प्रधानमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन के साथ शीतकालीन साहसिक खेलों को दिया बढ़ावा, अपील भी की

राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने एवं गंगोत्री धाम के शीतकालीन गद़्दी स्थल उत्तरकाशी के मुखवा गांव में मां गंगा के दर्शन करने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हर्षिल, उत्तरकाशी में शीतकालीन पर्यटन कार्यक्रम के तहत 2 मोटर बाइक रैली एवं 2 ट्रैक रूट दलों को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री ने धार्मिक पर्यटन के साथ शीतकाल के समय उत्तराखंड में होने वाले साहसिक खेलों को भी बढ़ावा दिया। जिसके तहत उन्होंने नेलांग, जादुंग, सोनम एवं पीडीए घाटी के अद्भुत और अनछुए पर्यटन गंतव्यों के लिए साहसिक पर्यटन अभियानों का फ्लैग ऑफ किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर्षिल से पी.डी.ए मोटर बाईक-।ज्ट-त्ज्ट रैली के 21 सदस्यों (भारतीय सेना) के दल एवं हर्षिल-जादुंग मोटर बाइक रैली के 18 सदस्यों ( उत्तराखंड पर्यटन) के दल को फ्लैग ऑफ किया। साथ ही उन्होंने नीला पानी-मुलिंग ला पास ट्रैक के 15 सदस्यों (आई.टी.बी.पी) के दल एवं जादुंग-जनकताल ट्रैक पर जा रहे 22 सदस्यों ( एन.आई.एम ) के दल का भी फ्लैग ऑफ किया।

मोटर बाईक-।ज्ट-त्ज्ट रैली (हर्षिल – पी.डी.ए), मोटर बाइक रैली (हर्षिल-जादुंग) मोटर बाइक रैली नेलांग, जादुंग, सोनम एवं पी.डी.ए वैली में आयोजित की जा रही है। इन घाटियों की भौगोलिक स्थिति लद्दाख की भांति है। जिसका उद्देश्य लद्दाख वैली की तर्ज पर उत्तराखंड के हर्षिल क्षेत्र को देश का बड़ा मोटर बाईक डेस्टिनेशन बनाया जाना है।

नीलापानी-मुलिंग ला पास ट्रैक एवं जादुंग-जनकताल ट्रैक रूट गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में स्थित है तथा भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना बाईब्रेन्ट विलेज प्रोग्राम के अन्तर्गत सम्मिलित है। जो ईनर लाईन क्षेत्र में पड़ते है, जहाँ पर आवागमन हेतु ईनर लाईन परमिट की आवश्यकता होती है। उक्त क्षेत्र को पुनः बसायत किये जाने हेतु पर्यटन विभाग द्वारा जादंग में होमस्टे बनाये जा रहे हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों के रोजगार एवं आजीविका के विकास का सृजन किया जाना है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड में कोई ष्ऑफ-सीजनष् नहीं होना चाहिए और पर्यटन को हर मौसम में फलना-फूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में, पहाड़ों में पर्यटन मौसमी है, जिसमें मार्च, अप्रैल, मई और जून के दौरान पर्यटकों की अच्छी-खासी आमद होती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके बाद पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आती है, जिससे सर्दियों के दौरान अधिकांश होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे खाली हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस असंतुलन के कारण उत्तराखंड में साल के एक बड़े हिस्से में आर्थिक ठहराव बना रहता है और पर्यावरण के लिए भी चुनौतियां पैदा होती हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा सर्दियों के दौरान उत्तराखंड की यात्रा करने से देवभूमि की दिव्य आभा की सच्ची झलक मिलती है। उन्होंने कहा विंटर टूरिज्म में यहां, लोगों को ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटीज का रोमांच, सचमुच में रोमांचित कर देगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक यात्राओं के लिए सर्दियां विशेष महत्व रखती हैं, क्योंकि इस दौरान कई पवित्र स्थलों पर अनोखे अनुष्ठान किए जाते हैं। उन्होंने मुखवा गांव में होने वाले धार्मिक समारोहों को क्षेत्र की प्राचीन और महत्वपूर्ण परंपराओं का अभिन्न अंग बताया।

ग्रामोत्थान परियोजना चमोली में महिलाओं की आजीविका को कर रही मजबूत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चमोली जनपद में ग्रामोत्थान परियोजना ग्रामीणों की आर्थिकी को मजबूत कर रही है। जिले में योजना के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिससे ग्रामीण घर पर बैठकर ही अपनी आय को मजबूत कर रहे हैं।

