सीएम के निर्देश पर हेली एम्बुलेंस से चमोली के तीन मरीज देहरादून में हुए भर्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती जलने से घायल तीन लोगों को हेली एम्बुलेंस द्वारा देहरादून लाकर कोरोनेशन अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
आज मुख्यमंत्री आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के निरीक्षण व आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए चमोली व पौङी जिलों के दौरे पर थे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को चमोली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जान रहे थे। अस्पताल में मैठाणा गांव के 6 मरीज भर्ती थे जो गैस सिलेण्डर फटने के कारण बुरी तरह झुलस गए थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि 30 प्रतिशत से अधिक बर्न मरीजों को तत्काल हेली एंबुलेंस से आज ही कोरोनेशन हॉस्पिटल देहरादून भेजा जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अस्पताल में भर्ती 6 मरीजों में से 3 मरीजों को रेफर कर हेली एंबुलेंस से देहरादून भेजा गया। कैलाश पुत्र कृपाल लाल उम्र 35 वर्ष तथा प्रिन्स कुमार पुत्र विजेन्द्र उम 29 वर्ष के घर पर गैस सिलेण्डर की आग में 30 प्रतिशत से अधिक बर्न हुए है। जबकि दृष्टि पुत्री विजेन्द्र कुमार उम्र 18 वर्ष जो की गर्भवती होने के साथ बर्न भी हुई है। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आज रेफर किया गया और हेली एम्बुलेंस द्वारा देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सीएम ने दी विकास कार्यों के लिए 391 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सी.आर.आई.एफ. (केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अन्तर्गत विभिन्न विकास कार्यों हेतु 391 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर में लक्ष्मणझूला में वैकल्पिक सेतु के निर्माण हेतु 68 करोड़ 86 लाख रूपये, ‘‘गदरपुर-दिनेशपुर-मदकोटा-हल्द्वानी मोटर मार्ग’’ का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण हेतु 58 करोड़ 6 लाख रूपये, जनपद अल्मोड़ा में ‘‘धारी डोबा गिरेछीना मोटर मार्ग’’ का सुदृढ़ीकरण हेतु 15 करोड़ 45 लाख रूपये, सुवाखोली-अलमस-भवान-नगुण मोटर मार्ग का डी.बी.एम./बी.सी. द्वारा पक्कीकरण एवं सड़क सुरक्षा कार्य हेतु 55 करोड़ 35 लाख रूपये, जनपद पिथौरागढ़ में गुप्तड़ी-पाताल भुवनेश्वर मोटर मार्ग के राईडिंग क्वालिटी का सुधारीकरण कार्य हेतु 12 करोड़ 92 लाख रूपये, जनपद ऊधमसिंह नगर के नगला-किच्छा राज्य मार्ग को दो लेन पेव्ड शोल्डर सहित चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण हेतु 53 करोड़ 74 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘‘मरचूला-सराईक्षेत-बैंजरो-सतपुली राज्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण हेतु 11 करोड़ 94 लाख रूपये, बड़ावाला-कटापत्थर-जुड्डो मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण हेतु 28 करोड़ 63 लाख रूपये, चम्बा-कोटी कॉलोनी-भागीरथीपुरम मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण हेतु 24 करोड़ 97 लाख रूपये, जनपद चमोली में मींग गधेरे से गढ़कोट तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण हेतु 12 करोड़ 58 लाख रूपये, रूड़की-लक्सर-बालावाली मोटर मार्ग का चौड़ीकरण हेतु 25 करोड़ 18 लाख रूपये, जनपद चमोली में पोखरी-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं बी.एम/एस.डी.बी.सी. से डामरीकरण हेतु 23 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज ज्वालापुर धीरवाली के भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 66 लाख रूपये की स्वीकृति भी प्रदान की है।

आपदा पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद समय पहुंचाये-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अवरुद्ध मार्गाे, क्षतिग्रस्त बिजली और पेयजल लाईनों को जल्द से जल्द बहाल करने तथा आपदा पीड़ित परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में मेडिकल सुविधा एवं दवाइयां पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन को बचाने के लिए पूरे प्रदेश में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि गैस सिलेण्डर फटने से जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती गंभीर घायलों को आज ही एयर एम्बुलेंस से हायर सेंटर रेफर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत कार्याे में संसाधनों की कोई कमी नही होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो भी सड़के अवरूद्व हुई है उनको जल्द से जल्द बहाल करें। इसके लिए यदि अतिरिक्त जेसीबी मशीन या कही पर जेसीबी मशीन एयर लिफ्ट करने की आवश्यकता है तो संज्ञान में लाया जाए। जिन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल लाईनें क्षतिग्रस्त हुई है उनको तत्काल सुचारू किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में दूरसंचार व्यवस्था बाधित हुई है वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर डब्लूएलएल फोन की व्यवस्था की जाए। लोक निर्माण विभाग को आगामी 7 नवंबर तक सभी सड़कों को गढडा मुक्त बनाने के निर्देश भी दिए। कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए।
मुख्यमंत्री ने आपदा में त्वरित कार्यवाही के लिए जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना भी की। कहा कि आपदा में सभी ने अच्छा कार्य किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों के बारे में भी जानकारी ली। बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर यहां पर भर्ती मरीजों का हाल भी जाना।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को चमोली जिले में आपदा से हुए नुकसान और संचालित राहत व बचाव कार्यों की जानकारी दी।
बैठक में पर्यटन एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत सहित पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल एवं समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

पीएम स्वनिधि के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए 17 करोड़ रूपये स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में पीएम स्वनिधि योजनान्तर्गत पंजीकृत सभी लाभार्थियों को रू. 2000 प्रतिमाह की दर से 5 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने हेतु प्रथम किस्त के रूप में 17 करोड़ रूपये की स्वीकृति का शासनादेश जारी कर दिया गया है।

सीएम ने चमोली जिले का दौरा कर प्रभावितों का दर्द जाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित डुंग्री गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन में लापता दो लोगों के परिजनों से भेंट करते हुए परिवार को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने डुंग्री गांव में आपदा से हुए नुकसान का जायजा भी लिया और अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिए। भरोसा दिया कि किसी भी संसाधन की कमी नही होने दी जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ पर्यटन एवं जिला प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धनसिंह रावत भी मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री अपने जिलों में राहत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों की मदद करे-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जनपदों के प्रभारी मंत्रीगणों से अपेक्षा की है कि प्रदेश में घटित प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत इत्यादि प्रदान किये जाने के उद्देश्य से अपने-अपने जनपदों का अविलम्ब भ्रमण करते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण, बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा, राहत सामग्री/धनराशि का वितरण एवं प्रभावित परिवारों की कुशल क्षेम तथा क्षतिग्रस्त कार्यों का पुनर्निर्माण इत्यादि की कार्यवाही त्वरित गति से सम्पन्न कराने की व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाय ताकि आपदा से प्रभावित जनमानस को यथासमय आसानी से राहत इत्यादि प्राप्त हो सके तथा क्षतिग्रस्त कार्यों को समय से पूर्ण कराया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में उत्तराखण्ड राज्य के लगभग समस्त जनपद अतिवृष्टि के कारण आपदा से अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। इस आपदा से जनपदों में भूस्खलन, बाढ़ इत्यादि के कारण अत्यधिक नुकसान एवं जनहानि भी हुई है। उक्त आपदा की स्थिति से निपटने के लिये सरकार निरन्तर राहत एवं बचाव कार्यों के लिये पूर्णरूपेण प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में सभी से व्यक्तिगत ध्यान देने के साथ ही आवश्यक सहयोग की भी अपेक्षा की है।

