धामी सरकार की खेल नीति और कैबिनेट के निर्णय

शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी दी।
उत्तराखण्ड खेल नीति को मंजूरी।
उत्तराखण्ड पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन एवं पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इण्डिया लि. के अंतर्गत निर्मित होने वाले 66 के.वी. एवं इससे अधिक क्षमता वाले पारेषण लाईनों हेतु मुआवजे के लिये भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप मूल्य भूमि का 15 प्रतिशत क्षतिपूर्ति के रूप में देने का निर्णय।
न्याय विभाग के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं इंटरनेट सुविधाओं से सुसज्जित विशेष मोटर वाहनों के माध्यम से सचल न्यायालय इकाइयों द्वारा उत्तराखण्ड के न्यायालयों में साक्ष्य इत्यादि अभिलिखित करने की योजना को मंजूरी।
राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत आवंटित खाद्यान्न पर राशन विक्रेताओं का लाभांश 18 रू. प्रति कुन्तल से बढ़ाकर 50 रू. प्रति कुंतल किया गया।
उत्तराखण्ड वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग में 2 वर्ष का दैनिक श्रम की अवधि की सेवा को ए.सी.पी के अंतर्गत जोड़ने का निर्णय लिया गया।
वर्ग 3 भूमि के पट्टेदारों/कब्जेधारकों तथा वर्ग 4 भूमि के अवैध कब्जेधारकों में से अनुसूचित जाति एवं जनजाति एवं बीपीएल परिवारों को 3.125 एकड़ भूमि को निःशुल्क विनियमितीकरण को मंजूरी।
उत्तराखण्ड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सोप स्टोन पाउडर पर लागू करने का निर्णय।
राज्य के पर्वतीय भागों में पर्याप्त पार्किंग स्थान उपलब्ध कराने के लिये टी.एच.डी.सी इण्डिया लि. को लोक निर्माण विभाग में इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं के लिये प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के तहत मंजूरी।
श्री बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत प्रभावित होने वाली भूमि, भवन, लॉज आदि भूमि एवं भवन स्वामियों की सहमति के आधार पर प्रतिकर दिये जाने का निर्णय।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल राजपत्रित सेवा नियमावली संशोधन को मंजूरी।
सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1860 की धारा 5 क में संशोधन का निर्णय।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में नॉन बॉण्डेड छात्रों के लिये एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में
शुल्क निर्धारण वर्तमान वर्ष से मंजूरी।
उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विभाग टेक्नीशियन (लैब, ओटी, डेंटल इत्यादि) संवर्ग सेवा नियमावली संशोधन को मंजूरी।
उत्तराखण्ड अपर निजी सचिव चयन में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्था/विश्वविद्यालय से एक वर्षीय कम्प्यूटर पाठ्यक्रम के प्रमाण पत्र की शर्त समाप्त।
उत्तराखण्ड मेगा इंडस्ट्रियल एवं इनवेसमेंट नीति – 2021 को मंजूरी।
उत्तराखण्ड मेगा टेक्सटाइल पार्क पॉलिसी 2014 संशोधन की मंजूरी।
प्रत्येक जनपद के न्याय पंचायत में मधुग्राम स्थापना के लिये एपिस सेरेना इण्डिका के 25 मौनपालकों को 20-20 तथा तराई/मैदानी न्याय पंचायतों में एपिस मैलीफेरा के 20 मौनपालकों को 25-25 मौनवंश एवं मौनगृह तथा प्रत्येक मधुग्राम में 500-500 मौनवंश एवं मौनगृह वितरित किये जायेंगे।
केदारनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत प्रायोजित विभिन्न निर्माण कार्यों निविदा कार्यों में शिथिलीकरण को मंजूरी।
उत्तराखण्ड आबकारी प्रीमियम रिटेल वैण्डस शॉपिंग मॉल्स/डिपार्टमेंटल स्टोर/हवाई अड्डा में स्थित दुकान के अनुज्ञापन का व्यवस्थापन नियमावली 2021 को मंजूरी।
दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना में 33 प्रतिशत सब्सिडी एवं 10 लाख के मानक को बढ़ाकर 50 प्रतिशत सब्सिडी एवं 15 लाख जो कम हो को मंजूरी।
भोजन माता के वेतन मानदेय को 2 हजार रूपये बढ़ाकर 3 हजार रूपये करने का निर्णय।
पी.आर.डी. जवान के वेतन मानदेय में प्रतिदिन 70 रू. की दर से 2100 करने को मंजूरी।

