फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल आदि के निर्माण के लिए उत्तराखण्ड को देश में हब के रूप में विकसित होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलरामपुर हाउस नैनीताल में हिमश्री फिल्म और डिज्नी$हॉटस्टार के संयुक्त तत्वाधान में बन रही वेब सीरीज ‘काफल’ की टीम को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है कि काफल के सम्पूर्ण पौष्टिक गुणों को समेटते हुए उत्तराखंड की वास्तविकता को काफल वेबसीरिज में दर्शाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज का दर्पण होता हैं जो उस क्षेत्र विशेष की समस्त गतिविधियों को फिल्म के जरिए आम जन के सम्मुख रखता है। उत्तराखंड अपनी नैसर्गिक सुंदरता, हिमालय पर्वत एवं नदियों से आच्छादित है उसी तरह यह वेबसीरीज अपने नाम के समान पहाड़ की भौगोलिक, सामाजिक, आधुनिक और सांस्कृतिक समरसता को समेटे हुए है।
मुख्यमंत्री ने फिल्म निर्माताओं से उत्तराखंड की हसीन वादियों में आकर प्राकृतिक वातावरण का भरपूर लाभ उठाने के साथ ही फिल्म बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार को बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिला है। सरकार द्वारा ऑनलाइन अनुमति की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार अन्य राज्यों की फिल्म पॉलिसी का भी अध्ययन कर अधिक बेहतर बनाने की दिशा में कार्यरत और प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कुमाऊंनी, गढ़वाली एवं जौनसारी फिल्मों, वेब सीरीज आदि के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी स्वीकृत की गई है। इससे स्थानीय कला एवं संस्कृति को बढावा मिलेगा साथ ही अनेक क्षेत्रों में रोजगार का भी सृजन होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश में उत्तराखण्ड शूटिंग के लिए एक प्रमुख स्थान बन चुका है। आने वाले वर्षों में और अधिक फिल्मों का निर्माण उत्तराखण्ड में होने से होटल व्यवसायी के साथ ही पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों, टैक्सी कारोबारी व गाइडों को फायदा होगा।
कॉमेडी पर आधारित काफल वेब सीरीज उत्तराखंड के विभिन्न किरदारों को लेकर बनाई जा रही है। काफल एक प्रयास है पुनः उत्तराखंड से उत्तराखंडवासियों को जोड़ने का। वेबसीरिज में 150 स्थानीय कलाकार जुड़े है, साथ ही पहाड़ के संगीत, खूबसूरती को शो के जरिए विश्व को दिखाया जायेगा। काफल वेबसीरीज में दिव्येंदु शर्मा, मुक्ति मोहन, विनय पाठक, कुशा कपिला सहित अनेक कलाकार शामिल है। प्रेम मिस्त्री के कुशल निर्देशन में इस समूह में आयुषि, हेमंत पांडे और इश्तियाक खान जैसे कलाकार भी शामिल है।
इस अवसर पर विधायक सरिता आर्या, राम सिंह कैडा, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, आयुक्त दीपक रावत, डीआईजी डा0 योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी वंदना, एसएसपी पीएन मीणा के साथ ही काफल वेब सीरीज के किरदार एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

हर माह के अंतिम गुरुवार को मुख्यमंत्री सीएम हेल्पलाइन की करेंगे समीक्षा

सीएम हेल्पलाइन-1905 की सभी जिलाधिकारी माह में दो बार समीक्षा करें। सचिव एवं विभागीय एचओडी भी इसकी नियमित समीक्षा करें। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक कार्यदिवस पर कुछ शिकायतकर्ताओं से जिलाधिकारी बात करें। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री हर माह के अन्तिम गुरुवार को सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करेंगे।

सतर्कता अधिष्ठान को तेजी से सक्रिय करने के मुख्यमंत्री ने दिये निर्देश
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सतर्कता अधिष्ठान को तेजी से सक्रिय किया जाए। भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए 1064 नम्बर के प्रति लोगों को और जागरूक किया जाए। शिकायतें मिलने पर जनपदों में जिलाधिकारी एवं एस.एस.पी द्वारा कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाए। विजिलेंस को भी सख्ती से कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन विभागों द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निदान का प्रतिशत कम है, वे सभी विभाग इसमें जल्द सुधार कर लें। जन शिकायतों का समयबद्धता के साथ निदान हो, सभी विभाग इसको पूरी गंभीरता से लें। कार्य के प्रति लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए जो विभाग अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर एवं विभाग के स्तर पर लोग जो अपनी समस्याएं लेकर आ रहे हैं, यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका शीघ्रता से समाधान हो।

