सीएम आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके आगामी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना से जुड़े ‘ईश्वरीय कार्य’ के समान है।

प्रशासनिक सेवा—एक उत्तरदायित्व, केवल नौकरी नहीं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में आने वाले युवा अधिकारी राज्य की रीढ़ माने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवा का मूल उद्देश्य जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा को केवल प्रोफेशन न समझें, बल्कि इसे समाज और देवभूमि उत्तराखंड के लोगों के लिए समर्पित एक सेवा-भाव के रूप में अपनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी जब सेवा को ईश्वरीय कार्य समझकर कार्य करेंगे, तब उनके निर्णय अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी होंगे।

युवा अधिकारियों से जनता की नई उम्मीदें—नवाचार को अपनाने पर बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, आधुनिक दृष्टिकोण और नए विचारों से समृद्ध है। इसलिए जनता की उम्मीदें भी युवा अधिकारियों से दोगुनी हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ प्रशासन को नवाचार अपनाने की जरूरत है—चाहे वह तकनीक का उपयोग हो, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलिकरण हो या जनसंपर्क को बेहतर बनाने के तरीके। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक और स्मार्ट समाधान आवश्यक हैं, ताकि जनता को त्वरित और प्रभावी सेवाएँ मिल सकें।

संवेदनशीलता—जनता की सेवा का मूल आधार

सीएम धामी ने संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन से सम्मान, न्याय, सुनवाई और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे हर समस्या को मानवीय दृष्टिकोण से समझें और प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएँ सुनना, उन्हें समझना और समाधान के लिए तुरंत व गंभीर प्रयास करना ही एक सच्चे और प्रभावी प्रशासक की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियाँ विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण हैं। पर्वतीय क्षेत्रों, दुर्गम मार्गों और दूरस्थ गांवों में बुनियादी सेवाएँ पहुँचना कठिन होता है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि पहाड़ी राज्य में प्रशासनिक दायित्व केवल तकनीकी नहीं होते, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और अधिक परिश्रम की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, अधिकारी अगर सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम से काम करेंगे, तो प्रदेश के लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना और सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह प्रत्येक अधिकारी का मिशन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के वंचित, दूरस्थ और जरूरतमंद वर्ग को लाभ दिलाना है, और यह तभी संभव है जब अधिकारी ईमानदारी और प्रतिबद्धता से इस दिशा में निरंतर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता प्रशासन से न्याय, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रखती है। इसलिए अधिकारी हमेशा विनम्र, ईमानदार और निष्पक्ष रहें। उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण, जनता से जुड़ाव और सही निर्णय लेने की क्षमता किसी अधिकारी की सबसे बड़ी पूँजी है।

इस अवसर पर सचिवालय प्रशासन के अधिकारी तथा परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारी उपस्थित रहे।

स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के साथ समीपवर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी वित्तीय वर्ष में इस योजना पर कार्य धरातल पर प्रारंभ किया जाए। इसके तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से राज्य का पर्यटन परिदृश्य और समृद्ध होगा तथा उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की शीतकालीन स्थलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए, वहां की यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा राज्य के प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों को सहेजते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए ठोस कार्यनीति तैयार की जाए और समयबद्ध रूप से प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी जुड़े थे।

बैठक में बद्री- केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, अपर सचिव अभिषेक रोहिला एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

कुमाऊं में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक आयोजित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सशक्त बनाने के साथ ही तय समय पर प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़/सोलर फेंसिंग के संबंध में विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

सीएम ने सुनी पीएम के मन की बात, बोले एक भारत श्रेष्ठ भारत के आदर्श को किया साकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ’मन की बात’ कार्यक्रम का 123वीं संस्करण सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों को योग, सामाजिक एकता, सेवा भाव और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से प्रेरित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान मिली है। 21 जून को आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने एक बार फिर यह प्रदर्शित कर दिया कि योग ने न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने देश को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ट्रैकोमा मुक्त घोषित किए जाने और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की रिपोर्ट में 64 प्रतिशत आबादी को सोशल सुरक्षा के अंतर्गत लाए जाने की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा की दिशा में देश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

