भारी बारिश के अलर्ट के बीच सीएम खुद करे मॉनीटिरिंग, लगातार रख रहे नजर

प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से उनकी तैयारियों, बारिश की स्थिति आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी स्कूलों में 18 अक्टूबर को अवकाश रखने के निर्देश दिये। बहुत से जिलों में अवकाश कर भी दिया गया है। जिन जिलों में नहीं किया गया है, वे भी एहतियातन सोमवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री प्रदेश में आए हुए हैं। जरूरी होने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराते हुए उनके रहने और भोजन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। पर्यटक और तीर्थयात्री यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य, जिलों और तहसील स्तरों पर कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित हों। जिलों से इन दो दिन, हर घंटे रिपोर्ट भेजी जाए। कोई घटना होने पर उसकी सूचना तुरंत दी जाए। रेस्पोंस टाइम कम से कम होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। आईटीबीपी, सीडब्ल्यूसी, बीआरओ, एसडीआरएफ, राजस्व, पुलिस आदि आपसी समन्वय से काम करें। ट्रेकर्स के बारे में पूरी सूचना रखी जाए और उनसे सम्पर्क रखें। लैंडस्लाइड जोन पर विशेष ध्यान रखा जाए। रास्ते बंद होने पर तुरंत खोलने की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि भूस्खलन आदि स्थिति में लोग कहीं फंसे नहीं। वे सुरक्षित स्थानों पर ठहरें। आपदा बचाव और राहत संबंधी उपकरण सुचारू स्थिति में हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए पूरी सावधानी बरतनी है। यात्रियों और पर्यटकों से भी सावधानी रखने की अपील की जाए, परंतु किसी तरह के पैनिक की भी जरूरत नहीं है। जिलाधिकारी, एसएसपी स्वयं मॉनिटरिंग करें।
बैठक में सभी जिलाधिकारियों से पूरी जानकारी ली गयी। बताया गया कि सभी जगह स्थिति अभी सामान्य है। एहतियातन चारधाम यात्रियों को सुरक्षित रूकाया गया है। रुकने, खाने की पर्याप्त व्यवस्था है।
बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक संजय गुप्ता, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एसए मुरूगेशन, आईजी वी मुरूगेशन, आईजी एसडीआरएफ पुष्पक ज्योति, एसीईओ आपदा प्रबंधन रिद्धिम अग्रवाल, सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, बीआरओ, आईएमडी, आईटीबीपी, सीडब्ल्यूसी, उत्तराखण्ड सब एरिया, सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

द हंस फाउण्डेशन का उत्तराखंड को मिल रहा सहयोग-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहकमपुर देहरादून में द हंस फाउण्डेशन डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक श्री भोले जी महाराज और माता मंगला जी ने प्रदेश को 14 डायलिसिस केन्द्रों एवं 13 सचल चिकित्सालयों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि माता मंगला और भोले महाराज ने अपना पूरा जीवन परमार्थ के लिए लिए समर्पित किया है। उनके लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है। उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश में उनके द्वारा जन सेवा के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी गई है। इसके लिए उन्होंने भोले महाराज एवं माता मंगला का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी ने हंस फाउण्डेशन के माध्यम से अनेक सेवा के कार्य किये। स्वास्थ्य सुविधाओं एवं खाद्यान्न वितरण कर जन सेवा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं माता मंगला ने उत्तराखण्ड के लिए समय-समय पर अनेक सौगात दी हैं। आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने डायलिसिस केन्द्रों एवं सचल चिकित्सालयों की बड़ी सौगात दी है। 12 दूरस्थ डिग्री कॉलेजों के लिए भी उन्होंने एक लाख किताबें दी हैं।
माता मंगला जी ने कहा, मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मुझे जितना भी समय मिले, मैं जन सेवा कर सकूं। जन समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक आदमी की मदद भी करता है तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि होगी। जिन बच्चों की आज हम सेवा कर रहे हैं, कल वे अपने पैरो पर खड़े होंगे। यह आत्म सन्तुष्टि का भाव है।
इस अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, हंस फाउण्डेशन के पदाधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

पीएम के उद्घाटन के बाद पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र देश के सभी जिलों में चालू हुए

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में 35 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में पीएम केयर्स के तहत स्थापित 35 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किये। इससे देश के सभी जिलों में अब पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र चालू हो गए हैं।

नवरात्रि के प्रथम दिन देवभूमि उत्तराखण्ड आना सौभाग्यः प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने नवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि ‘आज से नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू हो रहा है। प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री, हिमालय पुत्री हैं। और आज के दिन मेरा यहां होना, यहां आकर इस मिट्टी को प्रणाम करना, हिमालय की इस धरती को प्रणाम करना, इससे बड़ा जीवन में कौन सा धन्य भाव हो सकता है।’