जिस क्षेत्र में अधिक जन शिकायतें आ रही हैं, उनका अलग से डाटा रखा जाए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित करें कि सीएम हेल्पलाईन पर शिकायतों का आंकलन अच्छी तरह से हो, शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आगामी बैठक में सीएम हेल्पलाईन पर प्राप्त शिकायतों पर प्रत्येक जनपद में कितने प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ है, इसका भी पूरा डाटा प्रस्तुत किया जाए। विभिन्न विभागों में किसी क्षेत्र में अधिक शिकायतें आ रही हैं, तो इनका भी अलग से डाटा रखा जाए, ताकि इनके समाधान के लिए आगे नीति निर्धारण किया जा सके।

7 शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने फोन से बात कर वस्तुस्थिति जानी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाईन पर विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज करने वाले 07 शिकायतकर्ताओं से बात भी की। अल्मोड़ा के गिरीश चन्द्र तिवारी ने शिकायत दर्ज की थी कि उनके विद्युत कनेक्शन पर किसी और का बिल दिखाई दे रहा है। इसकी जानकारी विभागीय कार्यालय को देने के बाद जल्द समाधान नहीं हुआ। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद मात्र चार दिन बाद समाधान हो गया था। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
पौड़ी के महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र के लिए दो बार अप्लाई किया था, दोनों बार फार्म रिजेक्ट किया गया। सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत करने के बाद समस्या का समाधान जल्द हो गया था।
टिहरी गढ़वाल के देवराज सिंह ने शिकायत दर्ज की कि नगर पंचायत लम्बगांव के वार्ड नं. 1 व 2 में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी नहीं आ रहा है, जिससे क्षेत्र के लगभग 600 लोग प्रभावित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि जल संस्थान एवं लोक निर्माण विभाग की टीम को शीघ्र मौके पर भेजकर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्यों की वजह से जनता को अनावश्यक परेशानी न हो।
नैनीताल जनपद के भास्कर चन्द्र ने शिकायत दर्ज की थी कि पुलिस चौकी हीरानगर के बेलवाल बिस्कुट फैक्ट्री के समीप सार्वजनिक रास्ते को बरसाती नहर की पुलिया में लोहे के तीन एंगल लगाकर कई वर्ष पुराने दो पहिया वाहन के रास्ते को कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया है, उन्होंने इसको खुलवाने का अनुरोध किया था। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद समस्या का समाधान हो गया है।
पिथौरागढ़ जनपद के बाला सिंह परिहार ने कहा कि उन्होंने शिकायत दर्ज की थी कि बरम से कनार तक पैदल मार्ग और कनार से तुवांईतोला तक आपदा के दौरान पूरा मार्ग क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिस कारण ग्रामीणों को आवगमन में समस्या बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिये कि मौके पर जाकर इस जनससमया का शीघ्र समाधान किया जाए।
चमोली जनपद के विरेन्द्र सिंह ने कहा कि ग्राम देवस्थान, पो. रोहिड़ा में बाटाधार से देवस्थान 4 किमी मोटर मार्ग निर्माण होना है, इसका सर्वे काफी पहले हो चुका है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिये कि सड़क निर्माण में जो भी अड़चने आ रही हैं, उनका शीघ्रता से समाधान करने का प्रयास किया जाए।
चम्पावत के नवीन चन्द्र भट्ट ने कहा कि उनका अभी तक मेडिकल क्लेम प्राप्त नहीं हो पाया है, इसकी शिकायत वे कई बार कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय में कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम को निर्देश दिये कि इस मामले का परीक्षण कर शीघ्र समाधान किया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, विनोद रतूड़ी, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिवगण, विभागीय एचओडी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया श्री वाराही मंदिर देवीधुरा पुस्तक का विमोचन

