रोड कटिंग में मनमानी पड़ी भारी, अनुमति निरस्त, मुकदमा दर्ज मशीनरी जब्त

रोड कटिंग कार्य में अनुमति की शर्तों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) की रोड कटिंग अनुमति निरस्त करते हुए कार्य को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पिटकुल की अनुमति पर बैन लगा दिया है। तथा एक्शियन एवं ठेकेदार पर मुकदमा तर्ज किया गया।
एलआईसी बिल्डिंग के पास विद्युत केबल अंडरग्राउंड कार्य में आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधितों के विरुद्ध एक्शन लेने के निर्देश दिए है। जिसके परिपेक्ष में अनुमति निरस्त करते हुए। एक्शियन ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में क्यूआरटी टीम के निरीक्षण में पाया गया कि निर्धारित समय व शर्तों के विपरीत रोड कटिंग की जा रही थी, जिससे यातायात बाधित हुआ और आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ी। जिला प्रशासन ने पिटकुल को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित स्थलों पर तत्काल भरान कर सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। निर्देशों की अवहेलना की स्थिति में संबंधित अधिशासी अभियंता, ठेकेदार व अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता (परियोजना क्रियान्वयन), पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) द्वारा 135 के.वी. आराघर सब-स्टेशन से निर्माणाधीन 132 के.वी. माजरा-लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन को भूमिगत केबिल के माध्यम से बिछाने (कुल लंबाई 1996 मीटर, 5 रोड क्रॉसिंग सहित) हेतु रोड कटिंग की अनुमति का अनुरोध पर परियोजना समन्वय समिति, जनपद देहरादून ने 19.12.2025 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में अधीक्षण अभियंता, नवम वृत्त, लोक निर्माण विभाग, यमुना कॉलोनी, देहरादून / सदस्य सचिव, परियोजना समन्वय समिति द्वारा पत्र 01.01.2026 के माध्यम से निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन 16.01.2026 से 15.02.2026 तक, रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक रोड कटिंग की सशर्त अनुमति प्रदान की गई थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम द्वारा आईएसबीटी क्रॉसिंग एवं सहारनपुर रोड माजरा क्षेत्र में रोड कटिंग स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्यूआरटी टीम द्वारा पाया कि संबंधित एजेंसी द्वारा अनुमति आदेश में उल्लिखित शर्तों एवं प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रोड कटिंग कार्य किया जा रहा है, जिससे आम जनमानस को भारी असुविधा, यातायात बाधा एवं सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा अग्रिम आदेशों तक संबंधित स्थलों पर रोड कटिंग कार्य पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है तथा अनुमति निरस्त कर दी गई है। साथ ही अधीक्षण अभियंता (परियोजना क्रियान्वयन), पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड को निर्देशित किया गया है कि समस्त प्रभावित स्थलों पर सड़क का भरान कर यथास्थिति में रिस्टोरेशन कार्य सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व सीएम हरीश रावत से की शिष्टाचार भेंट, कुशलक्षेम जाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ नेता हरीश रावत से उनके डिफेंस कॉलोनी देहरादून स्थित आवास पर भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हरीश रावत का कुशलक्षेम जाना।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरीश रावत के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अपनी ओर से एक आत्मीय प्रतीक के रूप में अपने खेत में उत्पादित चावल हरीश रावत को भेंट किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भेंट उत्तराखंड की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

हरीश रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस स्नेहिल व्यवहार एवं आत्मीय भेंट के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की यह भेंट राजनीतिक परंपराओं में आपसी सम्मान, सद्भाव और शिष्टाचार का एक सुन्दर उदाहरण है।

