सरकार ने निरंतर व्यापार सुविधा तथा सरलीकरण सम्बन्धी उपाय कियेः अग्रवाल

53वीं जीएसटी परिषद द्वारा की गयी संस्तुतियों तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घोषित केन्द्रीय बजट में कर विषयक प्रावधानों के सम्बन्ध में विचार-विमर्श को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विभागीय मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रतिभाग किया।
राजपुर रोड़ स्थित एक होटल में राज्य कर विभाग द्वारा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड के सहयोग से कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में 53वीं जीएसटी परिषद द्वारा की गयी संस्तुतियों तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घोषित केन्द्रीय बजट में कर विषयक प्रावधानों के सम्बन्ध में मनीष मिश्रा तथा अनुपम वर्मा, प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके अंतर्गत व्यापार को सुविधाजनक बनाने और जीएसटी के अनुपालन को सुव्यवस्थित करने के विभिन्न उपायों से संबंधित उपबंधों की जानकारी प्रतिभागियों को दी गयी।

इस मौके पर वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने वर्तमान में कर प्रणाली के प्रशासन में आमूल-चूल परिवर्तन तथा कर सुधारों में जन भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निरंतर व्यापार सुविधा तथा सरलीकरण सम्बन्धी उपाय किये गए हैं। इसी क्रम में 53वीं जीएसटी परिषद द्वारा की गयी संस्तुतियों तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए घोषित केन्द्रीय बजट में व्यापार को सुविधाजन्य बनाए जाने के प्रयास स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। उनके द्वारा जीएसटी प्रणाली में विभिन्न कर स्तरों के मध्य समन्वय तथा इस आलोक में राज्य और केन्द्रीय कर प्रशासन के मध्य सामंजस्य तथा पारस्परिक संवाद की महत्ता से अवगत कराते हुए करदाताओं की सुविधा के लिए उनके साथ निरन्तर संवाद स्थापित किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने राजस्व सुरक्षा सुनिश्चित किये जाने तथा कर प्रशासन को सरलीकृत किये जाने के सम्बन्ध में ऐसी कार्यशालाओं का निरंतर आयोजन किये जाने की महत्ती आवश्यकता का उल्लेख करते हुए कार्यशाला आयोजित किये जाने हेतु राज्य कर विभाग तथा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड को शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर आयुक्त सीजीएसटी नीलेश कुमार गुप्ता, उत्तराखण्ड तथा आयुक्त डॉ अहमद इकबाल द्वारा भी संबोधित किया गया। सभी वक्ताओं द्वारा कर व्यवस्था में महत्वपूर्ण हितधारक होने के फलस्वरूप राज्य कर विभाग तथा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड द्वारा कार्यशाला आयोजित किये जाने के प्रयास की प्रशंसा की गयी तथा यह आशा व्यक्त की गयी कि इस प्रकार के आयोजन राज्य हित में लाभदायक होंगे।

कार्यशाला में अध्यक्ष इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड पंकज गुप्ता, महासचिव अनिल गोयल, राजीव अग्रवाल सहित उद्योग व्यापार संघों के प्रतिनिधियों, कर सलाहकारों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा

सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर (डीएलआरसी) में सभी सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सदस्यता की व्यवस्था के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी देहरादून को तत्काल इस सम्बन्ध में सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की 45वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर में प्रतियोगी परीक्षाओं के ऑरियेण्टेशन प्रोग्राम के साथ सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार योजनाओं, स्टार्ट अप पॉलिसी की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आज की बैठक में मुख्य सचिव ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के कॉर्पस फण्ड के लिए 2.12 करोड़ रूपये के धनराशि की मांग पर अनुमोदन दिया।