जिला परियोजना प्रबंधक ममराज सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामोत्थान परियोजना के तहत जनपद में 25 क्लस्टर लेवल फेडरेशन बनाई गई है। जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी, पालन, डेयरी यूनिट, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन, ब्यूटी पार्लर, सिलाई सेंटर, रिटेल शॉप, फर्नीचर निर्माण, ढाबा, रेस्टोरेंट, फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसे उद्यमों का संचालन किया जा रहा है। जिससे ग्रामीण अपनी आजीविका को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जनपद में कृषि आधारित योजनाओं में 53, गैर कृषि आधारित उद्यम में 55 तथा एक्ट्रीम व अल्ट्रा पुअर योजना के तहत 300 ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया है। योजना की जानकारी देते हुए बताया कि कृषि आधारित व व्यक्तिगत उद्यम योजना में परियोजना की ओर से 30 प्रतिशत तथा लाभार्थी की ओर से 20 प्रतिशत का अंशदान किया जाता है। जबकि शेष धनराशि बैंक ऋण के माध्यम से प्रदान की जाती है। जिससे ग्रामीण उद्यम की स्थापना कर सकता है।

क्या कहते हैं लाभार्थी-

केस-1

टंगसा गांव निवासी मंजू देवी का कहना है कि ग्रामोत्थान परियोजना की मदद से उन्होंने व्यक्तिगत उद्यम योजना के तहत वर्ष 2024-25 में मिनी डेयरी का उद्यम स्थापित किया। जिससे उनको आर्थिक रूप से मजबूती मिली है। बताया कि प्रतिदिन मिनी डेयरी से वे 22 लीटर दूध का विपणन कर 18 से 20 हजार तक की आय प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संचालित योजना से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली है।

केस-2

कुजौं-मैकोट निवासी अमिता देवी का कहना है कि ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से उन्होंने गांव में रिटेल शॉप स्थापित की। जिसके माध्यम वर्तमान में घर पर ही रहते हुए 10 हजार रुपये प्रतिमाह शुद्ध आय प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने योजना को गरीब तबकी की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए कारगर बताया है।

पूरा हुआ माणा हिमस्खलन के सर्च और रेस्क्यू अभियान

चमोली जिले के माणा क्षेत्र में 28 फरवरी को हुए हिमस्खलन में फंसे श्रमिकों के लिए चलाया गया सर्च और रेस्क्यू अभियान पूरा हो चुका है। इस आपदा में कुल 54 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 46 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दुर्भाग्यवश 8 श्रमिकों की मृत्यु हो गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, पुलिस, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया। विपरीत परिस्थितियों में सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाकर 46 जिंदगियां बचाई गईं। दुर्भाग्यवश 8 लोगों को नहीं बचा पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह लगातार पूरे ऑपरेशन की जानकारी लेते रहे।

मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू अभियान में सेना, आई.टी.बी.पी., बी०आर०ओ०., राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, एन०डी०आर०एफ, एस०डी०आर०एफ, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वायु सेना, यूकाडा, अग्निशमन विभाग, खाद्य विभाग, बी०एस०एन०एल०, ऊर्जा, अग्निशमन विभाग द्वारा प्रदान की गई महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए उनके योगदान की सराहना की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में भर्ती घायल श्रमिकों की चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। सरकार पूरी तरह प्रभावितों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मृतक श्रमिकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने भविष्य में इस तरह के घटनाओं में नुकसान कम से कम हो इसके लिए हिमस्खलनों के निगरानी का तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

घटनाक्रम

दिनांक 28.02.2025 को समय प्रातः 8ः30 बजे लगभग तहसील- जोशीमठ के अंतर्गत माणा गेट बी०आर०ओ० कैम्प के समीप बी०आर०ओ० के गजदूर कार्य कर रहे थे, इस दौरान हिमस्खलन होने से मजदूर फंस गये थे। पूर्व में श्रमिकों की संख्या 55 बताई गई थी। दूरभाष पर संपर्क करने पर ज्ञात हुआ है कि पूर्व से ही एक श्रमिक बिना बताये अपने घर चला गया था। इस प्रकार प्रभावित/फंसे श्रमिकों की कुल वास्तवित संख्या 54 है। क्षति का विवरण निम्नवत् है-

हिमस्खलन में फंसे कुल मजदूर (सिविलियन) -54

सुरक्षित 46

मृतक श्रमिक 08

जोशीमठ में उपचाराधीन श्रमिक -44
एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन श्रमिक-02

युद्धस्तर पर संचालित किये गये राहत एवं बचाव कार्य

आज दिनांक 02.03.2025 को खोज एवं बचाव दलों द्वारा वृहद स्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया। इस दौरान 04 श्रमिकों के शव बरामद हुए। 04 श्रमिकों के शव विगत् दिवस बरामद हुए थे। इस प्रकार कुल 08 श्रमिकों के शव बरामद किये जा चुके हैं।

