पुरोला में ट्रेक आफ द ईयर घोषित करने पर निवासियों ने जताया सीएम का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जी.टी.सी हेलीपैड, देहरादून में पुरोला विधानसभा से आए प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने राज्य सरकार द्वारा जनपद उत्तरकाशी के सर बडियार/सरनौल -सोत्तरी से सरुताल तक ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

विधायक पुरोला दुर्गेश्वर लाल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सर-बडियार/सरनौल – सौत्तरी से सरूताल तक ट्रेक को ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किए जाने के बाद पुरोला क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे एवं ट्रैक मार्ग पर पर्यटकों एवं ट्रैक्टर्स की संख्या बढ़ेगी। ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित होने से क्षेत्र में बुनियादी विकास सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रुकेगा, जिससे क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित हैं।

भाजपा जिला अध्यक्ष (उत्तरकाशी) सतेंद्र सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तरकाशी के विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहते हैं। उत्तरकाशी जिले में ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित होने से क्षेत्र के विकास को नई मजबूती मिलेगी। इससे उत्तरकाशी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा एवं दूरस्थ क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होगा। बड़ी संख्या में ट्रैकर्स के आने पर क्षेत्र के युवा होमस्टे एवं स्वरोजगार को अपना कर उत्तरकाशी के साथ ही राज्य की आर्थिकी को मजबूत करेगें।

इस दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, धर्मवीर ज्याडा, अरविंद ज्याडा, कैलाश रावत, जगवीर सिंह रावत, चिरंजीव सेमवाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

लगातार मॉनिटरिंग और ग्राउंड जीरो पर मुख्यमंत्री धामी के बार-बार जाने से कार्यों में आई तेज़ी

विगत दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारघाटी में 31 जुलाई को आपदा के कारण हुए नुकसान एवं राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को जल्द से जल्द जनजीवन सामान्य बनाने के निर्देश दिए गए थे तथा क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग एवं पैदल यात्रा मार्ग में अवरुद्ध यात्रा मार्ग को तत्परता से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे।

अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग निर्भय सिंह ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में सोनप्रयाग एवं गौरीकुंड के बीच जो डेढ मीटर राष्ट्रीय राजमार्ग पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गया था जिसे खोलने के लिए पोकलैंड मशीन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग खोलने के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सोनप्रयाग पुल के पास जो सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी उसका पुश्ता निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

अधिशासी अभियंता डीडीएमए विनय झिंक्वाण ने अवगत कराया है कि केदारनाथ पैदल मार्ग कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया है तथा लगभग 15 स्थान ऐसे हैं जहां पैदल सड़क मार्ग पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग को दुरुस्त करने के लिए मजदूरों द्वारा विषम कठिन परिस्थितियों में मरम्मत एवं निर्माण कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम से छोटी लिनचोली तक क्षतिग्रस्त पैदल यात्रा मार्ग को आवाजाही हेतु सुचारू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों द्वारा क्षतिग्रस्त केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग को खोलने के लिए कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है किन्तु मौसम साथ न देने के कारण मजदूरों की सुरक्षा के दृष्टिगत कार्य निरंतर नहीं हो पा रहा है।

सीएम ने अधिकारियों को जल्द जनजीवन सामान्य बनाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जनपद के अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों राहत एवं बचाव कार्यों तथा पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इससे पहले उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े सभी विभागों की समीक्षा करते हुए अतिवृष्टि से हुयी क्षति की जानकारी ली। वहीं सभी विभागों को यात्रा शुरू करने के लिए उनके स्तर से किए जा रहे प्रयासों एव तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त मार्गों, पेयजल एवं विद्युत लाइनों को यथाशीघ्र बहाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा को शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि श्री केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा को बुधवार से ही शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि हेली सेवा के माध्यम से दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किराए में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जिसका वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने यात्रा शुरू करने के लिए किए जाने वाले कार्यों में भी स्थानीय लोगों से सुझाव एवं सहयोग की भी अपील की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर जीएमवीएन में स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने प्रभावितों की सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने इन कठिन परिस्थितियों में सरकार और प्रशासन द्वारा संचालित रेस्क्यू अभियान में कंधा से कंधा मिलाकर सहयोग के लिए स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्र सरकार का भी आभार जताते हुए कहा कि अतिवृष्टि के बाद से ही केंद्रीय सरकार द्वारा चिनूक व एमआई हेलीकॉप्टर सहित हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई गई।

