नेपाल भारत सीमा पर स्थापित शहीद स्मारक देश सेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीकः धामी

भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैनिक स्मारक एवं झंडा पार्क का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

एसएसबी जवानों द्वारा बिगुल वादन के बीच मुख्यमंत्री सहित उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर देश की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान नेपाल-भारत सीमा के इस प्रमुख सीमांत क्षेत्र में नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण किया गया तथा विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण अत्यंत गौरव एवं सम्मान का क्षण है। यह स्मारक देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान की स्मृतियों को सदैव जीवंत रखेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व में देश के अंतिम गांव या अंतिम क्षेत्र के रूप में देखे जाने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों को अब देश के ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में पहचान दी जा रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के सैनिकों, उनके परिवारों के कल्याण तथा वीर शहीदों की स्मृतियों को सम्मान देने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं स्वयं एक सैनिक का पुत्र हूं। इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस पावन कार्य में सहभागी बनना मेरे लिए अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है।” उन्होंने कहा कि यह शहीद स्मारक आने वाली पीढ़ियों को सदैव यह प्रेरणा देता रहेगा कि हमारे वीर जवान किन विषम और कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए डटे रहते हैं।

उन्होंने कहा कि यह स्मारक युवाओं को देश सेवा, त्याग और समर्पण के लिए निरंतर प्रेरित करेगा। उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है। प्रदेश के लगभग हर परिवार का किसी न किसी रूप में सेना अथवा अर्धसैनिक बलों से जुड़ाव रहा है और यहां के वीर जवान राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

वीर नारियों एवं वीरता पदक विजेता सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीर नारियों एवं वीरता पदक विजेता को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने वीर नारी सरस्वती देवी, पत्नी स्व. सिपाही उत्तम चन्द; लक्ष्मी देवी, पत्नी स्व. हवलदार किशन सिंह; कमला देवी, पत्नी स्व. गार्डसमैन दुर्गादत्त; खीमा देवी, पत्नी स्व. नायक हयात सिंह; माया चन्द, पत्नी स्व. सिपाही ललित मोहन; सरस्वती देवी, पत्नी स्व. ला. ना. जय बहादुर चन्द; ललिता चन्द, पत्नी स्व. सिपाही प्रेम चन्द; गीता देवी, पत्नी स्व. नायक जगदीश सिंह तथा पिंकी रैसवाल, पत्नी स्व. सिपाही राहुल रैसवाल को सम्मानित किया।

इसके साथ ही वीर माता लक्ष्मी देवी, माता स्व. नायक खीम सिंह तथा वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने वीर नारियों एवं भूतपूर्व सैनिकों से संवाद किया तथा एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान सर्वाेपरि है। सैनिकों, वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (से.नि.), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम सहित अन्य अधिकारी, सेवानिवृत्त सैनिक, वीर माताएं एवं वीर नारियां उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने खटीमा में सर्किट हाउस, स्टेडियम सहित विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में नवनिर्मित नगर वन ऑक्सीजन पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पार्क परिसर में पौधरोपण करने के साथ ही पार्क का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खटीमा क्षेत्र के विकास से संबंधित छह महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने नगर वन ऑक्सीजन पार्क का विस्तारीकरण करने, वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय को पार्क परिसर में स्थानांतरित करने, खटीमा में स्टेडियम का निर्माण करने, क्रियाशाला का निर्माण करने, सर्किट हाउस का निर्माण करने तथा वेंडिंग जोन विकसित करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा की भौगोलिक स्थिति पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। व्यास वैली, पंचाचूली और आदि कैलाश की ओर जाने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खटीमा में सर्किट हाउस का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने नगर वन ऑक्सीजन पार्क के विस्तारीकरण एवं आवश्यक संसाधनों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर वन ऑक्सीजन पार्क के निर्माण से क्षेत्रवासियों को स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध होगा। पार्क को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने पार्क परिसर में महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक शौचालय बनाने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक तापवृद्धि और जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों के बीच वनों और पर्यावरण का महत्व और अधिक बढ़ गया है। विकास और पर्यावरण अर्थात इकोलॉजी और इकोनॉमी एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रकृति और पर्यावरण के साथ संतुलन बनाते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए भी रोजगार और आजीविका के स्थायी अवसर सृजित किए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रही है। पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है।

नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने नगर वन ऑक्सीजन पार्क के विस्तारीकरण तथा जीर्ण-शीर्ण वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय को पार्क परिसर में स्थानांतरित कर नए कार्यालय के निर्माण का अनुरोध किया। उन्होंने खटीमा में नगर वन ऑक्सीजन पार्क विकसित किए जाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, दर्जाधारी राज्य मंत्री मोहिनी पोखरिया, गंभीर सिंह धामी, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’ सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, शिकायत पर होगी त्वरित कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सनातन धर्मशाला, खटीमा परिसर स्थित एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास एवं पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आपदा प्रबंधन जैसे समसामयिक विषयों पर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सहज, स्पष्ट और बेबाकी से जवाब दिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार

युवाओं और छात्रों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि यदि कोई व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है अथवा अनुचित दबाव बनाता है, तो नागरिक निःसंकोच टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है तथा प्राप्त शिकायतों पर विशेष टीमों द्वारा त्वरित जांच की जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त होनी चाहिए।

‘ विकल्प रहित संकल्प’ से बनेगा देश का अग्रणी राज्य

अपने विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसा उत्तराखंड देखना चाहते हैं, जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए अपने राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े। राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाओं के साथ बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पास समृद्ध हिमालयी पर्वत श्रृंखलाएं, नदियां, वन संपदा, कृषि संसाधन और उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान जैसी अपार प्राकृतिक एवं मानवीय संपदाएं हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ कार्य कर रही है।

सीमांत क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता

सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर छात्रा आल्या के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और वहां के निवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमांत जिले, गांव और क्षेत्र देश के अंतिम छोर नहीं, बल्कि भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। इसी सोच के साथ इन क्षेत्रों में ढांचागत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत बिजली, पेयजल, पक्की सड़कें, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सीमांत क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने के लिए सरकार का विशेष ध्यान रोजगार सृजन पर है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार की तलाश में दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने के बजाय उनके गांव और घर के आसपास ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। आने वाले समय में सीमांत क्षेत्रों के लिए विशेष प्रोत्साहन और नई योजनाएं भी लाई जाएंगी, जिससे नई पीढ़ी को अपने ही क्षेत्र में बेहतर भविष्य और आजीविका के अवसर मिल सकें।

विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच स्थापित होगा संतुलन

कक्षा 11 की छात्रा रेखा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए राज्य को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जाएगा।

छात्रा रेखा द्वारा 5 अगस्त की आपदा के दौरान किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना तथा विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है। विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।

34 हजार युवाओं को दी सरकारी नौकरी

सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन जीने और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं। आने वाले समय में भी युवाओं के लिए रोजगार एवं करियर के अवसर लगातार उपलब्ध होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।

पर्यटन को मिल रही नई गति, सालाना पर्यटकों की संख्या 7-8 करोड़ के पार

पर्यटकों की संख्या को लेकर छात्र अब्दुल के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि चंपावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों में आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य सरकार पर्यटकों के बेहतर स्वागत, स्वच्छ एवं सुविधाजनक व्यवस्थाओं और आतिथ्य पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि उत्तराखंड आने वाले पर्यटक यहां की सुंदरता और आतिथ्य से प्रभावित होकर बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का ही परिणाम है कि प्रदेश में पर्यटकों की वार्षिक संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है।

18 विद्यालयों के लगभग 360 विद्यार्थियों ने लिया प्रतिभाग
संवाद कार्यक्रम में खुशबू हिंद पब्लिक स्कूल, अब्दुल आरपी स्कूल, सतवीर सिंह रोज पब्लिक स्कूल, देव विश्वास शिक्षा भारती स्कूल, आयुषी आईआईएचसीए, रिजवान जीआईसी, रुद्र प्रताप सिंह रोज पब्लिक स्कूल और शहीद हरि किशन इंटर कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान सोनू सिंह, हिमांशी, आलिदा, खुशी अवस्थी सहित अन्य विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास एवं पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

