सीएम ने सूर्य भगवान की मूर्ति के जलाभिषेक को कलश यात्रा का दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास देहरादून से कुशीनगर जनपद में भगवान सूर्य की मूर्ति के जलाभिषेक के लिए कलश यात्रा का फ्लैग ऑफ किया।

कुशीनगर में सूर्य की मूर्ति के जलाभिषेक के लिए देश से लगभग 151 पवित्र नदियों का जल एकत्र किया जा रहा है। इसी क्रम में देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र नदियों से एकत्रित जल की कलश यात्रा को मुख्यमंत्री ने रवाना किया।

इस दौरान महामंडलेश्वर 1008 डॉक्टर स्वामी संतोषानंद देव महाराज, पूर्वांचल महोत्सव समिति के अध्यक्ष विनय राय और समिति के सदस्य मौजूद रहे।

सीएससी आम लोगों के विश्वास का केंद्र होने के साथ लोगों की आकांक्षाओं को करता है पूराः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में सी.एस.सी (कॉमन सर्विस सेंटर) दिवस-2025 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने सीएससी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सीएससी वी.एल.ई पुरस्कार से भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएससी उस परिवर्तन का प्रतीक है, जो देश के कोने-कोने तक पहुंच गया है। यह आम लोगों के विश्वास का केंद्र होने के साथ-साथ लोगों की आकांक्षाओं को भी पूरा करता है। सीएससी के माध्यम से शहरों की सेवाएं एक क्लिक में गांव तक पहुंच रही हैं तथा देश की ग्राम पंचायतें डिजिटल पंचायतें बन रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में सीएससी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएससी संचालक ग्राम स्तर पर लोगों के जीवन को सरल और सुगम बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएससी संचालक गांव के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं। सीएससी ने डिजिटल सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने के साथ ही समाज में रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। उत्तराखंड राज्य में 13 हजार से अधिक सीएससी संचालित हैं। इनके माध्यम से यूसीसी पंजीकरण, विभिन्न प्रमाण पत्रों और डिजिटल ट्रांजेक्शन जैसे विभिन्न कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में साइंस बेस्ड नॉलेज इकोनॉमी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया के संकल्प को देश के सामने रखा था, जो आज पूरा होता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति सरकार की स्पष्ट नीति और नियत का उदाहरण है। भारत के गांव-गांव में डिजिटल क्रांति पहुंच गई है। दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं। आज देश की छोटी से छोटी दुकान में भी डिजिटल ट्रांजेक्शन का उपयोग हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में डिजिटल इंडिया अभियान के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कम्प्यूटिंग जैसी उन्नत तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार डिजिटल और नवाचार को निरंतर बढ़ावा दे रही है। विभिन्न सरकारी सेवाओं को ई-गवर्नेंस के अंतर्गत ऑनलाइन करके सरल बनाया गया है। ई-टूरिज्म के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। मौसम पूर्वानुमान और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में भी डाटा एनालिटिक्स और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, भगवान पाटिल, कृष्ण कुमार सिंह, अश्विनी कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

कुमाऊं में हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक होगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक आयोजित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सशक्त बनाने के साथ ही तय समय पर प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़/सोलर फेंसिंग के संबंध में विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

मोबिलिटी प्लान के तहत सुधारीकरण के लिए चिन्हित 10 स्थानों में सुधार प्रक्रिया में तेजी लाएंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर के मोबिलिटी प्लान से सम्बन्धित एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण की बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने देहरादून शहर के लिए यातायात संकुलन योजना की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मोबिलिटी प्लान के तहत सुधारीकरण के लिए चिन्हित 10 स्थानों में सुधार प्रक्रिया में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन सुधारीकरण कार्यों की डीपीआर तैयार हो चुकी है अगले एक माह में कार्य शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बाकी कार्यों की डीपीआर भी 31 जुलाई तक तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को लगातार इसकी मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यों को समय से पूर्ण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन सड़कों का अभी चौड़ीकरण किया गया है, उन सड़कों में नो पार्किंग जोन होते हुए वाहनों के खड़े होने से पूर्व जैसी ही स्थिति बनी हुयी है। उन्होंने कहा कि नो पार्किंग जोन में वाहन खड़े न हों इसके लिए प्रभावी प्रवर्तन कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस समस्या के लिए लगातार नए पार्किंग स्थलों के तलाशे जाने की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाए। उन्होंने कहा कि कमर्शियल भवनों की पार्किंग को 100 प्रतिशत प्रयोग किए जाने हेतु लगातार कार्य कराए जाएं। उन्होंने सचिवालय, पवैलियन ग्राउण्ड और परेड ग्राउण्ड के नीचे अंडरग्राउण्ड पार्किंग की सम्भावनाओं को तलाशे जाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएमपी में चिन्हित सम्भावित पार्किंग स्थलों को एक्सप्लोर किया जाए।

