सीएस वर्धन ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की विस्तार से जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून जनपद में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत स्किल हब सहसपुर का दौरा किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की विस्तार से जानकारी ली एवं प्रशिक्षण पा रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में प्रदेश के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्र छात्राओं को भ्रमण कराया जाए। मुख्य सचिव ने क्षमता से कम छात्रों के प्रशिक्षण पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को एक माह में पूर्ण क्षमता का उपयोग किया जाए।

मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में संचालित कोर्स को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की बात भी कही। उन्होंने विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ ही सम्बन्धित देश का लिविंग और वर्किंग कल्चर की जानकारी भी प्रशिक्षुओं को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण पा रहे छात्र – छात्राओं से बातचीत कर उनके अनुभवों और भावी योजनाओं पर चर्चा की एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन संजय कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य के देहरादून जनपद में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा स्किल हब सहसपुर की स्थापना की गयी है। रिकल हब सहसपुर में राज्य के युवाओं को देश में आईटी०आई० उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार से जोड़ने के उददेश्य से उच्च स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने एवं विदेश रोजगार से जोडने के लिये आवश्यक विदेशी भाषा का प्रशिक्षण प्रदान करते हुये विभिन्न आरएएप के माध्यम से विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा गो है। स्किल हब सहसपुर के अंतर्गत सेन्टर ऑफ ऐक्सीलेस एवं विदेश रोजगार प्रकोष्ठ है। वर्तमान में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा मुख्यत नर्सिंग, केयर गिवर एव आतिथ्य के क्षेत्र में जापान एवं जर्मनी में राज्य के युवाओं को सेवायोजित किये जाने का कार्य किया जा रहा है। उक्त युवाओं को डोमेन प्रशिक्षण राज्य के नर्सिंग कॉलेज एव होटल मैनेजमेंट इन्स्टीयूट द्वारा दिया जा रहा है तथा प्रकोष्ठ द्वारा स्किल हब सहसपुर में आवासीय विदेशी भाषा का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन संजय कुमार, संयुक्त निदेशक अनिल सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विवेकानंद ने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर परेड ग्राउण्ड देहरादून में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले महिला मंगल दलों और युवक मंगल दलों को पुरस्कृत किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले मंगल दलों को क्रमशः 01 लाख, 50 हजार एवं 25 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई। महिला मंगल दल धापला, नैनीताल को प्रथम, महिला मंगल दल सेमा, चमोली को द्वितीय तथा महिला मंगल दल बनाली, टिहरी गढ़वाल को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। जबकि युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली को प्रथम, युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल को द्वितीय एवं युवक मंगल दल चौडीराय चम्पावत को तृतीय स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं एवं एन.एस.एस. अवार्ड विजेता युवाओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एन.एस.एस. द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 02 लाख 24 हजार 320 रुपये का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वामी विवेकानंद को नमन करते हुए कहा कि विवेकानंद जी ऐसे युगद्रष्टा ऋषि थे, जिन्होंने परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़े हुए राष्ट्र के भीतर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को पुनः प्रज्वलित किया। उनके द्वारा शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन ने पश्चिमी जगत को न केवल भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया बल्कि सम्पूर्ण विश्व को यह संदेश भी दिया कि सनातन संस्कृति के ज्ञान, विवेक और मूल्यों में ही समस्त मानवता का कल्याण निहित है। उनका युवा शक्ति पर अटूट विश्वास था और वे युवाओं को राष्ट्र के पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम मानते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राष्ट्र आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी युवाशक्ति संगठित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रवाद की भावना से प्रेरित न हो। युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन से देश न केवल आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा, बल्कि पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित भी हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। राज्य सरकार भी युवाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से राज्य में स्टार्टअप कल्चर को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य विकास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। तकनीकी नवाचार और वैश्विक परिवर्तन के कारण रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पुराने खत्म हो रहे हैं, इसलिए हमें अपने युवाओं को फ्यूचर रेडी बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सनातन संस्कृति, चेतना, दर्शन और आध्यात्म की भूमि रही है। स्वामी विवेकानंद जी ने उत्तराखंड की पावन भूमि के विभिन्न क्षेत्रों में भी तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया था। सरकार ने उन सभी स्थानों को चिन्हित कर राज्य में स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि स्वामी विवेकानंद बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने विश्व में सनातन मूल्यों और भारतीय संस्कृति की सर्वोच्चता स्थापित की। उनकी द्वारा दी गई शिक्षा और राष्ट्रीयता की भावना हमेशा प्रेरित करती रहेगी। रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशर खेल डॉ. आशीष चौहान उपस्थित थे।