कार्यक्रम में विभिन्न 18 विद्यालयों के लगभग 360 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी तथा अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बनबसा में प्रबुद्धजनों से किया संवाद, योजनाओं पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के उपरांत प्रबुद्धजनों से संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रबुद्धजनों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रबुद्धजन समाज के दर्पण होते हैं। उनके विचार और चिंतन समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रबुद्धजनों से मिलने वाली ऊर्जा, सुझाव और आशीर्वाद विकास कार्यों को नई गति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत के प्रबुद्धजनों से मिलने वाला मार्गदर्शन और आशीर्वाद सरकार को और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों के साथ उत्तराखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चम्पावत को आदर्श चम्पावत बनाने के संकल्प के साथ उत्तराखंड को आदर्श उत्तराखंड बनाने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टनकपुर में आईएसबीटी और शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम को वर्षभर तीर्थयात्रियों के लिए सुगम बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ककराली गेट से मां पूर्णागिरि धाम तक स्थायी प्रकाश व्यवस्था के साथ ही रोपवे एवं हेलीपैड के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के दृष्टिगत टनकपुर पर्यटन एवं तीर्थाटन का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में पार्किंग, एपीजे अब्दुल कलाम संस्थान, अत्याधुनिक साइंस सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड सतत विकास, कानून-व्यवस्था, निवेश और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य की जीएसडीपी पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हुई है तथा पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पथ पर मानसखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिलना भी उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव है।

कार्यक्रम के दौरान प्रबुद्धजन बंशीधर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के बीच समय निकालकर संवाद करने के लिए आभार व्यक्त किया। पूर्व सैनिक पुष्कर कापड़ी, पूर्व कैप्टन भानी चंद एवं अर्जुन सिंह ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चम्पावत सहित पूरा उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने खेल, पर्यटन, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, महिला सशक्तिकरण, साइंस सेंटर, टनकपुर में रेल सुविधाओं, शारदा कॉरिडोर एवं आईएसबीटी टनकपुर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर बनबसा की प्रथम महिला ग्राम प्रधान एवं दिव्यांग कमला देवी जो मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए आगे आना चाह रही थी, उन्हे देखकर मुख्यमंत्री स्वयं उनके पास पहुंचे और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।

सीएम धामी की सादगी ने दिया ‘लोकल फॉर वोकल’ का संदेश, मेलाघाट रोड पर पैदल चलकर मिलन डेरी में पी चाय

‘लोकल फॉर वोकल’ को केवल अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम मानने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में अपनी सादगी और सहजता से एक बार फिर लोगों का दिल जीत लिया।

मुख्यमंत्री धामी मेलाघाट रोड पर पैदल चलते हुए अचानक मिलन डेरी पहुंचे और वहां चाय की चुस्की लेकर स्थानीय कारोबारियों का उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री को अपने बीच इस तरह सहज भाव से देखकर आसपास मौजूद दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।

मिलन डेरी में चाय का आनंद लेते हुए मुख्यमंत्री ने दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके कारोबार तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज स्थानीय छोटे व्यवसायियों के लिए प्रोत्साहन और सम्मान का संदेश लेकर आया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों, स्थानीय दुकानों और छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘लोकल फॉर वोकल’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है।

उन्होंने कहा कि जब हम अपने आसपास के स्थानीय दुकानदारों, कारीगरों, उद्यमियों और उत्पादों को प्राथमिकता देंगे, तो उसका सीधा लाभ हमारे स्थानीय बाजार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा। इससे न केवल छोटे कारोबारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान यहां के स्थानीय उत्पादों, हुनर और उद्यमिता से भी जुड़ी है। सरकार लगातार स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री का मेलाघाट रोड पर पैदल चलकर स्थानीय डेरी में चाय पीना इसी भावना का सहज और प्रभावी उदाहरण बना। उनकी इस पहल ने यह संदेश दिया कि स्थानीय को अपनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी से ही ‘लोकल फॉर वोकल’ का संकल्प मजबूत होगा।

युवाओं से संवाद पर सीएम धामी ने किया संबोधित, बोले पारदर्शिता और निष्ठा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान युवाओ से संवाद कर उनके सवालों के जवाब दिए।

मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल, समाज सेवा, स्वरोजगार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली स्थानीय युवा प्रतिभाओं को राजकीय सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया।

