जोशीमठ के स्थलीय निरीक्षण के बाद आपदा प्रबन्धन केन्द्र में सीएम ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ भू धंसाव क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण एवं पीडितो से मुलकात के बाद वापस देहरादून पहुंचने पर सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जोशीमठ भू धंसाव से पीडित लोगों की मदद एवं राहत एवं बचाव के साथ विकास कार्याे के अनुश्रवण हेतु अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासन स्तर पर तथा आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता में स्थानीय स्तर पर समन्वय समिति का गठन तत्काल किया जाय। यह समिति क्षेत्र में किये जा रहे सभी कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करेगी ताकि पीडितो की हर सम्भव मदद तथा क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी लायी जा सके।

सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम और आयुक्त गढवाल मण्डल सुशील कुमार कल से जोशीमठ में कैम्प करेंगे।
मुख्यमंत्री ने पीडितों की मदद के लिये आपदा मानको से हट कर भी मदद किये जाने तथा सी.एस.आर के तहत भी राहत की व्यवस्था के निर्देश दिये। उन्होंने आपदा प्रबन्धन के अन्तर्गत कार्यों की स्वीकृति आदि के लिये उच्चाधिकार समिति के गठन की भी बात कही ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी से कार्य हो सके। जोशीमठ को भूस्खलन एवं भूधंसाव क्षेत्र घोषित करने के साथ जिलाधिकारी चमोली का आपदा मद में 11 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर निदेशक राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द (एन.आर.एस.सी) हैदराबाद तथा निदेशक भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) से जोशीमठ क्षेत्र का विस्तुत सेटलाइट इमेज के साथ अध्ययन कर फोटोग्राफस के साथ विस्तुत रिर्पाेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही उप महानिदेशक भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान से कोटी फार्म, जड़ी बूटी संस्थान, उद्यान विभाग की जोशीमठ स्थित भूमि एवं पीपलकोटी की सेमलडाला स्थित भूमि की पुनर्वास की उपयुक्कता हेतु भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अपेक्षा की गई है।

इसके साथ ही निदेशक आईआईटी रूड़की, निदेशक वाडिया इंस्टियूट आफ हिमालयन ज्योलाजी, निदेशक नेशनल इंस्टीटयूट आफ हाइड्रोलॉजी रूड़की एवं निदेशक सी.एस.आई.आर., सेन्ट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टियूट रूड़की से भी जोशीमठ क्षेत्र का अपने स्तर से विस्तृत सर्वेक्षण एवं अध्ययन कर रिर्पाेट प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये है कि जोशीमठ क्षेत्र के सर्वेक्षण अध्ययन के लिये केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के स्तर पर विभिन्न संस्थानों का आपसी समन्वय भी सुनिश्चत किया जाय ताकि इस सम्बन्ध में त्वरित ढंग के स्थायी कारगर प्रयास सुनिश्चित किये जा सके। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबन्धन केन्द्र को और अधिक प्रभावी बनाये जाने के भी निर्देश दिये हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आपदा प्रबन्धन डॉ. रणजीत सिन्हा, अपर मुख्य कार्यालय अधिकारी आपदा सविन बंसल, आईजी एस.डी.आर.एफ. रिद्धिम अग्रवाल के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव की उच्चाधिकारियों के साथ की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जोशीमठ शहर के भू धसाव से प्रभावित संकटग्रस्त परिवारों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था एवं भूधंसाव के कारणों आदि के संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जोशीमठ की अध्यतन स्थित की सचिव आपदा प्रबंधन, आयुक्त गढ़वाल मण्डल और जिलाधिकारी चमोली से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने भुधंसाव से प्रभावित संकटग्रस्त परिवारों के पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं।

