्वारा समन्वित प्रयास करना आवश्यक है।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा आधारित पंपों की स्थापना की गति तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को न केवल सिंचाई के साधन सुलभ होंगे बल्कि सौर ऊर्जा के उपयोग से दीर्घकालिक रूप से ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी प्राप्त होगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष गांवों को शीघ्र सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है, और राज्य के दुर्गम इलाकों में निवास कर रहे लोगों की सुविधाओं तथा आर्थिक अवसरों के विस्तार के लिए यह आवश्यक है।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों की प्रगति की भी गहनता से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता योजनाओं को और प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि राज्य के हर नागरिक के जीवन स्तर में सार्थक सुधार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए शासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर योजनाओं की प्रगति साझा करें और लोगों को इनसे अधिकाधिक लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता जनता की सुविधा और सुख-सुविधा है, और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता से कार्य करना होगा।

बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, विधायकगण सहदेव सिंह पुण्डीर, रेनू बिष्ट, सुरेश गढ़िया, शक्तिलाल शाह, हरीश धामी एवं मनोज तिवारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव राधिका झा, नितेश झा, बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, एस.एन. पांडेय, आर. राजेश कुमार, धीराज गर्ब्याल, श्रीधर बाबू अद्दांकी, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी बैठक में सम्मिलित हुए।

गर्वनर और सीएम की मौजूदगी में राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के बीच हुआ समझौता

राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम आयोजित हुआ।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘सहकारिता में सहकार’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में भारतीय सहकारी समिति लिमिटेड और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के मध्य समझौता ज्ञापन हुआ। इस समझौते ज्ञापन के माध्यम से न केवल बीज उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी बल्कि राज्य सहकारी समितियों और किसानों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। दूसरा समझौता ज्ञापन राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ के बीच हुआ जो राज्य के कृषि उत्पादकों सहकारी समितियों और किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

इस दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दो नवीन योजनाओं, उत्तराखण्ड राज्य सहकारी बैंक की ऋण नीति एवं वाणिज्यिक अचल संपत्ति- आवासीय गृह ऋण नीति का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जसपुर की फीकापार एमपैक्स को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। राज्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला सहकारी बैंक लि0 मुख्य शाखा देहरादून को भी सम्मानित किया गया। साथ ही दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को चेक वितरण भी किए गए।

राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का आंदोलन है। इसमें सभी का लाभ, सभी की भागीदारी और सभी की जिम्मेदारी निहित रहती है। भारतीय संस्कृति की इस धरा पर सहकारिता कोई नई अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन दर्शन का अभिन्न अंग है। सहकारिता एक ऐसी क्रांति है, जो हमें सामाजिक-आर्थिक समृद्धि की दहलीज तक ले आई है और मुझे विश्वास है कि यह क्रांति बहुत शीघ्र साकार होगी।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ का भाव सहकारिता की आत्मा है। इसका अर्थ है- सम्पूर्ण विश्व को परिवार मानकर सभी के हित में काम करना। आज जब संयुक्त राष्ट्र ने 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है, तब यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारतीय परंपराएँ इस वैश्विक दृष्टिकोण की आधारशिला रही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे ‘महिला स्वयं सहायता समूह’ न केवल परिवार की आर्थिक रीढ़ बने हैं, बल्कि उद्यमिता में भी नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। युवा भी अब स्टार्टअप, ऑर्गेनिक उत्पाद मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर सहकारिता आंदोलन को आधुनिक स्वरूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सहकारी समितियाँ सेना, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों को खाद्यान्न, डेयरी और अन्य आवश्यक वस्तुएँ आपूर्ति कर रही हैं। यह न केवल राज्य की सहकारिता की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि राष्ट्रीय सेवा में योगदान का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सहकारिता, मानव समाज का सबसे पुराना और कीमती सिद्धांत है। सहकारिता केवल संगठनात्मक व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल उद्देश्य स्पर्धा नहीं अपितु आपसी सहयोग की भावना से आगे बढ़ना है। इसका उद्देश्य एक-दूसरे को स्वावलंबी और सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा देश में बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण के कार्य की शुरुआत उत्तराखण्ड से हुई है। प्रदेश की सभी 671 सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं। 640 समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। 13 जिलों की कुल 5511 समितियों में से 3838 समितियों का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड कर दिया गया है। जिससे पारदर्शिता आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फरवरी 2023 से अब तक 800 पैक्स, 248 नई डेयरी समितियाँ और 116 मत्स्य समितियाँ गठित की हैं। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अंतर्गत किसानों को 5 लाख रुपए तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की जमापूंजी है, जो इन संस्थाओं के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। उन्होंने कहा प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनों ने ‘लखपति दीदी’ बनकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में भारत में वैश्विक सहकारी सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री ने सहकारिता को भारत के लिए संस्कृति का आधार और जीवन पद्धति बताया था। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने सहकार से समृद्धि को साकार करने के लिए अलग सहकारिता मंत्रालय गठन किया। उन्होंने कहा केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ऋण शून्य ब्याज पर प्रदान करने की योजना प्रारंभ की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 2 लाख लखपति दीदी बनी हैं, जिन्हें वर्ष 2026 तक 4 लाख तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। डॉ. रावत ने कहा कि यह देश का पहला राज्य है जिसने सहकारिता में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।