संवाद के दौरान छात्रा मिलन कलखुड़िया द्वारा मुख्यमंत्री के जीवन सफर पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने अपनी संक्षिप्त जीवनी, शिक्षा, युवावस्था और राजनीतिक यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रेरणा देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निर्वहन कर महान बनता है।छात्रा प्रीति पांडे द्वारा नकल विरोधी कानून की सराहना की एवं स्थानीय परीक्षा केंद्र को टनकपुर में बनाए जाने के अनुरोध किया इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए उचित प्रयास किया जाएगा।

छात्र रोहित शर्मा द्वारा नशे के खिलाफ से संबंधी सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि श्ड्रग फ्री उत्तराखंडश् अभियान की चर्चा की और युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने व दूसरों को प्रेरित करने का आह्वान किया। छात्र सुमित सिंह नायक द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे युवाओं को विज्ञान व तकनीक का ज्ञान प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि नकल विरोधी सख्त कानूनों से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और अब तक 34,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

छात्र नमन पुरी द्वारा युवा आयोग के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है, जो प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा निष्ठा और परिश्रम के बल पर साधारण व्यक्ति भी सर्वाेच्च पद तक पहुँच सकता है। हमने अपने जीवन को अनुशासित बनाना है। जीवन में अनुशासन का पालन ही हमें सफलता की ओर ले जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी को 21वीं सदी की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर यही युवा शक्ति देश का परिदृश्य बदल सकती है। मुख्यमंत्री ने अपने विकल्प रहित संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी जैसे जनपदों में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए श्युवा आयोगश् का गठन किया जा रहा है, जबकि देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के माध्यम से अब तक 34,000 से अधिक पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्तियाँ संपन्न कराई जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा सीमांत क्षेत्रों के विकास के अंतर्गत चम्पावत में आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, साइंस सेंटर और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने समारोह में नीट परीक्षा में सफल बसटिया की हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये का सालाना पैकेज प्राप्त करने वाली बिचई की श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रैसलिंग के स्वर्ण पदक विजेता टनकपुर के पवन गढकोटी को सम्मानित किया गया। खेल व दिव्यांग कल्याण में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार विजेता बनबसा के संदीप रस्तोगी, निःशुल्क गौ सेवक पवन मेहता, नशा मुक्ति अभियान के संचालक मनीष सिंह तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सेवारत अजंता विजय को भी मंच से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने बागवानी से स्वरोजगार स्थापित करने वाले चंपावत के कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति व मीडिया इंफ्लुएंसर तरुण भट्ट तथा युवतियों को सेना व पुलिस भर्ती की निःशुल्क ट्रेनिंग देने वाली बनबसा की अरुणिमा रावत को भी उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, जिला महामंत्री भाजपा मुकेश कलखुडिया, प्रभारी गुंजन सुखीजा, सह प्रभारी नितिन देउपा, श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी एवं किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

विदेशों में कुशल मानव संसाधन की मांग और रोजगार के अवसरों के लिए भारतीय मिशनों के साथ नियमित समन्वय रखें अधिकारीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी, इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम एवं जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने भेंट की। इस दौरान संबंधित देशों में रोजगार की संभावनाओं, कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता तथा उत्तराखंड के युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन देशों में जिन क्षेत्रों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं और जहां कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, उनकी जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित भारतीय मिशनों के साथ नियमित समन्वय रखा जाए। उन्होंने कहा कि विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों और वहां की आवश्यकता के अनुरूप राज्य के युवाओं को कौशल एवं आवश्यक भाषा प्रशिक्षण दिया जाए, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में होम स्टे के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुए हैं। विभिन्न देशों से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को राज्य के होम स्टे मॉडल से परिचित कराने के लिए होम स्टे का भ्रमण कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फार्मा, उद्योग, आयुर्वेद और वेलनेस के क्षेत्र में उत्तराखंड में अनेक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में राज्य की विशेषताओं और संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। उन्हें वैश्विक मांग के अनुरूप आवश्यक कौशल और प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न देशों में कुशल मानव संसाधन की मांग और रोजगार की संभावनाओं का आकलन करते हुए युवाओं के प्रशिक्षण के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