इस वर्ष बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता 7 व 8 फरवरी को होगी आयोजित

ऋषिकेश बॉडीबिल्डिंग & फिटनेस एसोसिएशन की वार्षिक बैठक होटल हाई में संपन्न हुई।

अध्यक्ष विवेक तिवारी व संरक्षक कपिल गुप्ता ने कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं के शरीर को स्वस्थ रखना, युवाओं को नशे से दूर रखना है, क्योंकि बलवान शरीर ही बलवान समाज और एक सशक्त शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता की तिथियों की जानकारी देते हुए पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कोहली व प्रतीक कालिया और एसोसिएशन की महासचिव रवि नेगी ने बताया कि प्रतियोगिता 7, 8 फरवरी 2026 आशीर्वाद वाटिका हरिद्वार रोड पर का आयोजित कराई जाएगी। जिससे प्रतियोगियों का मनोबल बढ़ाया जा सके व युवाओं को प्रेरणा मिलें।

एसोसिएशन की पूर्व महासचिव प्रवीण सजवान ने बताया कि इस बार लकी ड्रा भी निकल जाएगा और लकी ड्रॉ सांस्कृतिक कार्यक्रम के संयोजक अरविंद नेगी व अश्वनी गुप्ता को बनाया गया।

इस मौके पर संगठन के संरक्षक, राज वर्मा, प्रवीण सजवाण एडवोकेट कपिल शर्मा, राकेश कुमार, नीरज चौहान, आदेश कुमार, अभिषेक रावत, अंकित जोशी, अभिषेक कुमार, गणेश रावत, गौरव मिश्रा, एडवोकेट अमित कश्यप, वंश बिष्ट आदि उपस्थित थे।

ऑडियो साक्ष्य आधार पर डीएम ने की पटवारी के निलम्बन की कार्रवाई, तहसीलदार को सौंपी प्रकरण की विस्तृत जांच

लाखामण्डल क्षेत्र में अवैध वसूली की शिकायत पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें तहसील कालसी स्थित रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
लाखामण्डल, चकराता, देहरादून निवासियों द्वारा जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ के साथ अपने संयुक्त शिकायती पत्र में ऑडियो साक्ष्य (पेनड्राइव) भी संलग्न किया गया था।  जिसमें आरोप लगाया गया कि जयलाल शर्मा द्वारा क्षेत्र में तैनाती के बाद छोटे से बड़े दस्तावेज तैयार करने, फर्जी विक्रय पत्र, दाखिल-खारिज आदि कार्यों के नाम पर किसानों, काश्तकारों तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के गरीब लोगों से खुलेआम नकद एवं ऑनलाइन माध्यम से अवैध धनराशि वसूली जा रही थी।
जिलाधिकारी द्वारा प्रकरण की कराई गई प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर प्रकृति के पाए गए, जिसके दृष्टिगत निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक मानी गई। उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के उल्लंघन के प्रथम दृष्टया आधार पर जिलाधिकारी द्वारा जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के आदेश दिए गए।
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को वित्तीय नियम संग्रह, खण्ड-2, भाग-2 से 4 के मूल नियम-53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के समतुल्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके साथ ही नियमानुसार महंगाई भत्ता भी अनुमन्य होगा, बशर्ते संबंधित कर्मचारी द्वारा यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया जाए कि वह इस अवधि में किसी अन्य सेवा, व्यवसाय अथवा व्यापार में संलग्न नहीं है। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु तहसीलदार विकासनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि एक माह के भीतर जांच पूर्ण कर अपनी आख्या जिलाधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।  जिलाधिकारी के अनुमोदन उपरांत उप जिलाधिकारी मुख्यालय द्वारा निलंबन आदेश विधिवत जारी कर दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार एवं अवैध वसूली के मामलों में शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