संविधान केवल कानून नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इस गरिमामयी सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में सहभागिता करना उनके लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण कर चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से निकला वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का नारा रहा है, जिसने देशवासियों को एक साझा भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान की तथा पीढ़ियों को राष्ट्रप्रेम के सूत्र में बाँधने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया, तब यह केवल नारा नहीं रहा, बल्कि एकता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण का सजीव प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् कोई सामान्य कविता नहीं है, बल्कि यह माँ भारती के प्रति आस्था, समर्पण और कर्तव्यबोध की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रगीत हजारों कंठों से एक साथ गूंजता है, तो केवल स्वर नहीं मिलते, बल्कि हृदय, विचार और संकल्प भी एक हो जाते हैं। इसी भाव को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने भारत विकास परिषद के सभी कार्यकर्ताओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस का यह दिन राष्ट्र के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1950 में स्वतंत्र भारत ने अपना संविधान लागू कर एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी यात्रा आरंभ की। उन्होंने संविधान सभा के सभी सदस्यों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, सत्याग्रहियों और माँ भारती के अमर सपूतों को नमन करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को स्मरण किया। साथ ही उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सेना और पुलिस के वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक मूल्यों और हजारों वर्षों की सांस्कृतिक चेतना का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि जिस भारत के बारे में यह कहा जाता था कि इतनी विविधताओं वाला देश लोकतांत्रिक नहीं रह पाएगा, वही भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में भारत विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आधुनिक बुनियादी ढांचे, स्मार्ट सिटी, राष्ट्रीय राजमार्गों और हवाई कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास को नई गति मिली है। डिजिटल इंडिया, यूपीआई और तकनीकी नवाचारों ने प्रत्येक नागरिक को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों ने देश की आर्थिक नींव को मजबूत किया है तथा उत्पादन और नवाचार के क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सेनाओं के निरंतर आधुनिकीकरण, उन्नत हथियारों और रक्षा प्रौद्योगिकी के माध्यम से सीमा सुरक्षा को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नए आत्मविश्वास के साथ स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उन्हें धरातल पर उतारा है। देवभूमि की सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमी के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सख्त भू-कानून लागू कर देवभूमि को अवैध कब्जों और माफियागिरी से सुरक्षित किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बना है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय की तुलना में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 26 गुना बढ़ चुका है तथा प्रति व्यक्ति आय में लगभग 17 गुना की वृद्धि हुई है। बिजली उत्पादन में कई गुना वृद्धि और सड़कों के नेटवर्क के दोगुना होने से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज किया गया है, जो यह दर्शाता है कि लोग अब रोजगार, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और उन्हें विश्वास है कि प्रदेशवासी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उत्तराखंड सहित पूरे देश को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, सविता कपूर तथा अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

परेड ग्राउंड में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस एवं विभिन्न अधिकारियों को किया सम्मानित

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक अलंकरण कर सम्मानित किया गया साथ विभिन्न अधिकारियों को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।

   परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग द्वारा ‘‘उत्तराखण्ड रजत जयंती और शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ पर आधारित झांकी के अलावा महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, विद्यालयी शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेड़ा), वन विभाग, उद्योग विभाग एवं संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित मनमोहक झाँकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सूचना विभाग की झांकी को प्रथम, संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय तथा विद्यालयी शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

   समारोह में सेना 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी, सी0आर0पी0एफ0, आई०टी०बी०पी०, हिमाचल पुलिस, 40वीं वाहिनी पीएसी, 40वीं वाहिनी महिला दल, उत्तराखण्ड होमगार्ड्स, प्रान्तीय रक्षक दल, एन०सी०सी बॉयज, एन०सी०सी गर्ल्स, अश्व दल, पुलिस संचार, अग्निशमन, सी०पी०यू० ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर सीआरपीएफ, द्वितीय स्थान पर आईटीबीपी और तृतीय स्थान पर 14वीं डोगरा रेजीमेंट आर्मी रहीं, जिन्हें राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

   परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में राज्य के लोक कलाकारों ने सांस्कृृतिक लोक नृत्य का मनमोहक प्रदर्शन किया, जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, गढ़वाली नृत्य, पाइप बैंड आदि का महमोहक प्रदर्शन किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने खूब आनंद लिया।

   कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों, शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों और राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

   परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सांसद नरेश बंसल, सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि गण एवं जनसामान्य लोग भी उपस्थित रहे।

*राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया*

   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

   मीडिया से वार्ता करते हुए राज्यपाल ने भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए लोकतंत्र की सुदृढ़ नींव रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने देश की स्वतंत्रता हेतु बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों तथा सीमाओं एवं तटों पर तैनात सशस्त्र बलों के जवानों को नमन किया।

   राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विश्व गुरु भारत’ के संकल्प को साकार करने में सभी नागरिकों की सहभागिता पर बल दिया।

   राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीकों का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नारी शक्ति और युवाओं द्वारा नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

   राज्यपाल ने ‘राष्ट्र सर्वाेपरि’ की भावना के साथ एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान करते हुए सभी प्रदेशवासियों को देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

*गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिन अधिकारियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया विवरण निम्नवत हैः-*

1-डॉ. नीरज सिंघल, निदेशक पशुपालन विभाग उत्तरखण्ड।
2- मस्तू दास, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड।
3- अरुण कुमार सिंह, अनुभाग अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।
4- राकेश सिंह असवाल, समीक्षा अधिकारी सचिवालय उत्तराखण्ड।

*गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर घोषित राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से राज्य पुलिस बल के अधिकारियों/कर्मचारियों को पदक अलंकरण किया गया-*

1- यशपाल सिंह, निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
2- नरोत्तम बिष्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
3- देवेन्द्र कुमार, आरक्षी 21 नागरिक पुलिस एसटीएफ देहरादून।
4- भूपेन्द्र सिंह मर्ताेलिया, मुख्य आरक्षी एसटीएफ कुमाऊँ।
5- सुनील कुमार, अपर उप निरीक्षक सशस्त्र पुलिस पौड़ी गढ़वाल।
6- सुनील रावत, मुख्य आरक्षी 114 नागरिक पुलिस, जनपद देहरादून।

गंगा तट पर संस्कृति और संगीत का अनुपम संगम, बसंतोत्सव बना आध्यात्मिक चेतना का उत्सव: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज भरत मंदिर, ऋषिकेश में आयोजित वसंतोत्सव 2026 – मैथिली ठाकुर नाइट में सम्मिलित हुए। गंगा के पावन तट पर आयोजित इस भव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संतों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा देश-प्रदेश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पतित-पावनी मां गंगा के श्रीचरणों में नमन करते हुए कहा कि मधुबनी की शान, भजनों एवं लोकगीतों की स्वर साधिका तथा देश की सबसे युवा विधायक मैथिली ठाकुर जैसी प्रतिभा का योगनगरी ऋषिकेश की पावन धरा पर आगमन सभी के लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने पूज्य संतगणों एवं देश-प्रदेश से पधारे श्रद्धालुओ का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने इस विशिष्ट कार्यक्रम के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गंगा के पवित्र तट पर आयोजित यह बसंतोत्सव भजन संध्या संस्कृति और संगीत के अनुपम संगम के माध्यम से लोक संस्कृति और सनातन परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने ऋषिकेश बसंतोत्सव समिति को इस भव्य और भक्तिमय आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश आधुनिक योग और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ सनातन संस्कृति की प्राचीन पुण्य भूमि भी है। सतयुग में इस धरा पर महर्षि रैभ्य को भगवान विष्णु के दर्शन हुए, त्रेतायुग में भगवान श्रीराम ने रावण वध के पश्चात यहीं तपस्या की तथा भरत जी ने भगवान नारायण की स्थापना कर पूजन किया। कालांतर में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा भी इस भूमि पर विशेष पूजन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैथिली ठाकुर ने अपनी साधना, प्रतिभा और संकल्प से यह सिद्ध किया है कि समर्पण, परिश्रम, भक्ति और सेवा भाव से समाज में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैथिली ठाकुर की जीवन यात्रा यह दर्शाती है कि कला और संस्कृति केवल मंच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा भी बनती है। जब आज अनेक युवा पश्चिमी संगीत की ओर आकर्षित हो रहे हैं, तब मधुबनी से निकली इस युवा प्रतिभा ने अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए मैथिली और भोजपुरी लोक संगीत को जन-जन तक पहुंचाया है। उन्होंने वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें ‘कल्चरल एंबेसडर ऑफ द ईयर’ के नेशनल क्रिएटर्स अवॉर्ड से सम्मानित किए जाने का उल्लेख भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में गीत और संगीत के माध्यम से की गई उपासना को ईश्वर से सीधे संवाद का मार्ग बताया गया है। सच्चे मन से की गई स्वर साधना कलाकार को समाज का पथ-प्रदर्शक बना देती है। उन्होंने कहा कि मैथिली ठाकुर जैसी विभूतियां यह स्मरण कराती हैं कि भारत की आत्मा आज भी गांवों की चौपालों, मंदिरों की घंटियों, लोकगीतों की धुनों और मां गंगा की लहरों में जीवित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज सनातन संस्कृति की धर्मध्वजा विश्व में गर्व के साथ फहरा रही है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, बद्रीनाथ-केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे कार्यों से भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिली है। इसी प्रेरणा से उत्तराखंड सरकार भी केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, यमुना तीर्थ पुनरुद्धार जैसी परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना कर संस्कृति और दर्शन के अध्ययन को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। यह प्रतिबद्धता कठोर निर्णयों और साहसिक कदमों के रूप में दिखाई देती है। सख्त धर्मांतरण कानून, दंगा रोधी कानून, नकल विरोधी कानून, भू-कानून, यूसीसी लागू करने सहित भ्रष्टाचार के विरुद्ध अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन और सहयोग से सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को अवश्य पूर्ण करेगी।

