हेमकुंड साहेब रोप वे के लिए विभिन्न गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रदेश के विभिन्न गुरुद्वारों के प्रतिनिधियों ने भेंट की। प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने हेमकुंड साहेब रोप वे के लिए मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री को शॉल भेंट कर उनको इस एतिहासिक कार्य के लिए शुभकामनाएं भी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हेमकुण्ड साहिब के लिये रोप वे बनाये जाने की जो बात कही है वह निश्चित रूप से एतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि इससे आने वाले समय में हेमकुंड साहेब की यात्रा और सुगम हो जायगी व बजुर्गाे एवं असहाय व्यक्तियों आदि को इसका विशेष लाभ मिलेगा और वे सुगमता से हेमकुंड साहेब की यात्रा कर सकेंगे।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता बलजीत सोनी, गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष गुरबक्ष सिंह, रेसकोर्स के मुख्यग्रंथि जसप्रीत सिंह, नानकसर गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार सतनाम सिंह, गुरुद्वारा दिलाराम के अद्यक्ष गुरविंदर सिंह, पटेल नगर गुरुद्वारा के अद्यक्ष सिंह, टोनी जॉली, गुलज़ार सिंह, मनप्रीत बतरा, सुरेन्द्र सिंह, इंदरजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

श्वेताम्बर और दिगम्बर समुदायों का मिलन हमारी संस्कृति की पहचानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैन मन्दिर में जैनाचार्य, राष्ट्रसंत, विश्वरत्न सागर सूर्य महाराज से शिष्टाचार भेंट की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिवस यहां श्वेताम्बर व दिगम्बर दोनों समुदाय के लोगों का जो मिलन कार्यक्रम आयोजित हुआ काफी अच्छी बात है। यह मिलन हमारी संस्कृति का सबको मिलाने का एक रूप है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण ने भी सबको मिलाने का कार्य किया था, आज जैनाचार्य भी सबको मिलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए और अच्छा किस प्रकार से कार्य कर सकते हैं, इस संबंध में जैनाचार्य सागर सूर्य जी महाराज का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन मिला है।

मुख्यमंत्री ने जैनाचार्य राष्ट्र संत विश्व रत्न सागर सूर्य महाराज से कहा कि मेरा यहां आना एक संयोग है, कल ही आपकी साधना पूरी हुई और आज अचानक आपके दर्शन का अवसर प्राप्त हो गया। मुख्यमंत्री ने जैनाचार्य सागर सूर्य महाराज से विगत दिवस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केदारनाथ यात्रा के सम्बन्ध में भी विस्तृत चर्चा की।

इस अवसर पर जैनाचार्य राष्ट्र संत विश्व रत्न सागर सूर्य महाराज ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह कल तक 17 दिनों की मौन साधना में लीन थे, जो जैन धर्म की सबसे कठिन साधना है। उन्होंने इस मौके पर अपने गुरूजी गौतम स्वामी, जो सूर्य के स्वामी माने जाते हैं, के बारे में विस्तृत जानकारी से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

इससे पूर्व जैन मन्दिर परिसर पहुंचने पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तथा जैन मन्दिर के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया।

इसके पश्चात् मुख्यमत्री कनखल स्थित जगत गुरू आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने जगतगुरू राजराजेश्वराश्रम से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन कौशिक, जिलाधिकारी हरिद्वार विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, डॉ. योगेन्द्र सिंह रावत, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय आदि उपस्थित थे।