क्या है खेल नीति 2021-
खेल नीति 2021 का उद्देश्य मुख्यतः दो विषयों को समावेशित करता है-
सभी के लिये खेल एवं खेलों में उत्कृष्टता 2 ई कल्चर (इलैक्ट्रनिक कल्चर) से पी कल्चर (प्ले फील्ड कल्चर) की ओर खेल नीति के सफल क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना संबंधित प्रमुख बिन्दु-

प्रतिमा श्रृंखला विकास
खेल प्रतिभाओं को आरम्भिक आयु 8 वर्ष से ही पहचानने एवं उनको तराशने हेतु प्रतिभा श्रृंखला विकास योजना को लागू किया जायेगा। उच्च प्राथमिकता वाले खेलों हेतु स्थापित किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना ऽ
राज्य के उदीयमान खिलाडियों को प्रतिवर्ष आवश्यक बैड़ी टेस्ट एवं उसकी दक्षता की मैरिट के आधार पर 8 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु के बालक-बालिकाओं प्रति जनपद 150-150 प्रति जनपद अर्थात पूरे राज्य में 1950 बालकों एवं 1950 बालिकाओं कुल 3900 उदीयमान खिलाडियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना अन्तर्गत धनराशि रू0 1500 प्रतिमाह उपलब्ध करायी जाएगी।

मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना
राज्य के प्रतिभावान खिलाडियों को उनकी खेल सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति से उन्हें खेलों में और अधिक मनोयोग से प्रतिभाग करने हेतु 14 वर्ष से 23 वर्ष तक की आयु के प्रतिभावान खिलाड़ियों को जनपद स्तर पर छात्रवृत्ति, खेल किट, ट्रैकसूट एवं खेल संबंधी अन्य उपस्कर आदि उपलब्ध कराये जाएंगे। प्रतिवर्ष यह सुविधा प्रति जनपद 100-100 ( कुल 2600) प्रतिभावान बालक-बालिकाओं को प्रति खिलाड़ी रू० 2000 प्रतिमाह की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जायेगी एवं खेल उपस्कर हेतु प्रतिवर्ष धनराशि रू0 10 हजार की सीमा तक मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम अन्तर्गत उपलब्ध करायी जाएगी।

खिलाड़ियों को नियुक्ति
राज्य की सेवाओं में उच्च स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को समूह ख एवं ग में चयनित विभागों के चयनित पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया का सरलीकरण किया जायेगा।

मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना
राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने हेतु निजी क्षेत्र द्वारा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, खेल अकादमी, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन कोष की स्थापना की जाएगी।

खिलाड़ियों के पुरस्कार राशि में 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत की वृद्धि
प्रतिवर्ष पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार की धनराशि में प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी। खिलाड़ियों हेतु दुर्घटना बीमा एवं आर्थिक सहायता 30 प्रतिशत से 50 प्रतिशत राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रशिक्षण एवं राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के समय होने वाली खेल दुर्घटनाओं/खेल इन्जरी

सरकार सख्त, 150 से अधिक डॉक्टरों के खिलाफ कुर्की के नोटिस जारी

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में बांड की व्यवस्था लागू की है। इसके एवज में डॉक्टरों को कुछ साल पहाड़ के अस्पतालों में सेवाएं देनी होती हैं। इसके उलट सैकड़ों डॉक्टर सस्ती पढ़ाई का लाभ लेकर पहाड़ पर सेवाएं देने से मुकर गए। बांड की शर्तों का उल्लंघन करने पर राज्य के 150 से अधिक डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने कुर्की के नोटिस जारी कर दिए हैं। इससे बांड वाले डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।
इन डॉक्टरों को अस्पतालों में तैनात करने के कई जतन किए गए पर सफलता नहीं मिली। अब इन डॉक्टरों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की ओर से ऐसे 30 डॉक्टरों की सूची संबंधित जिलों के डीएम को दी गई थी। इस पर जिलाधिकारियों की ओर से उक्त डॉक्टरों को कुर्की के नोटिस जारी कर दिए गए हैं। ऐसे ही हल्द्वानी से मिली सूची के आधार पर भी कई जिलों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत का कहना है कि सभी सीएमओ से अस्पतालों से गायब बांड वाले डॉक्टरों की सूची मांगी गई है। ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अन्य डॉक्टर भी जो अस्पताल से गायब होंगे, उन्हें तत्काल हटाया जाएगा। बांड वाले डॉक्टरों से ज्वाइन न करने पर हर हाल में वसूली करने को कहा गया है।

