आईएमए में राष्ट्रपति ने ली पासिंग आउट परेड की सलामी

भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड (पीओपी) के साथ ही आज भारतीय थल सेना को 319 युवा जांबाजों की टोली मिल गई। इसके साथ ही मित्र देशों के 68 कैडेट भी पास आउट हुए।पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 387 जेंटलमैन कैटेड बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन गए हैं।
68 युवा सैन्य अधिकारी आठ मित्र देशों अफगानिस्तान, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, मालद्वीव, म्यांमार, तंजानिया व तुर्किमेनिस्तान की सेना का अभिन्न अंग बने हैं। इसके बाद देहरादून स्थित प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 63 हजार 668 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है। इनमें मित्र देशों को मिले 2624 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, सीडीएस रावत को किया याद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर निरीक्षण अधिकारी परेड की समीक्षा की और पास आउट हो रहे जेंटलमैन कैडेटों से सलामी ली। उनके साथ में कमांडेंड लेफ्टिनेंट जनरल हरिंद्र सिंह और स्वॉर्ड ऑफ ऑनर विजेता आनमोल गुरुंग भी मौजूद रहे। इसके बाद भावी सैन्य अफसरों की भव्य मार्चपास्ट हुई। समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कैडेट्स को अवॉर्ड से सम्मानित किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए कहा कि जनरल रावत में असाधारण नेतृत्व क्षमता थी। उनकी मृत्यु ने एक शून्यता पैदा की है जिसे भरा नहीं जा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम ऐसे वक्त पर यहां एकत्र हुए हैं जब पूरा देश जनरल बिपिन रावत के असामयिक निधन से सदमे में है। कहा कि उत्तराखंड उनका घर था और उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया था। असाधारण कौशल के लिए उन्हें आईएमए में स्वोर्ड ऑफ आनर से भी सम्मानित किया गया था।
खुद सीडीएस जनरल रावत ने भी अकादमी का गौरव बढ़ाया है। उनसे पहले फील्ड मार्शल केएम करियप्पा, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और कई अन्य असाधारण योद्धाओं एवं रणनीतिकारों ने यहां से एक युवा कैडेट के तौर पर अपने सैन्य कैरियर की शुरुआत की थी। इनमें कुछ ने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया तो किसी ने अपने रणकौशल व नेतृत्व क्षमता से देश का मान बढ़ाया। उन्होंने भरोसा जताया कि वीरता और ज्ञान को समाहित कर जेंटलमैन कैडेट अकादमी की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाएंगे। आईएमए में कड़ा सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने पर कैडेटों को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सैनिक के रूप में उनकी सेवा और समर्पण शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत की ताकत में इजाफा करेगा। कहा कि हमें इस अवसर पर अकादमी से पासआउट कई शानदार अधिकारियों में से एक जनरल बिपिन रावत द्वारा प्राप्त प्रतिष्ठा को याद करना चाहिए। जो अपनी कड़ी मेहनत से भविष्य की पीढ़ी के लिए सैन्य आचरण के रोल मॉडल के रूप में उभरे। 
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा राष्ट्र ध्वज तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराएगा, क्योंकि आईएमए से पास आउट हो रहे बहादुर कैडेट इसके सम्मान की रक्षा करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा समय में देश क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए कैडेटों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आधुनिक दौर के खतरों से निपटने के लिए केवल शारीरिक व मानसिक मजबूती ही काफी नहीं है। उन्हें एक रणनीतिक मानसिकता के साथ ही अनुकूल स्वभाव भी विकसित करना होगा। सैन्य कौशल में सुधार के लिए जरूरी मानसिक लचीलापन भी हासिल करना होगा। राष्ट्रपति ने सेना में शामिल हो रहे युवा अफसरों को अप्रत्याशित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। परेड में दस मित्र देशों के कैडेटों को देख उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि हम अपने देशों के बीच विशेष बंधन को संजोते हैं, और यह भारत के लिए बहुत गर्व की बात है कि मित्र देशों के कैडेट पासआउट हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विदेशी कैडेट आईएमए में अपने प्रशिक्षण के दौरान अपने सहयोगियों और प्रशिक्षकों के साथ बनी मित्रता के अनूठे बंधन को बनाए रखेंगे।
कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए इस बार भी परेड के दौरान हर स्तर पर बेहद सतर्कता बरती जा रही है। आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर परेड सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुई। इस दौरान कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हरिन्द्र सिंह और डिप्टी कमांडेंड आलोक जोशी ने परेड की सलामी ली। इससे बाद जनरल कमांडिंग ऑफिसर ले.जनरल राज शुक्ला ने परेड की सलामी ली। राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी परेड में पंहुचे। पीओपी को सादगी से आयोजित किया जा रहा है। परेड के दौरान ड्रिल स्क्वायर पर मार्चपास्ट, अवार्ड ड्रिस्ट्रीब्यूशन, पीपिंग व ओथ सेरेमनी की रस्म तो निभाई गई, लेकिन जश्न नहीं मनाया गया।

