4275.48 लाख रुपये की लागत से टनकपुर में हुआ योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के टनकपुर क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुल 4275.48 लाख रुपये की 17 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने गांधी मैदान नगर पालिका टनकपुर में 3851.98 लाख रुपये लागत की 14 योजनाओं का लोकार्पण और 423.50 लाख रुपये लागत की 03 योजनाओं का शिलान्यास किया।

लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने 320.00 लाख रुपये की लागत से बने विशेष सहायता योजना के अंतर्गत चंपावत शहर के आंतरिक मार्गों का बिटुमिनस कंक्रीट द्वारा पेवमेन्ट की सतह सुधार का कार्य, 160.17 लाख रुपये की लागत से बने एन. कोविड 19 की रोकथाम हेतु उप जिला चिकित्सालय टनकपुर में 4 बेड का आईसीयू, इमरजेंसी वार्ड एवं ऑक्सीजन पाइप लाइन का निर्माण, 100.45 लाख रुपए की लागत से बने फायर स्टेशन टनकपुर में आवासीय/अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य, 189.52 लाख लागत के चम्पावत में ईवीएम और वीवीपीएटी गोदाम का निर्माण, 54.31 लाख के जीआईसी सुखिढांग में साइंस लेब, आर्ट क्राफ्ट कक्ष लाइब्रेरी कक्ष का निर्माण, 70.36 लाख के जीएसएस नीड़ में साइंस लेब, आर्ट क्राफ्ट रूम, लाइब्रेरी, कक्षा कक्ष का निर्माण, 70.95 लाख के जीआईसी दियुरी में साइंस लेब, कंप्यूटर कक्ष, आर्ट एवं क्राफ्ट रूम तथा लाइब्रेरी का निर्माण, 60.48 लाख के जीएचएस पल्सों में साइंस लेब, कंप्यूटर कक्ष एवं अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण, 50.00 लाख से पूर्णागिरि मेले में समस्त अवस्थापना सुविधा तथा रास्ते शौचालय, तथा साइनेज आदि का कार्य, 78.50 लाख के जिला ऑडिटोरियम चम्पावत के अवशेष कार्य एवं अग्निशमन उपकरणों की स्थापना, 2073.35 लाख बने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी संस्थान टनकपुर एकेडमीक ब्लॉक 01, 195.47 लाख के राजकीय औद्योगिक संस्थान तल्ला देश चम्पावत, 89.11 लाख के ग्राम छिनीगोठ एवम भैंसाजाला में 02 सं. मिनी नलकूप निर्माण की योजना, 339.31 लाख की नरसिंहडांडा-गुरेली मो.मा. किमी 7 से कनयूड़ा-बड़पास मोटर मार्ग ( नचहतंकमजपवद ) समदहजी 5 किमी योजनाओं का लोकार्पण किया।

शिलान्यास
मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत जनपद चम्पावत के अंतर्गत 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के अंतर्गत सीलिंगटाक में स्थित टी- टूरिज्म हट की कुल धनराशि 105.50 लाख से मरम्मत व्यू पॉइंट कैफेटेरिया टिकट हाउस तथा फेंसिंग कार्य, 98.00 लाख की जनपद चम्पावत के विकासखंड चम्पावत में ग्राम खि़रद्वारी में 01 संख्या सोलर चलित लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण, भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) चम्पावत के भवन निर्माण लागत 220.00 लाख का शिलान्यास किया।

घोषणाएं
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं की घोषणाएं भी की। बनबसा में गैस एजेंसी का खोला जाना, क्वेरेला नदी के दाएं पार्श्व पर स्थित ग्राम झालाकूड़ी की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना, शारदा नदी के दाएं एवं बाये पार्श्व में ग्राम कोठौल एवं किचौल की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना, शारदा नदी के दाएं पार्श्व में घस्यारामण्डी बस्ती में शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा योजना, ग्राम उचौलीगोट मैं शारदा नदी के दाएं पाशर्व पर स्नान घाट का निर्माण, चम्पावत-ढकना-मौरलेख-मल्लधामिसौंन-खेतीखान मोटर मार्ग का निर्माण, हिंगला देवी मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधारी करण कार्य, कालूखान-गुरौली मोटर मार्ग, जमीन की व्यवस्था हो जाने पर बनबसा में सिडकुल का निर्माण शीघ्र प्रारम्भ किया जाएगा, चम्पावत-खेतीखान 5 किमी पैदल मार्ग का निर्माण, टनकपुर में नवनिर्मित ट्रामा सेंटर में नए फनीचर आदि की व्यवस्था कर उसे संचालित किया जाएगा, ग्राम प्रधानों का मानदेय रुपये 1500 से बढ़ाकर 3500 किया जाएगा तथा ग्राम प्रधानों को 10000 रुपये की आकस्मिक निधि व्यय करने की अनुमति दी जायेगी, 500 पंचायत घरों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की जाएगी के अन्य विकास कार्याे की घोषणा की।

