उत्तराखंड में शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने को सेतु आयोग ने सौंपी मुख्यमंत्री को रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सचिवालय में सेतु आयोग ने नगर निकायों के सशक्तिकरण की दिशा में गहन विश्लेषण आधारित रिपोर्ट सौंपी। सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने रिपोर्ट सौंपते हुए कहा कि नगर निगम और निकायों को स्वावलंबी और सशक्त बनाने, प्रदेश के शहरी विकास और नगरों की समस्याओं को सुधारने की दिशा में सुझाव दिये गये हैं। रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु निकायों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय स्वायत्तता और राजस्व जुटाने की क्षमता बढ़ाना और भारतीय संविधान की 12वीं अनुसूची में शामिल 18 कार्यों (जैसे जल आपूर्ति, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शहरी नियोजन) को निकायों को हस्तांतरित करना है।

रिपोर्ट में तकनीकी नवाचार के लिए स्मार्ट गवर्नेंस, जीआईएस मैपिंग और डेटा-आधारित निर्णय लेने को बढ़ावा देना है। निकायों के कर्मचारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। रिपोर्ट में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उड़ीसा आदि राज्यों में इस दिशा में किए गए सुधारों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई है। देश के सफल शहरी निकायों के मॉडलों को उत्तराखंड की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी रूप से ढ़ाले जाने के लिए भी सुझाव दिये गये हैं। रिपोर्ट में आपदा-रोधी योजना, भूस्खलन प्रबंध नियोजन में आम लोगों की राय को प्राथमिकता देने का भी जिक्र किया गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सेतु आयोग सीईओ शत्रुघ्न सिंह, सचिव शहरी विकास सचिव नितेश झा, राधिका झा, चंद्रेश यादव, सेतु आयोग से डॉ. भावना शिंदे, डॉ. प्रिया भारद्वाज, अंकित कुमार एवं शहजाद अहमद मलिक उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री गडकरी व सीएम धामी ने ग्राफिक एरा के पीएचडी धारकों को प्रदान की डिग्रीयां

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में किया प्रतिभाग।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधियां और डिग्रियां प्रदान की गई। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी दीक्षांत समारोह में ‘‘डॉक्टरेट ऑफ साइंस’’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देहरादून में जाम की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने पर सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन विद्यार्थियों के परिश्रम, समर्पण और संकल्प का प्रमाण है। यह डिग्री शैक्षणिक उपाधि के साथ एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के पास विश्व में सबसे ज्यादा युवा, प्रतिभावान और कौशल से परिपूर्ण मानव संसाधन है। विदेशों में हमारी युवा प्रतिभाओं का बोलबाला है। यह प्रतिभाशाली युवा हमारे देश के लिए वेल्थ क्रिएटर भी हैं, लिहाजा हमारी धारणा नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को सपने देखने के साथ पूरा करने का साहस भी रखना होगा। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर जुटे रहना जरूरी है। उन्होंने कहा विश्वसनीयता, ईमानदारी, और अच्छा करने की चाहत ही आपको आगे ले जा सकती है। सीखने की चाहत अनवरत रूप से बढ़ती रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ब्रिज, टनल, सड़क, हाइवे जैसे निर्माण के क्षेत्र में बीते सालों में कई कीर्तिमान स्थापित किये गये हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, निरंतर ग्रीन एनर्जी पर कार्य कर रही है। हाइड्रोजन गैस हमारे भविष्य का ईंधन है। ऑर्गेनिक म्युनिसिपल वेस्ट से हाइड्रोजन बनाने का कार्य किया जा रहा है, जो बहुत सस्ता विकल्प है। उन्होंने कहा वो स्वयं हाइड्रोजन गैस पर चलने वाली गाड़ी का इस्तेमाल करते है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत, युवाओं, शोधकताओं और स्टार्टअप का देश है। दुनिया की टॉप कंपनियों में भारतीय मूल के सीईओ हैं, यह भारत की शक्ति और प्रतिभा को दर्शाता है। उन्होंने कहा हमें डोमेस्टिक हैप्पीनेस इंडेक्स को बढ़ाने पर भी कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का विश्वकर्मा बताया। उन्होंने कहा कि गडकरी के नेतृत्व में देशभर में तेजी से विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, ग्रीन कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और सड़कों का विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग विकसित भारत के निर्माण में करें।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। नई शिक्षा नीति को लागू कर प्रदेश के विश्वविद्यालय और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी, अल्मोड़ा में सांइस सेंटर का निर्माण कर साइंटिफिक रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का विजन युवाओं को फ्यूचर-रेडी बनाना है। स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। जिसके फलस्वरूप इन 3 वर्षों में राज्य में 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, ग्राफिक एरा के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला, कुलाधिपति एवं सदस्य नीति आयोग डॉ. वी के सारस्वत, कुलपति प्रो. नरपिंदर सिंह मौजूद रहे।