उत्तराखंड से देश को मिले 43 अफसर
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पास आउट होने वाले जेंटलमैन कैडेटों में 43 उत्तराखंड के हैं। यह शनिवार को पासआउट हुए 319 भारतीय कैडेटों की संख्या का 14 फीसदी है। इस बार भी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कैडेटों की संख्या सबसे अधिक 45 हैं।

राज्यवार कैडेटों की संख्या
उत्तर प्रदेश से 45, उत्तराखंड से 43, हरियाणा से 34, बिहार से 26, राजस्थान से 23, पंजाब से 22, मध्य प्रदेश से 20, महाराष्ट्र से 20, हिमाचल प्रदेश से 13, जम्मू कश्मीर से 11, दिल्ली से 11, तमिलनाडु से 7, कर्नाटक से 6, केरल से 5, आंध्र प्रदेश से 5,  चंडीगढ़ से 5, झारखंड से 4, पश्चिम बंगाल से 3, तेलंगाना से 3, मणिपुर से 2, गुजरात से 2, गोवा से 2, उड़ीसा से 2, असम से 2, मिजोरम से 2, छत्तीसगढ़ से 2, मिजोरम से 2

इन्हें मिला अवॉर्ड
स्वॉर्ड ऑफ ऑनर-एसीए अनमोल गुरुंग
ऑर्डर ऑफ मेरिट में स्वर्ण पदक- एसीए अनमोल गुरुंग 
रजत पदक – बीओ तुषार सपरा 
कांस्य पदक – बीसीए आयुष रंजन
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर – केरेन कॉय
श्रेष्ठ विदेशी कैडेट – बीओ सांगे फेनडेन दोरजी (भूटान)
रजत पदक (टीजीसी)जूनियर अंडर आफिसर कुणाल चौबीसा

शीतकालीन सत्र में 1353 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 का दूसरा अनुपूरक बजट 1353 करोड़ रुपए का पेश किया। सत्र के दूसरे दिन रोजगार पर विपक्ष और सरकार के बीच जमकर बहस हुई। सरकार के आंकड़ों से संतुष्ट न होने पर प्रश्न काल में विपक्ष द्वारा रोजगार के मुद्दे पर वॉक आउट किया गया। नेता विपक्ष प्रीतम सिंह और विधायक काजी निजामुद्दीन ने सरकार पर बेरोजगारों को गुमराह करने का आरोप लगाया। प्रीतम सिंह ने कहा कि 2020 में सरकार का दावा था कि 10 लाख को रोजगार दिया गया। अब सदन में कहा गया कि सात लाख को रोजगार दिया गया है। उन्होंने सदन में गलत जानकारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की चेतावनी दी। इसके अलावा विपक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर भी जमकर हंगामा किया।