मुख्य सचिव ने आढ़त बाजार शिफ्टिंग प्रक्रिया में तेजी लायी जाए। उन्होंने भूमि आबंटन की प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आढ़त बाजार शिफ्टिंग के कार्य में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के लिए टाईमलाइन निर्धारित की जाए एवं मुख्य सचिव कार्यलय को शीघ्र अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग भी मोबिलिटी प्लान के अनुरूप एसपीवी के गठन की कार्यवाही में तेजी लाते हुए अगले 15 दिनों के प्रस्ताव कैबिनेट में लाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने देहरादून के लिए अगले 25-30 सालों की यातायात संकुलन की समस्या को देखते हुए योजना तैयार किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए शीघ्र ही बैठक आयोजित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, रीना जोशी, पूजा गर्ब्याल एवं उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन से बृजेश कुमार मिश्रा सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून में नागर विमानन सम्मेलन-2025 में मुख्यमंत्री ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित होटल में आयोजित नागर विमानन सम्मेलन-2025 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और उत्तर भारत के नागर विमानन मंत्रियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के नागर विमानन क्षेत्र में आई ऐतिहासिक प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों और दुर्गम क्षेत्रों को हवाई संपर्क से जोड़कर न केवल आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में वर्तमान में 18 हेलीपोर्ट्स का विकास किया जा रहा है, जिनमें से 12 पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हेली सेवाएं उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी हैं। चाहे आपदा प्रबंधन हो, स्वास्थ्य सेवाएँ हों या तीर्थयात्रा, हेलीकॉप्टर सेवाओं ने इन क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुविधा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री धामी ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्रालय से पर्वतीय राज्यों के लिए एक पृथक “पर्वतीय विमानन नीति” बनाने का आग्रह किया, जिसमें विशेष वित्तीय सहायता, संचालन हेतु सब्सिडी, पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त एटीसी नेटवर्क, सटीक मौसम पूर्वानुमान, स्लॉटिंग और आपदा-पूर्व तैयारी जैसे प्रावधान शामिल हों। मुख्यमंत्री ने सभी ऑपरेटरों से भी पर्वतीय उड़ानों के लिए विशेष पायलट प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों का कठोर पालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राजस्थान के कैबिनेट मंत्री गौतम कुमार, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन और संबंधित राज्यों के अधिकारी उपस्थित थे।

माता बिशना देवी के साथ सीएम धामी ने किया पौधा रोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अपनी माताजी बिशना देवी के साथ पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री के सुपुत्र दिवाकर ने भी इस अवसर पर पौधा लगाया। इस पहल का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के सम्मान में एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “माँ जीवन की पहली गुरु होती हैं और पर्यावरण हमें जीवन देता है। माँ और प्रकृति दोनों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। यह अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे अपनी माताओं के नाम से एक पौधा अवश्य लगाएं और उसका संरक्षण स्वयं करें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा और अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया

11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देहरादून रेस कोर्स स्थित पुलिस लाइन में भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम में भाग लिया और योग को भारत की सॉफ्ट पावर का एक सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का माध्यम है। भराड़ीसैंण से लेकर देहरादून तक योग दिवस की धूम देखने को मिली। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ योग कर विश्व को भारत का शांति संदेश दिया।