मन, कर्म, सत्व और तत्व का नाता है देवभूमि से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देव भूमि उत्तराखण्ड ऋषियों की तपस्थली रही है। योग नगरी के रूप में ये विश्व को आकर्षित करती रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि उनके लिए महत्वपूर्ण है, इस भूमि से उनका मन और कर्म का नाता है तो सत्व और तत्व का भी। उत्तराखण्ड आकर उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। उत्तराखण्ड की दिव्यधरा ने मुझ जैसे ना जानें कितने लोगों की जीवन धारा को मोड़ने में मदद की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के ही दिन 20 वर्ष पहले उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जनता की सेवा का नया दायित्व मिला था। उन्होंने विशेष तौर पर ये बात कही कि इस यात्रा की शुरुआत उत्तराखण्ड राज्य के गठन के साथ हुई थी क्योंकि उत्तराखण्ड गठन के कुछ माह बाद गुजरात के मुख्यमंत्री का पदभार उन्होंने सम्भाला था। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर इस धरा को प्रणाम करना मेरे लिए सौभाग्य का क्षण है। प्रधानमंत्री ने राज्य को ओलम्पिक और पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी।

कोरोना से लड़ाई में देश का सामर्थ्य दिखा, बड़े पैमाने पर हेल्थ सुविधाएं विकसित
प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि जिस धरती से योग और आयुर्वेद जैसी जीवनदायिनी शक्तियों को बल मिला, उसी धरती से आज आक्सीजन के प्लांट समर्पित किए जा रहे हैं। कहा कि कोरोना से लड़ाई में इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं तैयार की हैं, वे हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है। पहले सिर्फ 1 टेस्टिंग लैब थी अब करीब 3 हजार टेस्टिंग लैबों का नेटवर्क है। मास्क और किट्स के आयातक से निर्यातक बनने का सफर किया। देश के दूर दराज वाले इलाकों में भी वेंटिलेटर्स की सुविधाएं बढ़ी हैं। मेक इन इण्डिया में कोराना वैक्सीन का तेजी से और बड़ी मात्रा में निर्माण किया गया। दुनिया का सबसे बड़ा और तेज टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। भारत ने जो कर दिखाया वह हमारी संकल्पशक्ति, हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है। भारत ने मेडिकल आक्सीजन के उत्पादन में 10 गुना से अधिक वृद्धि की है।

युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रभावी मैनेजमेंट से उत्तराखण्ड में तेजी से टीकाकरण अभियान
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है कि कोरोना वैक्सीन की 93 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। बहुत जल्द 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएंगे। भारत ने कोविड वैक्सीन प्लेटफार्म का निर्माण करके पूरी दुनिया को राह दिखाई है कि इतने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन कैसे किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में बहुत तेजी से कोविड टीकाकरण हो रहा है। राज्य सरकार के प्रभावी मैनेजमेंट से उत्तराखंड बहुत जल्द 100 प्रतिशत पहली डोज पूरी करने वाला है।

सरकार का लक्ष्य देश के हर जिले में हो मेडिकल कॉलेज
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज सरकार इस बात का इंतजार नहीं करती कि नागरिक उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आएंगे तब कोई कदम उठाएंगे। सरकारी माइंडसेट और सिस्टम से इस भ्रांति को बाहर निकाल रहे हैं। अब सरकार नागरिक के पास जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 6-7 साल पहले तक सिर्फ कुछ राज्यों में ही एम्स की सुविधा थी, आज हर राज्य तक एम्स पहुंचाने के लिए काम हो रहा है। 6 एम्स से आगे बढ़कर 22 एम्स का सशक्त नेटवर्क बनाने की तरफ हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का ये भी लक्ष्य है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कालेज जरूर हो।

उत्तराखण्ड में जलजीवन मिशन में हुआ काफी काम
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के निर्माण का सपना अटल जी ने पूरा किया था। अटल जी मानते थे कि कनेक्टिविटी का सीधा कनेक्शन विकास से है। उन्हीं की प्रेरणा से देश में कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व स्पीड और स्केल पर काम हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2019 में जलजीवन मिशन शुरू होने से पहले उत्तराखण्ड के सिर्फ 1 लाख 30 हजार घरों में ही नल से जल पहुंचता था। आज उत्तराखण्ड के 7 लाख 10 हजार से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचने लगा है।

