हल्द्वानी में जू एण्ड सफारी के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन्यजीव बोर्ड की 21वीं बैठक के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को वनों के संरक्षण के साथ ही वन संपदाओं को लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईकोलॉजी और ईकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए आगामी 10 सालों के लिए विस्तृत प्लान करते हुए वन क्षेत्रों के आस-पास ईको-टूरिज्म की गतिविधयों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने के साथ ही ऐसी घटनाओं में त्वरित मुआवजा वितरण के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि हल्द्वानी में जू एण्ड सफारी के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि वन विश्राम भवनों का रख-रखाव पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राजस्व बढ़ाने के प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने चौरासी कुटिया के जीर्णाेधार से संबंधित कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने नवाचार पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड वनों की बहुलता वाला प्रदेश है, इसलिए वन संपदाओं को आर्थिकी से जोड़ने के प्रयास किये जाए, इसके लिए वन विभाग और वित्त विभाग बैठक करें। महासीर के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संरक्षित क्षेत्रों के अन्तर्गत एवं संरक्षित क्षेत्रों के 10 किमी. परिधि में आने वाले वन भूमि हस्तान्तरण एवं अन्य प्रकरणों पर कुल 25 निर्णयों पर अनुमोदन दिया गया। जिन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा जायेगा। बैठक में श्री रूद्रनाथ यात्रा मार्ग को ई.डी.सी के माध्यम से संचालित किये जाने एवं केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर के क्षेत्रान्तर्गत मिनी ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर की स्थापना के लिए भी सैद्धांतिक सहमति दी गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि 20वीं बोर्ड बैठक से अब तक राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा उत्तराखंड की महत्वपूर्ण 22 परियोजनाओं पर सहमति दी जा चुकी है। बैठक में जानकारी दी गई कि विगत 03 वर्षों में 75 हजार से अधिक बंदरों का बंध्याकरण किया जा चुका है। इस वर्ष 27 वन प्रभागों में 40 हजार बंदरों के बंध्याकरण का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा गत बैठक में दिये गये निर्देश के क्रम में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद प्रभागीय वनाधिकारी मौके पर पहुंचते हुए और पीड़ित परिवार को तत्काल अनुमन्य राशि प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 19.55 करोड़ रूपये का मुआवजा प्रदान किया गया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024 के अन्तर्गत राज्य में चार नये ईको पर्यटन जोन प्रारंभ किये गये हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। वन संपदाओं के सही उपयोग और इसे लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें नये डेस्टिनेशन विकसित करने की दिशा में कार्य करने होंगे।

बैठक में विधायक बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव वन आर. के सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव आर.के. मिश्रा, सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, नीरज खैरवाल और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

एक्सिस बैंक की नई शाखाओं के खुलने से सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए गुप्तकाशी एवं ज्योर्तिमठ में एक्सिस बैंक की नई शाखाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने गुप्तकाशी एवं ज्योर्तिमठ में एक्सिस बैंक की नई शाखाओं के शुभारंभ पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होगा। यह कदम वित्तीय समावेशन के साथ क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगा। गुप्तकाशी और ज्योर्तिमठ दोनों ही चार धाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। इन स्थानों पर बैंक की शाखाएं खुलने से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार, प्रदेश में सभी बैंकों के आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर संभव मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योर्तिमठ में भारत सरकार के सहयोग से 1700 करोड़ से भी अधिक की लागत से पुर्नावास की योजना का काम गतिमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, विकसित भारत के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जन धन योजना, मुद्रा योजना, जैसी अनेक योजनाएं से देश के प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग सेवा से जोड़ने का काम किया है। देश में 55 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं। अब इन खातों के माध्यम से किसी भी योजना के लाभार्थियों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वित्तीय समावेशन को सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। वित्तीय अनुशासन बनाने में देवभूमि उत्तराखंड दूसरे स्थान पर आया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में हमारे प्रदेश का प्रथम स्थान आया है। राज्य सरकार का प्रयास है बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा जैसी सेवाओं हर नागरिक तक पहुंचे। राज्य सरकार ई गवर्नेंस, मोबाइल एप, डिजिटल सेवाओं को गांव गांव तक पहुंचा रही है। जिससे लोगों का जीवन आसान हो रहा है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, आशा नौटियाल, एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली मौजूद थे।