भाजपा का दावा, 10 लाख से ज्यादा रोजगार दिए
संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत ने मोर्चा संभालते हुए इन आंकड़ों में आउटसोर्स और अन्य रोजगार को न जोड़ने की बात कही। इधर कांग्रेस के आक्रामक रुख पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने मीडिया में बयान जारी कर कहा कि रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष के सवाल औचित्यहीन है,क्योंकि आंकड़े गवाह है कि भाजपा ने अब तक 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता तो 3200 लोगों को रोजगार की सूची देने पर राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा भी कर चुके थे। जबकि 16980 लोग लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग से नियुक्ति पा चुके हैं। 15789 पदों पर चयन प्रक्रिया चल रही है। वहीं आउट सोर्स और अनुबंध सहित अन्य तरह से 1,15159 लॉगो को रोजगार मिला है। इसके अलावा महात्मा गांधी ग्रामीण स्वरोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत लाखों लोगों को रोजगार दिया गया है। पीएमजीएसवाई, सहकारिता, उद्यान, क़ृषि और पर्यटन सहित कई विभागों में लाखों लोगों को रोजगार मिला है। यह आंकड़ा 10 लाख से कहीं अधिक है। हालांकि कोरोना काल में 2 वर्ष पूरे विश्व की स्थिति रोजगार को लेकर डगमगा गई थी ,लेकिन इससे प्रदेश में रोजगार की स्तिथि पर कोई फर्क नहीं पड़ा। सरकार ने सीमित संसाधनों के वावजूद लोगो को इलाज से लेकर भोजन,राशन मुहैया कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आज युवा उत्साहित है और स्वरोजगार की जो योजनाये सरकार ने सन्चालित की है उसके नतीजे आने शुरू हो गये है। वहीं आने वाला समय उत्तराखंड के बेहतरी का है,क्योंकि प्रधानमंत्री ने 10 साल का रोडमैप तैयार किया है और 2025 में उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा।

आठ विधेयक पटल पर रखे गए
गुरुवार से शुरू हुए सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सरकार ने अपना सदन में उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन निरसन विधेयक 2021 समेत आठ विधेयक पटल पर सरकार ने रखे। हाल ही में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम को समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा सरकार नजूल भूमि पर फ्री होल्ड का अधिकार देने के लिए भी सदन में बिल पेश किया। इस बिल के तहत सरकार नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने के लिए नीति को लागू करेगी।

सदन में पेश हुए ये विधेयक
1-उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन निरसन विधेयक, 2021
2-उत्तराखंड पंचायती राज द्वितीय संशोधन विधेयक, 2021
3-आम्रपाली विश्वविद्यालय के विधेयक, 2021
4-उत्तराखंड नजूल भूमि प्रबंधन व्यवस्थापन एवं निस्तारण विधेयक 2021
5-सोसाइटी रजिस्टरीकरण उत्तराखंड संशोधन विधेयक, 2021
6-उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश) लोक सेवा (अधिकरण)(संशोधन) विधेयक 2021
7-उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक, 2021
8-उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडली, विकास एवं विनियमन पुनर्जीवित विधेयक 2021

जनरल रावत की सादगी, सहजता हमेशा हमारे दिलों में रहेगी-सीएम

सीडीएस जनरल बिपिन रावत का तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में बुधवार को निधन हो गया था। इस हादसे में उनकी पत्नी समेत 13 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली पहुंचकर जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने एवं शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी, सहजता हमेशा हमारे दिलों में रहेगी। देश की सेना एवं सीमाओं की रक्षा के लिए जनरल बिपिन रावत के योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि दी। गुरुवार को विधानसभा सत्र के दौरान सदन में जनरल रावत व हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए जांबाजों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।

तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में 13 लोगों की हुई मौत
सीडीएस जनरल बिपिन रावत का तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में बुधवार को निधन हो गया था। इस हादसे में उनकी पत्नी समेत 13 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी।
मुख्यंत्री के कार्यक्रम के अनुसार, शुक्रवार को वह सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। गुरुवार को वह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। गुरुवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत भी दिल्ली पहुंच गए। वहां सीडीएस जनरल बिपिन रावत के आवास पर उनकी बेटियों से मिले। उन्होंने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। शुक्रवार भी वह नई दिल्ली में रहे जहां वह जनरल रावत और उनकी पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के लोगों ने जनरल को दी श्रद्धांजलि

सीडीएस जनरल बिपिन रावत के युद्ध कौशल से चीन और पाकिस्तान घबराते थे। आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी बहादुरी के किस्से सदियों तक लोगों के जेहन में रहेंगे। गुरुवार को बिपिन रावत के गृह राज्य में उत्तराखंड में हर कोई दुखी था। शोक सभाओं को दौर जारी था। उत्तराखंड के कई इलाकों में बाजार बंद रखे गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सभी मंत्री, विधायकों और राजनीतिक दलों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस दौरान लोग भावुक दिखाई दिए। सीडीएस रावत के निधन को राज्य और देश की बड़ी क्षति करार दिया। देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में, श्रीनगर गढ़वाल विवि में, कोटद्वार, उत्तरकाशी और पौड़ी सहित पूरे राज्य में सीडीएस स्व. बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी गई। उनके पैतृक गांव में भी शोक सभा का आयोजन किया गया। जहां आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे।
वहीं उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। आज पहले दिन सीडीएस बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए। वह दिल्ली में जनरल बिपिन रावत की अंत्येष्टि में शामिल होंगे। सत्र का पहला दिन सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन पर शोक संवेदना और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए समर्पित रहा। इस क्रम में शीतकालीन सत्र के प्रथम दिवस पर आज सदन में प्रवेश करने से पूर्व उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व अन्य मंत्री विधायकों ने जनरल बिपिन रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके अलावा सत्र की अवधि एक दिन बढ़ाई गई है। 11 दिसंबर को भी सदन संचालित किया जाएगा। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सदन की कार्यवाही का एजेंडा तय किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने जनरल बिपिन रावत के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए पहले दिन श्रद्धांजलि अर्पित करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर समिति के सदस्यों ने सहमति प्रकट की। बुधवार को विधानसभा भवन स्थित सभागार में स्पीकर अग्रवाल की अध्यक्षता में दलीय नेताओं और कार्य मंत्रणा की बैठक में निर्णय लिया गया कि शोक संवेदना के साथ ही सदन पूरे दिन के लिए स्थगित रहेगा। सदन की गैलरी में सभी सदस्यों की ओर से स्व.विपिन रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। पहले दिन शोक संवेदना व्यक्त कर सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और भारतीय सेना के अधिकारियों व सैनिकों की हेलीकॉप्टर हादसे में मृत्यु बेहद दुखद और पीड़ादायी है। जनरल रावत के निधन से देश ने वीर सपूत खो दिया। वह भारत राष्ट्र और उत्तराखंड के गौरव थे। गुरुवार को सदन में जनरल रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत के आकस्मिक निधन पर प्रदेश में तीन दिन (9 से 11 दिसंबर) का राजकीय शोक घोषित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड निवासी सीडीएस जनरल रावत अपनी विलक्षण प्रतिभा, परिश्रम, अदम्य साहस व शौर्य के बल पर सेना के सर्वाेच्च पद पर पहुंचे। जनरल रावत ने देश की सुरक्षा व्यवस्था और भारतीय सेना को नई दिशा दी। सीमाओं की सुरक्षा और देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा कई साहसिक निर्णय लिए गए। साथ ही सैन्य बलों के मनोबल को हमेशा ऊंचा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल रावत के आकस्मिक निधन से न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि देश की अपूरणीय क्षति हुई है। हम सबको अपने इस महान सपूत पर हमेशा गर्व रहेगा। उन्होंने दुर्घटना में दिवंगतों की आत्मा की शांति और शोक संतप्त स्वजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत जवाबी कार्रवाई के एक्सपर्ट थे। सैम मानेक शॉ के बाद वह दूसरे ऐसे जनरल थे जो युद्ध रणनीति में माहिर थे और स्वयं युद्ध क्षेत्रों में पहुंचते थे। उनके रणनीतिक कौशल के चलते चीन और पाकिस्तान की सेनाएं भी उनसे घबराती थीं। यह कहना है कि सेना के ले. कर्नल (रिटायर्ड) एसपी गुलेरिया का। कर्नल गुलेरिया ने कहा कि चीन ने भूटान और सिक्किम के बॉर्डर पर गतिविधियां बढ़ाईं लेकिन जनरल बिपिन रावत की रणनीति ने चीन को भूटान के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से रोके रखा।
सीमा पर चल रहीं गतिविधियों को रोकने के लिए उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक भी कराई। मेजर जनरल रहने के दौरान यूएनओ में शांति सेना का भी उन्होंने नेतृत्व किया था। उनका युद्ध करने का जो तरीका था, वह अपने आप में अनूठा था। वे दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में युद्ध का विशेष अनुभव रखते थे। सेनाध्यक्ष रहने के दौरान उन्हीं की रणनीति से पाकिस्तान की सीमा से घुसपैठ की घटनाओं में कमी आई और सीमा पर जवानों की मौतों में कमी आई। उनके अनुभव और कौशल से ही पाकिस्तान और चीन को डर था कि उनकी सेनाएं जनरल बिपिन की रणनीति के सामने नहीं टिक पाएंगी।
कर्नल गुलेरिया ने कहा कि जनरल रावत ने सुरक्षा के क्षेत्र में देश के लिए बहुत कुछ किया। उनका निधन देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। देश को उनकी कमी हमेशा खलेगी। सीडीएस जनरल बिपिन रावत वर्ष 2017 में थल सेनाध्यक्ष रहने के दौरान सीमांत पिथौरागढ़ जिले में भी आए थे। तब उन्होंने पूर्व सैनिकों की समस्याओं को भी सुना था और उन्हें समस्याओं के समाधान करने का भरोसा भी दिया था। सेना ब्रिगेड में अधिकारी, जवानों और सेवानिवृत्त सैनिकों को संबोधित करने के दौरान उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का पूरा ध्यान रखने का आश्वासन दिया था। उन्होंने इसके लिए सेना के अधिकारियों को भी पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से पूरा मेल-मिलाप रखने के निर्देश दिए थे।