वित्तीय स्वीकृति देकर सीएम ने विकास कार्यों को दी गति


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद ऊधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र खटीमा में ग्राम बडी अंजनिया नहर होते हुए 17 मिल चौराहे तक नव निर्माण का डामरीकरण कार्य हेतु 2 लाख 13 हजार रुपये, विधानसभा क्षेत्र खटीमा में विभिन्न 03 निर्माण कार्यों (1) मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत राज्य मार्ग संख्या-70 के कि.मी. 48, 49, 50 में 3.75 मी. चौड़ाई में नवीनीकरण कार्य हेतु 38 लाख 75 हजार रूपये, (2) राज्य योजना के अन्तर्गत छिनकी झनकट मार्ग में छिनकी से गाजो होते हुए जंगल की ओर इण्टर लॉकिंग टाईल्स द्वारा मार्ग निर्माण के द्वितीय चरण हेतु 96 लाख 24 हजार रूपये, (3) ग्राम श्रीपुर बिछुवा से नालापार होते हुए वनकटिया से देवरी तक मार्ग के पुनः निर्माण के द्वितीय चरण हेतु 82 लाख 41 हजार रूपये की प्रशासकीय तथा वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र पुरोला के विकासखण्ड नौगांव में देहली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से भूलाना मोटर मार्ग के सुधार कार्य हेतु 51 लाख 14 हजार रूपये के साथ ही विधानसभा क्षेत्र पुरोला के अन्तर्गत त्यूनी-पुरोला-नौगांव (राज्य मार्ग सं.-7) मोटर मार्ग के दुर्घटना सम्भावित क्षेत्र में क्रेश बैरियर एवं पैरापिट के निर्माण हेतु 96 लाख 34 हजार रूपये की भी प्रशासकीय तथा वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

अचानक पहुंचे सीएम अपनी विधानसभा, लोगों से मुलाकात कर समस्यायें जानीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को अपराह्न में खटीमा पहुंचे। उन्होंने निर्माणाधीन आश्रम पद्धति जनजाति विद्यालय खटीमा के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया तथा संबंधित कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने खटीमा कृषि उत्पादन मंडी में धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया और वहां रखे नमी यंत्र की गुणवत्ता को भी देखा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कांटे में रखकर धान तोल यंत्र का भी निरीक्षण किया व मंडी में किसानों से वार्ता कर उनकी समस्यायें भी सुनी तथा उसके निराकरण के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने खटीमा में नवनिर्मित एकलव्य स्कूल भवन का अवलोकन किया नागरिक चिकित्सालय खटीमा में पहुंच कर उन्होंने आयुष विभाग की आकस्मिक सेवाओं का औचक निरीक्षण किया। वहां भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे हालचाल पूछा उन्होंने नागरिक चिकित्सालय में स्थापित हो एक हजार क्षमता वाले गैस प्लांट का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्माणाधीन शहीद स्मारक के निर्माण कार्यों का अवलोकन भी किया तथा संबंधित अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के निर्देश देते हुए कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने पुराना अस्पताल खटीमा में अस्थाई सैनिक कैंटीन के निर्माण कार्यों का भी अवलोकन किया तथा कर्नल चंद्रा से फोन पर वार्ता कर 9 नवंबर से पहले कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों से भी बातचीत की तथा लोगों का हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय मार्केट खटीमा में ठेले पर मूंगफली का भी स्वाद लिया तथा मूंगफली विक्रेता चिरौंजी से उनका हाल-चाल भी पूछा। उन्होंने कहा कि इस दुकान पर आने से पुरानी यादें ताजी हो गई। मुख्यमंत्री ने हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की भी कामना की।