मुख्यमंत्री ने “मन की बात“ में उजागर की गई सामूहिक सेवा, धार्मिक यात्राओं के दौरान मिलन की भावना और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के आदर्श को साकार करता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इन संदेशों को अपनी दिनचर्या में अपनाएं और उत्तराखंड को भी आत्मनिर्भर व समृद्ध भारत का एक गौरवशाली हिस्सा बनाएं।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड कैलाश पंत और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।

सीमांत क्षेत्रों के लोगों के साथ प्रशासन करेगा संवाद स्थापित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में राज्य स्तर पर की गई तैयारियों एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा बैठक ली।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में वर्तमान समय में स्थिति सामान्य है परंतु सभी विभाग और अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को बॉर्डर एरिया में सघन चेकिंग अभियान एवं जनपदों में सामरिक महत्व के स्थलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण स्थानों, चारधाम यात्रा स्थलों, अन्य मार्गों पर सुरक्षा के समुचित उपाय किए जाए। उन्होंने वेरिफिकेशन ड्राइव में तेजी लाने के साथ ही संदिग्ध लोगों की पहचान तथा सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम में संवेदनशील खबरों एवं फेक न्यूज का संज्ञान लेते हुए उचित कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, राज्य भर में मॉक ड्रिल का आयोजन करेगी। उन्होंने कहा सम्भावित खतरों की चेतावनी हेतु सभी जनपदों में सायरन की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों के स्थानीय निवासियों के साथ प्रशासन को संवाद स्थापित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा देश की वर्तमान स्थिति पर सभी प्रदेशवासी देश के सैनिकों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को केंद्र द्वारा जारी दिशा निर्देशों का शत प्रतिशत सख्ती से पालन करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सर्व धर्म सभा, और पद यात्रा का आयोजन करके इन कार्यक्रमों के माध्यम से सेना के मानोबल बढ़ाया जाएगा। राज्य सरकार हर स्थिति में सैनिकों और उनके परिजनो के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य में हर परिवार का कोई सदस्य सेना में है, ऐसे में सभी का मनोबल बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा भारत को एकता में ही उसकी शक्ति है। हम हर चुनौती से निपटने के लिए सक्षम हैं।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से सख्त निगरानी रखे जाने, जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या को बढ़ाया जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में खाद्यान्न और चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों की उपलब्धता पूरी तरह बने रहे।

सभी सचिवों को विभिन्न यात्रा मार्ग में स्थलीय निरीक्षण करने के लिए भेजा जाएगा, जिसके निर्देश मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा चार धाम यात्रा का सुगम और सुरक्षित संचालन राज्य में हो रहा है। यात्रियों की सुरक्षा, सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा सभी सचिवों को समय-समय पर चार धाम यात्रा का स्थलीय निरीक्षण करने यात्रा मार्ग पर भी भेजा जाएगा। उन्होंने कहा राज्य में चार धाम यात्रा पूर्ण रूप से सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा के साथ ही अन्य धार्मिक यात्राओं में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा राज्य में हेली सेवाओं का संचालन भी सुगमता से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा चार धाम यात्रा की रियल टाइम मॉनिटरिंग भी की जाए। उन्होंने सभी विभाग आगामी मानसून से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए।

भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार को जीरो टॉलरेंस का संकल्प है। ऐसे में सभी अधिकारी भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लेकर उसपर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा आमजन को परेशान करने वाले किसी भी भ्रष्टाचारी को छोड़ा नहीं जाएगा एवं भ्रष्टाचार के मामलों पर प्राथमिकता से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, रविनाथ रमन, पंकज पांडे, एडीजी ए पी अंशुमन, नितेश झा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।

पहलगाम में हुई घटना पर सीएम धामी ने मारे गए निर्दोष लोगों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सीएम आवास में आयोजित प्रातः कालीन बैठक में दो मिनट का मौन रखकर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना आतंकी हमले में मारे गए निर्दाेष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री ने हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “उत्तराखंडवासियों की ओर से मैं शोक संतप्त परिवारों के साथ अपनी पूरी संवेदना प्रकट करता हूँ। यह कायराना हमला केवल निर्दाेष लोगों पर नहीं, बल्कि हमारे देश की संस्कृति, शांति और मानवता के मूल्यों पर भी हमला है।“

मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकियों की जम्मू-कश्मीर को अशांत करने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। इस कुकृत्य का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

खेल प्रतियोगितायें अनुशासन की भावना के साथ शारीरिक व मानसिक स्वस्थता को बढ़ावा मिलता हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में स्कूल गेम्स फेड़रेशन ऑफ इण्डिया से सम्बद्ध विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित 35वें राष्ट्रीय खेल कूद टेबल टेनिस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाली सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज ज्योतिर्मठ चमोली के छात्रों की टीम ने भेंट की।

मुख्यमंत्री ने विजेता टीम के सदस्य छात्रों को बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतियोगितायें छात्रों में अनुशासन की भावना के साथ शारीरिक व मानसिक स्वस्थता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक छात्र खेलों के प्रति जागरुक होकर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी बनें, इसके लिये राज्य की खेल नीति तैयार की गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर रतनगढ़ राजस्थान में आयोजित 35वें राष्ट्रीय खेल कूद टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 14 छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावक तथा टी.टी. कोच विजय कुमार अग्रवाल सीनियर वेटरन खिलाडी देवेन्द्र कांडपाल आदि उपस्थित थे।

प्रतियोगी छात्रों में केशव चौहान, प्रियांशु नेगी, अनमोल, शार्दुल नेगी, सिद्धार्थ नेगी, समीर, शौर्य भट्ट, आयुष राणा तथा छात्राओं में अदिति नेगी, जोया पंवार, खुशी नेगी, विभूति चौहान, दिया, एवं अंशिका नेगी शामिल थी।

उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएंः धामी

मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निष्कासन कार्य किया गया। पहले चरण में 57 किलोग्राम शहद निकाला किया गया। इस बार लगभग 200 किलोग्राम तक शहद के निकालने का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री ने बी-कीपिंग कार्य को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लेते हुए शहद महोत्सव आयोजित करने के लिए उद्यान विभाग को निर्देश दिये गये। जिसमें मधुमक्खी द्वारा तैयार किए जाने वाले समस्त प्रोडक्ट महोत्सव में रखने और हर वर्ष शहद महोत्सव की एक तिथि भी निर्धारित करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मौन पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रचुर मात्रा में फूलों की प्रजातियां हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले जैविक शहद उत्पादन में सहायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय गुणों वाला शहद तैयार करने के लिए लोगों प्रशिक्षण दिया जाए। मौन पालन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

इस अवसर पर उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित और चेयरमैन देवभूमि पर्वतीय ग्रामोद्योग विकास संस्थान हरबर्टपुर अजय कुमार सैनी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने आवास पहुंचे मौली का किया स्वागत, बोले मौली की सक्रियता ने जीता सभी का दिल

38वें राष्ट्रीय खेल में लोगों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहा शुभंकर ‘मौली’ राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद सीएम आवास पहुंचा। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में मौली का स्वागत किया। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर प्रतीक ’मौली’ (मोनाल पक्षी) देशभर में चर्चा का केन्द्र रहा है।

उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर मौली राज्य के हर जनपद में भव्य स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल के दौरान मौली की सक्रियता ने सबका दिल जीतने का कार्य किया। उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी मोनाल की विशिष्टता से देशभर के लोग परिचित हुए।

38वें राष्ट्रीय खेल ने उत्तराखण्ड को देवभूमि और वीरभूमि के साथ ही खेल भूमि के रूप में नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास और नई खेल नीति के परिणाम स्वरूप राज्य के खिलाड़ियों द्वारा 38वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन कर 103 पदक हासिल कर देशभर में शीर्ष सात राज्यों की श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड 25वें स्थान पर था। उत्तराखण्ड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेल ग्रीन गेम्स, ई-वेस्ट से बनाये गये मेडल और पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम से पौध रोपण के लिए भी याद किया जायेगा।

आन बान शान का प्रतीक तिरंगा सीएम ने फहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को संविधान की उद्देशिका की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के लिए हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन करना है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।