जनसमस्याओं का निस्तारण
इस अवसर पर लगभग 160 से अधिक जन समस्याओं का पंजीकरण हुआ, जिनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान व निस्तारण इन तीन बिंदुओं पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो कार्य जिस स्तर का हो उसका निस्तारण उसी स्तर पर करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि बेवजह शिकायतें उच्च स्तर पर आएगी तो सम्बन्धित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस प्रकार की कार्यप्रणाली से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाना चाहते हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड प्रदेश को ख्याति प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में निरन्तर प्रदेश का चहुमुँखी हो रहा है।
इस दौरान सांसद अजय टम्टा, विधायक चम्पावत कैलाश गहतोड़ी, आयुक्त कुमाऊ सुशील कुमार, आईजी कुमाऊ अजय रौतेला, जिलाधिकारी विनीत तोमर, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप चंद्र पाठक आदि उपस्थित रहे।

खटीमा में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर वे स्वयं को गौरान्वित महसूस कर रहे हैं। खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा आदि जगहों पर हुई शहादत से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हुआ।

शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखण्ड राज्य का विकास करने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। हमारे राज्य आंदोलनकारियों ने रोजगार, सड़क, शिक्षा आदि को लेकर जो सपने देखे, उन्हें पूरा करने के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। आने वाले 10 वर्षों में निश्चित रूप से उत्तराखण्ड को देश का आदर्श राज्य बनाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों को सम्मान स्वरूप प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। परंतु अनेक राज्य आंदोलनकारी इससे छूट गए हैं। 30 जुलाई 2018 के बाद राज्य आंदोलनकारियें का चिन्हीकरण नहीं किया गया। राज्य आंदोलनकारियों की मांग पर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हिकरण के लिए नया शासनादेश जारी किया जाएगा। इसमें 31 दिसम्बर 2021 तक चिन्हिकरण की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिन्हित राज्य आंदोलनकारी जिन्हें 3100 रूपए पेंशन अनुमन्य की गई है, उनकी मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों, पत्नी/पति को भी 3100 रूपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। विभिन्न विभागों में कार्यरत राज्य आंदोलनकारियों को सेवा से हटाए जाने के माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल कर ठोस पैरवी करेगी। उद्योगों में नौकरी के लिए राज्य आंदोलनकारियों को प्राथमिकता के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। राजकीय अस्पतालों की तरह ही मेडिकल कालेजों में भी राज्य आंदोलनकारियों का निशुल्क ईलाज सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की अन्य मांगों पर भी निश्चित रूप से विचार किया जाएगा।

सीएम ने खटीमा के बण्डिया में बहुउद्देशीय शिविर में जनसमस्या सुनकर किया निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के बण्डिया क्षेत्र में जनता की समस्याओं के समाधान हेतु आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में जनसमस्याओं का निस्तारण किया। मुख्यमंत्री के साथ सांसद अजय टम्टा ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।

सरलीकरण, समाधान व निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमने विधानसभा सत्र के दौरान सतत विकास को लेकर काफी बिन्दुओं में गहन चर्चा की। सत्र के दौरान हमने कहा कि हमारी सरकार विशेषतः तीन बिन्दुओं सरलीकरण, समाधान व निस्तारण पर कार्य करेगी।

जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारियों की जिम्मेवारी तय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारीगण अपने कार्यों को अपने स्तर पर जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करें। प्रयास यह किया जाए कि कार्य को विधानसभा या जनपद स्तर पर ही निस्तारण कर लिया जाए। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले दस वर्षों में उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाया जाए।