उन्होंने कहा कि संकट की इस स्थिति में जानमाल की सुरक्षा एवं बचाव पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे समय में लोगों की मदद करना हम सबका दायित्व एवं जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति में लोगों में भरोसा बनाये रखने की भी बात कही। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों के पुनर्वास तथा उन्हें अन्यत्र शिफ्ट करने में भी तेजी लाये जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रभावितों को बेहतर से बेहतर क्या मदद कर सकते हैं इस पर ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में सबसे महत्वपूर्ण होता है लोगों में सरकार और प्रशासन का भरोसा बनाये रखना। इसमें धरातल पर काम करने वाले प्रशासनिक मशीनरी को संवेदनशीलता से काम करना होगा तथा स्थिति पर निगरानी बनाए रखनी होगी। इसके लिये हमें तात्कालिक तथा दीर्घकालीक कार्य योजना पर गंभीरता से कार्य करना होगा। तात्कालिक एक्शन प्लान के साथ ही दीर्घकालीन कार्यों में भी लंबी प्रक्रिया को समाप्त करते हुए डेंजर जोन के ट्रीटमेंट, सीवर तथा ड्रेनेज जैसे कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, इसमें सरलीकरण तथा त्वरित कार्यवाही ही हमारा सबसे बड़ा मूलमंत्र होना चाहिए। जोशीमठ मामले पर जल्द से जल्द हमारी कार्ययोजना बिल्कुल तय होनी चाहिए। हमारे लिये नागरिकों का जीवन सबसे अमूल्य है।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, आयुक्त गढ़वाल मण्डल और जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि चिकित्सा उपचार की सभी सुविधाओं की उपलब्धता रहे। जरूरी होने पर एयर लिफ्ट की सुविधा रहे, इसकी भी तैयारी हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि तत्काल सुरक्षित स्थान पर अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाया जाए। जोशीमठ में सेक्टर और जोनल वार योजना बनाई जाए। तत्काल डेंजर जोन को खाली करवाया जाए और जोशीमठ में अविलंब आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। स्थाई पुनर्वास के लिए पीपलकोटी और गौचर सहित अन्य स्थानों पर सुरक्षित जगह तलाशी जाए। कम प्रभावित क्षेत्रों में भी तत्काल ड्रेनेज प्लान तैयार कर काम शुरू हो। सहायता शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं हों। जिलाधिकारी और प्रशासन स्थानीय लोगों से निरंतर सम्पर्क में रहें। सम्भावित डेंजर जोन भी चिन्हित कर लिये जाएं। समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाना जरूरी है। इस संबंध में सैटेलाइट इमेज भी उपयोगी हो सकती हैं। सभी विभाग टीम भावना से काम करें तभी हम लोगों की बेहतर ढंग से मदद करने में सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व है। यहां पर किये जाने वाले तात्कालिक महत्व के कार्यों को आपदा प्रबंधन नियमों के तहत सम्पादित करने की व्यवस्था बनायी जाय। ऐसे समय में लोगों की आजीविका भी प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखा जाय। लोगों की आपदा मद से जो भी मदद हो सकती है वह की जाय। उन्होंने प्रभावितों की मदद के लिये एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून से पहले जोशीमठ में सीवरेज ड्रेनेज आदि के कार्य पूर्ण कर लिये जाय।

सचिवालय में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ रिद्विम अग्रवाल आदि के साथ ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त गढ़वाल मण्डल श्री सुशील कुमार, सचिव आपदा प्रबंधन डॉ रंजीत सिन्हा, जिलाधिकारी चमोली श्री हिमांशु खुराना सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने किया राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ-2022 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ-2022 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 31 करोड़ की लागत से बने शूटिंग रेंज का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार धनराशि प्रदान की और उन्हें सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को भोजन के लिए दी जाने वाली धनराशि 150 रूपये से बढ़ाकर 225 रूपये की जायेगी। न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को क्रमशः 300 रूपये, 200 रूपये एवं 150 रूपये की धनराशि दी जायेगी। विकासखण्ड स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 500 रुपये, 400 रुपये एवं 300 रुपये की धनराशि दी जायेगी, जो पहले क्रमशः 300 रुपये, 200 रुपये एवं 150 रुपये थी। जनपद स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 800 रुपये, 600 रुपये एवं 400 रुपये की धनराशि दी जायेगी, जो पहले क्रमशः 700 रूपये, 500 रूपये एवं 300 रुपये थी। राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः 1500 रूपये, 1000 रूपये एवं 700 रुपये की धनराशि दी जायेगी, जो पहले क्रमशः 1000 रुपये, 600 रुपये एवं 400 रुपये थी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य स्तर पर आयोजित होने वाला यह खेल महाकुंभ उत्तराखण्ड के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगा। पहले पंचायत स्तर पर फिर ब्लॉक स्तर पर फिर जिला स्तर पर खेलने के पश्चात खिलाड़ी यहां पर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि इस खेल महाकुंभ में हमारे प्रदेश की बेटियां भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि यह युवाओं की प्रतिभा का ही कमाल है कि, आज विश्व पटल पर नए भारत का मान बढ़ रहा है। आज हमारे युवा खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के सामर्थ्य का परिचय कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खेल महाकुंभ का उद्देश्य खिलाड़ियों को आगामी 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए भी तैयार करना है। 38वें राष्ट्रीय खेल की मेजबानी उत्तराखण्ड करेगा। जिससे राज्य के युवाओं को अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को “सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड“ बनाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और बेहतर खेल सुविधायें प्रदान करने के लिए कृत संकल्पित है। उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने जहां एक ओर नई शिक्षा नीति को प्रभावकारी ढंग से लागू करने का काम किया है, वहीं दूसरी ओर नई खेल नीति बनाकर अपने युवा खिलाड़ियों का भी ध्यान रखने का कार्य किया है। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में खेल कोटा भी पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कर रहे हमारे युवा खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड व देश का नाम रोशन करेंगे।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अब समाज में खेल एवं खिलाड़ियों के प्रति सोच में बड़ा परिवर्तन हुआ है। खेलों से भी उपलब्धि हांसिल की जा सकती है, जैसे शिक्षा के माध्यम से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में खेलों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। न्याय पंचायत स्तर से राज्य स्तर तक खेल प्रतिभाओं को आगे लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट खिलाड़ी उन्नयन योजना से खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं। 2024 में उत्तराखण्ड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी तेजी से चल रही है।

विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खेलों को नई ऊंचाई देने के लिए सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रतिभाग करने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल में अनुशासन एवं जीत के लिए लक्ष्य बनाकर प्रतिभाग करें।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख रायपुर ममता देवी, खेल निदेशक जितेन्द्र कुमार सोनकर, अपर निदेशक राकेश चन्द्र डिमरी, खेल विभाग के अन्य अधिकारी एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।

ऊर्जा संरक्षण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर कौलागढ़ रोड स्थित ओ.एन.जी.सी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण एवं ओ.एन.जी.सी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा दक्ष उपकराणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं ऊर्जा संरक्षण पर आधारित 2023 के टेबल कलेण्डर का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा संरक्षण पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण के लिए सभी को सदैव प्रयास करने होंगे। ऊर्जा संरक्षण हमारी दिनचर्या का हिस्सा बनना जरूरी है। ज्ञान एवं विज्ञान तेजी से आगे बढ़ा है। उर्जा संरक्षण के लिए भी अनेक नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इन तकनीक के साथ ही हम बिजली का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें, इसे सबको अपनी आदतों में लाना होगा। यह हमारे छोटे-छोटे प्रयासों से ही संभव है। राज्य सरकार ईकोलॉजी एवं ईकोनॉमी में सतुंलन बनाये रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अन्तरराष्ट्रीय मंच का नेतृत्व कर रहा है। भारत सम्पूर्ण विश्व में स्वच्छ ऊर्जा के विकास के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है। भारत औद्योगिक विकास के क्षेत्र में प्राकृतिक ऊर्जा का बहुतायत प्रयोग कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्यटन एवं ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य की अवधारणा में पर्यटन एवं ऊर्जा आर्थिकी के मूल आधार थे, इस पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं पर राज्य को जल्द एनओसी मिले, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का सतत विकास, सतत ऊर्जा से ही संभव है। हमें ऊर्जा के वैकल्पिक क्षेत्रों पर भी ध्यान देना होगा।

सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि उत्तराखण्ड में ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। इसके लिए टी.एच.डी.सी के साथ एक संयुक्त उपक्रम पर कार्य भी किये जा रहे हैं। राज्य में लघु जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें ऊर्जा उत्पादन के साथ ही ऊर्जा की बचत पर भी विशेष ध्यान देना होगा। यदि हम ऊर्जा की बचत करते हैं, तो वह भी ऊर्जा के उत्पादन के बराबर है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जागरूकता के लिए स्कूल के बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चे विभिन्न जानकारियों को व्यावहारिकता में लाने के साथ ही अन्य लोगों को भी जागरूक करते हैं। ऊर्जा संरक्षण की दिशा में लोगों को जागरूक करने में इनकी बड़ी भूमिका रहेगी।

