सीएम धामी की बड़ी कार्रवाई, हरिद्वार भूमि खरीद घोटाले में पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी और तत्कालीन डीएम पर मेजर पनिशमेंट की संस्तुति

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है।

प्रकरण में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर की संस्तुति की गई है। वहीं, तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध दीर्घ शास्ति (मेजर पनिशमेंट) अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (क्वच्ज्) को संस्तुति भेजी जा रही है।

इसके अलावा, उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वाेपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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हरिद्वार भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा एक्शन, 10 लोगों पर दर्ज होगा अभियोग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में आपराधिक षड्यंत्र एवं धोखाधड़ी के माध्यम से भूमि क्रय-विक्रय कर नगर निगम को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध अभियोग दर्ज किए जाने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन किया गया है। जांच में दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

अभियोग दर्ज किए जाने वाले व्यक्तियों में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, तत्कालीन कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, तत्कालीन सहायक अभियन्ता एवं प्रभारी अधिशासी अभियन्ता आनन्द सिंह मिश्राण, तत्कालीन सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा तत्कालीन मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव तथा सुजीत कुमार सिंह के विरुद्ध भी अभियोग दर्ज किया जाएगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शासन की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करना है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर राज्य में रेलवे अवसंरचना के विस्तार, गतिमान रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की रेलवे आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में रेलवे कनेक्टिविटी का सुदृढ़ीकरण राज्य के समग्र विकास, पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की महत्वाकांक्षी एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए इसके कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चारधाम यात्रा विशेषकर श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं आधुनिक बनाएगी।

बैठक में टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने अवगत कराया कि परियोजना का सर्वेक्षण तथा डीपीआर तैयार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा व्यक्त की कि नवंबर 2026 तक परियोजना पर ठोस प्रगति दिखाई दे। उन्होंने कर्णप्रयाग-बागेश्वर रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन परियोजनाओं को भी भविष्य की आवश्यकताओं एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इन पर कार्यवाही आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीर्थाटन एवं पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की तथा कुमाऊँ मंडल में हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर एवं टनकपुर रेलवे स्टेशन प्रदेश के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और आधुनिक व्यवस्थाओं का विस्तार पर उन्होंने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ एवं कांवड़ मेले के दृष्टिगत हरिद्वार, ऋषिकेश एवं रुड़की रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के डबल लाइन की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तराखंड की आर्थिकी को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के चौयरमैन सतीश कुमार कुमार ने कहा कि बैठक में जिन बिंदुओं पर चर्चा हुई है, उन पर पूरी गंभीरता से कार्य किये जाएंगे।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी उपस्थित थे।

योग को आमजन तक पहुंचाने को रन फॉर योगा कार्यक्रम में दौड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन, देहरादून में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रन फॉर योगा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, सकारात्मक सोच और योग को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त अभियान है। यह कार्यक्रम योग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा और प्राकृतिक वातावरण मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करने वाली वैज्ञानिक एवं जीवनोपयोगी पद्धति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके प्रस्ताव के उपरांत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त हुई और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अवसाद और विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने युवाओं से नियमित योग एवं व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ, ऊर्जावान और अनुशासित युवा ही राज्य एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई योग नीति के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहन, योग प्रशिक्षकों को सहयोग तथा योग एवं वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपनाने, स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने तथा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा योग को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक विनोद चमोली, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोभाल मौजूद थे।

धामी कैबिनेट फैसला, उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव पर मिली सहमति

1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना को मंत्रीमण्डल ने दी अनुमति।

पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु उच्च आनुवंशिकी के पशु शीघ्रता से उत्पादित हो। इस दृष्टि से प्रदेश में गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु भ्रूण प्रत्यारोपण कर शुद्ध पशुओं के उत्पादन व दुग्ध वृद्धि की पायलट परियोजना प्रस्तावित की गई, जिसे मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति दी गई।

2. चार धाम यात्रा में प्रयोग किये जाने वाले अश्ववंशीय पशुओं का बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि राज्य सैक्टर के अन्तर्गत वहन किये जाने पर कैबिनेट ने लगाई मोहर।