अपनी मां से मांगो माफी, वरना होगा जिला बदरः डीएम

देहरादून। बेटों द्वारा प्रताड़ित विधवा ने जिन बेटों को जन्म दिया, वही मां जब अपने बेटों के हाथों पिटने लगे और हर रात जान का डर सताने लगे तब जिला प्रशासन उसके लिए ढाल बनकर खड़ा हुआ। बंजारावाला क्षेत्र की एक लाचार विधवा मां विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से गुहार लगाई कि उसके ही बेटे नशे में उसे पीटतें है, पैसे मांगते है और जान से मारने की धमकी देते है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों की बातों ने उस मां के दर्द की पुष्टि की। प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की तो बेटों को पहली बार अपनी मॉ के प्रति जिम्मेदारी एवं कर्तव्यों का एहसास हुआ।

न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगी, नशा छोड़ने और हिंसा न करने का शपथ पत्र दिया। कानून का डर और मां की चुप पीड़ा दोनों ने मिलकर बेटे को झकझोर दिया। विधवा मां के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी के मामले में जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से दोंनो पुत्रों को अपने कर्तव्यों का बोध हुआ। गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत वाद दर्ज होने के बाद दोनों बेटों ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर नशा छोड़ने और मां के साथ दुर्व्यवहार न करने का वचन दिया। जिला प्रशासन की चेतावनी और कानूनी शिकंजे के बाद दोंनो बेटों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त की।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, विधवाओं व निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जनपद देहरादून के सेलाकुई में स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाई वैल्यू फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में बेहतर सुधार हो सकता है। उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा प्रदेश के किसानों को डूर स्टेप सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सगन्ध पौधा केन्द्र को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया, ताकि सगन्ध पौधा केन्द्र प्रदेशभर में अपनी गतिविधियों को बढ़ा सके।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में उनकी जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एरोमैटिक फसलों का चयन कर प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को इसमें जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को सगन्ध फसलों के उत्पादन में अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तैयार किए जा रहे सैटेलाईट सेंटर्स को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परफ्यूमरी एंड ऐरोमैटिक सेक्टर में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अंतर्गत डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अपने पूर्व में दिए निर्देशों को दोहराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों में भ्रमण कर समीक्षा कर फीडबैक लेने के लिए लगातार दौरे करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य विभागों द्वारा संचालित फल एवं सब्जियों से जुड़े आजीविका की योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान इस सगन्ध पौध उत्पादन और प्रसंस्करण कार्य से जुड़ें इसके लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने की बात दोहराते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण हो सकें इसके लिए जनपदों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।