राज्यपाल ने जनरल के साथ बिताये पलो को याद कर भावपूर्ण पोस्ट किया

जनरल बिपिन रावत, हमारे गौरव, देश के पहले सीडीएस। 50 साल तक दोस्त और साथी, एनडीए स्क्वैड्रन साथी का जाना, असहनीय क्षति। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत के दुर्घटना में असामयिक निधन पर अपनी पीड़ा कुछ इस तरह व्यक्त की। इंटरनेट मीडिया पर संक्षिप्त लेकिन भावपूर्ण पोस्ट में उन्होंने जनरल बिपिन रावत के साथ अपने कार्यकाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ब्रिगेड कमांडर के रूप में उन्होंने साथ काम किया। कई पेशेवर काम भी दोनों ने साथ अंजाम दिए। उनका निधन बहुत बड़ा नुकसान है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने बीती नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत के साथ मुलाकात का जिक्र भी किया। जनरल रावत राज्यपाल के निमंत्रण पर राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजभवन पहुंचे थे। राज्यपाल ने कहा कि पेशेवर जीवन में दोनों के बीच कई सुंदर स्मृतियां रही हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही दोनों ने उनका स्मरण किया था। जनरल रावत को उत्तराखंड के पौड़ी जिले का माटी पुत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका निधन असहनीय क्षति है। राज्यपाल ने दुर्घटना में मारे गए अन्य सैन्य अधिकारियों व कार्मिकों के निधन को त्रासदी करार दिया। उन्होंने दुर्घटना में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण के जीवन की रक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