निदेशक सहकारिता (केंद्र सरकार) कपिल मीणा ने केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। सचिव सहकारिता डॉ. बी.वी.आर सी पुरुषोत्तम ने राज्य सहकारिता विभाग की योजनाओं और कार्यों के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती एवं मंगला प्रसाद त्रिपाठी, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल सहित सहकारिता विभाग एवं सहकारी बैंकों के अन्य अधिकारीगण तथा विभिन्न जिलों से आयी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और अन्य लोग उपस्थित।

स्वच्छोत्सव 2025 का शुभारंभ कर सीएम ने स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज स्वच्छ उत्सवः 2025 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ भी प्रदान कीं।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया और सभी प्रदेशवासियों से स्वच्छता की मुहिम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदेश भर में सेवा स्वच्छता से संबंधित नियमित कार्यक्रम किए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित भी किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वच्छता की शपथ दिलाई और पौधारोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्वच्छता रथ का फ्लैग ऑफ किया और पर्यावरण मित्रों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता आंदोलन ने देश को नए आयाम प्रदान किए हैं। स्वच्छ उत्सव-2025 भी इसी दिशा में एक संकल्प, एक आंदोलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ व स्वच्छ भविष्य का वचन है। उन्होंने कहा कि ‘‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’’ के सपने को साकार करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा हाल ही में राष्ट्रीय वायु कार्यक्रम के तहत घोषित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नगर निगम देहरादून को देश में 19वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता रैंकिंग में भी नगर निगम देहरादून ने इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। अब तक राज्य में छह लाख से अधिक शौचालय रहित परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया है।

नगर निगम देहरादून ने सफाई से सम्बन्धित समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की है।कूड़ा उठान, सीसीटीवी निगरानी और नियमित सफाई व्यवस्था से शहर को बेहतर दिशा दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हमारे संस्कार और जीवनशैली का हिस्सा है। उन्होंने सभी नागरिकों का आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, गाँव और शहर को साफ-सुथरा रखने को अपनी जिम्मेदारी समझें। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान का उल्लेख किया और कहा कि पौधारोपण जीवन की गुणवत्ता सुधारने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का साधन है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, सुरेश गड़िया, सचिव नीतेश झा, नगर आयुक्त नमामि बंसल और अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से आरबीआई गवर्नर ने की शिष्टाचार भेंट

आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में शिष्टाचार भेंट की। यह भेंटवार्ता राज्य के आर्थिक परिदृश्य, वित्तीय समावेशन तथा उत्तराखंड में बैंकिंग सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रही।

मुख्यमंत्री धामी ने आरबीआई गवर्नर का उत्तराखंड आगमन पर हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि देश की वित्तीय संस्था के प्रमुख से मुलाकात राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और डिजिटलीकरण को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने मल्होत्रा से उत्तराखंड के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल भुगतान प्रणाली के प्रसार, और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आरबीआई के सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि ऐसे क्षेत्रों में भी बैंकिंग सेवाएं सुलभ हों जहाँ अभी भी पहुँच की कमी है, जिससे जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “डिजिटल इंडिया” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने हाल के वर्षों में डिजिटल लेनदेन, क्ठज् (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) और सरकारी सेवाओं के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्धता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने उत्तराखंड सरकार द्वारा वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, और सुशासन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक राज्य के वित्तीय विकास और बैंकिंग आधार के विस्तार में हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आरबीआई की ओर से उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र को वित्तीय सहायता की सुविधा भी अधिक सुलभ बनाने पर विचार किया जाएगा।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा बैठक के लिये पीएम कल पहुंचेंगे उत्तराखंड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण एवं समीक्षा बैठक के लिए पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचकर प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है, यही कारण है कि आपदा के इस कठिन समय में हमें निरंतर उनका सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहा है। प्रधानमंत्री के आगमन से उत्तराखंड में आपदा राहत कार्यों को और बल मिलेगा।