डॉक्टरों के गायब होने से सरकार को हो रहा नुकसान
उत्तराखंड में डॉक्टरों के साथ समय-समय पर संशोधित नियमों के अनुसार बीस लाख से एक करोड़ रुपये तक के बांड साइन किए गए। एमबीबीएस डॉक्टर जहां 20 लाख से पचास लाख रुपये तक बांड के दायरे में हैं वहीं, पीजी वाले बांडधारी डॉक्टरों के साथ एक करोड़ रुपये तक के बांड साइन किए गए हैं। इन डॉक्टरों के गायब रहने से सरकार को नुकसान हो रहा है।

एक डॉक्टर ने जमा कराए 34 लाख रुपये
बांड वाले डॉक्टरों पर कुर्की के शिकंजे के बाद इसका असर दिखना भी शुरू हो गया है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर, बांड के 34 लाख रुपये जमा करा चुके हैं जबकि कई डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया है।

सीएम ने दिया टास्क, 15 दिसम्बर तक स्वरोजगार योजनाओं में लक्ष्य पूरा करें

जिलाधिकारी प्रत्येक सप्ताह विभिन्न योजनाओं के तहत दिये जाने वाले लोन की समीक्षा करें।
केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
लोन के लिए अनावश्यक आपत्ति लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जिला स्तरीय अधिकारियों एवं बैंकर्स द्वारा कैंप लगाकर जन समस्याओं का समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति बैठक ली
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सचिवालय में स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस वर्ष विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन देने का लक्ष्य रखा गया है, उस लक्ष्य को 15 दिसम्बर 2021 तक पूर्ण किया जाय। संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बैंकर्स आपसी समन्वय स्थापित कर हर हाल में लक्ष्य पूर्ण करें। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन दिये जा रहे हैं, उनकी प्रत्येक सप्ताह प्रगति समीक्षा की जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की विभिन्न माध्यमों से लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन दिये जा रहे हैं, उनकी आम जन को जानकारी हो। इसके लिए जिलाधिकारियों एवं बैंक के अधिकारियों द्वारा अभियान चलाया जाय। एक ही जगह पर लोगों की लोन की समस्या का समाधान हो, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी कैंपों के माध्यम से जन समस्याओं का समाधान करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 15 दिसम्बर 2021 तक निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने के साथ ही जिन योजनाओं में अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, लक्ष्य से अधिक लोन स्वीकृत करने के लिए प्रयास किये जाए। अनावश्यक आपत्तियां लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाय। बैंकों द्वारा आवेदन प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर लोन की सम्पूर्ण कार्यवाही की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ लोगों को समय पर मिले। अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत बढ़ाये गये लक्ष्य को भी समय पर पूर्ण कर लें। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोन स्वीकृति की स्थिति पर निगरानी के लिए जिलाधिकारी निरन्तर बैंकर्स के साथ समन्वय स्थापित करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम स्टे, स्पेशल कम्पोनेंट प्लान, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, एन.यू.एल.एम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन प्रोग्राम, स्टैण्ड अप इण्डिया, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, एस. ए. मुरूगेशन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित थे।