संतों ने दी मृतकों को श्रद्धांजलि
तमिलनाडु में हुए हेलीकाप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और पत्नी मधुलिका रावत सहित सैन्य अधिकारियों की मौत पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने शोक जताया है। हरिद्वार के संतों ने भी अपनी शोक संवेदना जताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज (निरंजनी अखाड़ा) ने कहा कि जनरल बिपिन रावत उत्तराखंड की शान और मां भारती के सच्चे सपूत थे। उनके नेतृत्व में देश की सेना ने चीन और पाकिस्तान के सैनिकों को सीमाओं से पीछे धकेल कर रखा। उन्होंने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाया है। उनका निधन देश के लिए अपूर्णीय क्षति है। श्रीमहंत रोवद्र पुरी महाराज ने कहा कि यह हादसा पूरे देश के लिए दुखद है। जनरल रावत में अदभुत नेतृत्व क्षमता थी।

सीएम ने दिल्ली जाकर जनरल के परिवार से की मुलाकात, शोक संवेदनाएं दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में जनरल बिपिन रावत के आवास पर उनके परिवार जनों से भेंट कर शोक संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत जी और उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का निधन बहुत बड़ी अपूरणीय क्षति है। उनका निधन देश के लिए विशेषकर उत्तराखण्ड राज्य की बहुत बड़ी हानि है, साथ ही मेरे लिए भी। सैनिक पुत्र होने के नाते हमेशा मेरा मार्ग दर्शन करते रहते थे। उनकी सादगी, सहजता हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। कभी लगता नहीं था कि किसी जनरल से मिल रहे हैं। पहली बार मुख्य सेवक बनने के बाद जब मिले तो मेरे पिताजी की रेजीमेंट (महार रेजिमेंट) सागर जाने का कार्यक्रम उन्होंने बनाया हुआ था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे। भगवान उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे।

सीएस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरूवार को सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गयी। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव हेतु प्रत्येक बूथ कनेक्टेड हो इसके लिए सभी सड़कों एवं ट्रैकिंग रूटों की मरम्मत 31 दिसम्बर तक कर ली जाए, ताकि पोलिंग टीम और मतदाताओं को कोई परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर और नोडल ऑफिसर की तैनाती 12 दिसम्बर तक सुनिश्चित कर ली जाए, इसके साथ ही जिन अधिकारियों की तैनाती गृह जनपदों में है या जिन्हें एक ही स्थान पर 3 वर्ष से अधिक हो गए हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से शीघ्रअतिशीघ्र स्थानान्तरित कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रत्येक बूथ में एश्योर्ड मिनिमन फैसिलिटी (रैंप, बिजली, पेयजल, टॉयलेट आदि) की उपलब्धता 21 दिसम्बर, 2021 तक सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव की दृष्टि से संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया जाए। इसके साथ ही अन्य राज्यों से लगे जनपद सहयोग हेतु 20 दिसम्बर तक बॉर्डर कॉर्डिनेशन मीटिंग्स आयोजित कर लें। इस अवसर पर मुख्य चुनाव अधिकारी सौजन्या सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी भी उपस्थित थे।