बैठक में जिलाधिकारी देहरादून, दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के निदेशक एन रविशंकर, नपच्याल, बी के जोशी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर मंथन से निकलने वाले अमृत से राज्य बढ़ेगा आगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (ए०आई०) पर आधारित सेमिनार में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में ए.आई मिशन को सफल बनाने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ए.आई. के सहयोग से राज्य को आगे बढ़ाने के लिए सभी ने मिलकर मंथन करना है। ए.आई. पर आयोजित इस मंथन कार्यक्रम से निश्चित अमृत निकलेगा जो राज्य में ए.आई. के आधार पर राज्य को आगे बढ़ाएगा। ए.आई. के सहयोग से इकोलॉजी, इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, अकाउंटेबिलिटी और सतत विकास में महत्वपूर्ण विकास होने वाला है। सभी विशेषज्ञ एवं विभिन्न दायित्व का निर्वहन कर रहे लोगों को भी ए.आई. की विशेषता हासिल करने पर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा उत्तराखंड में साइंस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन नीति के साथ ए.आई टेक्नोलॉजी को विकसित करने का रोड मैप तैयार किया गया है। ए.आई हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साइंस टेक्नोलॉजी एवं ए.आई पर विशेष ध्यान रहता है। ए.आई के उपयोग से कई उपलब्धियां हासिल की जा रही है। ए.आई ने लोगों का समय बचाने का कार्य भी किया है। वैज्ञानिक अनुसंधान एवं दैनिक जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ए.आई. के माध्यम से आए हैं। उद्योग, चिकित्सा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, में नवाचार का प्रमुख कारण ए.आई बन रहा है। ए.आई राज्य के विकास और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है, इसका प्रमाण है कि सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक में राज्य ने पहला स्थान प्राप्त किया है। हमारा राज्य प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक धरोहर, उत्कृष्ट मानव संसाधन से संपन्न है। एक बड़ा भू भाग जंगलों से आच्छादित है। ए.आई का सही उपयोग करने पर इन संसाधनों का प्रयोग सर्वाेत्तम तरीके से किया जा सकता है। कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में ए.आई के उपयोग को बढ़ा कर सफलता की संभावनाओं को बढ़ाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आपदा, क्लाइमेट चेंज को और अधिक समझने में ए.आई. की मदद से प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सकता है। सम्पूर्ण विश्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की नेतृत्व क्षमता को देख रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इंडिया ए आई मिशन की शुरुआत की गई है। जिसका उद्देश्य ए.आई संबंधित टेक्नोलॉजी का विकास करना है। केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय बनाकर प्रदेश में ए.आई के अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न संस्थानों, इंस्टीट्यूट के सहयोग से ए.आई. के लिए प्रभावी तंत्र बनाने पर कार्य करेंगे।

महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि वर्तमान समय ए.आई का समय है। उत्तराखंड, देवभूमि के साथ ही स्पिरिचुअल, साइंटिफिक सॉल्यूशन की भूमि है। यहां अनेक केंद्रीय संस्थान हैं। उत्तराखंड राज्य नॉलेज स्टेट के रूप में आगे बढ़ रहा है। नॉलेज स्टेट की अवधारणा से ही राज्य सशक्त और समृद्ध हो सकता है। ए.आई. को राज्य के विकास से जोड़ते हुए कृषि, पर्यटन, गुड गवर्नेंस, लाइवलीहुड, स्वास्थ एवं अन्य क्षेत्र में कार्य करना है। आज होने वाले मंथन से प्रभावी एवं निर्णायक सुझाव सामने आंएगे।

इस अवसर पर दिनेश त्यागी ने कहा कि उत्तराखंड में आज का परिवेश अलग है। राज्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। राज्य में ए.आई. को बढावा देने के लिए मूलभूत बुनियादी ढांचे की स्थापना की आवश्यकता है। वर्तमान समय में राज्य के प्रत्येक स्थान को हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से आच्छादित करना होगा।अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्कूलों/कॉलेजों में ए.आई. का बेसिक शिक्षण देना आवश्यक है। हमारा उद्देश्य ए.आई के माध्यम से लोगों को सहूलियत पहुंचाना है। ए.आई. के माध्यम से युवाओं को रोजगार से भी जोड़ना है।