उत्तराखंड को केन्द्रीय मंत्री ने आपदा सहायतार्थ 22.5 करोड का चेक सौंपा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की वर्चुअल उपस्थिति में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह द्वारा मंगलवार को श्रम शक्ति भवन, नई दिल्ली में उत्तराखण्ड में आपदा प्रभावितों के सहायतार्थ सी.एस.आर. के अंतर्गत 7 पॉवर पीएसयू के सौजन्य से संकलित कुल रू 22.5 करोड़ का चेक आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को प्रदान किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में सचिवालय से वर्चुअल प्रतिभाग कर इस राज्य को प्रदान की गई सहायता के लिए केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर में अतिवृष्टि से उत्तराखण्ड को काफी नुकसान हुआ था। इस आपदा से निपटने के लिए केन्द्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिला। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह एवं ऊर्जा मंत्री आर. के सिंह का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र से हमें 3 हेलीकॉप्टर मिले जिसकी वजह से हम 500 से अधिक लोगों की जान बचा पाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से उत्तराखण्ड संवेदनशील राज्य है। हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। उन्होंने कहा कि उतराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश के रूप में अग्रणी राज्य बनाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके लिए केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री श्री आर. के. सिंह का पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए उन्होंने श्री आर. के. सिंह का आभार भी व्यक्त किया।
केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड पूरे देश के लिए पूजनीय राज्य है। इस राज्य का अलग महत्व है। श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। उत्तराखण्ड के विकास के लिए जो हो सकता है, सब किया जायेगा।
आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को हर संभव सहयोग दिया गया। इसके लिए उन्होंने केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया। आपदा प्रभावितों के लिए दी गई इस सहायता के लिए उन्होंने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री का आभार व्यक्त किया।
उत्तराखण्ड में आपदा प्रभावितों के सहायतार्थ सी.एस.आर. के अंतर्गत 7 पॉवर पीएसयू द्वारा संकलित कुल 22.5 करोड़ रू की धनराशि का जो चेक प्रदान किया गया। उसमें एनटीपीसी द्वारा 8 करोड़ रू, आरईसी द्वारा 5 करोड़ रू., पीएफसी द्वारा 4 करोड़ रू., पीजीसीआईएल द्वारा 3.5 करोड़ रू., एनएचपीसी द्वारा 01 करोड़ रू. टीएचडीसी द्वारा 0.5 करोड़ रू.एवं एसजीवीएन द्वारा 0.5 करोड़ रू की धनराशि का सहयोग प्रदान किया गया है।

विभिन्न विकास कार्यों को सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र पुरोला के अन्तर्गत मठ लमकोठी मोटर मार्ग के कि.मी. 2 से 5 तक विस्तार कार्य हेतु रूपये 76.78 लाख, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 38.76 लाख, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 148.40 लाख, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत रानीगढ़ लैणी-बुढ़वा-सौड मोटर मार्ग का पीसी द्वारा डामरीकरण हेतु रूपये 389.22 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत गैंरखेत से लखमरा तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण हेतु रूपये 122.90 लाख, विधानसभा क्षेत्र रूड़की के अन्तर्गत विभिन्न 2 मोटर मार्गों हेतु रूपये 392.38 लाख, विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के अन्तर्गत वार्ड सं0-89 के मार्ग एवं नाली का निर्माण हेतु रूपये 241.93 लाख, विधानसभा क्षेत्र रायपुर के अन्तर्गत वार्ड संख्या-66 के आंतरिक क्षतिग्रस्त मार्गों पर इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण कार्य हेतु 76.40 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के अन्तर्गत पाली बैण्ड से पाली गांव तक हल्का वाहन मार्ग से मोटर मार्ग में परिवर्तन एवं मोटर मार्ग का विस्तार हेतु रूपये 50.17 लाख, विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के ही विभिन्न 5 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 233.97 लाख, विधानसभा क्षेत्र थराली के अन्तर्गत बांजबगड़-तेलना मोटर मार्ग के कि.मी. 9 का हल्का वाहन मार्ग से मोटर मार्ग में परिवर्तन एवं किमी 10, 11 एवं 12 तक नवनिर्माण कार्य हेतु रूपये 192.86 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अन्तर्गत ग्रीन सिटी कॉलोनी, बाजाली एन्क्लेव, कृष्ण विहार तथा डीएसपी चौक से आंतरिक मार्गों का निर्माण कार्य हेतु रूपये 265.33 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

राज्य के विकास के लिए सीएम ने किया संवाद, जाने लोगों के सुझाव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड/25 बोधिसत्व विचार श्रृंखला के तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों के साथ प्रत्यक्ष एवं ई-संवाद किया।