अर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने हेतु डीएम ने यूजीवीएनएल के सीएसआर फंड से दिलवाए 4.50 लाख

जिलाधिकारी सविन बसंल द्वारा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सर्वसुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले की दूरस्थ तहसील त्यूणी अंतर्गत ग्राम एवं पोस्ट अटाल के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा सहायता एनजीओ को बच्चों की शिक्षा के लिए धनराशि देकर जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है।
ग्राम अटाल क्षेत्र के निवासियों एवं मुक्त शिक्षा हेतु कार्य कर रहे हैं एनजीओ द्वारा जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष यह अनुरोध किया गया था कि क्षेत्र के अनेक मेधावी बच्चे शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, किंतु आर्थिक अभाव के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सीएसआर (कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद से धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के अंतर्गत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत एवं आवंटित की गई है। इस धनराशि के माध्यम से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। इस पहल से न केवल क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुदृढ़ होगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त होगा। जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी प्रयास निरंतर जारी रखे जाएंगे
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को भी समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार, डीएम ने तत्काल एडीओ की तैनाती के दिए आदेश

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिकेश तहसील परिसर में जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जन सुनवाई में 326 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी समस्याएं सुनी और अधिकांश शिकायतों का ऑन द स्पॉट समाधान किया। शेष मामलों पर अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में समाधान के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं को गंभीरता से ले और प्राथमिकता पर उनका समाधान सुनिश्चित करें। जन सुनवाई के दौरान लोगों ने पेयजल, सडक, भूमि विवाद, प्रमाण पत्र निर्गमन, पेंशन, खाता खतौनी, राजस्व संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न समस्याएं रखीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण करना है। जनता और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

ऋषिकेश में डीएम की जनसुनवाई में जनसैलाब उमडा। शाम 7ः30 बजे रात तक नान स्टाप मैराथन जन सुनवाई में कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण हुआ। ऋषिकेश में समाज कल्याण की शिकायतों की भरमार को देखते हुए डीएम ने तत्काल प्रभाव से ऋषिकेश में सहायक समाज कल्याण अधिकारी की तैनाती के आदेश दिए।

ऋषिकेश में प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से मीट की दुकान संचालित होने तथा बिना लाइसेंस के पशुओ का बध करने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त व एसडीएम ऋषिकेश को फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ टीम बनाकर छापेमारी करते हुए अवैध रूप से संचालित दुकानों पर कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में जोगीवाला के समस्त ग्रामवासियों ने नशामुक्ति केंद्र से हो रही परेशानियां डीएम के सामने रखी। इस पर एसडीएम को जांच करते हुए केंद्र के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गणेश विहार निवासी 80 वर्षीय मनीराम ने डीएम से गुहार लगाई कि उनके बेटे मनमाने ढंग से उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल कर रहे हैं। इसके साथ ही बुजुर्ग धर्मराज सिंह पुंडीर व विमला देवी को अपनी भूमि संबंधी मामलों पर भी जिलाधिकारी ने सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण को विधिक सलाह तथा निशुल्क सरकारी वकील उपलब्ध कराने को प्रेषित किया ।

भटोंवाला निवासी व्यथित विधवा अनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगायी कि उनके पति द्वारा बैंक से ऋण लिया गया था जिसका बीमा भी कराया था, पति की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई जिस कारण बैंक वाले अल्मोड़ा कोऑपरेटिव बैंक उन सभी के नाम नोटिस भेज रहे हैं जिसमें 12 वर्षीय नाबालिक बच्चों के नाम में नोटिस भेजा जा रहा है। इसका बच्चों पर मानसिक दुष्प्रभाव पड रहा हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से बीमा का क्लेम दिलाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने बैंक की आरसी जारी करने के निर्देश दिए।