जाम्बिया में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा ने कहा कि जाम्बिया में कुशल मानव संसाधन की व्यापक आवश्यकता है। शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में वहां कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जाम्बिया में जिन क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, उनके संबंध में राज्य सरकार को विस्तृत नोट उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इस दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

जमैका में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी ने कहा कि जमैका में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और कृषि के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से नर्सिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग है। इन क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सकता है।

इथियोपिया में भारत के राजदूत देवेश उत्तम ने कहा कि इथियोपिया में प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। फार्मास्युटिकल और फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में भी वहां बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उत्तराखंड के युवाओं को मिले, इसके लिए संबंधित देशों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाकर विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाने तथा उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव विनय शंकर पांडेय उपस्थित थे।

सीएस ने दिए राज्य में अनट्रेस्ड बच्चों एवं महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों की सराहना की। उन्होंने मानव एवं बाल तस्करी की रोकथाम, साइबर अपराधों से निपटने, नारकोटिक्स के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, इन्वेस्टीगेशन में तकनीक के अधिकाधिक उपयोग तथा डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों में मैदानी क्षेत्रों सहित पर्वतीय क्षेत्रों में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग के पोर्टल का शीघ्र इंटीग्रेशन किया जाए तथा एपी आई इंटीग्रेशन के माध्यम से दोनों विभागों के डेटा में किसी प्रकार विसंगति न हो। इसके लिए पुलिस एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मध्य कॉर्डिनेशन के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती भी शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने लापता बालिकाओं एवं नाबालिग बच्चों को ट्रेस करने के लिए डेडिकेटेड टीम एवं मजबूत मैकेनिज्म विकसित करने तथा अनट्रेस्ड बच्चों एवं महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच डेटा शेयरिंग और बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने ऑपरेशन स्माइल का नवीनतम डेटा उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि मानव एवं बाल तस्करी के मामलों का केस-वाइज विश्लेषण किया जाए। तस्करी के नेटवर्क एवं संगठित मामलों की पहचान कर उनकी रोकथाम के लिए प्रभावी एवं मजबूत तंत्र विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों का रेस्क्यू करने के बाद उनकी रिहैबिलिटेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पीड़ितों को उनके अभिभावकों को सुरक्षित रूप से सौंपे जाने तक प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रेस्क्यू मैकेनिज्म को और मजबूत करने तथा जिला स्तर पर डेडिकेटेड टीम एवं व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

साइबर पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर

साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए मुख्य सचिव ने साइबर पुलिसिंग की मैनपावर को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने साइबर एक्सपर्ट्स के साथ-साथ बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता बताई, ताकि साइबर अपराधों के मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मुख्य सचिव ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने NCORD की बैठक में इस सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किए जाने को कहा।

इन्वेस्टीगेशन में तकनीक का अधिकाधिक उपयोग

मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस इन्वेस्टीगेशन में टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने विवेचना अधिकारियों को आवश्यक इन्वेस्टीगेशन किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि विवेचना की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसे थानों जहाँ अधिकतर एफ़आईआर दर्ज होती हैं, उन थानों में इन्वेस्टीगेशन विंग खोली जा सकती है। उन्होंने e-FIR के रिजेक्शन का विश्लेषण एवं क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के निर्देश भी दिए। साथ ही न्यायश्रुति, FSL, मालखाना एवं Dial 112 को शीघ्र लाइव करने तथा e-Summons के अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने ICJS 2.0 साइट्स पर नेटवर्क कनेक्टिविटी की स्थिति की समीक्षा करते हुए कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में नेटवर्क एवं बैंडविड्थ बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि डिजिटल पुलिसिंग की व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और जनोन्मुख बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, डेटा शेयरिंग, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जिला स्तर पर मजबूत मैकेनिज्म विकसित किया जाना आवश्यक है।

मुख्य सचिव ने कहा कि थानों का अधिकतम स्पेस सीज गाड़ियों से भरा रहता है। इससे थानों स्पेस की कमी की समस्याएं आ रही हैं, जिससे थानों को अधिक उपयोगी और प्रभावशाली बनाने ने भी समस्या आ रही है। उन्होंने थानों में सीज गाड़ियों को डिस्पोज ऑफ़ करने के लिए डिजिटल स्टोरेज पर जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे थानों में स्पेस की समस्या को खत्म किया जा सकेगा। उन्होंने जनपदों को भी कैम्पेन मोड पर डिस्पोज कराते हुए इसकी मंथली रिपोर्ट दिए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन, आईजी डॉ. निलेश आनंद भरणे, आईजी सुनील कुमार मीणा, एसएसपी तृप्ति भट्ट एवं अजय सिंह उपस्थित थे।

