राष्ट्रपति मूर्मु दून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में हुई शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि किसी देश या समाज की प्रगति का असली पैमाना यह है कि वहां दिव्यांगजनों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। भारत का इतिहास संवेदनशीलता और समावेशिता के प्रेरक प्रसंगों से भरा पड़ा है। हमारी संस्कृति में करुणा और प्रेम के भाव सदैव से शामिल रहे हैं। राष्ट्रपति देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सामने कई बाधाएं रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए समावेशी दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सरकार दिव्यांगजनों के लिए सुलभ वातावरण, परिवहन और सूचना तंत्र विकसित कर रही है, ताकि वे समान भागीदारी कर सकें। उन्होंने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का है। उन्नत तकनीक की सहायता से दिव्यांगजन भी देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सकें। इस दौरान राष्ट्रपति ने संस्थान परिसर में माडल स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इसके साथ ही दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी भी देखी।

राष्ट्रपति ने छात्रों से संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैफे इसका उदाहरण है कि अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी से पीछे नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने श्पर्पल फेस्टश् का भी जिक्र किया, जिसमें दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि वह जीवन के हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों को समान अवसर दे, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे देश के विकास में सहभागी बन सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश का गौरव बन सकते हैं।

राष्ट्रपति ने बच्चों के बीच जन्मदिन मना कर दिया संदेश रू केंद्रीय मंत्री केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दृष्टिबाधित बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मना कर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वंचित बच्चों के बीच जाकर अपना जन्मदिन मनाएं तो बच्चों में ऊर्जा का संचार होता है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। मंत्री ने बताया कि संस्थान में अब दृष्टिबाधित बच्चे विज्ञान और गणित की पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले वर्ष दो और इस वर्ष पांच छात्रों ने विज्ञान वर्ग में दाखिला लिया है।

यह संस्थान देशभर में एक आदर्श माडल बन रहा है और आगे मंत्रालय के सभी नौ संस्थानों में भी इसे शुरू किया जाएगा। दृष्टिबाधित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रू मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द देकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हम दृष्टिबाधित बच्चों की आंखों की रोशनी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। समर्थता दृष्टि में नहीं, संकल्प में होती है रू राज्यपाल राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने दृष्टिबाधित बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि समर्थता दृष्ट में नहीं, बल्कि संकल्प में होती है।

बच्चों ने जिस आत्मविश्वास, सृजनशीलता के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह राष्ट्र की नई चेतना व आत्मनिर्भर भारत के भाव को व्यक्त करता है। कहा कि इन बच्चों में वही ऊर्जा, वहीं क्षमता और वही जुनून है, जो एक सशक्त व विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं। आज का भारत एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि आप राष्ट्र सर्वाेपरी के मंत्र को आत्मसात करें।

सीएम धामी ने किया आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम.के.पी कॉलेज, देहरादून में आयोजित ’रन फॉर योगा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, बुजुर्गों महिलाओं को भी योग के प्रति जागरूक करने के लिए गांधी पार्क से एम.के.पी कॉलेज तक पैदल मार्च भी किया।

मुख्यमंत्री ने सभी से आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हमें मिलकर प्राचीन योग सभ्यता को जन जन तक पहुंचाना है। ऋषि मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, आत्मा और मन को एकीकृत करने की अद्भुत विद्या विकसित की है। योग संपूर्ण विश्व के लिए एक संजीवनी का कार्य करता है। योग से जीवन स्वस्थ और अनुशासित बनता है। आज दुनिया योग के प्रति आकर्षित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा योग को दैनिक जीवन में अपनाकर शरीर और मन को स्वस्थ रखने के साथ ही समाज में भी सकारात्मकता लाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे पूरे विश्व ने अपनाया था। उन्होंने कहा उत्तराखंड योग, आयुष और अध्यात्म की भूमि है। राज्य सरकार, उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक हब बनाने पर कार्य कर रही है । राज्य सरकार ने हाल ही में नई योग नीति को मंजूरी दी है। जिसके अंतर्गत राज्य में योग और ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले से संचालित हो रहे योग केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख तक का भी अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में योग और वेलनेस की अपार संभवानाएं हैं, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी से अनुशासित और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की अपील की।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, भरत चौधरी, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, सचिव आयुष दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, प्रदीप जैन, जितेंद्र नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

बेसमेंट में पार्किंग न कराने वाले संस्थानों और संबंधित व्यक्ति पर सख्ती से होगी एनफोर्समेंट की कार्रवाई