नगर निगम के पार्षदों ने डीएम से शिकायत करते हुए बताया कि यूपीसीएल के आवासों में किराएदार रखें गए है जो खुलेआम बिजली चोरी करते हैं। इसके अलावा निगम क्षेत्र में विद्युत के कई पल जर्जर स्थिति में है जिनको विभाग द्वारा ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर जांच के निर्देश दिए है।

फरियादी पंकज गुप्ता ने हीरालाल लाल मार्ग पर सीवर लाइन न होने की समस्या पर पेयजल निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रेलवे रोड ऋषिकेश पर कोई भी शौचालय न होने और यहां नगर निगम की खाली भूमि पर महिला शौचालय बनाने की मांग पर निगम को समस्या का समाधान करने को कहा गया। सीमा डेन्टल और गुमानी वाला में खाली भूमि पर निराश्रित गौवंश के लिए गौशाला सचालन हेतु सीवीओ को कार्रवाई करने को कहा।

जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने राइका सत्य मित्रानंद हरीपुर कलां में शिक्षकों की कमी, रायवाला मुख्य बाजार में ट्रैफिक लाइट की समस्या और निराश्रित पशुओं के लिए गौशाला न होने की समस्या पर जिलाधिकारी में संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। फरियादी अभिषेक चावला ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने सरकारी रास्ता बंद कर दिया है जिससे वह अपने प्लॉट पर मकान नहीं बना पा रहे।

ऋषिकेश नगर निगम में शामिल किए गए 17 ग्रामीण वार्डों में पानी का बिल ज्यादा आने की शिकायत पर डीएम ने अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। गड़ी एवं भल्ला फार्म में सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने की शिकायत अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई कर अवगत कराने की निर्देश दिए गए। जन सुनवाई में रजिस्ट्री में गडबडी, निजी भूमि पर अतिक्रमण, जमीन धोखाधडी, सीवर लाईन, यूनीपोल, सामाजिक पेंशन आदि मुद्दे छाए रहे

जन सुनवाई के दौरान ऋषिकेश विधायक प्रेम चन्द्र अग्रवाल, महापौर शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीएमओ डा. एमके शर्मा, एसडीएम योगेश मेहरा, पीडी डीआरडीए विक्रम सिंह, डीडीओ सुनील कुमार, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

लालपानी में अनुबंध शर्तों की अनदेखी पड़ी भारी, डीएम ने तलब की विस्तृत रिपोर्ट, पेनल्टी, कार्रवाई तय

जिलाधिकारी ने आज ऋषिकेश के लालपानी क्षेत्र में निर्माणाधीन एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्धता की समीक्षा की।

ऋषिकेश अमित ग्राम में नगर निगम के माध्यम से 23.15 करोड़ की लागत से 240 मेट्रिक टन पर डे ठोस अपशिष्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यदाई संस्था निकाफ कंपनी को इस प्लांट के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था। कंपनी द्वारा दिसंबर 2025 में कार्य पूर्ण किया जाना था, परंतु कंपनी द्वारा अभी तक मौके पर 60 प्रतिशत कार्य किया गया है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम और कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। डीएम ने अनुबंध की निर्धारित शर्तो और टाइम लाइन का पूरा ब्यौरा और प्लांट निर्माण के कार्यों में परिलक्षित समस्याओ की रिपोर्ट तलब की है। प्लांट में अभी तक एलटीपी मशीनें सेटअप न होने पर भी डीएम ने नगर आयुक्त को फोलोअप करने और मशीन इंस्टालेशन कार्यो को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए तथा कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह प्लांट क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्लांट में स्थापित की जा रही मशीनरी, कचरा पृथक्करण व्यवस्था, लीचेट ट्रीटमेंट और भविष्य की संचालन योजना की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कर प्लांट को शीघ्र संचालित किया जाए।

