मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड नागरिक उड्डयन की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन (सिविल एविएशन) की समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में वर्तमान समय में हवाई सेवाओं के संचालन की वर्तमान स्थिति तथा हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से संबंधित एयरपोर्ट और हवाई पट्टी निर्माण व इसके विस्तार की प्रगति की जानकारी ली।

जिलाधिकारी देहरादून और उधम सिंह नगर द्वारा देहरादून और पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने दोनों जिलाधिकारियों को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से संबंधित कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिलाधिकारी उधम सिंह नगर को एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए अधिग्रहित की जा चुकी भूमि को शीघ्रता से क्लियर करते हुए अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को एयरपोर्ट का नियमित ऑपरेशनल स्ट्रक्चर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि एयरपोर्ट के समुचित संचालन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से डेपुटेशन के माध्यम से जबकि अन्य एजेंसियों से आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिकों की तैनाती की जाए।

मुख्य सचिव ने पिथौरागढ़ एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के संबंध में निर्देश दिए कि टनल की लोड बियरिंग कैपेसिटी की आईआईटी रुड़की अथवा इसी तरह के उच्च तकनीकी संस्थान से जांच कराएं।

मुख्य सचिव ने महानिदेशक युकाडा को राज्य में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार से संबंधित किए जा रहे विभिन्न कार्यों की वर्तमान स्टेटस तथा भविष्य की योजनाओं का विस्तार पूर्वक विवरण अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इस दौरान सचिव एविएशन सचिन कुर्वे, महानिदेशक यूकाड़ा सोनिका व जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सभागार में उपस्थित थे तथा जिलाधिकारी उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े हुए थे।

मुख्य सचिव हर माह और मण्डलायुक्त प्रत्येक सप्ताह करेंगे यात्रा की तैयारियों की समीक्षाः सीएम

उत्तराखण्ड में 2026 में होने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा की सभी तैयारियों में तेजी लाई जाए। भव्य नंदा राजजात यात्रा के आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। यात्रा की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जनप्रतिनिधियों, नंदा राजजात यात्रा समिति के सदस्यों और हितधारकों के सुझाव लिये जाएं। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि नंदा राजजात यात्रा के सफल संचालन के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए। पिछली यात्राओं के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। यात्रा से संबंधित सभी पैदल मार्गों की अच्छी व्यवस्थाओं के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। यात्रा के पड़ाव पर श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर व्यवस्थाओं के साथ ही भोजन और स्नान घरों की व्यवस्था के भी उन्होंने निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। यात्रा मार्ग पर दूरसंचार की व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत यात्रा के दौरान हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेडिकल कैंप और चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यात्रा के दौरान हेली एम्बुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा राजजात यात्रा बरसात के समय होती है, इसके दृष्टिगत संक्रामक रोगों से बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किये जाएं। यात्रा के अधिकतम पड़ाव वन क्षेत्र में होने के कारण वन और पर्यावरण की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए। श्रद्धालुओं के लिए टेंट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदा राजजात से संबंधित लोक गीत और लोक कथाओं का अभिलेखीकरण भी किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा यात्रा के पड़ावों का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नदां राजजात यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। पार्किंग स्थलों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्गों पर पेयजल, शौचालय अवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि वे प्रतिमाह नंदा राजजात यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करें। गढ़वाल और कुमांऊ आयुक्त भी प्रत्येक सप्ताह यात्रा से संबंधित तैयारियों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल और कुमांऊ के जिन क्षेत्रों से श्रद्धालु और डोलियां आती हैं, उन सभी क्षेत्रों में भी सड़क, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

उत्तराखण्ड में अगले साल होने वाली 280 किमी की ऐतिहासिक नंदा देवी राजजात यात्रा के भव्य आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ के लिए भी सभी तैयारियां की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में नंदा देवी राजजात और हरिद्वार कुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन किया जायेगा- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड।