सैनिकों के हितों को लेकर सरकार गम्भीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर फौजी, हर पूर्व फौजी के हितों को लेकर भी पूरी गम्भीरता से काम कर रही है। ये हमारी सरकार ही है जिसने वन रैंक वन पेंशन को लागू करके अपने फौजी भाईयों की 40 साल पुरानी मांग पूरी की। उत्तराखण्ड की देश की सुरक्षा में बड़ी भूमिका रही है। यहां के नौजवान, भारतीय सुरक्षा बलों की आन बान व शान हैं। केदारनाथ धाम में सुविधा बढ़ाई जा रही है, चारधाम परियोजना देश दुनिया के श्रद्धालुओं को आसान बनाने के साथ ही कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ रही है।

केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयास, उत्तराखण्ड के लोगों के सपनों को पूरा करने का आधार
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम उत्तराखंड को आगे बढ़ाने का ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयास, यहां के लोगों के सपनों को पूरा करने का आधार है। यहां कनेक्टिविटी के क्षेत्र में काफी काम हुआ है। चारधाम ऑलवेदर रोड़, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, उड़ान में हवाई सेवाएं आदि से उत्तराखण्ड की जनता को काफी लाभ मिलने वाला है। अगले कुछ वर्ष में उत्तराखंड गठन के 25 साल में होगा। यही समय है सही समय है। यहाँ के लोगों के सपनों को नई बुलंदी देने वाला है।

प्रधानमंत्री की 20 वर्षों की यात्रा महान संकल्पों की यात्रा-धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री का देवभूमि उत्तराखण्ड की सवा करोड़ जनता की ओर से देवभूमि आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की पिछले 20 वर्षों की यात्रा महान संकल्पों का उदाहरण है। प्रधानमंत्री जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मां भारती की सेवा में लगा दिया, जो हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों की सुरक्षा एवं सेवा के लिये राष्ट्रव्यापी जीवन रक्षक ऑक्सीजन प्लाण्टों को समर्पित किया है।
आज से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व जब कोरोना महामारी का प्रारंभ हुआ था तब से आज तक प्रधानमंत्री जी ने एक नेता एवं प्रशासक की भांति ही नहीं बल्कि हमारे अभिभावक की भांति हमारा हाथ थामा और मुश्किल की घड़ी में पूरे देश को हौंसला दिया। पूरा विश्व इस बात का साक्षी है कि जिस देश को लेकर विशेषज्ञ तरह-तरह की आशंका जता रहे थे उस देश ने न सिर्फ कोरोना का डटकर सामना किया बल्कि वैक्सीन बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई। सैनिकों के प्रति प्रधानमंत्री जी का सम्मान जग जाहिर है। हमने देखा है कि एक मुख्यमंत्री के रूप में और अब एक प्रधानमंत्री के रूप में वे हर बार दिवाली और होली सैनिकों के साथ मनाते हैं।

आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इण्डिया युवाओं के मन में बस चुके आंदोलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के बच्चे बच्चे की जुबां पर आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत, स्किल इण्डिया, फिट इण्डिया, मेक इन इण्डिया जैसे नारे रहते हैं। ये सिर्फ नारे नहीं है बल्कि आज, ये देश के हर नागरिक, हर युवा के मन में बस चुके आंदोलन का रूप ले चुके हैं। कोरोना काल में आत्मनिर्भर भारत योजना और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने करोड़ो लोगों को रोजगार और दो वक्त का भोजन सुनिश्चित किया है। जहां एक ओर आयुष्मान भारत योजना ने देश के हर व्यक्ति को यह भरोसा दिलाया है कि बीमारी के समय पर उन्हें उपचार अवश्य मिलेगा वहीं दूसरी ओर उज्जवला योजना ने करोड़ों गरीब माताओं-बहनों की आंख के आंसू पोछे हैं। सैंकड़ों वर्षों से अपने निर्माण की बांट जोह रहे श्रीराम मंदिर के पुर्ननिर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। कश्मीर से धारा 370 का खात्मा हो सका और कश्मीर का भारत में पूर्ण एकीकरण हो सका। चाहे औद्योगिक विकास हो, शैक्षिक विकास हो, सामाजिक विकास हो या आध्यात्मिक विकास हो, प्रधानमंत्री जी की सोच व्यापक रही है। यह नमामि गंगे, स्वच्छता अभियान, नई शिक्षा नीति, इन्द्रधनुष योजना, वन नेशन वन राशन कार्ड जैसी अनेकों जनकल्याणकारी योजनाओं से परिलक्षित होता है।