बदरीनाथ/माणा से सुरक्षित रेस्क्यू किये गए 46 श्रमिकों में से 44 श्रमिकों को ज्योतिर्मठ स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति सामान्य बतायी गयी है। उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की गयी है तथा उनकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

02 श्रमिकों का उपचार एम्स ऋषिकेश में किया जा रहा है। एम्स प्रशासन के अनुसार उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है।

07 मृतक श्रमिकों का रविवार को पोस्टमार्टम कर उनके पार्थिव शरीर को उनके घर रवाना कर दिया है।

अभियान में प्रयुक्त तकनीक और संसाधन

रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए आज दिनांक 02.03.2025 को ळच्त् ( ळतवनदक च्मदमजतंजपदह तंकंत) जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची, जिसे एम०आई०-17 हैलीकाप्टर द्वारा घटना स्थल के लिए भेजा गया । एन०डी०आर०एफ० द्वारा थर्मल इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेटिंग कैमरा, त्त्ै।ॅ ( त्व्ज्।त्ल् त्म्ैब्न्म् ै।ॅ), एवलांच रॉड, डॉग स्क्वाड को घटना स्थल पर भेजा गया तथा इनके माध्यम से व्यापक स्तर पर रैस्क्यू अभियान संचालित किया गया। एस०डी०आर०एफ० तथा यू०एस०डी०एम०ए० द्वारा थर्मल इमेजिंग कैमरा, विक्टिम लोकेटिंग कैमरा भी मौके पर भेजे गए तथा इनके द्वारा भी लापता श्रमिकों की खोज की गयी।

वायु सेवा का एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर, तीन चीता हेलीकॉप्टर, उत्तराखण्ड सरकार के 02 हेलीकॉप्टर, एम्स ऋषिकेश से एक एयर एंबुलेंस द्वारा राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया गया।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने रखी नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए रखी। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर सारी जानकारी ली और केंद्र से हर प्रकार की सहायता के प्रति आश्वस्त किया। पीएमओ और गृह मंत्रालय का राज्य सरकार से लगातार समन्वय रहा।

सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद गए ग्राउंड जीरो पर, आपदा कंट्रोल रूम से लगातार की मॉनिटरिंग

पूरे सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लगातार नजर बनाए रखी।मुख्यमंत्री द्वारा इस रेस्क्यू अभियान के दौरान चार बार एस०ई०ओ०सी० पहुंचकर खोज एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गयी। वे ज्योर्तिमठ भी गए और सर्च और रेस्क्यू कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पूरे क्षेत्र का हवाई निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी के साथ समुचित समन्वय किया गया, लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम की निगरानी की गई तथा सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया गया।गंभीर रूप से घायल श्रनिकों के उपचार का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

माणा समीप घटना पर पीएम ने फोन पर मुख्यमंत्री से की बात, हर संभव मदद का भरोसा दिया

माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए 17 अन्य श्रमिकों का शनिवार सुबह रेस्क्यू कर लिया गया है। उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। अब तक कुल 50 श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शनिवार को सुबह माननीय मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और ज्योतिर्मठ में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि 05 श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है।

घटनास्थल का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेस्क्यू अभियान को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव दलों ने सराहनीय कार्य करते हुए अब तक 50 लोगों का रेस्क्यू कर लिया है। हिमस्खलन में फंसे 05 और श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर रेस्क्यू अभियान को लेकर अपडेट लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए चिंतित हैं और नियमित अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री का आभार जताया।

उन्होंने बताया कि 05 कंटेनरों को ट्रेस कर श्रमिकों को सुरक्षित निकालने में राहत और बचाव दलों को सफलता मिली है। अत्यधिक बर्फ होने के कारण 03 कंटेनर ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं। आर्मी, आईटीबीपी द्वारा इन कंटेनरों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कंटेनरों की तलाश के लिए आर्मी के स्निफर डाग्स की तैनाती की गई है। आर्मी की 03 टीमों द्वारा सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। दिल्ली से सेना की जीपीआर रडार ;ग्राउण्ड पेनीट्रेशन रडारद्ध मंगवाई गई है, जो बर्फ के अंदर कंटेनरों को ट्रेस करने में मदद करेगी।

उन्होंने बताया कि घायल श्रमिकों के इलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। माणा और ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में घायल श्रमिकों का उपचार किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के साथ ही स्थानीय सीएचसी और पीएचसी को एलर्ट पर रखा गया है। इस अवसर पर सलाहकार समिति, आपदा प्रबन्धन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, जीओसी उत्तराखण्ड सब-एरिया मेजर जनरल प्रेम राज, आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल, आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, यूएसडीएमए के एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक आनंद, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