नगर निगम हरिद्वार भूमि घोटाला प्रकरण की होगी विजिलेंस जांच, सीएम धामी ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम हरिद्वार में हुए जमीन घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए, दो आईएएस, एक पीसीएस अधिकारी सहित सात अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं, इस मामले में तीन अधिकारी पूर्व में निलंबित हो चुके हैं, जबकि दो की पूर्व में सेवा समाप्त की जा चुकी है। इस तरह इस प्रकरण में अब तक 10 अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं।

हरिद्वार नगर निगम द्यारा ग्राम सराय में कूड़े के ढेर के पास स्थित अनुपयुक्त 2.3070 हैक्टेयर भूमि को करोड़ों रुपये में खरीदने पर सवाल उठने के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। जिसके बाद सचिव रणवीर सिंह चौहान ने मामले की प्रारंभिक जांच कर, रिपोर्ट 29 मई को ही शासन को सौंपी थी। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने कार्मिक विभाग को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिस पर कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने मंगलवार को सभी सात आरोपित अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, कार्मिक विभाग ने मंगलवार को हरिद्वार नगर निगम के तत्कालीन प्रशासक और मौजूदा डीएम कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, हरिद्वार के तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह, वरिष्ठ वित्त अधिकारी निकिता बिष्ट, वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक विक्की, रजिस्ट्रार कानूनगो राजेश कुमार, हरिद्वार तहसील के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कमलदास को निलंबित कर दिया है।

अब तक हुई कार्रवाई

कर्मेन्द्र सिंह – जिलाधिकारी और तत्कालीन प्रशासक नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
वरुण चौधरी – तत्कालीन नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
अजयवीर सिंह- तत्कालीन, उप जिलाधिकारी हरिद्वार (निलंबित)
निकिता बिष्ट – वरिष्ठ वित्त अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार (निलंबित)
विक्की – वरिष्ठ वैयक्तिक सहायक (निलंबित)
राजेश कुमार – रजिस्ट्रार कानूनगो, तहसील हरिद्वार (निलंबित)
कमलदास – मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, तहसील हरिद्वार (निलंबित)

पूर्व में हो चुकी कार्रवाई

रविंद्र कुमार दयाल- प्रभारी सहायक नगर आयुक्त (सेवा समाप्त)
आनंद सिंह मिश्रवाण- प्रभारी अधिशासी अभियंता (निलंबित)
लक्ष्मी कांत भट्ट्- कर एवं राजस्व अधीक्षक (निलंबित)
दिनेश चंद्र कांडपाल- अवर अभियंता (निलंबित)
वेदपाल- सम्पत्ति लिपिक (सेवा विस्तार समाप्त)

हमारी सरकार ने पहले ही दिन से स्पष्ट किया है कि लोकसेवा में “पद’ नहीं बल्कि ‘कर्तव्य’ और ‘जवाबदेही’ महत्वपूर्ण हैं। चाहे व्यक्ति कितना भी वरिष्ठ हो, अगर वह जनहित और नियमों की अवहेलना करेगा, तो कार्रवाई निश्चित है। हम उत्तराखंड में भ्रष्टाचार मुक्त नई कार्य संस्कृति विकसित करना चाहते हैं। सभी लोक सेवकों को इसके मानकों पर खरा उतरना होगा।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