खटीमा-पीलीभीत एनएच के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया

खटीमा-पीलीभीत सड़क मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग बनने को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय सङक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क का विधिवत कार्य भी शुरू कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही नानकमत्ता क्षेत्र में हेली सेवा शुरू की जाएगी ताकि जो श्रद्धालु नानकमत्ता साहिब आना चाहते हैं उन्हें सहुलियत हो सके। मुख्यमंत्री ने खटीमा में श्रद्धालुओं हेतु विश्राम गृह बनाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा पर स्टेट राज्यमार्ग- 70 जिसका प्रथम चरण पास हो चुका है उस पर शीघ्र ही कार्य शुरू कर दिया जायेगा। मेलाघाट क्षेत्र में इस छठ पूजा से पहले एक भव्य छठ पूजा घाट का निर्माण भी किया जायेगा। जगबुड़ा पूल को लेकर नेपाल से बात की जाएगी अगर बात बनती हैं तो जल्द ही पुल का निर्माण किया जाएगा। भारामल मन्दिर के सौन्दर्यीकरण का कार्य प्रथम चरण में हो रहा है। झनकईया तथा शारदा घाट का भी सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। वन चेतना मैदान चकरपुर में स्टेडियम का निर्माण भी शीघ्र कर लिया जाएगा। खटीमा बाईपास का निर्माण भी प्रगति पर है।

खटीमा कौमी एकता का गुलदस्ता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आगामी 15 सितम्बर से प्रदेश की सड़को को गडढामुक्त करने का अभियान चलायेगी। उन्होंने कहा कि मेरा खटीमा मिनी इंडिया या लघु भारत है, इसे कौमी एकता का गुलदस्ता भी कहा जा सकता है। हम यही चाहते हैं कि हम सरकार की तरह नही बल्कि जनता के साथ साझीदार के रूप में कार्य करे। सरकार जनता के द्वार के सिद्धान्त पर कार्य किया जा रहा है और लोगो की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। खटीमा क्षेत्र में आगामी दस दिनों में जमीनों से ज़ुड़े सारे विवाद समाप्त करने की कोशिश करेंगे।

अल्मोड़ा लोकसभा से सांसद अजय टम्टा ने उत्तराखंड निर्माण के दिनों को याद करते हुए वर्तमान के उत्तराखंड में एक मुख्यमंत्री के रूप में युवा नेतृत्व चुनने के के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद दिया।
नानकमत्ता के विधायक प्रेम सिंह राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि 2 माह के कार्यकाल में सीएम द्वारा उत्तराखण्ड को एक अलग पहचान मिली है और स्थानीय क्षेत्र खटीमा में युवाओं, उनकी शिक्षा में शानदार कार्य हों रहा है।

कार्यक्रम से पहले, मुख्यमंत्री ने अन्य लोगों के साथ पार्टी कार्यकर्ता सतीश मौर्या के घर पर भोजन भी ग्रहण किया।

धारचूला में आपदा प्रभावित क्षेत्र पहुंचकर सीएम ने लिया स्थिति का जायजा, प्रभावित परिवारों से मिलकर जताई शोक संवेदना