कोविड से लड़ाई में केंद्र का मिला पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड चारधाम की भूमि तो है ही ये वीर भूमि भी है, जिसे प्रधानमंत्री जी ने सैन्यधाम की संज्ञा भी दी है। उत्तराखण्ड की इस भूमि से प्रधानमंत्री जी का विशेष स्नेह किसी से छुपा नहीं है। केदारनाथ की त्रासदी के समय मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी वह उत्तराखंड की जनता के लिए पूर्ण रूपेण साथ खड़े थे। कोरोना महामारी में उत्तराखंड जैसे भौगोलिक कठिनाइयों से घिरे राज्य में भी प्रधानमंत्री जी ने साधन संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी और व्यक्तिगत रूप से उत्तराखंड की चिंता की।

उत्तराखण्ड के विकास के लिए प्रधानमंत्री ने दी महत्वपूर्ण सौगातें
उत्तराखण्ड के लिये चारधाम ऑल वेदर रोड, भारत माला प्रोजेक्ट तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन की महत्वपूर्ण सौगात दी है। प्रधानमंत्री के निर्देशन में केदारपुरी में जहां प्रथम चरण के 225 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहीं 184 करोड़ के कार्य द्वितीय चरण में गतिमान है। इसके साथ ही बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए जहां 245 करोड़ रूपये से अधिक स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं गंगोत्री व यमनोत्री के लिए क्रमशः 20 करोड़ और 34 करोड़ रूपये स्वीकृत हो चुके हैं। जहां एक ओर चार दशकों से लंबित तराई-भाबर की लाइफ लाइन जमरानी बहुद्देशीय परियोजना की स्वीकृति दी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में 27 हेलीपोर्ट विकसित करने के साथ-साथ उड़ान योजना व सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजनाओं द्वारा उत्तराखंड के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। टिहरी लेक डेवलेपमेण्ट हेतु 1200 करोड़ रूपये की स्वीकृति हो या समेकित सहकारी विकास योजनाओं के लिये 3340 करोड़ रूपये की स्वीकृति हो, प्रधानमंत्री जी ने हमेशा उत्तराखंड की दिल खोलकर सहायता की है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में दिए जा रहे कोविड राहत पैकेजों सहित विकास कार्याे की जानकारी दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और केन्द्र सरकार से प्राप्त हो रहे मार्गदर्शन एवं सहयोग से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखण्ड में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। जहां 24 हजार सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। वहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा नैनो उद्यम योजना के अन्तर्गत लाखों युवाओं को स्वरोजगार देने की प्रक्रिया गतिमान है। कोरोना महामारी से प्रभावित पर्यटन, परिवहन, क्षेत्रों के लिये 200 करोड़ का राहत पैकेज, स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूती एवं इससे जुड़े कार्मिकों को प्रोत्साहन हेतु 205 करोड़ तथा महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिये 118 करोड़ का राहत पैकेज प्रदान किया जा रहा है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लोगों के खातों में भेजी जा रही हैं। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में 44 लाख लोगों के कार्ड बन चुके हैं। इस योजना से 3 लाख 50 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। दिसम्बर माह तक प्रदेश में प्रथम चरण के वैक्सीनेशन का शत-प्रतिशत पूर्ण करने का जो लक्ष्य रखा था उस लक्ष्य को हम केन्द्र सरकार के सहयोग से इसी माह पूर्ण करने की ओर अग्रसर हैं। अब तक 96 प्रतिशत वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। मार्च 2020 से पूर्व उत्तराखण्ड में मात्र 1 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर (गढ़वाल) में संचालित हो रहा था, जबकि आज 87 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट उपलब्ध हो चुके है, जिनमें से पी०एम० केयर फण्ड द्वारा उपलब्ध 25 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांटों ने पूर्ण रूप से कार्य करना प्रारम्भ कर दिया है।

वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के अनुरूप विश्व के दूसरे देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का मूलमंत्र दिया है। कोरोना काल में इस मंत्र की शक्ति को हम सभी ने देखा है। इससे कोरोना के खिलाफ जंग में ताकत मिली है। करोड़ों लोगों को गरीब कल्याण अन्न योजना में खाद्य सुरक्षा दी। वैक्सीन का देश में ही निर्माण करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया। उन्हीं की प्रेरणा है कि पहले जहां किसी बीमारी का टीका आने में कई वर्ष लग जाते थे, आज कोविड की वैक्सीन का इतने कम समय में देश न केवल उत्पादन शुरू हुआ बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान यहां चल रहा है। वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के अनुरूप विश्व के दूसरे देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब तक, पूरे देश में कुल 1,224 पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों को पीएम केयर्स के तहत वित्तपोषित किया गया है, जिनमें से 1,100 से अधिक संयंत्रों को चालू किया गया है, जिससे प्रतिदिन 1,750 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। यह कोविड- 19 महामारी शुरू होने के बाद से भारत की चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सकारात्मक उपायों का प्रमाण है।
इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री, सांसदगण, विधायकगण, केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारी, एम्स के अधिकारी उपस्थित थे।