सचिवालय में हुई टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में एशियाई विकास बैंक सहायतित टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में परियोजना निदेशक द्वारा टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से संबंधित चौथी एचपीसी बैठक के निर्देशों की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, साथ ही वर्तमान में गतिमान 19 उप प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

मुख्य सचिव ने गतिमान निविदा प्रक्रिया से संबंधित प्रकरणों एवं उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने टिहरी लेक एरिया डेवलपमेंट के कार्यों टूरिज्म रोड, डेवलपमेंट आफ डोबरा चांटी पार्क, अपग्रेडेशन ऑफ तिवाड़ गांव, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इत्यादि की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए संतोष व्यक्त किया और तेजी से कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में किसी भी प्रोजेक्ट का कंपलीट ग्राउंड सर्वे करने के पश्चात ही डीपीआर तैयार करें ताकि प्रोजेक्ट के सभी पहलू सम्मिलित हो जाए और प्रोजेक्ट की बाद में लागत में बढ़ोतरी की संभावना भी ना रहे।

उन्होंने निर्देशित किया कि बड़े और मेजर कार्यों को छोड़कर छोटे-छोटे काम के लिए कंसल्टेंसी सर्विसेज लेने से बचें। प्रोजेक्ट/उप प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि कार्य पूरा होने के पश्चात उसका नियमित तरीके से बेहतर संचालन भी होता रहे।

मुख्य सचिव ने टिहरी एरिया के डेवलपमेंट से संबंधित अब तक विभिन्न एजेंसी द्वारा समय-समय पर किए गए कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को टिहरी झील और उसके आसपास के क्षेत्र को वर्ल्ड लेवल का टूरिस्ट हब डेस्टिनेशन बनाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाते हुए अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, सचिव वी. षणमुगम, परियोजना निदेशक/अपर सचिव अभिषेक रोहेला, वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान, सहायक प्रोजेक्ट निदेशक राजेश पंत, सिविल इंजीनियर भवन एवं अवसंरचना कपिल कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं के लिये सीएम धामी ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद बागेश्वर के विधानसभा कपकोट में शिखर मूल नारायण परिसर, अलखनाथ मंदिर किलपारा, भनार बज्यैण, कांडा सिमकुना घटवरिया, शिव मंदिर सुन्दर गुफा कांडा बज्यैण मंदिर ढाई ईजर, नन्दा देवी मंदिर दोफाड को पर्यटन के रूप विकसित किये जाने हेतु 11.988 लाख, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर में गांधी इण्टर कालेज पनुआनौला अशासकीय विद्यालय में 04 कक्षों के निर्माण किये जाने हेतु 99.95 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अन्तर्गत विलासपुर काडली स्थित 11 जी०आर०आर०सी० जूनियर हाईस्कूल के विद्यालय भवन के निर्माण किये जाने हेतु 54.68 लाख, विधान सभा क्षेत्र धर्मपुर की सुभाषनगर भारूवाला ग्रान्ट पेयजल योजना के लिए 2748.25 लाख तथा जनपद उधमसिंह नगर के विधान सभा क्षेत्र खटीमा में 300 नग इण्डिया मार्क-प्प् हैण्डपम्प कार्य हेतु रू0 499.65 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के क्रम में राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत क्षमता विकास मद में रू0 60.00 लाख की धनराशि तथा जिलाधिकारी, रूद्रप्रयाग द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के क्रम में क्षमता विकास मद में रू0 239.47 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने शहरी विकास विभागांतर्गत स्थानीय निकायों के पालिका केन्द्रीयत/अकेन्द्रीयत सेवा के समस्त कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पारिवारिक पेंशनरों को, जिनकी पेंशन 7 वें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में पुनरीक्षित की गई है, को महंगाई राहत 53 प्रतिशत के स्थान पर 55 प्रतिशत अनुमन्य किये जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल की तहसील घनसाली/बालगंगा क्षेत्रान्तर्गत आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास/विस्थापन हेतु रू0 5,47,75,300 (पांच करोड़ सैतालिस लाख पिचहत्तर हजार तीन सौ) की धनराशि जिलाधिकारी टिहरी को आवंटित किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया।