इस अवसर पर निदेशक सगन्ध पौधा केन्द्र डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि सगन्ध पौधा केन्द्र को खुशबूदार फसलों के वाणिज्यीकरण के लिए एक सफल मॉडल के रूप में विकसित किया है, जो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यह एक बिज़नेस इनक्यूबेटर के तौर पर काम करता है, जो किसानों, उद्यमियों और एसेंशियल ऑयल इंडस्ट्री को सपोर्ट देता है, जिसमें खेती, प्रोसेसिंग और डिस्टिलेशन, मार्केटिंग, क्वालिटी एनालिसिस और स्टैंडर्डाइजेशन ट्रेनिंग और खुशबू वाले सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए दूसरी प्रमोशनल स्कीम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 5 नाली तक के किसानों को मुफ्त रोपण सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है, जबकि 9 एरोमैटिक फसलों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

निदेशक डॉ. चौहान ने बताया कि डिस्टिलेशन यूनिट और ड्रायर के लिए पर्वतीय जनपदों में 75 प्रतिशत तक सब्सिडी और मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख) उपलब्ध करायी जा रही है। किसानों की सहायता के लिए 27 एसेंशियल ऑयल और एरोमैटिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल भी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब के नवीन कार्यकारिणी को दिलाई शपथ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब, परेड मैदान, देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई।

मुख्यमंत्री ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब, प्रदेश की लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त मंच है। उत्तरांचल प्रेस क्लब ने हमेशा अपनी गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखा है। उन्होंने कहा पत्रकारिता, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। यह सरकारों को उत्तरदायी, समाज को जागरूक और आम नागरिक को सजग करता है। स्वतंत्र, जागरूक और जिम्मेदार पत्रकारिता, सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में, सोशल मीडिया के माध्यम से फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएँ तेज़ी से फैल रही हैं, ऐसे में पत्रकारों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। सही तथ्यों के साथ निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग ही समाज को भ्रम से बचा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के पत्रकारों ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में साहस के साथ अपना काम किया है। उन्होंने कहा पत्रकारों की कलम में वह शक्ति है, जो समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ समाधान का मार्ग भी प्रशस्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता एवं आवासीय योजनाओं को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के साथ दिया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत अनेक वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया है। पत्रकार पेंशन में वृद्धि के साथ-साथ, विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों के लिए सूचना विभाग के माध्यम से आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि *उत्तरांचल प्रेस क्लब के भवन निर्माण के मुद्दे को उन्होंने स्वतः ही कैबिनेट में रखा। जिसपर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने कहा जल्द ही यह भवन एक मॉडल भवन के रूप में बनेगा।* मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के अंतर्गत पत्रकार कल्याण कोष का बजट 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड प्रत्येक क्षेत्र की भांति जनसंचार के क्षेत्र में भी अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि *मीडिया सेंटरों के आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा 2026-27 के सामान्य बजट में भी मीडिया सेंटरों को लेकर प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा इससे आने वाले समय में अन्य जिलों में भी पत्रकारों को अच्छी सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि *उत्तराखंड राज्य के प्रति उनका भी ऋण और उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा वो स्वयं भी सामान्य परिस्थितियों से उठकर राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। वो अपने कर्तव्य का निर्वाह करते रहेंगे। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने अपनी कर्तव्यों का निर्वहन पहले भी किया है और आगे भी करते रहेंगे।*