सीएम धामी ने पुलिस कर्मियों की 4600 ग्रेड पे मांग पूरी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को पुलिस लाईन, देहरादून में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुलिस एवं अर्द्ध सैन्य बलों के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उत्तराखण्ड के शहीद पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु पुरस्कार धनराशि में वृद्धि किये जाने, शहीद पुलिस कर्मियों के नाम पर स्कूल/सड़क का नामकरण किये जाने, पुलिस विभाग के प्रशिक्षण केन्द्रों में अतिथि वार्ताकारों के मानदेय में उत्तराखण्ड प्रशासनिक अकादमी नैनीताल की भाँति वृद्धि करने, देहरादून में राज्य पुलिस संग्रहालय/मेमोरियल की स्थापना करने के साथ ही 2001 बैच के पुलिस आरक्षियों को 4600 ग्रेड पे दिये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिस कर्मी अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं। अपने कर्तव्य पालन के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले ये पुलिस कर्मी हम सब के लिए प्रेरणा के स्रोत है। सम्पूर्ण भारतवासी अपने शहीद पुलिस कर्मियों व अर्द्ध सैनिक बलों को हार्दिक श्रद्धांजलि देते हुए नतमस्तक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम इन पुलिस कर्मियों के परिजनों के प्रति भी अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रकट करते हैं। आज पूरा विश्व आतंकवाद और कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अपनी जान की परवाह किए बिना कोविड-19 महामारी के नियंत्रण में सराहनीय कार्य किया। जिसमें पुलिस के बहुत से अधिकारी और कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 13 पुलिस कर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित होने से मृत्यु को प्राप्त हुए हैं। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा कोविड-19 महामारी के नियंत्रण में किये जा रहे सराहनीय कार्य के अंर्तगत पुलिस विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मी से निरीक्षक स्तर तक के कार्मिकों को 10,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत एक वर्ष में सम्पूर्ण भारत में कुल 377 अर्द्ध सैनिक बलों एवं विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मी शहीद हुए। जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस के 3 वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उत्तराखण्ड राज्य की अन्तर्राष्ट्रीय सीमायें नेपाल, चीन एवं अन्तर्राज्जीय सीमायें हिमाचल प्रदेश व उत्तर प्रदेश से मिलती है। यह प्रदेश भौगोलिक एवं सामरिक महत्व के दृष्टिगत राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अत्यन्त संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण है। उत्तराखण्ड पुलिस के समक्ष कई चुनौतियां हैं, जिनमें बड़े त्यौहार, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, कांवड़ यात्रा आदि हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कर्मी वर्दीधारी संगठन में होने के कारण अनुशासन में बंधे रहते हैं। कठोर एंव विपरीत परिस्थितियों में चुनौतीपूर्ण कार्यों का निवर्हन करते हैं। प्रदेश के विकास एवं शान्ति व कानून व्यवस्था बनाये रखने में राज्य पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश शासन पुलिस कर्मियों को अपने दायित्यों का निर्वहन करने हेतु उनकी कल्याणकारी योजनाओं/सुविधाओं पर विशेष ध्यान रख रहा है। स्मार्ट पुलिस बनाने का जो विजन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का है, उसको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने पुलिस के लिए ठीक ही कहा हैः-’’अपनों के लिए हर वादे तोड़ के आया हूँ, मैं खाकी हूँ….आपके लिए अपनों को रोता छोड़ के आया हूँ’’।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, कुंवर प्रणव सिंह चेम्पियन, विनोद चमोली, सांसद नरेश बंसल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धू, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन, सचिव डॉ. रणजीत सिन्हा ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बेहतर ढंग से चलाया-अमित शाह

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उनके साथ राज्यपाल उत्तराखण्ड ले.ज. (से.नि.) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी भी थे।