बैठक में राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, सुरेश गड़िया, पार्वती दास, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने केंद्रीय मंत्री से किया पंप स्टोरेज परियोजनाओं के विकास के लिए रुपये 3800 करोड़ के वायबिलिटी गैप फंड का अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय ऊर्जा व आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर जल-विद्युत परियोजनाओं के विकास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत विशेष सहायता हेतु अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से ऋषिकेश-हरिद्वार क्षेत्र में विद्युत लाइनों को भूमिगत और स्वचालित करने का अनुरोध किया। साथ ही, राज्य के कुमाऊं और अपर यमुना क्षेत्र में जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण हेतु रुपये 4000 करोड़ के वाइबिलिटी गैप फंड के लिए आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य के दूरदराज और कठिन भू-भाग में पंप स्टोरेज परियोजनाओं के विकास के लिए रुपये 3800 करोड़ के वायबिलिटी गैप फंड की भी अनुरोध किया, जिससे इन क्षेत्रों में ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सके और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिले।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने पावर सिस्टम डेवलप फंड के तहत पिटकुल की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की डीपीआर की स्वीकृति का आग्रह करते हुए इन दोनों परियोजनाओं को 100 प्रतिशत अनुदान के साथ मंजूरी देने का भी अनुरोध किया। इन परियोजनाओं की लागत रुपये 1007.82 करोड़ है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री का प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कमजोर आय वर्ग के लिए आवासीय इकाइयों के निर्माण को लेकर वर्तमान दिशानिर्देशों की व्यवहारिक चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निजी भागीदारी मॉडल के अंतर्गत सफलतापूर्वक परियोजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन एकमुश्त केंद्रीय अनुदान की व्यवस्था से परियोजनाओं का कैश फ्लो प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि सरकारी भूमि पर लागू चरणबद्ध सहायता प्रणाली (जैसे 40ः40ः20) को निजी भूमि आधारित परियोजनाओं में भी लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि बैंकों, एनबीएफसी और अन्य वित्तीय संस्थानों को इस संबंध में स्पष्ट दिशा निर्देश दिए जाएं ताकि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थियों को सरलता से ऋण सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को मोदीपुरम मेरठ मार्ग से आगे हरिद्वार तक विस्तारित करने हेतु अनुरोध किया। इससे न केवल राज्य में यातायात की समस्या हल होगी, बल्कि शहरीकरण और समग्र आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश की प्रमुख नदियों पर होंगे ‘नदी उत्सव’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए दो महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी टॉपर्स को एक दिन के लिए सांकेतिक जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक की भूमिका दी जाएगी। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम का उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रशासनिक अनुभव देना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उच्च लक्ष्य की ओर प्रेरित करना है। यह योजना जल्द ही जिलों में लागू की जाएगी और इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘नदी उत्सव’ आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। राज्य की प्रमुख नदियों के नाम पर यह उत्सव जनसहभागिता के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन का उद्देश्य नदियों की सफाई, स्वच्छता, पुनर्जीवन और संरक्षण को जन अभियान का रूप देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियां केवल जलस्रोत ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवनशैली का हिस्सा हैं। ‘नदी उत्सव’ के माध्यम से आम जन को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

धामी सरकार की यह पहल न केवल मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की ओर भी एक सशक्त प्रयास है।

सीएम धामी ने किया आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम.के.पी कॉलेज, देहरादून में आयोजित ’रन फॉर योगा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, बुजुर्गों महिलाओं को भी योग के प्रति जागरूक करने के लिए गांधी पार्क से एम.के.पी कॉलेज तक पैदल मार्च भी किया।

मुख्यमंत्री ने सभी से आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हमें मिलकर प्राचीन योग सभ्यता को जन जन तक पहुंचाना है। ऋषि मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, आत्मा और मन को एकीकृत करने की अद्भुत विद्या विकसित की है। योग संपूर्ण विश्व के लिए एक संजीवनी का कार्य करता है। योग से जीवन स्वस्थ और अनुशासित बनता है। आज दुनिया योग के प्रति आकर्षित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा योग को दैनिक जीवन में अपनाकर शरीर और मन को स्वस्थ रखने के साथ ही समाज में भी सकारात्मकता लाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे पूरे विश्व ने अपनाया था। उन्होंने कहा उत्तराखंड योग, आयुष और अध्यात्म की भूमि है। राज्य सरकार, उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक हब बनाने पर कार्य कर रही है । राज्य सरकार ने हाल ही में नई योग नीति को मंजूरी दी है। जिसके अंतर्गत राज्य में योग और ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले से संचालित हो रहे योग केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख तक का भी अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में योग और वेलनेस की अपार संभवानाएं हैं, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी से अनुशासित और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की अपील की।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, भरत चौधरी, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, सचिव आयुष दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, प्रदीप जैन, जितेंद्र नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश, बनेगी सख्त एसओपी

राज्य में हाल में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन के लिए सख्त एसओपी तैयार की जाए, जिसमें हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूर्ण जांच और उड़ान से पूर्व मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देशित किया है कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया जाए, जो हेली संचालन की सभी तकनीकी व सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा कर एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि राज्य में पूर्व में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति पूर्व में हुई हेली दुर्घटनाओं के साथ ही आज के हेली क्रैश की भी हर पहलू की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। यह समिति प्रत्येक घटना के कारणों की गहराई से जांच करेगी और दोषी व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की संस्तुति करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हेली सेवाओं का महत्व तीर्थाटन, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए अत्यधिक है, इसलिए इनमें सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सीएस की अध्यक्षता में हुई यूआईआईडीबी की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में यूआईआईडीबी (उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में यूआईआईडीबी द्वारा संचालित ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 25 परियोजनाओं पर व्यापक विचार विमर्श किया गया।

