मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मिेयों को किया संबोधित, बोले भू कानून पर समाधान जल्द होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में नगर निकाय क्षेत्र से बाहर ढाई सौ वर्ग मीटर भूमि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति खरीद सकता है, परंतु ऐसा संज्ञान में आया है कि एक ही परिवार में अलग-अलग नामों से भूमि क्रय करके उक्त प्राविधानों का उल्लंघन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इसकी जांच करायेंगे और जिन भी व्यक्तियों ने ऐसा किया है उनकी भूमि राज्य सरकार में निहित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जिन भी व्यक्तियों ने पर्यटन, उद्योग आदि व्यवसायिक गतिविधियों के लिए अनुमति लेकर भूमि क्रय की है, परंतु उस भूमि का उपयोग इस प्रयोजन हेतु नहीं किया, ऐसी जमीनों का विवरण तैयार करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही की जायेगी और उनकी जमीनें राज्य सरकार में निहित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी संज्ञान में आया है कि भूमि क्रय संबंधी नियमों में वर्ष 2017 में जो बदलाव किए गए थे, उनका परिणाम सकारात्मक नहीं रहा है।उन्होंने कहा कि ऐसे प्राविधानों की समीक्षा की जायेगी और आवश्यक हुआ तो इन प्राविधानों को समाप्त कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बचाने के उद्देश्य से उठाए जा रहे इन कदमों से किसी भी ऐसे व्यक्ति या संस्थाओं को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, जिनके निवेश से उत्तराखंड में पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, व्यापार आदि विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन होता है तथा अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भू कानून एवं मूल निवास के मुद्दे को लेकर संवदेनशील है और हम अगले बजट सत्र में उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एक वृहद भू कानून लाने हेतु प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मार्च 2021 से अब तक लंबे समय से चले आ रहे विभिन्न मामलों का निस्तारण हमारी सरकार ने ही किया है, उसी प्रकार मैं, उत्तराखंड की जनता को यह विश्वास दिलाता हूं कि भू कानून के मुद्दे का समाधान भी हमारी सरकार ही करेगी।

राज्य आपदा शमन निधि के तहत विभिन्न प्रोजेक्ट पर मुख्य सचिव ने दिया अनुमोदन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र (यूएलएमएमसी) की द्वितीय संचालक निकाय की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एसडीएमएफ (राज्य आपदा शमन निधि) के तहत राज्य कार्यकारी समिति द्वारा अनुमोदित सभी प्रोजेक्ट, ग्रुप इंश्योरेन्स पॉलिसी, विभिन्न पदों पर भर्ती जैसे एजेन्डा बिन्दुओं पर अनुमोदन दिया।

मुख्य सचिव ने एसडीएमएफ (राज्य आपदा शमन निधि) के तहत राज्य कार्यकारी समिति द्वारा अनुमोदित उत्तरकाशी, मसूरी, गोपेश्वर, अल्मोड़ा तथा नैनीताल में लिडार सर्वे, नैनीताल शहर के टॉपोग्राफी सर्वे, भू अन्वेषण, भू-तकनीकी अन्वेषण, बहुगुणा नगर कर्णप्रयाग में भू-अन्वेषण, भू-तकनीकी अन्वेषण, भू-भौतिकीय अन्वेषण हेतु कन्सलटेन्सी फर्म की नियुक्ति, मनसा देवी पहाड़ी हरिद्वार में बाई पास रोड के स्लोप स्टेबलाइजेशन के अन्वेषण व न्यूनीकरण कार्यों के लिए डीपीआर जैसे विभिन्न प्रोजेक्ट पर अनुमोदन दिया। मुख्य सचिव ने सभी यूएलएमएमसी कार्मिकों हेतु सावधि दुर्घटना बीमा योजना पर भी अनुमोदन दिया।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, विनोद कुमार सुमन सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

नगर निगम देहरादून स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत चला रह व्यापक सफाई अभियान

आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा लॉन्च किए गए स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2024 के अंतर्गत उत्तराखंड के नगर निगम देहरादून द्वारा कार्य योजना बनाकर धरातलीय कार्य कराया जा रहा है. 34 ब्लैक स्पॉट ( क्लीनलीनेस टारगेट यूनिट) को इस पखवाड़े का टारगेट बनाया गया है और प्रत्येक दिन यहां पर सघन सफाई अभियान करने कराया जा रहा है। इनिशिएटिव यह भी लिया गया है कि इन ब्लैक स्पॉट पर कोई कूड़ा ना डालें और वहां पर फूल, पौधे और गमले लगाए गए हैं । इनकी मॉनिटरिंग करने के लिए एक पर्यावरण मित्र को तैनात किया गया है। इस व्यवस्था को नागरिकों के साथ-साथ मीडिया समूह द्वारा भी बहुत ही अच्छा मानते हुए इसकी खुले मन से प्रशंसा की है।
इसके अलावा नगर निगम देहरादून द्वारा 46 जागरूकता कार्यक्रम करवाए गए जाने हैं, जिसमें से अभी तक 26 कार्यक्रम हो चुके हैं और जिनकी जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
इसके अलावा नगर के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, छोटी रैली, जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर जनता के साथ संवाद, जागरूकता के जिंगल – बैनर आदि के साथ सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

पर्यावरण मित्रों एवं सुपरवाइजर तथा शिवराज व्यवस्था से जुड़े हुए कर्मियों के लिए निगम में 19 सितंबर को एक व्यापक स्वास्थ्य सेवक भी लगाया गया था , जिसमें कई सफाई कर्मियों ने प्रतिभाग किया।

इसी कड़ी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा निगम के दो गौ सदनों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया है। निगम के मुख्य नगर आयुक्त गौरव कुमार (आईएएस) स्वयं इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं और फील्ड में 08 उच्च अधिकारी इस कार्य में तैनात हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसपी जोशी , सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि 1 अक्टूबर तक सभी कार्यक्रम गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएंगे और 2 अक्टूबर को इसका समापन कार्यक्रम गांधी जयंती के अवसर पर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित होगा।

सेंट जोसेफ एकेडमी से नहीं होगी भूमि वापस, सीएम के निर्देश के बाद हुआ निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सेंट जोसेफ एकेडमी, देहरादून के भूमि एवं पार्किंग प्रकरण पर सचिव आवास, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून तथा एमडीडीए के साथ सचिवालय में बैठक की।
बैठक में निर्णय लिया गया है कि सेंट जोसेफ एकेडमी से भूमि वापस नहीं ली जाएगी। इसके साथ ही मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि सेंट जोसेफ अकादमी द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था विद्यालय परिसर के भीतर ही की जाएगी, ताकि मुख्य सड़क पर आमजन को ट्रैफिक की समस्या का सामना ना करना पड़े।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आवास विभाग को सेंट जोसेफ एकेडमी के लीज नवीनीकरण पर नियमानुसार कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।

सीएम ने स्वच्छता ही सेवा-2024 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग एवं क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैग ऑफ कर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड मैदान में ’स्वच्छता ही सेवा-2024’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई एवं ’एक पेड़ मां’ के नाम अभियान के अंतर्गत परेड मैदान परिसर में पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बालिकाओं को किशोरी किट का वितरण भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विश्वकर्मा पूजन किया और सभी को विश्वकर्मा दिवस की शुभकामनाएं प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए प्रभु से उनके दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छता के प्रति सजगता, निष्ठा और नेतृत्व हम सबको प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज उनके जन्मदिवस के सुअवसर पर हम स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत कर रहे हैं। यह स्वच्छता पखवाड़ा 2 अक्टूबर को संपन्न होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वच्छ भारत का मिशन शुरू किया था जिसके कारण आज देश के हर व्यक्ति के अंदर स्वच्छता का भाव उत्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक और दूरदर्शी विजन ने भारत को स्वच्छता के नए आयामों पर पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर के अंदर करोडों शौचालय का निर्माण हुआ, कचरा प्रबंधन के लिए जरूरी सुविधाओं का विकास किया गया है और स्वच्छता को लेकर आम लोगों में जागरूकता आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भी स्वच्छता के मामले में सराहनीय प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड को वर्ष 2017 में देश का चौथा ओडीएफ राज्य होने का गौरव प्राप्त हुआ। अब तक राज्य में कुल 5 लाख 37 हजार से अधिक शौचालय विहीन परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 2600 से भी अधिक स्वच्छता कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। 9000 से अधिक गांव में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का कार्य पूरा किया गया है। 77 विकासखंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की इकाइयां स्थापित कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि मार्च 2025 तक राज्य के शत प्रतिशत गांव में कचरा प्रबंधन का कार्य शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में नगर निगम देहरादून द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं वो सराहनीय हैं। नगर निगम द्वारा आमजन की सफाई से सम्बंधित समस्याओं के निराकरण हेतु स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है जो 24×7 संचालित होता है। इसके अलावा सफाई सुनिश्चित करने के लिए आठ टीमों का गठन करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे से निगरानी जैसे अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत देश के पांच सबसे अच्छे शहरों में हमारे राज्य की राजधानी देहरादून को भी सम्मिलित किया गया है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में हम एक अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम ’स्वभाव स्वच्छता एवं संस्कार स्वच्छता’ रखी गई है। जिसके जरिये संदेश है कि हम सबको मिलकर आगे बढ़ाना है जिससे जन-जन के स्वभाव और संस्कार में स्वच्छता की भावना आए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर हम शासन-प्रशासन के स्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन यह प्रयास तभी सफल होंगे जब इसमें जनभागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने स्तर पर गांव, शहर, मोहल्ले इत्यादि को स्वच्छ बनाने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमने यहां पर पौधरोपण किया है और जो स्वच्छता की शपथ ली है, वो हमारे राज्य को साफ सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के हमारे संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि आइए हम सब मिलकर अपने आसपास साफ सफाई की जिम्मेदारी लें और हम एक स्वस्थ व स्वच्छ उत्तराखंड बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जिस दिन से हमारे स्वभाव में स्वच्छता आ जाएगी, तो उस दिन से प्रदेश भी स्वच्छ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज प्रदेशभर में एक हजार से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासखंडों के लिए स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विधायक खजान दास, सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भरत चौधरी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव शैलेश बगोली, देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल, नगर आयुक्त गौरव कुमार आदि उपस्थित रहे।

