वर्तमान सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर 23 मार्च को प्रदेश में मनाया जायेगा सेवा दिवस

मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली से वर्चुअल बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि 22 से 25 मार्च तक प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन आयोजनों में जनता के जुड़ाव के लिए भी प्रभावी पहल की जाए। 23 मार्च को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के तीन साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकासखण्ड स्तर तक बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। स्वास्थ्य शिविर लगाये जाएं। जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। जन सरारेकारों से जुड़े कार्यों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि वे अभी दिल्ली प्रवास पर हैं, लेकिन उनका मन हर पल राज्य के विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन साल के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में समाज के हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों को जोड़ा जाए। विभिन्न क्षेत्रों में सरानीय कार्य करने वालों की सफलताओं की कहानियां आम लोगों तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तीन साल के कालखण्ड में राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप विकास के कई प्रतिमान स्थापित किये गये हैं। कई ऐसे निर्णय लिये गये हैं, जो राज्यहित के लिए नितान्त जरूरी हैं। समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी जैसे ऐतिहासिक कानून लागू किये गये, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को अलग पहचान मिली है। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए पहली बार राज्य का बजट 01 लाख करोड़ के पार पहुंचा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों के संवर्द्धन के साथ ही चाल-खाल, कुओं, गाड-गदेरों के पुनर्जीवीकरण के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास किये जाएं। आगामी ग्रीष्म काल के दृष्टिगत प्रदेशभर में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव एल.फैनई, आर.मीनाक्षी सुदंरम, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.सी अजय मिश्रा एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम बोले, सीएम हेल्पलाइन 1905 में समय पर समस्याओं का निवारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें

सीएम हेल्पलाइन 1905 में समय पर समस्याओं का निवारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। जिन अधिकारियों के स्तर पर अधिक शिकायतें लंबित हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और लापरवाही बरते जाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई भी की जाए। सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करें कि कार्मिकों की सेवानिवृत्ति के बाद एक माह के अन्दर उनके सभी देयकों का भुगतान हो जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री ने बुधवार को नई दिल्ली से सीएम हेल्पलाइन 1905 की वर्चुअल समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन मानस की है। जन समस्याओं का त्वरित समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। राजस्व विभाग, वन विभाग और शिक्षा विभाग में जन शिकायतों के समाधान में हो रही लेट लतीफी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अधिक समय तक लंबित प्रकरणों के मामले में संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लिया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये है कि राजस्व विभाग से संबंधित सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिन क्षेत्रों में अधिक शिकायते प्राप्त हो रही हैं, उसका कारण जानने के साथ ही उचित समाधान के लिए आगे की योजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि सभी सुनिश्चित करें कि जिन समस्याओं का समाधान जिस स्तर पर हो सकता है, वहीं समाधान किया जाए। अनावश्यक रूप से शिकायत उच्च स्तर पर आने पर उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए, जो अपने स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया जाए। पेयजल से संबंधित अधिक शिकायतें प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। आगामी ग्रीष्मकाल के दृष्टिगत भी प्रदेश में पेयजल की सुचारू आपूर्ति के लिए पूरी व्यवस्था की जाए। 180 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों पर विशेष अभियान चलाकर उनका निस्तारण करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को दिए हैं।

सीएम हेल्पलाइन पर मुख्यमंत्री ने सुनी जन समस्याएं

मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर 05 लोगों की समस्याएं सुनी और उनका यथाशीघ्र समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

उत्तरकाशी की लक्ष्मी देवी ने कहा कि उनके पिता शिक्षा विभाग में कार्यरत थे पिता की मृत्यु के पश्चात् उनकी माता को पेंशन मिलती है। वे पूर्णत अपनी माता पर आश्रित है, शासनादेश अनुसार प्रार्थिनी ने पारिवारिक पेंशन हेतु नॉमिनी बनाये जाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को सभी औपचारिकता पूर्ण कर अपर निदेशक पौड़ी को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया, उनके स्तर पर प्रकरण लंबित है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को तीन दिन के अन्दर लक्ष्मी देवी की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिये हैं।

रुद्रप्रयाग के जगदम्बा प्रसाद नौटियाल ने कहा उनके द्वारा मेडिकल के बिल के लिए आवेदन किया गया था पर शिक्षा विभाग के द्वारा उन्हें पूर्ण रूप से भुगतान नहीं किया गया। विभाग को इसकी सूचना दिये जाने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि इस प्रकरण का शीघ्र परीक्षण कर समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारी को कारण बताओ नोटिस दिया जाए।