राज्य सरकार ने केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब यात्रा मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों (अश्ववंशीय पशुओं) के स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम की 20 प्रतिशत धनराशि खुद वहन करने का निर्णय लिया है, जबकि शेष 80 प्रतिशत धनराशि पशु स्वामियों द्वारा दी जाएगी। इस योजना के तहत वर्ष 2026 की यात्रा के लिए अनुमानित 15,000 पंजीकृत घोड़े-खच्चरों को कवर किया जाएगा, जहां प्रति पशु ₹ 70,000 की कीमत पर 5 प्रतिशत बीमा दर के अनुसार कुल ₹525 लाख के प्रीमियम में से राज्य सरकार अपने हिस्से के ₹ 105 लाख का वित्तीय भार उठाएगी। इस पर मंत्रीमण्डल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान चिन्हित आन्दोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के तहत अधिसूचना संख्या 244 दिनांक 18.08. 2024 के प्रख्यापन तथा एतत् सम्बन्धी शासनादेश संख्या 139, दिनांक 24.11.2024 के जारी होने के मध्य उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विज्ञाप्ति तीन भर्ती परीक्षाएं कनिष्ठ सहायक एवं अन्य पदों हेतु भर्ती परीक्षा, 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरूष) तथा आरक्षी पीएसी/आईआरबी (पुरूष) भर्ती परीक्षा, 2024 एवं अपर निजी सचिव, वैयक्तिक सहायक, आशुलिपिक एवं अन्य पदों की भर्ती परीक्षा, 2024 में आवेदन जमा किये जाने की अंतिम तिथि के पश्चात् निर्धारित प्रारूप पर राज्य आंदोलनकारी आरक्षण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को सन्निरीक्षा (क्वबनउमदज टमतपपिबंजपवद) के दौरान एक बार के लिए अनुमन्य किये जाने का मंत्रीमण्डल द्वारा निर्णय लिया गया।

4. बिटुमिनस् की कीमतों में हुई अत्यधिक वृद्धि के दृष्टिगत बिटुमिनस् कार्यों हेतु अनुबंधों में मूल्य समायोजन किये जाने के संबंध में मंत्रिमण्डल ने दी सहमति।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत में पेट्रोलियम प्रोडेक्ट की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि से बिटुमिन की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो जाने के फलस्वरूप मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु कार्यहित में निर्धारित प्राविधानों के अनुसार उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग में दिनांक 01-04-2026 से पूर्व गठित बिटुमिनस् कार्य के ऐसे सभी अनुबन्धों, जिनमें अनुबन्ध की समयावधि उपलब्ध है तथा बिटुमिनस् कार्य किये जाने शेष हैं, में संशोधन करते हुये, दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिये मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु मूल्य समायोजन (चतपबम ंकरनेजउमदज) किये जाने के संबंध में दिशा-निर्देश निर्गत किये जाने पर मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई है।

5. आबकारी नीति विषयक नियमावली, 2025-26, 2026-27 व 2027-28 (त्रिवर्षीय आबकारी नीति) से सम्बन्धित शासन की अधिसूचना संख्याः 112/दिनांक 31 मार्च, 2026 के परिशिष्ट ‘क‘ एवं ‘ख‘ में अंकित उपकर को वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अन्तर्गत वैट गणना का भाग बनाए जाने एवं नियम 12.2 सम्बन्धी तालिका में होलोग्राम शुल्क के दोहराव की स्थिति उत्पन्न होने के दृष्टिगत उक्त अधिसूचना के परिशिष्ट ‘ख‘ के क्रमांक 4 में सम्मिलित किए गए होलोग्राम शुल्क को विलोपित करते हुए संशोधन/प्रतिस्थापन किए जाने पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

6. ज्तंकम प्दतिंेजतनबजनतम वित म्Ûचवतज ैबीमउम (ज्प्म्ै) योजनान्तर्गत सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच हेतु सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में अत्याधुनिक ।बबमसमतंजवत डंेे ैचमबजतवउमजतल (।डै) डंबीपदम के संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 पद सृजित किए जाने हेतु त्रीमण्डल ने दी स्वीकृति।

राज्य के प्राकृतिक उत्पादों यथा-ऑयल्स/एक्स्ट्रैक्ट एवं अन्य प्रकार के सगन्ध/हर्बल/ फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों में मिलावट की जांच उपरान्त सिंथेटिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के मध्य प्रमाणिकता को सिद्ध करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निर्यात को बढ़ावा दिए जाने के लिए सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई में कृषकों/उद्योगों/संस्थानों से क्रय किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के सगन्ध तेलों/उत्पादों में मिलावट की जांच ।बबमसमतंजवत डंेे ैचमबजतवउमजतल (।डै) डंबीपदम से की जानी है। इस मशीन संचालन के लिए पी.एम.यू. गठन किए जाने हेतु 05 विशेषज्ञ पद (च्तवरमबज ैबपमदजपेज-प्प्प्, ैमदपवत च्तवरमबज ।ेेवबपंजम, च्तवरमबज ।ेेवबपंजम-प्प्, 02 ज्मबीदपबंस ।ेेपेजंदज) सृजित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई स्वीकृति।

7. उत्तराखण्ड राज्य में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन किया जाना अतिआवश्यक है, जिससे उत्तराखण्ड राज्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन की दृष्टिकोण से अपना स्थान बना सकें। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन किया जा रहा है, जिस हेतु अनुभवी संस्था का चयन किया जाना अतिआवश्यक है। उक्त रैली में कुल 120 से अधिक एन्ट्री को शामिल किये जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिभागी, 25 एशिया कॉस कन्ट्री रैली, 20 क्लासिक कार रैली, 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चौम्पियनशिप शामिल हैं। हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत के माध्यम से किये जाने को लेकर मंत्रीमण्डल द्वारा अनुमति प्रदान की गई।

8. उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.04.2026 के क्रम में उपनल के माध्यम से योजित कार्मिकों को समान कार्य हेतु समान वेतन प्रदान किये जाने हेतु पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट ऑफ डेट की तिथि (12.11.2018) को संशोधित कर सर्वाेच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश दिनांक 15.10.2024 तिथि निर्धारित किये जाने के प्रस्ताव पर मा. मंत्रिमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गई।

9. ‘उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026‘ के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

मा. सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.10.2024 के अनुपालन में उत्तराखण्ड कारागार नियमावली, 2023 में अभ्यस्त अपराधी, जिसे इस नियमावली के प्रारंभ होने से पूर्व या पश्चात् उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध, अधिनियम, 1952 की अनुसूची में उल्लिखित किसी एक या अन्य अपराध के लिये कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक अवधि के कारावास का दण्ड दिया गया हो और ऐसा दण्डादेश अपील अथवा पुनरीक्षण में अपास्त न कर दिया गया हो, में संशोधन हेतु उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति प्रदान की गई।

10. उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल द्वारा दी गई सहमति।

कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, उत्तराखण्ड की संरचना में अधीनस्थ कारागारों हेतु कारापाल के कुल 14 पद सृजित हैं, जो स्थायी उप कारापालों से पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने वाले पद हैं। वर्तमान में कारागार विभाग में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जेल कारागार कार्यपालक अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 1980) अनुकूलन उपान्तरण आदेश, 2002 लागू है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के पश्चात कारागार विभाग में पृथक से कारापाल सेवा नियमावली को प्रख्यापित नहीं किया गया है। विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल द्वारा सहमति प्रदान की गयी।

11. उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंत्रीमण्डल की सहमति।

राज्य में संस्कृत विद्यालयों को मान्यता प्रदान करने, पाठ्यक्रम निर्धारण एवं परीक्षा संचालन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा परिषद् को विधि द्वारा गठित संस्था के रूप में स्थापित करने के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा अधिनियम, 2014 प्रख्यापित किया गया। उक्त अधिसूचना के कार्यान्वयन हेतु उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विनियमावली, 2023 प्रख्यापित की गयी, जिसमें कतिपय संशोधन/परिर्वतन के दृष्टिगत उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 प्रख्यापित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमण्डल सहमति प्रदान की गई।

12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता के मानकों के आधार पर उत्तराखण्ड राज्य को पूर्णतः साक्षर राज्य घोषित किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रीमण्डल ने सहमति प्रदान की।

13. राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत विभिन्न चिकित्सालयों में लम्बित बिलों के भुगतान के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायेगी।

वर्षों से लंबित‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनाए जाने पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।

योग दिवस पर राज्य में होंगे विभिन्न कार्यक्रम, सीएम ने किया आवाहन

21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक संख्या में योग कार्यक्रमों में प्रतिभाग करने तथा योग को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने का आग्रह किया।

डीएम बोले, उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग मित्रों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की दिशा में उद्योग क्षेत्र एक गेम चेंजर की भूमिका निभाता है तथा औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि औद्योगिक आस्थानों से संबंधित वे समस्याएं, जिनका समाधान लंबे समय से लंबित है और जिनके संबंध में शासन को पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है, उन्हें “मिसिंग लिंक” के रूप में चिह्नित करते हुए पुनः शासन को प्रेषित किया जाए ताकि उनका उचित समाधान हो सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सेलाकुई में निर्माणाधीन 220 केवी विद्युत स्टेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान यूपीसीएल अधिकारियों ने अवगत कराया कि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर विद्युत स्टेशन पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए परियोजना को निर्धारित समय में संचालित करने के निर्देश दिए।

औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत शटडाउन की समस्या पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को निर्देशित किया कि उद्योगपतियों एवं यूपीसीएल अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर शटडाउन का पूर्व निर्धारित समय तय किया जाए, जिससे उत्पादन गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। उन्होंने उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए, जिसमें उद्योग मित्र अपनी समस्याएं सीधे साझा कर सकें। स्मार्ट मीटरों में रीडिंग जंप होने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक विद्युत बिल आने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जीएमडीआईसी को इस संबंध में शासन को विस्तृत पत्र प्रेषित करने को कहा।