गत 11 वर्ष भारत के आत्मगौरव, स्वाभिमान और राष्ट्रीयता की भावना के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक कालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “मोदी सरकार के 11 वर्ष-संकल्प से सिद्धि तक” कार्यक्रम में आज मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आगामी 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प के 11 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण करने जा रहे हैं। 11 वर्षों का यह युग परिवर्तनकारी कालखंड भारत के आत्मगौरव, स्वाभिमान और राष्ट्रीयता की भावना के पुनर्जागरण का ऐतिहासिक काल रहा है जिसमें हमारा देश वैश्विक मंच पर एक सशक्त, सक्षम और समर्थ राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से प्रारंभ हुई ये यात्रा भारतीय जनमानस की आकांक्षाओं को यथार्थ में बदलने की यात्रा रही। इस यात्रा में प्रधानमंत्री ने ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ के मूल मंत्र के साथ राष्ट्रप्रथम की भावना को आत्मसात करते हुए राष्ट्र के नव निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। इन 11 वर्षों में प्रधानमंत्री जी ने शासन व्यवस्था को न केवल नई कार्य संस्कृति से समृद्ध किया, बल्कि नीतियों को निर्णायक बनाकर सही नीयत और नतीजों से विकास के नए आयाम स्थापित किए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरगामी सोच और मजबूत नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज भारत जी-20, क्वाड और ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। 2014 से पूर्व भारत का कोई भी बड़ा शहर आतंकवाद के साए से सुरक्षित नहीं था, दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे, जयपुर सहित देश के हर कोने में लगातार आतंकी हमले किए जाते थे। परंतु आज दुश्मन देश के किसी भी आतंकी हमले का मुँहतोड़ जवाब दिया जाता है। जैसे उरी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक से दिया गया, पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक की गई और अब पहलगाम हमले के बाद ‘‘ऑपरेशन सिंदूर’’ के माध्यम से दुश्मन के दांत खट्टे किए द्य आज मोदी सरकार में न केवल भारत की सीमाएं सुरक्षित हुई है बल्कि रक्षा के क्षेत्र में भी देश आत्मनिर्भर बन रहा है। आज भारत 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी रक्षा संसाधनों का इस्तेमाल कर रहा है और 85 से अधिक देशों में रक्षा सामग्री का निर्यात भी कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के लिए ये गर्व का विषय है कि आज भारत 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था बनकर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। आज ‘‘वोकल फॉर लोकल’’, ‘‘मेक इन इंडिया’’, ‘‘स्किल इंडिया’’ और ‘‘स्टार्टअप इंडिया’’ जैसी पहलों के माध्यम से देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश भी बन गया है। बीते 11 वर्षों में देश ने ‘इन्फ्रास्ट्रक्चर रेवोल्यूशन’ का अभूतपूर्व दौर भी देखा है। आज भारत के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क, मेट्रो रेल नेटवर्क, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे और रोड नेटवर्क को देखकर दुनिया का प्रत्येक देश चकित है। इन 11 वर्षों में मोदी के मजबूत नेतृत्व में जहां कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत, नागरिकता संशोधन कानून और वफ़्क़ संशोधन अधिनियम जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। वहीं जीएसटी का क्रियान्वयन, नए संसद भवन का निर्माण कर सेंगोल की स्थापना, भारत मंडपम और प्रधानमंत्री संग्रहालय का निर्माण, नारी शक्ति वंदन अधिनियम व भारतीय न्याय संहिता लागू करने जैसे कई ऐतिहासिक कार्य भी किए गए। आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए शुरू की गई जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी अनेकों जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देश के करोड़ों नागरिकों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में भारत ने कोरोना वैक्सीन के निर्माण सहित चंद्रयान-3, आदित्य स्1, गगनयान मिशन जैसी अभूतपूर्व उपलब्धियों के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज उत्तराखंड में भी विकास की गंगा बह रही है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, केदारनाथ-बद्रीनाथ मास्टर प्लान और भारतमाला- पर्वतमाला जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं इसके कुछ उदाहरण हैं।