सीएम ने सीडीएस के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत जी के आकस्मिक निधन पर प्रदेश में 3 दिन (9-10-11 दिसंबर 2021) का राजकीय शोक घोषित करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकाप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत व अन्य अधिकारियों की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने जरनल रावत के आकस्मिक निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जनरल रावत ने महान योगदान दिया है। देश की सीमाओं की सुरक्षा एवं देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा लिये गये साहसिक निर्णयों एवं सैन्य बलों के मनोबल को सदैव ऊंचा बनाये रखने के लिए उनके द्वारा दिये गये योगदान को देश सदैव याद रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत की परवरिश उत्तराखण्ड के छोटे से गांव में हुई। वे अपनी विलक्षण प्रतिभा, परिश्रम तथा अदम्य साहस एवं शौर्य के बल पर सेना के सर्वाेच्च पद पर आसीन हुए तथा देश की सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं भारतीय सेना को नई दिशा दी। उनके आकस्मिक निधन से उत्तराखण्ड को भी बड़ी क्षति हुई है। हम सबको अपने इस महान सपूत पर सदैव गर्व रहेगा।
वहीं, मुख्यमंत्री आवास में विधानमण्डल दल की बैठक के अवसर पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हेलीकाप्टर दुर्घटना में हुए आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि आर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से भी जनरल रावत का विशेष लगाव था। राज्य के विकास की उनकी सोच थी। अभी हाल ही में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी पत्नी के साथ वे देहरादून आये थे, उनका आकस्मिक निधन उत्तराखण्ड के लिए बड़ा ही दुःखद है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ हरक सिंह रावत, बंशीधर भगत, सुबोध उनियाल, बिशन सिंह चुफाल, स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक हरवंश कपूर, हरभजन सिंह चीमा सहित अन्य विधायकगणों ने भी जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सरकार ने दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि 5 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम, सर्वे चौक, देहरादून में दुग्ध विकास विभाग के अंतर्गत संचालित दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया एवं योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को डी.बी.टी के माध्यम से दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मैदानी क्षेत्रों के दुग्ध समितियों के सचिव हेतु 50 पैसा प्रति लीटर दूध में प्रोत्साहन राशि एवं पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध समितियों के सचिवों हेतु 1 रुपये प्रति लीटर दूध में प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की। दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन राशि को 4 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर किए जाने की घोषणा के साथ ही हल्द्वानी में दुग्ध विकास विभाग के निदेशालय हेतु जल्द से जल्द धनराशि जारी करने की घोषणा की।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पाद काश्तकारों से जुड़ी हर समस्या का समाधान सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा आज इस दूध मूल्य प्रोत्साहन योजना से करीब 53,000 लोगों को सीधे-सीधे लाभ होगा। उन्होंने कहा यह राशि डी बी टी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में जाएगी, उन्होंने कहा इस तरह की योजना आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र सबका साथ सबका विकास एवं सबके विश्वास के साथ हमारी सरकार लगातार हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा दुग्ध क्रांति के क्षेत्र में हम सभी की सामूहिक भूमिका है। उन्होंने कहा 25 वर्ष में दुग्ध बागवानी एवं पशुपालन जैसे हर क्षेत्र में हमारा राज्य नंबर वन बने इसके लिए हमारी सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के विकास यात्रा हम सभी की सामूहिक यात्रा है। उन्होंने कहा दूध उत्पादों से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का समाधान करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है उन्होंने कहा आने वाले समय में सरकार दूध विकास विभाग के साथ समन्वय कर इससे जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देगी जिससे आगे दूध उत्पादन बढ़ाए जाने पर सरलता मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हम सभी आपसी तालमेल एवं सहयोग से उत्तराखंड में श्वेत क्रांति लाएंगे। उन्होंने कहा दुग्ध उत्पाद क्षेत्र में हमारा प्रदेश आत्मनिर्भर, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम बने इसके लिए विभाग लगातार नई योजना धरातल में उतारने का काम कर रहा है। विभिन्न जिलों से आए दुग्ध विकास समिति के अध्यक्षों का धन्यवाद करते हुए उन्हें और लगन और धरातल में उतर कर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।

अब पीआरडी जवानों को सीएम ने दी कई सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज, रायपुर, देहरादून में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ 2021 का शुभारंभ किया। 8 दिसम्बर 2021 से चलने वाले इस खेल महाकुंभ में तीन आयुवर्ग अण्डर-14, अण्डर-17 एवं अण्डर-21 में बालक एवं बालिकाओं की कुल 12 खेल विधाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर, जिला स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले मंगल दलों को वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के राज्य स्तरीय विवेकानन्द यूथ अवार्ड प्रदान किये।