जनपद चम्पावत के मां वाराही धाम देवीधुरा में आयोजित पंच दिवसीय विश्व कल्याण महायज्ञ में पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने महायज्ञ में शामिल होकर माँ वाराही से प्रदेश व देश की खुशहाली, शांति व समृद्धि की मंगल कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा ‘माँ वाराही धाम की वेबसाईट’ को लांच किया गया व हीरा वल्लभ जोशी द्वारा लिखित ‘श्री वाराही मंदिर देवीधुरा’ पुस्तक का विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी को योग दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामना देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक दृढ़ संकल्प से प्रारंभ हुई यह यात्रा यहां तक पहुंची है। आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा योग को पूरे विश्व स्तर पर पहचान दिलाई गई और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून 2015 को योग दिवस मनाने की घोषणा की। आज के दिन को पूरे विश्व के 175 देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी गौरवशाली सनातन संस्कृति का मूल आधार ‘‘वसुदेव कुटुंबकम’’ है। जो सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार का रूप मानता है। इसी सिद्धांत को केंद्र में रखते हुए इस वर्ष से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘‘वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग’’ की गई है। योग आज पूरी दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया है। जो विश्व को भारतीय संस्कृति के साथ और अधिक प्रगाढ़ता से जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सभी को अपनी दैनिक दिनचर्या में योग अपनाना चाहिये। जीवन का हर सुख निरोगी काया हैं। योग से ही निरोगी बना जा सकता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पाटी क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों के बारे में भी जनता को अवगत कराया गया।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा द्वारा अपने संबोधन में कहा गया कि, आज के दिन को पूरे विश्व में योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर ही हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश का निरंतर विकास हो रहा है। उनके द्वारा युवाओं के सुनहरे भविष्य को देखते हुए नकल विरोधी कानून लाया गया है। मानसखंड की श्रृंखला बनाकर कुमाऊं के सभी धामों को राष्ट्रीय एवं विश्व स्तर पर लाने हेतु मुख्यमंत्री द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद के विकास के लिए अनेक घोषणाएं भी की गयी। जिसमें अंतरजनपदीय मोटर मार्ग जनपद चंपावत के वल्का- सिलयोड़ीगूठ मोटर मार्ग से ग्राम चौड़ागूठ के तोक अल्यूरा होते हुए जनपद अल्मोड़ा के तोक कनोली व सिरकोट से होते हुए जैती- भनोली मोटर मार्ग तक प्रस्तावित अल्यूरा जमाड़ सड़क का निर्माण, राजकीय आदर्श महाविद्यालय देवीधुरा में एम0ए की कक्षाओं का संचालन स्नातक स्तर पर भूगोल, इतिहास, शिक्षा शास्त्र विषयों की बढ़ोतरी महाविद्यालय को जोड़ने वाली सड़क का डामरीकरण, पखोटी बैंड से पखोटी बैरख 5 कि0मी0 कच्चे मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण, केदारनाथ गैस गोदाम से भैसर्ख तक 2.5 किलोमीटर कच्चे मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण, च्युरानी- जमरेड़ी मोटर मार्ग की मरम्मत एवं डामरीकरण किया जाएगा, लोहाघाट डाइट में डीएलएड का प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा जिसके लिए बच्चों को अब डीडीहाट नहीं जाना पड़ेगा लोहाघाट डाईट में ही प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा, देवीधुरा स्थित चिकित्सालय के उच्चीकरण की औपचारिकताएं पूरी की जाएगी।

इस अवसर पर विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, माँ वाराही धाम के चारों ख़ामो के प्रमुख, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण, सीएम ने जारी किया संदेश

“हमें प्रदेश की सम्मानित जनता का आशीर्वाद और भरपूर स्नेह मिला है। इसके लिए माताओं, बहनों, बुजुर्गों और युवा साथियों का बहुत आभार व्यक्त करता हूं। प्रदेश के इतिहास में ये पहली बार था की किसी सरकार को दुबारा जनता ने अपना आशीर्वाद दिया हो। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आमजन ने जो विश्वास और भरोसा हम पर जताया है, उस पर हमारी सरकार खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगी। माननीय प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को वर्ष 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।