सीएम धामी ने की पहल, टिक्की विक्रेता के मासूम बेटे का होगा इलाज निशुल्क

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संवेदनशील पहल से लोहियाहेड निवासी रवि शर्मा के 08 वर्षीय पुत्र देव के उपचार की राह आसान हुई है। मुख्यमंत्री ने बच्चे के समुचित उपचार के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा इलाज में आने वाले खर्च को वहन करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि गत दिवस मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोहियाहेड में स्थानीय व्यवसायी रवि शर्मा की दुकान पर पहुंचे थे और वहां उन्होंने टिक्की खाई थी। इस दौरान रवि शर्मा ने मुख्यमंत्री को अपने 08 वर्षीय पुत्र देव की बीमारी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उनका बेटा बचपन से ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है और उसके हाथ-पैर काम नहीं करते हैं। बच्चे का लंबे समय से उपचार कराया जा रहा है तथा देहरादून स्थित इंद्रेश अस्पताल में भी उसका उपचार कराया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सोमवार देर सायं जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी तथा उपजिलाधिकारी तुषार सैनी सहित चिकित्सकों की टीम रवि शर्मा के लोहियाहेड स्थित आवास पहुंची। इस दौरान ऑर्थाे विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी डॉ. एच.एस. ऐरी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उसके पूर्व में कराए गए उपचार और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी ली।

बच्चे की वर्तमान स्थिति एवं पूर्व उपचार की जानकारी लेने के बाद चिकित्सकों ने आगे के उपचार के लिए सर्वप्रथम एमआरआई जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार की आगामी प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चे की एमआरआई जांच तत्काल कराई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे और उसके अभिभावकों को जिला चिकित्सालय तक ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से वाहन एवं आवश्यक सहायक उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चे के बेहतर उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस संवेदनशील पहल से बच्चे के परिवार को बेहतर उपचार की उम्मीद जगी है। परिवार ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उनकी इस मानवीय पहल के लिए धन्यवाद दिया।

राखी पर निशुल्क रोडवेज का लाभ 6.5 लाख महिलाओं ने उठाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान किए जाने का लाभ प्रदेश की साढ़े छह लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा। इससे पूर्व सरकार, महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए, सरकारी नौकरियों में महिला आरक्षण, लखपति दीदी, एकल महिला स्वरोजगार, महालक्ष्मी किट जैसी सफल योजनाएं लागू कर चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा बंधन के मौके पर 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को रोडवेज की बस में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। यानि प्रदेश की 60 साल से अधिक उम्र की किसी भी महिला को रोडवेज की बस में सफर करने के कोई किराया नहीं चुकाना होगा। इससे जहां पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को विशेष तौर पर लाभ मिलेगा, वहीं मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित और आरामदायक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित करने की घोषणा की है, जिसे बाद में पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।

लखपति दीदी अब बनेगी उद्यमी
धामी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी योजना संचालित कर रही है, इसके लिए तहत अब तक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3 लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख से अधिक हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को उद्मी बनाने के लिए महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये करने की घोषणा की है। इससे महिलाएं अपना कारोबार शुरू करने या मौजूदा स्वरोजगार को विस्तार देने के लिए अधिक पूंजी जुटा सकेंगी। इसी कड़ी में सरकार एकल महिला स्वरोजगार योजना भी संचालित कर रही है, जिसके जरिए जरिए अकेले परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

सशक्तिकरण से गरिमा तक
प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए, प्रदेश की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। इसके बाद सरकारी सेवाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढा है। महिला सशक्तिकरण के बाद मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक हाईटेक टॉयलेट बनाने की धोषणा की है।

उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारी सरकार हर उम्र की महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुझे उम्मीद है कि रोडवेज की बस में निशुल्क यात्रा और पिंक ई बस सेवा के जरिए महिलाएं, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकेंगी।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।।