समीक्षा बैठक के उपरान्त मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री कहा कि अतिवृष्टि से भू-स्खलन होने से 29 स्थानों पर पैदल एव सड़क मार्ग कटा हुआ है। इसके अतिरिक्त पेयजल व विद्युत की लाइनों सहित बड़ी मात्रा में सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा। कुछ स्थानों पर दूरसंचार की सेवाएं भी बाधित हुई हैं। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि की घटना के बाद से ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन तथा एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित अन्य संस्थाओं एवं जनप्रतिनिधियों, पंडा समाज, तीर्थ पुरोहित, धार्मिक व सामाजिक सरोकारों से जुड़े संगठनों ने मिलकर इस आपदा में पूरे मनोयोग से इस रेस्क्यू अभियान में फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिकॉर्ड समय में लगभग 12 हजार श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया गया है। रेस्क्यू अभियान लगभग पूर्ण हो चुका है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग अमरदेई शाह, राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा आशा नौटियाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज पांडेय, सचिव आपदा प्रबन्धन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी गढ़वाल के.एस. नगन्याल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम के निर्देश पर सचिव आपदा, पीडब्लूडी गढ़वाल कमिश्नर मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग पहुंचे केदारघाटी

सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड शासन पंकज पांडे, सचिव आपदा विनोद सुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, मुख्य अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग दयानंद ने आज सोमवार को केदारघाटी के प्रभावित क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण एव हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त मार्गों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाशआउट सड़क मार्ग को पुर्नस्थापित करने के लिए प्राथमिकता से प्लानिंग तैयार कर अविलंब कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों ने पैदल यात्रा को 15 दिन में सुचारू करने के लिए सभी संबंधित विभागों से सुझाव मांगे। इसके लिए अनिवार्य पुनर्निर्माण कार्यों का एस्टीमेट तैयार कर 2 से 3 दिनों के भीतर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड शासन पंकज पांडे एव सचिव आपदा विनोद सुमन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अतिवृष्टि के कारण सोनप्रयाग से गौरीकुंड के मध्य वाशआउट सड़क में अस्थाई मार्ग निर्माण करने की कार्रवाई भी अविलंब शुरू की जाए। सड़क एव पैदल मार्गों का त्वरित गति से निर्माण करने के लिए हर साइट पर अलग ठेकेदार को काम दिया जाए। हर साइट पर एक एई और एक जेई तैनात किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के पुनर्निर्माण कार्यों में प्रैक्टिकल व टेक्निकल दोनों पक्षों का पूरा ध्यान रखा जाए। साथ ही जितने भी कार्य प्रस्तावित हैं उनके लिए मैटेरियल की प्री पोस्टिंग हर संभव साइट कर पहले ही कर ली जाए।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड के समीप मौजूद घोड़ा पड़ाव के पास करीब 15 मीटर हिस्सा वाशआउट हो गया है, इसके अलावा जंगलचट्टी में 60 मीटर हिसा वाशआउट है। उक्त दोनों साइट्स पर कार्य करना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेगा, इन्हें मिलाकर कुल 29 साइट्स पर कार्य किया जाना है।

इस अवसर पर उन्होंने श्री केदारनाथ, गरुड़चट्टी, लिनचोली मार्ग जो इस अतिवृष्टि से प्रभावित नहीं हुआ है, उसे वैकल्पिक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया। विभिन्न स्थानों के लिए 10 फोल्डिंग ब्रिज को चिनूक या पैदल मार्ग से केदारनाथ पहुंचाए जाने की भी तैयारी है।

सचिव पीडब्लूडी ने निर्देश दिए कि हर साइट पर कम से कम 10 मजदूर एव बड़ी साइट्स पर आवश्यकता के अनुसार मजदूरों को लगाया जाए। इसके साथ ही पूरे मार्ग पर 500 मजदूर लगाने के भी निर्देश दिए।

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने सभी पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। बिजली, पानी, कनेक्टिविटी और खाद्य सामग्री की आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों से उनके प्लान भी मांगे।

वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि गौरीकुंड लिनचोली और भीमबली में पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसके अलावा सोनप्रयाग के समीप 11केवी का सब स्टेशन भी खतरे की जद में आ गया है। गढ़वाल कमिश्नर ने सब स्टेशन के लिए नई भूमि चिन्हित कर भूमि की गुणवत्ता एव अन्य मानकों की जांच कर नए सब स्टेशन का निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने सड़क एव पैदल मार्गों के पुनर्स्थापन, यात्रियों के रेस्क्यू एव राहत कार्यों के लिए हो रहे प्रयासों, अब तक किए जा चुके कार्यों एव केदारनाथ यात्रा शुरू करवाने के लिए की जा रही तैयारियों की पूरी जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक डॉ. विशाखा अशोक भदाणे ने संवेदनशील क्षेत्रों के पर सुरक्षा बलों की ओर से की जा रही तैयारियों की जानकारी दी।