औद्योगिक क्षेत्र मोहब्बेवाला में सड़कों पर विक्रम वाहनों की अवैध पार्किंग तथा सब्जी एवं रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को आद्यौगिक आस्थानों में नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के उपरांत पुनः अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं कामगारों के कौशल विकास पर विशेष बल देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर कौशल अभिवृद्धि कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का मामला भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रकरणों में उद्योग स्थापना के उद्देश्य से भूमि आवंटित की गई है, लेकिन लंबे समय से उद्योग स्थापित नहीं किए गए हैं अथवा आवंटन उद्देश्य से भिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ऐसे मामलों की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जीएमडीआईसी को निर्देशित किया कि ऐसे सभी प्रकरणों की स्पष्ट एवं तथ्यात्मक आख्या चार दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नियमों के विपरीत कार्य पाए जाने अथवा जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।

बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अध्यक्ष उत्तराखण्ड उद्योग संघ पंकज गुप्ता, सदस्य राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति शांतनु बिष्ट, महाप्रबन्धक मीना बोरा सहित उद्योग मित्र समिति के सदस्य एवं सम्बन्धित विभगाों के अधिकारी एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।

विकसित उत्तराखंड के निर्माण में सचिवालय परिवार की भूमिका महत्वपूर्णः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखंड सचिवालय संघ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग कर नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सचिवालय संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपक जोशी, उपाध्यक्ष राकेश जोशी एवं संजय कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष प्रमिला टम्टा, महासचिव राजेन्द्र रतूड़ी, सचिव अतुल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव दिव्यांशु डोभाल एवं सुरेन्द्र सिंह रावत, संप्रेक्षक रीना मखनवाल, कोषाध्यक्ष रमेश सिंह बर्त्वाल तथा प्रचार सचिव दीपक बिष्ट सहित समस्त नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सचिवालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि प्रदेश की शासन व्यवस्था की आत्मा और जनविश्वास का प्रमुख केंद्र है। यहीं से नीतियों का निर्माण होता है, जनकल्याणकारी योजनाओं को दिशा मिलती है और प्रदेश के विकास की रूपरेखा तैयार होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी विकसित उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण सहभागी है। सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों और योजनाओं को धरातल पर उतारने तथा अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी शासन एवं जनता के बीच विश्वास के मजबूत सेतु के रूप में कार्य करते हैं। उनकी कार्यकुशलता, कर्मनिष्ठा और समर्पण से सरकार की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रारंभ से ही शासन व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने का प्रयास किया है। इसी क्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि एक मजबूत, प्रेरित और संतुष्ट कर्मचारी तंत्र सुशासन की सबसे बड़ी शक्ति होता है। शासन और कर्मचारी जब टीम भावना के साथ कार्य करते हैं तो विकास कार्यों को गति मिलती है और जनता का विश्वास शासन व्यवस्था पर और अधिक मजबूत होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, तकनीक आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने और ई-गवर्नेंस को सशक्त करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हों। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सचिवालय परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड सचिवालय बेहतर कार्य संस्कृति, आपसी समन्वय और सकारात्मक वातावरण के माध्यम से सुशासन एवं कार्यकुशलता की नई मिसाल स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी से अपेक्षा की कि वे सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए देवभूमि उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के सरकार के “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर शासन के वरिष्ठ अधिकारी, सचिवालय संघ के पदाधिकारी तथा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पौड़ी में आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का सीएम धामी ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया तथा संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि यह संग्रहालय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

सीएम धामी ने खेत में किया श्रमदान, किया कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने निजी आवास नगला तराई स्थित खेत में स्वयं टिलर चलाकर खेत की जुताई की तथा खेत में गोबर की प्राकृतिक खाद डालकर जैविक एवं पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस दौरान उनकी माता बिशना देवी भी उनके साथ उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री ने खेत में श्रम करते हुए किसानों के परिश्रम और कृषि परंपराओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि खेती केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा है। आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक और प्राकृतिक खेती को अपनाकर कृषि को अधिक समृद्ध एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोबर की खाद जैसी प्राकृतिक पद्धतियां भूमि की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और जैविक उत्पादों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान कृषि, ग्रामीण संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी हुई है। राज्य सरकार पारंपरिक खेती, बागवानी, प्राकृतिक कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भी खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

खटीमा में उत्साह के साथ निकली प्रगति पथ यात्रा, सीएम धामी ने किया नेतृत्व

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा प्रवास के दौरान भव्य “प्रगति पथ यात्रा” में प्रतिभाग किया। खटीमा मुख्य मार्ग पर आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में युवा, मातृशक्ति, पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक तिरंगा लेकर शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति, विकास और जनसमर्थन का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

प्रगति पथ यात्रा मुख्य चौराहे से होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क पहुंची, जहां मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत यात्रा का समापन शहीद स्थल पर शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के लिए महान विभूतियों एवं शहीदों का योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर पर दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, किशन सिंह किन्ना, दर्जा राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, जिला पंचायत सदस्य सागर सिंह धामी, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह टुरना, सांसद प्रतिनिधि रविंद्र राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तम सिंह नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं जनता उपस्थित रहे।