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में जिला प्रशासन देहरादून तथा संबंधित विभागों द्वारा देहरादून शहर को व्यवस्थित और अधिक गतिशील बनाने से संबंधित शहर के मोबिलिटी प्लान को प्रस्तुत किया गया।

जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने शहर के मोबिलिटी प्लान से संबंधित कार्यों में अब तक हुई प्रगति से अवगत कराया तथा शहर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भविष्य में किए जाने वाले कार्यों तथा दूरगामी प्लान से भी अवगत कराया।

मुख्य सचिव ने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के सभी कमर्शियल संस्थाओं की बेसमेंट पार्किंग का शत – प्रतिशत उपयोग कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए की जो भी संस्थान बेसमेंट में पार्किंग नहीं कराते उन पर सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव ने शहर में सड़क और जंक्शन इंप्रूवमेंट के कार्यों में तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए, नगर निगम, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, उत्तराखंड जल संस्थान व जल निगम सभी विभागों को आपसी समन्वय से देहरादून शहर को अधिक गतिशील और सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्पष्ट रोड मैप तैयार करने को कहा तथा प्रत्येक कार्यों को पूरा करने के लिए टाइमलाइन का निर्धारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने एमडीडीए को निर्देशित किया कि भवन निर्माण के मैप अप्रूवल में पार्किंग के बायलॉज का सक्ति से अनुपालन कराएं। इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, एमडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विनीत कुमार, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल सहित लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और संबंधी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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वन पंचायतों में गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास एवं हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म प्रोजेक्ट की स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड की वन पंचायतों में गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास एवं हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म प्रोजेक्ट की स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे जनपदों में जहां पर जड़ी बूटी उत्पादन की तो व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं लेकिन इन मैदानी जनपदों में वन पंचायत का अस्तित्व नहीं हैं इसीलिए इन जनपदों में ग्राम पंचायत के माध्यम से जड़ी – बूटी का उत्पादन प्रारंभ करें।

उन्होंने कैंपा फंड के माध्यम से भी निजी भूमि पर हर्बल उत्पादन की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि हर्बल उत्पादन के संबंधित सभी डाटा की ळप्ै मैपिंग करें और इसके सभी स्तर के आंकड़ों का डिजिटलीकरण भी करें।

उन्होंने हर्बल उत्पादन से संबंधित फॉरेस्ट और नॉन फॉरेस्ट एक्टिविटीज का एफडीए (फॉरेस्ट डेवलपमेंट एजेंसी) से एग्जामिन कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने हर्बल उत्पादन से संबंधित जुड़े हुए लोगों का एल्टीट्यूड वाइज प्रशिक्षण दस्तावेज तैयार करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वन विभाग के अधीन वर्तमान समय में जो भी विभिन्न वनोत्पाद उपलब्ध हैं उनकी बेहतर मार्केटिंग और वैल्यू एडिंग करते हुए उसको भी स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और स्थानीय लोगों की जीविकोपार्जन का आधार बनाएं।

मुख्यमंत्री ने ‘हिन्द दी चादर’ नाटक मंचन कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष को समर्पित नाटक ‘हिन्द दी चादर’ के मंचन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उत्तराखण्ड सिख कोआर्डिनेशन कमेटी एवं श्री गुरू तेग बहादुर चौरिटेबल चिकित्सालय द्वारा नाटक ‘हिन्द दी चादर’ का मंचन कार्यक्रम दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर देहरादून में किया गया।

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर के अद्वितीय बलिदान और धर्मरक्षा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर ने उस समय प्राणों की आहुति दी, जब देश की संस्कृति, आस्था और आत्म सम्मान पर संकट गहराया हुआ था। उन्होंने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी को ‘हिन्द दी चादर’ यूं ही नहीं कहा गया। उन्होंने राष्ट्र की एकता, धर्म की स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता के लिए सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका साहस, बलिदान और उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।

मुख्यमंत्री ने कह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार सिख समाज के हितों की रक्षा तथा उनके धार्मिक स्थलों के विकास हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर, श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए पंजीकरण, वीर बाल दिवस की घोषणा, 1984 दंगा पीड़ितों को न्याय और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना जैसे निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन्हें ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस को राज्यभर में भव्य रूप से मनाने हेतु दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का कार्य प्रगति पर है, जिससे श्रद्धालुओं को 45 मिनट में यात्रा सुलभ होगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नाटक के आयोजकों और कलाकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस मंचन के माध्यम से युवा पीढ़ी को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास किया गया है। यह नाटक केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक सजीव प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री स. मनजिंदर सिंह सिरसा, विधायक विनोद चमोली, श्री गुरूदेव सिंह, नाटक मंचन के आयोजक एवं कलाकार उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री गडकरी व सीएम धामी ने ग्राफिक एरा के पीएचडी धारकों को प्रदान की डिग्रीयां