प्रो.ओ पीएस नेगी ने कहा कि ए.आई समय की जरुरत है। ए.आई. के माध्यम से इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और क्वालिटी पर कार्य करना है। हमने ए.आई. को अपनी शिक्षा व्यवस्था में स्थापित करना होगा, हमारा प्रयास एआई के माध्यम से डिस्टेंस एजुकेशन और प्रभावी बनाना है। इंटरनेट आइडियाज के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जायेगा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, सचिव नितेश झा एवं विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति मौजूद रहे।

पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सीएम ने दिया संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज, मोथरोवाला, देहरादून में उत्तराखण्ड के लोक पर्व ’हरेला’ के उपलक्ष्य में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश में हरेला पर्व मनाया जा रहा है। सनातन संस्कृति में प्रकृति को मां के रूप में पूजे जाने की परंपरा है। हम किसी न किसी रूप में प्रकृति का पूजन करते हैं, हरेला पर्व भी प्रकृति की सेवा का पर्व है। उन्होंने कहा कि हमारी धरोहर एवं प्रकृति का संरक्षण जरूरी है। हरेला पर्व, प्रकृति को संरक्षित करने का संकल्प लेने का पर्व है। पेड़-पौधे हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण और पर्यावरण का संतुलन रखने के लिए जन सहभागिता से वृक्षारोपण करना होगा। वृक्षारोपण से प्राकृतिक आपदाओं से बचाव होता है। आने वाली पीढ़ी के स्वच्छ वातावरण देने के लिए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना आवश्यक है। प्रदेश के किसी भी हिस्से में आपदा से संपूर्ण राज्य प्रभावित होता है। वनों की कटाई, जल स्रोतों का दूषित होने जैसी समस्याएं हमारे सामने है, जिसका समाधान पौधारोपण ही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण देशवासियों से “एक पेड़ मां के नाम“ लगाने का आग्रह किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनेक कार्य हो रहे हैं। राज्य में ऑल वेदर रोड, हाईवे, रेलवे, एक्सप्रेस-वे का कार्य गतिमान है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ईज ऑफ़ लिविंग पर फोकस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर शहर के समग्र विकास एवं जन सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून शहर में सुगम यातायात, बाजार क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। आने वाले समय में देहरादून दिल्ली एलिवेटेड रोड बनने के बाद देहरादून एवं आस-पास के शहरों में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। देहरादून में प्रिंस चौक से सहारनपुर चौक तक, मेंहुवाला मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण एवं आढ़त बाजार के शिफ्टिंग, इंद्रेश अस्पताल से कारगी चौक तक सड़क का चौड़ीकरण का कार्य गतिमान है। 72 करोड़ की लागत से मेंहुवाला क्लस्टर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति हेतु कार्य गतिमान है। क्षेत्र में 600 करोड़ की लागत से देहराखास, विद्याविहार, बिंदाल नदी से रिस्पना नदी के क्षेत्र के बीच व अन्य क्षेत्र में सीवर लाइन एवं ड्रेनेज का कार्य गतिमान है। रेस्टकैंप एवं भंडारीबाग फ्लाईओवर पर 37 करोड़ की लागत से कार्य हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के मोथरोवाला क्षेत्र में नमामि गंगे योजना के तहत 15 एमएलडी की क्षमता से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से सभी विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही है, और इसका प्रमाण है कि सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा हमने पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण भी करना है। राज्य सरकार ईकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बसे शहरों की धारण क्षमता का आंकलन कर रहे हैं। इसी के आधार पर इन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा केदारनाथ यात्रा मार्ग में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने का कार्य तेज़ी से हुआ है।

हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज हरेला पर्व पूरे राज्य में सामाजिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। उत्तराखंड के लोक पर्व ने व्यापक स्वरूप ले लिया है, समाज ने इस पर्व को स्वीकार किया है। हमने अपने और आने वाली पीढ़ी के लिए वृक्षारोपण करना है। जंगलों की आग के लिए पेड़ो को दोष देना गलत है, पेड़ो की रक्षा हम सभी का कर्तव्य है।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने धर्मपुर विधानसभा की विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मांगो का परीक्षण कराकर उचित समाधान किया जायेगा।