इस वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजेय कुमार सभी सांसद, विधायक, समस्त महापौरगण, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि अब होगी 50 लाख, शासनादेश जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रदेश में शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख किये जाने की घोषणा की गई थी। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुपालन से संबंधित शासनादेश सोमवार को जारी कर दिया गया है। सैनिक कल्याण अनुभाग के स्तर से जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के क्रम में यह धनराशि शहीद आश्रितों को 26 जुलाई, 2024 से अनुमन्य की जायेगी। इस प्रकार प्रदेश में अब शहीद सैनिकों के आश्रितों को 50 लाख की अनुग्रह राशि अनुमन्य होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि भी है। हमारे वीर जवानों ने देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों के हित में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। वन रैंक-वन पेंशन, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया गया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी वृद्धि की गई है। बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को राज्य की सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया गया है।

विकसित उत्तराखण्ड बनाने को समाज के अन्तिम छोर के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना होगाः धामी

2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जाएं। विकसित उत्तराखण्ड के लिए ग्राम स्तर से जनपद स्तर तक 2047 तक कैसा स्वरूप होगा, इस दिशा में जिलाधिकारियों द्वारा कार्य किये जाएं। समाज के अन्तिम छोर के लोगों तक पहुंचकर उन्हें जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ ही उनको मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कार्य किये जाएं। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों को दिये।

प्रत्येक जनपद में जनहित में 5-5 नवाचारों पर करें कार्य

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने जनपदों में जनहित से जुड़े 5-5 बैस्ट प्रैक्टिस और नवाचारों पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में सबसे पहले टीबी मुक्त होने वाले तीन जनपदों को पुरस्कृत किया जायेगा। सभी जिलाधिकारियों को नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से 25 जुलाई तक जनपदों में बृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। एक पेड़ माँ के नाम अभियान को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के साथ ही प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। जलस्रोतों के संरक्षण और अमृत सरोवरों की कार्यप्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक जनपद में इसके लिए नोडल अधिकारी बनाये जाएं।

मानसून सीजन के ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून अवधि में राज्य में औसत से अधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसको ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि मानसून शुरू होने से पहले नालों की सफाई हो जाए। मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए पेयजल, विद्युत, सड़कों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पानी की टंकिया स्वच्छ रखी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू, मलेरिया और कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाए। सभी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड में रखा जाए। टोल-फ्री नंबरों को सभी जिलों एवं तहसीलों में सक्रिय किया जाए। जिससे नागरिक आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा रूट पर विशेष सतर्कता एवं सक्रियता बरती जाए। यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।

सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए सभी जिलों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। व्यापक स्तर पर योग शिविरों का आयोजन किया जाए। 15 जून को होने वाले कैंची धाम स्थापना दिवस के अवसर पर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए यातायात व्यवस्था के साथ ही आवश्यकतानुसार अस्थायी पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जाए। वैरिफिकेशन ड्राइव को और अधिक प्रभावी एवं तेज गति से संचालित किया जाए। अवैध रूप से बनाये गये आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के विरूद्ध सख्त अभियान निरंतर जारी रखा जाए। सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सरकारी कार्यालय में 1064 हेल्पलाइन से संबंधित बोर्ड एवं बैनर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किये जाए और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही एक जनपद दो उत्पाद पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। एक जनपद दो उत्पाद पर विशेष ध्यान दिया जाए। सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय उत्पादों का उपयोग किया जाए, इसका पूर्णतः पालन किया जाए। जिलाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा की जाए। सभी जिलाधिकारी अपने जनपदों में लैण्ड बैंक की स्थिति पर विशेष ध्यान दें। वर्षा जल संचय की दिशा में और प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए भी हर प्रकार से सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊँ कमिश्नर दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