सड़क निर्माण के कार्य कर रहे श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह बदरीनाथ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बताया कि वहां पर अत्यधिक बर्फबारी हो रही है तथा 06 से 07 फीट तक बर्फ जमा है। उन्होंने आने वाले दिनों में हिमस्खलन की संभावना के दृष्टिगत जिन स्थानों में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, वहां से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को एवलांच की संभावनाओं के दृष्टिगत एडवाइजरी जारी करने को कहा।

जल्द बहाल की जाए संचार व्यवस्था-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि भारी बर्फबारी के कारण जिन गांवों से सम्पर्क नहीं हो पा रहा है, उनसे तुरंत सम्पर्क किया जाए। प्रशासन की टीम को वहां भेजा जाए और उन्हें जिन चीजों की आवश्यकता हो, तुरंत भेजी जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां राशन, दवाइयों के साथ ही अन्य जरूरी सामग्रियों की उपलब्धता है। उन्होंने बदरीनाथ क्षेत्र में संचार व्यवस्था, फोन तथा इंटरनेट को तुरंत बहाल करने और जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बाधित हो गई है, वहां सेटेलाइट फोन भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिन गांवों में बिजली बाधित है, वहां जल्द विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

औली के रिसोर्ट में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें
अत्यधिक बर्फबारी के कारण हिमस्खलन की संभावनाओं के मद्देनजर औली, हर्षिल आदि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के विभिन्न रिसार्ट में रह रहे सैलानियों को सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री ने सैलानियों से अगले तीन दिन इन क्षेत्रों में यात्रा न करने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा के दृष्टिगत सभी जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।

अलकनंदा में पानी जम रहा, मा0 मुख्यमंत्री ने रेकी के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्हें यह आभास हुआ कि भारी बर्फबारी के कारण अलकनंदा नदी जम सी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेकी कर इसकी जांच की जाए कि कहीं इससे कोई खतरा तो नहीं हैघ् उन्होंने विशेषज्ञ संस्थानों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने तथा यदि कोई खतरे की स्थिति हो तो तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एरियर सर्वे, मैनुअल सर्वे तथा सेटेलाइट सर्वे कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।

रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विगत दिवस से लगातार रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। दिनांक 28 फरवरी 2025 को दो बार मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का भ्रमण किया गया। शुक्रवार रात को भी मा0 मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम पहुंचकर इस पूरे अभियान की समीक्षा की। वहीं शनिवार को घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के उपरांत मुख्यमंत्री सीधे कंट्रोल रूम पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।

संचार व्यवस्था क्यू.डी.ए से की जा सकती है बहाल-रिद्धिम
बैठक में आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि जिन स्थानों में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं, वहां क्यू.डी.ए ;क्विक डिप्लायमेंट एंटीनाद्ध स्थापित कर संचार व्यवस्था को बहाल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एसडीआरएफ द्वारा बर्फ के कारण अवरुद्ध मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

युद्धस्तर पर संचालित है रेस्क्यू अभियान, कंट्रोल रूम से हो रही मॉनीटरिंग
आज दिनांक 01 मार्च 2025 को वायु सेवा का एक एम.आई.-17 हेलीकॉप्टर, तीन चीता हेलीकॉप्टर, उत्तराखण्ड सरकार के 02 हेलीकॉप्टर, एम्स ऋषिकेश से एक एयर एंबुलेंस राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर और अधिक हेलीकॉप्टर लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को दोपहर 03 बजे तक माणा/बद्रीनाथ से रेस्क्यू किये गये लोगों में से 29 लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से जोशीमठ लाया गया, जिनका उपचार आर्मी हॉस्पिटल में किया जा रहा है।

राहत एवं बचाव कार्य में बद्रीनाथ में लगभग 200 लोग कार्य कर रहे हैं। इनमें आपदा प्रबंधन सेना, आइ.टी.बी.पी. बी0आर0ओ0, एन0डी0आर0एफ, एस0डी0आर0एफ, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वायु सेवा यूकाड़ा, अग्निशमन विभाग, खाद्य विभाग, द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।माणा स्थित आर्मी बेस कैम्प के पास आर्मी हैलीपैड़ को तैयार कर लिया गया है। बद्रीनाथ स्थित आर्मी हैलीपैड़ पर 6-7 फीट बर्फ है जिसे हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। बद्रीनाथ के पास बर्फबारी के कारण अभी भी 5-6 कि0मी0 रास्ता बंद है, जिसे खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है। लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है तथा सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। लामबगड़ से आगे कई स्थानों पर रास्ता बंद होने के कारण रैस्क्यू टीमों को घटना स्थल पर जाने में परेशानी हो रही है।