नैनीताल के बहादुर सिंह बिष्ट ने बताया कि 31 दिसंबर 2023 को सहायक विकास अधिकारी के पद से उद्यान विभाग से रिटायर्ड होने के बाद अभी तक उन्हें 10 प्रतिशत जीपीएफ का पैसा नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री ने उद्यान और वित्त विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि बहादुर सिंह बिष्ट के जीपीएफ की अवशेष धनराशि शीघ्र उनको दी जाए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को समय पर उनके अधिकार की धनराशि मिले, यह संबंधित विभागों का कर्तव्य है।

बागेश्वर के जगदीश कार्की ने कहा कि वर्ष 2019 में उनके द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना के अंतर्गत टेंट हाउस के लिए लोन लिया था, लेकिन उद्योग विभाग द्वारा अभी तक सब्सिडी नहीं दी गई है। बैंक द्वारा लगातार किस्ते काटी जा रही है, जिस वजह से समस्या हो रही है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागेश्वर को एक सप्ताह में जगदीश कार्की को सब्सिडी दिलवाने के निर्देश दिये हैं।

देहरादून के विराट ने कहा कि भू माफिया द्वारा अवैध खनन एवं पेड़ों का कटान किया जा रहा है, जिससे प्रकृति को बहुत नुक्सान हो रहा है, एवं अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। भूमाफियाओं द्वारा उनको धमकी भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को इस प्रकरण पर शीघ्र कार्यवाही करने और एसएसपी देहरादून को धमकी देने वालों पर कारवाई करने के निर्देश दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव एल.फैनई, आर.मीनाक्षी सुदंरम, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.सी अजय मिश्रा एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिसूचनाओं में विक्रम संवत एवं हिन्दू माह के उल्लेख के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में जारी होने वाली सरकारी अधिसूचनाओं, गजट नोटिफिकेशनों, उद्घाटन पट्टिकाओं एवं शिलान्यास शिलाओं में तिथि और वर्ष के साथ-साथ विक्रम संवत एवं हिन्दू माह (यथा फाल्गुन, कृष्ण पक्ष/शुक्ल पक्ष) का उल्लेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को आवश्यक आदेश तत्काल निर्गत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में जारी होने वाले सभी अधिसूचनाओं, शिलान्यास शिलाओं, उद्घाटन पट्टिकाओ में इन पारंपरिक समय-गणना मानकों का समावेश किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रम संवत भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है।