सीएम धामी स्वयं पिछले 72 घंटों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की कर रहे हैं मॉनिटरिंग

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर फंसे हुए यात्रियों को लगातार सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। सीईओ बीकेटीसी योगेंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के चौथे दिन केदारनाथ धाम में फंसे हुए यात्रियों 373 यात्रियों, स्थानीय लोगों एवं मजदूरों को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं अन्य सुरक्षा बलों की मदद से लिनचोली तक पहुंचाने के लिए रवाना कर दिया गया है। लिनचोली से एयरलिफ्ट कर इन सभी को रेस्क्यू किया जाएगा। वहीं केदारनाथ हैलीपैड पर अभी 570 यात्री, स्थानीय लोग और मजदूर एयर लिफ्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। केदारनाथ में सभी लोगों के लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी और तीर्थ पुरोहित समाज द्वारा फूड पैकेट्स, पानी की बोतलें, फल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उधर, रामबाड़ा चौमासी ट्रैक से एनडीआरएफ एव एसडीआरएफ द्वारा 110 यात्रियों को रेस्क्यू कर चौमासी पहुंचा दिया गया है। ट्रैक पर सुरक्षा बलों द्वारा यात्रियों को लगातार फूड पैकेट्स, पानी सहित चिकित्सा उपचार उपलब्ध करवाया गया। अब तक इस मार्ग से 534 से अधिक यात्रियों एव स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।

मण्डल मुख्यालय पौड़ी में मुख्यमंत्री ने की विकास कार्यों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल मण्डल मुख्यालय पौडी में विकास कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 133 करोड़ की 158 योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया, जिसमें 80 करोड़ की 137 योजनाओं का लोकार्पण तथा 53 करोड़ की 21 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि योजनाओं का क्रियान्वयन नो पेंडेंसी के सिद्धांत के आधार पर किया जाए। उन्होंने पौड़ी के पुराने वैभव को बनाए रखने के लिए सभी विभागों से कार्य योजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौड़ी में प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना में जाने की तैयारी करने वाले युवओं के लिए हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जनहित से जुड़े कार्य मात्र औपचारिक ना हो बल्कि उसका ठोस आउटकम भी निकले। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने के भी निर्देश दिये।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने विकासखंड कार्यालय पौड़ी के समीप 21 लाख की सहायता से बने पहाड़ी अंजीर (बेड़ू) प्रसंकरण इकाई का लोकार्पण किया। जिसका संचालन उमंग स्वायत्त सहकारिता पौड़ी द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने इकाई में बेड़ू से बनाये जा रहे उत्पादों का जायजा लिया तथा इस तरह के अनूठे प्रयास की सराहना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक राजकुमार पोरी, महंत दिलीप रावत, रेनू बिष्ट, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी करन सिंह नगन्याल, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम का आभार जता महासू मंदिर हनोल के स्थानीयों ने जताई खुशी

महासू मंदिर, हनोल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान को मंजूरी प्रदान करने पर जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनका आभार प्रकट किया। उन्होंने महासू मंदिर की प्रतिकृति मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महासू मंदिर, हनोल का सुनियोजित विकास कर इस क्षेत्र को बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए एवं स्थानीय युवाओं के लिए आर्थिकी के नए अवसर सृजित किए जाएं। मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने वालों में कमलेश भट्ट, नंदलाल भारती, भारत भूषण, जगमोहन जोशी, जयपाल बिष्ट, निकिता तोमर, प्रीतम चौहान आदि शामिल रहे।

सीएम ने टिहरी में दुर्घटना पर दिया आरोपी अधिकारी को निलंबन करने का आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी में हुई वाहन दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है तथा दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री द्वारा इस दुःखद घटना का संज्ञान लेते हुए स्वयं वाहन चला रहे सहायक खण्ड विकास अधिकारी जाखणीधार, टिहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तराखण्ड को दिये गये।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में आयुक्त ग्राम्य विकास उत्तराखण्ड द्वारा अपने निजी वाहन से दुर्घटना घटित होने के फलस्वरूप देवी प्रसाद चमोली सहायक खण्ड विकास अधिकारी विकासखण्ड जाखणीधार को उत्तराखण्ड सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली में उल्लिखित प्राविधान नैतिक अधमता एवं आपराधिक आरोप के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने ट्रैकर्स के साथ हुई दुर्घटना के दिए मजिस्टीरियल जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थित सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक रूट पर मौसम खराब होने के कारण ट्रैकिंग दल के साथ घटित दुर्घटना की मजिस्टीरियल जांच के निर्देश दिये हैं। उक्त मजिस्टीरियल जाच करने हेतु आयुक्त, गढ़वाल मण्डल को नामित किया गया है। आयुक्त, गढ़वाल मण्डल को निर्देश दिये गये हैं कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट यथाशीघ्र शासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिल्ला-कुशकल्याण-सहस्त्रताल ट्रैक पर फंसे पर्यटकों की खोज एवं बचाव के लिए संचालित रेस्क्यू अभियान पर निरंतर नजर रखे रहे। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों और संसाधनों का प्रयोग करने की भी हिदायत अधिकारियों को दी थी।