कार्यक्रम में निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष विनोद पुण्डीर, सौरभ थपलियाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

नजरियाः देहरादून में न्यायिक कार्मिकों के लिए बनने वाले 32 आवासीय भवनों के निर्माण का अनुमोदन

उत्तराखण्ड के बौर, हरिपुरा, तुमारिया, नानकसागर जैसे जलाशयों में अत्यधिक सिल्ट जमाव की समस्या के समाधान तथा इन जलाशयों में पर्यटन गतिविधियों एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जलाशयों के डिसिल्टिंग (सिल्ट या मिट्टी उठान) को रॉयल्टी फ्री करने हेतु नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में सिंचाई विभाग को सभी सम्बन्धित विभागों से अनापत्ति लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि यदि विभाग द्वारा बौर व हरिपुरा जलाशयों के सिल्ट का कर्मिशयल उपयोग नही किया जा रहा है तो इन जलाशयों के सिल्ट उठान को रॉयल्टी फ्री करने की नीति तैयार करने की दिशा में तत्काल कार्य आरम्भ किया जाए। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को 15 दिन का समय देते हुए वन विभाग के साथ सयुंक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जलाशयों को पचास साल से भी अधिक का समय हो गया है ऐसी स्तिथि में जलाशयों की क्षमता निरंतर घटती जा रही है। जलाशयों में अत्यधिक सिल्ट आने से भविष्य में किसानों को सिंचाई के लिए पानी के अभाव और बाढ़ जैसे चुनौतियों के समाधान, जलाशयों में पर्यटन गतिविधियों एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए डिसीलटिंग जरूरी है।

सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उधमसिंह नगर के गदरपुर में बाबा डल मन्दिर से बौर जलाशय से गूलरभोज-कूल्हा तिलपुरी वन बैरियर तक सिंचाई विभाग के माध्यम से कंक्रीट सड़क निर्माण कार्या का वित्तीय अनुमोदन दिया। बौर एवं हरिपुरा जलाशय जनपद ऊधमसिंहनगर के विकास खण्ड गदरपुर/बाजपुर में स्थित है। इन बांधों की लम्बाई क्रमशः 9.500 कि०मी० एवं 7.900 कि०मी० तथा जल ग्रहण क्षमता 3650 एवं 1000 मि० घन फुट है। जलाशयों में वर्षा काल की बाढ़ से जल संचय किया जाता है, इन जलाशयों में वर्षभर सिंचाई हेतु कृषकों को पानी दिया जाता है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा पर्यटन हब के रूप में भी इस क्षेत्र को विकसित किया जाना है। उत्तराखण्ड शासन की महत्वकांक्षी योजना 13 जनपद 13 पर्यटन स्थल में भी बौर-हरिपुरा जलाशय को सम्मिलित किया गया है। इन जलाशयों में पर्यटन की गतिविधियों को बढावा देने हेतु पर्यटन विभाग द्वारा विगत वर्षों से पर्यटकों हेतु नौकायान एवं अन्य जल क्रीडाओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भारी संख्या में पर्यटकों का आवागमन बना रहता है। उक्त जलाशयों के पहुँच मार्ग कच्चे होने के कारण पर्यटकों के सुगम आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही है जिसके लिए यह योजना बनाई गई है। योजना का वित्त पोषण Missing Link Funding के तहत किया जा रहा है।