सीएम ने प्रबुद्धजन सम्मेलन में दी राज्य सरकार की उपलब्धियां एवं विकास योजनाओं की दी जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज काशीपुर में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में प्रतिभाग कर जनसंवाद के माध्यम से समाज के विविध क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद स्थापित किया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

कार्यक्रम में जनपद के डॉक्टर्स, इंजीनियर, शिक्षाविद, अधिवक्ता, उद्यमी व व्यापारीगण, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनपद व राज्य के सभी प्रबुद्धजन प्रधानमंत्री के “विकसित भारत/2047” के संकल्प को साकार करने वाले अग्रदूत हैं। आज प्रबुद्धजनों के साथ किया गया सार्थक संवाद उत्तराखंड के विकास के हमारे सामूहिक संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति के साथ भारत विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज भारत में न केवल निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक परिवर्तन आया है। मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और इस संकल्प को साकार करने के लिए आज योजनाबद्ध तरीके से कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। यही नहीं, आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम खड़ा करने वाला देश बन चुका है। आज हमारे स्टार्टअप्स ग्लोबल इनोवेशन में अपनी पहचान बना रहे हैं। डिजिटल इंडिया ने आम नागरिक तक तकनीक को पहुँचाया है और आत्मनिर्भर भारत के अभियान ने देश को उत्पादन और विनिर्माण का हब बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। विश्व के बड़े बड़े देश ये देखकर अचंभित हैं कि भारत में सब्जी की एक छोटी सी दुकान लगाने वाली महिला भी यूपीआई के ज़रिए मोबाइल से पेमेंट का लेनदेन कर रही है। आज देश के 55 करोड़ से अधिक लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर विश्व की एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। चाहे रक्षा, विज्ञान और तकनीकी का क्षेत्र हो, या कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा का क्षेत्र हो, चाहे देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो, अंतरिक्ष के क्षेत्र से जुड़ी महान उपलब्धियां हो, या वैश्विक स्तर के सम्मेलनों की सफल मेजबानी हो, आज भारत प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर विश्व पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आज हमारी बढ़ती शक्ति ने कुछ देशों को चिंता में डाल दिया है इसलिए वो हमारे बढ़ते कदमों को रोकने के असफल प्रयास कर रहे हैं। जो देश पहले भारत को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में देखा करते थे, आज वही देश भारत के उद्योग, प्रौद्योगिकी और नवाचार की क्षमता को चुनौती के रूप में देखने लगे हैं। क्योंकि भारत अब केवल उत्पादों को आयात करने वाला देश नहीं रहा, भारत अब निर्यात, विनिर्माण और तकनीकी फील्ड सहित विभिन्न क्षेत्रों में विश्व का अग्रणी राष्ट्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे नागरिकों ने अपने संकल्प, सामर्थ्य और नवाचार से ये सिद्ध कर दिया है कि कोई भी शक्ति हमारे विकास के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। हाल ही में आए पहली तिमाही के आँकड़ों से ये स्पष्ट हो गया है कि भारत वास्तव में दुनिया का सबसे तेज ग्रोथ इंजन है। रिज़र्व बैंक और आईएमएफ ने भी इस तिमाही में देश की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत ही लगाया था, लेकिन एनएसओ द्वारा जारी आँकड़ों से ये सिद्ध हुआ है कि भारत की जीडीपी 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। ये इस बात का प्रमाण है कि अब बुलंद भारत के बढ़ते हौसले को कोई शक्ति रोक नहीं सकती।

जीएसटी की दरों में कमी के लिए प्रधानमंत्री का आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा जीएसटी की दरों में की गई कमी भी निश्चित रूप से उद्योग जगत एवं व्यापारियों के साथ साथ देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सुखद साबित हुई है। इसके लिए मैं, प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री का हृदयतल से आभार व्यक्त करता हूँ।

राज्य में विकास और समृद्धि के नए आयाम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारा राज्य भी विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। जहां एक ओर, राज्य के शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, हम राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी निरंतर प्रयासरत हैं। हमारी सरकार राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है द्य हमारी सरकार ने वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन कर 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौते किए। ये हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है कि हमें इनमें से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त हुई है। हमने राज्य में निवेशक केंद्रित नीतियों, बुनियादी ढांचे, कुशल जनशक्ति और सुशासन के द्वारा स्वस्थ निवेश वातावरण की उपलब्धता सुनिश्चित की है।

