सीएम ने पीएम के मन की बात कार्यक्रम के 135वें संस्करण को कार्यकर्ताओं के साथ सुना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 135वें संस्करण को सुना।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का मन की बात कार्यक्रम जनभागीदारी को सशक्त बनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश के विभिन्न भागों में जनसहयोग से हो रहे प्रेरणादायी कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन, नवाचार, युवाओं की सहभागिता तथा स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश सबका प्रयास की भावना को और अधिक सशक्त करते हैं। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार भी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन तथा सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस दौरान राज्य सभा सांसद कल्पना सैनी,परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, अध्यक्ष जिला पंचायत किरण चौधरी, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित भाजपा मंडल अध्यक्ष, सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित दधीचि अंगदान संकल्प अभियान में केंद्रीय मंत्री, सीएम संग सैकड़ों लोगों ने लिया अंगदान का संकल्प

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार में दधीचि अंगदान संकल्प अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा की उपस्थिति में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर देशभर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं साधकों ने अंगदान के महत्व पर विचार रखे तथा अनेक लोगों ने मानव सेवा के लिए अंगदान का संकल्प लिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि अंगदान मानव सेवा का सर्वाेच्च कार्य है, जिसके माध्यम से गंभीर रूप से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंगदान को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से समझने की आवश्यकता है। भारत सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। अंगदान एवं प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत ढांचे को विकसित किया गया है और राज्यों में भी अंगदान से जुड़े संगठनों को सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से देश में अंगदान की संख्या में वृद्धि हुई है और जनभागीदारी से इसे एक व्यापक जनआंदोलन बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति त्याग, समर्पण, सेवा और परमार्थ की महान परंपरा पर आधारित रही है। महर्षि दधीचि के त्याग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने मानवता और धर्म की रक्षा के लिए अपनी अस्थियों तक का दान कर दिया था। इसी प्रकार राजा शिवि द्वारा एक पक्षी की रक्षा के लिए अपने शरीर का अंश अर्पित करने की कथा भारतीय संस्कृति में करुणा और परोपकार की भावना को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी यदि शरीर का कोई अंग किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है, तो इससे बड़ा मानव कल्याण का कार्य कोई नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, चिकित्सा ढांचे के विकास और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अंगदान और प्रत्यारोपण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए सरकारी एवं निजी अस्पतालों, प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग तथा संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। दून मेडिकल कॉलेज में राज्य के प्रथम सरकारी ऊतक प्रत्यारोपण केंद्र के निर्माण सहित अंग प्रत्यारोपण केंद्रों, अंग बैंक और जिला स्तरीय अंगदान केंद्रों के नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंदों को समय पर अंग उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार द्वारा एक शताब्दी से आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने आध्यात्मिक चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सरल रूप में जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनका संदेश “हम बदलेंगे तो युग बदलेगा” समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का मेरुदण्ड है। यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, सहयोग, कर्तव्यबोध और लोकमंगल की भावना को जागृत करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण के लिए अपने समय, श्रम और संसाधनों का समर्पण ही यज्ञ की वास्तविक भावना है।

इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक, रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी दयामूर्त्यानंद, डॉ. अनिल कुमार, पद्मश्री नीलेश मांडलेवाला, डॉ. विजय धस्माना सहित अनेक विशेषज्ञों ने अंगदान के वैज्ञानिक, सामाजिक एवं कानूनी पहलुओं पर विचार व्यक्त किए। शांतिकुंज के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिभागियों को अंगदान का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, प्रो. मीनू सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, पत्रकार, गणमान्य नागरिक एवं देशभर से आए साधक उपस्थित रहे।

रूद्रपुर में 369.66 करोड़ रूपए की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास, किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का दायित्व किसानों के प्रथम सेवक के रूप में कार्य करना है तथा किसानों की सेवा ही उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखी जा सकती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि ष्खेत बचाओ अभियानष् केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। यदि मिट्टी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए किसानों को नियमित मृदा परीक्षण कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं एवं संसाधन उपलब्ध करा सकती है, किंतु कृषि क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराने तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कृषक एवं आमजन उपस्थित रहे।