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ जनपद के सीमांत तहसील धारचूला के आपदा प्रभावित क्षेत्र ग्राम जुम्मा पंहुचकर विगत दिनों क्षेत्र में हुई भारी वर्षा से हुई क्षति का जायजा लिया गया तथा आपदा प्रभावितों से मिले व उनका हाल जाना। इस दौरान उन्होंने जुम्मा के जामुनी तोक में आपदा से लापता व्यक्तियों की खोजबीन हेतु चलाए जा रहे रेस्क्यू कार्य का भी जायजा लिया गया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर नुकसान का जायजा भी लिया गया। उन्होंने जुम्मा के एलागाड़ स्थित एसएसबी कैम्प में जुम्मा के जामुनी एवं सिरौउयार तोक के आपदा प्रभावितों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दुःख व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुःख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है। इस दौरान प्रभावित परिवारों को प्रति मृतक 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रति मृतक मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से भी परिवार को सहायता के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आपदा पीड़ितों को आस्वस्त कराया कि सरकार इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पर्यटक आवास गृह धारचूला पहुंचकर स्थानीय लोगों से मिले और उनकी समस्याएं भी सुनी। इससे पूर्व जुम्मा में आपदा की घटना में मृतक व्यक्तियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शान्ति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। इसके उपरांत उन्होंने धारचूला नगर के नो गांव(तरकोट), मल्ली बाजार के आपदा पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर सम्भव मदद करने की बात करते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का भू गर्भीय परीक्षण कराते हुए सुरक्षा के कार्य कराए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय जनता की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने बरम के गोगोई में भू कटाव को रोके जाने हेतु सुरक्षा दीवार का निर्माण करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि दुःख की घड़ी में सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी है। हर सम्भव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी एक माह हेतु क्षेत्र में हैलीसेवा को बढ़ा दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिथौरागढ़ से हवाई सेवा सुचारू किए जाने हेतु भी प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि धारचूला काली नदी किनारे तटबन्ध निर्माण हेतु सिंचाई विभाग द्वारा तैयार 42 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान हेतु शासन से कार्यवाही की जाएगी।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में आपदा से बंद क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्रता से खोलना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तीन मांह हेतु खाद्यान्न की आपूर्ति की जा चुकी है,जहां खाद्यान्न की कमी होगी उन क्षेत्रों में हैलीकॉप्टर से खाद्यान्न पंहुचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने आपदा के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए त्वरित कार्य हेतु जिलाधिकारी एवं उनकी समस्त टीम की सराहना करते हुए कहा कि आपदा विभाग 24 घंटे कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है जहां सबसे अधिक वैक्सीनेशन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कोरोना कम हुआ है पर खत्म नहीं हुआ है। सभी लोगों से अपील है कि वह कोविड नियमों का अनुपालन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि अगले 4 महीने में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन कर लिया जाएगा। केन्द्र से उत्तराखंड को 20 लाख वैक्सीन उपलब्ध करा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी कार्यों को सरलीकरण करते हुए उनका समाधान कर त्वरित निस्तारण करना सुनिश्चित करें ताकि निचले स्तर की समस्याओं के निस्तारण हेतु लोगों को तहसील, जिला एवं राज्य स्तर तक न आना पड़े। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू गर्भीय परीक्षण कर सुरक्षा एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि धारचूला के ग्वाल गांव में सुरक्षा के कार्य किए जाएंगे। व्यास खोतिला के भू कटाव की सुरक्षा हेतु धनराशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी घोषणा कर रही है उसे धरातल पर अवश्य ही साकार कर रही है। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद अजय टमटा ने कहा कि सरकार इस दुःख की घड़ी में आपदा प्रभावितों के साथ है। उनकी हर संभव मदद की जाएगी।
भ्रमण के दौरान सांसद अजय टम्टा, जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक सुखबीर सिंह, क्षेत्र प्रमुख धन सिंह धामी, अध्यक्ष नगर पालिका राजेर्श्वरी देवी, प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी आशीष पुनेठा आदि मौजूद रहे।

टिहरी निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत में लाने का अनुरोध

टिहरी जिले के कंदीसौड़ स्थित थौलधार ब्लाक निवासी जबर सिंह के पार्थिव शरीर को नाइजीरिया से भारत वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री एस जय शंकर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि भारत सरकार इस मसले पर गंभीरता से प्रयास करे।

ज्ञातव्य है कि टिहरी जनपद के कंदीसौड़ गांव के निवासी जबर सिंह नाइजीरिया स्थित ताज रेस्टोरेंट में काम में कार्यरत थे, बीते 24 अगस्त को देर रात को अचानक उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया था। जबर सिंह के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा उनका पार्थिव शरीर अपने गाँव लाये जाने हेतु नाइजीरिया सरकार से सम्पर्क किया गया, लेकिन उनके द्वारा स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजे जाने में असमर्थता व्यक्त कर दी गई। स्व. जबर सिंह के परिवारजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण स्वयं के संसाधनों से वे मृतक का शरीर भारत वापस लाने में असमर्थ है।

इस बात का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के विदेश मंत्री से विशेष अनुरोध करते हुए इस मामले की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर स्व. जबर सिंह के पार्थिव शरीर भारत वापस लाये जाने हेतु केन्द्र सरकार से आग्रह किया है. विदेश मंत्रालय से इस सम्बन्ध में राज्य सरकार को सकारात्मक आश्वासन मिला है।

सीएम की घोषणा के बाद राज्य के 1.60 लाख राज्य कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर होंगे लाभान्वित


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज विधानसभा सदन में राज्य कर्मचारियों के फ्रीज किये गये महंगाई भत्ते को बहाल करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 प्रतिशत डीए वृद्धि से अब राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को कुल 28 प्रतिशत डीए मिलेगा। सितम्बर माह के वेतन में बढ़ा हुआ डीए मिलेगा। जबकि जुलाई व अगस्त माह का एरियर दिया जाएगा। इससे प्रदेश के लगभग 1 लाख 60 हजार कर्मचारी और 1 लाख 50 हजार पेंशनर लाभान्वित होंगे।

पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे पर गम्भीरता व संवेदनशीलता से कर रहे विचार
इसके लिए पहले से गठित है मंत्रिमण्डल उपसमिति

पुलिस कर्मियों के ग्रेड पे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर पहले ही मंत्रिमंडल उपसमिति बनी हुई है। हम इस पर पूरी गम्भीरता और संवेदनशीलता से विचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा पुलिसकर्मी दिन रात अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं। राज्य सरकार, राज्य और पुलिस विभाग के हित में हर जरूरी निर्णय लेगी।

सीएम से मिले पवनदीप राजन, कला-पर्यटन और संस्कृति में सीएम ने बताया राज्य का ब्रांड एंबेसडर


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवनदीप राजन को कला, पर्यटन और संस्कृति में उत्तराखण्ड का ब्राण्ड एम्बेसेडर बनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पवनदीप राजन ने सामान्य स्थितियों से उठकर अपनी प्रतिभा से देश दुनिया में उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है।

पवनदीप राजन ने सीएम आवास में मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की।

अफगानिस्तान से वापस लौटे उत्तराखण्ड वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय के जनता मिलन हॉल में अफगानिस्तान से सकुशल लौटे 56 उत्तराखण्ड वासियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन संघर्ष एवं जतन के बाद वतन वापस आने वालों का वे प्रदेश में स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से उत्तराखण्ड वासियों की सकुशल वापसी के लिये वे निरंतर प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का भी आभार व्यक्त करते हुए उनके सहायोग के लिये धन्यवाद भी ज्ञापित किया। कहा कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व के कारण संभव हो पाया। प्रधानमंत्री मोदी के कारण आज दुनिया में भारत का स्वाभिमान व इज्जत बढ़ी है। शक्तिशाली भारत की पहचान बनी है। देश के सक्षम एवं मजबूत लीडरशिप के कारण हमारे लोग विदेशों में सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में फंसे लोगों को सकुशल वापसी के प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के लोगों को दिल्ली से उनके घरों तक वापस लाने के लिये आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये स्थानिक आयुक्त को भी निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक 400 से अधिक लोगों की उत्तराखण्ड वापसी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड लौटे लोगों के स्वास्थ्य एवं स्वरोजगार की समस्याओं के समाधान का भी रास्ता तलाशा जायेगा। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित 56 लोगों के साथ ही सभी वापस लौटे लोगों के सुखद भविष्य की भी कामना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि वे भी निरंतर अफगानिस्तान में फंसे लोगों के परिवार के सम्पर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड लौटे लोगों में से यदि कोई अपना उद्यम स्थापित करना चाहेगा तो उसके लिये सहयोग दिया जायेगा।

इस अवसर पर गोरखाली सुधार सभा के पदाधिकारियों ने गोरखा समाज की विभिन्न समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा। इस अवसर पर विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ पराग मधुकर धकाते, जिलाधिकारी आर राजेश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, संयोजक चेतन गुरंग, केंट वार्ड के पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु गुप्ता, गोरखाली सुधार सभा की पुष्पा, सुधा, उमा के साथ ही बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित थे।

5720.78 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा सत्र में हुआ पेश


देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5720.78 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया।

एक नज़र बजट के अहम 12 बिंदुओं पर

*1 :-* वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम अनुपूरक बजट के अन्तर्गत कुल बजट धनराशि रू0 5720,78 करोल
का प्रावधान किया गया है जिसमें राजस्व व्यय को अन्तर्गत 60 2000.63 करोड़ व पूंजीगत व्यय के अन्तर्गत 60 2730.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। केन्द्र पोषित योजनाओं में 3178.87 करोड एवं बाहय सहायतित परियोजनाओं हेतु रू0 66 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*2 :-* केन्द्र पोषित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु रू0 570 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेतु कुल 449 करोड, जल जीवन मिशन योजना हेतु कुल 60 401 करोड, अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन हेतु रू0 137.29 करोड़, प्रधान मंत्री आवास योजना हेतु रू0 70.01 करोड, स्वच्छ भारत मिशन
हेतु रू0 24.65 करोड़, रूसा के अन्तर्गत विश्वविद्यालय/शासकीय तथा अशासकीय महाविद्यालयों को भवन निर्माण हेतु रू0 20 करोड़, समग्र शिक्षा में वृहद निर्माण हेतु रू0 214.57 करोड का प्रावधान किया गया है।