हरिद्वार की ग्रामसभा सलेमपुर का नाम लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर होगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर को नमन करते हुए कहा कि पाल-धनगर समाज प्राचीन काल से भारत की पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार रहा है। जिसने न केवल देश की प्रगति और उन्नति में आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई है। आज भी ये समाज अपनी मेहनत, निष्ठा और आत्मसम्मान के बल पर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर नारी सशक्तिकरण की आदर्श – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी भारतीय इतिहास की एक ऐसी पुण्यात्मा हैं जिन्होंने नारी शक्ति का श्रेष्ठतम उदाहरण हमारे सम्मुख प्रस्तुत किया। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी का सम्पूर्ण जीवन सनातन जीवन मूल्यों और भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, द्वारका, रामेश्वरम, अयोध्या और मथुरा के साथ ही हमारी देवभूमि के बद्रीनाथ, केदारनाथ और हरिद्वार में मंदिरों और घाटों का पुनर्निर्माण कराया। रानी अहिल्याबाई होलकर जी ने उस कालखंड में नारी सशक्तिकरण की भी ऐसी अनुपम मिसाल प्रस्तुत की, जिसकी कल्पना कर पाना भी उस समय कठिन था।

प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों वर्षों तक विदेशी आक्रांताओं ने और फिर स्वतंत्रता के बाद भी गुलामी की मानसिकता से ग्रसित सरकारों ने हमारी महान विभूतियों के योगदान को वो सम्मान नहीं दिया, जिसके वे वास्तव में हक़दार थे। हमारी युवा पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से वंचित रखने का सुनियोजित षड़यंत्र रचा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे हमारे गौरवशाली इतिहास, महान राष्ट्रनायकों के योगदान और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। आज चाहे भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ के गलियारे का विस्तार हो या महाकाल लोक का निर्माण हो।

प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तिकरण के लिए किये अभूतपूर्व कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। चाहे महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की मंजूरी देना हो, बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान द्वारा बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देना हो, उज्ज्वला योजना से महिलाओं को चूल्हे के धुंयें से मुक्ति दिलाना हो, लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हो या फिर ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करना हो। ऐसे अनेकों निर्णयों के माध्यम से आदरणीय मोदी जी ने मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।

आज जो दुश्मन हमे आँख दिखाया करते थे वो बचने के लिए दुनिया भर के देशों से गुहार लगाते फिर रहे हैं। आप सभी भलीभांति जानते हैं एक समय वो भी था जब भारत का कोई भी बड़ा शहर आतंकवाद से सुरक्षित नहीं था। लेकिन आज दुश्मन देश के किसी भी आतंकी हमले का मुँहतोड़ जवाब दिया जाता है। जैसे उरी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक द्वारा दिया गया, पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक की गई और अब पहलगाम हमले के बाद “ऑपरेशन सिंदूर” के माध्यम से आतंकियों का उनके बिल में ही सफाया किया गया। वहीं आतंकियों की मदद करने वाली पाक सेना के हवाई अड्डों से लेकर डिफेन्स सिस्टम तक तबाह कर दिए गए।

उत्तराखण्ड में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किये जा रहे महत्वपूर्ण कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी राज्य में धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हम जहां एक ओर केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के अनेकों कार्य कर रहे हैं। वहीं हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