पूर्णागिरी मेले को वर्ष भर चलाने के लिए संकल्पित है राज्य सरकारः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ठूलीगाड़, टनकपुर (चम्पावत) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तर भारत के प्रसिद्ध माँ पूर्णागिरि मेला 2025 का शुभारंभ किया। उन्होंने मां पूर्णागिरी को नमन करते हुए प्रदेश में समृद्धि, तरक्की और शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान संपूर्ण पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में भीड़ व आपदा प्रबंधन की दृष्टि से स्मार्ट कंट्रोल रूम व सीसीटीवी निगरानी तंत्र ठुलीगाड़ में स्थापित किए जाने। पूर्णागिरि मेले हेतु सेलागाढ़ में बहुउद्देशीय प्रशासनिक भवन बनाए जाने (जिसमें मेला मजिस्ट्रेट, मेला अधिकारी व पुलिस के साथ ही चिकित्सकों को एक साथ एक स्थान पर कार्य करने की सुविधा मिलेगी)। पूर्णागिरि क्षेत्र में लादीगाड़ में पूर्णागिरि पंपिंग पेयजल योजना बनाई जाने एवं पूर्णागिरि क्षेत्र में ठुलीगाड़, बाबलीगाड़ पंपिंग परियोजना बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा इन घोषणाओं के माध्यम में इस क्षेत्र में विकास की यात्रा को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की भूमि को देवी- देवताओं का भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश के कण-कण में दिव्यता समाई हुई है। उन्होंने कहा माँ पूर्णागिरि धाम, उत्तराखंड का प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है। उन्होंने कहा वो हमेशा अन्य लोगों को भी धार्मिक यात्रा के लिए माँ पूर्णागिरि आने हेतु आग्रह करते हैं। कुंभ और कांवड़ यात्रा के बाद सबसे अधिक श्रद्धालु माँ पूर्णागिरि के धाम पर आते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार मेले को वर्षभर संचालित करने के लिए संकल्पित है। जिसके लिए पूर्णागिरि धाम में स्थायी बुनियादी ढांचों का विकास किया जा रहा है। आगामी वर्षों में यह स्थान और भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप लेगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से चम्पावत के अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने का आग्रह करते हुए कहा कि हमने भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने के साथ यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव भी लेना चाहिए। राज्य सरकार माँ पूर्णागिरि धाम के विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आने वाले समय में इसे एक विशाल आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी। चम्पावत में 11 से बढ़ाकर 13 मल्टी-लेवल पार्किंग को स्वीकृति दी गई है, जिससे यातायात प्रबंधन सुगम होगा। टनकपुर में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आईएसबीटी को विकसित किया जा रहा है।मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण और उनके रास्तों का चौड़ीकरण कराया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं। माँ पूर्णागिरि धाम में रोपवे निर्माण कार्य भी जारी है, जिससे यात्रियों को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित सभी प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार इस सर्किट को सफल बनाने के लिए जिले में बेहतर सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था, पर्यटक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इस पहल का उद्देश्य माँ पूर्णागिरि धाम की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना एवं चम्पावत जिले में पर्यटन को नया आयाम देना है। जिसके निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सालभर आकर्षित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सर्किट उत्तराखंड को धार्मिक एवं पर्यटन के नए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। सरकार इसके लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और शीघ्र ही इस पर अमल शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा चंपावत को प्रत्येक क्षेत्र में विकसित व अग्रणी जिला बनाने का कार्य किया जा रहा है। कनेक्टिविटी तथा शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य किया जा रहे हैं। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कैंपस का संचालन चंपावत में शुरू हो गया है। जिले के सभी विद्यालयों व महाविद्यालय का जीर्णाेद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में 55 करोड़ की धनराशि से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जिससे सभी विद्यार्थियों को ज्ञान, विज्ञान व तकनीकी और नवाचार हेतु प्रेरणा मिलेगी। चंपावत में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर है। 16 करोड़ की लागत से पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार हो गया है।जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक तथा टनकपुर में 15 करोड़ की लागत से 50 बेड वाले आयुष अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। 28 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान के भवन निर्माण कार्य पूरा हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार चंपावत में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ ही अपनी नीतियों और निर्णय के माध्यम से पर्यटन को प्रोत्साहित करने व रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु ठोस कार्य कर रही है। उन्होंने कहा आने वाले 25 सालों बाद मां पूर्णागिरि धाम में आज की अपेक्षा कई गुना ज्यादा श्रद्धालु पहुंचेंगे। उस समय को ध्यान में रखते हुए सभी से इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प रखा है। टनकपुर में राष्ट्रीय खेलों की प्रतियोगिताओं से राफ्टिंग को निश्चित तौर पर पंख लगेंगे। बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग यहां राफ्टिंग के लिए आएंगे। उन्होंने कहा श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने मेला समिति को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह मेला हमारी प्राथमिकता में है। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं को आतिथ्य प्रदान करना ,अच्छी सुविधा व स्वच्छ वातावरण प्राप्त हो यह हमारा कर्तव्य है। ताकि प्रत्येक वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालु अपना अच्छा अनुभव लेकर जाएं और मेले के अच्छे अनुभव लोगों को साझा कर अन्य लोगों को भी मेले में आने के लिए प्रेरित करें।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, विधायक प्रतिनिधि टनकपुर दीपक रजवार, पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष किशन तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष बनबसा रेखा देवी, प्र० जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने महिला सारथी के तहत महिला ड्राइवरों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। जिसमें रेशमा शाह, भारती, पार्षद अंजना रावत, बीना, रेखा पांडे, ममता, सरिता पंवार सहित अन्य कई महिलाएं शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिला सारथी (पायलट प्रोजेक्ट) के तहत महिला ड्राइवरों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, खेल, विज्ञान, सेना, कृषि उद्योग जैसे हर क्षेत्र में महिलाएँ आगे बढ़ कर देश का नेतृत्व कर रही हैं। उत्तराखंड राज्य की महिलाओं में विशेष प्रकार का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता है, महिलाओं में कौशल और परिश्रम में कोई कमी नहीं है। राज्य की महिलाएं स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सबसे बड़ा योगदान महिलाओं का होगा। राज्य सरकार, प्रदेश की मातृ शक्ति के सशक्तिकरण हेतु भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ कार्य करते रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के हितों को आगे रखते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू उत्तराखंड में किया है। जिसमें महिला सुरक्षा के विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह आधी आबादी का पूरा कानून है। उन्होंने कहा लिव इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवाओं की जानकारी उनके माता पिता और प्रशासन के पास होनी आवश्यक है। जिससे किसी भी तरह की घटना से भी बचा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते 11 वर्षों में 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन बैंक खाते खोले गए, 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाकर माताओं बहनों के मान-सम्मान की रक्षा सुनिश्चित किया गया है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का कार्य किया जा रहा है। 30 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन देकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। देश की संसद में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का ऐतिहासिक कानून पास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पढ़ाई, सरकारी नौकरी, उद्यम, खेल हर क्षेत्र में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी आगे बढ़ा रही है। राज्य में सशक्त नारी सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बालिकाओं के जन्म लेने पर 11 हजार रूपए तथा 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना, जैसी कई योजनाएं संचालित है। महिलाओं की सुरक्षा, सहायता, एवं संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने एवं महिलाओं हेतु महिला छात्रावास भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में राज्य की बेटियों को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने का भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के मुहैया करवाया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1 लाख से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से आज देश-विदेश तक पहुंचाया जा रहा है। हमारी बहनों द्वारा बनाए गए उत्पाद आज मल्टीनेशनल कंपनियों को भी टक्कर दे रहीं हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाए ने अपने बारे में आंकलन करना होगा है। अपनी क्षमताओं को आगे लाना होगा। पहले से समय काफी बदलाव आया है। महिलाएं अब आगे बढ़ गई हैं। महिलाओं को समाज में बराबरी का ओहदा प्राप्त है। उन्होंने कहा महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनकर स्वयं के साथ समाज को आगे बढ़ाना है। चुनौतियों से निपटने में भी स्वयं से निर्णय करना है। उन्होंने कहा समाज में महिलाएं आगे बढ़ रही है, जिससे आगे परिणाम और अच्छे होंगे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में मातृशक्ति के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक प्रशांत आर्य, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आज भारत की मातृशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित डायरेक्ट सेलिंग महिला उद्यमिता समिट 2025 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आयी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की मातृशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। सेना, राजनीति, खेल, विज्ञान, कृषि, शिक्षा, उद्योग जैसे अनेक क्षेत्रों में मातृशक्ति द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश की मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले लगभग 11 वर्षों में देशभर में 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन के बैंक खाते खोले गए। देश में लखपति दीदी योजना के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प पूरा करने के साथ ही 30 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन देकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए देश की संसद ने लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का कानून पास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भी महिला सशक्तिकरण के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। सरकारी नौकरियों में राज्य की बेटियों को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देकर हर विभाग में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत उत्तराखंड 01 लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। वर्ष 2025 पूर्ण होने तक डेढ़ लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा ‘सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर दिल्ली से सांसद प्रवीण खंडेलवाल, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रोहिला एवं डॉ. संजीव कुमार मौजूद थे।