इसके बाद राज्य अतिथि गृह, जौलीग्रांट में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में आपदा की स्थिति और संचालित राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देवभूमि की हर सम्भव सहायता करेगी। भविष्य में और बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए क्या किया जा सकता है, राज्य सरकार इस संबंध में अपने सुझाव भेजे। आपदाग्रस्त व जलभराव वाले क्षेत्रों में मेडिकल टीमें भेजी जाएं ताकि किसी तरह की बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। क्षतिग्रस्त बिजली लाईनों को पूरी तरह जल्द से जल्द ठीक की जाए। केंद्रीय व राज्य की एजेंसियों में बेहतर समन्वय देखने को मिला, इसे इसी प्रकार बनाए रखा जाए। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया गया कि भारी बारिश का अलर्ट मिलने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा की गई। तुरंत इन्सीडेंस रेस्पोंस सिस्टम को राज्य व जिला स्तर पर सक्रिय कर दिया गया। एहतियातन तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया। विभिन्न माध्यमों से यात्रियों और जनसाधारण को भी अलर्ट किया गया। ट्रैकर्स को भी अलर्ट किया गया। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यक कदम उठाए गए। आईएमडी के अनुसार सामान्य रूप से 1.1 मिमि बारिश होती है जबकि अभी 122.4 मिमि बारिश हुई। इन दो दिनों में सभी जगह रिकार्ड बारिश हुई। परंतु सही समय पर अलर्ट और तदनुसार एहतियात कदम उठाने से हानि को कम किया जा सका। प्रदेश में इस समय एनडीआरएफ की 17 टीमें तैनात हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र से मिले सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना, एनडीआरएफ, सीडब्ल्यूसी, बीआरओ के साथ मिलकर राज्य सरकार आपदा की तीव्रता को कम कर सकी। लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। चारों धाम की यात्रा शुरू की जा चुकी है।
बैठक में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एस ए मुरूगेशन, डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल उपस्थित थे। बैठक में भारत सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस संकट की स्थिति में भारत सरकार हर तरीके से देवभूमि के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुत अच्छे से काम किया है। इस कारण से कम नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार का समन्वय रहेगा।
अमित शाह ने कहा कि दो घंटे के हवाई निरीक्षण और समीक्षा बैठक में स्थिति का जायजा लिया। यह बात स्पष्ट है कि भारत सरकार द्वारा सही समय पर अलर्ट करने से नुकसान को कम किया जा सका। 24 घंटे पहले चेतावनी मिलने से मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को एक्टिवेट किया। लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया। चारधाम यात्रियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया। इसी का परिणाम है कि अभी तक चारधाम यात्रियों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यात्रा अब शुरू भी कर दी गई है। सभी एजेंसियां समय पर सक्रिय हो गई थी। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री से बात कर समय पर राज्य को हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए। भारत सरकार से हर सम्भव सहयोग दिया जा रहा है। सेंटर वाटर कमीशन और सिंचाई विभाग में अच्छा समन्वय रहा। अभी तक 64 दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई हैं। कुछ लोग लापता हैं। ज्यादातर सड़कें खुल गई हैं। पेयजल, बिजली, टेलीफोन नेटवर्क की आपूर्ति भी काफी बहाल कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बहुत अच्छे से चलाया। इससे बहुत सी जानों को बचाया जा सका। 3500 लोगो को रेस्क्यू किया गया जबकि 16 हजार लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। एनडीआरएफ की 17 टीमें, एसडीआरएफ की 60 टीमें, पीएसी की 15 कम्पनियां और पुलिस के 5 हजार जवान आज भी बचाव व राहत में लगे हैं। जल्द ही सामान्य स्थिति हो जाएगी। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। वास्तविक नुकसान का आंकलन पूरे सर्वे के बाद हो पाएगा। वैसे डिजास्टर फंड में उत्तराखण्ड को पहले से ही 250 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इससे काम किया जा रहा है।

माता के जागरण में प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की

उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चंद्रेश्वर नगर में जय दुर्गा समिति द्वारा आयोजित माँ भगवती के जागरण में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की खुशी के लिए दुआ भी मांगी।
खरोला ने कहा कि हाल में प्रकृति के भयावह रूप से हुई त्रासदी से प्रदेश वासियो को कई परेशानियों से होकर गुजरना पड़ा है। वह मां भगवती से कामना करते है कि इस त्रासदी के दौर पर प्रदेशवासियो की रक्षा करे और प्रदेश में सुख शांति बनी रहे।