36100 परिवहन व्यवसायों को 6 माह तक रुपए दो हजार प्रतिमाह आर्थिक सहायता-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में कोविड-19 से प्रभावित परिवहन व्यवसायियों (चालक/परिचालक/क्लीनर) को सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता योजना का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मौजूद विभिन्न बस, टैक्सी यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस योजना के तहत प्रदेश भर के 103235 चालक/परिचालक/क्लीनर को 2000 रुपए प्रतिमाह की दर से 6 माह तक प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि कोविड से प्रभावित हर वर्ग, हर व्यवसाय से जुड़े लोगों को लाभ पहुँचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के कारण सरकार को राजस्व प्राप्तियां भी सीमित हुई हैं लेकिन सरकार साझेदार के रूप में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरेंडर पॉलिसी और हिल इंडोसमेंट नियमावली पर भी विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चारधाम यात्रा के अंतर्गत की संख्या बढ़ाने का भी प्रयास करेगी। सरकार की तरफ से चारधाम में सभी व्यवस्था की जा रही है, कोविड प्रोटकॉल का भी पूरा पालन चारधाम यात्रा में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हाल में ही एवियशन फ्यूल टैक्स में 18 प्रतिशत की कटौती करते हुए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय के बाद भले ही हमारे राज्य को टैक्स का कुछ नुकसान उठाना पड़े लेकिन प्रदेश के लिए यह फायदेमंद होगा। एवियशन कंपनीज रिफ्यूलिंग और नाइट स्टे हेतु अधिक से अधिक प्रदेश का रुख़ करेंगी। एविएशन कंपनियों के मूवमेंट से इसका सीधा फायदा स्थानीय व्यवसायियों को टैक्सी संचालकों को लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा युवा प्रदेश है, सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास की नीति के साथ हम प्रदेश को विकास की राह पर मार्ग पर आगे ले जा रहे हैं। उत्तराखण्ड हिन्दुस्तान का सबसे बेहतर राज्य बने हम सबके सहयोग से इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। हमारा एजेंडा सिर्फ विकास का है।
कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने परिवहन व्यवसायियों को दिए जा रहे इस आर्थिक पैकेज को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। परिवहन मंत्री आर्य ने कहा कि प्रदेश में कोविड काल के बाद आर्थिक गतिविधियों पर काफी प्रभाव पड़ा है, सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद परिवहन क्षेत्र के व्यवसायियों के हित में यह निर्णय लिया।
सचिव परिवहन डॉ. रंजीत सिन्हा ने कार्यक्रम में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत पहले चरण में 36100 परिवहन व्यवसायों को डीबीटी के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा आगामी 6 माह तक रुपए दो हजार प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिसमें 34635 चालक, 930 परिचालक और 535 क्लीनर शामिल हैं। सचिव परिवहन ने बताया कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु परिवहन विभाग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल का निर्माण करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य के समस्त सार्वजनिक वाहनों के चालकों, परिचालकों एवं क्लीनर्स को उक्त पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन हेतु आमंत्रित किया गया था। पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का विभागीय स्तर पर सत्यापन करते हुए पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है।
परिवहन आयुक्त दीपेन्द्र चौधरी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के तमाम अधिकारियों समेत विभिन्न परिवहन यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