शीतकालीन चारधाम यात्राः पीएम का मिला साथ, दौड़ेगी यात्रा, बनेगी बात

मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा और खूबसूरत हर्षिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक-एक संदेश के गहरे मायने हैं। देश-दुनिया तक इन शब्दों की अनुगूूंज पहुंचना तय है। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा को प्रधानमंत्री का जैसा साथ मिला, वह खास है। उन्होंने जिस अंदाज में उत्तराखंड की यात्रा का प्रमोशन किया है, वह अभूतपूर्व है। इसके बाद, उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन के सरपट दौड़ने की पूरी उम्मीद की जा रही है।

प्रधानमंत्री का यह प्रवास उस वक्त हुआ है, जबकि करीब दो महीने की शीतकालीन यात्रा शेष है। इसके बाद 30 अप्रैल से चार धाम यात्रा का श्रीगणेश होना है। ऐसे में प्रधानमंत्री के एक प्रवास ने उत्तराखंड की दोनों यात्राओं के लिए बेहतर आधार तैयार कर दिया है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड का हर तरह से प्रमोशन किया। प्रमोशन के लिए घाम तापो पर्यटन की बात हो, धर्माचार्यों और योगाचार्यों से शीतकाल में योग शिविर आयोजित करने की बात हो, कॉरपोरेट को सेमिनार का सुझाव हो, फिल्म निर्माताओं को फिल्मों की शूटिंग के लिए आह्वान हो या फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से अपील हो, सबने अपना अलग प्रभाव छोड़ा है।