निदेशक उरेडा रंजना राजगुरू ने कहा कि सभी जनपदों में ऊर्जा संरक्षण पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रचार वाहनों, नुक्कड़ नाटकों एवं रैलियों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हर जनपद में 05 गांवों को चुना गया है, जिन्हें ऊर्जा ग्राम बनाना है। उरेडा द्वारा ओ.एन.जी.सी के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर सचिव ऊर्जा डॉ. अहमद इकबाल, कार्यकारी निदेशक ओ.एन.जी.सी आई.साई.राम, उप महाप्रबंधक ओ.एन.जी.सी आर.एस.नारायनी, एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सामुदायिक केंद्र शिव मंदिर बारीघाट, कैनाल रोड, देहरादून में संकल्प दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। देश में नई कार्य संस्कृति आई है। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी सुविधाएं पहुंचे ऐसी योजनाओं का संचालन पूरे पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चलाया गया स्वच्छ भारत अभियान एक जन आंदोलन बना। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य की स्कीम जिससे गरीबों का इलाज मुफ्त में हो रहा है ऐसी आयुष्मान भारत योजना भी उन्हीं के नेतृत्व में चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड राज्य से विशेष लगाव है, उनके नेतृत्व में कई सड़कों का विस्तार रेल लाइन का निर्माण कार्य तेज गति के साथ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता के लिये समिति का गठन कर दिया है। समिति के फाइनल ड्राफ्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा। सरकार अपने वादों के अनुसार गरीब परिवारों को तीन सिलेण्डर मुफ्त उपलब्ध कराने जा रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु राज्य में 1064 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। सरकार आमजन के सुझाव पर कार्य कर विकास को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, गणेश जोशी एवं अन्य लोग मौजूद थे।

खटीमा में आयोजित मोदी 2.0 कार्यक्रम को सीएम ने किया सम्बोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश और देशवासियों में आशा, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। देश में नई कार्य संस्कृति की शुरूआत हुई है। समरस, समर्थ एवं शक्तिशाली भारत की पहचान देश व दुनिया में हुई है। उनके बारे में जितना कहा जाए कम है। उनके नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को भी संवारने का कार्य हो रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर, काशी में भव्य कारिडोर का निर्माण हो रहा है। कश्मीर में धारा 370 हटा कर दो विधान दो निशान की परम्परा को समाप्त करने का कार्य उन्होंने किया है। समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए एवं समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुरे भारत ने आजादी का अमृत महोत्सव मनाया, अमृत काल में हम भारत को प्रत्येक क्षेत्र में आगे ले जाएंगे।

बुधवार को हेमवती नन्दन बहुगुणा राजकीय महाविद्यालय खटीमा में आयोजित मोदी 2.0 कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोविड महामारी में भारत में टीकाकरण का महा अभियान चलाया गया। भारत में 200 करोड़ से अधिक कोविड के टीके लगे। भारत की सांस्कृतिक परम्परा हमेशा से ‘सर्वे भवन्तुः सुखिनः की रही है।

कोविड के दौरान भारत ने इसी भावना से अन्य देशों को भी 20 करोड़ से अधिक कोविड वैक्सीन दी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत योजना चलाई जा रही है। देश में कोई भूखा न सोये इसके लिये निःशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था की गई। देश डिजिटल भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबका प्रयास की भावना पर देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस समर्पण भाव से देश की सेवा कर रहे हैं, उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार कहा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात मॉडल देश विदेश में प्रसिद्ध रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य प्रदेश है, वे स्वयं एक सैनिक परिवार से हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सेना ने दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया। नरेन्द्र मोदी ने स्वयं सियाचिन में जाकर जवानों का उत्साह बढाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेना के आधुनिकीकरण पर बल दिया जा रहा है, प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से कर्म एवं मर्म का रिश्ता है। उनके नेतृत्व में उत्तराखण्ड में कनेक्टिविटी में बहुत तेजी से काम हुआ है। पहाड़ के लिये सफर काफी सुविधाजनक हुआ है। प्रधानमंत्री के निर्देशन में राज्य सरकार अनेकों महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का काम तेजी से हुआ है। इसी प्रकार बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी काम शुरू हो गया है। कुमायूं क्षेत्र में पौराणिक मंदिरों के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर काम किया जाएगा।

केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत के लोगों के लिए कुछ बड़ा करने का है। जिस तरह स्वतंत्रता संग्राम को जन आंदोलन में बदलने के लिए महात्मा गांधी का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, उसी तरह पीएम नरेंद्र मोदी भी भारत की विकास यात्रा को जन आंदोलन में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा 2014 में भारत के लोगों ने एक ऐसा जनादेश दिया जो दशकों में नहीं देखा गया था और 2019 से एक बार फिर व्यापक समर्थन ने उनके काम पर मुहर लगा दी। उन्होंने कहा यह पुस्तक (मोदी /20) हम सभी के लिए एक प्रेरक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी गतिशीलता, जुनून और साहस के साथ देश को विकास एवम गौरव के पथ पर आगे ले जाने का काम कर रहे हैं।

केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए और योजनाएं चलाई है उन्होंने भ्रूण हत्या जैसे जघन्य कृत्य को रोकने के लिए जनता को प्रेरित किया और बेटियों के महत्व के बारे में दुनिया में समाज को बताया, उन्होंने कहा किहमारी संस्कृति विश्व बंधुत्व की संस्कृति है, उन्होंने कहा यूक्रेन- रूस युद्ध में भी नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों से बात कर 22500 विद्यार्थियों को सकुशल देश में लाने का कार्य किया था।

केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुष्कर सिंह धामी नेक दिल इंसान है, जिस पर शीर्ष नेतृत्व ने विश्वास जताया है, उन्होंने कहा कि चंपावत की जनता ने भी उन्हें भारी बहुमत से विजय बनाया है।

इस दौरान विधायक शिव अरोरा, अध्यक्ष वन विकास निगम कैलाश गहतोड़ी, अध्यक्ष एस.सी आयोग मुकेश कुमार, पूर्व विधायक डॉ.प्रेम सिंह राणा, डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, जिलाधिकारी युगल किशोर पंत, एसएसपी मंजूनाथ टीसी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत हुई माउन्टेन साइकिल रैली का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत 10500 फिट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी धारचूला में आयोजित साहसिक एमटीबी साइकिल रैली टूर द कैलाश को हरी झण्डी दिखाकर ज्यौलीकांग और नभीढांग के लिए रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुटी और यांगती नदी में राफ्टिंग करने वाले दल को भी रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने माउन्टेन साईकिल रैली में प्रतिभाग कर रहे विभिन्न राज्यों से आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रतिभागियों को उत्तराखण्ड के नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य एवं संस्कृति से परिचित होने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजना बेहद सराहनीय कदम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से अन्य राज्यों से आए हुए लोगों को भी प्रदेश और सीमान्त क्षेत्र को जानने का भी अवसर मिलेगा तथा स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीमान्त एवं ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने एवं पलायन रोकने हेतु निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बताया है। राज्य के समग्र विकास के लिये हम इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में करोड़ों रुपये की योजनाएं चल रही हैं। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड में ज्यादा से ज्यादा होम स्टे बनें, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी हमारी संस्कृति जानने का अवसर मिलेगा। आज केंद्र और राज्य में बनने वाली नीतियां समाज के अंतिम छोऱ पर खड़े लोगों तक लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चारधाम यात्रा चरम पर चल रही हैं। होटल, टैक्सी व यात्रा से जुड़े अन्य संसाधन पूरी तरह से बुक हैं। उन्होंने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपेक्षा कि यदि उन्हें स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई समस्या है तो अभी यात्रा पर न आयें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साहसिक खेलों के आयोजन से सीमांत क्षेत्रों में चहल-पहल रहेगी पर्यटकों के आने से होम स्टे, टैक्सी, होटल, गाइड व ढाबें वालों की आय में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत माला प्रोजेक्ट से राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी का कार्य संभव हो पाया। इससे सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की सुगमता होगी तथा इन क्षेत्रों के समग्र विकास की राह प्रशस्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहसिक पर्यटन का यह आयोजन सराहनीय प्रयास है। इसमें सीमान्त क्षेत्र के इन सुरम्य स्थलों की पहचान देश व दुनिया तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा पलायन रोकने में भी मददगार होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एसएसबी, आईटीबीपी और सेना के जवानों का हौसला बढा़या।
कार्यक्रम में गुंजी ग्राम प्रधान सुरेश गुंज्याल, डीएम डा, आशीष चौहान, डीएफओ कोको रोसे, एसडीएम धारचूला नंदन कुमार, एसएसबी के पाटिल राकेश सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

सीएम ने आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक में अधिकारियों को दिये निर्देश