सीएम घोषणाओं को तय समय पर पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सीएम घोषणाओं की क्रियान्विति की उच्च स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सीएम घोषणाओं के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में बजट की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है। इसके लिए अनुपूरक के माध्यम से विभागों को बजट आवंटित किया गया है और घोषणा प्रकोष्ठ के मद में भी समुचित बजट की व्यवस्था की गई है। कोविड राहत पैकेज संबंधी घोषणाओं में लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। जल्द ही सभी लाभार्थियों को राहत राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन कार्यों/घोषणाओं में शिलान्यास किया जाएगा, उनमें अनिवार्य रूप से लोकार्पण भी किया जाएगा। सभी विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं का क्रियान्वयन, समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 455 घोषणाएं की गई हैं। विभागों द्वारा घोषणाओं के आगणन गठन की कार्यवाही की जा रही है। बहुत सी घोषणाओं के आगणन गठित भी कर लिए गए हैं। इस क्रम में शासनादेश निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री द्वारा कोविड-19 से संबंधित विभिन्न राहत पैकेजों की घोषणा की गई थी। इससे प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, परिवहन, चिकित्सा, स्वास्थ्य, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार से जुड़े लाखों लोग लाभान्वित होंगे।
सार्वजनिक सेवायानों के चालकों, परिचालकों, क्लीनर्स को 6 माह तक प्रतिमाह 2-2 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जानी है। कुल 1 लाख 3 हजार 238 लोग इससे लाभान्वित होंगे। डीबीटी द्वारा लाभार्थियों को सहायता राशि ट्रांसफर करने के लिए एनआईसी के सहयोग से पोर्टल तैयार किया गया है। इस पर लाभार्थी अपना पंजीकरण करवा रहे हैं। पोर्टल पर पंजीकृत लाभार्थियों को राहत राशि हस्तांतरण के लिए अभी तक 3 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का शासनादेश निर्गत किया जा चुका है।
इसी प्रकार पर्यटन विभाग व अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसायी की विभिन्न गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2-2 हजार रूपए प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता दी जानी है। इससे कुल मिलाकर लगभग 50 हजार लोग लाभान्वित होंगे। अभी तक इसके लिए 15 करोड़ रूपए राशि निर्गत की जा चुकी है।
उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय नियमावली के अंतर्गत पंजीकृत टूर आपरेटर एवं एडवेंचर टूर ऑपरेटर को 10 हजार रुपए की दर से एकमुश्त राशि दी जानी है। इसके तहत कुल 655 लोग लाभान्वित होने हैं। इसके लिए 65 लाख की धनराशि निर्गत भी की जा चुकी है। 630 पंजीकृत रिवर गाइड्स को 10-10 हजार रुपये की एकमुश्त राशि के लिए 63 लाख की धनराशि निर्गत की जा चुकी है। टिहरी झील के अंतर्गत पंजीकृत 93 बोट संचालकों को 10-10 हजार रुपये की एकमुश्त राशि के लिए 9 लाख 30 हजार रुपए की राशि निर्गत की जा चुकी है। टिहरी झील के अंतर्गत ही 98 बोट संचालकों को वर्ष 2021-22 में नवीनीकरण शुल्क में छूट के लिए 58 लाख रुपए की राशि निर्गत की जा चुकी है।
इसी प्रकार पर्यटन विभाग में पंजीकृत एवं लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट प्रदान करने के लिए 06 लाख रूपए और पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरोस्पोर्ट्स सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट प्रदान करने के लिए 65 लाख रूपए की राशि निर्गत की जा चुकी है। इस प्रकार पर्यटन के अंतर्गत कुल 17 करोड़ 66 लाख रूपए की राशि अभी तक निर्गत की जा चुकी है जबकि लगभग 6 करोड़ 20 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को उपलब्घ कराई जा चुकी है। जैसे-जैसे पर्यटन विभाग द्वारा तैयार किए गए पोर्टल पर पंजीकरण किया जा रहा है, डीबीटी द्वारा राशि संबंधित लाभार्थी को ट्रांसफर की जा रही है।
कोविड के दृष्टिगत संस्कृति विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के लोक कलाकारों को भी प्रति कलाकार 2-2 हजार रुपए की राशि 6 माह तक दी जानी है। अगस्त माह के लिए डीबीटी के माध्यम से 57 लोक कलाकारों को डीबीटी के माध्यम से राशि उपलब्ध करा दी गई है।
नैनीताल जनपद के अंतर्गत नगर पालिका परिषद नैनीताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को 10-10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति की दर से आर्थिक सहायता दी जा रही है। इनमें से 415 लाभार्थियों को 41 लाख 50 हजार रुपए की राशि डीबीटी द्वारा दी जा चुकी है। शेष लाभार्थियों के खाते में धनराशि जल्द ही ट्रांसफर की जाएगी।
कोविड में किए जा किए जा रहे कार्यों के लिए पटवारी/लेखपाल/राजस्व निरीक्षकों और नायब तहसीलदारों को 10-10 हजार रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का भी शासनादेश निर्गत किया जा चुका है। इसके लिए 1 करोड़ 37 लाख 20 हजार रूपए धनराशि की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है।
अवशेष घोषणाओं हेतु धनराशि निर्गत किये जाने की कार्यवाही सम्बन्धित विभागों के स्तर पर गतिमान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कोरोना वॉरियर्स पर लिखी पुस्तक का किया विमोचन


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में ललित शौर्य द्वारा लिखित कोरोना वॉरियर्स, बाल कहानियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में कोरोना से बचाव के लिए जागरूकता से संबंधित जानकारी का समावेश किया गया है। चित्रों के माध्यम से बच्चों को रोचक जानकारी देने का प्रयास किया गया है। पुस्तक में दी गई जानकारियां पाठकों एवं कोरोना के प्रति जागरूकता के लिए सहायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर पुस्तक के लेखक ललित शौर्य, नवीन चंद्र शर्मा, पवन पांडे, सुनील कुमार गोयल, अर्चना गोयल मौजूद थे।