रजत जयंती वर्ष में सबसे गंभीर प्रयास

उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन यात्रा का सबसे बड़ा प्रमोशन कर दिया है। इस यात्रा के प्रमोशन के लिए इससे पहले कभी इतने गंभीर प्रयास नहीं हुए। उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा के साथ प्रधानमंत्री के जुड़ाव के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो प्रयास किए थे, उसका सार्थक परिणाम सामने आया है। बहुत कम समय में उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा और पर्यटन देश-दुनिया की नजरों में आ गए हैं।

फिर साबित हुए सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर

प्रधानमंत्री एक बार फिर उत्तराखंड के लिए सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर साबित हुए हैं। केदारनाथ धाम का उदाहरण सामने हैं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता से श्रद्धालुओं के पहुंचने के नए रिकॉर्ड बने हैं। शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के मौके पर ही जाहिर कर दी थी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव ही है, वह कार्यक्रम में बदलाव के बावजूद मुखवा-हर्षिल पहुंच गए।

मुखवा हर्षिल निहाल, पीएम-सीएम का आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखवा आगमन से पूरा क्षेत्र निहाल है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है, जबकि कोई प्रधानमंत्री मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर पूजा-अर्चना के लिए पहुंचा हो। गंगोत्री मंदिर के सचिव सुरेश सेमवाल का कहना है-यह अवसर गौरवान्वित करने वाला है। तीर्थ पुरोहित व लोक कलाकार रजनीकांत सेमवाल कहते हैं-मुखवा का चयन करने के लिए पीएम व सीएम के प्रति हम आभारी हैं।

राज्य की विभिन्न योजनाओं को सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य योजना के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 में जनपद उत्तरकाशी के विधानसभा क्षेत्र यमुनोत्री के विकासखण्ड़ नौगांव में क्वालगांव झुमराड़ा मोटर मार्ग के अवशेष भाग में सुदृढीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु 329.71 लाख, विधानसभा क्षेत्र पुरोला के विकासखण्ड नौगांव सयूरी मोटर मार्ग के अवशेष भाग में सुदृढीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु 469.53 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोड़ा में एन०एच० 109 के कि०मी० 73 से विकास भवन होते हुए न्यू कलेक्ट्रट अल्मोड़ा एवं मेडिकल कालेज अल्मोड़ा तक मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुधारीकरण के कार्य हेतु 830.52 लाख, जनपद नैनीताल के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा से हटाये गये अवैध अतिक्रमण की भूमि पर थाना बनभूलपुरा का निर्माण किये जाने हेतु 390.16 लाख, जनपद चम्पावत में थाना बनबसा हेतु नवीन भवन के निर्माण हेतु 422.43 लाख, एडवान्स ट्रेनिंग सेन्टर के द्वितीय फेज एवं राजकीय पालीटेक्निक, चम्पावत में रिटेनिंगवाल व आन्तरिक सडक के निर्माण हेतु कुल 593.39 लाख, जनपद चमोली की गोपेश्वर शाखा के अन्तर्गत मायापुर पेयजल योजना में आर०बी०एफ० नलकूप निर्माण एवं तत्संबंधी कार्यों की योजना हेतु 415.37 लाख, जनपद देहरादून के नया गांव हाथीबड़कला पेयजल योजना हेतु 619.66 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री धामी द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के तहत वर्ष 2024-25 में विधानसभा क्षेत्र रुद्रपुर के ग्रामीण क्षेत्र में हरिचांद गुरूचांद बंग विशाल सामुदायिक भवन का निर्माण किये जाने हेतु 41.514 लाख, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ की ग्राम पंचायत देवताल गांव सिबलो का चटकेश्वर महादेव मेला स्थल, प्राचीन कालीन शिव मंदिर के सौंदर्यीकरण हेतु 103.50 लाख, जनपद चम्पावत के हनुमान मंदिर मेला स्थल, लधौली, ऐडी मेला स्थल, कालूखाण एवं फुटलिंग मेला स्थल, कालूखान का सौंदर्यीकरण किये जाने हेतु 83.61 लाख, विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट की ग्राम पंचायत भण्डारी गांव में जन मिलन केन्द्र का निर्माण किये जाने हेतु 55.00 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने राजकीय नर्सिंग संस्थान, कोठगी रूद्रप्रयाग में आवासीय भवनों के अतिरिक्त आन्तरिक/बाह्य विद्युत एवं जलापूर्ति का प्राविधान, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूमिगत वाटर टैंक, सोलर वाटर हीटर, सड़क, चाहरदीवारी एवं परिसर हेतु आवश्यक जल तथा सीवर व्यवस्था इत्यादि के लिए 791.79 लाख, विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में लछैर महाकाली मंदिर का जीर्णाेद्वार एवं विकसित किये जाने हेतु 80.39 लाख तथा देवीधुरा जिला चम्पावत मुख्य बाजार से महाविद्यालय को जाने वाली सड़क मार्ग 500 मीटर के हिस्से में इंटर लॉकिंग टाईल्स लगवाये जाने हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 56.30 लाख धनराशि की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में किया जा रहा है तेजी से कार्य