माता मंगला ने सीएम को 5 करोड़ रुपये की धनराशि आपदा पीड़ितों के लिए दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हंस फाउण्डेशन की ओर से माता मंगला ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिये 5 करोड़ की धनराशि प्रदान की। रविवार को मुख्यमंत्री आवास में वेबिनार के माध्यम से मुख्यमंत्री से वार्ता कर माता मंगला ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिये मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आपदा के इस संकट काल में पीड़ितों की मदद के लिये हंस फाउण्डेशन आगे भी मदद के लिये राज्य सरकार का सहयोगी रहेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माता मंगला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा आपदा के समय ही नहीं बल्कि प्रदेश के विकास में भी सहयोग किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इस धनराशि का पीड़ितों की मदद में बेहतर उपयोग किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयी आपदा के तुरंत बाद उन्होंने जनपद चमोली, पौड़ी, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर आदि के विभिन्न आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आपदा पीड़ितों के दुःख दर्द में सहयोगी बनने के साथ ही उन्हें सांत्वना प्रदान की तथा राहत कार्यों में तेजी लाये जाये के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये। राज्य स्तर पर भी आपदा राहत कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण एवं पीड़ितों की मदद के लिये नियमों का भी शिथिलीकरण कर रही है। हमारा प्रयास है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी आधारभूत सुविधायें बहाल हो इसके लिये दिनरात कार्य किया जा रहा है। इस आपदा में कृषि उपजों का नुकसान हुआ है। लगभग 10 हजार छोटे-बड़े पशुओं की हानि हुई है। व्यापारियों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि आपदा के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हालात की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक मदद का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री के निर्देश पर सेना के तीन हेलीकॉप्टर राहत कार्यों के लिये उपलब्ध कराये गये। संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री ने हमारा मनोबल भी बढ़ाया है। गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद से रात डेढ बजे देहरादून आये तथा आपदा राहत कार्यों की समीक्षा के साथ आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर इसमें हुए नुकसान का भी जायजा लिया। राज्य को इस आपदा से हुए नुकसान के आंकलन के लिये केन्द्रीय टीम भी पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, गुजरात आदि प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिये आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है। प्रदेश में आयी इस आपदा में सहयोगी बनने के लिये सभी लोगों का सहयोग मिल रहा है। इसके लिये उन्होंने सभी का आभार भी जताया है।

सीएम ने दिए अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय स्थित राज्य आपदा कंट्रोल रूम जाकर प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री कल से सभी जिलाधिकारियों से हर पल की अपडेट ले रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के हवाई निरीक्षण भी कर रहे हैं, प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से जानमाल का जो नुकसान हुआ है। प्रभावितों को मानकों के अनुसार जल्द अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराया जाय। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से किसानों का जो नुकसान हुआ है, उसका आकलन कर जल्द रिपोर्ट भेजी जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सेना से तीन हेलीकॉप्टर लगाये जा रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली एवं रुद्रप्रयाग को फोन कर निर्देश दिये कि यात्रा मार्गों पर फंसे यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि धैर्य बनाकर रखें। अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा तेजी से प्रयास किये जा रहे हैं। सभी जरूरी इंतजाम सरकार द्वारा किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आपदा प्रबंधन एस. ए. मुरूगेशन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धिम अग्रवाल मौजूद थे।

जन समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित गति से किया जाय निस्तारण-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय एवं घोषणा अनुभाग का आकस्मिक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा अनुभाग के स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही का निरीक्षण करने के साथ ही इस सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये कि घोषणा अनुभाग में प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर समयबद्धता के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि जनहित को ध्यान में रखते हुए की गई घोषणायें धरातल पर दिखाई दें तथा आम जनता को उसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणाओं का क्रियान्वयन समयबद्धता के साथ हो यह हमारा प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से आम जनता की बड़ी अपेक्षायें रहती हैं। अतः जन अपेक्षाओं के समाधान के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य प्रणाली के सरलीकरण एवं समस्याओं के समाधान की भावना के साथ यदि हम अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तो जनता में सरकार के प्रति विश्वास का भाव जागृत होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय को प्राप्त होने वाली जन शिकायतों एवं समस्याओं से सम्बन्धित आवेदनों का निस्तारण भी त्वरित गति से किया जाए, साथ ही आवेदकों को भी उनके निवेदनों पर की गई कार्यवाही की सूचना उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जाए।
इस अवसर पर अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, संयुक्त सचिव संजय टोलिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बिगड़े मौसम का पल-पल जायजा लेते रहे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही वर्षा का लगातार जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने फोन के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों से जनपदों में बारिश की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में बारिश की स्थिति एवं आवागमन की स्थिति की प्रत्येक घंटे की रिपोर्ट दी जाए। प्रशासनिक अमले पहले ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर अलर्ट मोड पर हैं।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से भी सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज प्रदेश के 1 से 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में रिस्पांस टाइम कम से कम हो। यात्रियों को असुविधा न हो।