मैं इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

स्वर्गीय अटल जी ने उत्तराखण्ड बनाया था तो देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरे विश्व ने पहचाना है, माना है। यह भारत की बढ़ती शक्ति का परिणाम है कि भारत को ळ20 की अध्यक्षता मिली है। बड़ी प्रसन्नता की बात है कि उत्तराखण्ड में भी ळ 20 की तीन बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले 80 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है। हमारे युवाओं के साथ कोई धोखा करने की सोचे भी नहीं, इसके लिये हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है। पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। तीन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। अन्य परीक्षाओं का आयोजन जारी कैलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है।

हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है।

जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता(संशोधन) विधेयक पारित किया है। इसके मायने यह हुए कि प्रदेश में अब मतांतरण कराने वालों पर रोक लगेगी।

हमारे प्रदेश की बहनें बहुत ही कठिन परिस्थितियों में काम करती हैं। हमने प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कानून बना कर एक बार लागू की है।

पिछले वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं।
प्रधानमंत्री जी स्वयं केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों तथा बदरीनाथ धाम के विकास कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया है।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी पर अभूतपूर्व काम हुआ है।

हमारी सरकार जो कहती है वो करती है। हमने जनता से जो भी वायदे किये हैं, उन्हें अवश्य पूरा करेंगे। हमने समान नागरिक संहिता की दिशा में मजबूत पहल की है। राज्य के अन्त्योदय परिवारों को वर्ष में 3 गैस रीफिल निशुल्क दी जा रही है।

स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है।

उद्योगों को आकर्षित करने के लिये लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग ने कस्टमाइज पैकेज की नीति तैयार की है। नई स्टार्ट अप नीति भी तैयार की गई है। एम.एस.एम.ई के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों की स्थापना की जाएगी।
उद्योग अनुकूल नीतियों और प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशक राज्य में आए हैं।

हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है।
आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रूपये वार्षिक तक के निशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है। टेली मेडिसिन के लिए 400 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 04 मेडिकल कॉलेज से जोड़ा गया है।उधमसिंहनगर जिले में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है।
अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन, के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 लांच किया गया।

वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी।

माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का यज्ञ चल रहा है। उत्तराखण्ड का भी इस यज्ञ में महत्वपूर्ण योगदान है। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण, श्री बदरीनाथ धाम के पुनर्विकास की योजना आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया। सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे शुरू किया जा चुका है।
पिछले वर्ष 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किये। कोविड से पूर्व वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक यात्री यहां आए। कुशल प्रबंधन से कांवड़ यात्रा भी निर्विघ्न सम्पन्न हुई। करोड़ों कांव़ड़ यात्री गंगा जल लेकर गये।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दिशा में आगे बढ़ते हुए केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक और प्राचीन मंदिरों के विकास के लिय हम मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर काम कर रहे हैं।
हम आकर्षक नई पर्यटन नीति लेकर आए हैं। इसमें स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 100 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया है। हमारी 06 एरोमा वैली विकसित किये जाने की योजना है। मिशन एप्पल और मिशन किवी के साथ ही मिशन दालचीनी, मिशन तिमरु प्रारंभ करने का निर्णय किया है।

माननीय प्रधानमंत्री जी के विशेष प्रयासों से वर्ष 2023 को प्दजमतदंजपवदंस ल्मंत वि डपससमजे के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के विजन से भारत के पोष्टिक मोटे अनाजों को विश्व स्तरीय पहचान मिल रही है। हम भी अपने प्रदेश में मंडुवा, झंगोरा आदि स्थानीय मोटे अनाजों को बढ़ावा दे रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन को मंजूरी दी गई है। किसानों से 3578 रूपये प्रति क्विंटल मंडुवा खरीदा जा रहा है और राशन कार्ड धारक को 1 किलो पोष्टिक मंडुवा उपलब्ध कराया जा रहा है।
अपनी माताओं और बहनों के सशक्तिकरण के लिये हमने ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना’ की शुरूआत की। इसके तहत हमने वर्ष 2025 तक महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1.25 लाख बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा है।

इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन के लिए इस बार बजट में हमने कुल पूंजीगत परिव्यय का 0.5 प्रतिशत जलवायु परिवर्तन शमन के लिए प्रावधान किया है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हमारे द्वारा ये पहल की गई है।हमने राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का निर्णय लिया है।