केदारनाथ क्षेत्र, उत्तराखंड की आस्था, समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में वर्चुअल रूप से रूद्रप्रयाग में आयोजित जागतोली दशज्यूला विकास महोत्सव-2024 कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागतोली दशज्यूला महोत्सव की सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दशज्यूला का यह क्षेत्र सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षिणिक गतिविधियों का केंद्र एवं प्राचीन परंपराओं, मेलों और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध रहा है। इस क्षेत्र की नैणी चोटी पर विराजमान मां नैणी देवी समस्त उत्तराखंड वासियों की रक्षा करती हैं। यह क्षेत्र उत्तराखंड की आस्था, समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम भी है। पारंपरिक मेले हमारे भीतर धार्मिक ऊर्जा को मजबूत कर हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और एकता, समर्पण एवं आस्था की भावना को बढ़ाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरा से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के कथन को चरितार्थ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश को आर्थिक, औद्योगिक और सतत विकास के दृष्टिकोण से देश दुनिया में एक अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक स्व. शैला रानी ने इस क्षेत्र के विकास और यहां के लोगों के कल्याण की हमेशा चिंता की। राज्य सरकार उनके सपनों को अवश्य पूरा करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित हर क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रदेश के हर वर्ग का जीवन स्तर ऊपर उठाया जा रहा है। केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम सहित विभिन्न पौराणिक स्थलों के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। केदारनाथ धाम में करीब 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक की लागत से पुनर्निमाण कार्य करवाए जा रहे हैं। बद्रीनाथ के मास्टर प्लान पर भी तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य सरकार चार धाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बना रही है। उन्होंने कहा बड़ी आपदाओं का सामना करने के बावजूद सरकार समय पर प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं आपदा प्रभावित विभिन्न जगहों पर जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। केदारनाथ धाम का पैदल मार्ग भी प्राकृतिक आपदा के चपेट में आने से यात्रा मार्ग में फंसे हर एक श्रद्धालु को सुरक्षित लाया गया। बाबा केदार के आशीर्वाद से ही हजारों लोगों को सकुशल नीचे लाने में कामयाब हुए। राज्य सरकार ने केदारनाथ धाम के मार्गों को ठीक करने एवं यात्रियों की सुरक्षा और भी पुख्ता करने की दिशा में 30 करोड़ रूपए की राशि जारी की है। उन्होंने कहा प्रदेश का हर नागरिक उनका परिवार है और अपने परिवार के किसी भी सदस्य को आपदा में अकेला नहीं छोड़ना उनका संकल्प है। उन्होने कहा केदारनाथ क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में विकास की धारा को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारा संकल्प है।