भारी बारिश के अलर्ट के बीच सीएम खुद करे मॉनीटिरिंग, लगातार रख रहे नजर

प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से उनकी तैयारियों, बारिश की स्थिति आदि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी स्कूलों में 18 अक्टूबर को अवकाश रखने के निर्देश दिये। बहुत से जिलों में अवकाश कर भी दिया गया है। जिन जिलों में नहीं किया गया है, वे भी एहतियातन सोमवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री प्रदेश में आए हुए हैं। जरूरी होने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराते हुए उनके रहने और भोजन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। पर्यटक और तीर्थयात्री यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य, जिलों और तहसील स्तरों पर कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित हों। जिलों से इन दो दिन, हर घंटे रिपोर्ट भेजी जाए। कोई घटना होने पर उसकी सूचना तुरंत दी जाए। रेस्पोंस टाइम कम से कम होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। आईटीबीपी, सीडब्ल्यूसी, बीआरओ, एसडीआरएफ, राजस्व, पुलिस आदि आपसी समन्वय से काम करें। ट्रेकर्स के बारे में पूरी सूचना रखी जाए और उनसे सम्पर्क रखें। लैंडस्लाइड जोन पर विशेष ध्यान रखा जाए। रास्ते बंद होने पर तुरंत खोलने की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि भूस्खलन आदि स्थिति में लोग कहीं फंसे नहीं। वे सुरक्षित स्थानों पर ठहरें। आपदा बचाव और राहत संबंधी उपकरण सुचारू स्थिति में हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए पूरी सावधानी बरतनी है। यात्रियों और पर्यटकों से भी सावधानी रखने की अपील की जाए, परंतु किसी तरह के पैनिक की भी जरूरत नहीं है। जिलाधिकारी, एसएसपी स्वयं मॉनिटरिंग करें।
बैठक में सभी जिलाधिकारियों से पूरी जानकारी ली गयी। बताया गया कि सभी जगह स्थिति अभी सामान्य है। एहतियातन चारधाम यात्रियों को सुरक्षित रूकाया गया है। रुकने, खाने की पर्याप्त व्यवस्था है।
बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक संजय गुप्ता, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एसए मुरूगेशन, आईजी वी मुरूगेशन, आईजी एसडीआरएफ पुष्पक ज्योति, एसीईओ आपदा प्रबंधन रिद्धिम अग्रवाल, सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, बीआरओ, आईएमडी, आईटीबीपी, सीडब्ल्यूसी, उत्तराखण्ड सब एरिया, सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

द हंस फाउण्डेशन का उत्तराखंड को मिल रहा सहयोग-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहकमपुर देहरादून में द हंस फाउण्डेशन डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक श्री भोले जी महाराज और माता मंगला जी ने प्रदेश को 14 डायलिसिस केन्द्रों एवं 13 सचल चिकित्सालयों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि माता मंगला और भोले महाराज ने अपना पूरा जीवन परमार्थ के लिए लिए समर्पित किया है। उनके लिए नर सेवा ही नारायण सेवा है। उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण देश में उनके द्वारा जन सेवा के लिए अनेक कार्य किये जा रहे हैं। माता मंगला जी के जन्मोत्सव के अवसर पर हंस फाउण्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात दी गई है। इसके लिए उन्होंने भोले महाराज एवं माता मंगला का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी ने हंस फाउण्डेशन के माध्यम से अनेक सेवा के कार्य किये। स्वास्थ्य सुविधाओं एवं खाद्यान्न वितरण कर जन सेवा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने माता मंगला जी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं माता मंगला ने उत्तराखण्ड के लिए समय-समय पर अनेक सौगात दी हैं। आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्होंने डायलिसिस केन्द्रों एवं सचल चिकित्सालयों की बड़ी सौगात दी है। 12 दूरस्थ डिग्री कॉलेजों के लिए भी उन्होंने एक लाख किताबें दी हैं।
माता मंगला जी ने कहा, मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मुझे जितना भी समय मिले, मैं जन सेवा कर सकूं। जन समस्याओं के समाधान के लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक-एक आदमी की मदद भी करता है तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि होगी। जिन बच्चों की आज हम सेवा कर रहे हैं, कल वे अपने पैरो पर खड़े होंगे। यह आत्म सन्तुष्टि का भाव है।
इस अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, हंस फाउण्डेशन के पदाधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।