देवभूमि का जो मूल अस्तित्व है, वह बचा रहना चाहिएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार पहुँचकर वात्सल्य गंगा आश्रय का लोकार्पण किया तथा श्री कृष्ण कथा में प्रतिभाग करते हुए साधु संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने माँ गंगा की आराधना कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की भी प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साध्वी ऋतम्भरा द्वारा जो प्रकल्प चलाए जा रहे हैं, उनके बारे में जितना कहा जाए उतना ही कम है। उनके नेतृत्व में निराश्रित बेटियों को नव जीवन देने का जो दिव्य कार्य हो रहा है, वह समाज में आशा, करुणा और पुनर्निर्माण का सशक्त प्रतीक है। उनके संकल्प से अनेक बेटियों का जीवन सकारात्मक दिशा में परिवर्तित हुआ है। यह वास्तव में समाज सेवा की प्रेरणादायी मिसाल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से देवभूमि उत्तराखंड में अनेक प्रकार के विकास कार्य हो रहे हैं जिसमें समान नागरिक संहिता प्रमुख है, देवभूमि उत्तराखण्ड से जैसे मां गंगा निकलती है और यहां से निकलकर पूरे देश को जल और जीवन देने का काम करती हैं इस प्रकार समान नागरिक संहिता की यह गंगोत्री उत्तराखंड से निकली है और आगे आने वाले समय में पूरे देश को इसका लाभ मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में धार्मिक पुनरुत्थान का महापर्व चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भव्य और दिव्य केदार का निर्माण हुआ है। हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर का कार्य किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि अभी चार धाम यात्रा चल रही है, चार धाम यात्रा का इस वर्ष अभी तक लगभग 18 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिए हैं। बहुत अच्छी तरीके से यात्रा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली -देहरादून एलिवेटेड रोड का निर्माण पूरा होने वाला है । यह काम पूरा होते ही यह दूरी लगभग दो से ढाई घंटे में पूरी हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए उत्तराखंड सरकार कृत संकल्पित है। प्रदेश के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृत मानसिकताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि का जो मूल अस्तित्व है, वह बचा रहना चाहिए।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश में सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं, यह दिल्ली के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और धामी जी पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि जो भी अच्छी योजनाएं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लायेंगे वह दिल्ली में भी जायेंगी। उन्होंने कहा कि मां यमुना स्वच्छ हो, मां गंगा जी के चरणों में आकर अपने इस प्रण को पुनः दोहराया।

इस दौरान साध्वी ऋतम्भरा, परमानन्द गिरी महाराज, आचार्य बाल कृष्ण, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महन्त रविन्द्रपुरी जी महाराज,महानिर्वाणी पीठ के आचार्य महामंडलेश्वर विशोखानंद ,महामंडलेश्वर संतोषी माता,महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज, साध्वी मैत्रीगिरी, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक प्रदीप बत्रा, मेयर किरन जेसल, जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, नगर आयुक्त नन्दन सिंह, अपर जिलाधिकारी दीपेन्द्र सिंह नेगी, दर्जा राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल, डॉ.जयपाल सिंह चौहान, ओमप्रकाश जमदग्नि, शौभाराम प्रजापति सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

केदारनाथ धामः घोड़ा खच्चर संचालन से 40 करोड़ रुपए, हेली सेवाओं ने किया 35 करोड़ का व्यापार

श्री केदारनाथ धाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। एक ओर जहां बाबा केदारनाथ के दर्शन को देश विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है वहीं स्थानीय लोगों के रोजगार को भी बढ़ती हुई यात्रा से लगातार लाभ मिल रहा है। दूसरी ओर शासन प्रशासन द्वारा यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं से सरकार को भी भारी राजस्व प्राप्त हो रहा है। बाबा के कपाट खुले एक महीने का समय पूर्ण हो चुका है और इसी एक महीने में सरकारी सुविधाओं से लेकर स्थानीय व्यापारियों ने दो अरब से अधिक का कारोबार कर लिया है। वहीं जून का महीना शुरू होने के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा भी होने लगा है, जिसका स्थानीय व्यापारियों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को पूरा लाभ मिलेगा।

सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन
वर्ष 2025 की यात्रा के लिए 02 मई को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल गए थे। बाबा के कपाट खुले एक महीने का समय पूर्ण हो चुका है। रविवार 01 जून को बाबा के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 07 लाख पार हो चुकी है। पिछले एक महीने का औसत निकला जाए तो प्रतिदिन 24 हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को केदारपुरी पहुंचे हैं।