मुख्यमंत्री के प्रभावी नेतृत्व, कुशल मार्गदर्शन एवं प्रबन्धन में सभी विभाग पूरी निष्ठा, समर्पण तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत टीमें पूरे उत्साह के साथ ग्राउंड जीरो पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रही हैं।

पौड़ी में तीन दिवसीय शहीद मेले का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी के दुगड्डा पार्क में तीन दिवसीय शहीद मेले का शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने दुगड्डा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, स्व. बलदेव सिंह आर्य और स्व. भवानी सिंह रावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की गई। जिसमें नगर पालिका दुगड्डा के क्षेत्रान्तर्गत एक आधुनिक बहुउद्देशीय भवन का निर्माण। नगर पालिका के लिए एक आधिकारिक वाहन की व्यवस्था। भवानी सिंह रावत शहीद स्मृति स्थल का संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पुनर्निर्माण नगर पालिका द्वारा किया जाएगा। नगर पालिका परिषद दुगड्डा क्षेत्रान्तर्गत निराश्रितों के लिए एक स्थायी रैन बसेरा का निर्माण किए जाएगा। दुगड्डा नगर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का विकास एवं इसका नाम स्व. श्री मोहनलाल बौंठियाल के नाम पर रखा जाएगा। दुगड्डा ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम की स्थापना की जाएगी। फतेहपुर में सिलगाड नदी पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। मटियाली में सिद्धबाबा मंदिर का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य कराए जाने की घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान हमें देश की सेवा में समर्पण और कर्तव्य का मार्गदर्शन देता है। इस प्रकार के आयोजन हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक करते हैं, जिनसे हमें शहीदों के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधाममंत्री के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथाओं का नई पीढ़ी को पुनः स्मरण कराने के लिए पूरे देश में स्मारकों और संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऐसे वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों व उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गयी है। इस कड़ी में उत्तराखंड का पांचवा धाम सैनिक धाम देहरादून के गुनियाल गांव में बनाया जा रहा है। सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाओं और आवासीय योजना में भी प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूरे राज्य में 5 हजार हेक्टेयर से भी अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। सरकार ने चार दिन पहले विधानसभा सत्र में सशक्त भू कानून को पूर्ण बहुमत से पारित कर दिया है। वनाग्नि की समस्या के समाधान के लिए भी प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा जिस भी वन क्षेत्र में आग लगेगी संबंधित वन विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही आग लगाने वालों के खिलाफ कार्यवाही और नुकसान की भरपाई भी उन्हीं लोगों से की जाएगी। इसके लिए जल्द कानून भी बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष और विकास बनाम वन संरक्षण के संबंध में केंद्र सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। इससे चुनौतियों का समाधान होगा और जो विकास कार्य नहीं हो पाते हैं उन पर काम हो सकेगा। साथ ही वन्यजीव हमलों के सबंध में संबंधित अधिकारियों को विधि सम्मत कार्यवाही को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबकी जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। वन्य जीवों के हमलों को लेकर भी जल्द कानून बनाया जाएगा।

शहीद मेले में रीप परियोजना, बाल विकास, वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान, सहकारिता, समाज कल्याण, डेयरी विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए स्टॉल लगाकर लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक महंत दिलीप रावत, विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ट, मेयर कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दुगड्डा शांति बिष्ट, जिला अध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

टिहरी में मेले का शुभारंभ कर क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मलेथा टिहरी गढ़वाल में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी की स्मृति में आयोजित 5 दिवसीय राजकीय औद्योगिक कृषि विकास मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर विभिन्न स्कूलों एवं एनसीसी कैडेट्स द्वारा निकाली गई मार्च पास्ट रैली को सलामी दी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मलेथा में वीर शिरोमणि माधोसिंह भंडारी के स्मारक में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके द्वारा निर्मित ऐतिहासिक गूल का अवलोकन कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मलेथा चौराहे का नाम वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के नाम पर किए जाने, वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी मेला स्थल का विस्तारीकरण किए जाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सिल्काखाल के भवन निर्माण, सूर्य देवी मन्दिर पलेठी बनगढ का सौन्दर्यकरण किए जाने, रैतासी सड़क का निर्माण तथा ललूडीखाल-फरस्वाणगांव मोटर मार्ग एवं भैंसकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के अद्वितीय साहस, त्याग और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह सामान्य मेला नहीं अपितु एक विशेष त्यौहार है, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का काम कर रहा है तथा भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शौर्य शक्ति में नहीं अपितु सेवा ओर समर्पण में निहित होता है, जिसकी बानगी वीर शिरोमणि माधोसिंह भण्डारी के कार्यों से मिलती है। उनके द्वारा क्षेत्र की खुशहाली के लिए कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों में जो सिंचाई गूल बनाई गई वह आज भी लोगों को लाभान्वित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य, हर क्षेत्र में काम कर रही है। जनपद टिहरी गढ़वाल में सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत 170 किमी. में क्रेश बैरियर निर्माण किया जा रहा है। मुयालगांव में आपदा में बहे पुल के स्थान पर 18 मीटर लंबा बेली ब्रिज बनाया गया। टिहरी झील रिंग रोड़ निर्माण किया जा रहा है। पलायन रोकने, पर्यटन, रोजगार और व्यापार बढ़ाने हेतु नौकरी सृजन के साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने हेतु किसानों को एक 3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। आज स्वयं सहायता समूह अपनी आजीविका को बढ़ाने के साथ ही अन्य को भी रोजगार देने का काम कर रहे हैं। हाउस ऑफ़ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया, जिससे प्रतिभावान नौजवानों का विश्वास बढ़ा है और वे अपनी क्षमता के अनुसार नौकरी पा रहे हैं। 19 हजार से अधिक नौकरी देने का काम राज्य सरकार ने किया है। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून बनाने का काम किया जा रहा है। शीघ्र ही राज्य में सख्त भू कानून बनाने का काम भी किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अपना उत्तराखंड बहुत जल्द अग्रणीय राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा।