आज की व्यय वित्त समिति में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मोहकमपुर देहरादून में न्यायिक कार्मिकों के लिए बनने वाले 32 आवासीय भवनों के निर्माण का भी अनुमोदन दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त आवासीय भवनों में अनिवार्य रूप से सोलर पैनल की व्यवस्था की जाए तथा ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा पर कार्य किया जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने देहरादून में पशु प्रजनन फार्म कालसी के सुदृढ़ीकरण के कार्यों हेतु कम्प्ररहेन्सिव स्टडी के निर्देश दिए हैं। पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, कालसी जनपद देहरादून में स्थापित है तथा वर्तमान में भारत सरकार द्वारा देश में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस ऑन इण्डीजिनस ब्रीड्स नामित किया गया है। इस प्रक्षेत्र पर भ्रूण प्रत्यारोपण की तकनीक से नस्ल सुधार कार्यक्रम सम्पादित किया जा रहा है। केन्द्र पोषित राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत प्रक्षेत्र का सुदृढ़ीकरण प्रस्तावित है। फार्म पर बायोसिक्योरिटी के सुदृढ़ीकरण से संस्था पर व्यवस्थित पशुधन को संक्रामक रोगों से बचाव करना है। प्रक्षेत्र में स्थापित प्रशिक्षण केन्द्र पर प्रदर्शन इकाइयों की स्थापना से पशुपालकों को हैंड्स ऑन प्रशिक्षण दिये जाने हेतु कार्य किया जाना है तथा प्रशिक्षण हेतु आये पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान हो सकेगी। योजना का वित्त पोषण भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत 100 प्रतिशत वित्त पोषित है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पशुलोक ऋषिकेश में हीफर रियरिंग फार्म के सुदृढ़ीकरण के कार्य की भी सैद्धान्तिक स्वीकृति दी है। पशुलोक ऋषिकेश में वर्ष 2019 में हीफर रियरिंग फार्म की स्थापना का कार्य आर०आई०डी०एफ० योजनान्तर्गत किया गया था तथा फार्म से राज्य के पशुपालकों को उचित मूल्य पर संकर नस्ल की गाय उपलब्ध कराना है। वर्तमान में प्रक्षेत्र पर उपलब्ध 37.9 एकड भूमि पर पशुओं हेतु चारें का उत्पादन किया जाता है तथा योजनान्तर्गत 38.7 एकड भूमि पर अतिरिक्त चारा एवं साईलेज का उत्पादन किया जाना है जिससे प्रक्षेत्र पर व्यवस्थित पशुधन को पर्याप्त मात्रा में चारा मिल सकें। प्रक्षेत्र से राज्य के पशुपालकों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता के पशुओं को उपलब्ध कराया जायेगा। योजना का वित्त पोषण भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत 100 प्रतिशत वित्त पोषित है।

बैठक में सचिव पशुपालन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सिंचाई एव सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से विद्यार्थियों और प्रधनाचार्यों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, (एस.सी.ई.आर.टी) उत्तराखण्ड के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पं० दीन दयाल उपाध्याय राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित वर्ष 2023 एवं 2024 हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट में सर्वाेच्च स्थान प्राप्त करने वाले तीन-तीन स्कूलों, हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सी.एस.आर. के सहयोग से स्थापित 442 स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण दिन है। शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन, समर्पण के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। ये पुरस्कार विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को आगे भी इसी मनोयोग से प्रयास करने के लिए प्रेरित करेंगे और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीईआरटी भवन का निर्माण कार्य 02 साल में पूर्ण करने का शिक्षा विभाग को लक्ष्य दिया गया था। विभाग द्वारा निर्धारित समयावधि में 29 करोड़ 25 लाख की धनराशि से भव्य भवन का निर्माण किया गया है। एससीईआरटी भवन बनने से शैक्षिक विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान तथा राज्य के शिक्षा के तंत्र का सम्पूर्ण विकास किये जाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.सी.ई.आर.टी के भवन निर्माण के साथ ही इसकी गुणवत्ता भी अत्यधिक मायने रखती है। राज्य सरकार का स्पष्ट ध्येय है कि किसी भी तरह के निर्माण कार्य में क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा सीएसआर के अंतर्गत बनी 442 स्मार्ट क्लास के शुरू होने से सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था में अधिक गुणवत्ता आएगी। राज्य सरकार राज्य के 840 विद्यालयों में हाइब्रिड मोड में वर्चुअल एवं स्मार्ट क्लास की स्थापना पर भी कार्य कर रही है। कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों के साथ ही जूते और बैग भी प्रदान किए जा रहे हैं। कक्षा 9 में प्रवेश करने वाली बालिकाओं के लिए साइकिल योजना एवं मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना भी लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि राज्य का कोई भी विद्यार्थी बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित न रहे और न ही उनकी पढ़ाई पर कोई असर पड़े। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाने के लिए सरकार लगातार नीतिगत फैसले ले रही है। सभी को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के किसी भी छात्र-छात्राओं के जीवन में शिक्षा का अभाव नहीं होने देंगे।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट 30 अप्रैल को घोषित कर दिया था। जिससे बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु अच्छे संस्थानों में जाने का मौका मिलता है। आगामी शिक्षण सत्र के लिए रिजल्ट 20 अप्रैल तक घोषित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में अध्यापकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता आई है। ट्रांसफर में काउंसलिंग व्यवस्था की शुरुआत की गई है। अब तक 5000 अध्यापकों के ट्रांसफर हो चुके हैं। एससीईआरटी और डायट को और अधिक सृदृढ़ बनाया जा रहा है। आगामी वर्ष से टीचरों के ट्रांसफर भी ऑनलाइन व्यवस्था से होने लगेंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में 70 प्रतिशत से कम अध्यापक होंगे वहां नए अध्यापकों के जाने तक अध्यापक रिलीव नहीं होंगे। राज्य सरकार छात्रों को किताबें, कपड़े, बैग, जूते मुफ़्त में देने का कार्य कर रही है। छात्रों को छात्रवृत्ति और निःशुल्क नोटबुक भी उपलब्ध कराई जा रही है।

विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू होने से शिक्षा के क्षेत्र में अनेक क्रान्तिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के उन्नयन के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने शिक्षा विभाग को प्रेरणा और नई दिशा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एससीईआरटी का अपने भवन बनने से शैक्षिक विकास, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त होंगे। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विद्यार्थियों को शुभकामना भी दी। शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि प्रधानाचार्य और शिक्षक विद्यालयी शिक्षा के मजबूत स्तंभ हैं।

इस अवसर पर निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट, निदेशक प्राथमिक शिक्षा रामकृष्ण उनियाल एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएस बोलीं, वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम पर हाउस ऑफ हिमालयाज

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत स्थानीय उत्पादों की बेहतरीन मार्केटिंग, क्वालिटी व ब्राण्डिंग पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने हाउस ऑफ हिमालयाज को उत्तराखण्ड के अम्ब्रेला ब्राण्ड के रूप में स्थापित करते हुए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत अधिकाधिक महिला स्वयं सहायता समूहों व स्थानीय महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड के सभी उत्पादों को एक ही नाम व ब्राण्ड मिलने से राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।

सीएस ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से राज्य के सभी स्थानीय ब्राण्ड्स की पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। हाउस ऑफ हिमालयाज को वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर तक पहुचाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज राज्य का अम्ब्रेला ब्राण्ड होने के साथ ही प्रदेशभर की स्थानीय महिलाओं की आजीविका का सशक्त माध्यम बनने जा रहा है। उन्होंने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और उनके उत्पादों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत प्रथम चरण में 21 उत्पादों को रखा गया है। भविष्य में अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तीन स्तरों पर की जा रही है।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हाउस ऑफ हिमालयाज की बोर्ड ऑफ गर्वनेस की बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे सीएम, लिया प्रदेश में बारिश की स्थिति का जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटी पार्क देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को हर समय अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि वे निरन्तर जिलाधिकारियों से समन्वय बना कर रखें। नदियों के जल स्तर पर नियमित निगरानी बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र से जिलाधिकारी नैनीताल, बागेश्वर, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, देहरादून से फोन के माध्यम से वार्ता कर बारिश की स्थिति, सड़कों की स्थिति, विद्युत और पेयजल की उपलब्धता तथा जलभराव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि के कारण यातायात बाधित न हो, सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र खुलवाया जाए। जल भराव की स्थिति में निकासी की उचित व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि नदियों के जल स्तर बढ़ने की स्थिति में नदी किनारे एवं अन्य संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिये कि हर जिले की अतिवृष्टि की स्तिथि पर निरन्तर नज़र बनाए रखें। जिलों के साथ परस्पर समन्वय स्थापित करें, ताकि किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटा जा सके। राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों, अत्यधिक बारिश एवं आपदा ग्रस्त वाले इलाकों को लेकर भी विशेष नज़र बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा को लेकर किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही की जाए। रिस्पांस टाईम कम से कम रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