घोड़ा -खच्चर संचालन से 40.5 करोड़ रुपए की आय
श्री केदारनाथ धाम यात्रा देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में से एक है। करीब 20 किलोमीटर का कठिन पैदल मार्ग पार करने के बाद हिमालय पर्वत की गोद में बसे 11 वें ज्योतिलिंग के दर्शन हो पाते हैं। इस कठिन पैदल धार्मिक यात्रा में घोड़ा -खच्चरों का बेहद अहम योगदान होता है। असमर्थ एवं बुजुर्ग भक्त अक्सर इन्हीं के माध्यम से यात्रा करते हैं वहीं खाद्य पदार्थ से लेकर अन्य अनिवार्य सामग्री इन्हीं घोड़े खच्चरों से यात्रा मार्ग एवं केदारपुरी में पहुंचाई जाती है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत ने बताया कि 31 मई तक 1,39,444 तीर्थलु घोड़े खच्चरों के माध्यम से दर्शनों को पहुंचे हैं जिसके माध्यम से 40 करोड़ 50 लाख से अधिक की आय प्राप्त हुई है। बताया कि इस वर्ष संक्रामक बीमारी इक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस के चलते कुछ दिन घोड़ा खच्चर संचालन प्रभावित भी रहा।

हेली सेवाओं ने किया 35 करोड़ रुपयों का कारोबार
हेली सेवाओं की श्री केदारनाथ धाम यात्रा में अपनी एक अहम भूमिका है। हेली सेवाओं के माध्यम से किसी भी हालात में पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन का मौका मिलता है। वहीं रेस्क्यू अभियान में हेली सेवाएं अहम किरदार निभा रही हैं। प्रत्येक दिन दो से तीन मेडिकल आपातकाल से जूझ रहे लोगों को हेली सेवाओं से ही समय पर हायर सेंटर रेस्क्यू किया जाता है। जिला पर्यटन अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा राहुल चौबे ने बताया कि इस वर्ष आठ हेली कंपनियां नौ हेलीपैड से अपना संचालन कर रही हैं। 31 मई तक लगभग 33000 श्रद्धालु हेली सेवाओं के माध्यम से बाबा केदारनाथ धाम पहुंचे हैं जिससे करीब 35 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई है। चौबे ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि हेली बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से ही बुकिंग की जाए।

डंडी -कंडी से एक करोड़ से अधिक की आय
श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग पर जितने घोड़े- खच्चरों का संचालन महत्वपूर्ण है उतना ही डंडी- कंडी संचालन भी। पैदल चलने में असमर्थ कई भक्त डंडी कंडी की जगह डंडी- कंडी से यात्रा करना पसंद करते हैं। वहीं छोटे बच्चों के लिहाज से भी यह ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा कई श्रद्धालु खुद पैदल यात्रा कर केवल समान डंडी- कंडी की मदद से केदारपुरी पहुंचा देते हैं। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रुद्रप्रयाग संजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष की यात्रा के लिए 7000 से अधिक डंडी- कंडी संचालक पंजीकृत हैं। 31 मई तक 29275 श्रद्धालु डंडी- कंडी के माध्यम से यात्रा कर चुके हैं, जिससे एक करोड़ 16 लाख, 89 हजार 100 रुपए की आय प्राप्त हुई है। वहीं गंदगी फैलने एवं अन्य नियमों के उल्लंघन पर विभिन्न प्रतिष्ठानों का 2,26,000 रुपए का चालन कर अर्थदंड भी वसूला गया है।

टैक्सी संचालन से करीब 7 करोड़ रुपए अर्जित
सहायक परिवहन अधिकारी रुद्रप्रयाग कुलवंत सिंह चौहान ने बताया कि इस वर्ष श्री केदारनाथ धाम यात्रा में शटल सेवा के लिए 225 गाड़ियां पंजीकृत हैं। इन्हीं गाड़ियों में श्रद्धालु सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक पहुंचते हैं।

अब तक सात लाख से अधिक श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं हर यात्री को 50 रुपए जाने एवं 50 रुपए वापस सोनप्रयाग आने के चुकाने पड़ते हैं। 01 जून तक 7 लाख श्रद्धालु धाम में पहुंच चुके हैं यानी अब तक टैक्सी संचालक करीब 7 करोड़ रुपए शटल सेवा के माध्यम से अर्जित कर चुकी हैं। वहीं इस वर्ष नई पहल करते हुए 25 गाड़ियां महिला एवं बुजुर्गों के लिए आरक्षित की गई हैं। प्रति गाड़ी में औसतन 10 सवारी यात्रा कर सकती हैं। इन गाड़ियों में बकायदा स्टीकर भी लगाए गए हैं। पहले चरण में 25 वाहन ही इसके लिए लिए गए हैं अगर प्रयोग सफल रहता है और अधिक गाड़ियों की आवश्यकता महसूस हुई तो गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