मंत्री बहुगुणा की प्रेसवार्ताः पिथौरागढ़ की तीन सहकारी समितियों ने नेपाल को पांच मीट्रिक टन मछलियां की सप्लाई

देहरादून। राज्य निर्माण के बाद पहली बार उत्तराखंड की मछली इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची हैं। पिथौरागढ़ जिले की तीन सहकारी समितियों ने राज्य सरकार के सहयोग से नेपाल को पांच मीट्रिक टन मछलियां सप्लाई की हैं। अच्छी खबर ये भी है कि उत्तराखंड आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछलियों के निर्यात की तैयारी कर रहा है।

राज्य सचिवालय के मीडिया सेंटर में मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रेस कॉफ्रेंस में यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ के धारचूला एवं मुनस्यारी क्षेत्र की तीन मत्स्य जीवी सहकारी समितियों ने ये मछलियां तैयार की थीं। कोल्ड-चेन बनाए रखते हुए मछली को गुजरात के वेरावल भेजा गया, जहां प्रसंस्करण के बाद 23 जून 2026 को नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका सफलतापूर्वक निर्यात किया गया। इससे 33 मत्स्य पालकों को लगभग ₹23.50 लाख की आय प्राप्त हुई है।

कैबिनेेट मंत्री के अनुसार-उत्तराखंड के इस पहले निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु मत्स्य विभाग ने हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग एवं परिवहन के लिए ₹5.40 लाख की गैप फंडिंग सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि दुबई में आयोजित गल्फ फूड एक्सपो के दौरान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों एवं हितधारकों से स्थापित संपर्काे का यह सकारात्मक परिणाम है। विभाग अब यूरोप, मध्य-पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य बाजारों में भी निर्यात की संभावनाओं पर कार्य कर रहा है। इस क्रम में आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछली का निर्यात विदेशों में किए जाने की तैयारी की जा रही है।

धामी सरकार की नीति से सकारात्मक परिवर्तन
-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खोलने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस संबंध में धामी सरकार की नीति से सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं। मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा के अनुसार-मत्स्य पालकों को विपणन सहायता उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2024 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ एमओयू किया गया, जिसके अंतर्गत अब तक ₹2.10 करोड़ मूल्य की 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है।

मत्स्य क्षेत्र का दायरा बढ़ा, निरंतर हो रही प्रगति
-राज्य में मत्स्य क्षेत्र निरंतर प्रगति कर रहा है। विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि वर्ष 2022 तक जहां राज्य में मात्र 10,011 मत्स्य पालक थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 15,657 हो गई है। इनमें 3,584 महिला मत्स्य पालक शामिल हैं। मत्स्य उत्पादन वृद्धि दर वर्ष 2012-17 में जहां मात्र दो प्रतिशत थी, वह बढ़कर वर्ष 2022-26 में 11 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2026-27 में राज्य अंतर्गत 11,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य लगभग ₹165 करोड़ है।

विभाग का बजट भी बढ़ा, नौकरी के अवसर भी
-श्री बहुगुणा के अनुसार, मत्स्य विभाग का वार्षिक बजट वर्ष 2021-22 में ₹55.76 करोड़ से बढ़ कर वर्ष 2026-27 में ₹261.41 करोड़ हो गया है। पिछले चार वर्षों में मत्स्य पालन क्षेत्र में 5,646 मत्स्य पालकों हेतु स्वरोजगार के अवसर सृजित किए गए। विभाग में 33 नियमित नियुक्तियां की गई हैं।

सरकार की योजनाएं हो रहीं गेम चेंजर साबित
-मत्स्य पालन मंत्री ने कहा कि सरकार के स्तर पर शुरू की गईं नवीन ट्राउट प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना आदि के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे है। मत्स्य क्षेत्र वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था के तीव्र गति से विकसित होने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक बन चुका है। साथ ही, ग्रामीण आजीविका, रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रेस कॉफ्रेंस में निदेशक मत्स्य चंद्र सिंह धर्मशक्तू भी उपस्थित रहे।

