उत्तरकाशी जिले में सीएम ने किया 14 योजनाओं का शिलान्यास, जबकि 12 योजनाएं का किया लोकार्पण


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उत्तरकाशी में लगभग 52 करोड़ 37 लाख रूपये की 26 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें से 17 करोड़ 41 लाख रूपये की 12 योजनाओं का लोकार्पण एवं 34 करोड़ 46 लाख रूपये की 14 योजनाओं के शिलान्यास किये गये।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। उनमें 3 करोड़ 20 लाख रूपये की जनपद के विभिन्न मोटर मार्गों पर बिटुमिन्स कंक्रीट द्वारा सतह सुधारीकरण का कार्य, 2 करोड़ 94 लाख की लागत के उत्तरकाशी घनसाली तिलवाड़ा मोटर मार्ग पर बिटुमिन्स कंक्रीट द्वारा सतह सुधारीकरण का कार्य, 2 करोड़ 74 लाख की लागत के ज्ञानसू साल्ड मोटर मार्ग से ज्ञानसू उपला बस्ती मोटर मार्ग का निर्माण, 2 करोड़ 05 लाख की लागत के गंगोत्री में वरूणाघाटी में भराणगांव-उपरीकोट मोटर मार्ग के 5 किमी में 30 मीटर स्पान के 1.50 लेन स्टील गर्डर सेतु का निर्माण, 1 करोड़ 68 लाख की लागत के विकासखण्ड भटवाड़ी के अन्तर्गत जसपुर बैण्ड से पुराली गांव तक मोटर मार्ग का निर्माण एवं 2 करोड़ 81 लाख की लागत के विधानसभा क्षेत्र गंगोत्री के अन्तर्गत नाकुरी सिंगोट मोटर मार्ग के चैड़ीकरण व डामरीकरण आदि के कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया। उनमें 4 करोड़ 64 लाख के अनुमानित लागत के जामक से बयाणा तक मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य, 05 करोड़ 65 लाख के अनुमानित लागत के नाकुरी-कुंसी-मांगलीसेरा-बरसाली मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य, 4 करोड़ 19 लाख की अनुमानित लागत के जामक से कामर मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य, 03 करोड़ 75 लाख की अनुमानित लागत के बंदरकोट-जुगुल्डी-पंजिलयाला तक मोटर मार्ग निर्माण के स्टेज 2 का कार्य आदि शामिल हैं।

इस अवसर पर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चैहान, डॉ स्वराज विद्वान, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा आदि मौजूद थे।

बादल फटने के बाद देवप्रयाग की कई इमारतों को नुकसान

उत्तराखंड के देवप्रयाग के ऊपरी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम मूसलाधार बारिश के बाद बादल फट गया। बादल फटने से क्षेत्र में गदेरा उफान पर आ गया, कई दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, आईटीआई का भवन भी ध्वस्त हो गया।

गनीमत रही कि कोविड कर्फ्यू के चलते दुकानें बंद थी, जिससे अभी तक कोई जनहानि की कोई सूचना नहीं है। प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। एक ओर जहां ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का क्रम बना हुआ है तो वहीं पहाड़ों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। मैदानी इलाकों में भी मौसम रंग बदल रहा है। भारी बारिश के चलते देवप्रयाग में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। मंगलवार शाम करीब पांच बजे दशरथ आंचल पर्वत पर बादल फटा। जिससे शांता गदेरा उफान पर आ गया। मलबा आने से देवप्रयाग मुख्य बाजार में भी दस दुकानों को नुकसान हुआ है। संगम बाजार का रास्ता भी बंद हो गया है। कोरोना कर्फ्यू के कारण इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही बंद थी। अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल, एसडीआरएफ की टीमें घटनास्थल की तरफ बढ़ रही है।