इस वर्ष हमें जोशीमठ भू धंसाव जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। लेकिन स्थानीय लोगों के सहयोग से सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन तथा त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों को सुनिश्चित करते हुए किसी प्रकार की जीवन हानि नहीं होने दी गई। इस कार्य में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग राज्य सरकार को मिला। प्रभावितों को सही समय पर राहत शिविरों में विस्थापित किया गया। राज्य सरकार तथा प्रशासन विस्थापितों के साथ हर कदम में साथ खड़ा रहा। मुआवजा वितरण का कार्य निरंतर जारी है। इस बजट में हमने 1000 करोड़ का प्रावधान किया है।
हमारी सरकार प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए जहां एक ओर पर्यटन नीति,सौर ऊर्जा नीति लेकर आयी है, वही दुसरी और होम स्टे को बढ़ावा के साथ उद्यान,कृषि जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दे रही है।

वर्ष 2025 उत्तराखण्ड को को देश का नम्बर एक राज्य बनाने के लिये हम विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करेंगे।“

सीएम ने किया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

हम उस संस्कृति के साधक हैं जहां पुरुष की परिकल्पना नारी के बिना अधूरी मानी जाती है। हमारे यहां जहां एक ओर अर्धनारीश्वर की पूजा की जाती है वहीं दूसरी ओर मां जगदम्बा को इस श्रृष्टि का मूल माना जाता है, यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अन्तर्गत महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ एवं ‘महिला भागीदारी को प्रोत्साहन’ में प्रतिभाग करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध होने वाली मानसिक और शारीरिक हिंसा की घटनाओं को सक्षम स्तर पर सूचित करते हुए रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति को महिला सुरक्षा प्रहरी के रूप में जाना जाएगा तथा मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे व्यक्ति या समूह को विशेष अवसरों पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने दूसरी घोषणा की कि समाज की कुरीति बाल विवाह की पूर्व सूचना पुलिस को देने वाले या रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति या संस्था को दस हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा तथा इन कार्यों में विशेष योगदान देने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के ई-पेपर ‘अपनी वाणी’ का शुभारंभ किया एवं महिलाओं की आत्मरक्षा पर बनी लघु फिल्म का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह को रोकने एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की समस्त नारीशक्ति को नमन करते हुए महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी समाज या राज्य की रीढ़, उसकी सशक्त महिलाएं ही हैं। यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है, उसे कोई रोक नहीं सकता। उत्तराखण्ड के निर्माण में महिलाओं ने अपना विशेष योगदान दिया है। एक ओर जहां प्रदेश की मातृशक्ति ने पूरे समाज को विपरीत परिस्थितियों में जीना सिखाया, जूझना सिखाया, वहीं दूसरी ओर हर परिस्थिति में जीतना भी सिखाया है। राष्ट्र-निर्माण में महिलाएं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कहा गया है जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। परंतु कालांतर में आक्रांताओं के प्रभाव के कारण समाज का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदल गया,इसका परिणाम महिलाओं के साथ किए जाने वाले अपराधों के रूप में सामने आया। परंतु अब समय आ गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के मन में भय पैदा किया जाय। ऐसे लोगों को ऐसा दंड मिले कि ऐसा घृणित अपराध करने से पहले इसके परिणाम के बारे में सोचकर उनकी रूह कांप जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र तथा राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए मिलकर सभी प्रकार के प्रयत्न कर रही हैं। महिलाओं को होम-मेकर के साथ – साथ नेशन-मेकर के रूप में आगे बढ़ना होगा, तभी सही अर्थों में राष्ट्र का विकास संभव हो पायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा निरंतर प्रयास है कि महिलाओं के जीवन स्तर को जितना अधिक हो सके उतना ऊपर उठाया जा सके। इसी प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती प्रदान करने और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो, खेल का क्षेत्र हो या फिर सामाजिक न्याय की बात हो, हर क्षेत्र में महिलाओं को शक्ति संपन्न बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार द्वारा बनाई जाने वाली नीतियों में महिलाएं हमेशा प्राथमिकता पर रही हैं। प्रधानमंत्री द्वारा उज्ज्वला योजना चलाई जा रही है, इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 01 लाख 76 हजार अंत्योदय कार्डधारकों को साल में तीन गैस सिलिण्डर मुफ्त दिये जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए मंत्र ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘ को लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है। हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ें, देश का नाम रोशन करें, यह हम सबका दायित्व है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की राह को आसान करने के लिए सरकार ‘जल जीवन मिशन‘ योजना पर तेजी से काम कर रही है। हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार को मातृ शक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। बेटी के पैदा होने पर महालक्ष्मी किट दी जा रही है। 12वीं पास करने पर नंदा-गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रूपये की धनराशि दी जा रही है। विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के तहत विभाग द्वारा पूरे सप्ताह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत आज महिला सुरक्षा एवं भागीदारी प्रोत्साहन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। द्वितीय दिवस में महिलाओं एवं बालिकाओं, विशेषकर अकुशल श्रमिक महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग के साथ समन्वयन कर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जायेगा। तृतीय दिवस मानव तस्करी एवं बाल विवाह निषेध सम्बंधित महत्वपूर्ण विषयों पर गृह विभाग के साथ समन्वयन कर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा । चतुर्थ दिवस राज्य में संचालित सरकारी / निजी संस्थानों, प्रतिष्ठानों, उद्यमों, कार्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं विद्यालयों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में गृह विभाग द्वारा “गौरा शक्ति एप“ एवं “कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न“ के कानूनी प्रावधानों से सम्बंधित जन-जागरूकता अभियान कार्यक्रम किया जायेगा। पंचम दिवस में परिवहन विभाग द्वारा सार्वजनिक यातायात के साधनों, यथा-बसों, ऑटो, टैक्सियों पर आपातकालीन नम्बर-112, महिला हैल्पलाईन नम्बर-1090, के साथ-साथ “मैं महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूँ“ टैग लाईन का अंकन किया जायेगा। षष्ठम दिवस में महिला सशक्तिकरण हेतु अन्तर्विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निराश्रित/एकल महिलाओं के उत्थान कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव एच.सी. सेमवाल, विशेष सचिव रिद्धिम अग्रवाल, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं मातृशक्ति मौजूद थे।