राष्ट्रपति मूर्मु दून में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में हुई शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि किसी देश या समाज की प्रगति का असली पैमाना यह है कि वहां दिव्यांगजनों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। भारत का इतिहास संवेदनशीलता और समावेशिता के प्रेरक प्रसंगों से भरा पड़ा है। हमारी संस्कृति में करुणा और प्रेम के भाव सदैव से शामिल रहे हैं। राष्ट्रपति देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सामने कई बाधाएं रही हैं, जिन्हें दूर करने के लिए समावेशी दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि ‘सुगम्य भारत अभियान’ के माध्यम से सरकार दिव्यांगजनों के लिए सुलभ वातावरण, परिवहन और सूचना तंत्र विकसित कर रही है, ताकि वे समान भागीदारी कर सकें। उन्होंने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का है। उन्नत तकनीक की सहायता से दिव्यांगजन भी देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना बेहद जरूरी है। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि वे भी समान अवसरों के साथ आगे बढ़ सकें। इस दौरान राष्ट्रपति ने संस्थान परिसर में माडल स्कूल की विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इसके साथ ही दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी भी देखी।

राष्ट्रपति ने छात्रों से संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन परिसर में दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कैफे इसका उदाहरण है कि अवसर मिलने पर दिव्यांगजन किसी से पीछे नहीं हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने श्पर्पल फेस्टश् का भी जिक्र किया, जिसमें दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि समाज को चाहिए कि वह जीवन के हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों को समान अवसर दे, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे देश के विकास में सहभागी बन सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश का गौरव बन सकते हैं।

राष्ट्रपति ने बच्चों के बीच जन्मदिन मना कर दिया संदेश रू केंद्रीय मंत्री केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दृष्टिबाधित बच्चों के बीच अपना जन्मदिन मना कर समाज को प्रेरणादायी संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वंचित बच्चों के बीच जाकर अपना जन्मदिन मनाएं तो बच्चों में ऊर्जा का संचार होता है और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होते हैं। मंत्री ने बताया कि संस्थान में अब दृष्टिबाधित बच्चे विज्ञान और गणित की पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले वर्ष दो और इस वर्ष पांच छात्रों ने विज्ञान वर्ग में दाखिला लिया है।

यह संस्थान देशभर में एक आदर्श माडल बन रहा है और आगे मंत्रालय के सभी नौ संस्थानों में भी इसे शुरू किया जाएगा। दृष्टिबाधित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रू मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द देकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हम दृष्टिबाधित बच्चों की आंखों की रोशनी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। समर्थता दृष्टि में नहीं, संकल्प में होती है रू राज्यपाल राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने दृष्टिबाधित बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि समर्थता दृष्ट में नहीं, बल्कि संकल्प में होती है।

बच्चों ने जिस आत्मविश्वास, सृजनशीलता के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वह राष्ट्र की नई चेतना व आत्मनिर्भर भारत के भाव को व्यक्त करता है। कहा कि इन बच्चों में वही ऊर्जा, वहीं क्षमता और वही जुनून है, जो एक सशक्त व विकसित भारत का निर्माण कर सकते हैं। आज का भारत एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि आप राष्ट्र सर्वाेपरी के मंत्र को आत्मसात करें।

सीएम धामी ने किया आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम.के.पी कॉलेज, देहरादून में आयोजित ’रन फॉर योगा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, बुजुर्गों महिलाओं को भी योग के प्रति जागरूक करने के लिए गांधी पार्क से एम.के.पी कॉलेज तक पैदल मार्च भी किया।