इस अवसर पर उद्यान, पशुपालन, राजस्व, बाल विकास, चिकित्सा, उद्योग, कृषि, समाज कल्याण, पर्यटन, ग्राम्य विकास, पंचायत राज आदि विभागों द्वारा विभागीय स्टालों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार करने के साथ ही जन शिकायतों का निस्तारण किया गया। विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा भारतीय संस्कृति पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन किया गया।

विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए हुए क्षेत्र के विकास से संबंधित मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।

इस अवसर पर निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक सोना साजवाण, जिलाध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद देवप्रयाग ममता देवी, एसएसपी आयुष अग्रवाल, एएसपी जे.आर. जोशी, डीजीएम आरवीएनएल राजेश अरोड़ा सहित अन्य गणमान्य एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद रहे।

सीएम ने सतपुली झील का शिलान्यास कर 172 करोड़ 65 लाख की 24 योजनाओं का किया लोकार्पण एंव शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले के सतपुली में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए पूर्वी नयार नदी में बनने वाली बहुउद्देशीय सतपुली झील का शिलान्यास सहित लगभग 172 करोड़ 65 लाख की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जिसमें123 करोड़ 53 लाख की 04 योजनाओं का शिलान्यास व 49 करोड़ 12 लाख की 20 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकासखण्ड बीरोंखाल के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज भरोली खाल व बीरोंखाल में नवीन भवन का निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर व कल्जीखाल के मध्य नयार पाटीसैण व असवालस्यूँ के मध्य पश्चिमी नयार नदी के ऊपर मोटर पुल निर्माण कराए जाने, विकासखण्ड एकेश्वर मुख्यालय में मिनी स्टेडियम का निर्माण , रवांसा नदी के ऊपर निर्मित पीपलडोंगा पुल से 500 मीटर ऊपर की ओर बैराज का निर्माण, ताड़केश्वर महादेव में पुलिस चौकी की स्थापना किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लगभग 172 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। यह योजनाएं क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। सतपुली झील का निर्माण पूरा होने से यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की भूमि से 21वीं सदी का यह तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक बताया था, और इस कार्य की शुरुआत हो चुकी है। आज जिस झील का शिलान्यास किया गया है उसका लाभ आने वाली कई पीढ़ियों को भी होगा। उन्होंने कहा प्रदेश में सड़क, हवाई कनेक्टिविटी के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में वृहद स्तर पर निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या को जड़ से समाप्त करने की दिशा में निरंतरता से कार्य कर रही है। प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय उद्योगों में भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति हर क्षेत्र में क्रांति ला रही है। मातृशक्ति द्वारा तैयार उत्पाद आज बड़ी-बड़ी कंपनियों को भी फेल कर रहे हैं, जिनकी डिमांड विदेशों तक होने लगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए भी हम संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 5000 एकड़ से अधिक भूमि से अतिक्रमण हटाया है। उन्होंने कहा 2025 के जनवरी माह में हम प्रदेश में यूसीसी लागू करने जा रहे है। बहुत जल्द हम राज्य की जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सख्त भू कानून लाने वाले हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल की विकास पुस्तिका का विमोचन किया।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने क्षेत्र में विकास योजनाओं की स्वीकृति के मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे।

इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र अंथवाल, विधायक लैन्सडौन दिलीप महंत, भाजपा जिलाध्यक्ष कोटद्वार वीरेंद्र रावत, जिलाध्यक्ष पौड़ी सुषमा रावत, विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, ब्लॉक द्वारीखाल के प्रशासक महेन्द्र राणा, प्रशासक कल्जीखाल बीना राणा, प्रशासक पोखड़ा प्रीति देवी, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चोपता के चांदधार व गैंठाना बांगर में बनेगा मिनी स्टेडियमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खंड अगस्त्यमुनि के स्यालसौड़ में आयोजित कृषि, औद्योगिक एवं पर्यटन विकास मेले में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 47.43 करोड़ की 18 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास एवं ₹1.23 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चोपता के चांदधार एवं गैंठाणा बांगर में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य किया जाएगा। स्वांरीग्ंवास से कार्तिक स्वामी तक 8 किमी मोटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। अंधेरगढ़ी-तलसारी मोटर मार्ग के जैचोंरा से ऐटा पवननगर, थापली व कमसाल मोटर मार्ग के द्वितीय चरण के कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। कार्तिक स्वामी के कनकचौरी में कार पार्किंग का निर्माण कार्य किया जाएगा। एवं चिनग्वाड़ मोटर मार्ग से पाबौ धनपुर मोटर मार्ग तक मिसिंग लिंक का निर्माण कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित जनसमुदाय का अभिनंदन करते हुए कहा कि विधान सभा केदारनाथ की जनता ने जिस तरह अपार समर्थन देकर आशा नौटियाल को विधानसभा में बतौर सदस्य निर्वाचित करने का कार्य किया है उसी तरह राज्य सरकार द्वारा भी इस क्षेत्र के विकास के कार्यों को गति देने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा उनकी सरकार चारधाम यात्रा को अनवरत चलाने का प्रयास कर रही है। चारधाम यात्रा को शीतकाल में भी चलाने हेतु आज श्री ओंकारेश्वर मंदिर में इसकी अधिकारिक रूप से घोषणा की। इससे जहां एक ओर देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटक यहां की अलौकिक प्रकृति का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे वहीं दूसरी ओर यहां के व्यवसायियों के वर्षभर रोजगार की संभावना को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। एक ओर प्रदेश के 8 लाख कृषक किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर किसानों को बिना ब्याज के 3 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उद्यानीकरण को विकसित करने हेतु 200 करोड़ का विशेष प्राविधान इस बार के बजट में किया गया है। सरकार प्रदेश में उद्योग व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के निर्देशन में राज्य में बड़े निवेशकों के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध किए गए हैं। जिसका आने वाले समय में स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने पारंपरिक परंपरा, विरासत व विकास के लिए मेलों के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया।

रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि जिस तरह देश को प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जैसा युगपुरुष मिला है। उसी तरह हमारे प्रदेश को धामी के रूप में धाकड़ व धार्मिक मुख्यमंत्री मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन के लगभग 40 वर्षों में उन्होंने धामी जैसा राजनेता नहीं देखा जिनके पास विकास की स्पष्ट नीति है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी जी के रूप में प्रदेश नित्य विकास के नए आयाम छू रहा है। साथ ही प्रदेश निरंतर ऐतिहासिक प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी जी के हाथों में प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित बताया।

विधायक आशा नौटियाल ने केदारनाथ विधानसभा की समस्त जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह केदारनाथ जनता की सदैव ऋणी रहेंगी। उन्होंने पूर्व विधायक शैला रानी को याद करते हुए कहा कि उनका असमय चले जाने से केदारनाथ विधान सभा नेतृत्व विहीन हो गया था। लेकिन मुख्यमंत्री धामी जी की दूरगामी सोच का परिणाम है कि मुख्यमंत्री ने केदारनाथ को नया विधायक निर्वाचित होने तक स्वयं इस क्षेत्र के विकास का जिम्मा उठाया। उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की केदार बाबा पर विशेष आस्था है। उसी का परिणाम है कि केदारपुरी ने आज दिव्य व भव्य रूप में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का जनपद आगमन पर धन्यवाद स्वरूप अभिनंदन पत्र पढ़ा। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि विधानसभा केदारनाथ हेतु पूर्व में हुई सभी घोषणाओं को घरातल पर उतारा जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई कैनोपी का निरीक्षण किया।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार, अमरदेई शाह, दर्जाधारी चंडी प्रसाद भट्ट, ऋषि कंडवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, विजय कप्रवाण, भारत भूषण भट्ट, सुमंत तिवारी, विक्रम कंडारी, दिनेश उनियाल, शकुंतला जगवाण, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कौंडे, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग आशीष चंद्र घिल्डियाल, ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध कुमार घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, खंड विकास अधिकारी अगस्त्यमुनि प्रवीण भट्ट सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कर रही कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग के सारी गांव में ग्राम वासियों एवं स्थानीय निवासियों द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। ग्रामवासियों एवं स्थानीय निवासियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने सारी गांव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं संग झुमैला नृत्य भी किया। मुख्यमंत्री ने सारी ग्रामवासियों के साथ रात्रि भोजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला मंगल दल हेतु एक लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित ही देवरिया ताल में लगने वाले मेले को संस्कृति विभाग, राजकीय मेले के रूप में मान्यता देगा।