ऋषिकेश के विकास की ये महत्वपूर्ण परियोजनाएं रिवर राफ्टिंग डेवलपमेंट, डेवलपमेंट ऑफ़ पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, आस्था पथ, पार्किंग डेवलपमेंट, संजय झील रि डेवलपमेंट, वाटर सप्लाई, चारधाम यात्रा मैनेजमेंट, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर, सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर, कांवड़ यात्रा मैनेजमेंट, भीड़ प्रबंधन, सड़क चौड़ीकरण, ब्रिज निर्माण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सैनिटेशन, घाटों के विस्तार और सौंदर्यीकरण से जुड़ी हुई हैं।

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की वर्तमान स्टेटस रिपोर्ट प्राप्त करते हुए इसकी प्रगति को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को नदियों के ब्रिज, सड़क चौड़ीकरण और क्रॉस रिवर ब्रिज निर्माण संबंधित कार्यों पर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने ऋषिकेश के रिवर राफ्टिंग प्रोजेक्ट को अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग सेंटर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना से संबंधित जिस स्तर पर भी कार्य करना अपेक्षित है उसकी प्रगति में तेजी लाएं।

सभी निर्माण कार्यों में पब्लिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तेजी से और पारदर्शिता से पूरा करने को निर्देशित किया।

मुख्य सचिव ने कांवड़ यात्रा मैनेजमेंट के दृष्टिगत महत्वपूर्ण साबित होने वाले देहरादून के माजरी ग्रांट और हरिद्वार के हरिपुर कलां को कनेक्ट करने वाले रूट का विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए। ताकि कांवड़ यात्रा और भी बेहतर तरीके से संचालित हो सके।

मुख्य सचिव ने परियोजना के डिजाइन और इंप्लीमेंटेशन को इस तरह से धरातल पर उतारने को कहा कि ऋषिकेश एक व्यवस्थित, जाम मुक्त, सुगम मोबिलिटी युक्त और बेहतर निकासी वाला शहर उभरकर सामने आए। कार्यों की प्रगति को बेहतर करने के लिए विभिन्न एजेंसियों और विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा शहर के लोकल्टी को आत्मसात करते हुए एकीकृत मॉडल पर कार्य करें।

बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल एल फैनई, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय, चंद्रेश कुमार यादव, वी षणमुगम, डॉ आर राजेश कुमार, विनय शंकर पांडेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

हल्द्वानी में जू एण्ड सफारी के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन्यजीव बोर्ड की 21वीं बैठक के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को वनों के संरक्षण के साथ ही वन संपदाओं को लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईकोलॉजी और ईकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए आगामी 10 सालों के लिए विस्तृत प्लान करते हुए वन क्षेत्रों के आस-पास ईको-टूरिज्म की गतिविधयों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने के साथ ही ऐसी घटनाओं में त्वरित मुआवजा वितरण के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि हल्द्वानी में जू एण्ड सफारी के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि वन विश्राम भवनों का रख-रखाव पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राजस्व बढ़ाने के प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने चौरासी कुटिया के जीर्णाेधार से संबंधित कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने नवाचार पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड वनों की बहुलता वाला प्रदेश है, इसलिए वन संपदाओं को आर्थिकी से जोड़ने के प्रयास किये जाए, इसके लिए वन विभाग और वित्त विभाग बैठक करें। महासीर के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संरक्षित क्षेत्रों के अन्तर्गत एवं संरक्षित क्षेत्रों के 10 किमी. परिधि में आने वाले वन भूमि हस्तान्तरण एवं अन्य प्रकरणों पर कुल 25 निर्णयों पर अनुमोदन दिया गया। जिन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा जायेगा। बैठक में श्री रूद्रनाथ यात्रा मार्ग को ई.डी.सी के माध्यम से संचालित किये जाने एवं केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर के क्षेत्रान्तर्गत मिनी ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर की स्थापना के लिए भी सैद्धांतिक सहमति दी गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि 20वीं बोर्ड बैठक से अब तक राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा उत्तराखंड की महत्वपूर्ण 22 परियोजनाओं पर सहमति दी जा चुकी है। बैठक में जानकारी दी गई कि विगत 03 वर्षों में 75 हजार से अधिक बंदरों का बंध्याकरण किया जा चुका है। इस वर्ष 27 वन प्रभागों में 40 हजार बंदरों के बंध्याकरण का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा गत बैठक में दिये गये निर्देश के क्रम में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद प्रभागीय वनाधिकारी मौके पर पहुंचते हुए और पीड़ित परिवार को तत्काल अनुमन्य राशि प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 19.55 करोड़ रूपये का मुआवजा प्रदान किया गया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024 के अन्तर्गत राज्य में चार नये ईको पर्यटन जोन प्रारंभ किये गये हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। वन संपदाओं के सही उपयोग और इसे लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें नये डेस्टिनेशन विकसित करने की दिशा में कार्य करने होंगे।