खेल महाकुंभ के शुभारम्भ अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खेल महाकुंभ-2021 में प्रतिभाग करने वाले सभी खिलाड़ियों को नई खेल नीति के अनुसार सभी सुविधाएं अनुमन्य कराई जायेंगी। पीआरडी स्वयं सेवकों को भी होमगार्ड जवानों की भांति प्रतिदिन 70 रूपये मानदेय बढ़ाया जायेगा। पीआरडी स्वयं सेवकों को सामाजिक सुरक्षा बीमा का लाभ दिया जायेगा एवं पीआरडी स्वयं सेवक की ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। पीआरडी स्वयं सेवकों को प्रत्येक वर्ष 300 दिन का कार्य दिया जायेगा।

उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विकल्प रहित संकल्प का होना जरूरी
मुख्यमंत्री ने खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कर रहे सभी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों का महत्व हमारे जीवन में सूर्य के उस प्रकाश की भांति हैं, जो अपनी पहली किरण के साथ अंधकार को मिटाता है। खिलाड़ियों में समयबद्धता, धैर्य एवं अनुशासन बनाने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेल के क्षेत्र में अपने बचपन की यादों को भी साझा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए समय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जीवन में समय का सदुपयोग बहुत जरूरी है, समय कभी वापस लौटकर नहीं आता। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विकल्प रहित संकल्प का होना जरूरी है। यदि मन में उत्साह हो तो, कार्य के प्रति ऊर्जा स्वतः ही आ जाती है। उन्होंने प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद का उदाहरण देते हुए कहा कि ध्यानचंद की खेल भावना और देश के प्रति समर्पण जग जाहिर है।

नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के किए गये हैं प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों व खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए खेल नीति-2021 लागू की गई है। खेल नीति में खिलाड़ियों के उन्नयन, खेल प्रतिभाओं को तलाशने, निखारने व उभारने, खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने, खिलाड़ियों के नियोजन, सामान्य आहार के साथ-साथ बेहतर डाइट की व्यवस्था, खिलाड़ियों के लिए रोज़गार के अवसर तथा सम्बंधित पूर्ण सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। युवाओं में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। राज्य के हर ग्राम पंचायत में ’’स्वस्थ युवा स्वस्थ उत्तराखंड’’ योजना के अन्तर्गत ओपन जिम खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने वाली वंदना कटारिया को राज्य ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान’ का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। युवा कल्याण एवं प्रान्तीय विकास दल के युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को स्वावलम्बन हेतु 6 माह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड खेल प्रदेश के रूप में अपनी अलग पहचान बनायेगा।

सचिव खेल को दिये निर्देश विगत में कराए गए सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में दी जाए
मुख्यमंत्री ने सचिव खेल को निर्देश दिये कि खेल विभाग द्वारा विगत में कराए गए सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में दी जाए। यह सुनिश्चित किया जाय की कार्य की गुणवत्ता के प्रति कोई लापरवाही न हो। कार्य के प्रति लापरवाही दिखाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाय।

ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को खोजा रहा-खेल मंत्री
खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कर रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल महाकुंभ के आयोजन से खिलाड़ियों को प्लेटफॉर्म मिल रहा है। ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को खोजा रहा है। राज्य की नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधाएं देने का प्रयास किया गया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति में जो व्यवस्थाएं की गई हैं, ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को आने वाली कठिनाइयों का निवारण किया गया है।
इस अवसर पर सचिव खेल दीपेन्द्र चौधरी, खेल निदेशक जी.एस. रावत, खेल, युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल के अधिकारी एवं खेल महाकुंभ 2021 में प्रतिभाग करने वाले सभी जनपदों के खिलाड़ी मौजूद रहे।