सीएम ने सुनी पीएम के मन की बात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कलक्ट्रेट सभागार टिहरी में जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में अपील की है कि त्योहारों में स्थानीय उत्पादों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए। यह वोकल फॉर लोकल की दिशा में एक अच्छा प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से हमारे स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित बागेश्वर जनपद के लोक गायक श्री पूरन सिंह राठौर का प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में उल्लेख किया। दिव्यांग होने के बावजूद भी उनके द्वारा उत्तराखण्ड की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जो कार्य किये जा रहे हैं, उसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यदि मन में कुछ करने का जोश हो तो विषम परिस्थितियों में भी सब कुछ संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का मन की बात कार्यक्रम सबके लिए प्रेरणादाई होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वालों के बारे में भी लोगों को जानकारी मिलती है, इससे अन्य लोग भी विशिष्ट कार्यों के लिए प्रेरित होते हैं।

इस अवसर पर सांसद टिहरी गढ़वाल मालाराज्य लक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवाण, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार, देवप्रयाग विनोद कंडारी, घनसाली शक्तिलाल शाह, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, ब्लॉक प्रमुख जाखणीधार सुनीता देवी, चंबा शिवानी बिष्ट, जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार उपस्थित थे।

महिलाओं ने नकल विरोधी कानून लाने पर सीएम की प्रशंसा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती आशा नौटियाल तथा अन्य पदाधिकारियों ने मुलाकात की तथा नकल विरोधी कानून पारित करने के लिए आभार व्यक्त किया। भाजपा महिला मोर्चा उत्तराखंड ने प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज महिला आरक्षण अध्यादेश लागू करने के लिए भी राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। भाजपा महिला मोर्चा उत्तराखंड के सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भर्ती परीक्षाओं के लिए उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया जाना अत्यंत सराहनीय प्रयास है। राज्य में जो नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, उसमें भर्ती परीक्षाओं में अनुचित कार्य करने की मंशा रखने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इससे भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के साथ होंगी। इसी प्रकार सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण अध्यादेश और नकल विरोधी कानून के माध्यम से उत्तराखंड की बेटियों के लिए सरकारी नौकरियों में रोजगार के अवसर सुनिश्चित होंगे।