सनातन संस्कृति में यज्ञों का हमेशा से ही एक विशिष्ट स्थान रहा है, हमारे वेदों में यज्ञ को धर्म का मेरुदंड कहा गया है। ये देवताओं और मनुष्यों के बीच सेतु का कार्य करते हैैं। ये न केवल हमारी आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं, बल्कि समाज को धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक रूप से भी समृद्ध बनाते हैं। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिव मंदिर शंकरपुर सहसपुर में आयोजित 63वें भव्य कोटि लिंग रुद्र महायज्ञ में शामिल होकर कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सनातन परंपराओं की दिव्यता और भव्यता का जीवंत प्रमाण है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस महायज्ञ में 151 विद्वान् वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा वैदिक ऋचाओं के सामूहिक उच्चारण के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा, जिससे न केवल इस क्षेत्र में बल्कि संपूर्ण देश और प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा की वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है और दुनिया भर के देश हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में, हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट का भी भव्य निर्माण किया जाएगा, जिसके अंतर्गत यमुना जी पर विभिन्न घाटों का निर्माण होगा। इन घाटों के निर्माण के पश्चात हरिद्वार, ऋषिकेश और देवप्रयाग की भांति भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा, जिससे ये पवित्र स्थान एक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। उन्होंने इस भव्य कोटि रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएं दी और भगवान शिव से प्रार्थना कि वे राज्य के सभी निवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें।

इस अवसर पर विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर, धर्मार्थ सेवा चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य नित्यानंद सेमवाल, जिलाध्यक्ष मीता सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष हरबर्टपुर नीरू देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सड़क दुर्घटना में घायल युवाओं को सीएम ने दिलवाया उपचार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी का संवेदनशील व्यक्तित्व शुक्रवार को तब सामने आया, जब उन्होंने सडक दुर्घटना में घायल दो युवाओं का उपचार सुनिश्चित करवाया। घायल युवाओं और उनके परिजनों ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।

शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री आपदा प्रबंधन केंद्र, आईटी पार्क में माणा के पास हिमस्खलन से हुई दुर्घटना की समीक्षा के लिए जाते समय कैनाल रोड पर दो युवाओं के वाहन आपस में टकराने से दोनों को चोटिल अवस्था में देख मुख्यमंत्री ने तुरन्त एसएसपी देहरादून को दोनों को तत्काल उपचार दिलाने के निर्देश दिए। जिस पर पुलिस टीम ने दोनों को हॉस्पिटल पहुंचाकर एक्स रे के साथ ही प्राथमिक उपचार दिलाया गया। पुलिस की सूचना पर बाद में परिजन भी मौके पर पहुंचे। घायल युवक का नाम खुड़बड़ा मोहल्ला निवासी सुमित पुत्र रमेश चंद्र दुआ है, जिन्हें उपचार के लिए बलबीर रोड स्थित परम अस्पताल भेजा गया। वहीं घायल युवती का नाम गाजीवाला निवासी परिणीता पुत्री प्रेम कुमार गुरुग़ हैं। परिणिता को नंदा अस्पताल में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। परिणिता के पिता ने त्वरित उपचार और संवेदनशीलनता का परिचय देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संवेदनशील कदम से बेटी को तत्काल उपचार मिल पाया।