सीएम ने मिले प्रसून जोशी और अभिनेता अनुपम खेर, फिल्म नीति पर हुई वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी तथा फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने भेट की। उन्होने प्रदेश में फिल्म निर्माण एवं फिल्मांकन से सम्बधित विभिन्न विषयों तथा प्रदेश में फिल्म निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है विभिन्न सुविधाओं पर चर्चा की। उन्होने राज्य की नई फिल्म नीति 2024 को फिल्मों को बढावा देने वाला प्रयास बताते हुए राज्य की फ़िल्म नीति के लिए मुख्यमंत्री पुष्क़र सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखण्ड में फ़िल्मांकन के लिए और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में 2024 की फिल्म नीति को मंजूरी दिये जाने के बाद राज्य के पर्यटन स्थलों को देश दुनिया में नई पहचान मिलेगी। नई फिल्म नीति के तहत स्थानीय फिल्मों के लिए दो करोड रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। फिल्मांकन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है ताकि फिल्म निर्माताओं को सुविधा हो। फिल्मों और ओटीटी की शूटिंग पर भी सब्सिडी दी जा रही है। सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को उत्साहित करने के लिए कई अन्य योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के बल पर फिल्म जगत में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके इसके भी प्रयास किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फ़िल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। फ़िल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोज़गार की नयी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही राज्य के पर्यटन को नयी मज़बूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए शूटिंग डेस्टिनशनों को भी पर्यटन विभाग के सहयोग से चिन्हित कर उनको भी शूटिंग के लिए प्रचारित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी प्रचार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2024 से अभी तक उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के ऑनलाइन अनुमति सिंगल विंडो सिस्टम के द्वारा मात्र 8 महीनों में 150 से भी अधिक शूटिंग अनुमतियों प्रदान की गई है। उन्होने कहा की राज्य के संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखण्ड सरकार के अधीन आने वाले विभाग फ़िल्म शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लेंगे ऐसा फ़िल्म पालिसी में प्रावधान किया गया है। फ़िल्म पालिसी में उत्तराखंड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 में प्रादेशिक भाषा की फ़िल्मों के लिए फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी या अधिकतम 2 करोड़ तक, और हिन्दी और भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में आने वाली भाषाओं के लिये फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 30 प्रतिशत या अधिकतम 3 करोड़ तक के अनुदान प्राविधान किया गया है।

अभिनेता अनुपम खेर ने उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सरल शूटिंग अनुमति की प्रक्रिया को सराहते हुए, शूटिंग के लिए प्रदेश को संपूर्ण रूप से फ़िल्मकारों के लिए एक फ़िल्म फ्रेंडली डेस्टिनशन बताया। उन्होंने यहाँ फ़िल्म शूटिंग करना बाक़ी प्रदेशों की तुलना में बहुत ही सरल बताया, और स्थानीय लोगो द्वारा की गई सहायता को भी सराहा। उन्होंने नई फिल्म नीति को फ़िल्म निर्माताओं के अनुकूल बताया। फिल्म अभिनेता श्री खेर ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले कुछ समय से फ़िल्म और वेब सीरीज शूटिंग में तेज़ी आयी है। अभी हाल ही “अनुपम खेर स्टूडियो” की फ़िल्म “तन्वी द ग्रेट” की शूटिंग भी उनके द्वारा लैंसडौन में कि गई जो 36 दिनों में पूर्ण की गई।

इस अवसर उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की बैठक

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आयोजित देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता के दौरान डीआईसीसीसी प्रोजेक्ट तथा इसके कॉम्पनेन्टस को आईटीडीए को सौंपते हुए इसमें पुलिस विभाग की मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करने के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने ब्रिज एण्ड रूफ लिमिटेड तथा डीएससीएल के मध्य विवाद पर निर्णयन हेतु लोक निर्माण विभाग, सिचाई विभाग तथा नियोजन विभाग के अधिकारियों की कमेटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आज की बैठक में डीआईसीसीसी के तहत राजस्व भागीदारी तथा सस्टेनिबिलिटी पॉलिसी तथा उत्तराखण्ड परिवहन निगम को इलेक्ट्रिक बसो को सौंपने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

बैठक में सचिव नितेश झा, विनय शंकर पाण्डेय, बृजेश संत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में होगी फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट की तैनाती, वित्त मंत्री ने दिया अनुमोदन

अब प्रदेश में रजिस्ट्री में फ्रॉड केस होने पर गठित एसआईटी टीम को दस्तावेजों का सैंपल चंडीगढ़ नहीं भेजना पड़ेगा। इसके लिए देहरादून में ही फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट तैनात किया जाएगा। जो पुलिस और एसआईटी टीम के बीच समन्वय का काम करेगा। इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है।