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में किया प्रतिभाग।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के 12वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधियां और डिग्रियां प्रदान की गई। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी दीक्षांत समारोह में ‘‘डॉक्टरेट ऑफ साइंस’’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देहरादून में जाम की समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने पर सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन विद्यार्थियों के परिश्रम, समर्पण और संकल्प का प्रमाण है। यह डिग्री शैक्षणिक उपाधि के साथ एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के पास विश्व में सबसे ज्यादा युवा, प्रतिभावान और कौशल से परिपूर्ण मानव संसाधन है। विदेशों में हमारी युवा प्रतिभाओं का बोलबाला है। यह प्रतिभाशाली युवा हमारे देश के लिए वेल्थ क्रिएटर भी हैं, लिहाजा हमारी धारणा नौकरी मांगने के बजाय नौकरी देने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को सपने देखने के साथ पूरा करने का साहस भी रखना होगा। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर जुटे रहना जरूरी है। उन्होंने कहा विश्वसनीयता, ईमानदारी, और अच्छा करने की चाहत ही आपको आगे ले जा सकती है। सीखने की चाहत अनवरत रूप से बढ़ती रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ब्रिज, टनल, सड़क, हाइवे जैसे निर्माण के क्षेत्र में बीते सालों में कई कीर्तिमान स्थापित किये गये हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, निरंतर ग्रीन एनर्जी पर कार्य कर रही है। हाइड्रोजन गैस हमारे भविष्य का ईंधन है। ऑर्गेनिक म्युनिसिपल वेस्ट से हाइड्रोजन बनाने का कार्य किया जा रहा है, जो बहुत सस्ता विकल्प है। उन्होंने कहा वो स्वयं हाइड्रोजन गैस पर चलने वाली गाड़ी का इस्तेमाल करते है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत, युवाओं, शोधकताओं और स्टार्टअप का देश है। दुनिया की टॉप कंपनियों में भारतीय मूल के सीईओ हैं, यह भारत की शक्ति और प्रतिभा को दर्शाता है। उन्होंने कहा हमें डोमेस्टिक हैप्पीनेस इंडेक्स को बढ़ाने पर भी कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का विश्वकर्मा बताया। उन्होंने कहा कि गडकरी के नेतृत्व में देशभर में तेजी से विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, ग्रीन कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और सड़कों का विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग विकसित भारत के निर्माण में करें।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। नई शिक्षा नीति को लागू कर प्रदेश के विश्वविद्यालय और शोध संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी, अल्मोड़ा में सांइस सेंटर का निर्माण कर साइंटिफिक रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का विजन युवाओं को फ्यूचर-रेडी बनाना है। स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। जिसके फलस्वरूप इन 3 वर्षों में राज्य में 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, ग्राफिक एरा के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला, कुलाधिपति एवं सदस्य नीति आयोग डॉ. वी के सारस्वत, कुलपति प्रो. नरपिंदर सिंह मौजूद रहे।

पत्रकारों के लिये शीघ्र एक विशेष मेडिकल कैंप होगा आयोजितः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पत्रकारों के स्वास्थ्य को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पत्रकारों के लिए शीघ्र एक विशेष मेडिकल कैम्प आयोजित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जो हर परिस्थिति में जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हैं। उनके स्वास्थ्य की देखभाल सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मेडिकल कैम्प में चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। कैम्प में स्वास्थ्य की सभी आवश्यक जांचें उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पत्रकारों को समुचित चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार मिल सके।

इस क्रम में स्वास्थ्य सचिव ने निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह कैम्प जल्द ही सूचना विभाग परिसर में आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगे भी समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य कैम्प आयोजित किए जाएँगे, ताकि पत्रकारों को निरंतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।

देहरादून में आयोजित अहिल्या स्मृति मैराथन में दौड़े सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में ‘‘अहिल्या स्मृति मैराथन’’ एक विरासत-एक संकल्प कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने स्वयं भी युवाओं के साथ मैराथन में दौड़कर सबका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता और एकता लाने के साथ स्वस्थ समाज का भी निर्माण करते हैं।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, महामंत्री (संगठन) अजेय कुमार, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विधायक भरत चौधरी, दायित्वधारी अनिल डब्बू, श्याम अग्रवाल, हेम बजरंगी, भाजपा युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम के स्पष्ट निर्देश, दून के तीन प्रमुख निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड से इलाज की सुविधा पूरी तरह जारी रहेंगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड धारकों को देहरादून के तीन प्रमुख निजी अस्पतालों में पूरी तरह से इलाज की सुविधा पूरी तरह जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि जॉली ग्रांट हॉस्पिटल, श्री महंत इन्द्रेश हॉस्पिटल और ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में गोल्डन कार्ड से इलाज की सेवाएं नियमित रूप से जारी रहेंगी और इन अस्पतालों में आने वाले पात्र मरीजों को सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि सरकार का उद्देश्य यही है कि राज्य के प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर और उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है और राज्य सरकार इस योजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि भविष्य में भी गोल्डन कार्ड से मिलने वाली सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा ताकि राज्य के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।