आमजन की समस्याओं को सुन सीएम ने दिए अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आए लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिये। जनता मिलन कार्यक्रम में आए सभी लोगों की शिकायतों का पंजीकरण किया गया और उन्हें रजिस्टर में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं और शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। अपनी समस्याएं लेकर आने वालों में कुछ दिव्यांग भी थे। मुख्यमंत्री खुद उनके पास गए और उनकी शिकायतों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम में प्राप्त सभी जन शिकायतों की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। अधिकारी पूरी गंभीरता से सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता से करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारी फिक्स करते हुए कङी कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार के रवि सिंह रौथाण द्वारा यह बताए जाने पर कि उनके पिताजी की शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद जीपीएफ की राशि देने में अनावश्यक विलम्ब किया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने इसके जांच के निर्देश दिये और कहा कि जानबूझकर विलम्ब किया जाना पाया जाए तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

शक्तिफार्म के सुहास हलदर द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त की राशि न आने की बात पर मुख्यमंत्री ने मामले का परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
हरिद्वार के राजेश कुमार सैनी द्वारा पुलिस में उनके प्रकरण की सुनवाई न होने की शिकायत की गई। मुख्यमंत्री ने डीआईजी गढ़वाल को इसकी जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाने पङे।

उम्मेद सिंह रावत द्वारा छूट गये राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया 31 दिसम्बर तक बढाने के निर्देश दे दिए हैं।

काशीपुर के कुंवर सिंह ने उनके बच्चे को एजुकेशन लोन दिलाने, देहरादून के कमलेश ने पीएम शहरी आवास में आवास दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इनपर समुचित कार्यवाही करने को अधिकारियों को कहा।

प्रदीप कुमार ने आवास विकास परिषद में मकान का नक्शा पास न होने की बात कही जबकि व्यापार मंडल देहरादून के अभिषेक शर्मा ने भी उनके यहाँ नक्शा पास की व्यवस्था कराये जाने का आग्रह किया। जस्सोवाला के नंदकिशोर गौड़ द्वारा बारातघर के लिए अनुरोध करने पर मुख्यमंत्री ने डीएम देहरादून को इसका परीक्षण करने के निर्देश दिये।

सोमाल्टा के सरदार सिंह द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग को ठीक कराने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितंबर से पूरे प्रदेश में गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान शुरू किया जा रहा है। घनशाली के उम्मेद सिंह बिष्ट ने किसान सेवा केन्द्र में कम्प्यूटर दिये जाने की बात पर मुख्यमंत्री ने इसके प्रति उन्हें आश्वस्त किया।

इसके अतिरिक्त अनेक युवाओं द्वारा विभिन्न विभागों में भर्ती की बात कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। सीएम विवेकाधीन कोष से मदद संबंधी सभी आवेदनों का परीक्षण उपरांत समुचित कार्यवाही के निर्देश दिये।

इसके अलावा सड़क, बिजली, पानी आदि समस्याओं को लेकर भी लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। आज के जनता मिलन कार्यक्रम में 300 के करीब लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याओं का पंजीकरण कराया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक खजानदास, दिलीप रावत, मुकेश कोहली, सचिव शैलेश बगोली, प्रभारी सचिव एसएन पाण्डेय, मंडलायुक्त रविनाथ रमन, डीआईजी नीरू गर्ग, जिलाधिकारी डॉ आर राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।

श्रीनगर में इंस्टीट्यूट आफ गवर्नमेंट मेडिकल सांइस एंड रिसर्च की सीएम ने की समीक्षा


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढवाल में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली गवर्नमेंट इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च की समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़े चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ सरलीकरण, समाधान व निस्तारण के मंत्र के आधार पर लोगों को स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराएं। आगामी 3 महीनों में मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के लिए कौन से प्रोजेक्ट पूरे किए जाने हैं तथा कौन सी योजनाएं व उपकरण केंद्र सरकार की ओर से यहां पर मंगवाये जा सकते हैं, उन पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर का मेडिकल कॉलेज पहाड़ी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। श्रीनगर के मेडिकल कॉलेज को सभी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। साथ ही मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य संबंधी प्रस्तावों को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के मेडिकल तथा पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कोविड काल के दौरान मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के स्टाफ ने बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत जी के नेतृत्व में खिरसू ब्लॉक में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज गढ़वाल क्षेत्र की लाइफ लाइन है। कोरोना काल में श्रीनगर मेडिकल कालेज के चिकित्सकों ने बढ़ चढ़कर कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की बदौलत ही जुलाई माह तक रिकॉर्ड 30 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकी है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कालेज कि विकास कार्य हेतु 15 करोड़ की डी पी आर स्वीकृत हो गई है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भाजपा मदन कौशिक, केबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, सतपाल महाराज, विधायक मुकेश सिंह कोली, विनोद कंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, गढ़वाल मण्डल आयुक्त रविनाथ रमन, जिलाधिकरी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य सीएम रावत आदि उपस्थित थे।