इस अवसर पर महापौर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि तथा अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

डीएम के निर्देश पर एसडीएम एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में चंद्रभागा में अवैध अतिक्रमण ध्वस्त

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा चंद्रभागा क्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई। एसडीएम ऋषिकेश एवं नगर आयुक्त ऋषिकेश के नेतृत्व में राजस्व विभाग तथा नगर निगम ऋषिकेश की संयुक्त टीम ने अभियान चलाते हुए गंगा किनारे अतिक्रमण कर बनाई गई 20 से अधिक अवैध अध्यासन को ध्वस्त किया। अभियान के दौरान पाया गया कि अवैध अतिक्रमण कर बसी उक्त झोपड़ियों से निकलने वाला सीवर सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा था। इस संबंध में जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल एवं एसडीएम ऋषिकेश योगेश कुमार के नेतृत्व में टीम में शामिल राजस्वकर्मियों तथा नगर निगम के कार्मिकों ने मौके पर पहुँचकर क्षेत्र का निरीक्षण किया और कानून व्यवस्था बनाये रखते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया संपादित की। अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी की स्वच्छता एवं जल संरक्षण प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध निर्माण अथवा सीवर/कचरा निस्तारण संबंधित अनियमितता को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए तथा भविष्य में इस प्रकार के अतिक्रमण को कठोरता से रोका जाए।
नगर निगम तथा राजस्व विभाग द्वारा बताया गया कि प्रभावित क्षेत्र की नियमित सफाई कराई जा रही है तथा आगे किसी भी अतिक्रमण को रोकने हेतु चिन्हांकन कर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहनी रोड स्थित दून इंटरनेशल स्कूल में देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने वेणु अग्रहारा ढ़ींगरा द्वारा लिखित पुस्तक लीडिंग लेडीज ऑफ इण्डिया पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता में भी साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लीडिंग लेडीज ऑफ इण्डिया पुस्तक पाठकों विशेष रूप से महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। आज बेटियां हर क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है। यहां की संस्कृति और परंपराओं को संजोये रखने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दो वर्षों से राज्य में प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखना है। प्रवासी सम्मेलन के आयोजन के बाद से अनेक प्रवासियों द्वारा अपने मूल गांवों के विकास के साथ ही प्रदेश के विकास के सहयोगी बनने की इच्छा जताई गई है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, दून इंटरनेशनल स्कूल समूह के संस्थापक डी.एस.मान एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

निगम को निराश्रित पशुओं के लिये मिला स्थाई ठिकाना, प्रेस वार्ता कर मेयर ने दी जानकारी

लगातार प्रयासों के बाद नगर निगम को निराश्रित पशुओं के लिए स्थायी ठिकाने की जगह मिल गई है। राजस्व विभाग ने निगम को ग्रामसभा रायवाला में 13 बीघा भूमि आवंटित कर दी है। इसी जमीन पर जल्द ही गोशाला, नंदीशाला और एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी।

नगर निगम कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान मेयर शंभू पासवान ने यह जानकारी दी। बताया कि निगम प्रशासन बीते लंबे समय से भूमि आवंटन के लिए प्रयासरत था। पहले राजस्व विभाग की ओर से भूमि आवंटन के बदले चार करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन निगम के सीमित बजट को देखते हुए निःशुल्क भूमि देने का आग्रह किया गया था। अब राजस्व विभाग ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने बताया कि आवंटित भूमि पर सबसे पहले सुरक्षा दीवार के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद गोशाला, नंदीशाला और एबीसी सेंटर के निर्माण के लिए शासन से बजट स्वीकृति के लिए एस्टिमेट भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले छह महीने मेंयह सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा पर निराश्रित पशुओं को चारापानी और सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि शहरवासियों को भी सड़कों पर घूमने वाले पशुओं से निजात मिलेगी। बैठक में सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।