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा उत्तराखंड ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को रसोई के धुएं से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री अंत्योदय निशुल्क गैस रिफिल योजना के शुभारंभ के लिए भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ प्राप्त कर गैस सिलेंडर रिफिल के लिए महिलाओं को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पात्र लाभार्थी योजना का लाभ प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष भावना शर्मा, प्रदेश मंत्री कमली भट्ट, नेहा शर्मा, रुचि भट्ट, अनु कक्कड़, इंदिरा आर्य तथा अन्य सदस्य मौजूद रहे।

भाजपा महानगर इकाई ने सीएम को जताया आभार, की मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से महानगर भाजपा के प्रतिनिधियों ने भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के नेतृत्व में भेंट की। उन्होंने दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर देहरादून को लोक पुस्तकालय घोषित किये जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर को और अधिक उपयोगी बनाये जाने के लिये यह निर्णय लिया गया है। इससे विद्यार्थी, शोधार्थी एवं बुद्धिजीवियों के साथ साहित्य प्रेमियों को सुविधा होगी। शहर के केंद्र में उपयुक्त स्थल पर स्थापित यह संस्थान सभी के आवागमन के लिये भी सुविधायुक्त होने से इसकी उपयोगिता भी बढ़ेगी।

इस अवसर पर सुरेन्द्र राणा, विजेन्द्र थपलियाल, सुमित पाण्डे, अंजू बिष्ट, प्रकाश बड़ोनी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने की टनकपुर शारदा घाट पर मां शारदा की आरती

चम्पावत जिले के भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के शारदा घाट पर मां शारदा की आरती कर प्रदेश के सुख और शांति की कामना की।

टनकपुर शारदा घाट को हरिद्वार के हरकी पौड़ी की तर्ज पर विकसित करने के क्रम में संध्याकालीन आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मां शारदा की नियमित आरती से जिले को धार्मिक पर्यटन में काफी प्रसिद्धि मिलेगी। उन्होंने कहा कि शारदा मैय्या की पावन भूमि पर मकर सक्रांति, उत्तरायणी जैसे अनेकों नामों से जाने जाने वाले इस पर्व को मनाया जा रहा है। आप सभी को मकर सक्रांति की बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं। आज के दिन से धीरे-धीरे प्रकाश बढ़ने लगता है, रुके हुए काम प्रारंभ हो जाते हैं, ये दिन भीष्म पितामाह भीष्म को भी स्मरण करने का दिन जिन्होंने अपने प्राण सूर्य के उत्तरायण आने पर त्यागे। हमने तय किया है कि बागेश्वर, देवप्रयाग, टनकपुर, हरिद्वार अनेक स्थानों पर यह पर्व मनाया जाय। हमारा प्रयास है हमारे लोकप्रिय त्योहार, लोक संस्कृति जो हमारे पूर्वज जिन मान्यताओं के साथ लगातार मनाते आए हैं वैसे ही हमारी आगे की पीढ़ी भी संस्कृति को लगातार आगे बढ़ाए और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे हस्तांतरित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान बड़ा है। आज हमारे नदियों की सफाई के लिए निर्मल गंगा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके माध्यम से गंगा जी और गंगा जी की जितनी भी सहायक नदियां हैं उन सभी सहायक नदियों को स्वच्छ बनाने का काम इस अभियान के तहत किया जा रहा है। आज शुभ दिन है और विधिवत रूप से यहां शारदा मां की आरती कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। मां पूर्णागिरि मैया का मेला लगता है यहां पूरे देशभर से श्रद्धालु आते हैं और पूर्णागिरी के दर्शन करते हैं। वे सभी श्रद्धालु लोग मां पूर्णागिरि मैया के दर्शन करें और साथ ही मां बाराही, गोरखनाथ, हिंगला देवी आदि, के भी दर्शन करें और श्यामलाताल जैसे पर्यटन स्थलों तक पंहुचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत को आदर्श जिला बनाने की ओर हम लगातार कार्य कर रहे हैं। हमे ऐसे लोगों की आवश्यकता है, जो अपने देश के लिए समर्पित होकर कार्य करें और आशा करता हूं की आप सभी इसके लिए तैयार है। यह जनपद उत्तराखंड का आदर्श जनपद होगा। उन्होंने कहा वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष के रूप में घोषित किया गया। राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार से अनुरोध किया था कि मंडवा को भारत सरकार के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में सम्मिलित किया जाए। मडूवे को भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में शामिल कर लिया है। जिससे हमारे सभी किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा ताकि वो और उन्नत तरीके से खेती के लिए प्रेरित हो।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा शारदा नदी के दाएं पार्श्व पर घसियारामण्डी बस्ती में शारदा नदी के किनारे 607.48लाख की लागत के आपदा न्यूनीकरण मद के कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
इस अवसर पर माननीय अध्यक्ष उत्तराखंड वन विकास निगम कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