मसूरी में शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए मसूरी गोलीकांड में बेलमती चौहान, हंसा धनई, बलवीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, मदन मोहन ममगाईं, राय सिंह बंगारी ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान के कारण ही हमें उत्तराखण्ड नया राज्य मिला। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोनकारियों ने जिस उद्देश्य से अलग राज्य की मांग की थी। उसके अनुरूप ही राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो, इसके लिए हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाया जा रहा है। जन सुविधा के लिए सरकार का ध्यान प्रक्रियाओं के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो राज्य आन्दोलनकारी चिन्हीकरण हेतु छूट गये हैं, 31 दिसम्बर 2021 तक उन राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण की व्यवस्था की जायेगी। चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी जिन्हें 3100 रुपये प्रतिमाह पेंशन अनुमन्य की गई है, उनकी मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों, पति/पत्नी को भी 3100 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जायेगी। विभिन्न विभागों में कार्यरत राज्य आन्दोलनकारियों को सेवा से हटाये जाने के माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल कर ठोस पैरवी करेगी। उद्योगों में नौकरी के लिए भी राज्य आन्दोलनकारियों को प्राथमिकता के लिए समुचित व्यवस्था की जायेगी। राजकीय अस्पतालों की तरह मेडिकल कॉलेजों में भी राज्य आंदोलनकारियों का निःशुल्क ईलाज किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी के सिपनकोट के लोगों की पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जायेगी। मसूरी रोपवे का कार्य शुरू होने से पूर्व सिपनकोट के लोगों के पुनर्वास की समस्या का समाधान किया जायेगा। मसूरी में वन टाइम सेटलमेंट लागू किया जायेगा। गढ़वाल सभा के भवन को यदि अन्यत्र स्थान पर शिफ्ट करना पड़ा तो, इसके लिए दूसरी जगह पर व्यवस्था की जायेगी।

केन्द्रीय पर्यटन एवं रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान की वजह से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हुआ है। उत्तराखण्ड अलग राज्य बना, यह प्रदेशवासियों के त्याग का ही परिणाम है। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों के अनुरूप जो कार्य करना होगा, वह सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पद्चिन्हों पर चलकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन में मसूरी गोलीकांड एक महत्वपूर्ण घटना है। इसमें हमारे अनेक आन्दोलनकारी राज्य निर्माण की मांग को लेकर शहीद हुए। उन्होंने कहा कि सिपनकोट के लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था के लिए प्रयास हो रहे हैं, जल्द ही इसका समाधान निकाला जायेगा।

इस अवसर पर पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मसूरी नगर पालिका परिषद् के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, मसूरी नगर पालिका परिषद् के पूर्व अध्यक्ष मन्नू मल, बलजीत सिंह सोनी, एवं राज्य आन्दोलनकारी मौजूद थे।

कोविड राहत पैकेज के तहत पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटल को राहत राशि वितरण शुरू

पर्यटन क्षेत्र में घोषित कोविड राहत पैकेज के अंतर्गत पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटल, रैस्टोरेंट व होम स्टे के कार्मिकों को राहत राशि वितरित की जानी शुरू हो गई है। राज्य सरकार द्वारा इन्हें 5 माह तक 2-2 हजार रूपये की राहत राशि डीबीटी द्वारा दी जाएगी। संबंधित होटल, रैस्टोरेंट व होम स्टे द्वारा पर्यटन विभाग के पोर्टल पर अपने जिन कार्मिकों के नाम अपलोड किये जाते हैं, पर्यटन विभाग द्वारा उनके खातों में अनुमन्य सहायता राशि ट्रांसफर की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 31 अगस्त तक राज्य में कुल 9398 लोगों के खातों में 3,66,3,580 रूपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इनमें देहरादून जिले के 1333, उत्तरकाशी 552, हरिद्वार 472, टिहरी 1142, पौङी 328, रुद्रप्रयाग 681, अल्मोड़ा 446, बागेश्वर 230, पिथौरागढ़ 1084, चम्पावत 71, नैनीताल 2075, ऊधमसिंह नगर 403 और चमोली जिले के 581 पर्यटन में पंजीकृत होटल, रैस्टोरेंट व होम स्टे से जुड़े लोग शामिल हैं।