ज्ञांतव्य है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर हादसे की सूचना मिलते ही रातों-रात वायु सेना से लेकर निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर्स जुटाने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रेस्क्यू करने में दक्ष व अनुभवी रेस्क्यूअर्स की अनेक टीमों को तैयार कर अगले दिन तड़के ही कई दिशाओं से जमीनी व हवाई रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया और दोपहर होने तक सभी जीवित ट्रैकर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया था।

मुख्यमंत्री शुरू से इस अभियान को लेकर निरंतर जिलाधिकारी से अपडेट लेते रहे। मुख्यमंत्री ने इस हादसे में ट्रैकर्स की मौत होने पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इस रेस्क्यू अभियान में हर संभव विकल्पों पर कार्रवाई करने के साथ ही उत्कृष्ट संसाधनों एव विशेषज्ञ रेस्क्यूअर्स को जुटाने के निर्देश देते हुए कहा था कि सहस़्त्रताल क्षेत्र में फंसे जीवित पर्यटकों के जीवन के रक्षा के लिए कोई भी कसर न रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जटिल व अत्यंत चुनौतीपूर्ण अभियान को तेजी से संचालित करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे सभी लोगों, विभागों व संगठनों ने पूरा प्रयास किया। फलस्वरूप इस हादसे में जीवित सभी व्यक्तियों को गत दिन ही सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है।

उत्तराखण्ड के चारों धामों के अलावा यात्रा मार्गों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन करेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में चारधाम यात्रा, मानसखण्ड मदिंर माला मिशन, कैंचीधाम और पूर्णागिरी में विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि चारों धामों की धारण क्षमता के अलावा यात्रा मार्ग के अन्य स्थलों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों और राज्य के तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर पार्किंग और मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव आवास विभाग को भेजे जाएं। चारधाम यात्रा के चरम सीमा वाली अवधि में हर साल के लिए विशेष प्लान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल सेवा शुरू होने से पहले रेल मार्गों पर और कर्णप्रयाग एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी कार्ययोजना के साथ कार्य किये जाएं।

चारधाम यात्रा सुचारू रूप से चलने पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने शासन और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसी मनोयोग के साथ चारधाम यात्रा को आगे भी सुव्यवस्थित रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मई तक ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन बंद रखे जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के अनुरूप ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन पर आगे निर्णय लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल और कुमांऊ कमिश्नर को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत रूट डायवर्ट प्लान पर भी कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम और पूर्णागिरी में भी श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कैंची धाम में मूलभूत सुविधाओं के साथ पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था रखी जाए। कैंची धाम जाने वाले मार्गों में भी पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाय। कैंची धाम के लिए शटल बस सेवा शुरू की जाय। कैंचीधाम के लिए बाईपास भी प्रस्तावित है। पूर्णागिरी में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्यों में तेजी लाई जाय। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के साथ ही मूलभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि गढ़वाल और कुमांऊ की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने और पर्यटन तथा तीर्थाटन की दृष्टि से दोनों मण्डलों को श्रद्धालुओं से जोड़ने लिए रानीखेत और चौखुटिया क्षेत्र में होम स्टे और अन्य सुविधाओं को विस्तार देने पर कार्य किया जाए।

चारधाम यात्रा को सुगम और बेहतर बनाने के लिए ‘यात्रा समाधान’ मोबाइल एप्लीकेशन का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इस मोबाइल एप्लीकेशन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर देना है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से चारों धामों के निकटवर्ती पुलिस स्टेशन, हॉस्पिटल, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से यात्रा से जुड़े सभी पक्षकार बीकेटीसी, मंदिर प्रशासन, होटल, टूर ऑपरेटर्स, ट्रांसपोर्टस आपस में जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने आईटीडीए और पर्यटन विभाग को निर्देश दिये कि इस मोबाइल एप्लीकेशन को और बेहतर बनाने के लिए कार्य किये जाए।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एडीजी ए.पी. अंशुमन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, नितिन भदौरिया, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह वर्चुअल माध्यम से अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज गर्ब्याल, जिलाधिकारी नैनीताल वंदना उपस्थित थे।