मुख्यमंत्री ने सारी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज सभी के बीच में आकर बेहद खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा सारी गांव में जो कार्यक्रम शुरू हुआ है, अब ये कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चलेगा। मुख्यमंत्री ने आशा नौटियाल को विजय बनाने पर सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा अब सरकार की बारी है कि जो वादे उन्होंने चुनाव से पहले किए हैं अब उन्हें पूरा किया जाए। इस क्षेत्र के सभी प्रस्ताव, घोषणाओं, एवं जनहित के कार्यों को धरातल में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा जनता के सुझावों पर प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी का उत्तराखंड एवं विशेषकर बाबा केदारनाथ जी की भूमि से गहरा लगाव है। प्रधानमंत्री के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है। प्रधानमंत्री ने अनेकों योजनाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। 2013 की आपदा के बाद भगवान केदारनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हाथों में लिया। आज भगवान केदारनाथ धाम भव्य और दिव्य बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने उपचुनाव से पहले स्वयं केदारनाथ क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाली वो आगे भी क्षेत्र के विकास हेतु संकल्पित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारघाटी में इस वर्ष जुलाई में आई आपदा के दौरान वे अधिकारियों के साथ स्वयं जनता के बीच में मौजूद रहे। आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा को भी जल्द शुरू किया गया था। अब राज्य सरकार छह माह की यात्रा को वर्ष भर चलाने पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सारी गांव एक आदर्श गांव है जहां 40 से भी ज्यादा होम स्टे हैं। होम स्टे को भी राज्य सरकार निरंतर बढ़ा रही है। होमस्टे राज्य की आर्थिक का साधन बन रहे हैं। देवरिया ताल, बाबा तुंगनाथ एवं अन्य देवी देवताओं में भी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा हमने अपने गांव का बचाने का भी संकल्प लेना है।

मुख्यमंत्री ने कहा विदेश में भी महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों को पहनती है। ये दिखाता है कि हमारे लोग हमारी पारंपरिक संस्कृति को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बोली भाषा, संस्कृति, घरों को संरक्षित करने का आग्रह किया है। हमारी सनातन संस्कृति पहले भी थी, अब भी है, और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा महिलाएं, राज्य के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रहीं है। महिलाएं अपने साथ अन्य लोगो को भी रोज़गार दे रहीं है। उन्होंने कहा युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। रुद्रप्रयाग में साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक आशा नौटियाल, विधायक भरत चौधरी, केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजेय, चंडी प्रसाद भट्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने कालीमठ दर्शन कर लौटते वक्त अचानक रास्ते में रोकी दी फ्लीट

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुप्तकाशी बाजार में शॉपिंग कर पहाड़ के प्रति अपनत्व की भावना जगजाहिर कर दी। इस दौरान मुख्यमंत्री को दुकान में बड़ी सादगी के साथ खरीदारी करते देख हर कोई हैरान रह गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पहाड़ के बाजार हमारे गांव और कस्बों की आर्थिकी की रीढ़ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को केदारनाथ उप चुनाव को लेकर गुप्तकाशी पहुंचे थे। यहां राजनीतिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी कालीमठ मंदिर में दर्शन को गए। यहां से दर्शन कर लौटते वक्त अचानक मुख्यमंत्री ने गुप्तकाशी बाजार में अपनी फ्लीट रोकी और सीधे कपड़ों की दुकान में पहुंच गए। मुख्यमंत्री को आते देख दुकानदार अपने काउंटर से मुख्यमंत्री का स्वागत-सत्कार करने लगे। मुख्यमंत्री ने दुकानदार की कुशलक्षेम पूछी और एक जैकेट दिखाने को कहा। कुछ देर तक दुकानदार हैरान रह गया। लेकिन जब मुख्यमंत्री के स्टाफ भी पीछे से दुकान पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने जैकेट देखनी शुरू कर दी। इस दौरान दुकानदार ने मुख्यमंत्री से चाय पीने का अनुरोध किया तो मुख्यमंत्री ने सहज स्वीकार किया। बाद में मुख्यमंत्री धामी ने जैकेट खरीदकर दुकानदार को जैकेट के दाम चुकाए और धन्यवाद दिया। इस दौरान दुकानदार प्रदीप कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार जताया और कहा कि 31 साल की दुकानदारी में इतने सरल, सौम्य और सादगी वाले नेता नहीं देखे।