डीएम ने बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित करने तथा सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज केदारपुरम स्थित नारी निकेतन, बाल सुधार गृह एवं किशोरी गृह का स्थलीय निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवासीय संस्थानों में रह रहे बच्चों एवं महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बाल सुधार गृह में रह रहे बालकों से संवाद स्थापित कर उनकी दिनचर्या, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बाल सुधार गृह में बेसिक लर्निंग प्रोग्राम संचालित किया जाए, जिससे बच्चों की शैक्षिक एवं बौद्धिक क्षमता का विकास हो सके। साथ ही उन्होंने बाल सुधार गृह में निवासरत सभी बालकों का विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि संस्थान में रह रहे प्रत्येक बालक की नियमित काउंसलिंग एवं स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायता मिल सके। उन्होंने बच्चों के पुनर्वास एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी बल दिया।

नारी निकेतन एवं किशोरी गृह के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नारी निकेतन में निवासरत किशोरियों एवं संवासिनियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थानों में रहने वाले बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वर्तमान में नारीनिकेतन में 160 संवासनिया, बाल सुधार ग्रह में 07 किशोर, किशोरी संप्रेक्षण ग्रह में 12 किशोरिया है।

निरीक्षण के दौरान बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, सदस्य पीएन जौहर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पुलिस क्षेत्राधिकारी वंदना वर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहीः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का सम्मान करते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार द्वारा सत्ता बचाने के लिए नागरिक स्वतंत्रताओं का हनन किया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया तथा संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, साहस और संघर्ष के कारण ही देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनः स्थापित हो सकी। उन्होंने सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनका योगदान वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष को सदैव स्मरण रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान इन मूल अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया, किंतु देश की जागरूक जनता ने लोकतांत्रिक माध्यमों से इसका जवाब देते हुए लोकतंत्र की पुनर्स्थापना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय, राष्ट्र प्रथम तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के आधार पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान निधि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। साथ ही, आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके आश्रित जीवनसाथियों को विशेष पहचान-पत्र भी जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आह्वान किया कि लोकतंत्र की रक्षा, संविधान के सम्मान तथा राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वाेपरि रखते हुए विकसित भारत और श्रेष्ठ उत्तराखंड के निर्माण में सभी अपना योगदान दें। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया तथा उनके संघर्ष और योगदान का स्मरण करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट, भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल मौजूद थे।

पीएम आवास शहरी के तहत रूद्रपुर में साकार हो रहा 1872 परिवारों का आशियाने का सपना, जल्द सौंपी जाएंगी चाबियां

गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।

गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।

धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।

ई ऑफिस प्रणाली को प्रभावी बनाने को दून जनपद में हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के अनुपालन में जनपद देहरादून के समस्त कार्यालयों में शासकीय कार्यों का संचालन पूर्णतः ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित किए जाने की दिशा में कार्यवाही तेज कर दी गई है। इसी क्रम में आज एनआईसी सभागार, कलेक्ट्रेट देहरादून में ई-ऑफिस कार्यप्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन, फाइल प्रबंधन, पत्राचार, नोटशीट तैयार करने, फाइलों के ऑनलाइन अग्रसारण, डिजिटलीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यालयी कार्यों को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध, कागजरहित एवं प्रभावी बनाना है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी विभागों में शासकीय कार्यों का निष्पादन ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी के दृष्टिगत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि तथा तकनीकी दक्षता विकसित करने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (छप्ब्) अंकुश पाण्डेय एवं ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा द्वारा प्रतिभागियों को वर्चुअल एवं फिजिकल माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने ई-ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया, ई-फाइल निर्माण, दस्तावेज अपलोड, डिजिटल हस्ताक्षर, फाइल ट्रैकिंग तथा ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कर प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से कार्यों के निष्पादन से न केवल कार्यालयों में कार्य संस्कृति अधिक सुव्यवस्थित होगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी तेजी आएगी तथा अभिलेखों का सुरक्षित एवं सुगम रख-रखाव सुनिश्चित होगा। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित समयावधि में ई-ऑफिस प्रणाली को पूर्ण रूप से अपनाते हुए शासन की मंशा के अनुरूप डिजिटल प्रशासन को मजबूत करें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल तथा प्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे तथा ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक तकनीकी जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन द्वारा आगामी दिनों में भी आवश्यकता अनुसार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जनपद के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