*3 :-* कोविड आपदा के आलोक में विविध प्रकार की सहायता हेतु रू0 600 करोड का प्रावधान किया गया है।

*4 :-* मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु रू0 100 करोड़, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना हेतु रू0 16.51 करोड, मुख्यमंत्री सौभाग्यवती योजना हेतु रू0 8.34 करोड, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना हेतु रू0 7.65 करोड, आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को दिये जाने वाले मानदेय हेतु रू0 33 करोड़ एवं पार्ट टाईम दाईयों
को अतिरिक्त मानदेय हेतु रू0 15.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*5 :-* शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों को समनुदेशन हेतु कुल रू0 293 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*6 :-* प्रदेश के मार्गों/पुलियों के अनुरक्षण कार्य हेतु रू0 55 करोड़, बाढ़ सुरक्षा कार्यों के संपादन हेतु रू० 30 करोड, नगरीय पेयजल/जलोत्सारण योजनाओं का निर्माण हेतु रू0 25 करोड, स्मार्ट सिटी योजना हेतु रू0 60 करोड, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना मे भूमि अधिग्रहण/एन.पी.वी. का भुगतान हेतु रू0 93 करोड़ एवं केन्द्रीय सडक निधि मद में रू0 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*7 :-* श्री केदार नाथ उत्थान चौरिटेबल ट्रस्ट के अन्तर्गत श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ में प्रस्तावित कार्यों आदि हेतु रू0 15 करोड़, पर्यटन विभाग के अन्तर्गत चार धाम एवं विभिन्न स्थानों हेतु भूमि क्रय के लिए रू0 15 करोड़ एवं सरकारी भवनों का पुननिर्माण हेतु रू0 16 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*8 :-* राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु रू0 5 करोड़, विद्यालयों एवं छात्रावासों का निर्माण हेतु रू0 10 करोड एवं केन्द्रीय विद्यालयों के निर्माण हेतु भूमि क्रय के लिए रू० 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*9 :-* प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों हेतु भूमि क्रय के लिए रू0 5 करोड, कोटद्वार मेडिकल कालेज की स्थापना हेतु रू0 20 करोड़ तथा अल्मोड़ा मेडिकल कालेज अन्तर्गत रू0 13 करोड का प्रावधान किया गया है।

*10 :-* पर्वतीय मार्गों में बस संचालन से होने वाली हानि की प्रतिपूर्ति हेतु रू0 42 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

*11 :-* मॉडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हेतु रू0 62.53 करोड़ एवं वर्क फोर्स डेवलपमेंट फार माडल इकोनोमी के लिये रू0 25 करोड का प्रावधान किया गया है।

*12 :-* कैम्पा योजना के अन्तर्गत रू0 150 करोड़ एवं उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत जलागम विकास परियोजना हेतु रू0 30 करोड़, उद्यान बीमा योजना हेतु रू0 26.56 करोड़, राष्ट्रीय कृषि वानिकी एवं बांस मिशन हेतु रू0 9.42 करोड एवं राष्ट्रीय कृषि प्रसार एवं प्रौद्योगिकी मिशन/ कृषि उन्नति योजनाएं हेतु रू0 8.5 करोड का प्रावधान किया गया है।

तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात में सीएम ने कहा, नहीं होगा अहित


सीएम आवास में देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी और केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के नेतृत्व में केदारनाथ व बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमण्डल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों और पण्डा समाज का किसी प्रकार का अहित नहीं होने दिया जाएगा। वरिष्ठ नेता श्री मनोहर कांत ध्यानी जी को संबंधित तीर्थ पुरोहितों के पक्ष को जानकर पूरी रिपोर्ट देने का आग्रह किया गया है। राज्य सरकार सभी को सुनेगी और उनकी चिंताओं का समाधान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम्यूनिकेशन गैप नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालेगी। बातचीत से सभी शंकाएं दूर की जाएगी और जहां सुधार की जरूरत होगी, राज्य सरकार सुधार करेगी।

बदरीनाथ मास्टर प्लान को मूर्त रूप देने से पूर्व सभी संबंधित पक्षों की भी बात सुनी जाएगी और उनकी शंकाओं का निवारण किया जाऐगा। सभी के हित यथासंभव सुरक्षित रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी वार्ता के माध्यम से रास्ता निकाले जाने पर सहमति व्यक्त की।