उत्तरांचल प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हमेशा पत्रकारों के कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा पत्रकार, पत्रकारिता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब के भवन निर्माण को लेकर कैबिनेट में हुए फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाई, महामंत्री योगेश सेमवाल, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा, मीना नेगी, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, सम्प्रेक्षक विजय जोशी एवं कार्यकारिणी सदस्य वीरेन्द्र डंगवाल ‘पार्थ’, मनमोहन लखेड़ा, रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल, मनोज सिंह जयाड़ा, हरीश थपलियाल, मनबर सिंह रावत, ओम प्रकाश जोशी, हिमांशु जोशी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, दायित्वधारी डॉ. देवेंद्र भसीन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य सरकार पूर्व सैनिक सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित पूर्व सैनिक मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों और पूर्व सैनिकों की वीर भूमि है और राज्य सरकार उनके सम्मान, पुनर्वास एवं कल्याण के लिए निरंतर संवेदनशील एवं सक्रिय है। उन्होंने कहा कि सैनिक पुत्र होने की वजह से उन्होंने सेना के अनुशासन, त्याग और देशभक्ति को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सैनिकों से संबंधित हर कार्यक्रम में जाने का प्रयास करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर महत्वपूर्ण अवसर पर सैनिकों के बीच जरूर जाते हैं। सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लिए प्रधानमंत्री ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों के तीव्र विकास, सैनिकों के लिए आधुनिक उपकरणों, आवास एवं कल्याण सुविधाओं में लगातार वृद्धि की गई है, जिससे सक्रिय सैनिकों के साथ-साथ पूर्व सैनिक समुदाय का मनोबल और गौरव भी और अधिक बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शहीद आश्रितों, पूर्व सैनिकों और सेवा निवृत्त सैन्य कर्मियों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की शान हैं, जिनके त्याग, बलिदान और अनुशासन के कारण आज भारत सुरक्षित और सशक्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। राज्य सरकार द्वारा सैनिकों को मिलने वाली पुरस्कार एवं सम्मान राशि में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे शहीदों और वीर सैनिकों के सम्मान को और अधिक गरिमा मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले जवानों के परिजनों को सरकारी नौकरी प्रदान करने का संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय धामी सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक 28 शहीद सैनिकों के परिजनों को सरकारी सेवा में रोजगार प्रदान किया जा चुका है, जो सरकार की सैनिक परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह, ब्रिगेडियर केजी बहल, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, ले.जनरल अश्वनी कुमार, मेजर जनरल ओपी राणा, ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, मेजर जनरल देवेश अग्निहोत्री, मेजर जनरल ओपी सोनी, मेजर जनरल आनंद रावत सहित पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

पीएम मोदी मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन देहरादून में बिजनेस उत्तरायणी संस्था द्वारा आयोजित Manthon-2025: 5th National Leader’s Summit (Women’s Special) कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर अपने परिवार समाज और प्रदेश को आगे बढ़ाया है। महिलाएं राज्य की आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी तू नारायणी के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, लखपति दीदी योजना को लागू एवं ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत की नारीशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। महिलाएं उद्योग, कला , शिक्षा, विज्ञान तक, खेल, अनुसंधान, सेना जैसे अनेकों क्षेत्रों में पहचान बना रही हैं

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान करने का काम भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया है। 15 हज़ार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं। राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत भी की गई है। जिसके अंतर्गत हम उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इनहाउस स्टोर्स के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूह बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं। राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है। प्रदेश की मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे कार्य को देखते हुए राज्य सरकार, राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश की महिलाएँ स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। नारीशक्ति द्वारा स्थापित स्टार्टअप आज पारंपरिक कला, कृषि-उत्पादों, शिक्षा, डिजिटल और टेक्नोलॉजी जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स की श्रेणी मिली है। वहीं स्टार्टअप रैंकिंग में भी लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद विनोद उनियाल, वीरेंद्र सेमवाल, गंगा बिष्ट, कर्नल डी.पी. डिमरी ( से नि), मधु भट्ट, गीता खन्ना, नीरज एवं अन्य लोग मौजूद रहे।