मुख्यमंत्री ने सभी से आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा हमें मिलकर प्राचीन योग सभ्यता को जन जन तक पहुंचाना है। ऋषि मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, आत्मा और मन को एकीकृत करने की अद्भुत विद्या विकसित की है। योग संपूर्ण विश्व के लिए एक संजीवनी का कार्य करता है। योग से जीवन स्वस्थ और अनुशासित बनता है। आज दुनिया योग के प्रति आकर्षित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा योग को दैनिक जीवन में अपनाकर शरीर और मन को स्वस्थ रखने के साथ ही समाज में भी सकारात्मकता लाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे पूरे विश्व ने अपनाया था। उन्होंने कहा उत्तराखंड योग, आयुष और अध्यात्म की भूमि है। राज्य सरकार, उत्तराखंड को योग और वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक हब बनाने पर कार्य कर रही है । राज्य सरकार ने हाल ही में नई योग नीति को मंजूरी दी है। जिसके अंतर्गत राज्य में योग और ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले से संचालित हो रहे योग केंद्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख तक का भी अनुदान दिया जा रहा है। राज्य में योग और वेलनेस की अपार संभवानाएं हैं, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी से अनुशासित और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की अपील की।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, भरत चौधरी, उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, सचिव आयुष दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, प्रदीप जैन, जितेंद्र नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

बेसमेंट में पार्किंग न कराने वाले संस्थानों और संबंधित व्यक्ति पर सख्ती से होगी एनफोर्समेंट की कार्रवाई

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित बैठक में जिला प्रशासन देहरादून तथा संबंधित विभागों द्वारा देहरादून शहर को व्यवस्थित और अधिक गतिशील बनाने से संबंधित शहर के मोबिलिटी प्लान को प्रस्तुत किया गया।

जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने शहर के मोबिलिटी प्लान से संबंधित कार्यों में अब तक हुई प्रगति से अवगत कराया तथा शहर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भविष्य में किए जाने वाले कार्यों तथा दूरगामी प्लान से भी अवगत कराया।

मुख्य सचिव ने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के सभी कमर्शियल संस्थाओं की बेसमेंट पार्किंग का शत – प्रतिशत उपयोग कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए की जो भी संस्थान बेसमेंट में पार्किंग नहीं कराते उन पर सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव ने शहर में सड़क और जंक्शन इंप्रूवमेंट के कार्यों में तेजी से प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए, नगर निगम, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, उत्तराखंड जल संस्थान व जल निगम सभी विभागों को आपसी समन्वय से देहरादून शहर को अधिक गतिशील और सुव्यवस्थित बनाने के लिए स्पष्ट रोड मैप तैयार करने को कहा तथा प्रत्येक कार्यों को पूरा करने के लिए टाइमलाइन का निर्धारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने एमडीडीए को निर्देशित किया कि भवन निर्माण के मैप अप्रूवल में पार्किंग के बायलॉज का सक्ति से अनुपालन कराएं। इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, एमडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, अपर सचिव विनीत कुमार, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल सहित लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और संबंधी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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वन पंचायतों में गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास एवं हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म प्रोजेक्ट की स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उत्तराखंड की वन पंचायतों में गैर प्रकाष्ठ वन उपज का विकास एवं हर्बल एवं एरोमा टूरिज्म प्रोजेक्ट की स्टेट लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे जनपदों में जहां पर जड़ी बूटी उत्पादन की तो व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं लेकिन इन मैदानी जनपदों में वन पंचायत का अस्तित्व नहीं हैं इसीलिए इन जनपदों में ग्राम पंचायत के माध्यम से जड़ी – बूटी का उत्पादन प्रारंभ करें।

उन्होंने कैंपा फंड के माध्यम से भी निजी भूमि पर हर्बल उत्पादन की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि हर्बल उत्पादन के संबंधित सभी डाटा की ळप्ै मैपिंग करें और इसके सभी स्तर के आंकड़ों का डिजिटलीकरण भी करें।

उन्होंने हर्बल उत्पादन से संबंधित फॉरेस्ट और नॉन फॉरेस्ट एक्टिविटीज का एफडीए (फॉरेस्ट डेवलपमेंट एजेंसी) से एग्जामिन कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने हर्बल उत्पादन से संबंधित जुड़े हुए लोगों का एल्टीट्यूड वाइज प्रशिक्षण दस्तावेज तैयार करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वन विभाग के अधीन वर्तमान समय में जो भी विभिन्न वनोत्पाद उपलब्ध हैं उनकी बेहतर मार्केटिंग और वैल्यू एडिंग करते हुए उसको भी स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और स्थानीय लोगों की जीविकोपार्जन का आधार बनाएं।