बैठक में विधायक बंशीधर भगत, दीवान सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव वन आर. के सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव आर.के. मिश्रा, सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, नीरज खैरवाल और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

एक्सिस बैंक की नई शाखाओं के खुलने से सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए गुप्तकाशी एवं ज्योर्तिमठ में एक्सिस बैंक की नई शाखाओं का वर्चुअल शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने गुप्तकाशी एवं ज्योर्तिमठ में एक्सिस बैंक की नई शाखाओं के शुभारंभ पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होगा। यह कदम वित्तीय समावेशन के साथ क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगा। गुप्तकाशी और ज्योर्तिमठ दोनों ही चार धाम यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। इन स्थानों पर बैंक की शाखाएं खुलने से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार, प्रदेश में सभी बैंकों के आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर संभव मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योर्तिमठ में भारत सरकार के सहयोग से 1700 करोड़ से भी अधिक की लागत से पुर्नावास की योजना का काम गतिमान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, विकसित भारत के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जन धन योजना, मुद्रा योजना, जैसी अनेक योजनाएं से देश के प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग सेवा से जोड़ने का काम किया है। देश में 55 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं। अब इन खातों के माध्यम से किसी भी योजना के लाभार्थियों का पैसा सीधे उनके खातों में पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार वित्तीय समावेशन को सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। वित्तीय अनुशासन बनाने में देवभूमि उत्तराखंड दूसरे स्थान पर आया है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की सूची में हमारे प्रदेश का प्रथम स्थान आया है। राज्य सरकार का प्रयास है बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा जैसी सेवाओं हर नागरिक तक पहुंचे। राज्य सरकार ई गवर्नेंस, मोबाइल एप, डिजिटल सेवाओं को गांव गांव तक पहुंचा रही है। जिससे लोगों का जीवन आसान हो रहा है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, आशा नौटियाल, एक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली मौजूद थे।

सचिवालय में हुई टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में एशियाई विकास बैंक सहायतित टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में परियोजना निदेशक द्वारा टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से संबंधित चौथी एचपीसी बैठक के निर्देशों की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, साथ ही वर्तमान में गतिमान 19 उप प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

मुख्य सचिव ने गतिमान निविदा प्रक्रिया से संबंधित प्रकरणों एवं उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने टिहरी लेक एरिया डेवलपमेंट के कार्यों टूरिज्म रोड, डेवलपमेंट आफ डोबरा चांटी पार्क, अपग्रेडेशन ऑफ तिवाड़ गांव, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इत्यादि की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए संतोष व्यक्त किया और तेजी से कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में किसी भी प्रोजेक्ट का कंपलीट ग्राउंड सर्वे करने के पश्चात ही डीपीआर तैयार करें ताकि प्रोजेक्ट के सभी पहलू सम्मिलित हो जाए और प्रोजेक्ट की बाद में लागत में बढ़ोतरी की संभावना भी ना रहे।

उन्होंने निर्देशित किया कि बड़े और मेजर कार्यों को छोड़कर छोटे-छोटे काम के लिए कंसल्टेंसी सर्विसेज लेने से बचें। प्रोजेक्ट/उप प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि कार्य पूरा होने के पश्चात उसका नियमित तरीके से बेहतर संचालन भी होता रहे।

मुख्य सचिव ने टिहरी एरिया के डेवलपमेंट से संबंधित अब तक विभिन्न एजेंसी द्वारा समय-समय पर किए गए कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को टिहरी झील और उसके आसपास के क्षेत्र को वर्ल्ड लेवल का टूरिस्ट हब डेस्टिनेशन बनाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाते हुए अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, सचिव वी. षणमुगम, परियोजना निदेशक/अपर सचिव अभिषेक रोहेला, वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान, सहायक प्रोजेक्ट निदेशक राजेश पंत, सिविल इंजीनियर भवन एवं अवसंरचना कपिल कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।