इस मौके पर भरत लाल यादव, संजीव चौहान, तेज बहादुर यादव, जितेंद्र पाल पाठी, देवेंद्र प्रजापति, एकान्त गोयल, मोहित कुमार, विशाल चौहान, अंकित कुमार, देवेंद्र सिंह, सुमित कुमार, उदय, नीरज सिंह, श्याम शर्मा, सुजीत यादव, चंदेश्वर यादव, अशोक कुमार, ऋषभ मित्तल, संजीत कुमार, विशाल कुमार, रोहित राम, अंकित धीमान, अमन पाण्डेय, गोपी चंद, नीरज कुमार, ऋषि राम, ऋतिक राम, प्रदीप गौड़, ऋतिक पाल और सैकड़ो क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

दो दिन से लगातार अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों की बीच मौजूद हैं मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में पूरे समर्पित भाव से जनता के बीच मौजूद हैं। लगातार दूसरे दिन पीड़ितों के बीच पहुंचकर उन्होंने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। तूफानी दौरा कर वह हर उस स्थान पर पहुंच रहे हैं जहां के लोगों पर प्रकृति ने कहर बरपाया है। जब हल्द्वानी से मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर टेक ऑफ नहीं कर पाया तो समय जाया किए बगैर वह सड़क मार्ग से ही प्रभावित इलाकों के लिए निकल पड़े। कई बार उन्होंने ट्रैक्टर में बैठकर भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री से प्रेरित होकर समूची सरकारी मशीनरी चौबीस घण्टे एक्टिव मोड में है। इधर, मुसीबत की इस घड़ी में मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर पीड़ित जनता राहत महसूस कर रही है।
सैनिक पुत्र धामी में दैवीय आपदा से जूझने में सेना के जवान वाला जज्बा देखने को मिल रहा है। रात-दिन तूफानी दौरे, त्वरित फैसले और कड़क मॉनिटरिंग से युवा मुख्यमंत्री ने अपने कौशल का परिचय दिया है। बीते 17 और 18 अक्टूबर को आई मूसलाधार बारिश ने उत्तराखण्ड के कई जिलों में तबाही मचा दी। प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य चलाया जा रहा है। सेना के तीन हेलीकॉप्टर भी इस मिशन में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतर कर बचाव और राहत कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बीते मंगलवार को उन्होंने गढ़वाल मण्डल के प्रभावित स्थानों में जाकर अपना दौरा शुरू किया जो अब कुमाऊं मण्डल में जारी रहा। पीड़ित जनता से मिलकर मुख्यमंत्री लगातार उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। रेस्क्यू अभियान की खुद अगुवाई करके उन्होंने पूरे ’सरकारी सिस्टम’ को राहत के काम में झोंक रखा है।
मंगलवार की देर रात तक प्रभावित लोगों दुख-दर्द बांटने के बाद बुधवार की सुबह हल्द्वानी में उन्होंने ’जनता दरबार’ लगाया और स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकांश समस्याओं का ’एट दि स्पॉट’ समाधान किया गया। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि आपदा प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाए। उनकी समस्या का समाधान किया जाए और आवश्यक जरूरतें पूरी की जाएं। जनता दरबार के बाद मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों के लिए निकले पर हल्द्वानी में उनका हेलीकॉप्टर टेक ऑफ नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से ही चले गए। रुद्रपुर, काशीपुर, हल्द्वानी व आसपास के तमाम क्षेत्रों का उन्होंने सघन भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री ने खटीमा के बाढग्रस्त प्रतापपुर व नौसर में ट्रेक्टर द्वारा पहुंचकर बाढ़ पीड़ित लोगों का हाल चाल जाना व किसानों से वार्ता की। उन्होने किसानो से कहा कि सरकार द्वारा हर सम्भव सहयोग किया जायेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री बण्डियां सत्रहमील होते हुये खटीमा में मेलाघाट रोड स्थित रेलवे कांसिग के पास दुकानदारों से मिलकर उनका हाल चाल जाना। तद्पश्चात उन्होंने मेलाघाट रोड स्थित पकड़िया में स्थानीय लोगों से मुलाकात की। अपना घरबार व फसल गंवा चुके लोगों से मिलकर उन्हें ढाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपदा से हुए नुकसान का अतिशीघ्र आंकलन पर प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। जो लोग बेघर हो गए हैं उनके आवास और भोजन की व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारियों को बचाव व राहत अभियान की कमान अपने हाथ में लेने और हर घण्टे इसकी प्रगति से अपडेट रहने को कहा गया है।
खटीमा के पश्चात् मुख्यमंत्री ने चंपावत एवं तल्ला रामगढ़ के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई व स्थलीय निरीक्षण तथा भिकियासैंण का हवाई निरीक्षण करने के पश्चात् अतिवृष्टि से क्षेत्र में हुई हानि का ब्यौरा लिया।
मुख्यमंत्री के साथ राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।