उत्तराखंड बना निवेशकों की पहली पसंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में मैनुफ़ैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए अलग-अलग विभागों से विभिन्न प्रकार की स्वीकृतियां लेनी पड़ती थी जिसमें बहुत समय लगता था। इस समस्या के समाधान के लिए हमने जहां एक ओर उद्योगों की लाइसेंसिंग प्रोसेस को आसान करते हुए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था में सुधार किया, वहीं औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और डैडम् नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लाकर राज्य में उद्योगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया। इसके साथ ही, विनिर्माण क्षेत्र में बड़े उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए हमारी सरकार ने राज्य में मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी भी लागू की है। इसके अलावा जहां हम स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 60 करोड़ रुपए की लागत से विश्वस्तरीय यू-हब की स्थापना कर रहे हैंद्य इन्हें आसानी से फंड उपलब्ध कराने हेतु 200 करोड़ रुपए के वेंचर फंड की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिये यूके-स्पाईस नाम से निवेश प्रोत्साहन एजेंसी स्थापित कर निवेशकों को समर्पित निवेश मित्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। हमने जहां एक ओर काशीपुर में अरोमा पार्क, सितारगंज में प्लास्टिक पार्क, काशीपुर में इलैक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, पंतनगर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना की है, वहीं, एम.एस.एम.ई. क्षेत्र के उद्यमियों को प्लग एंड प्ले मॉडल पर उद्यम स्थापना हेतु सिडकुल द्वारा रुद्रपुर, सेलाकुई और हरिद्वार में कम लागत वाली फ्लैटेड फैक्ट्रियाँ भी तैयार की जा रही हैं। इतना ही नहीं, हम किच्छा फार्म में हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन का कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से हमने स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया है, जबकि हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड ने हमारे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने का काम किया है। इसके अलावा, श्स्टेट मिलेट मिशनश्, श्फार्म मशीनरी बैंकश्, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से हम अपनी स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों के बावजूद हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की और नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है। ये हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में हमारे उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। इसके साथ ही, हमने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

राज्य सरकार के ऐतिहासिक निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य हित में कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था। हमने जहां एक ओर देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। वहीं, देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून भी लागू किया है, जिसके परिणाम स्वरुप उत्तराखंड में पिछले साढ़े 3 वर्षाे में लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।

राज्य की डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। इसी संकल्प के साथ, हमने जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया है, वहीं लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। हमने प्रदेश में ’’लैंड जिहाद’’ पर कड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही करीब 250 अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाया है। इतना ही नहीं, हाल ही में हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा द्यइसके अतिरिक्त, हमारी सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ’’ऑपरेशन कालनेमि’’ के माध्यम से सख्त कार्रवाई कर रही है।

सरकार की भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध श्जीरो टॉलरेंसश् की नीति के अंतर्गत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। हमने प्रदेश के इतिहास में पहली बार,आईएएस और पीसीएस स्तर के अधिकारियों सहित बीते तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है।

मुख्यमंत्री का स्वदेशी अपनाने का आग्रह
इस अवसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आग्रह किया कि सभी प्रदेशवासी प्रधानमंत्री के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें। हमारे देश में एक पेन की निब से लेकर अंतरिक्ष यान तक, सब कुछ स्वदेशी रूप से बनाने की क्षमता है। हमें अब संकल्पित होकर प्रत्येक वस्तु खरीदने से पहले ये देखना होगा कि वो स्वदेशी है या विदेशी। यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो हमारा ये कदम न केवल हमारे कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोड़ा, महापौर काशीपुर दीपक बाली सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन व स्थानीय जनता मौजूद रही।