राज्य सरकार मातृशक्ति के कल्याण एवं प्रगति के लिए प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मातृशक्ति के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए भी विभिन्न कार्य कर रहे हैं। हमारी सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आँचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। आज इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की बेटियाँ न केवल विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित हो रही हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर भी बन रही है। हमारी सरकार ने राज्य हित में भी कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध – सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। हमने प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश में सख्त दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को भी लागू किया है। हम राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार के मामलों में छोटी मछलियों के साथ ही भ्रष्टाचारी मगरमच्छो को भी पकड़ा जा रहा- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पहले धारणा थी कि केवल छोटे कर्मचारियों पर ही भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। परन्तु आज राज्य में छोटी मछलियों को ही नहीं भ्रष्टाचारी मगरमच्छो को भी पकड़ा जा रहा है। अभी पिछले दिनों हरिद्वार भूमि घोटाले में दो आईएएस और एक पीसीएस अफसर को निलंबित किया गया है।

इस दौरान उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय कुमार रोहिला, राज्यमंत्री डॉ. जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, ओम प्रकाश जमदग्नि, न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, विधायक आदेश चौहान, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, प्रणव सिंह चौंपियन, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, अपर सचिव अनुराधा पाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सौरभ असवाल एवं धनगर समाज के लोग उपस्थित थे।

मंगलौर में यूसीसी लागू करने को लेकर हुई धन्यवाद रैली, शामिल जनमानस पर हुई हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा

महाराजा महेंद्र प्रताप स्नातक महाविद्यालय खेल मैदान नारसन पहुंचने पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत। प्रदेश में समान नागरिकता संहिता कानून लागू करने पर धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। रैली का आयोजन चौधरी ओमपाल ढाबा लिब्बरहेड़ी से स्वीटी फार्म लिब्बरहेड़ी तक किया गया। रैली में मुख्यमंत्री खुद ट्रैक्टर चलाकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

कार्यकम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिकता संहिता कानून लागू करने पर संविधान निर्माता बाबा साहिब डॉ भीमराव अंबेडकर का सपना साकार किया है जिसमें सभी वर्गों एवं धर्माे के लिए एक समान कानून लागू किया गया है। देश में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि मंगलौर विधानसभा में जो मेरे सम्मान में धन्यवाद रैली का आयोजन किया गया है वह मेरा स्वागत एवं सम्मान नहीं है बल्कि सवा करोड़ उत्तराखंड वासियों का सम्मान है, उन्होंने रैली में भीषण गर्मी में शामिल हुए सभी महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं एवं जनप्रतिनिधियों का शामिल होने पर सभी का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा है तथा किसानों के हित के लिए कई महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक निर्णय लिए गए है, जिसमें किसान सम्मान निधि, किसानों को उचित मूल्य एवं किसानों की फसलों का बीमा, किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड की धनराशि 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई है।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए 14 हजार करोड़ की 7 नई परियोजना पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, साथ हीं किसानों को बागवानी के क्षेत्र में 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद में 20 रुपए प्रति कुंतल का बोनस दिया जा रहा है एवं गन्ने के रेट में भी 20 रुपए प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की गई है साथ ही 1200 करोड़ की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं लागू कर रहे है।

भ्रष्टाचार करने वाले पर किया जाएगा कड़ा प्रहार

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार करने वाले को कतई बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध कड़ी करवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जमीन घोटाले मामले पर बड़ी कारवाई करते हुए आईएएस एवं पीसीएस अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा मंगलौर विधानसभा के लिए की गई घोषणा।

आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र मंगलौर ग्राम सभा लिब्बरहेडी में महाराजा सूरजमल के नाम से खेल स्टेडियम का निर्माण किया जायेगा साथ ही विधानसभा मंगलौर में सर्की रजवाहे की पटरी जो मंगलौर से गुरुकुल, लंढौरा बाईपास (हरचंदपुर) के पुल तक सड़क पक्की की जाएगी।

इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला अध्यक्ष भाजपा डॉ मधु सिंह और कार्यक्रम के संयोजक/पूर्व कैबिनेट मंत्री करतार सिंह भड़ाना के द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल, श्यामवीर सैनी, शोभाराम प्रजापति, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल साथ ही सभी ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख एवं सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, अपर जिलाधिकारी दीपेंद्र सिंह नेगी, उप जिलाधिकारी रुड़की प्रेमलाल, लक्ष्मी राज चौहान सहित जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

नेता नहीं, जनसैनिक हैं धामीः खेत, गांव, संविधान और संकल्प सब साथ लेकर चल रहे

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के लिब्बरहेड़ी में भव्य रोड शो और जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लेकर प्रदेशवासियों को एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीति का केंद्र बिंदु जनता और ज़मीन से जुड़ाव है। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान सीएम धामी न केवल मंच से जनता को संबोधित करते दिखाई दिए, बल्कि खुद ट्रैक्टर चलाकर प्रदेश के किसानों के कठिन परिश्रम के प्रति आभार भी व्यक्त कर रहे थे।

ट्रैक्टर की सवारीरू संदेशों से भरपूर एक क्षण
मुख्यमंत्री धामी ने जब पारंपरिक मंच से उतरकर ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभाली, तो सड़क पर उत्साह की लहर दौड़ गई। किसान, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा, सभी यह दृश्य देखने को उमड़ पड़े। मुख्यमंत्री ने कहारू किसान हमारे देश की रीढ़ हैं। जब मैं ट्रैक्टर चलाता हूं, तो यह केवल एक ड्राइव नहीं, बल्कि हमारे अन्नदाता भाइयों के परिश्रम को नमन करने का एक छोटा-सा प्रयास है। इस दृश्य ने यह स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का नेतृत्व केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर सहभागी बनना उनकी शैली का अभिन्न अंग है।

’समान नागरिक संहिता पर जनसंवाद’
लिब्बरहेड़ी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य हाल ही में उत्तराखंड में लागू की गई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर जनता का आभार प्रकट करना और इस ऐतिहासिक कानून के महत्व को जनमानस तक पहुंचाना था। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहारू न्ब्ब् न किसी मजहब के खिलाफ है और न किसी वर्ग के। यह समानता, न्याय और पारदर्शिता का मूल आधार है। यह वही सपना है जिसे बाबा साहब डॉ. आंबेडकर ने संविधान निर्माण के समय देखा था। यह कानून प्रदेश की एकता, भाईचारे और नागरिकों के समान अधिकारों की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

’गांव, किसान और युवा, यही है धामी सरकार की प्राथमिकता’

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें किसानों को आधुनिक खेती के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, युवा उद्यमियों के लिए स्टार्टअप योजनाएं, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और सड़कों व स्वास्थ्य सेवाओं का उन्नयन शामिल हैं। उन्होंने कहारू हमारा लक्ष्य सिर्फ विकास करना नहीं, बल्कि विकास को गांव-गांव और व्यक्ति-व्यक्ति तक पहुंचाना है।

लिब्बरहेड़ी की इस यात्रा ने साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व केवल शासकीय सीमाओं में बंधा नहीं है। वे एक जननेता हैं, जो न केवल सुनते हैं, बल्कि जमीन पर उतरकर भागीदारी भी निभाते हैं। ट्रैक्टर की सवारी हो या समान नागरिक संहिता पर जनसंवाद कृ हर पहलू यह दर्शाता है कि उत्तराखंड एक नए युग की ओर अग्रसर है, जहां विकास और संवेदना दोनों साथ चलती हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘हिन्द दी चादर’ नाटक मंचन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष को समर्पित नाटक ‘हिन्द दी चादर’ के मंचन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड सिख कोआर्डिनेशन कमेटी एवं श्री गुरू तेग बहादुर चौरिटेबल चिकित्सालय द्वारा नाटक ‘हिन्द दी चादर’ का मंचन कार्यक्रम दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर देहरादून में किया गया।