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में रजिस्ट्री में फ्रॉड केस जैसे फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी कागजात, फर्जी लेखनी आदि की शिकायतें मिलती हैं। इसके लिए पूर्व में एक एसआईटी टीम का गठन किया गया था। उन्होंने बताया कि एसआईटी टीम दस्तावेजों की प्रमाणिकता के लिए चंडीगढ़ स्थित फोरेंसिक लैब को दस्तावेज भेजती थी।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि चंडीगढ़ से दस्तावेजों की प्रमाणिकता की रिपोर्ट आने में अधिक समय लगता था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार फॉरेंसिक साइंस एक्सपर्ट की तैनाती देहरादून में करने का विचार कर रही है इससे दस्तावेजों की प्रमाणिकता में लगने वाला समय में बचत होगी और निस्तारण समय पर किया जा सकेगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट पुलिस और गठित एसआईटी के बीच समन्वय का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की धामी सरकार रजिस्ट्री में फ्रॉड केस के मामले में गंभीर है इसी क्रम में राज्य सरकार ने पूर्व में एसआईटी टीम का गठन किया था।

वर्तमान समय में गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाना जरूरीः राज्यपाल

शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार सम्मान समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्ष 2023 में शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कारों के लिए चयनित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2023 के लिए चयनित 19 शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों एवं दुर्गम क्षेत्रों में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिक्षक वास्तव सम्मान के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं शिक्षा के क्षेत्र में आपकी सेवाओं और प्रतिबद्धता के लिए प्रदेशवासियों की ओर से आपका आभार व्यक्त करता हूँ’’।

राज्यपाल ने कहा कि गुरु का स्थान सबसे ऊपर है। राज्य शैक्षिक पुरस्कार से चयनित उत्कृष्ट शिक्षक अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि आज के दिन, विशेष रूप से, हर व्यक्ति को अपने विद्यार्थी जीवन की अवश्य ही याद आती है और अपने शिक्षक भी याद आते हैं। अपने गुरुओं को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि गुरुओं द्वारा दिया गया ज्ञान आज भी मार्गदर्शन और प्रेरणा देता है।

राज्यपाल ने कहा कि समाज एवं राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को विश्व गुरु और विकसित भारत बनाने की दिशा में शिक्षकों की अहम भूमिका होगी। शिक्षकों से कहा बच्चों के सर्वांगीण विकास का दायित्व आप सभी के कंधों पर ही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन शिक्षकों के प्रति आदर सम्मान प्रकट करने का दिन है। आज के दिन सम्मानित हो रहे शिक्षकों ने समाज में ज्ञान का संचार एवं अपने अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देने का कार्य किया है। भारतीय संस्कृति में गुरु का सर्वाेच्च स्थान होता है। शिक्षक हर स्थिति में अपने विद्यार्थी को मार्गदर्शन देने का कार्य करता है। गुरु ही अपने प्रकाश से अंधकार की अज्ञानता को दूर करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन इतिहास में गुरु शिष्य परंपरा का उल्लेख मिलता है। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षक अन्य लोगों को भी प्रेरणा देंगे एवं समाज के लिए रोल मॉडल हैं। गुरु का कार्य शिक्षा देने के साथ ही अपने शिष्य के व्यक्तित्व का निर्माण, अनुशासन एवं समाज के प्रति भावनाओं को जागृत करना भी है। वर्तमान समय में नैतिक शिक्षा की आवश्यकता है। धीरे-धीरे समाप्त हो रहे मूल्यों को पुनः जागृत करने का जिम्मा भी गुरुओं का है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षकों की भूमिका और बढ़ गई है। तकनीकी विकास और वैश्वीकरण के दौर में शिक्षक, छात्रों को संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा राज्य के विकास और नौनिहालों के भविष्य को बनाने में राज्य सरकार शिक्षकों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। राज्य में शिक्षकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। शिक्षकों को नवाचार से जोड़ने पर निरंतर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी शिक्षकों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग से किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शैलेश मटियानी पुरस्कार के तहत मिलने वाली धनराशि को दस हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने की घोषणा की।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सभी के अथक प्रयासों से राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं नवाचारों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रामन ने सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों का स्वागत किया और सम्मान समारोह की विस्तृत जानकारी दी।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरु, शिक्षा विभाग के अन्य उच्च अधिकारीगण और पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं व उनके परिजन उपस्थित रहे।