त्रिवेणी घाट सहित आसपास क्षेत्र में अतिक्रमण को पुलिस ने हटाया


त्रिवेणी घाट सहित आसपास के बाजार में अतिक्रमण के चलते जाम की समस्या अब आम हो गई है। इसी समस्या को देखते हुए घाट चौकी पुलिस ने बाजार में उतरकर अतिक्रमण हटाया।

चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जगत सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। चौकी प्रभारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद घाट रोड, मुखर्जी मार्ग, मालवीय रोड, चाट वाली गली सहित पूरे बाजार क्षेत्र के दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया है। साथ ही दुकानदारों को भविष्य में अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी गई है।

तीर्थनगरी में मेयर अनिता की मौजूदगी में पुलिस और निगम ने निकाला फ्लैग मार्च

ऋषिकेश। तीर्थनगरी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के साथ अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम प्रशासन ने मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन के साथ फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान शहर के व्यापारियों ने भी शिरकत की और दुकानदारों से नालियों के आगे अपना सामान न रखने की अपील की।

मेयर अनिता ममगाईं ने जहां दुकानदारों से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील की वहीं उनसे स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपनी दुकानों का सामान दुकानों की सीमा के भीतर तक ही रखें। नालियों से बाहर रखे गए सामान को अतिक्रमण माना जाएगा। इस पर निगम की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सामान को जब्त तक किया जा सकता है।

इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी, नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, सहायक नगर आयुक्त एलम दास, विनोद लाल, कोतवाली प्रभारी रितेश शाह, व्यापारी नेता हितेंद्र पवार, संजय पवार, पंकज चावला, प्रतीक कालिया, राजेश भट्ट, पंकज चावला, पवन शर्मा, पंकज शर्मा, प्रतीक पुण्डीर, दीपक बंसल, ज्योति सहगल आदि मौजूद रहे।

सप्ताहभर पहले हुई कार्रवाई नहीं दिख रहा असर

ऋषिकेश।
शुक्रवार को फिर से दुकानें सड़क तक जा पहुंचीं। हिदायत देने और जुर्माने लगाने के बाद भी अतिक्रमण कर रहे लोगों में कोई डर नहीं है। शहर में यातायात दिनोंदिन बढ़ता रहा है। जनसंख्या के हिसाब से भी शहर की आबादी एक लाख से ऊपर हो गई है। ऐसे में जन सुविधाओं के हिसाब से सड़क चौड़ी होने के बजाय अतिक्रमण के चलते आवागमन के लिए भी कम पड़ रही है।
पार्किंग स्थल नहीं होने से ग्राहक दुकानों के बाहर ही वाहन पार्क करते हैं। ऐसे में स्थिति और विकट हो जाती है। पालिका प्रशासन द्वारा पूर्व में ऐसे अतिक्रमण को चिह्नित किया गया था। सड़क पर दुकानें नहीं बढ़ाने के लिए चेतावनी दी गई थी लेकिन पालिका ने इस मामले में दोबारा निरीक्षण ही नहीं किया जिससे नगर के आंतरिक मार्गों पर अतिक्रमण को लेकर हालत ज्यादा खराब हो गए। नगर के आंतरिक मार्ग नगर पालिका ऋषिकेश के पास हैं जिनके रखरखाव का जिम्मा पालिका ही वहन करती है।