इस अवसर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनन्द स्वरूप एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जीवन की प्रथम गुरू माता, उनके नाम पर पौधारोपण करना सौभाग्य की बातः सीएम

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अपनी माताजी के साथ पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में व्यक्ति की सबसे पहली गुरू मां ही हैं। ऐसे में मां के नाम पौधारोपण अभियान में शामिल होना किसी सौभाग्य से कम नहीं है।

कैनाल रोड स्थित गंगोत्री विहार में रिस्पना नदी के किनारे खाली भूमि पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी माताजी विशना देवी के नाम से पौधारोपण किया। इस अवसर पर उनकी माताजी भी मौजूद रहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ’एक पेड़ माँ के नाम’ लगाने की देशवासियों से अपील की थी। राज्य में इसे अभियान के रूप में लिया गया है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से आह्वाहन किया है कि इस मानसून सीजन में एक पेड़ माँ के नाम जरूर लगाएं। उन्होंने कहा कि सभी के जीवन में माँ पहली गुरु होती हैं। गुरु पूर्णिमा की भी उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामना दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला पर्व से 15 अगस्त तक राज्य में बृहद स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान से सामाजिक संस्थाओं, पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों, स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा गया है। राज्य से ग्राम पंचायत स्तर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है।

इस अवसर पर एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि जिस भूमि पर यह पौधारोपण किया जा रहा है, यहां आने वाले दिनों में पार्क का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में भूमि की चारों ओर से फेंसिंग कराई जाएगी ताकि जानवर पौधों को नुकसान न पहुँचा सकें। साथ ही यहाँ पर पैदल ट्रैक के निर्माण के साथ ही इस तरह के पौधों को लगाया जाए जिससे यहां बायो डाइवर्सिटी को भी बढ़ावा मिल सके। इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने अपनी माताजी सावित्री देवी जी के नाम से भी पौधारोपण किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली ने भी पौधरोपण किया।

अभाविप ने प्रतिभा सम्मान समारोह में नगर के मेधावियों को सम्मानित किया


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डी.ए.वी पी.जी कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित महानगर छात्र सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने डी.ए.वी.पी.जी. कॉलेज देहरादून में अटल बिहारी बाजपेयी उत्कृष्ट शैक्षणिक ब्लॉक के 06 नये कक्षा कक्षों के निर्माण के लिए 01 करोड़ की धनराशि प्रदान करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे कॉलेजों के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो उनके मन में ऊर्जा का नया संचार होता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों पर चलने वाला संगठन है, जो छात्रहित और राष्ट्रहित के लिये कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज वे समाज के लिए जो योगदान दे पा रहे हैं, उसमें विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के मन्दिर से देश की सीमा तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे हैं। अनेक अवसरों पर विद्यार्थी परिषद द्वारा सामाजिक सरोकारों से संबंधित कार्य किये जाते रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को हर क्षेत्र में कार्य करने का मौका मिले इसके लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके लागू होने के बाद से सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई हैं। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का चयन अनेक परीक्षाओं में हो रहा है। परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को रोड़बेज की बसों में किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि इस मानसून सीजन में एक-एक पौधा अवश्य लगाये जाने की भी अपील की।

इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री मनोज निखरा, राकेश ओबेरॉय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अंकित शुक्ल, ऋषभ रावत, अंकित सुन्दरियाल, आयुषी पैन्यूली एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।