2025 तक उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए जन सुझावों को ध्यान में रखते हुए बनाया जायेगा रोडमैप-सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को 2025 तक सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े महानुभावों के जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उनको ध्यान में रखते हुए आगे के लिए रोडमैप तैयार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस जन संवाद से जो अमृत निकलेगा, प्रदेश के समग्र विकास के लिए भावी रणनीति पर कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं की जा रही हैं क्रियान्वित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार से राज्य को हर क्षेत्र में पूरा सहयोग मिल रहा है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में हवाई, रेल एवं सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। समाज के अंतिम पंक्ति पर खड़े लोगों तक सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ पंहुचाया जा रहा है।

दीर्घकालिक सोच के साथ उत्तराखण्ड में हो रहे हैं अनेक क्षेत्रों में कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में दीर्घकालिक सोच के साथ अनेक क्षेत्रों में कार्य हो रहे हैं। नदियों एवं नालों के पुनर्जीवीकरण। वन्य जीवों के संरक्षण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला दो उत्पाद, लोकल फॉर वोकल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि उत्तराखण्ड से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिक से अधिक अनुसंधान कार्य किया जाए। पलायन को रोकने एवं सीमान्त क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। स्मार्ट पुलिसिंग और और साइबर सिक्योरिटी की दिशा में प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्राप्त किये विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के सुझाव
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों से संवाद किया एवं उनके सुझाव भी लिए। संवाद के दौरान टिहरी जनपद के श्री संजय बहुगुणा ने सुझाव दिया कि वेस्ट को बेस्ट में बदलने के लिए अपशिष्ट पदार्थों से अनेक सजावटी वस्तुएं बनाई जा रही हैं। अपशिष्ट पदार्थों के लिए कलेक्शन सेंटर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके मानव अधिकार संरक्षण संगठन द्वारा सरकार की विभिन्न योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

उत्तरकाशी के अनिल डंगवाल ने कहा कि नाकुरी, उत्तरकाशी में पांरपरिक घराटों का संचालन किया जा रहा है। इस क्षेत्र में अनेक महिलाएं कार्य कर रही हैं। इससे उनकी आजीविका भी बनी है। इस तरह के अन्य प्रयोग भी राज्य के लिए लाभकारी होंगे। वैज्ञानिक डॉ. रूचि बडोला ने कहा कि उनके द्वारा वन एवं संरक्षित क्षेत्रों के आस-पास रहने वाले लोगों के आजीविका में वृद्धि करने तथा वन्य जीव संरक्षण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। रंजना कुकरेती ने सुझाव दिया कि प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार उपलब्ध कराने, कृषि कार्यों को बढ़ावा देने एवं राज्य में भू-कानून लागू करने का सुझाव दिया। सबरजीत सिंह ने सुझाव दिया कि रिवर्स माइग्रेशन के लिए शिक्षा को पर्यटन के साथ जोड़ते हुए कार्य होने चाहिए।

युवा राज्य को युवा सोच के साथ आगे बढ़ाना जरूरी-डॉ. अनिल प्रकाश जोशी
पद्म भूषण एवं हेस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि सामुहिकता में हमेशा बल होता है। मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से जो संवाद स्थापित किया है। इससे प्रदेश के हित के लिए अवश्य अमृत निकलेगा। उन्होंने कहा कि उतराखण्ड राज्य के 21 सालों के इस सफर में अनेक उतार-चढ़ाव देखने को मिले। उत्तराखण्ड हिमालयी राज्य है। हिमालय नवीन पर्वत श्रृंखला है और उत्तराखण्ड भी युवा राज्य है। युवा राज्य को युवा सोच के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धाम की कार्यशैली एवं व्यक्तित्व से लोग प्रभावित हैं। बहुत कम समय में उन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि राज्य के समग्र विकास के लिए जो पहल शुरू की गई है, इसमें अपने अधिक से अधिक सुझाव अवश्य दें।

सीएम से मिल प्रधानमंत्री का किसान संगठनों ने जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सोमवार को कैम्प कार्यालय में प्रदेश भर के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने भेंट की।
इस दौरान किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि क़ानून पर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय हेतु मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसानों के हित में केंद्र सरकार और राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश नए कीर्तिमान हासिल कर रहा है, शक्तिशाली भारत के रूप में दुनिया भर में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड, हेमकुंड साहिब में रोपवे का निर्माण समेत एक लाख करोड़ की योजनाओं का कार्य चल रहा है।
इस दौरान तमाम किसान संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सीएम ने स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्रावास और कैंटीन का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में छात्रावासों में रह रहे छात्रों से मिले। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों की कैंटीन का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर सभी बच्चे उत्साहित थे। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को अपनी पढ़ाई एवं खेलों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पूरे जज्बे के साथ मेहनत करें। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को संकल्प के साथ आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन बच्चों को स्कूल जाने के लिए नई स्कूल बस के लिए जल्द प्रपोजल बनाकर भेंजे।
इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डेय एवं विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे।

सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में लोक योजना अभियान-2021 सबकी योजना सबका विकास के अन्तर्गत गढ़वाल मण्डल के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं कार्मिक पंचायतीराज विभाग की एक दिवसीय राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना काल में कार्य करने वाले ग्राम पंचायत विकास एवं सहायक विकास अधिकारी, पंचायत को एक क्लिक से पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से गढ़वाल मण्डल के 55 सहायक विकास अधिकारी, पंचायत एवं 455 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों प्रत्येक को 10-10 हजार रूपये की धनराशि कुल 510 कार्मिकों को रू0 51 लाख की धनराशि त्वरित ट्रान्सफर की गयी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की जिला पंचायत अध्यक्षों का मानदेय 10 हजार रूपये से बढ़ाकर रू0 14 हजार कर दिया गया जायेगा। उपाध्यक्षों का मानदेय रू0 6000 से बढ़ाकर रू0 9800, उप प्रधान का रू0 500 से रू0 1000, जिला पंचायत सदस्य का रू0 1000 से बढ़ाकर रू0 1500 प्रति बैठक एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य रू0 500 से रू0 700 प्रति बैठक किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जन प्रतिनिधियों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया। सभी प्रधानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम खोलने की जो घोषणा की गई थी उसका शासनादेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समाज के हर वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं चलाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। रोजगार के साथ ही स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जन समस्याओं का समाधान एक ही जगह पर हो इसके लिए लगातार कैंप लगाये जा रहे हैं। जनपदों में रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं।
पंचायतीराज मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा की कोविड काल के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी जान की परवाह किये बगैर पंचायतों में जो कार्य किये वह सराहनीय है। पंचायतों में वर्तमान में सभी धनराशि ऑनलाइन आवंटित की जा रही है। पारदर्शिता के साथ कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। कार्यशाला में पंचायतीराज विभाग एवं अन्य रेखीय विभागों के विशेषज्ञों द्वारा कार्यशाला में आये हुए समस्त प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। त्रिस्तरीय पंचायतों में जीपीडीपी, बीपीडीपी एवं डीपीडीपी में पंचायतों की आवश्यकतानुसार प्लान बनाकर अपलोड किये जाने के सम्बन्ध में सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया, जिससे पंचायतों को मिलने वाले अनुदान का उचित एवं आवश्यकतानुसार प्रबन्धन कर सकें। पंचायतें प्राप्त अनुदान के सापेक्ष अपने-अपने क्षेत्र की यथा आश्यकतानुसार योजनाओं का चयन कर प्लान बनायेंगे। जिससे बजट अनुदान प्रथमतः आवश्यक एवं विकास परक योजनाओं पर व्यय किया जा सकेगा। इस अवसर पर गढ़वाल मण्डल के सभी जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, सदस्य जिला पंचायत, प्रमुख/ज्येष्ट उप प्रमुख/कनिष्ठ उप प्रमुख सदस्य क्षेत्र पंचायत प्रधान/उप प्रधान आदि पंचायत पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

उत्तराखंड देश दुनिया के लिए बेस्ट शूटिंग डेस्टिनेशन-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को चकराता रोड़ स्थित स्थानीय होटल में बॉलीवुड फ़िल्म “बूंदी रायता” के मुहूर्त शॉर्ट का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश दुनिया के लिए बेस्ट शूटिंग डेस्टिनेशन है, राज्य सरकार ने फ़िल्म निर्माताओं के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है ताकि उन्हें प्रदेश में कोई परेशानी ना हो और फ़िल्म शूटिंग सम्बंधी अनुमति एवं अन्य कार्य आसानी से हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फ़िल्म नीति को भी संशोधित किया गया है जिसके बाद से प्रदेश में बड़ी तदात में फ़िल्मों की शूटिंग हो रही है। इस दौरान विधायक विनोद चमोली, फ़िल्म जगत से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।