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय बलिदान और धर्मरक्षा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर ने उस समय प्राणों की आहुति दी, जब देश की संस्कृति, आस्था और आत्म सम्मान पर संकट गहराया हुआ था। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी को ‘हिन्द दी चादर’ यूं ही नहीं कहा गया। उन्होंने राष्ट्र की एकता, धर्म की स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका साहस, बलिदान और उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

मुख्यमंत्री ने कह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार सिख समाज के हितों की रक्षा तथा उनके धार्मिक स्थलों के विकास हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर, श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए पंजीकरण, वीर बाल दिवस की घोषणा, 1984 दंगा पीड़ितों को न्याय और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना जैसे निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्हें ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस को राज्यभर में भव्य रूप से मनाने हेतु दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का कार्य प्रगति पर है, जिससे श्रद्धालुओं को 45 मिनट में यात्रा सुलभ होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नाटक के आयोजकों और कलाकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मंचन के माध्यम से युवा पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास किया गया है। यह नाटक केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक सजीव प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री स. मनजिंदर सिंह सिरसा, विधायक विनोद चमोली, श्री गुरूदेव सिंह, नाटक मंचन के आयोजक एवं कलाकार उपस्थित थे।

उत्तराखंड में विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता योजना’ के तहत साहित्यकारों को अनुदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। हमने राज्य में उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित करने का कार्य प्रारंभ किया है। हम विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत साहित्यकारों को अनुदान भी प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के उत्कृष्ट साहित्यकारों को ‘साहित्य भूषण’ और ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से भी सम्मानित करने का कार्य कर रही है। जिसके अंतर्गत हाल ही में हमने पाँच-पाँच लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है। हम युवा पीढ़ी को भी साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर से जुड़ सकें और उसे आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित डेरा कवि सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

कवि सम्मेलन में मौजूद प्रख्यात कवि डॉ कुमार विश्वास सहित सभी कवियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कवि केवल शब्दों के निर्माता नहीं होते बल्कि वे समाज के चिंतक, मार्गदर्शक और प्रेरक भी होते हैं और उनकी कविताएं समाज को दर्पण दिखाने का काम करती हैं। जब समाज उलझनों से घिरता है, तब कवि अपनी लेखनी से न केवल समाज को एक नई दिशा दिखाने का काम करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी तभी गति मिली जब हमारे कवियों और रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से देशवासियों को स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी देवभूमि की यह पावन धरा सदियों से रचनात्मकता का अद्भुत केंद्र रही है, जहाँ विचारों की ज्योति ने हर युग में समाज को प्रेरित किया है। श्री अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध हों या सुमित्रानंदन पंत जी हों, गीर्दा हों या नागार्जुन हों, उत्तराखंड की वादियों में लिखी इन सबकी रचनाएं हमारे यहां आज भी गूंजती हैं। देवभूमि उत्तराखंड में जहां एक ओर हिमालय की ऊंची- ऊंची चोटियों से नए- नए विचारों की ऊँचाइयाँ जन्म लेती हैं और नदियों की कल-कल में छंद की लय छिपी होती है।

इस अवसर पर भरत कुकरेती, मयंक अग्रवाल, आशुतोष, कुशल कुशलेन्द्र, सुदीप भोला, कविता तिवारी, रमेश मुस्कान और फनं संस्था के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