विदेश रोजगार प्रकोष्ठ से रोजगार पाई सपना राणा ने सीएम धामी से की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में सपना राणा ने मुलाकात की। सपना राणा द्वारा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर भाषा परीक्षा उर्तीण की गई, जिसके उपरान्त उनको जर्मनी के हैमबर्ग शहर के शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में 3060 यूरो (₹ 3,30,000) प्रतिमाह के वेतन पर नियुक्ति प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अन्तर्गत गठित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों से राज्य के युवाओं को जोड़े जाने हेतु निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा राज्य के युवाओं को जापान एवं जर्मनी में सेवायोजित किये जाने हेतु भाषा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक करीब 65 युवाओं को जापान में सेवायोजित किया जा चुका है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में युवाओं हेतु रोजगार के अवसर उपलब्ध है। जिसके दृष्टिगत प्रकोष्ठ द्वारा जर्मन भाषा का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। इसी प्रशिक्षण को प्राप्त करने के उपरान्त टिहरी गढवाल की नर्सिंग प्रशिक्षित युवा महिला सपना राणा का जर्मनी में नर्स के रूप में चयन हुआ है। सुश्री सपना द्वारा अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय पोखाल टिहरी गढवाल से तथा नर्सिंग की शिक्षा स्टेट नर्सिंग कॉलेज देहरादून से प्राप्त की गई। सपना द्वारा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अन्तर्गत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण प्राप्त कर जर्मनी के हैमबर्ग शहर के शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में नियुक्ति प्राप्त हुई है।

इस अवसर पर सचिव सी. रविशंकर भी मौजूद रहे।

हेमकुंट साहिब की यात्रा सुरक्षित, श्रद्धालुओं ने कहा कुछ लोग उड़ा रहे अफवाह

हेमकुंट साहिब की यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों ने पुलिस – प्रशासन के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है। कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ रहे हैं।

पंबाज से अपने परिवार के साथ हेमकुंट साहिब दर्शन के लिए आई श्रद्धालु सुखबीर कौर ने बताया कि वो 19 जून को यात्रा पर निकली थी। इस दौरान उन्हें कई लोगों ने यात्रा को लेकर सतर्क किया। मंगलवार को वापसी में गोविंदघाट पहुंची सुखवीर कौर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें पूरी यात्रा में कहीं कोई दिक्कत नहीं आई। स्थानीय प्रशासन से लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पूरी क्षमता से यात्रा संचालित कर रही है। चिकित्सा सुविधा से लेकर, रहने खाने तक की पर्याप्त सुविधा है। उन्होंने बताया कि यात्रा में स्थानीय लोग भी भरपूर सहयोग कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि कुछ लोग सिर्फ सोशल मीडिया व्यूज के लिए यात्रा को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य श्रद्धालुओं से भी यात्रा कर दर्शन लाभ करने की अपील की है।

यात्रा सम्पन्न कर चुके अन्य तीर्थयात्रियों ने भी वीडियो बयान में कहा है कि यात्रा सकुशल चल रही है, भारी भीड़ के बावजूद सभी सुविधाएं मिल रही है। इसमें पुलिस प्रशासन पूरा सहयोग कर रहा है। तीर्थयात्रियों ने कहा कि यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाई जा रही है, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि यात्रा पहले की तरह शांतिपूर्वतक ढंग से चल रही है। जिसमेँ स्थानीय लोग भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।