जोशीमठ के स्थलीय निरीक्षण के बाद आपदा प्रबन्धन केन्द्र में सीएम ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ भू धंसाव क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण एवं पीडितो से मुलकात के बाद वापस देहरादून पहुंचने पर सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जोशीमठ भू धंसाव से पीडित लोगों की मदद एवं राहत एवं बचाव के साथ विकास कार्याे के अनुश्रवण हेतु अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शासन स्तर पर तथा आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता में स्थानीय स्तर पर समन्वय समिति का गठन तत्काल किया जाय। यह समिति क्षेत्र में किये जा रहे सभी कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करेगी ताकि पीडितो की हर सम्भव मदद तथा क्षेत्र के विकास कार्यों में तेजी लायी जा सके।

सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुन्दरम और आयुक्त गढवाल मण्डल सुशील कुमार कल से जोशीमठ में कैम्प करेंगे।
मुख्यमंत्री ने पीडितों की मदद के लिये आपदा मानको से हट कर भी मदद किये जाने तथा सी.एस.आर के तहत भी राहत की व्यवस्था के निर्देश दिये। उन्होंने आपदा प्रबन्धन के अन्तर्गत कार्यों की स्वीकृति आदि के लिये उच्चाधिकार समिति के गठन की भी बात कही ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी से कार्य हो सके। जोशीमठ को भूस्खलन एवं भूधंसाव क्षेत्र घोषित करने के साथ जिलाधिकारी चमोली का आपदा मद में 11 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करायी गयी है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर निदेशक राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द (एन.आर.एस.सी) हैदराबाद तथा निदेशक भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान (आईआईआरएस) से जोशीमठ क्षेत्र का विस्तुत सेटलाइट इमेज के साथ अध्ययन कर फोटोग्राफस के साथ विस्तुत रिर्पाेट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही उप महानिदेशक भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्थान से कोटी फार्म, जड़ी बूटी संस्थान, उद्यान विभाग की जोशीमठ स्थित भूमि एवं पीपलकोटी की सेमलडाला स्थित भूमि की पुनर्वास की उपयुक्कता हेतु भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अपेक्षा की गई है।

इसके साथ ही निदेशक आईआईटी रूड़की, निदेशक वाडिया इंस्टियूट आफ हिमालयन ज्योलाजी, निदेशक नेशनल इंस्टीटयूट आफ हाइड्रोलॉजी रूड़की एवं निदेशक सी.एस.आई.आर., सेन्ट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टियूट रूड़की से भी जोशीमठ क्षेत्र का अपने स्तर से विस्तृत सर्वेक्षण एवं अध्ययन कर रिर्पाेट प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये है कि जोशीमठ क्षेत्र के सर्वेक्षण अध्ययन के लिये केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के स्तर पर विभिन्न संस्थानों का आपसी समन्वय भी सुनिश्चत किया जाय ताकि इस सम्बन्ध में त्वरित ढंग के स्थायी कारगर प्रयास सुनिश्चित किये जा सके। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबन्धन केन्द्र को और अधिक प्रभावी बनाये जाने के भी निर्देश दिये हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आपदा प्रबन्धन डॉ. रणजीत सिन्हा, अपर मुख्य कार्यालय अधिकारी आपदा सविन बंसल, आईजी एस.डी.आर.एफ. रिद्धिम अग्रवाल के साथ अन्य अधिकारी उपस्थित थे।