नैनीताल की 126 करोड़ 69 लाख लागत की 27 विकास परियोजनाओं का सीएम ने किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लालकुआं, नैनीताल में आयोजित कार्यक्रम में नैनीताल जनपद की लगभग 126 करोड़ 69 लाख लागत की 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में शिक्षा, सड़क, चिकित्सा, सिंचाई, सीवरेज, नगर विकास, सौंदर्यीकरण और निराश्रित गौवंश संरक्षण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इस दौरान 25.93 करोड़ की लागत से 9 योजनाओं का लोकार्पण और 100.76 करोड़ की लागत से 18 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाएंगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे देशव्यापी विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज रक्षा, विज्ञान, खेल और अवसंरचना सहित प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, धारा-370 की समाप्ति और कश्मीर में रेल ब्रिज के निर्माण का उल्लेख करते हुए देश की बदलती शक्ति और संकल्प का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जनपद को आदर्श जिला बनाने की दिशा में मानसिक चिकित्सालय, कैंसर संस्थान, आयुष अस्पताल, ओपन जिम, अंबेडकर पार्क, रिंग रोड, बाईपास रोड, एस्ट्रो पार्क, पोलिनेटर पार्क और खेल विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाएं तेज़ी से क्रियान्वित की जा रही हैं। हल्द्वानी को क्लीन एंड ग्रीन सिटी बनाने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज प्रबंधन योजनाएं शुरू की गई हैं, जबकि जाम की समस्या को दूर करने के लिए मल्टी-स्टोरी पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। जमरानी बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना और खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी जैसे प्रयास तराई क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल विकास ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद आदि के विरुद्ध कठोर कदम उठाए गए हैं। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है और यहां देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है। गौवंश संरक्षण हेतु “गौ संरक्षण कानून” के तहत ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने जनता से अपील की कि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकास यात्रा में सभी नागरिकों को सहभागी बनना होगा।

इन योजनाओं का किया गया लोकार्पण

ओखलकांडा में क्षतिग्रस्त 11 नहरों का पुनर्निर्माण, भीमताल में जिला आयुर्वेदिक भवन, रामगढ़ में मल्ला सूफी-रूसानी-दीगड़-कफूवा लोधिया मोटर मार्ग, बेतालघाट में मल्ली सेठी लिफ्ट सिंचाई योजना, हल्द्वानी में पशु चिकित्सालय में वाहनों की पार्किंग एवं पशुओं हेतु ओटी निर्माण, कालाढूंगी में पशु चिकित्सालय भवन, गंगापुर कबडवाल में गौशाला निर्माण (फेज-1), रामनगर में राजकीय पॉलीटेक्निक भवन और पाण्डे नवाड़ हल्द्वानी में पुनर्वास केंद्र का जीर्णाेद्धार।

इन योजनाओं का किया गया शिलान्यास

इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बाढ़ सुरक्षा कार्य, फतेहपुर, कमलुवागांजा, गुनीपुर, पनियाली एवं बच्चीनगर में क्षतिग्रस्त नहरों का निर्माण, कोटाबाग में पॉलीटेक्निक भवन, रामपुर चकलुवा में नलकूप निर्माण, कैंचीधाम परिसर का विकास, भवाली में पर्यटक आवास गृह की मरम्मत, नैनीताल में पर्यटन कार्यालय भवन निर्माण, ग्रामीण मोटर मार्गों का पुनर्निर्माण एवं सुधार, झीड़ापानी वाटरफॉल का विकास, विभिन्न स्थानों पर नलकूप निर्माण, हल्द्वानी में राजपुरा और पर्वतीय मोहल्ला सीवरेज योजनाएं, लालकुआं में गौशाला निर्माण (फेज-2) तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हल्द्वानी में पुस्तकालय का पुनरुद्धार कार्य।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, मोहन सिंह बिष्ट, रामसिंह कैड़ा, मेयर गजराज बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रेनू अधिकारी, दिनेश आर्य, दीपक मेहरा, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पान सिंह मेवाड़ी, रंजन बर्गली, कमलेश कबडवाल, दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा, पूर्व विधायक नवीन दुम्का सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय के आयुक्त/सचिव दीपक रावत, डीआईजी रिद्धिमा अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, एसएसपी पीएन मीणा, अपर जिलाधिकारी विवेक रॉय और नगर आयुक्त ऋचा सिंह भी मौजूद थे।