अपने हर नागरिक को ससमय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार का लक्ष्य और सर्वाेच्च दायित्व है। हमारी सरकार निर्धन और जरूरतमंदों को आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से निशुल्क उपचार की सुविधा आसानी से पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री ।

सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की निरंतर कार्यवाही की जाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध निरंतर अभियान चलाया जाए। टोल फ्री नम्बर 1064 का व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण से संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में सत्यापन अभियान लगातार जारी रखने के साथ ही संदिग्ध गतिविधि अथवा व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों को बनाते समय उनका सही प्रकार से सत्यापन किया जाए। गलत दस्तावेज जारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध चल रहे अभियान को निरंतर जारी रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी है, वहां दोबारा अतिक्रमण न हो। शत्रु संपत्तियों पर हुए अतिक्रमण का भी विस्तृत आंकलन कर उसकी जानकारी प्रस्तुत की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी भवनों के निर्माण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता देने के साथ ही भवनों के निर्माण में राज्य की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक पर्वतीय वास्तुशैली को प्रमुखता दी जाए। अधिकारियों को बॉर्डर क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर पुलिस महानिदेशक वी.मुरूगेशन, ए.पी. अंशुमन, सचिव विनोद कुमार सुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

मंगल दलों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 05 हजार रुपये की जायेगीः सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक संवाद के तहत प्रदेशभर से आए युवक एवं महिला मंगल दलों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मंगल दलों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 04 हजार रूपये से बढ़ाकर 05 हजार रूपये की जायेगी। मंगल दलों को आत्मनिर्भर बनाने और ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए नीति बनाई जायेगी। मंगल दलों को डिजिटल मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षण दिया जायेगा। राज्य स्तर पर एक पोर्टल बनाया जायेगा, जिससे प्रत्येक युवा और महिला मंगल दल को एक दूसरे से जोड़ा जायेगा।

मुख्यमंत्री ने मंगल दलों द्वारा सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मंगल दल उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। युवक एवं महिला मंगल दल प्रदेश की सामाजिक चेतना को मजबूत करने, लोक परंपराओं को संजोने और गांव-गांव में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय मंगल दल ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाते हैं और जनजागरूकता अभियानों में भी आगे रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मंगल दलों को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि मंगल दलों को स्वरोजगार के लिए 50 हजार रुपये से 3.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा मंगल दल स्वावलंबन योजना के अन्तर्गत 5 करोड रूपये, मुख्यमंत्री ग्रामीण खेलकूद एवं स्वास्थ्य संवर्धन योजना के अन्तर्गत 2 करोड़ रूपये से अधिक, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत 60 करोड़ रूपये का प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अन्तर्गत 10 करोड़ रूपये की धनराशि की व्यवस्था की गई है। युवाओं को तकनीकि और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए पं० दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 21 करोड़ रूपये से अधिक का प्राविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है और स्थानीय मेलों व पर्वों के आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

मंगल दलों के सुझाव
उत्तरकाशी के आजाद डिमरी ने कहा कि मंगल दलों को मिलने वाली राशि 04 हजार रूपये से बढ़नी चाहिए। बागेश्वर की खृष्टि कोरंगा ने कहा कि लोगों को सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके इसके लिए ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर होने वाली विभिन्न बैठकों में मंगल दलों को भी शामिल किया जाना चाहिए। चम्पावत की मोनिका ने कहा कि जनहित में महत्वपूर्ण जानकारियों एवं सूचनाओं के लिए पोर्टल बनाया जाना चाहिए। चमोली के सुरजीत सिंह बिष्ट ने कहा कि ग्राम स्तर पर मंगल दलों को डिजिटल प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। हरिद्वार के मनोज चौहान ने कहा कि योग और फिटनेस पर राज्य में अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, पीएमजीएसवाई राज्य स्तरीय अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव एस.एन.पाण्डेय, निदेशक युवा कल्याण प्रशांत आर्य उपस्थित थे।