होटल प्रतिष्ठानों ने किया 100 करोड़ से अधिक का कारोबार
श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग एवं केदारपुरी में श्रद्धालुओं की ठहरने की व्यवस्था जीएमवीएन एवं स्थानीय व्यापारी करते हैं। श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग से लेकर केदारपुरी तक स्थानीय लोगों के सैकड़ों होटल, टेंट एवं रेस्तरां हैं जिनमें ठहरने एवं खाने के लिए श्रद्धालु रुकते हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष गौरीकुंड रामचंद्र गोस्वामी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा का स्वरूप हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। इस वर्ष भी ऐतिहासिक रूप से यात्रा चल रही है, अकेले गौरीकुंड में करीब 350 प्रतिष्ठान हैं जहां श्रद्धालुओं के रहने- खाने की व्यवस्था होती है।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर आने वाले एक यात्री का रहने एवं खाने का औसत खर्चा 1500 से 2000 रुपए न्यूनतम होता है। इसमें कुछ लोग अपने खाने की व्यवस्था स्वयं करते हैं। एक महीने में यात्रा पर पहुंचे 7 लाख श्रद्धालुओं के हिसाब से औसत निकाला जाए तो 100 करोड़ रुपए होटल एवं रेस्तरां प्रतिष्ठानों ने कारोबार कर लिया है। उधर, जीएमवीएन के रीजनल मैनेजर गिरवीर रावत ने बताया कि जीएमवीएन के 15 प्रतिष्ठान केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हैं जिसमें जिसमें ध्यान गुफा भी शामिल हैं। इन सभी में मिलकर एक महीने में 3 करोड़ 80 लाख 1582 रुपए का राजस्व प्राप्त किया है।

श्री केदारनाथ धाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति की धुरी बन चुकी है। सरकार का लक्ष्य केवल तीर्थयात्रियों को सुविधाएं देना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। हम प्रयासरत हैं कि यात्रा सुरक्षित, सुगम और समृद्ध बनाने की दिशा में हर संभव कदम उठाएं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

देहरादून सचिवालय में संस्कृत संभाषण शिविर का हुआ आयोजन

राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के संरक्षण-संवर्धन एवं संस्कृत को जनभाषा बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड सचिवालय परिसर में संस्कृत संभाषण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ बुधवार को कैबिनेट के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा सभी कैबिनेट मंत्रियों एवं मुख्य सचिव की उपस्थिति में किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपनी संस्कृति व संस्कृत भाषा के संरक्षण व प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य को लेकर 13 जनपदों में 13 संस्कृत ग्राम विकसित किये जा रहे हैं। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के माध्यम से वेद, दर्शन, उपनिषद् आदि प्राचीन भारतीय ज्ञान परम्परा से जनसामान्य को जोड़ने के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं। संस्कृत भाषा का संरक्षण व संवर्धन करना सरकार की प्राथमिकता है।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार गैरोला ने बताया कि सचिवालय परिसर में 29 मई से 12 जून तक संस्कृत संभाषण कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। जिसमें सचिवालय के अधिकारियों व कार्मिकों को संस्कृत संभाषण का अभ्यास कराया जाएगा। जिसके लिए सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा भी निर्देश जारी किये गये हैं।

देहरादून में आयोजित अहिल्या स्मृति मैराथन में दौड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में ‘‘अहिल्या स्मृति मैराथन’’ एक विरासत-एक संकल्प कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने स्वयं भी युवाओं के साथ मैराथन में दौड़कर सबका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता और एकता लाने के साथ स्वस्थ समाज का भी निर्माण करते हैं।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विधायक भरत चौधरी, दायित्वधारी अनिल डब्बू, श्याम अग्रवाल, हेम बजरंगी, भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।