मुख्य सेवक पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रबंधन की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसून से पूर्व सभी आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी कर लें। सभी विभाग चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों के चिन्हीकरण शीघ्र किया जाय। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों की भी व्यवस्था हो। यह सुनिश्चित किया जाय कि आपदा में सङको के क्षतिग्रस्त होने की दशा मे आवागमन की व्यवस्था शीघ्र सुचारू हों। संचार व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि आपदा के दौरान संचार व्यवस्थाएं सबसे अधिक बाधित होती हैं। संचार व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी तैयारी की जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में नालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि वर्षा के कारण शहरों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाया जाय। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों से जिन परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी है, वह शीघ्र की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि आपदा प्रभावितों को आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मुआवजा राशि शीघ्र प्राप्त हो, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में पुर्ननिर्माण कार्यों के लिए धन का अभाव नहीं होने दिया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुर्ननिर्माण कार्यों को शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा जाय। किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जन सहयोग बहुत जरूरी है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाय। आपदा के दौरान सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाय। राज्य में एस.डी.आर.एफ को और मजबूत करने के साथ ही संख्या बल में भी वृद्धि की जाय।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि ग्रीष्मकाल एवं मानसून अवधि में पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुचारू रहे। पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति के बाधित होने की काफी शिकायते आ रही हैं, इन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। ग्रीष्मकाल में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किये जाय। वनाग्नि को रोकने के लिए जनसहयोग के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाय। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसून शुरू होने से पूर्व जनपद एवं तहसील स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएं। आवश्यक उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था रखी जाय। यदि कोई भी आवश्यकता हो तो शासन को अवगत कराया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि मानसून अवधि में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों एवं पर्वतीय जनपदों में खाद्यान की पूर्ण व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। आपदा से जानमाल की कम से कम क्षति हो इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। मौसम विभाग द्वारा मौसम पुर्वानुमान में क्या और सुधार हो सकता है, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मौसम पूर्वानुमान पहले मिल जाने से जानमाल के नुकसान से लोगों को बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरकण्डा में डॉप्लर रडार को शीघ्र शुरू किया जाए एवं लैंसडाउन में डॉप्लर रडार की कार्यवाही में तेजी लाई जाय।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस. एस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव एस. ए. मुरूगेशन, नितेश झा, दिलीप जावलकर, शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

हनुमान जी के मूल्य एवं कार्यों की प्रासंगिकता और बढ़ गई हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीराम भक्त हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने अपने परिवार के साथ सुंदरकांड का पाठ भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमान जी वास्तव में भक्ति के पर्याय है, भगवान श्रीराम के अधिकांश कार्य हनुमान जी के पुरुषार्थ से सिद्ध हुए हैं। हनुमान जी बुद्धिमान, कर्तव्य परायणता तथा निस्वार्थ सेवा के प्रतिमूर्ति वह महान कर्मयोगी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हनुमान जी दुनिया के ऐसे विलक्षण एवं ऐतिहासिक पात्र हैं जिन्होंने कठिन से कठिन जोखिम भरे कार्यों को अपने कर्म बल से संपन्न कराने का कार्य किया। तथा देवत्व को प्राप्त करते हुए स्वयं भगवान की स्थिति को प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हनुमान जी के मूल्य एवं कार्यों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है।

सीएम ने विभिन्न श्रेणियों के सफाई कर्मियों के मानदेय में की एकरूपता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत तैनात सभी सफाई कर्मचारियों (पर्यावरण मित्रों) का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपया प्रतिदिन कर दिया है। मानदेय बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। इसका लाभ प्रदेश के लगभग 6000 पर्यावरण मित्रों को मिलेगा। इसके लिए सरकार को 4038.12 लाख का अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले से पर्यावरण मित्रों और उनके परिजनों में खुशी की लहर है।
पांच जनवरी 2022 को सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने उत्तराखण्ड स्वच्छकार कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीएम आवास में मुलाकात की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को सफाई कर्मचारियों की तमाम समस्याओं से अवगत करवाया था। उस समय मुख्यमंत्री धामी ने पर्यावरण मित्रों का मानदेय 500 रुपया प्रतिदिन करने की घोषणा की थी। अब जबकि भाजपा की सरकार दुबारा सत्ता में आई है तो मुख्यमंत्री धामी ने अपनी इस घोषणा के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
बताते चलें कि शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत प्रदेश में कुल 6051 पर्यावरण मित्र (संविदा व दैनिक सफाई कर्मचारी 975, मौहल्ला स्वच्छाता समिति सफाई कमचारी 2854 और आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारी 2222) तैनात हैं। इनमें से संविदा व दैनिक सफाई कर्मचारी को अब तक 350 रुपया, मौहल्ला स्वच्छाता समिति सफाई कमचारियों को 275 रुपया और आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को 350 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री ने इन सभी के मानदेय में एकरूपता लाते हुए सभी का मानदेय 500 रूपया प्रतिदिन कर दिया है। अपने दूसरे कार्यकाल में भी मुख्यमंत्री धामी पूर्व में की गई अपनी घोषणाओं को एक के बाद एक लगातार धरातल पर उतार रहे हैं।