सीएम का बरसात के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने और चारधाम यात्रा को सुचारु कराने पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तथा वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, पुनर्निर्माण कार्यों, पर्यटन एवं जनसुविधाओं से संबंधित व्यापक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता जनता को त्वरित राहत, सुरक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बरसात समाप्त होते ही मरम्मत और पुनर्निर्माण के कार्यों हेतु प्रशासनिक मशीनरी एक्टिव मोड में कार्यरत रहे। वर्षा काल तक राहत सामग्री एवं ड्राई राशन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। आपदा प्रभावितों के ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए। फसलों, पेयजल लाइन एवं सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान का त्वरित आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाए। नदी-नालों के पास निर्माण की अनुमति पर प्रतिबंध सख्ती से लागू किया जाए। प्रतिबंधों का अनुपालन न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों को मानकानुसार त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करें और विभिन्न व्यवस्थाओं का आकलन करें। डेंगू, मलेरिया और अन्य जल जनित रोगों से बचाव के लिए अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में स्वास्थ्य विभाग की शीघ्र बैठक करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अनधिकृत आधार कार्ड, वोटर आईडी और कनेक्शन जारी करने वालों पर नियमित कार्रवाई की जाए। बाहरी व्यक्तियों व संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए।सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग और सख्ती बढ़ाई जाए तथा संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। गौवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के बाद पुनर्निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों में तेजी लाई जाए। सरकारी निर्माण कार्यों में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता दी जाए। गांवों और शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि मानसून के बाद चारधाम यात्रा सतर्कता के साथ सुचारू रूप से संचालित हो। श्रद्धालुओं को खराब मौसम की जानकारी समय पर मिल जाए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद की मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं चालू कार्यों की रिपोर्ट 15 दिनों में मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए। ग्राम स्तर पर चौपाल कार्यक्रम, जिलास्तरीय जनसुनवाई, तहसील दिवस, बीडीसी की बैठकों एवं बहुउद्देशीय शिविरों का नियमित आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से गांधी जयंती तक सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम की विस्तृत तैयारी की जाए। सेवा, स्वच्छता और जनसुविधा की थीम पर कार्य किए जाएं। जनपदों में नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के साथ प्रत्येक सप्ताह एक दिन स्वच्छता कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वयं प्रतिभाग करें। क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द सुचारु करने के साथ ही अभियान के तहत सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 1905 सीएम हेल्पलाइन और 1064 एंटी करप्शन कैंपेन की कार्यवाही निरंतर जारी रहे। आपदा की चुनौतियों से पार पाने के लिए डिजास्टर वालंटियर, संकट मोचन दल एवं जनपद स्तर पर मॉक ड्रिल कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार के तहत प्रदान किए जा रहे विभिन्न प्रमाण पत्रों को आवेदनकर्ता जिस भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) में मांगते हैं, उसी भाषा में उपलब्ध कराया जाए। नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री की प्रक्रिया में सम्मिलित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड की आपदा राहत हेतु राजस्थान सरकार ने 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए, राजस्थान सरकार ने उत्तराखंड सरकार को 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। यह सहायता राशि राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत और पुनर्वास कार्यों में उपयोग की जाएगी।

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे एक पत्र में इस दुखद परिस्थिति पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि, “इस प्राकृतिक आपदा के कठिन समय में हम उत्तराखंड के लोगों की पीड़ा को अपनी ही पीड़ा मानते हैं।“

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजस्थान के निवासी इस संकट की घड़ी में उत्तराखंड के भाइयों-बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का आभार व्यक्त किया है।

सौरभांचल तीर्थ और जीवन आशा अस्पताल उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा के उदाहरणः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित जैन समाज सम्मेलन में प्रतिभाग किया और जैन धर्म गुरुओं का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आचार्य सौरभ सागर मुनि महाराज का जीवन संयम, त्याग और अहिंसा के अद्वितीय आदर्शों का प्रतीक है। सौरभांचल तीर्थ और जीवन आशा अस्पताल उनके दूरदर्शी नेतृत्व और करुणा के उदाहरण हैं, जो समाज को धर्म और सेवा के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म ने दुनिया को संदेश दिया है कि अहिंसा ही वीरता का धर्म है। जैन समाज ने केवल अहिंसा का ही नहीं बल्कि संगठन और सामाजिक एकता का भी अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए संकल्पबद्ध है और इसी क्रम में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है जिसने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ लागू की है। इसके साथ ही नकल विरोधी कानून के बाद से से 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की डेमोग्राफी संरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से धर्मांतरण विरोधी एवं दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। प्रदेश में 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। सनातन मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन कल्याण बोर्ड के गठन के संबंध में प्राप्त सुझाव पर सरकार गंभीरतापूर्वक विचार करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जैन समाज आगे भी उत्तराखंड के समग्र विकास में सहयोग देता रहेगा।

कार्यक्रम में रविंद्र मुनि जी महाराज, राजेश मुनि महाराज, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, पदमश्री डॉ. आर.के. जैन एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।